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मध्यप्रदेश को बड़ी सौगात: 1100 करोड़ की लागत से बनेगा 48 किमी हाइवे, 27 गांव होंगे सीधे जुड़ाव में

इंदौर  मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड (MPRDC) के द्वारा इंदौर से उज्जैन के बीच पितृ पर्वत से चिंतामन गणेश मंदिर तक ग्रीन फील्ड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का जिम्मा सीगल इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है। 30 मिनट में तय होगी दूरी इंदौर-उज्जैन के बीच 48 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 30 मिनट पूरी हो जाएगी। नए हाइवे में एटीएमएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसका उपयोग सिंहस्थ और वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान उपयोगी होगा। साथ ही ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। 48 किलोमीटर लंबा होगा फोरलेन यह फोरलेन एक्सेस कंट्रोल्ड होगा। जिसकी लंबाई 48.10 किलोमीटर और चौड़ाई 60 मीटर होगी। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 20 हजार करोड़ रुपए हैं। जिसमें 1089 करोड़ रुपए निर्माण और बाकी के बचे पैसे भूमि अधिग्रहण में खर्च होंगे। 27 प्रमुख गावों से होकर गुजरेगा हाईवे हाइवे इंदौर के पितृ पर्वत से शुरु होकर चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक जाएगा। हाईवे जंबूड़ी हप्सी, बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोर्डिया, जंबूर्डी सरवर, जिंदाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबीखेड़ी, पीपल्या कायस्था, हरियाखेड़ी, खतेड़िया, रंगकोर्डिया, काछल्या, बलघारा, पोटलोद, तुमानी, मगरखेड़ी, छितोड़ा, बालरिया, रालामंडल, लिंबा पीपल्या, गोंदिया, हासमपुरा, पालखेड़ी, चिंतामन जवासिया और चांदमुख से होते हुए गुजरेगा।   जमीन अधिग्रहण पर आएगा 911 करोड़ का खर्च जमीन अधिग्रहण में 900 करोड़ रुपए के करीब खर्च किए जाएंगे। 175 हेक्टेयर से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। उज्जैन जिले के 8 गांवों, हातोद की 75.401 हेक्टेयर सांवेर तहसील में 395 किसानों की 99.992 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। 

एसआईआर का प्रदेश में 93% गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि प्रदेश में गणना पत्रकों के डिजिटलाइजेशन का कार्य तेज गति से जारी है। अभी तक मध्यप्रदेश के छ: जिलों अशोक नगर, नीमच, बैतूल, गुना, मंडला और सीहोर जिले ने एस आई आर का काम शत् प्रतिशत पूरा कर लिया है। श्री झा ने सभी शासकीय सेवकों और नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सभी के समन्वित प्रयास और अथक परिश्रम से ही संभव हुई है। रविवार 30 नवंबर शाम तक 5 करोड़ 33 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है, जो कुल कार्य का लगभग 93 प्रतिशत है। श्री झा ने बताया कि प्रदेश के 39 अन्य जिलों ने 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसके अलावा प्रदेश के 5 जिलों में 92% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने डिजिटलाइजेशन में लगे सभी शासकीय सेवकों, बीएलओ तथा सहयोगी नागरिकों के समन्वित प्रयास की सराहना की जिसके चलते निर्धारित समय से पहले ही कार्य पूर्णता की ओर है। उन्होंने कहा कि इसी प्रेरणा और समन्वय से प्रदेश के सभी जिलों में शत-प्रतिशत कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।  

