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लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर निकली एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गरिमा और गौरव के साथ भव्य स्वागत हो यूथ यात्रा का: मुख्यमंत्री डॉ. यादव लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर निकली एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 नवम्बर को पांढुर्ना जिले से प्रवेश कर 26 नवम्बर को झाबुआ होते हुए गोधरा जाएगी यूथ यात्रा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश को एक सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देश भर में चार यूथ (एकता) यात्राएं निकाली जा रही हैं। इनमें से नागपुर से निकलने वाली यूथ यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी। यह यात्रा पांढुर्ना जिले से मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के बाद बैतूल आएगी, फिर यहां से होते हुए इंदौर, धार, झाबुआ होते हुए गुजरात के गोधरा में प्रवेश करेगी। प्रदेश में आगमन से लेकर गुजरात में प्रस्थान करने तक पर इस यूथ यात्रा का पूरी गरिमा, गौरव और आत्मीयता के साथ भव्य स्वागत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को पटना से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के मध्यप्रदेश में प्रवास के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, रात्रि विश्राम, स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पौधरोपण आदि के संबंध में की जाने वाली सभी व्यवस्थाओं के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर माइक्रो प्लानिंग कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूथ यात्रा के पूरे मार्ग पर स्वागत, सरदार पटेल के जीवन पर आधारित चित्र, स्मरण लेख, कविता पाठ आदि की प्रदर्शनी, एक पेड़ मां के नाम, पोधारोपण की व्यवस्था, स्वच्छता के कार्यक्रम, स्वदेशी प्रदर्शनी, सांस्कृतिक मण्डलों के प्रदर्शन, लोक नृत्य, युवा संवाद, खिलाड़ियों की सहभागिता आदि सभी बातों की स्थानीय स्तर पर पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपस में उच्चकोटि का समन्वय रखकर इस आयोजन को सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने नागपुर से निकलकर मध्यप्रदेश से गुजरने वाली यात्रा की व्यापक तैयारियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग अधिक से अधिक युवाओं और खिलाड़ियों को इस यात्रा से जोड़े। यात्रा का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। उल्लेखनीय है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देश में चार एकता यात्राएं निकाली जा रही हैं। ये सभी एकता यात्रा 6 दिसंबर को केवड़िया पहुंचेगी, जहां एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें नागपुर, जयपुर, दिल्ली और मुंबई से एकता यात्राएं निकाली जा रही है। नागपुर से निकाली जा रही एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी। पांढुर्णा जिले से होकर यह यात्रा बैतूल पहुंचेगी। यहां यात्रा का स्वागत किया जाएगा। यात्रा 25 नंवबर को इंदौर पहुंचेगी। इस यूथ यात्रा में मध्यप्रदेश्, छत्तीसगढ़, आंध्रपदेश एवं महाराष्ट्र के करीब 385 युवा (पुरूष) सम्मिलित होंगे। यात्रा में 11 बसें और चार कारें शामिल होंगी। यूथ यात्रा का रूट चार्ट यह यूथ यात्रा सोमवार, 24 नवम्बर को सुबह 10 बजे नागपुर से प्रस्थान कर पांढुर्ना होते हुए बैतूल पहुंचेगी। इस दिन इसका रात्रि विश्राम बैतूल में होगा। यात्रा मंगलवार, 25 नवम्बर 2025 को सुबह बैतूल से प्रस्थान कर हरदा-खातेगांव-कन्नौद-डबल चौकी होते हुए इंदौर पहुंचेगी। इस दिन यात्रा का रात्रि विश्राम इंदौर में ही होगा। बुधवार, 26 नवम्बर को इस यात्रा का इंदौर में भव्य स्वागत कर जनसभा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होकर यात्रा का स्वागत करेंगे। इसके उपरांत इंदौर से प्रस्थान कर यह यात्रा धार-झाबुआ होते हुए गुजरात के गोधरा की सीमा में प्रवेश करेगी। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके, केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल, यूथ यात्रा के संयोजक श्री जीतू जिराती, श्री हितानंद शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधियों, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना, संचालक, खेल एवं युवक कल्याण श्री राकेश गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में शिरकत की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा—सरकार हमेशा राष्ट्रभक्त जवानों के समर्थन में

