samacharsecretary.com

सिंहस्थ के लिए तैयारी: उज्जैन पुलिस ने बनाया होटल चेक-इन अलर्ट ऐप

उज्जैन उज्जैन में महाकाल मंदिर के आसपास होटल में रुकने वाले यात्रियों का डेटा अब एक ऐप के माध्यम से पुलिस के पास ऑनलाइन उपलब्ध है। इससे शहर में आने वाले संदिग्धों के बारे में पुलिस को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। एसपी प्रदीप शर्मा ने बड़ी संख्या में उज्जैन आ रहे लोगों का डिजिटल डेटा रखने के लिए GuestReport.in नामक ऐप तैयार करवाया है। इस ऐप से उज्जैन के होटलों में रुकने वाले यात्रियों के नाम, उनकी पहचान, उनका मोबाइल नंबर सहित अन्य डेटा तत्काल पुलिस थाने, थाना प्रभारी और जिले के एसपी के पास रियल टाइम में पहुंच रहा है। ऐप में होटल संचालक को रोजाना अपनी होटल में आने वाले यात्रियों की जानकारी भरनी होती है। यह जानकारी होटल की वेबसाइट सहित संबंधित थाने पहुंच जाती है। पिछले साल आए थे 7 करोड़ श्रद्धालु महाकाल मंदिर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले साल मध्य प्रदेश टूरिज्म के आंकड़ों में उज्जैन प्रदेश में सबसे ऊपर रहा, जहां करीब 7 करोड़ श्रद्धालु आए थे। इतनी बड़ी संख्या में उज्जैन पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बारे में होटल की जानकारी पुलिस थाने तक पहुंचने और उसे खंगालने में करीब एक से दो हफ्तों का समय लग जाता था। लेकिन, उज्जैन पुलिस के एक ऐप से यह सारा काम आसान हो गया है। सिंहस्थ कुंभ में सबसे ज्यादा उपयोगी होगा माना जा रहा है कि उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ के दौरान दो महीने में करीब 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। इस दौरान जो लोग होटल, लॉज, धर्मशाला में रहेंगे, उनका डेटा इस ऐप के उपयोग से पुलिस के पास रियल टाइम में उपलब्ध रहेगा। करोड़ों श्रद्धालुओं की रियल टाइम ट्रेसेबिलिटी, कौन कहां ठहरा है। इसका डेटा तुरंत उपलब्ध होगा, गुमशुदा व्यक्तियों की तुरंत पहचान हो सकेगी। यह भी पता लग सकेगा कि कौन कहां रुका हुआ है। पूरे आयोजन में सुरक्षा और निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा सकेगा। अगर कोई यात्री अपनी होटल का पता भूल जाता है, तो भी ऐप के माध्यम से पता लगाया जा सकेगा। होटल वालों के लिए भी उपयोगी पुलिस के इस ऐप से न सिर्फ पुलिस को मदद मिल रही है, बल्कि होटल संचालक भी रोजाना पुलिस थाने जाकर अपनी डिटेल नोट करवाने जैसे झंझट से मुक्त हो गए हैं। जो होटल संचालक ऐप का उपयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें रोज सुबह होटल में रुकने वाले गेस्ट की जानकारी मैन्युअली कागज पर भरकर देनी होती है। इसके लिए रोजाना एक कर्मचारी होटल में पूरी शीट देने जाता है। इस ऐप से होटल वालों को भी कई सुविधाएं मिल गई हैं। अभी होटलों में, बाद में आश्रम और अखाड़ों को भी जोड़ेंगे एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि प्रति वर्ष 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भारी संख्या में होम स्टे और होटल आ गए हैं, इसलिए हमेशा अंदेशा बना रहता है कि बाहर से आने वाले लोगों की पूरी जानकारी पुलिस के पास होनी चाहिए। इन हाउस और एक पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। पोर्टल संचालक द्वारा सभी प्रकार के यात्रियों की जानकारी दर्ज की जा रही है। तत्काल संबंधित थाना प्रभारी, थाना और बिट प्रभारी के पास दर्ज हो जाती है। यह पूरा पेपरलेस है। कई तरह की फैसिलिटी, कोई संदिग्ध अलर्ट में है और अगर वह उज्जैन आकर रुका तो हमारे पास अलर्ट आ जाएगा।