एमपी एफएसओ भर्ती: 3 दिसंबर को आएगा एडमिट कार्ड, जानें कब होगी परीक्षा

भोपाल मध्य प्रदेश फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए अहम जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने घोषणा की है कि इस परीक्षा के एडमिट कार्ड 3 दिसंबर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध होंगे। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in पर जाकर अपने लॉगिन विवरण भरकर प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। आयोग स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी उम्मीदवार को एडमिट कार्ड पोस्ट के माध्यम से नहीं भेजा जाएगा। 14 दिसंबर को आयोजित होगी परीक्षा एमपीपीएससी के अनुसार फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षा का आयोजन 14 दिसंबर को किया जाएगा। यह परीक्षा दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चलेगी। अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। कैसे डाउनलोड करें MPPSC FSO Admit Card? 1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in पर जाएं। 2. होम पेज पर उपलब्ध Admit Card लिंक पर क्लिक करें। 3. अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड दर्ज करके सबमिट करें। 4. एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखते ही इसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें। परीक्षा केंद्र में क्या ले जा सकेंगे?     ई-प्रवेश पत्र (Admit Card)     वैध पहचान पत्र     पेन     स्वयं का फोटोग्राफ (यदि आवश्यक हो)     पारदर्शी पानी की बोतल     एडमिट कार्ड में उल्लेखित अन्य अनुमत सामान इन वस्तुओं पर कड़ी पाबंदी पेंसिल, रबर, शार्पनर, ब्लेड, स्केल, बैग, मोबाइल फोन, पेनड्राइव, कैलकुलेटर, किताब/नोट्स, चाबी, क्लचर, हेयर बक्कल, हैंड बैंड, बेल्ट, डिजिटल/स्मार्ट/एनालॉग घड़ी, पर्स/वॉलेट, टोपी, ब्लूटूथ, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, लाइटर, माचिस, हथियार आदि। इसके अलावा, जूते और मोजे पहनकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश वर्जित रहेगा।   कुल 67 पदों पर भर्ती इस भर्ती अभियान के माध्यम से 67 फूड सेफ्टी ऑफिसर पद भरे जाएंगे। श्रेणीवार पद इस प्रकार हैं-     अनारक्षित: 14     एससी: 8     एसटी: 17     ओबीसी: 23     ईडब्ल्यूएस: 5

टाइगर रिज़र्व अपडेट: बफ़र ज़ोन में नाइट सफारी आज से पूर्णतः प्रतिबंधित

भोपाल  मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में आज से नाइट सफारी बंद कर दी जाएगी। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 17 नवंबर को दिए गए एक आदेश के बाद लिया गया है। न्यायालय के आदेश के बाद मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सुभरंजन सेन ने सभी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालकों को निर्देश जारी कर कहा है कि प्रदेशभर में रात्रिकालीन सफारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा रही है। इस वजह से लिया गया यह निर्णय यह निर्णय वन्य जीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। इस निर्णय के बाद मप्र के नौ टाइगर रिजर्व कान्हा, बांधवगढ़, सतपुड़ा, पेंच, पन्ना, संजय, वीरांगना दुर्गावती, रातापानी (पद्म श्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर) और माधव टाइगर रिजर्व में पर्यटक नाइट सफारी का आनंद नहीं ले सकेंगे।   एडवांस बुकिंग की व्यवस्था नहीं सुभरंजन सेन ने बताया कि नाइट सफारी के लिए एडवांस बुकिंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में एडवांस बुकिंग का पैसा रिफंड करने जैसी कोई बात ही नहीं। बता दें कि टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में पहले से ही नाइट सफारी पर रोक है अब बफर में भी नाइट सफारी नहीं कराई जाएगी। 2022 में एनटीसीए के निर्देश के बाद भी बंद नहीं की थी नाइट सफारी वर्ष 2022 में भी टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी बंद करने की पहल की गई थी। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने वन विभाग को पत्र लिखकर कहा था कि नाइट सफारी तुरंत बंद करें। इस पर उस समय वन विभाग के अधिकारियों ने तर्क दिया था कि एनटीसीए ने ही बफर क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने को कहा है और इसके लिए कुछ गतिविधियां तो संचालित करनी पड़ेंगी। उस समय इस पर अमल नहीं हो सका और नाइट सफारी यथावत संचालित होती रही।   शिवराज ने शुरू कराई थी बफर में सफर योजना तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवंबर 2020 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बफर में सफर योजना शुरू की थी। बफर में सफर का आकर्षण बढ़ाने के लिए मप्र के टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी भी शुरू कर दी गई थी। वन विभाग ने शाम सात से रात दस बजे तक बफर क्षेत्र में पर्यटन की अनुमति दी थी, जिसके लिए गाड़ियों की संख्या आठ से 10 ही रखी गई थी। 