राज्य सरकार राष्ट्र की सेवा में तत्पर जवानों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहीद के छोटे भाई को प्रदान करेंगे सरकारी नौकरी परिजन की सभी आवश्यकताओं का भी रखेंगे ध्यान नक्सली मुठभेड़ में निरीक्षक की शहादत पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त कीं संवेदनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त अभियान में मध्यप्रदेश के बालाघाट में हॉक फोर्स में निरीक्षक श्री आशीष शर्मा बहादुरी से मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षक की शहादत पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार सदैव हमारे जवानों के साथ है। बहादुर जब वीरगति को प्राप्त होते हैं तो उन्हें स्वत: ही भगवान के श्री चरणों में स्थान मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार दु:ख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है। हम शहीद के छोटे भाई को सरकारी नौकरी प्रदान करेंगे। शहीद के परिवार की सभी आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे संकल्प की सिद्धि में बाधक नहीं बनेगी। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ हम सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे, जो गरीबों और लाचारों पर अन्याय करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सतना जिले के नागौद में मीडिया को संबोधित करते हुए ये बातें कही इस आशय के उद्गार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवादियों के खिलाफ केंद्रीय गृहमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित देशभर में लगातार कार्रवाई कर रही है। बुधवार को छत्तीसगढ़ में ज्वाइंट ऑपरेशन में केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ इंस्पेक्टर श्री आशीष शर्मा के बहादुरी से वीरगति प्राप्त करने का दु:खद समाचार मिला है। हमारी सरकार शहीद के परिवार के लिए सभी प्रबंध करेगी। सरकार दुख की इस घड़ी में उनके साथ है। शहीद के परिजन को सम्मान निधि सहित सारी सुविधाएं भी देने के प्रयास करेंगे।  

गुणवत्ता जांच में 7 दवाएं असफल: छिंदवाड़ा में खरीद–बिक्री पर बैन, स्टॉक हटाने के निर्देश

छिंदवाड़ा जिले में एक बार फिर दवाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बिछुआ इलाके में 5 महीने की मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में जांच के बाद 7 आयुर्वेदिक दवाएं अमानक पाई गई हैं। इसके बाद जिला आयुष विभाग ने इन सभी दवाओं की बिक्री और खरीदी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। 30 अक्टूबर को बिछुआ कस्बे में संदीप मिनोट की 5 महीने की बच्ची सर्दी-खांसी से पीड़ित थी। इलाज के लिए वे कुरोठे मेडिकल स्टोर पहुंचे, जहां से उन्होंने कासामृत सीरप और 16 पुड़िया दवाई खरीदीं। स्वजनों के मुताबिक, दवाई देने के कुछ समय बाद ही बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। स्वजनों ने मामले की शिकायत आयुष विभाग में की।   मानकों पर खरा नहीं उतरीं सातों दवाएं शिकायत के बाद आयुष विभाग ने मौके से दवाओं के सैंपल लेकर ग्वालियर की लैब में भेजे। रिपोर्ट आने पर पता चला कि कासामृत सीरप, गिलोय सत्व, कामदुधा रस, प्रवाल पिष्टी, मुक्ता शक्ति भस्म, लक्ष्मी विलास रस, कफ कुठार रस ये सातों दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरीं। रिपोर्ट आते ही जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला यावतकर ने कार्रवाई करते हुए इन सभी दवाओं की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध कर दिया है। विभाग ने मेडिकल स्टोर और सप्लायर्स को निर्देश जारी कर दिए हैं कि जब तक जांच पूरी न हो, इन दवाओं को न स्टॉक करें और न ही बेचें। छिंदवाड़ा में इससे पहले कोल्ड्रिफ सीरप से हुई 24 बच्चों की मौत ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी थी, जिसके बाद कोल्ड्रिफ और उसके बाद यह नया मामला सामने आने से जिले में दवाओं की गुणवत्ता पर फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद बिछुआ और आसपास के गांवों में लोग डर में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब छोटे बच्चों के लिए दी जाने वाली दवाएं ही सुरक्षित नहीं हैं, तो भरोसा कैसे करें? परिजनों ने मेडिकल स्टोर संचालक और दवा सप्लायर पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

MP की लोक परिवहन सेवा 7 चरणों में सड़कों पर लौटेगी, इंदौर में 50 किमी क्षेत्र में पहले चरण की बसें