MP में आरएसएस का नया कदम: Gen-Z युवाओं के लिए 34 नगरों में युवा संगम

भोपाल   दुनिया में इन दिनों जेनरेशन जूमर्स यानी जेन-जी (Gen-Z) को लेकर बहस छिड़ी है। जेन-जी वर्ग के युवाओं की पहचान आंदोलन करने के रूप में हो चुकी है। नेपाल में सरकार का तख्ता पलट में जेन-जी की अहम भूमिका थी। हाल ही में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इंदौर में कहा था कि लोकतंत्र को बचाने के लिए जेन-जी को ही आगे आना पड़ेगा, लेकिन इन सबसे अलग राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) इन दिनों युवाओं को लेकर खास काम कर रहा है।  34 शहरों में शुरू हुआ युवा संगम हाल ही में इंदौर सहित पांच जिलों के 34 नगरों में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी में 'युवा संगम' का आयोजन किया गया। इस युवा संगम का उद्देश्य युवाओं के मन में राष्ट्र प्रथम भाव को जोड़ना था। जोर दिया गया कि भारत में युवाओं की संख्या विश्व में सर्वाधिक है और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। आरएसएस घर घर जाकर लोगों को बताएंगे  100 वर्षो का संघर्ष   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हर घर संपर्क अभियान के तहत प्रखंड के सभी पंचायतों में स्वयंसेवक संघ का पत्रक, पुस्तक एवं झोला लेकर हर गांव और हर समाज के लोगों तक पहुंच रहे हैं। इस अभियान के तहत लोगों के बीच पुस्तकों एवं पत्रकों के वितरण के लिए प्रखंड मुख्यालय  में सभी सक्रिय स्वयंसेवकों की बैठक हुई। इसमें सक्रिय स्वयंसेवकों को संघ का बैग, संघ का पुस्तक एवं पत्रक दिया गया। इस अवसर पर उन्हें आरएसएस के बारे में बताया गया तथा सभी से अपने-अपने गांव या पंचायत में हर घर संपर्क कर लोगों को संघ से जुड़ने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। इस अभियान का उद्देश्य समाज में एक सकारात्मक वातावरण तैयार करना तथा संघ के विचारों को घर-घर तक पहुंचाना है। इसके लिए स्वयंसेवकों ने सनातन समाज के सुमंगल, राष्ट्र की अखंडता एवं संगठन की भावना को लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। क्षेत्र के सभी परिवारों एवं सभी वर्गों में संपर्क कर जन-जन तक राष्ट्रहित की बात पहुंचाई जा रही है। योजना की जानकारी संघ ने हाल ही में प्रत्येक नगर में युवा संगम का आयोजन किया था। 'युवा संगम' ने कॉलेज छात्रों को एकत्रित कर अलग-अलग सत्र किए, जिसमें उन लोगों को खासकर चिह्नित कर शामिल किया गया जिनका पूर्व से संघ से परिचय नहीं था। संगम में बौद्धिक और अन्य सत्रों में माध्यम से उन्हें संघ की 100 वर्षों की यात्रा और कार्य योजना की जानकारी दी गई। युवा संगम का सीधा सीधा उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र प्रथम भाव से जोड़ना था। मालूम हो, इन दिनों विश्वभर में इस उम्र (जेनरेशन जूमर्स या जेन जी) के युवा आंदोलन के लिए पहचाने जाते हैं। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आरएसएस विभिन्न आयोजन कर रहा है। इंदौर में विजयादशमी पर पथ संचलन हुआ। 1.40 लाख से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए। कुछ समय बाद वृहद हर घर सपर्क अभियान और हिन्दू सम्मलेन जैसे आयोजन की भी प्रस्तावना है।

शिक्षकों के लिए नया नियम: परीक्षा पास करना जरूरी, NIOS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराएं

भोपाल  बच्चों की परीक्षा लेने वाले शिक्षकों को भी अब परीक्षा देनी होगी और अगर इसमें फेल हुए तो उन्हें नौकरी से हाथ धोना होगा। दरअसल प्रदेश में पांच हजार शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। प्राइमरी स्कूलों में बतौर शिक्षक भर्ती हुए इन शिक्षकों को पहले ब्रिज कोर्स करना होगा। छह माह का यह कोर्स नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआइओएस) करवाएगा। इसमें अगर फेल हो गए तो शिक्षक की नौकरी जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट का है निर्देश प्रदेश में 94 हजार सरकारी स्कूल हैं। प्राइमरी कक्षा में 1.40 लाख शिक्षक हैं। इनमें से करीब पांच हजार ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति बीएड के आधार पर हुई। सुप्रीम कोर्ट से जारी निर्देश में पात्रता परीक्षा पास करना शिक्षकों को अनिवार्य हो गया। दो साल में भर्ती हुए ये शिक्षक इस दायरे में आ रहे हैं। दायरे में आ रहे हैं ये शिक्षक शिक्षकों को ब्रिज कोर्स कराने लोक शिक्षण संचालनालय से निर्देश जारी हुए हैं। इसके तहत हर जिले को ऐसे शिक्षकों को एनआइओएस के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना है। इसकी आखिरी तारीख 25 दिसंबर है। 6 माह का कोर्स पूरा कर शिक्षकों को सालभर में सार्टिफिकेट जमा कराना होंगे। यह हैं निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को आदेश पारित किया था। इसके मुताबिक इस तारीख के बाद प्राइमरी स्कूलों मेें बीएड के आधार पर शिक्षकों की भर्ती मान्य नहीं होगी। सेवा समाप्त हो सकती है बीएड के आधार पर भर्ती प्राइमरी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स करना होगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन होना है। सभी जिलों को निर्देश जारी हुए हैं। एक साल में कोर्स पूरा न करने पर सेवाएं समाप्त की जा सकती है। – केके द्विवेदी, संचालक, लोक शिक्षण संस्थान

सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद के कार्यों की समीक्षा

भारत सरकार के दल की मध्यप्रदेश के अधिकारियों से हुई चर्चा भोपाल  सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद एमएसईएफसी के कार्यों की एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार की निदेशक श्रीमती अंकिता पांडे एवं विधि विशेषज्ञ सुश्री ईशा अग्रवाल ने गत दिवस समीक्षा की। आयुक्त, एमएसएमई श्री दिलीप कुमार तथा परिषद के अशासकीय सदस्यों श्री राजेश मिश्रा अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, श्री महेश गुप्ता भूतपूर्व अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती एवं शासकीय सदस्य सिडबी बैठक में मौजूद थे। बैठक के दौरान एमएसएमई ओडीआर पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के त्वरित निपटारे तथा लंबित मामलों को ओडीआर प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गई ताकि सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को समयबद्ध तथा पारदर्शी न्यायिक सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मध्यप्रदेश एमएसईएफसी के सचिव श्री राजेश अग्रवाल, सहायक संचालक श्री शशिभूषण दुबे एवं सहायक प्रबंधक श्रीमती अनुश्री सक्सेना द्वारा ओडीआर पोर्टल में मध्यप्रदेश की प्रभावी सहभागिता के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी उन्होंने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश एमएसईएफसी द्वारा व्हाट्सऐप एवं ई-मेल के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्षकारों को घर बैठे सुनवाई का अवसर प्रदान किया जा रहा है तथा परिषद द्वारा कोई कोर्ट फीस नहीं ली जाती। साथ ही आरआरसी के माध्यम से वसूली की प्रक्रिया से एमएसई इकाइयों को त्वरित राहत मिल रही है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा मध्यप्रदेश एमएसईएफसी की सुनवाई बैठक का अवलोकन भी किया गया तथा ओडीआर पोर्टल पर राज्य की सक्रिय सहभागिता एवं प्रभावी कार्य प्रणाली की सराहना की गई। इस अवसर पर श्रीमती पांडे ने ओडीआर प्लेटफॉर्म को एमएसएमई विवाद निवारण के लिए एक सशक्त और उपयोगी डिजिटल पहल बताया। आयुक्त श्री दिलीप कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश एमएसईएफसी, एमएसएमई मंत्रालय के साथ निरंतर समन्वय बनाते हुए कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश इस डिजिटल पहल में अग्रणी राज्यों में शामिल है और भविष्य में भी ओडीआर प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करता रहेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आगामी 1 दिसंबर को गीता जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर राज्य में हो रहे कार्यक्रमों की तैयारी की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्य प्रदेश (गवर्नेंस एंड ग्रोथ समिट) निवेश से रोजगार (अटल संकल्प उज्जवल मध्य प्रदेश ) के अंतर्गत 25 दिसंबर को ग्वालियर में हो रहे कार्यक्रम के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गीता महोत्सव के संबंध में मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 1 दिसंबर गीता जयंती पर गीता महोत्सव के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों में जन सामान्य की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। श्रीमद्भागवत गीता के विभिन्न अध्यायों की संस्कृत और हिंदी में, स्कूल कॉलेज के साथ-साथ जन सामान्य को प्रतियां उपलब्ध करवाकर, गीता पर केंद्रित क्विज आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। गीता ज्ञान के प्रसार से जन सामान्य की विचार प्रक्रिया और मानसिकता पर सकारात्मक प्रभाव होगा। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भगवतगीता ऑन लाइन ज्ञान प्रतियोगिता में प्रवृष्ठि 28 नवम्बर तक www.geetamahotsav.com पर होगी। जिसमें तीन श्रेणियों में भागीदारी की जा सकती है। सभी श्रेणियों के लिए पृथक -पृथक पुरस्कारों का प्रावधान भी किया गया है। यह पुरस्कार 26 जनवरी 2026 को दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स, को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर अधिक से अधिक नागरिकों को विभिन्न प्रतियोगिताओं और गीता पाठ में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। गीता पाठ के कार्यक्रमों में होगी व्यापक सहभागिता मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता पाठ कार्यक्रम की तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की। उल्लेखनीय है कि 1 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती पर मध्यप्रदेश में सभी विकास खंडों, जिला मुख्यालयों, संभागीय मुख्यालयों पर श्रीमद्भगवद्गीता के 15 वें अध्याय का पाठ किया जा रहा है। जन सामान्य द्वारा युगावतार भगवान श्रीकृष्ण के मानव कल्याण के संदेश को आत्मसात किए जाने के उद्देश्य को इस गीता पाठ से सफल बनाया जा सकता है। वीर भारत न्यास द्वारा गीता पाठ के साथ-साथ गीता प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के विद्यार्थी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं।  