करोंद में खत्म होगा जाम का झंझट, भोपाल मेट्रो निर्माण कार्य तेज़

भोपाल भोपाल शहर के बैरसिया रोड पर करोंद क्षेत्र में मेट्रो रेल लाइन का काम तेजी से किया जा रहा है। यहां सड़क के बीचोंबीच बेरिकेड्स लगाने से आए दिन जाम लगता है, ऐसे में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। यह देखते हुए मेट्रो रेल लाइन के दूसरे चरण में करोंद चौराहा से सीआइएइ (केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान) तक गर्डर लांच करने का काम किया जा रहा है। इसके तहत बने पिलर पर जल्द ही गर्डर रख दी जाएगी, ऐसे में पिलरों पर गर्डर लांच होने के बाद बेरिकेड्स हटा दिए जाएंगे। इससे जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी। बता दें कि पिछले डेढ़ साल से करोंद में मेट्रो रेल लाइन का काम चल रहा है, अभी सिर्फ पिलर ही खड़े हो सके हैं। घना रहवासी क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा को देखते हुए काम किया जा रहा है।   आठ से अधिक पिलर खड़े हुए जानकारी के अनुसार भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे चरण सुभाषनगर से करोंद के बीच का काम तेजी से किया जा रहा है। पिलर खड़े होने की शुरुआत करोंद स्थित सीआईएई के सामने से की गई है। यहां पर आठ से अधिक पिलर खड़े हो चुके हैं। इन पर गर्डर लांच करने की तैयारी की जा रही है, सुरक्षा की दृष्टि से देर रात यह काम किया जा रहा है। इस दौरान यातायात परिवर्तित कर दिया जाता है। बता दें कि सुभाष नगर डिपो से करोंद तक के मेट्रो रेल लाइन का काम कुल दो चरण में होगा। कुल 8.77 किलोमीटर में से 5.38 किलोमीटर हिस्से में छह एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे। जिनमें पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कालोनी, डीआइजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद शामिल हैं। प्रॉयोरिटी कॉरिडोर के लिए रिपोर्ट का इंतजार भोपाल मेट्रो के प्रॉयोरिटी कॉरिडोर (सुभाष नगर से एम्स) के लिए कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की अंतिम 'ओके टू रन' रिपोर्ट का इंतजार है। इसको लेकर सीएमआरएस ने निरीक्षण पूरा कर लिया है, लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, उस रिपोर्ट के आधार पर ही मेट्रो के संचालन पर निर्णय होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने सुपुत्र का पाणिग्रहण संस्कार सामूहिक विवाह समारोह में कर मिसाल प्रस्तुत की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुत्र डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता सामूहिक विवाह सम्मेलन में परिणय सूत्र में बंधे योग गुरू स्वामी रामदेव ने मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया 21 जोड़ों का विवाह संस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आमंत्रण पर सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने उज्जैन पहुंचे कई विशिष्ट अतिथि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक सरोकार, समरसता और सादगी की मिसाल प्रस्तुत करते हुए अपने छोटे पुत्र का पाणिग्रहण संस्कार उज्जैन में हुए सामूहिक विवाह समारोह में संपन्न कराया। योग गुरू स्वामी रामदेव ने 21 जोड़ों के सामूहिक विवाह संस्कार कार्यक्रम का संचालन किया। स्वामी रामदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने ऐसी मिसाल प्रस्तुत की है। देश के प्रभावशाली, राजनीतिक और धनी व्यक्तियों के लिए यह एक अनुकरणीय पहल है। विवाह की इस प्रक्रिया के अनुसरण से शादियों में होने वाले अपव्यय को रोका जा सकेगा और मध्यम तथा निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह भाव "सबका साथ-सबका विकास" की भावना के अनुरूप है। उज्जैन में रविवार को सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुत्र चिरंजीव डॉ. अभिमन्यु का डॉ. इशिता के साथ विवाह यादगार बन गया। एक ही पंडाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुत्र के साथ जन-सामान्य के पुत्र-पुत्रियों के विवाह ने अद्भुत आत्मीयता और समानता के भाव का संचार किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने समस्त नव-दंपतियों को बधाई दी। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक समरसता का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में सामूहिक विवाह स्थल पर पधारे अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में सनातन की परंपरा के अनुसार विवाह के कार्यक्रम हो रहे हैं। सामूहिक विवाह समारोह में समाज के सभी वर्गों के नव-दंपति सम्मिलित हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के वर-वधू भी शामिल हैं। सामूहिक विवाह समारोह में पधारे पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने कहा कि ऐसे सामूहिक एवं कम खर्च वाले विवाह समारोहों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। समाज का हर वर्ग इस प्रकार की व्यवस्था को स्वीकार करते हुए आगे बढ़े। वर्तमान समय में देश को नवाचारी ढंग से सोचने की आवश्यकता है। पं. शास्त्री ने कहा कि इस विवाह समारोह के माध्यम से श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश जीवंत हो रहा है। सामूहिक विवाह समारोह में भेदभाव से परे सामाजिक समरसता का दृश्य नजर आ रहा था। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष एवं महंत श्री रवींद्र पुरी महाराज और जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री पूज्य स्वामी हरि गिरि महाराज की ओर से सभी नव दंपतियों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुत्र डॉ. अभिमन्यु और पुत्रवधु डॉ. इशिता सहित सभी नव दंपतियों ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की भावना के अनुरूप भोजन व्यवस्था सामूहिक विवाह समारोह की भावना के अनुरूप रही। सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति के आयोजकों ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। स्थानीय पुलिस, प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सहयोग दिया। कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत, केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय राज्य मंत्री जनजातीय मामले श्री दुर्गादास उईके, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, अन्य मंत्रीगण, विधायक और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया और उनके मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की।  