भोपाल   प्रदेश में 20 साल से बंद सरकारी लोक परिवहन सेवा नए सिरे से 7 चरणों में सड़कों पर उतरेगी। पहले चरण में इंदौर और आसपास के 50 किमी क्षेत्र में अनुबंधित बसें चलेंगी। दूसरे चरण में इंदौर संभाग के सभी जिलों तक विस्तार होगा। भोपाल व उज्जैन शहर के 50 किमी के दायरे में आने वाले सभी शहर व अंतर शहरी रूट पर बसें दौडे़ंगी। 7वें चरण में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिले कवर होंगे। परिवहन विभाग के सचिव व मप्र यात्री परिवहन और इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के एमडी मनीष सिंह ने संचालक मंडल की पहली बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) के सामने पूरी कार्ययोजना पेश की। परिवहन सचिव ने सीएम को बताई योजना     इंदौर शहर से 50 किमी के दायरे में आने वाले सभी शहरी व अंतर शहरी रूट पर बसें चलेंगी।     इंदौर संभाग के सभी जिलों तक विस्तार। उज्जैन व भोपाल शहर से 50 किमी दायरे में आने वाले शहरी व अंतर शहरी रूट पर बसें दौड़ेंगी।     उज्जैन संभाग के सभी जिले कवर होंगे।     सागर व जबलपुर संभाग के जिलों में शुरुआत, रूट चिह्नित।     भोपाल-नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में लोक परिवहन सेवा जमीन पर उतरेगी।     रीवा व शहडोल संभाग के जिले कवर होंगे।     ग्वालियर व चंबल संभाग के सभी जिलों तक सेवा का विस्तार। देश में पहली बार परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सीएम को बताया कि लोक परिवहन सेवा के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम बना रहे हैं। यह देश का पहला सिस्टम होगा, जिसमें बस लोकेशन ट्रैकिंग, ऑटोमेटिक किराया संकलन, अलर्ट, शिकायत निवारण जैसे 18 मॉड्यूल होंगे। मुख्यमंत्री: फायदे वाले रूट पर ही दौड़कर न रह जाएं बसें मुख्यमंत्री ने पूरी कार्ययोजना देखी और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य अफसरों से राय ली। बोले-यह सरकार का सबसे बड़ा महत्वाकांक्षी और जनकल्याण से जुड़ा काम है। ध्यान रहे, बसें सिर्फ फायदे वाले रूटों तक ही न चलाएं। लोगों की जरूरत वाले रूट भी चिह्नित कर बसें दौड़ाएं। सीएम के ये सुझाव 15 साल या उससे पुरानी बसें नहीं चलाई जाएं। राज्यों के मॉडलों का एक बार और अध्ययन कराएं। जो अच्छा हो, उसे भी कार्ययोजना में शामिल करें। मप्र यात्री परिवहन व इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी का लोगो प्रतियोगिता के आधार पर तय करें। ऐसे तय होगा किराया यात्री किराए का निर्धारण थोक मूल्य सूचकांक, श्रम दर, ईंधन दर, पूंजीगत लागत और वर्तमान किराये के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा अन्य मापदंड भी देखे जाएंगे।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को हटाने पर बैतूल में संविदा कर्मचारियों का जोरदार विरोध

बैतूल प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्य करने वाले संविदा कर्मचारी 20 नवंबर को 22 जुलाई 2023 को समान्य प्रशासन विभाग से जारी संविदा नीति के विरोध में सभी जिला मुख्यालयों पर घंटी, थाली, चम्मच, लोटा बजाकर सरकार को जगाने के लिए प्रदर्शन करेंगे।उधर, बैतूल में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा दैनिक वेतन भोगी भृत्य को सेवा से पृथक करने के आदेश के विरोध में भोपाल में सतपुड़ा भवन में प्रदर्शन किया जाएगा। मध्यप्रदेश संविदा अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रांताध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा इसमें सुधार को लेकर जो घोषणा की गई थी उसके अनुसार आदेश जारी नहीं किए गए हैं। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राठौर ने बताया कि 20 नवंबर को पूरे प्रदेश में संविदा कर्मचारियों के द्वारा घंटी बजाई जाएगी और सरकार में बैठे अधिकारियों को कुंभकरण की नींद से जगाया जाएगा और संविदा नीति में संशोधन करने की मांग की जाएगी। संविदा कर्मचारी भोपाल में दोपहर 1:30 बजे राज्य शिक्षा केंद्र के सामने घंटी बजाकर सरकार को जगाएंगे और मांग करेंगे कि संविदा नीति की विसंगतियों को दूर किया जाए। यह संशोधन चाहते हैं संविदा कर्मचारी सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण के साथ एक लाइन जोड़ दी है जो ठीक नहीं है। इससे तो 2018 की संविदा नीति रही है जिसमें नियमित भर्ती के लिए निकलने वाले पदों का 20 प्रतिशत आरक्षण ही ठीक था। संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ की मांग है कि सरकार नियमित भर्ती का सीधे 50 प्रतिशत पद संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखें। इसमें किसी भी प्रकार का कोई किंतु, परंतु नहीं जोड़ा जाए और उन पदों पर वरिष्ठता के आधार पर नियमित किया जाए। नए और 25 साल से काम कर रहे कर्मचारियों का वेतन मान सही हो संविदा नीति 22 जुलाई 2023 में सातवां वेतन निर्धारण करते समय जो संविदा कर्मचारी अधिकारी समान पद पर 25-30 साल से कार्य कर रहा है और जो नया नियुक्त हो रहा है उसका वेतन और नए कर्मचारियों का वेतन एक समान है। वरिष्ठता के हिसाब से कोई वेतन निर्धारण नहीं किया गया है। वरिष्ठता के अनुसार संविदा कर्मचारियों को इतने वर्षों का इन्क्रीमेंट लगाते हुए, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति के अनुसार वेतन निर्धारण करते हुए वेतन निर्धारण किया जाना चाहिए। संविदा कर्मचारियों को पहले नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता प्रदान किया जाता था। 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में महंगाई भत्ते के सीन पर सीपीआई इंडेक्स कर दिया गया जिसके कारण संविदा कर्मचारियों के वेतन में बहुत कम वेतनवृद्धि होती है। इसलिए संविदा कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुसार वेतन और मंहगाई भत्ता दिया जाना चाहिए। ग्रेड पे में सुधार किया जाए विभागों ने 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के अनुसार बहुत से पदों के ग्रेड पे कम कर दिए हैं। जैसे वर्षों से डाटा एंट्री ऑपरेटर को 2400 ग्रेड पे के अनुसार वेतन दिया जा रहा था उनको 1900 रुपए कर दिया है। जिला परियोजना समन्वयक, विकास खण्ड समन्वयक, जिला महिला जेंडर समन्वयक इनका ग्रेड पे जो पहले मिल रहा था उससे कम कर दिया गया है। सहायक ग्रेड 1 को सहायक ग्रेड 3 बना दिया गया, लेखापाल का वेतन निर्धारण 2800 की जगह 2400 से कर दिया गया। प्रोग्रामर, एमआईएस, कोआर्डिनेटर, स्टेनोग्राफर इन सबका वेतन निर्धारण सही किया जाए । यह सब शासन के वित्त विभाग के दबाव में किया है। उसे सुधारा जाए और जिन पदों निर्धारण हुआ है, उनका निराकरण किया जाए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की जाए विभागों ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैसे भृत्य, चौकीदार, रसोईया, वाहन चालक इनकी भर्ती वर्षों से बंद कर रखी है, संविदा नीति 2022 में 50 प्रतिशत् का प्रावधान नियमित पद आरक्षण का प्रावधान किया है। विभिन्न विभागों में संविदा पर कार्य करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैसे भृत्य, चौकीदार, रसोईया, वाहन चालक का क्या होगा? इसके विभागों में जहां पर चतुर्थ श्रेणी और वाहन चालक के पद रिक्त हों, इनका सीधे उन विभागों में संविलयन कर नियमित किया जाए और नियमित वेतनमान दिया जाए। अवकाश देने में समानता हो 4 जुलाई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मचारियों के समान अवकाश दिए जाने की घोषणा की थी। जिसमें अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश, ऐच्छिक अवकाश, महिला संविदा कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव कर्मचारियों के लिए 7 दिन का विशेष अवकाश भी शामिल था। 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में जब आदेश आया उसमें आकस्मिक अवकाश के साथ केवल 15 दिन का विशेष अवकाश प्रदान किए गए। शासकीय आवास की पात्रता हो, मकान किराया भत्ता मिले संविदा कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान शासकीय आवास की पात्रता और मकान किराया भत्ता, वाहन भत्ता तथा नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं और लाभ दिया जाए। संविदा कर्मचारियों को भी मृत्यु होने पर नियमित कर्मचारियों के समान उसके परिवार को एक्सग्रेसिया का भुगतान किया जाए। ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति का लाभ उन संविदा कर्मचारियों को भी दिया जाए जो इस नीति के आने के पहले सेवानिवृत्ति हो चुके हैं या दिवंगत हो चुके हैं। उनके परिवार के आश्रित सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति और ग्रेच्युटी दी जाए। योजना परियोजना बंद होने से जिन संविदा कर्मचारियों को निष्कासित किया है या सेवा समाप्त की है उन संविदा कर्मचारियों को अन्य विभागों या उनकी योजनाओं में संविदा पर लिया जाए और जो योजनाएं समाप्त होने वाली हैं उनके कर्मचारियों के लिए उपक्रम बनाया जाए। जनजातीय कार्य विभाग के अस्थायी कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के बैनर तले आज बुधवार को बैतूल जिले के जनजाति कार्य विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी भृत्य, अंशकालीन कर्मचारी सहायक आयुक्त जिला बैतूल के कर्मचारी विरोधी आदेश के विरोध में कार्यालय आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग अरेरा हिल्स भोपाल में दोपहर 12 बजे प्रदर्शन करेंगे। आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को ज्ञापन सौंप कर कर्मचारी विरोधी आदेश को निरस्त करने की मांग करेंगे। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जिला बैतूल ने विकासखंड अधिकारियों को आदेश जारी करके निर्देश दिए हैं कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, भृत्य एवं अंशकालीन कर्मचारियों को सेवा में न रखा जाए जिस कारण विकासखंड अधिकारी वर्षों से सेवा कर रहे दैनिक वेतन भोगी भृत्य एवं अंशकालीन … Read more

PM मोदी कर सकते हैं भोपाल मेट्रो की पहली सवारी, कमर्शियल रन को जल्द हरी झंडी

भोपाल  भोपाल शहर में मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए सबसे अहम कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी अपनी रिपोर्ट इसी हफ्ते मेट्रो कॉरपोरेशन को दे सकते हैं। सब कुछ ’ओके’ होने के बाद प्रदेश सरकार को रिपोर्ट दी जाएगी। वहीं, नई दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। इंदौर में 31 मई को उन्होंने वर्चुअली तरीके से लोकार्पण किया था। सीएमआरएस 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी। अब बस रिपोर्ट का इंतजार अगले 3 दिन यानी, 13, 14 और 15 नवंबर को टीम ने डिपो से लेकर ट्रैक और ट्रेन तक निरीक्षण किया था। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के साथ टीम ने मेट्रो के नट-बोल्ड तक देखे थे। इसके बाद टीम वापस लौट गई। इसके साथ ही अब रिपोर्ट का इंतजार है। मेट्रो अफसरों का कहना है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी है और सीएमआरएस के पैमाने के हैं। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर असर नहीं पड़ेगा। इसलिए उम्मीद है कि सीएमआरएस की रिपोर्ट ’ओके’ ही रहेगी। इन हिस्सों की जांच हुई -रख-रखाव मानकों की जांच। -ट्रेन परीक्षण दस्तावेजों और संचालन नियंत्रण केंद्र की समीक्षा। -पावर सप्लाई और थर्ड रेल सिस्टम का परीक्षण। -स्वचालित ट्रेन नियंत्रण, एटीएस/एटीपी सिस्टम। -आपातकालीन ब्रेकिंग, इंटरलॉकिंग। -फायर सेफ्टी, यात्री सुविधाएं व स्टेशन मैनेजमेंट की भी जांच।

सीएम मोहन ने बनाया ऐसा माहौल कि उद्योगपतियों को हर चीज की गारंटी, MP में निवेश को लेकर उत्साह

भोपाल दुनिया के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश रास आ रहा है। वे प्रदेश में करोड़ों रुपये का निवेश और हजारों लोगों को रोजगार देने के लिए तैयार हैं। इन निवेशकों को दूसरे राज्यों से भी उद्योग स्थापित करने के लिए निमंत्रण हैं, लेकिन वे व्यापार के लिए मध्यप्रदेश को ही चुन रहे हैं। दरअसल, उद्योगपतियों-इंवेस्टर को राज्य के मुखिया डॉ. मोहन यादव का व्यवहार बेहद पसंद आ रहा है। उनका व्यवहार देख बिजनेसमैन को अपने बिजनेस और सुरक्षा की गारंटी नजर आ रही है। इसलिए वे देश के दिल को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ इंवेस्टर के उद्योगों का तो कुछ ही महीनों में भूमि-पूजन से लोकार्पण भी होने जा रहा है। इन सब बातों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रदेश की नई उद्योग नीति पूरे देश में मॉडल बनकर उभरेगी।     गौरतलब है कि, देश-प्रदेश के उद्योगपति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा करते नहीं थक रहे। इसी कड़ी में जैस्कन ग्रुप के चेयरमैन समीर गुप्ता ने भी बड़ी बात कही। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश का विकास जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है, ठीक उसी तरह मध्यप्रदेश का विकास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। मक्सी में निवेश करने का केवल एक ही कारण है वह है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वभाव और स्नेह। गुप्ता ने कहा कि जिस तरह उन्होंने हमारा स्वागत किया, वह अद्भुत है।  8 हजार करोड़ का निवेश समीर गुप्ता ने कहा कि हमें अन्य राज्यों से भी निमंत्रण थे, लेकिन हमने निवेश के लिए मक्सी का ही चयन किया। हम तीन साल में यहां 8 हजार करोड़ का निवेश करने वाले हैं। मुझे यह घोषणा करने में प्रसन्नता हो रही है कि हमारे निवेश का पहला चरण 15 जुलाई 2026 में पूरा हो जाएगा। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से निवेदन करूंगा कि वे उस वक्त भी समय निकालकर उसका उद्घाटन करने आएं।  तेजी से विकास कर रहा प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि  समीर गुप्ता का वक्तव्य यह बता रहा है कि आज भूमि-पूजन हुआ और जुलाई में लोकार्पण हो जाएगा। सात महीने के अंदर जिस कारखाने का भूमि-पूजन होकर लोकार्पण हो जाए तो इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व देश विकसित होने की ओर बढ़ रहा है। क्या है मध्यप्रदेश की उद्योग नीति  सरकार ने इसी साल औद्योगिक संवर्धन नीति-2025 को स्वीकृति दी। इसका उदेश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य की वर्तमान जीडीपी को 2.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रुपये करने में उद्योगों का योगदान बढ़ाना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक ईको सिस्टम प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित करना,निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित कर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है।

MP में हेली सेवाओं की बड़ी सुविधा: इंदौर–ओंकारेश्वर 25 मिनट, भोपाल–पचमढ़ी का समय घटा; किराया जारी

भोपाल   मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग 8 बड़े शहर और 3 नेशनल पार्क के लिए हेलिकॉप्टर सेवा कल 20 नवंबर से शुरू कर रहा है। इंदौर से ओंकारेश्वर जाने में सिर्फ 25 और भोपाल से पचमढ़ी पहुंचने में 40 मिनट लगेंगे। यह खबर पर्यटकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहींl इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी हो या कान्हा, बांधवगढ़-STR (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) और दोनों ज्योतिर्लिंग। पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा की नियमित उड़ानें यहां के लिए रहेंगी। इंदौर-ओंकारेश्वर का किराया 2500 और भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार रुपए तय किया गया है। पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा में एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि कम समय पर सीधे स्पॉट तक लोग जा सकेंगे, लेकिन यदि टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रोसेस लंबी है। बात भोपाल की करें तो गांधीनगर में एयरपोर्ट है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के पर्यटक को एयरपोर्ट पहुंचने में ही 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। अंतरराज्यीय वायु सेवा वाला पहला स्टेट बनेगा हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद एमपी देश में अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला स्टेट बन जाएगा। सप्ताह में 5 दिन हेलिकॉप्टर उड़ेंगे, जो 3 सेक्टर- वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे। अभी 4 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर, 2 ज्योतिर्लिंग- महाकाल उज्जैन और ओंकारेश्वर खंडवा, 3 नेशनल पार्क- कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा और 3 धार्मिक शहर- अमरकंटक, चित्रकूट-मैहर को जोड़ा गया है। सुविधा मिलेगी, लेकिन प्रोसेस लंबी होगी पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा में एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि कम समय पर सीधे स्पॉट तक लोग जा सकेंगे, लेकिन यदि टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रोसेस लंबी है। बात भोपाल की करें तो गांधीनगर में एयरपोर्ट है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के पर्यटक को एयरपोर्ट पहुंचने में ही 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। फिर चेक इन की प्रोसेस। ऐसे में 2 से 3 घंटे का वक्त लगेगा। थोड़ा समय बचेगा, पर खर्च ज्यादा होगा भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार है। यदि भोपाल से पचमढ़ी कार से पहुंचा जाए तो एक फैमिली 5 हजार रुपए से कम खर्च में पहुंच जाएगी, जबकि हेलिकॉप्टर से एक फैमिली के 5 सदस्यों का किराया 25 हजार रुपए लगेगा। दूसरी ओर, हेलिकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंचने में औसत समय ढाई से तीन घंटे आएगा। इसमें घर से एयरपोर्ट, फिर चेक इन और आउट, उड़ान का समय भी शामिल हैं। अब बचे दो से ढाई घंटे के लिए पांच सदस्यों की एक फैमिली पर 20 हजार रुपए का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, जिम्मेदार हेलिकॉप्टर को लेकर अच्छा रिस्पांस मिलने की बात कह रहे हैं। फिर चेक इन की प्रोसेस। ऐसे में 2 से 3 घंटे का वक्त लगेगा। दूसरी ओर, भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार है। यदि भोपाल से पचमढ़ी कार से पहुंचा जाए तो एक फैमिली 5 हजार रुपए से कम खर्च में पहुंच जाएगी, जबकि हेलिकॉप्टर से एक फैमिली के 5 सदस्यों का किराया 25 हजार रुपए लगेगा। दूसरी ओर, हेलिकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंचने में औसत समय ढाई से तीन घंटे आएगा। इसमें घर से एयरपोर्ट, फिर चेक इन और आउट, उड़ान का समय भी शामिल हैं। अब बचे दो से ढाई घंटे के लिए पांच सदस्यों की एक फैमिली पर 20 हजार रुपए का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, जिम्मेदार हेलिकॉप्टर को लेकर अच्छा रिस्पांस मिलने की बात कह रहे हैं। हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद एमपी देश में अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला स्टेट बन जाएगा। सप्ताह में 5 दिन हेलिकॉप्टर उड़ेंगे, जो 3 सेक्टर- वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे। अभी 4 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर, 2 ज्योतिर्लिंग- महाकाल उज्जैन और ओंकारेश्वर खंडवा, 3 नेशनल पार्क- कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा और 3 धार्मिक शहर- अमरकंटक, चित्रकूट-मैहर को जोड़ा गया है। सेक्टर-1 : इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच उड़ान इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुमंतिया, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा शामिल हैं। यानी, मालवा-निमाड़ का बेल्ट शामिल रहेगा। पहले फेज में इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच हेलिकॉप्टर की सप्ताह में 5 दिन नियमित उड़ान रहेगी। सबसे कम किराया 5 हजार तो सबसे ज्यादा साढ़े 6 हजार रुपए है। इन पांच दिन सेवा होगी     सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और मंगलवार।     2 दिन- बुधवार और गुरुवार को कोई उड़ान नहीं रहेंगी। सेक्टर-2: भोपाल, पचमढ़ी-मढ़ई के बीच सेवा इस सेक्टर में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो, ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, टीकमगढ़ शामिल हैं। फस्र्ट फेज में भोपाल, पचमढ़ी और मढ़ई के बीच उड़ान रहेगी। भोपाल से पचमढ़ी की दूरी 1.10 घंटे में और पचमढ़ी से मढ़ई की दूरी सिर्फ 20 मिनट में तय होगी। यहां दो तरह की उड़ानें रहेंगी। पहली डायरेक्ट और दूसरी कनेक्टिंग। कलेक्टिंग भोपाल से पचमढ़ी के बीच ही होगी। न्यूनतम 3 हजार और अधिकतम 5 हजार रुपए किराया रहेगा। सेक्टर-3: दो नेशनल पार्क…मैहर, अमरकंटक-चित्रकूट भी शामिल इसमें जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसुली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी शामिल हैं। फस्ट फेज में जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, कान्हा, बांधवगढ़, अमरकंटक शामिल हैं।     यानी, दो नेशनल पार्क– कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हेलिकॉप्टर के जरिए पहुंच सकेंगे तो अमरकंटक, चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों पर भी उड़कर आ-जा सकेंगे।     सबसे कम किराया मैहर से चित्रकूट का है। वहीं, सबसे ज्यादा 6250 रुपए किराया जबलपुर से कान्हा पार्क तक लगेगा। आसमान से दिखेंगी सतपुड़ा की वादियां भोपाल से पचमढ़ी पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से 200 किमी की दूरी तय करना पड़ती है। जिसमें 4.5 से 5 घंटे तक लगते हैं। यहां सीधी रेल सेवा नहीं है। पिपरिया तक रेल और फिर सड़क मार्ग से ही पचमढ़ी जाया जा सकता है। ऐसे में अब टूरिस्ट आसमान के रास्ते भी पचमढ़ी-मढ़ई जा सकेंगे। सुबह 11.15 से दोपहर 12 बजे तक 45 मिनट तक पचमढ़ी के ऊपर जॉय राइड भी होगी। यानी, हेलिकॉप्टर में बैठकर टूरिस्ट सतपुड़ा की वादियां भी देख सकेंगे। दो दिन बंद रहेगी, पांच दिन उड़ेंगे हेलिकॉप्टर बुधवार और गुरुवार को सेवा बंद रहेगी। PPP मॉडल के तहत यह सेवा संचालित होगी। सेक्टरों के लिए तीन साल का अनुबंध किया गया है। सेक्टर-1: ट्रांस … Read more

पन्ना डायमंड अब बन गया है एक ब्रांड, इससे बनेंगे निवेश के नए अवसर

जीआई टैग मिलने से पन्ना डायमंड को मिली है वैश्विक पहचान रैपुरा में बनेगा नवीन महाविद्यालय ग्राम पंचायत शाहनगर को नगर परिषद बनाया जाएगा शाहनगर ब्लॉक में खुलेंगे दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना की रत्नगर्भा भूमि किसी पहचान की मोहताज नहीं है। पन्ना ने खुद के साथ मध्यप्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन दिनों जहां देखो, उधर अपना पन्ना ही चमक रहा है। पन्ना की पुण्यधरा से निकलने वाले पारस (हीरा) से मध्यप्रदेश पूरे विश्व में मशहूर हो रहा है। मध्यप्रदेश को 'डायमंड स्टेट' और 'टाइगर स्टेट' का दर्जा दिलाने का श्रेय भी पन्ना को ही जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना डायमंड को जीआई टैग मिलने पर जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि जीआई टैग ने पन्ना की पहचान पर अब वैश्विक मुहर लगा दी है। अब पूरी दुनिया यहां के हीरों को 'पन्ना डायमंड' के नाम से ही जानेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'पन्ना डायमंड' अब एक ब्रांड के रूप में उभर रहा है। इससे न सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में पहचान बढ़ेगी, बल्कि वैल्यू-चेन, माइनिंग, प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट और जेम-आधारित उद्योग, सबमें निवेश के नए अवसर सामने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पन्ना जिले को बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने वाली है। आज पन्ना और छतरपुर के बीच भव्य राजगढ़ पैलेस होटल का शुभारंभ भी हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शाहनगर में हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां करीब 83 करोड़ रूपए की लागत वाले 14 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 9 करोड़ रूपए की लागत से बनी बिसानी-श्यामगिरी-कल्दा-सलेहा वाया मैन्हा मार्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण एवं 74 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री ने 4.25 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले पवई में तिघरा बैराज का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन कर हितग्राही सम्मेलन की शुरूआत की। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मारतम् गायन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर रैपुरा में नवीन महाविद्यालय खोलने, वर्तमान ग्राम पंचायत शाहनगर को नगर परिषद बनाने तथा शाहनगर ब्लॉक में दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने करीब 135 करोड़ की लागत से टिकरिया-रीठी वाया खमरिया मार्ग का निर्माण करने, शाहनगर-बोरी-चमरईया सड़क मार्ग के चौड़ीकरण सहित पुराने बांधों की नहरों का सर्वे कराकर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का काम कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पवई और शाहनगर महाविद्यालय में विधि और विज्ञान संकाय भी शुरु किया जाएगा तथा शाहनगर के बंद उद्योग फिर से शुरू कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना के विकास को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार पन्ना में 15 करोड़ की लागत से डायमंड बिजनेस पार्क तैयार कर रही है। यह पार्क पन्ना की अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय लिखेगा। इसके साथ बड़ागांव में 40 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक पार्क का विकास लगभग पूर्ण है। वर्षों से बंद पड़ी एनएमडीसी परियोजना को हमने पुनः प्रारंभ कराया गया है, जिससे बड़े स्तर पर हीरो का खनन एक बार फिर प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना जिले के विकास को नया रूप देगी। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना से जिले में 1 लाख 35 हज़ार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 600 से अधिक गांवों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। हमारे पवई को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पन्ना टाइगर रिज़र्व, विश्व प्रसिद्ध हीरे, समृद्ध वन संपदा, केन नदी का अ‌द्भुत कछार और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियां सब मिलकर आने वाले वर्षों में जिले की अर्थव्यवस्था को एक नए स्वरूप में ढालने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पन्ना टाइगर रिज़र्व वाइल्ड लाइफ टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। बाघों की बढ़ती संख्या, पार्क की वैश्विक प्रतिष्ठा और पर्यटकों का रुझान, स्थानीय युवाओं के लिए गाईडिंग, होटल रिसॉर्ट, ट्रांसपोर्ट और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर बना रहा है। सरकार द्वारा होम-स्टे, एडवेंचर टूरिज्म और कनेक्टिविटी सुधारने के प्रयासों से क्षेत्र के विकास को गति मिल रही है। हम पन्ना जिले के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण में पन्ना पूरे प्रदेश में अग्रणी है। यहां 10 हज़ार 301 स्व-सहायता समूहों की 1 लाख से अधिक बहनों को 180 करोड़ रुपए से ज़्यादा का बैंक लिंकेज मिला है, जिसमें से लगभग 18 हज़ार महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना जिले की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। लाड़ली बहनों को प्रति माह 1500 रुपए राशि भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि पन्ना जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए करीब 25 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है और संबंधित निवेशक के साथ एमओयू भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पवई बांध ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना द्वारा 158 ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।  

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बीएलओ से संवाद कर प्रतिदिन कार्य की करें समीक्षा

भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना और सचिव श्री बिनोद कुमार ने वर्चुअल बैठक, एसआईआर कार्य के प्रगति की समीक्षा की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र, सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी व अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी नगर पालिक निगमों के कमिश्नर हुए शामिल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 बीएलओ को किया सम्मानित भोपाल भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना एवं सचिव श्री बिनोद कुमार ने बुधवार को वर्चुअल बैठक की। इस दौरान प्रदेश में चल रहे एसआईआर के कार्य की प्रगति की जिलेवार समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा सहित सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी नगर पालिक निगमों के कमिश्नर शामिल हुए। भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना ने कहा कि एसआईआर के कार्य को सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गंभीरता से लें। चुनावी मोड पर कार्य करें। लापरवाही ना करें। बैठक के दौरान निदेशक श्रीमती सक्सेना ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को बांटे जा रहे गणना पत्रक, मैपिंग और डिजिटलाइजेशन के कार्य की समीक्षा की और बेहतर कार्य करने वाले जिलों की प्रशंसा की। भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना ने सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी कमिश्नर नगर पालिक निगम को जल्द से जल्द डिजिटलाइजेशन का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सभी जिले कार्ययोजना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। प्रत्येक दिन बीएलओ के कार्य की समीक्षा कर बीएलओ से संवाद करें एवं कार्य में आ रही कठिनाइयों का त्वरित निराकरण करें। सहयोग के लिए वालेंटियर्स को लगाएं। कलेक्टर मैदानी स्तर पर जाकर एसआईआर कार्य की प्रगति देखें। आयोग द्वारा प्रतिदिन आपके कार्य की निगरानी और समीक्षा की जा रही है। आप भी अपने अपने जिलों में प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करें। इस दौरान प्रदेश में सबसे अच्छा कार्य करने वाले जिले अशोक नगर, सीहोर, पांढुर्णा, बालाघाट और नर्मदापुरम् के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से उनकी कार्यप्रणाली जानी गई जिससे अन्य कलेक्टर्स भी आवश्यक सुधार कर सकें। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने सभी कलेक्टर्स को प्रतिदिन समीक्षा और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 10% से अधिक गणना पत्रक के डिजिटलाइजेशन के कार्य का लक्ष्य तय करें। एक सप्ताह के अंदर सभी कार्य पूरा करें। जो डाटा मैपिंग हो चुका है उसका डिजीटलाइजेशन सुनिश्चित करें। प्रदेश के 6 बीएलओ हुए सम्मानित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने मध्यप्रदेश निर्वाचन सदन भोपाल में 6 बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारियों) को उत्कृष्ट कार्य करने पर शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि प्रदेश के अन्य बीएलओ को इनसे प्रेरणा लेकर त्वरित लक्ष्य पूर्ति के लिये प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विधानसभा में सर्वप्रथम शत् प्रतिशत कार्य पूरा करने वाले बीएलओ को भोपाल में सम्मानित किया जाएगा। बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने राजगढ़ जिले के बीएलओ श्री देवकरण शर्मा, देवास जिले के श्री महेन्द्र सिंह परमार, सीहोर जिले के श्री भूरुलाल गहरवाल, श्री गजराज सिंह, बैतूल जिले के श्री दीपक वर्मा और भोपाल जिले के बीएलओ श्री सुरेश वर्मा को सम्मानित किया है। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रामप्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी व श्री राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।