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सीएम डॉ. यादव: श्रीमद्भगवद्गीता के प्रति आस्था और अभिरूचि सराहनीय

श्रीमद्भगवद्गीता के प्रति अभिरूचि और श्रद्धा भाव प्रशंसनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गीता के सस्वर पाठ और ऑन लाइन स्पर्धा में भागीदारी करने वाले अभिनंदन के पात्र भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑन लाइन श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होने वालों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव का परिचय दिया है। प्रतिभागियों की श्रीमद्भगवद्गीता में निहित ज्ञान के प्रति अभिरूचि और समर्पण अत्यंत प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के विचारों और अंशों का अध्ययन, मनन, युवा वर्ग द्वारा भी किया जा रहा है, जो सराहनीय है। जिस उत्साह और उमंग के साथ प्रदेश में सभी आयु वर्ग के नागरिकों की सहभागिता दिखाई दी है, वह ऐतिहासिक है। भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आचार्यों और संतों के सान्निध्य में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का 11 हजार नागरिकों द्वारा सामूहिक सस्वर पाठ सम्पन्न हुआ। इसी तरह 88 हजार 100 स्कूली विद्यार्थियों और कृष्णभक्तों की प्रतियोगिता में भागीदारी भी अद्वितीय रही। इन सभी गतिविधियों में शामिल होने वाले युवा और अन्य सभी नागरिक अभिनंदन के पात्र है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज विभागीय समीक्षा करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को विभागीय समीक्षा करेंगे। समीक्षा बैठकों में संबंधित विभागीय मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा में दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे तक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 3 बजे से 3:30 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित रहेंगे, शाम 4 बजे से 4:30 बजे तक नर्मदा घाटी विकास, जल संसाधन विभाग की समीक्षा करेंगे। जिसमें विभागीय मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट उपस्थित रहेंगे, शाम 4:30 बजे से 5 बजे तक ऊर्जा, नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा करेंगे। जिसमें विभागीय मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं विभागीय मंत्री श्री राकेश शुक्ला उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वल्लभ भवन में दोपहर 11 बजे से 12 बजे तक लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक सहकारिता विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री विश्वास सारंग उपस्थित रहेंगे। दोपहर 1 बजे से 1:45 बजे तक महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया उपस्थित रहेंगी। दोपहर 1:45 बजे से 2:30 बजे तक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर उपस्थित रहेंगी। दोपहर 3:30 बजे से 4:15 बजे सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4:15 से 5 बजे कृषि एवं किसान कल्याण उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना एवं मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 8 दिसम्बर सोमवार को खजुराहो में दोपहर 11 बजे से 11:30 बजे तक खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत उपस्थित रहेंगे। दोपहर 11:30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री श्री जगदीश देवड़ा उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री लखन पटेल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12:45 बजे से 1:30 बजे तक नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4 बजे से 4:45 बजे जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री कुँ. विजय शाह एवं मंत्री श्री नागर सिंह चौहान उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4:45 से 5:30 बजे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री चैतन्य काश्यप उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर मंगलवार को खजुराहो में दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री राकेश सिंह उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12:45 बजे से 1:30 बजे तक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके उपस्थित रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक कैबिनेट बैठक करेंगे।

पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए खुशखबरी: शिक्षा सहायता दोगुनी, 85% लाने वालों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

भोपाल पुलिस मुख्यालय ने विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा निधि में बढ़ोतरी कर दी है। यह इसी शैक्षणिक सत्र यानी वर्ष 2025-26 से प्रभावी हो गई है। अब 11वीं -12वीं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर 4 हजार के स्थान पर 5 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह से 60 से 84 प्रतिशत तक अंक लाने पर ढाई हजार की जगह तीन हजार रुपये मिलेंगे। अन्य तरह की शिक्षा निधि में भी वृद्धि की गई है। अब 4000 की जगह 5000 रुपये मिलेंगे पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इसमें आईपीएस अधिकारी सहित एक लाख 18 हजार रुपये से कम मूल वेतन वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों के बच्चे पात्र होंगे। प्रदेश में पुलिस के एक लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी हैं। स्नातक पाठ्यक्रम के लिए भी शिक्षा निधि बढ़ाई गई है। विद्यार्थी 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाता है तो उसे 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। पहले यह राशि 40 हजार रुपये थी। 55 से 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर पहले 24 हजार रुपये दिए जाते थे और अब 36 हजार रुपये दिए जाएंगे। मेडिकल पाठ्यक्रमों में शिक्षा निधि बढ़ाई इतना ही नहीं मेडिकल पाठ्यक्रमों में शिक्षा निधि बढ़ाई गई है। एमबीबीएस व बीडीएस में 60 प्रतिशत अंक लाने पर 50 हजार रुपये की जगह 75 हजार रुपये, 50 से 60 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त करने पर 30 हजार की जगह 45 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। 60 प्रतिशत अंक लाने पर मिलेंगे 15 हजार किसी भी विषय में डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए समान राशि रखी गई है। इसमें पहले 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 10 हजार रुपये मिलते थे अब 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। यानी 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अंक 55 से 60 प्रतिशत के बीच होने की स्थिति में पहले के छह हजार के बदले अब नौ हजार मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने इंदौर में किया आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण

परिक्रमावासियों की सेवा कर धन्य हुए हम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इंदौर में किया आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रयग्राहियों को वितरित किए कंबल, व्यवस्थाओं की ली जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार रात इंदौर के दयालबाग स्थित आश्रय स्थल का देर रात 10:30 बजे औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां अस्थायी रूप रह रहे लोगों से बातचीत की और आश्रय स्थल पर उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी आश्रयग्राहियों को कंबल वितरित किए, जिससे उन्हें ठंड में उन्हें राहत मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ व दाहोद से परीक्षा देने आए विद्यार्थी  कमल, दाहोद के संकेत एवं संजय तथा इंदौर में पानी टंकी की चौकीदारी कर रहे चुन्नी लाल सहित अन्य श्रमिकों से उनके यहां आने के कारण, कार्य-स्थिति और आश्रय स्थल पर मिल रही सुविधाओं के बारे में चर्चा की।  उन्होंने आश्रय स्थल में ठहरे लोगों की दिनचर्या, समस्याओं और उनकी जरूरतों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान परिक्रमावासी अनिल से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया। परिक्रमावासी  अनिल ने बताया कि वे धार्मिक परिक्रमा पूरी कर वापस लौटे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनसे चर्चा करते हुए कहा कि आपकी सेवा व दर्शन कर हम भी धन्य हो गए है। इस दौरान विधायक  गोलू शुक्ला,  सुमित मिश्रा,  गौरव रणदीवे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं इंदौर सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव व अन्य अधिकारीगण मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने काल भैरव धाम में किए दर्शन    आश्रय स्थल निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ,  काल भैरव धाम पहुंचे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। प्रमुख बिंदु मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दयालबाग के आश्रय स्थल का 10:30 बजे किया औचक निरीक्षण। आश्रय स्थल में किए गए प्रबंधों की ली जानकारी। आश्रय स्थल में मौजूद लोगों को वितरित किए कंबल। परिक्रमावासी  अनिल से की चर्चा। निरीक्षण के बाद  काल भैरव धाम मंदिर में किए दर्शन

दत्तात्रेय होसबाले का वक्तव्य: हिन्दुत्व को बताया भारत की आत्मा, धर्मांतरण पर कानून की मांग

इंदौर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने 'हिन्दुत्व' को "भारत की आत्मा" बताया और कहा कि कहा कि हिंदुत्व के मुख्य विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है.इंदौर में आरएसएस के शताब्दी संपर्क कार्यक्रम 'प्रमुख जन गोष्ठी' को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जागरूकता, सामाजिक समरसता और कानूनों के सख्त प्रवर्तन के माध्यम से धार्मिक धर्मांतरण की जांच की जा सकती है. होसबाले ने जोर देकर कहा, "हिन्दुत्व भारत की आत्मा है." उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू विचार वह है जहां यह कहा जाता है कि ईश्वर को इस या उस मार्ग से प्राप्त किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इसी समाज के कारण यह भूमि एक हिंदू राष्ट्र है, जहां संस्कृति की अभिव्यक्ति विविध है लेकिन मूल एक है. धर्मांतरण के लिए सख्त कानून जरूरी धर्मांतरण पर एक सवाल का जवाब देते हुए होसबाले ने कहा, "धर्म जागरण, सेवा कार्य, सामाजिक समरसता, संतों के दौरे और कानूनों के सख्त प्रवर्तन से धार्मिक धर्मांतरण पर रोक लगाई जा सकती है." उन्होंने समझाया कि भारतीय संस्कृति में 'धर्म' की अवधारणा केवल अंग्रेजी शब्द 'Religion' तक सीमित नहीं है, इसे व्यापक अर्थों में समझा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "ट्रैफिक नियम सबके लिए समान हैं. वाहन 'Religion' है और ट्रैफिक नियमों का पालन करना 'Dharma' है. रिलीजन बदला जा सकता है, लेकिन धर्म नहीं."  उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि धर्म बदलने के पीछे की मंशा गलत है, तो ऐसे कृत्यों को रोकने और सतर्क रहने की आवश्यकता है. वरिष्ठ RSS पदाधिकारी ने यह भी कहा कि सेक्युलरिज्म की अवधारणा पर अडिग रहने के कारण कुछ लोग खुद को हिंदू बताने से हिचकने लगे हैं. उन्होंने जोर दिया कि हिन्दुत्व के मूल विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है.

एयरपोर्ट के लिए उज्जैन में शुरू होगा भूमि अधिग्रहण, AAI और सरकार के बीच MOU के बाद प्रोजेक्ट आगे बढ़ा

उज्जैन   उज्जैन एयरपोर्ट को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य शासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के बीच एमओयू के बाद जमीन अधिग्रहण की कवायद शुरु होगी। प्रयास है कि सिंहस्थ से पहले एयरपोर्ट का शुभारंभ हो जाए ताकि महापर्व के दौरान श्रद्धालु और पर्यटकों को हवाई मार्ग से भी सीधे उज्जैन पहुंचने की सुविधा मिल सके। दताना हवाई पट्टी के एयरपोर्ट में विकसित होने के बाद यहां से एटीआर-72 हवाई जहाज उड़ान भर सकेंगे। साथ ही नाइट लैडिंग की सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। 241 एकड़ जमीन की जरूरत अभी देवास रोड ग्राम दताना में हवाई पट्टी है। जो चार्टड प्लेन की उड़ान के ही उपयोग में आती है। इसे विस्तारित करते हुए यहां एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसके लिए मौके पर करीब 241 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। भू-अर्जन को लेकर प्रशासन ने सर्वे पूरा कर शासन को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। सर्वे अनुसार भू-अजर्न में करीब 180 किसान व भवन स्वामी प्रभावित होंगे। मुआवजा सहित विकास पर करीब 475 करोड़ रुपए खर्च होने का आंकलन है। सर्वे और एमओयू होने के बाद अब एयरपोर्ट के लिए अगला कदम भू-अर्जन की कार्रवाई का रहेगा। सक्षम स्वीकृति मिलने के बाद संभावना है कि दिसंबर में भू-अर्जन की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने बताया, एयरपोर्ट निर्माण को लेकर आवश्यक कार्रवाई प्रचलित है। 950 मीटर का रनवे होगा 1800 मीटर दताना-मताना हवाई पट्टी पर अभी करीब 950 मीटर का रन-वे है। एयरपोर्ट के लिए इसका विस्तार लगभग दोगुना करते हुए इसे 1800 मीटर का बनाया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-२८ को अब तक का सबसे भव्य व सुविधायुक्त आयोजित करने का लक्ष्य रखा है। सीएम की मौजूदगी में हुआ MOU उज्जैन में एयरपोर्ट को लेकर मप्र शासन और एयरपोट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) के मध्य कुछ सप्ताह पूर्व ही मप्र स्थापना दिवस के अवसर पर भोपाल में एमओयू साइन किया गया है। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ कार्यक्रम में एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू की उपस्थिति में हुआ। हवाई यात्रा के लिए अभी इंदौर एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ता है। सिंहस्थ से पूर्व उज्जैन में एयरपोर्ट बनने से यात्री इंदौर की जगह सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे। सिंहस्थ बाद भी यह उपयोगी साबित होगा। यहां छोटे विमान (एटीआर) उतर व उड़ान भर सकेंगे। अभी नाइट लैंडिंग सुविधा नहीं है। एयरपोर्ट बनने से रात में भी हवाई मार्ग से उज्जैन आना-जाना संभव होगा।

भोपाल वेस्टर्न बायपास के नए अलाइनमेंट को मिली मंजूरी, 36 किमी सड़क के लिए 6000 पेड़ होंगे कटेंगे

भोपाल  भोपाल और सागर में पेड़ों की कटाई को लेकर पिछले दिनों मप्र हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की थी। अधिकारियों ने जब कोर्ट को बताया कि भोपाल में 244 पेड़ों में से 112 को रिलोकेट किया गया है और इसकी तस्वीरें कोर्ट के सामने पेश की गईं तो कोर्ट इन्हें देखकर भड़क गया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे ट्रांसप्लांटेशन से पेड़ नहीं बचते, मर जाते हैं। कोर्ट की यह टिप्पणी इस समय इसलिए मायने रखती है, क्योंकि भोपाल में वेस्टर्न बायपास प्रोजेक्ट को सरकार ने मंजूरी दे दी है। करीब 36 किमी लंबे इस बायपास के निर्माण के लिए 6 हजार से ज्यादा पेड़ों को काटा या शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि, विभागीय सूत्रों का कहना है कि कम से कम पर्यावरणीय नुकसान को देखते हुए बायपास के नए अलाइनमेंट को मंजूरी दी गई है। वहीं भोपाल के अमझरा गांव में 90 हेक्टेयर जमीन वन विभाग को दी गई है। पर्यावरण के जानकारों का कहना है कि 6 हजार पेड़ों को काटने के बाद जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई इतनी जल्दी नहीं हो सकेगी। बहरहाल, वेस्टर्न बायपास के 4 हजार रुपए करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने 2981 करोड़ रुपए की प्रशासकीय मंजूरी भी जारी की है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर बनने वाली यह सड़क न केवल भोपाल को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएगी, बल्कि इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम के बीच एक हाई-स्पीड कॉरिडोर भी बनेगा.। पहले जानिए क्यों बदला वेस्टर्न बायपास का अलाइनमेंट पहले यह बायपास मंडीदीप के पास इकायाकलां से शुरू होकर फंदा तक बनना था, लेकिन अब यह 11 मील स्थित प्रतापपुर से शुरू होकर फंदा कलां तक जाएगा। नए रूट में वन क्षेत्र 6.1 किमी से घटकर 5.45 किमी रह गया है। सड़क विकास निगम के अधिकारियों का तर्क है कि रातापानी टाइगर रिजर्व के बफर जोन और समसगढ़ स्थित पुराने शिव मंदिर को बचाने के लिए रूट में बदलाव किया गया है। हालांकि, इस बदलाव के पीछे की कहानी कुछ और ही बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पुराने रूट पर कई नेताओं, अधिकारियों और रसूखदारों की जमीनें आ रही थीं, जिन्हें बचाने के लिए अलाइनमेंट बदला गया। पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने इस मामले की शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रोजेक्ट को जानबूझकर प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बदला गया है। सड़क के लिए कटेंगे 6463 पेड़ भोपाल वेस्टर्न बायपास का निर्माण पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 416.25 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसमें लगभग 45 हेक्टेयर वन भूमि भी शामिल है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस भूमि पर मौजूद 6463 पेड़ों को या तो काटा जाएगा या फिर उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। वन विभाग ने पेड़ों की कटाई की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी है। इसके तहत क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए भोपाल के अमझरा गांव में 90 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि हजारों पुराने और घने पेड़ों के कटने से होने वाले पारिस्थितिक नुकसान की भरपाई महज नए पौधे लगाकर नहीं की जा सकती। यह बायपास कोलार और हुजूर तहसील के उन इलाकों से गुजरेगा, जो अपनी हरियाली के लिए जाने जाते हैं। बाघों के मूवमेंट के लिए 1.5 किमी लंबे पुल बनेंगे चूंकि नया रूट भी रातापानी टाइगर रिजर्व के बफर जोन के करीब से गुजर रहा है, इसलिए वन्यजीवों, विशेषकर बाघों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।     वाय-डक्ट का निर्माण: बाघों और अन्य वन्यजीवों के सुरक्षित मूवमेंट के लिए 6 अलग-अलग स्थानों पर कुल 1480 मीटर लंबे वाय-डक्ट (ऊंचे पुल) बनाए जाएंगे। इससे जानवर नीचे से बिना किसी बाधा के आवाजाही कर सकेंगे और ट्रैफिक ऊपर से गुजरता रहेगा।     साउंड प्रूफ फेंसिंग: पूरे बायपास को साउंड प्रूफ बनाया जाएगा। सड़क के दोनों ओर 10 मीटर ऊंची फेंसिंग की जाएगी, ताकि वाहनों के शोर से वन्यजीव परेशान न हों और वे सड़क पर न आ सकें। अब जानिए बायपास के फायदे पर्यावरणीय चिंताओं के बावजूद इस बायपास के बनने से भोपाल और आसपास के क्षेत्र को 4 बड़े फायदे होंगे…     समय और ईंधन की बचत: इंदौर जाने वाले वाहनों को अब शहर के अंदर से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे उनकी दूरी 21 किलोमीटर कम हो जाएगी। डेढ़ घंटे का सफर महज 30 मिनट में पूरा होगा।     हाई-स्पीड कनेक्टिविटी: यह बायपास निर्माणाधीन इंदौर-भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड 6-लेन हाईवे से जुड़ेगा, जिससे माल ढुलाई और आना-जाना आसान होगा।     शहर को जाम से मुक्ति: भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे, जिससे भोपाल वासियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।     एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच: जबलपुर, मंडीदीप और नर्मदापुरम से आने वाले वाहन बिना शहर में प्रवेश किए सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। जनवरी से शुरू होगी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राज्य सरकार से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद अब अगले महीने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद नए साल में जनवरी से ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए 23 गांवों की जमीनें अधिगृहीत की जाएंगी।

ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से इंदौर-उज्जैन की यात्रा होगी आसान और तेज, 48.10 किमी का ब्लू प्रिंट तैयार

इंदौर  सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए इंदौर और उज्जैन के बीच सफर को आसान बनाया जा रहा है। अब एमपीआरडीसी एक नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर तैयार करने जा रहा है। पितृ पर्वत से शुरू होकर चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक जाने वाला यह नया हाईवे 48.10 किमी लंबा होगा। निर्माण को लेकर टेंडर खुल गया है। लुधियाना की कंपनी सीगल इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स प्रालि ने सबसे कम बोली लगाई। अधिकारियों के मुताबिक सालभर के भीतर सड़क का काम शुरू किया जाएगा। इन दिनों जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से इंदौर से उज्जैन की यह दूरी महज तीस मिनट में तय की जा सकेगी। हाईवे को एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी चौड़ाई 60 मीटर होगी। प्रोजेक्ट पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 1089 करोड़ रुपये निर्माण पर और बाकी राशि भूमि अधिग्रहण पर किसानों को दी जाएगी। इंदौर और उज्जैन जिलों में 175 हेक्टेयर से अधिक जमीन लेना है। अकेले इंदौर जिले में ही 650 किसानों की जमीन से सड़क निकाली जाएगी। हातोद और सांवेर तहसील के किसान प्रभावित होंगे। अधिकारियों के मुताबिक अगले कुछ दिनों में जमीन को लेकर सर्वे किया जाएगा। गाइडलाइन पर मुआवजा दिया जाएगा। प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युटी मोड पर विकसित होगा और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले वर्ष से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। एटीएमएस और सीसीटीवी भी पूरे मार्ग पर एटीएमएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे मार्ग की लगातार निगरानी रखी जा सकेगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से सिंहस्थ मेले और वीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन को काफी सुगम बनाएगी। इसके साथ ही मौजूदा इंदौर-उज्जैन रोड पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे यात्रियों को बेहतर और तेज यात्रा अनुभव मिलेगा। चार स्थानों से होंगी एंट्री ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का ब्लू प्रिंट तैयार हो चुका है। हाईवे को जोड़ने के लिए चार स्थानों से वाहनों की एंट्री रखी जाएगी, जिसमें इंदौर और उज्जैन के अलावा वेस्टर्न बायपास क्रासिंग और उज्जैन-बदनावर रोड क्रासिंग भी शामिल है। सड़क जंबूड़ी हप्सी, हातोद, कांकरिया बोर्डिया, पोटलोद, मगरखेड़ी, लिंबा पीपल्या समेत कई गांवों से होकर निकलेगा, जबकि हाईवे पर टोल व्यवस्था मौजूदा स्टेट हाईवे की तरह होगी। इसमें इंदौर और उज्जैन दोनों ओर से अलग-अलग टोल प्वाइंट तय किए जाएंगे। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी     प्रोजेक्ट को लेकर टेंडर निकाले गए हैं। कागजी प्रक्रिया पूरी होने में थोड़ा समय लगेगा। अभी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। सालभर में निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। – गगन भाबर, डिविजनल मैनेजर, एमपीआरडीसी  

विशेष गहन पुनरीक्षण में मध्य प्रदेश ने रचा रिकॉर्ड, 93% काम पूरा—6 जिलों में शत-प्रतिशत डिजिटलाइजेशन

भोपाल देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. मध्य प्रदेश में भी SIR (Special Intensive Revision) का काम तेजी से जारी है. रविवार 30 नवंबर की शाम तक 5 करोड़ 33 लाख से ज्यादा लोगों के गणना पत्रकों को डिजिटल रूप में बदल दिया गया है. जो कुल प्रक्रिया का लगभग 93 प्रतिशत है. प्रदेश के 39 जिलों ने 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि 5 अन्य जिलों में भी 92 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज की गई है. मध्य प्रदेश में कुल 5.73 करोड़ मतदाताओं को 65,014 बीएलओ द्वारा नाम जोड़ने के लिए फॉर्म बांटे गए थे. 23 नवंबर तक इनमें से 3.27 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके थे. हालांकि इस बीच लगातार बीएलओ की हो रही मौतों ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं. प्रदेश में अब तक 7 बीएलओ की मौतें हो चुकी हैं. देवास में 26 BLO और दो पटवारियों को नोटिस मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि, ''प्रदेश में गणना पत्रकों के डिजिटलाइजेशन का कार्य तेज गति से जारी है. अभी तक मध्य प्रदेश के 6 जिलों अशोकनगर, नीमच, बैतूल, गुना, मंडला और सीहोर जिले ने SIR का काम शत प्रतिशत पूरा कर लिया है.'' उन्होंने सभी शासकीय सेवकों और नागरिकों को धन्यवाद देते कहा कि यह उपलब्धि सभी के समन्वित प्रयास और अथक परिश्रम से ही संभव हुई है. रविवार 30 नवंबर शाम तक 5 करोड़ 33 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है, जो कुल कार्य का लगभग 93 प्रतिशत है. संजीव कुमार झा ने बताया कि प्रदेश के 39 अन्य जिलों ने 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. इसके अलावा प्रदेश के 5 जिलों में 92% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है. निर्धारित समय से पहले ही कार्य पूर्णता की ओर है. इसी प्रेरणा और समन्वय से प्रदेश के सभी जिलों में शत-प्रतिशत कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा.'' जबलपुर की स्नेहलता ने सबसे पहले हासिल किया लक्ष्य स्नेहलता पटेल महिला बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर की पोस्ट पर हैं. उन्हें पनागर विधानसभा के 10 बूथों (52 से 61) की जिम्मेदारी मिली थी, जिनमें कुल 7706 मतदाताओं की जानकारी अपडेट करनी थी. स्नेहलता ने यह कार्य सबसे पहले पूरा कर जिले में मिसाल कायम की. जहां इनाम के तौर पर उन्हें शासन की ओर से एयर ट्रैवल का विशेष पुरस्कार मिला. उन्होंने पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा के तहत कान्हा और बांधवगढ़ की जॉय राइड का आनंद लिया. वहीं मैहर के BLO विनोद सिंह ने समय से 14 दिन पहले SIR का काम पूरा किया था. जिस पर एसडीएम ने सम्मान कर इनाम में दिया सरसी आइलैंड ट्रिप का टिकट दिया था. जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में काम की रफ्तार धीमी बात करें SIR के सबसे धीमे काम की तो जबलपुर की पूर्व विधानसभा सीट पर सबसे धीमी गति से काम पूरा हो रहा है. यहां अब तक सिर्फ 59% डिजिटाइजेशन हो पाया है. SIR का काम जारी है, लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है. यहां एक मामला ऐसा भी आया जहां एक भाजपा नेता ने कुछ नाम जोड़े जाने पर आपत्ति जताई है, लेकिन प्रशासन ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. स्थानीय नेताओं का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध न होना है, जिसे इलेक्शन कमीशन को सभी को उपलब्ध कराना चाहिए. आखिर क्या है SIR? SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची को घर-घर जाकर अपडेट करने, गलतियों को सुधारने और डेटा को डिजिटाइज करने का प्रोसेस है. जिन मतदाताओं को फॉर्म नहीं मिले हैं, वे ECI पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. BLO का विवरण राज्य के CEO की वेबसाइट और राष्ट्रीय मतदाता खोज पोर्टल पर मिल जाता है. SIR की समय सीमा बढ़ाई गई चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही SIR प्रक्रिया की समय सीमा एक हफ्ते के लिए बढ़ा दी है. अब मतदाता सूची का संशोधन 11 दिसंबर तक किया जा सकेगा. ड्राफ्ट रोल अब 9 दिसंबर 2025 की जगह 16 दिसंबर 2025 को जारी होगा. दावे और आपत्ति की तारीखें भी बदलकर 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 कर दी गई हैं. मध्य प्रदेश के दमोह में एसआईआर का काम अंतिम चरण में है. यहां पर करीब 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है. देवास में 26 बीएलओ और दो पटवारियों को नोटिस देवास जिले का पूरा प्रशासनिक अमला छुट्टी, तीज, त्यौहार के बाद भी SIR के कार्य में डटा हुआ है. विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही पर कलेक्टर के आदेश पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एसडीएम देवास द्वारा 26 बीएलओ और दो पटवारियों को नोटिस जारी किए गए हैं. जिसमें पटवारी मनीष शर्मा, अरुण जाटव और बीएलओ प्रमिला भण्डारी, वंदना देवरे सहित अन्य शामिल हैं. जवाब सही नहीं होने पर कलेक्टर द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी. 

MP में व्यापक अतिक्रमण हटाने की तैयारी! BJP विधायक का सदन में बड़ा बयान

भोपाल भाजपा के वरिष्ठ विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने सोमवार को विधानसभा में नर्मदापुरम और इटारसी में अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जहां से अतिक्रमण हटाया जाता है, वहां कुछ दिनों बाद फिर से हो जाता है। बाहरी लोग आकर सड़कों के किनारे अतिक्रमण कर रहे हैं। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए। उनका समर्थन करते हुए सागर से भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा लोगों का शहरों से मोहभंग हो रहा है और वे बाहरी क्षेत्र में रहने लगे हैं। पूरे प्रदेश में हटाए जाएंगे अतिक्रमण नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) चल रहा है, जिसमें अमला लगा है। इसके पूरा होते ही टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रदेश में अतिक्रमण हटाए जाएंगे और यह फिर न हो, यह भी सुनिश्चित करेंगे। इस पर भाजपा विधायक अजय विश्नोई बोले कि इसमें गरीबों का ध्यान रखा जाए। उन्हें हटाएं तो दूसरी जगह उनके रहने की व्यवस्था भी करें।   हमारे अच्छे खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेलते हैं भाजपा विधायक दिलीप सिंह परिहार ने सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को बोनस अंक देने का मामला सदन में उठाया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि बोनस अंक देने का प्रविधान तो नहीं है पर आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट अवश्य दी जाती है। एक अप्रैल, 2020 से अब तक 37 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नौकरी दी गई है। आवेदनों का किया जा रहा परीक्षण वर्ष 2015 की विक्रम अवार्डी वर्षा वर्मन और वर्ष 2019 की मुस्कान किरार का आवेदन विलंब से मिलने के कारण नियुक्ति नहीं दी जा सकी। आवेदनों का परीक्षण किया जा रहा है। मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जहां मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे अच्छे खिलाड़ी दूसरे राज्यों में चले जाते हैं। हरियाणा से हमारे पहलवान खेल रहे हैं।