सरकार ने जारी किया सोयाबीन का नया मॉडल रेट 4237 रुपये, भावांतर भुगतान में आएगी तेजी

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए  30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए और 29 नवंबर को 4240 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

विश्वरंग में उत्तर-रंग का भव्य आयोजन: लोकमाता अहिल्या से सतवाणी सुरो तक – उत्तर रंग में सजी संस्कृति की संथ्या

भोपाल विश्वरंग 2025 के अंतर्गत चौथे दिन “उत्तर-रंग” कार्यक्रम के अंतर्गत रवीन्द्र भवन परिसर में विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें संगीत और रंगकर्म की दो उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। संध्या का आरंभ सातवानी गायन से हुआ और समापन लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर आधारित भव्य महानाट्य *“अहिल्या रूपेण संस्थिता”* के मंचन के साथ हुआ। शाम के सत्र में राजीव सिंह एवं साथियों द्वारा प्रस्तुत सातवानी गायन ने श्रोताओं को सूफियाना और लोक रंग में डुबो दिया। गायन की शुरुआत बंदिश *“सांसों की माला…”* से हुई, जिसके बाद *“मन लागो मेरो यार फकीरी में…”, “काहे को ब्याही विदेश…”, “जुगनी कहती या…”* तथा बंदिश *“दुनिया में बादशाह है वो भी है आदमी मुफलिसो…”* जैसी भावपूर्ण रचनाओं ने सभागार को सुरों से सराबोर कर दिया। मुख्य गायन राजीव सिंह ने किया, जिनके साथ अमन मलक और रोहित वानखेड़े स्वर-संगति में रहे। सारंगी पर हनीफ हुसैन, ढोलक पर तनिष्क ठाकुर, तबले पर शाहनवाज, ऑक्टोपैड पर इकबाल खान तथा कीबोर्ड पर शहीद मासूम ने संगत देकर प्रस्तुति को सजीव और प्रभावशाली बनाया। रवीन्द्र भवन सभागार में हुआ महानाट्य अहिल्याबाई होलकर का मंचन   लोकमाता अहिल्याबाई होलकर पर रविवार को रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में महानाट्य अहिल्याबाई होलकर जीवन, अवदान और वैभव का गान मंचित हुआ। प्रजावत्सला, न्यायनिष्ठा और सुशासन की प्रेरक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर केन्द्रित इस महानाट्य का निर्देशन प्रियंका शक्ति ठाकुर ने किया जिसका लेखन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. साधना बलवटे ने किया। विश्वरंग के अंतर्गत आयोजित इस नाटक में कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन दर्शन को बड़ी ही खूबसूरती से मंच पर प्रस्तुत किया। लगभग 120 मिनट अवधि वाली इस प्रस्तुति में लगभग 30 कलाकारों ने अलग-अलग दृश्यों में प्रस्तुति को संजोया और अहिल्याबाई के विविध पक्षों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।  80 कलाकारों ने दी प्रस्तुति  महानाट्य में कुल 80 कलाकारों ने लगभग 2 घंटे में 18वी सदी की नायिका लोकमाता अहिल्याबाई की जीवन यात्रा, उनकी न्याय व्यवस्था, सुशासन सहित उनके शौर्य और पराक्रम से जुड़े कार्यों को अपने अभिनय के माध्यम से बहुत ही सधे हुए अंदाज में मंच पर प्रस्तुत किया। कलाकारों के अभिनय को लाइट एंड साउंड शो के तालमेल ने और अत्यधिक प्रभावी बनाया। खास बात यह है कि इस नाटक में निर्देशक प्रियंका शक्ति ठाकुर खुद अहिल्याबाई के किरदार में दिखाई दीं।  इन कार्यों को अभिनय से किया जीवंत  प्रस्तुति में कलाकारों ने कुल 24 दृश्यों के माध्यम से  लोकमाता अहिल्याबाई के राजनीतिक, सामाजिक तथा धार्मिक कार्यों को भी मंच पर जीवंत किया गया। छोटी अहिल्या की आस्था से सराबोर शिव-भक्ति, मल्हारराव होलकर द्वारा बहू अहिल्या की प्रशासन में सहभागिता, अहिल्या की न्यायशीलता अहिल्या का वीरांगना का रूप, अहिल्या का लोकमाता का स्वरूप, देवी अहिल्याबाई द्वारा समाज उत्थान, आर्थिक विकास और मंदिरों का जीर्णोद्धार, घाटों का निर्माण, अन्न क्षेत्र और प्याऊ के संपूर्ण व्यवस्था आदि उनके प्रमुख और स्मरणीय कार्य हैं। इन सभी पक्षों को एक-एक के बाद कलाकारों ने मंच पर जीवंत किया।  बचपन से लेकर अंतिम क्षणों तक के दृश्य दिखाये महानाट्य में कलाकारों ने अहिल्याबाई के बचपन से लेकर समाज सेवा के कार्य में सक्रिय, युद्ध कौशल में निपुण, परिवार को साथ लेकर चलने तथा राज्य संचालन में कुशल अहिल्या की कहानी को प्रदर्शित किया। महानाट्य में दिखाया गया कि किस तरह से अहिल्या महाराष्ट्र में जन्म के पश्चात विवाह उपरांत होलकर राज्य पहुंची और समय के साथ-साथ परिवार पर आई तमाम चुनौतियों के बावजूद उनका संबल नहीं टूटा। उन्होंने भगवान शिव को अपना आराध्य मानते हुए उनकी इच्छानुसार पूरे राज्य के संचालन का जिम्मा लिया। कुछ इसी तरह के प्रसंगों के साथ महानाट्य आगे बढ़ता है और अपने अंतिम पड़ाव तक पहुंचता है जहां लोग अहिल्याबाई के कार्यों, कुशलता और न्यायप्रियता के लिए उन्हें लोकमाता की संज्ञा देते हैं।

