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भावांतर योजना: सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़ा, अब 4271 रुपए

भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 21 नवंबर को 4271 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए और 20 नवंबर को 4267 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए   प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।

मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना होगी और मजबूत, बहनें होंगी मालामाल

भोपाल  प्रदेश की 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों को और सशक्त बनाने के लिए मोहन सरकार नया प्लेटफार्म लेकर आ रही है। यह लाड़ली बहना योजना के तहत ही आएगा। इसमें बहनों को उद्योग धंधे लगाने में अतिरिक्त छूट मिलेगी। वे चाहेंगी तो उन्हें मासिक किस्त का एक मुश्त भुगतान किया जाएगा। रोजगार व स्वरोजगार में योग्यता के आधार पर अतिरिक्त छूट दी जाएगी। ये सभी बदलाव उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश के आधार पर होंगे। दरसअल, मप्र से लेकर अन्य राज्यों में भाजपा और एनडीए को चुनाव में संजीवनी देने का मूल आधार मानी जा रही लाड़ली बहना योजना में मोहन सरकार पहली बार बड़ा बदलाव करने जा रही है। योजना के मूल स्वरूप में बदलाव किया जाएगा। यह काम महिला मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति के सुझावों के आधार पर होगा। समिति बनाने पर पिछली कैबिनेट में सहमति बन चुकी है। ये होगी समिति राज्य सरकार अब तक लागू की जा चुकी महिला सशक्तीकरण आधारित योजनाओं की समीक्षा करने जा रही है। यह काम महिलाओं और विशेषज्ञों को करना है। इसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को अध्यक्ष बनाया जा रहा है। मंत्री संपत्तिया उइके, मंत्री कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी व राधा सिंह को शामिल किया जाएगा। समिति गठित करने संबंधी प्रस्ताव बनाया जा रहा है। यह समिति लाड़ली बहना योजना का सूक्ष्मतम अध्ययन करते हुए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करेगी। बदलाव की वजह है विजन डॉक्यूमेंट- 2047 के लक्ष्य विजन डॉक्यूमेंट-2047 के तहत प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 2029 तक 27.7 लाख करोड़ और 2047 तक 250 लाख करोड़ करने का लक्ष्य है। अभी प्रति व्यक्ति आय 1.6 लाख है। इसे सरकार 2029 तक 3 लाख से अधिक और 2047 तक 22 लाख से अधिक करना चाहती है। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि महिलाओं के आर्थिक रूप से संपन्न होने पर ही यह हो सकेगा। इसलिए उन्हें आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। यही वजह है कि सरकार महिला कल्याण और सशक्तीकरण से जुड़ी सभी योजनाओं (Ladli Behna Yojana) की समीक्षा करने जा रही है। इसमें मुख्य तौर पर लाड़ली बहना योजना भी है। योजना में ये बदलाव संभव अभी 1500 रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं। यह राशि हर माह न देकर कुछ वर्षों की राशि एक मुश्त दी जा सकती है। ताकि यह उद्योग-धंधे लगाने में काम आए। आगे योजना में शामिल करने के लिए शेष बहनों के लिए पंजीयन को खोला जा सकता है। योजना को पूरी तरह बहनों की आर्थिक समृद्धि में बदला जा सकता है। ताकि मासिक किस्त से ज्यादा वे खुद कमा सकें। इसके लिए बहनों को जनकल्याण की लगभग सभी योजनाओं में अतिरिक्त छूट मिल सकती है। यदि कोई बहना मासिक किस्त की बजाए, अन्य मदद चाहेंगी और वे उसके लिए योग्य होंगी तो उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। लाड़ली बहना योजना में ऐसे बढ़ी राशि -लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत मार्च 2023 में हुई। तब हर माह 1.29 करोड़ बहनों को 1000 रुपए दिए जाते थे। -तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राशि में 250 रुपए की वृद्धि की और सितंबर 2023 से 1250 रुपए मिलने लगे। -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 250 रुपए और बढ़ाने का ऐलान किया। 11 नवंबर को 2025 को कैबिनेट में मंजूरी मिली और इसी माह 1.26 करोड़ बहनों को 1500 रुपए ट्रांसफर किए। अब तक लाड़लियों को 45 हजार करोड़ दिए मध्य प्रदेश सरकार अब तक लाड़ली बहनों को 45 हजार करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुमानित खर्च 20,450.99 करोड़ है। इसमें से भी आधी दी जा चुकी है। नवंबर 2025 से 250 रुपए बढ़ाने के बाद यह खर्च और बढ़ेगा। राज्य हर महीने लाड़लियों पर 1600 करोड़ खर्च कर रही है। इधर, किस्त 3 हजार करने पर राजनीति लाड़ली बहनों को दी जा रही किस्त (Ladli Behna Yojana) पर राजनीति जारी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कई बार मंचों से कह चुके हैं कि भाजपा ने बहनों को प्रति माह 3000 रुपए देने का वादा किया था। जवाब में भाजपा चरणवार बढ़ोतरी की बात करती रही है।

जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप मामले में छिंदवाड़ा पुलिस की कामयाबी, सप्लायर 3 दिन की रिमांड पर

छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में 24 बच्चों की जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से मौत हो गई थी. कफ सिरप में जिस केमिकल की ज्यादा मात्रा मिलाने से वह जानलेवा हो गया था, उसे सफ्लाई करने वाले व्यक्ति को SIT की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. उसे परासिया कोर्ट में पेश करने के बाद पूछताछ के लिए 3 दिन की रिमांड पर लिया है. श्रेसन कंपनी को डायथिलीन ग्लाइकॉल का सफ्लायर गिरफ्तार छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप कोल्ड ड्रिंक से 24 बच्चों की मौत को लेकर पुलिस ने एसआईटी की टीम गठित की थी. एसआईटी के प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया कि, ''अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. श्रेशन कंपनी का कोल्ड्रिफ सिरप जिसमें डायथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा अधिक पाई गई थी, जिसकी वजह से बच्चों की किडनी खराब हो रही थी. इस केमिकल को सप्लाई करने वाले व्यक्ति को भी टीम ने गिरफ्तार कर परासिया कोर्ट में पेश किया है. जहां से पूछताछ के लिए तीन दिनों की रिमांड ली गई है.'' मेडिकल दुकानों में नहीं हो रहा नियमों का पालन, 8 के लाइसेंस सस्पेंड जहरीले कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के बाद जिला औषधि एवं खाद्य विभाग भी लगातार मेडिकल दुकानों पर जांच कर कार्रवाई कर रहा है. इसके चलते परासिया की 7 मेडिकल दुकान और छिंदवाड़ा की एक दुकान पर नियम का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. दुकानदारों ने सही समय पर उचित कारण नहीं बता पाया इसलिए आठ मेडिकल दुकानों के अलग-अलग दिनों के लिए लाइसेंस सस्पेंड भी किए गए हैं. 1). दिनेश मेडिकल स्टोर परासिया सात दिवस के लिए निलंबित 2). गुप्ता मेडिकल स्टोर 15 दिन के लिए निलंबित छिदवाडा 3). हरसोरिया मेडिकल स्टोर परासिया 12 दिन के लिए निलंबित 4). कैलाश मेडिकल स्टोर परासिया सात दिवस के लिए निलंबित 5). न्यू सिटी मेडिकल स्टोर परासिया 10 दिन के लिए निलंबित 6). निलेश मेडिकल स्टोर परासिया 7 दिन के लिए 7). राय मेडिकल स्टोर परासिया 12 दिन के निलंबित 8). सुमित मेडिकल स्टोर परासिया 7 दिन के लिए सस्पेंड किए गए हैं. छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल में 24 बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद हो गई थी. सिरप पीने के बाद बच्चों की किडनी फेल हो गई थी. जांच में पाया गया कि बच्चों को दिए गए सिरप में जहरीला पदार्थ मिला हुआ था. इस मामले में सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक, उस सिरप को प्रिसक्राइव करने वाले डॉक्टर, मेडिकल स्टोर में बेचने वाले फार्मासिस्ट, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. 

जुबिन नौटियाल ने महाकाल मंदिर में दी भस्म आरती की पूजा, टूर की शुरूआत का किया एलान

उज्जैन  बॉलीवुड के मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल शुक्रवार तड़के उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर अपने आने वाले इंडिया टूर की सफलता की प्रार्थना की। सुबह लगभग 4 बजे वे महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल से भस्म आरती में शामिल हुए। शिव भक्ति में पूरी तरह डूबे जुबिन का चेहरा आध्यात्मिक उत्साह से चमक रहा था। दर्शन के बाद उन्होंने देहरी से महाकाल का आशीर्वाद लिया। बताया जाता है कि जुबिन महाकाल के गहरे भक्त हैं—दो साल पहले भी वे भस्म आरती में शामिल होकर भजन प्रस्तुत कर चुके हैं। इस बार भी मंदिर समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष पलवाडिया ने उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। जुबिन गुरुवार देर रात इंदौर पहुंचे थे और शुक्रवार दोपहर भोपाल के लिए रवाना होंगे। उनका मल्टी-सिटी इंडिया टूर दिसंबर से शुरू हो रहा है, जिसे लेकर वे बेहद उत्साहित हैं और इसे शुरू करने से पहले महाकाल का आशीर्वाद लेना उन्होंने आवश्यक समझा। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्था की सराहना की और कहा — "यह मेरा चौथा महाकाल दर्शन है… यहां की भक्ति और श्रद्धा हर बार मन को शांति देती है।

बुरहानपुर में SIR रिव्यू कार्रवाई: लापरवाही पर नोटिस, दो ब्लॉकों को मिला सम्मान

बुरहानपुर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्य प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा SIR को लेकर की गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद बुरहानपुर जिले में भी इस कार्य में तेजी आई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हर्ष सिंह ने बुरहानपुर जिले में SIR कार्य की समीक्षा की। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर 17 अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इनमें 5 बीएलओ सुपरवाइज़र, 7 बीएलओ और 5 नोडल अधिकारी शामिल हैं। वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने पर दो बीएलओ को सम्मानित भी किया गया।  मध्य प्रदेश में चल रहे SIR कार्य की प्रगति में बुरहानपुर जिला बुधवार को प्रदेश में 17वें स्थान पर रहा, जबकि शहरी क्षेत्र में प्रदेश की 16 नगर निगमों में बुरहानपुर शहर SIR कार्य में पहले स्थान पर चल रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी हर्ष सिंह ने अपील की है कि मतदाता अपने फॉर्म भरने के बाद अंतिम तारीख का इंतजार न करें। वह तुरंत अपने बीएलओ के पास जाकर फॉर्म जमा कर दें।

मध्य प्रदेश में जनधन खातों का दुरुपयोग, बैतूल पुलिस ने ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य पकड़े

 बैतूल बैतूल पुलिस ने  साइबर ठगों के शातिर गिरोह का खुलासा किया है। आरोपित अलग अलग तरीकों से ठगी करते थे और यह रकम निकालने के लिए ग्रामीणों के जनधन खाते इस्तेमाल करते थे। इस काम में बैंक का अस्थायी कर्मचारी भी उनकी मदद करता था। पुलिस ने बैंककर्मी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे दो लैपटाप, 11 बैंक पासबुक, 21 एटीएम कार्ड, 15 मोबाइल, 25 सिम, दो पीओएस मशीनें और 28 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। चार माह में 1.5 करोड़ का लेनदेन पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के मुताबिक 14 अक्टूबर 2025 को कनारा के मजदूर बिसराम इवने ने शिकायत की थी। खेड़ी सांवलीगढ़ स्थित बैंक आफ महाराष्ट्र में खुले उसके जन धन खाते से चार माह (जून से अक्टूबर तक) में लगभग 1.5 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। पुलिस ने बैंक प्रबंधन के सहयोग से जांच शुरू की तो सात खातों से नौ करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रुपये का लेनदेन सामने आया। ये खाते बिसराम इवने, नर्मदा इवने, मुकेश उइके, नितेश उइके, राजेश बर्डे, अमोल और चंदन के थे। राजेश बर्डे का बैंकखाता उसकी मृत्यु के बाद भी संचालित किया जा रहा था। आरोपित पांच तरीकों से करते थे ठगी पुलिस ने अस्थायी बैंककर्मी राजा उर्फ आयुष चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कई राज खोले। बताया कि इंदौर निवासी अंकित राजपूत के कहने पर वह ऐसे खाता धारकों की जानकारी दे देता था जो लंबे समय से लेनदेन करने नहीं आते थे। पुलिस ने गिरोह के सरगना इंदौर के नंदानगर निवासी अंकित राजपूत (32) और उसके साथी नरेन्द्र राजपूत (24) को भी गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक जैन ने बताया कि आनलाइन ठगी के पांच माध्यम सामने आए हैं। इनमें गेमिंग एप, बैटिंग एप, क्रिप्टो करंसी फ्राड, फिशिंग फ्राड समेत अन्य आनलाइन ठगी माध्यम शामिल हैं।

84 साल का रिकॉर्ड टूटा: मध्यप्रदेश में शीतलहर, पचमढ़ी और अन्य शहरों में तापमान बेहद गिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस नवंबर का मौसम अब तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 6 नवंबर से शुरू हुई कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने प्रदेशवासियों की सांसें रोक रखी थीं। पचमढ़ी जैसे हिल स्टेशन में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना रहा।हालांकि, हवाओं का रुख बदलने के साथ अब प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होने लगी है, जिससे ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, रात में भोपाल में 9.6 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 8.5 डिग्री, खरगोन में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्रीर दर्ज किया गया। बाकी शहरों में भी पारे में गिरावट देखने को मिली है। इस बार प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। प्रदेश का मालवा-निमाड़ सबसे ठंडा है। भोपाल में तो पिछले 10 दिन से कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चल रही है। यहां अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट है। कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, खंडवा और खरगोन में तेज शीतलहर का प्रभाव देखा गया। गुरुवार की रात का सबसे कम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में दूसरा सबसे कम तापमान है। नवंबर के पहले सप्ताह में ही कड़ाके की ठंड इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड है। स्थिति यह है कि रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। इस वजह से भोपाल में नवंबर की सर्दी का पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। वहीं, इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी है। मौसम विभाग ने पूरे नवंबर में तेज ठंड का दौर बरकरार रहने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट है। फिर शीतलहर से थोड़ी राहत मिल सकती है। 22 नवंबर को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होगा 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है। इस बार नवंबर में पहले सप्ताह में ही तेज ठंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम… भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है। यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। दिन का तापमान और कोहरा दिन में अधिकतम तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जबलपुर के भेड़ाघाट में घना कोहरा छाया रहा। इस तरह, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद बदलता रहा। लो प्रेशर एरिया और भविष्य का पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने जा रहा है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर 5.8 किलोमीटर तक ऊपरी हवा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 22 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिप्रेशन 24 नवंबर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में विकसित हो सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है। इस प्रभाव के चलते अगले 3-4 दिन प्रदेश में तापमान में हल्की वृद्धि देखने को मिलेगी। उसके बाद फिर से ठंड और शीतलहर का सिलसिला शुरू होने की संभावना है। इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।   MP के शहरों में तापमान एमपी के इन शहरों में इतना टेम्प्रेचर शहर रात का तापमान राजगढ़ 7.5 पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 7.6 गिरवर (शाजापुर) 7.8 शिवपुरी 8.0 नौगांव (छतरपुर) 8.3 खंडवा 8.4 नरसिंहपुर 8.8 खरगोन 9.0 उमरिया 9.0 रायसेन 9.6 छिंदवाड़ा 10.0 रतलाम 10.1 रीवा 10.1 मलाजखंड (बालाघाट) 10.7 मंडला 10.8 बैतूल 11.0 दतिया 11.3 गुना 11.4 खजुराहो (छतरपुर) 11.8 दमोह 12.0 धार 12.1 श्योपुर 12.4 सतना 12.4 सिवनी 12.6 सीधी 12.6 सागर 13.9 नर्मदापुरम 14.1 नोट: 19-20 नवंबर की रात का, डिग्री सेल्सियस में … 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MP में जुजुत्सु के अधिकारी गिरफ्तार, रोहिणी कलम सुसाइड केस में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से प्रेम का मामला सामने आया

 देवास मध्य प्रदेश के देवास में एक जिउ-जित्सु ( jiu-jitsu ) ऑर्गनाइजेशन के सीनियर अफसर को 35 साल की एक इंटरनेशनल महिला  खिलाड़ी को परेशान करने और सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.बैंक नोट प्रेस पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अमित सोलंकी ने बताया कि जि-जित्सु प्लेयर रोहिणी कलम (35) ने 26 अक्टूबर को अपने घर में फांसी लगा ली. उन्होंने कहा कि कलाम के परिवार के बयानों और टेक्निकल सबूतों के आधार पर जांच से पता चला कि उनके कोच और मध्य प्रदेश जि-जित्सु एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजेंद्र खरसोदिया और वाइस-प्रेसिडेंट प्रीतम सिंह सोलंकी उन्हें मेंटली परेशान कर रहे थे. एथलीट की मौत के सिलसिले में दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (सुसाइड के लिए उकसाना) और दूसरे जरूरी कानूनी नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया और सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया गया. खरसोदिया की तलाश शुरू कर दी गई है. प्राइवेट स्कूल में मार्शल आर्ट की कोच भी थी रोहिणी मार्शल आर्ट खिलाड़ी रोहिणी कलम के पिता महेश कलम बीएनपी के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। रोहिणी आष्टा के निजी स्कूल में मार्शल आर्ट कोच थीं और वहीं रह रही थीं। उन्होंने 2007 में खेल जीवन की शुरुआत की थी। 2015 से पेशेवर रूप से जुजुत्सु में भाग लेने लगीं। वह जुजुत्सु संघ की महासचिव भी थीं। चार बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थीं। उनकी आईपीएस बनने की इच्छा थीं। खरसोदिया कलम के कोच थे और उनकी देखरेख में उन्होंने नेशनल और इंटरनेशनल जि-जित्सु कॉम्पिटिशन में कई अवॉर्ड जीते थे. एक और पुलिस ऑफिसर ने FIR का जिक्र करते हुए कहा कि जून में कलाम के पेट के ट्यूमर की सर्जरी होने के बावजूद आरोपी उसे बार-बार फोन करके और ट्रेनिंग करने की मांग करके परेशान करते रहे. आरोप है कि दोनों कलम को उनकी इजाजत के बिना किसी भी कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने नहीं देते थे और उसकी मर्जी के खिलाफ हिस्सा लेने के लिए दबाव डालते थे. इस बीच, कलम परिवार ने देवास पुलिस की जांच से नाखुशी जताई है. रिपोर्टर्स से बात करते हुए कलम की छोटी बहन रोशनी ने कहा, "जब हमने अपनी बहन की आत्महत्या के खिलाफ प्रोटेस्ट करने की बात की, तभी पुलिस ने बुधवार को जल्दबाजी में केस दर्ज किया. मैं पुलिस की जांच से पूरी तरह नाखुश हूं और चाहती हूं कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) मेरी बहन की मौत की जांच करे." उन्होंने कहा कि खरसोदिया और सोलंकी कभी-कभी उनकी बहन की पर्सनल लाइफ में बहुत ज्यादा दखल देते थे और उन पर बेवजह दबाव डालते थे. परिजन ने आगे दावा किया कि उनकी गुजर चुकी बहन के कमरे से एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव गायब है और उनके परिवार को इस बारे में पता नहीं था. पुलिस की जांच- तनाव में थीं रोहिणी पुलिस जांच में सामने आया कि रोहिणी काफी तनाव में थीं। घटना वाले दिन भी आत्महत्या से पहले रोहिणी की प्रीतम सिंह से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद ही यह कदम उठाया। परिवार का कहना है कि 26 अक्टूबर को कोच विजेंद्र खरसोदिया ने रोहिणी की छोटी बहन को फोन किया। बताया था कि रोहिणी के कमरे में देखो, कुछ करने वाली है। बहन कमरे में पहुंची, तो बाहर से दरवाजा बंद था। दरवाजा तोड़कर देखा तो वह फंदे पर लटकी थी। बहन ने शोर मचाया तो अन्य लोग पहुंचे और से फंदे से नीचे उतारा। उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पता चला कि घटना की जानकारी मिलते ही कोच भी बेसुध हो गया था। बीपी बढ़ने के कारण वह दो दिन तक निजी अस्पताल में भर्ती रहा था। कोचिंग के दौरान प्रीतम से मुलाकात पुलिस के अनुसार 26 अक्टूबर को रोहिणी की मौत की सूचना मिली थी। पूछताछ में परिवार ने बताया कि रोहिणी कलम वर्ष 2009-10 से जुजुत्सु (मार्शल आर्ट्स) की ट्रेनिंग के लिए यूनिवर्सल मार्शल आर्ट्स अकेडमी जॉइन किया था। बाद में उसने M.Ped तक पढ़ाई की। अकेडमी में विजेंद्र खरसोदिया उसके कोच थे। रोहिणी ने मार्शल आर्ट्स में नेशनल, इंटरनेशनल अवॉर्ड जीते। साल 2022-2023 में म.प्र. जुजुत्सु संघ के महासचिव भी रही, जिसमें विजेंद्र खरसोदिया अध्यक्ष (कोच) हैं। इसी दौरान दो साल पहले रोहिणी की प्रीतम सिंह सोलंकी निवासी हाटपिपल्या देवास से पहचान हुई। प्रीतम सिंह भी म.प्र. जुजुत्सु संघ में उपाध्यक्ष था और अभी भी उसी पद पर है। रोहिणी की उसके कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह सोलंकी से फोन पर बात होती थी। रोहिणी को मई महीने में पेट में तेज दर्द होने लगा था, तो विजेंद्र सिंह उसे इंदौर में डॉक्टर के पास ले गए थे, जहां डॉक्टर ने पेट में गठान होना बताया था। रोहिणी का जून महीने में ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद वह घर पर ही रहकर आराम कर रही थी। मर्जी से कहीं नहीं जा सकती थी रोहिणी परिजनों का आरोप- मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड किया परिवार ने बताया कि डॉक्टर ने उसे आराम करने के लिए बोला था, लेकिन उसके कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह बार-बार फोन करके परेशान करते थे। ऑपरेशन के बाद भी कोच उसे ट्रेनिंग दिलाने के लिए बुलाते रहते थे। उस पर दबाव बनाकर रखते थे। बिना पूछे कहीं भी जाने नहीं देते थे। उन्हें जहां लेकर जाना होता था, वहां रोहिणी की मर्जी के बिना भी लेकर चले जाते थे। प्रीतम कभी भी उसे फोन लगाता रहता था। रोहिणी अगर प्रीतम का फोन नहीं उठाती, तो वह घर के अन्य सदस्य को फोन करके पूछता रहता था। रोहिणी को जब नैनीताल के टूर्नामेंट के लिए जाना था, तब वह फोन पर बात करते हुए कह रही थी कि प्रीतम को पता नहीं चलना चाहिए कि वह नैनीताल जा रही है, नहीं तो वह भी आ जाएगा। उनकी बातों से यह तो पक्का था कि वह रोहिणी के पीछे पड़ा था, लेकिन वह उससे दूर भाग रही थी। रोहिणी ने भी यह बात घर पर बताई थी कि वह उसके कोच और प्रीतम से परेशान हो गई है। कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह से मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर रोहिणी ने सुसाइड किया है।

मध्यप्रदेश में बड़े बदलाव की तैयारी: इंदौर से लॉन्च होगी 10,000 बसों की सुगम परिवहन योजना

भोपाल मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत मध्य प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी नियंत्रण वाली यात्री बसें अप्रैल, 2027 तक संचालन में आ जाएंगी। इस योजना के अंतर्गत कुल 10,879 बसें चलाई जाएंगी। ये बसें निजी ऑपरेटरों की होंगी, लेकिन इनके संचालन, प्रबंधन और किराया संरचना पर पूरा नियंत्रण शासन के पास रहेगा। योजना की शुरुआत अप्रैल, 2026 से इंदौर के आठ अंतर्शहरी और 24 उपनगरीय मार्गों पर की जाएगी। संचालन कार्य में देरी न हो, इसलिए हर चरण और गतिविधि की स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी गई है। बसों का किराया शुरुआती एक किलोमीटर के लिए सात रुपये तथा उसके बाद प्रति किमी 1.25 रुपये निर्धारित है। इसी दर से 50 किमी का किराया 70 रुपये बनता है, जबकि वर्तमान में निजी बस संचालक 50 प्रतिशत तक अधिक किराया वसूल रहे हैं।   CM की अध्यक्षता में हुई बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में बस सेवा को चरणबद्ध ढंग से पूरे प्रदेश में लागू करने की रूपरेखा तय की गई। तय कार्यक्रम के अनुसार सेवा शुरू होने के एक वर्ष के भीतर सभी जिलों में सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध होगी। फिलहाल इंदौर, उज्जैन, सागर और जबलपुर के लिए यात्रियों की संख्या एवं मार्ग सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। परिवहन विभाग ने इंदौर संभाग के जिलों के मार्ग 15 दिसंबर, 2025 तक और उज्जैन क्षेत्र के मार्ग 26 नवंबर से पहले निर्धारित करने का लक्ष्य रखा है। बसों के व्यवस्थापन के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिसमें व्हीकल लोकेशन, ट्रैकिंग, किराया संग्रहण और अलर्ट जैसे 18 मॉड्यूल शामिल हैं। हालांकि ITMS सॉफ्टवेयर का पूर्ण निर्माण मई, 2026 तक संभव होगा। किराया संरचना (रुपये में)     10 किमी – 19 रुपये     20 किमी – 32 रुपये     30 किमी – 45 रुपये     40 किमी – 57 रुपये     50 किमी – 70 रुपये किस चरण में कहां शुरू होगी सेवा: प्रथम चरण – इंदौर शहर से 50 किमी दायरे के शहरी व अंतर्शहरी रूट रूट: 32 बसें: 310 समय सीमा: अप्रैल, 2026 द्वितीय चरण – इंदौर संभाग के सभी जिले रूट: 771 बसें: 1706 समय सीमा: जून, 2026 तृतीय चरण – भोपाल व उज्जैन शहर से 50 किमी दायरे वाले रूट रूट: भोपाल 50, उज्जैन 23 बसें: भोपाल 152, उज्जैन 127 समय सीमा: जुलाई, 2026 चौथा चरण – उज्जैन संभाग के सभी जिले रूट: 386 बसें: 1318 समय सीमा: नवंबर, 2026 पांचवां चरण – सागर एवं जबलपुर संभाग रूट: 1228 बसें: 2635 समय सीमा: दिसंबर, 2026 छठा चरण – भोपाल व नर्मदापुरम संभाग रूट: तय नहीं बसें: 1843 समय सीमा: अप्रैल, 2027 सातवां चरण – रीवा एवं शहडोल संभाग रूट: निर्धारित नहीं बसें: 1470 समय सीमा: अप्रैल, 2027 आठवां चरण – ग्वालियर एवं चंबल संभाग रूट: निर्धारित नहीं बसें: 1318 20 वर्ष बाद फिर शुरू होगी सरकारी परिवहन सेवा साल 2005 में 700 करोड़ रुपये से अधिक घाटे के कारण मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम बंद हो गया था। इसके बाद से बस संचालन पूरी तरह निजी क्षेत्र पर निर्भर था, जिससे मनमाना किराया, वाहनों की खराब फिटनेस और क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करने के बाद दोबारा सरकारी सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह योजना लागू की जा रही है।

छात्रों के आरोपों पर कार्रवाई: छिंदवाड़ा के स्कूल में तीन शिक्षक हटाए गए

छिंदवाड़ा जिले में बड़े पैमाने पर मत्तांतरण का खेल चल रहा है। इस मामले में ईसाई मिशनरियों के सबसे ज्यादा निशाने पर भोले भाले आदिवासी रहते हैं। ताजा मामला जुन्नारदेव के बिलावर कला का है। यहां मतांतरण के आरोप में 3 शिक्षकों पर गाज गिरी है। इससे पहले भी तामिया, चौरई और अन्य इलाके में भी इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि इस काम के लिए विधिवत प्लानिंग की जाती है। पैसे और अन्य प्रलोभन देकर आदिवासियों को अपनी तरफ किया जाता है। इस मामले में शैक्षणिक संस्थान सबसे ज्यादा निशाने पर होते हैं। जुन्नारदेव के बिलावर कला गांव के एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई है कि एक शिक्षिका (सीमा मैथ्यूज) और छात्रावास अधीक्षक (नरेंद्र उईके) उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहे थे। छात्रों ने आरोप लगाया था कि शिक्षिका उन्हें हिंदू रीति-रिवाजों से दूर रहने और ईसाई धर्म की बातें मानने के लिए कहती थीं। साथ ही, टीका या कलावा पहनकर आने पर उसे जबरन हटवाया जाता था और आदेश न मानने पर टीसी (स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र) देने की धमकी दी जाती थी।   दो शिक्षकों को बीईओ कार्यालय अटैच किया गया विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और कन्हान बचाओ मंच की शिकायत और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर, जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग ने कार्रवाई की। मामले के तीनों आरोपितों (शिक्षिका, अधीक्षक और प्राचार्य अनिल कुमार सूर्यवंशी) को उनके पदों से हटा दिया और प्राचार्य का तबादला कर दिया गया है, जबकि अन्य दो को बीईओ कार्यालय अटैच किया गया है। लागातर मामले आ रहे है सामने जिले में लगातार इस प्रकार के मामले सामने आ रहे हैं। परासिया के ग्राम सोनापिपरी, कोसमी में मतांतरण की शिकायत की गई थी कि सीधे-साधे आदिवासियों को प्रलोभन देकर उन्हें जबरन ईसाई बनाने की कोशिश की जा रही है। इसको लेकर आदिवासियों ने शिकायत की थी कि अन्य ग्रामों में पांढ़रापानी, सहपानी, देवरीटाना, सोनापिपरी, गांगीवाड़ा समेत ग्रामीण अंचलों के लोगों को अपने निवास पर बुलाकर प्रलोभन देने की बात कही गई। इनका कहना है कि हमें जैसे ही इस मामले में शिकायत मिली हमने तत्काल कारवाई की है। विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। सत्येंद्र मरकाम, सहायक आयुक्त। जनजातीय कार्य विभाग।