44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश मण्डप को रजत पदक

श्री तिवारी ने प्राप्त किया पदक भोपाल  नई दिल्ली स्थित भारत मण्डपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुए 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश मण्डप को राज्यों की श्रेणी मे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक से सम्मानित किया गया। गुरूवार की शाम को भारत मण्डपम में आयोजित एक समारोह में इण्डिया ट्रेड प्रमोशन आर्गनाइजेशन (ITPO) के डॉ. नीरज खैरवाल, प्रबन्ध निदेशक ने यह पुरस्कार मध्यप्रदेश मण्डप के संचालक श्री बी. एन. तिवारी, को प्रदान किया। इस अवसर पर श्री एन. के. नरें, संयुक्त संचालक, डा. राजू राठौर, सुश्री प्रियंका सोनी, श्री देवेन्द्र रघुवशीं, सुश्री कविता बारिया, सहायक संचालक उद्योग एवं श्री जगमोहन सिंह तथा श्री सी. के. प्रिन्स भी उपस्थित थें। इस वर्ष मेले की थीम एक भारत श्रेष्ठ भारत अनुरूप मध्यप्रदेश मण्डप को ग्वालियर किले के रूप में तैयार किया गया था तथा मण्डप के केन्द्र में 64 योगिनी मन्दिर को दर्शाया गया था। लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होने भारत वर्ष की नामी गिरामी इमारतों के डिजायन बुलवाये थे, जिसमें से उन्होने मुरैना जिले के 64 योगिनी मन्दिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही उन्होंने भारतीय संसद के भवन का निर्माण कराया था। इस स्थान पर सभी देशी विदेशी पर्यटक भ्रमण करने के लिए आते हैं। इससे एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना मजबूत होती है और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलता है। मण्डप में मध्यप्रदेश की विश्व धरोहारों- खजुराहो, सांची स्तूप एवं भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई. ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों को भी सजाया गया। मण्डप में उत्पादों को होलोग्राफिक इमेज से भी प्रदर्शित गया है। इन उत्पादों की विकी भी हुई। प्रदेश शासन की विभिन्न नीतियों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। मण्डप में औधोगिक विकास के साथ साथ पर्यटन की भी पूर्ण जानकारी प्रदर्शित की गयी। मण्डप मे सिंहस्थ-2028 की तैयारी को भी स्थान दिया गया। इन्दौर के जी.आई. उत्पाद, चमड़े के खिलौने एवं टेराकोटा का संजीव प्रदर्शन किया गया है। स्टार्टअप ने भी अपने उत्पादों के प्रचार प्रसार के साथ विकय भी किया। मध्यप्रदेश मण्डप में निर्मित विरासत, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय विरासत एवं वन्य जीवन को आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया। मण्डप ने जहां एक ओर प्रदेश की गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित किया वही दूसरी ओर सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बाधने का संदेश भी दिया है। यही कारण है कि मेले में इस बार फिर मध्यप्रदेश मण्डप लोगों के लिए आर्कषण का केन्द्र बना। यहां अभ्युदय मध्यप्रदेश की झलक साफ देखी गई। मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है। यहां कि एतिहासिक धरोहर, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल, लोक परम्पराओं की समृद्धि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प "एक भारत श्रेष्ठ भारत" को न केवल पूरी कर रही है अपितु विश्व पर्यटन मानचित्र पर इसे अग्रणी स्थान दिला रही है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, की ओर से म. प्र. लघु उद्योग निगम द्वारा विगत 43 वर्षों से इस मेले में नोडल एजेंसी के रूप में कार्य किया जा रहा है। इस मेले में विगत दो वर्षों से निरन्तर म. प्र. राज्य को विषयतगत प्रस्तुति के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। मेला अवधि के दौरान राज्य दिवस समारोह 21 नवम्बर 2025 को मनाया गया। इस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में श्री चैतन्य कुमार काश्यप, मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग सम्मलित हुए। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अग्रसर है। उन्होंने यह भी कहा था कि राज्य शासन ने 18 नीतियां बनाई जो निवेश मित्र हैं एवं निवेशकों को आकर्षित करती हैं। इस अवसर पर नीमच और मन्दसौर के सांसद श्री सुधीर गुप्ता भी अतिथि के रूप में सम्मलित हुए। म. प्र. मण्डप में 9 शासकीय विभागों / निगम मण्डलों 27 सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयों 7 स्व सहायता समूहों तथा 03 स्टार्ट-अप द्वारा भाग लिया गया। टेराकोटा एवं चमड़े के खिलौनों का सजीव प्रदर्शन भी मध्यप्रदेश मण्डप में किया गया। मध्यप्रदेश दिवस समारोह में बघेली लोक गायन, मटकी एवं पनिहारी लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया।  

सीईओ संजीव कुमार झा ने मतदाताओं को किया साइबर फ्राड से सचेत

गणना पत्रक भरने के लिए नहीं चाहिए ओटीपी भोपाल  एसआईआर-2026 के दौरान गणना पत्रक भरने के लिए बीएलओ या किसी भी अन्य अधिकारी द्वारा किसी भी माध्यम से ओटीपी मांगे जाने की आवश्यकता नहीं है। मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने मतदाताओं को सतर्क करते हुए बताया है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ अथवा नजदीकी हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जानकारी ऑनलाइन voters.eci.gov.in या ceoelection.mp.gov.in पर भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि एसआईआर पत्रक भरते समय सुरक्षा उपायों का पालन करें। आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर ही एसआईआर भरें। ये हैं सुरक्षा उपाय ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। एसआईआर की प्रक्रिया में निर्वाचन विभाग या किसी अधिकारी द्वारा फोन/मैसेज पर ओटीपी, आधार नंबर, मोबाइल नंबर आदि मांगना प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। यदि कोई इस तरह की जानकारी माँगता है तो वह 'साइबर फ्रॉड कॉल' हो सकता है। एसआईआर भरते समय इन बातों का रखें ध्यान एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी प्रकार की फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या भुगतान करने के लिए कहे जाने पर ध्यान दें-ऐसे संदेश/कॉल धोखाधड़ी हो सकते हैं। व्हॉट्सऐप या सोशल मीडिया पर मिले लिंक न खोलें। 'आपका वोटर कार्ड रद्द हो जाएगा', 'तुरंत एसआईआर भरें' जैसे संदेश फर्जी हो सकते हैं। एसआईआर के लिये साइबर कैफे का उपयोग करते समय सतर्क रहें। ऑटो-सेव बंद रखें, कार्य समाप्त होने पर ब्राउजर इतिहास/कैश साफ़ करें और अनिवार्य रूप से लॉगआउट करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल: www.cybercrime.gov.in अथवा हेल्पलाइन: 1930 पर कर सकते हैं।  

एसआईआर फार्म में गलत जानकारी देने पर होगी कानूनी कार्रवाई

भोपाल  लोकतांत्रिक व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने एसआईआर फार्म में गलत जानकारी देने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान दोहराया है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 31 और 32 के तहत यदि कोई व्यक्ति एसआईआर फार्म में गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के अनुसार, दोषी पाए जाने पर दो साल तक की कैद और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि एस आई आई प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मतदाता द्वारा दी जाने वाली सभी सूचनाओं की सत्यता अनिवार्य है। गलत जानकारी देने को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखते हुए आयोग ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की मिथ्या सूचना देने से बचें।  

मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग की बड़ी कार्रवाई

2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में एमडी, करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री सहित आरोपी गिरफ्तार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 30 करोड़ रूपए भोपाल अवैध मादक पदार्थो के कारोबार में लिप्‍त तस्‍करों द्वारा अपनाए जा रहे नये-नये हथकंडे मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग की सजगता की वजह से नाकाम साबित हो रहे है। नारकोटिक्‍स प्रकोष्‍ठ नीमच ने आज 28 नवंबर को ग्राम लसूड़िया, हस्तमुरार थाना रामपुरा, जिला नीमच में खेत पर बने मकान पर दबिश देकर एमडी बनाने के कारखाने का भंडा फोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ एमडी 2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में तथा करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री भी जप्त की है। जप्त मादक पदार्थ एमडी तथा एमडी बनाने की सामग्री की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 30 करोड़ से अधिक है। ज्ञात हो अवैध मादक पदार्थों की तस्‍करी पर कड़ाई से अंकुश लगाने के मकसद से पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देश पर मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग द्वारा प्रदेशव्‍यापी विशेष मुहिम "नशे पर प्रहार" चलाया जा रहा है। इसी मुहिम के तहत अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्‍स श्री के.पी. वेंकाटेश्वर राव के मार्गदर्शन में तथा उप पुलिस महानिरीक्षक नारकोटिक्स श्री महेश चंद जैन के नेतृत्व में नारकोटिक्‍स विंग को यह सफलता मिली है। अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक श्री के.पी. वेंकाटेश्वर राव ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर नारकोटिक्‍स विंग ने कार्यवाही करते हुए, ग्राम लसूड़िया, हस्तमुरार थाना रामपुरा, जिला नीमच में खेत पर बने मकान पर दबिश देकर तीन आरोपी निरंजन दायमा, निवासी खेड़ी, थाना मनासा , अर्जुन गरासिया तथा रमेश गरासिया, निवासी लसूड़िया, थाना रामपुरा को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्‍जे से अवैध मादक पदार्थ एमडी 2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में तथा करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री तीन मोटर साइकिल, तीन मोबाइल फोन भी जप्त किए। एमडी, केमीकल, अन्‍य सामग्री सहिम सहित पुलिस ने लगभग 30 करोड़ रूपये की सामग्री जब्‍त की है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्‍ट के तहत प्रकरण कायम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में नारकोटिक्स विंग के निरीक्षक श्री राकेश चौधरी, निरीक्षक श्री भारत सिंह चावड़ा, निरीक्षक श्री हरीश सोलंकी, निरीक्षक श्री तेजेन्द्र सिंह सेंगर तथा निरीक्षक श्री मलय महंत एवं नारकोटिक्स इंदौर व नीमच टीम का सराहनीय योगदान रहा। साथ ही कार्रवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक, नीमच श्री अंकित जायसवाल एवं जिला पुलिस बल नीमच का भी सराहनीय योगदान रहा।  

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के कार्यों की हुई समीक्षा बैठक

भोपाल  अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि विभाग अंतर्गत अधोसंरचनात्‍मक विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए। अनुसूचित जाति बहुल ग्रामों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए। स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से अनुसूचित जाति के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित किए जाएँ। यह बात मंत्री श्री चौहान ने शुक्रवार को मंत्रालय में अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग की समीक्षा के दौरान कही। इस अवसर पर उन्होंने विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार, आयुक्त श्री सौरभ के सुमन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री चौहान ने भवन विहीन छात्रावासों के निर्माण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने को कहा जिससे छात्र- छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।उन्होंने ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों में निर्मित इंडोर स्‍टेडियमों में छात्रों के लिए खेल गतिविधियों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और ज्ञानोदय विद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए।साथ ही बस्‍ती विकास योजनान्तर्गत राशि के व्‍यय के संबंध में जानकारी प्राप्‍त की एवं बस्‍ती विकास कार्यो को समय सीमा में पूर्ण करने के लिए जिला कलेक्‍टरों को पत्र जारी करने के निर्देश दिए।पीएम आदि आदर्श योजना की समीक्षा जिला स्तर पर की भी की जाए। मंत्री श्री चौहान ने भारत सरकार से केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय की अद्यतन जानकारी प्राप्‍त कर लंबित कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने को कहा। इस दौरान अनुसूचित जाति छात्रावास, बाबू जगजीवन राव छात्रावास योजना, संत रविदास योजना,छात्रवृत्ति वितरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।