भोपाल के वरिष्ठ बीजेपी नेता और समाजसेवी सतीश नायक के निधन से पार्टी में शोक की लहर

भोपाल  मध्यप्रदेश के भोपाल में वरिष्ठ भाजपा नेता और समाजसेवी सतीश नायक के निधन से पार्टी और उनके समर्थकों में शोक की लहर है। सतीश नायक लंबे समय से भोपाल की राजनीति में सक्रिय थे और जनसेवा के कार्यों में भी अग्रणी रहे थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय वर्ष शिक्षित थे और वर्तमान में झरनेश्वर सहकारी बैंक के निदेशक के रूप में दायित्व निभा रहे थे। सतीश नायक के निधन पर पूर्व मंत्री ने जताया दुख सतीश नायक के निधन की खबर सुनकर पूर्व मंत्री और भोपाल संभागीय क्रिकेट संघ के अध्यक्ष ध्रुव नारायण सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "भाजपा भोपाल के वरिष्ठ नेता और मेरे स्नेही मित्र सतीश नायक जी के देवलोक गमन का समाचार अत्यंत दुखदाई है। ईश्वर उन्हें सदगति प्रदान करें और उनके परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति दे।"   भाजपा में शोक की लहर सतीश नायक के निधन से भोपाल भाजपा में शोक की लहर है। भाजपा और संघ परिवार से जुड़े पदाधिकारियों ने नायक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने सतीश नायक को एक समर्पित कार्यकर्ता, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और संगठन के सजग कर्मयोगी के रूप में याद किया है। सतीश नायक पूर्व के प्रतिनिधि थे और आज उनके परिजनों ने नम आंखों से भोपाल में उनका अंतिम संस्कार किया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता विश्राम घाट पहुंचे।

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 का संशोधित कार्यक्रम किया जारी

गणना पत्रक 11दिसम्बर तक भरे जाएंगे, 14 फरवरी 26 को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में दिए आवश्यक निर्देश अब 14 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया भोपाल प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर की भारत निर्वाचन आयोग ने समय सीमा बढ़ा दी है। इस संबंध में आयोग ने निर्देश भी जारी कर दिए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 30 नवंबर को संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। जारी कार्यक्रम अनुसार मध्यप्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया अब 14 फरवरी 2026 तक चलेगी। इसके अनुसार अब 11 दिसम्बर 2025 तक एन्युमरेशन फार्म भरने का काम बीएलओ द्वारा किया जाएगा। 16 दिसंबर को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा। 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक दावा आपत्तियों के आवेदन लिए जाएंगे। 16 दिसंबर से 7 फरवरी 2026 तक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद 14 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने कहा कि सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए नवीन दिशा निर्देशों से अवगत कराया गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में दिए गए नवीन निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उसे अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार मतदाताओं के घर जाएंगे, यह सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जो व्यक्ति 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, वह भी मतदात सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा।