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पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के पेंशनर और परिवार पेंशनर के लिए 24 नवम्बर को समस्या निवारण शिविर का आयोजन

भोपाल  एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के मानव संसाधन व प्रशासन कार्यालय के द्वारा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मदनमहल शाखा के सहयोग से कंपनी के पेंशनर व परिवार पेंशनर के लिए जीवन प्रमाण पत्र व पेंशनरों की समस्याओं के निराकरण के लिए एक शिविर का आयोजन 24 नवम्बर को किया गया है। यह शिविर शक्तिभवन स्थि‍त पावर मैनेजमेंट कंपनी के लेखाधि‍कारी वेतन व पेंशन के ब्लॉक नंबर 14 भूतल स्थि‍त कार्यालय में आयोजित किया गया है। मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल एवं उसकी उत्तरवर्ती कंपनियों से सेवा से सेवानिवृत्ति‍उपरांत एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी से पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनर व परिवार पेंशनर प्रात: 11.30 बजे से शाम 4.00 बजे तक शिविर में उपस्थि‍त होकर जीवन प्रमाण पत्र और पेंशन संबंधी समस्याओं का निराकरण करवा सकते हैं। मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन ने सभी पेंशनर व परिवार पेंशनरों से इस शिविर का लाभ उठाने का अनुरोध किया है।  

श्रीलंका में म.प्र. पर्यटन प्रतिनिधिमंडल ने बौद्ध सर्किट को दिया नया आयाम

प्रदेश के बौद्ध स्थलों को प्रचारित करने का किया आग्रह स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित विशेष सभा में लिया भाग श्रीलंका के विदेश मामले, विदेशी रोज़गार और पर्यटन मंत्री श्री विजित हेराथ और श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त श्री संतोष झा से की महत्वपूर्ण चर्चा भोपाल भारत और श्रीलंका के मध्य अनादि काल से चली आ रही सांस्कृतिक और आध्यात्मिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों श्रीलंका की सद्भावना यात्रा पर है। यह यात्रा, कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के आमंत्रण पर आयोजित की गई है। म.प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक, डॉ. इलैयाराजा टी. के नेतृत्व में उप सचिव पर्यटन श्री राजेश गुप्ता और ज्वाइंट डायरेक्टर टूरिज्म बोर्ड डॉ. एस. के. श्रीवास्तव ने श्रीलंका में मध्यप्रदेश के बौद्ध सर्किट का प्रचार किया और साथ ही रामायण की कथाओं को जीवंत करने वाले कलाकारों व कहानीकारों के साथ प्रदेश के बौद्ध स्थलों को प्रचारित करने का आग्रह भी किया। कोलंबो में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने वहाँ की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी कंपनियों से भेंट की। इन सार्थक वार्ताओं में, मध्यप्रदेश के विशाल पर्यटन सामर्थ्य—जिसमें समृद्ध संस्कृति, प्राचीन धरोहर, वन्यजीवों की अनुपम छटा, रोमांचक गतिविधियाँ, और आध्यात्मिक व कल्याणकारी पर्यटन के अवसर समाहित हैं—को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस यात्रा का एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव श्रीलंका के विदेश मामले, विदेशी रोज़गार और पर्यटन मंत्री श्री विजित हेराथ के साथ हुई बैठक थी। डॉ. इलैयाराजा टी. ने अपने सारगर्भित प्रस्तुतीकरण में दोनों राष्ट्रों के गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों की नींव को रेखांकित किया। मंत्री श्री हेराथ ने द्विपक्षीय पर्यटन को बढ़ाने के लिए विस्तृत संभावनाओं पर बल दिया और सहयोग को और मज़बूत करने की अपनी उत्कट इच्छा व्यक्त की। इस अवसर पर, श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त महामहिम श्री संतोष झा ने पर्यटन और आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में सहयोग के नवीन मार्गों पर प्रकाश डाला, जबकि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री हरिकिशोर एस. ने कनेक्टिविटी और पर्यटक अनुभव को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में चल रही पहलों का विवरण दिया।  प्रतिनिधिमंडल ने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक विशेष सभा में भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता श्री लंका महाबोधि सोसाइटी के अध्यक्ष श्री बनागला उपतिस्स नायक थेरो ने की थी। उन्होंने अपने उद्बोधन में भारत और श्रीलंका के मध्य विद्यमान अविभाज्य सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पारंपरिक बंधनों को बड़े स्नेह से समझाया। इस गरिमामय आयोजन में कई वयोवृद्ध बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति रही। आगामी दो दिनों में, मध्यप्रदेश पर्यटन का यह दल कैंडी और नुवारा एलिया के लिए प्रस्थान करेगा, जहाँ वे बुद्ध सर्किट और रामायण संस्कृति ट्रेल से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन कर दोनों राष्ट्रों के बीच सांस्कृतिक व पर्यटन कड़ियों को और अधिक दृढ़ बनाएँगे।  

भारत में जन्मी मादा चीता मुखी ने पांच शावकों को जन्म दिया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई यह उपलब्धि भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन का महत्वपूर्ण संकेतक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता मुखी द्वारा पाँच शावकों को जन्म देने पर प्रसन्नता व्यक्त कर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि माँ और शावक स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि भारत में चीता पुनरुत्पादन पहल के लिए यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। तैतीस माह की उम्र में मादा चीता 'मुखी' अब शावकों को जन्म देने वाली भारत में जन्मी पहली मादा चीता बन गई है, जो प्रोजेक्ट चीता के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक संभावनाओं का एक मजबूत संकेतक है। यह उपलब्धि भारत में आत्मनिर्भर और आनुवंशिक रूप से विविध चीता आबादी स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश में जैव विविधता के संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हो रहे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा।  

बैतूल में रूपए 9 करोड़ 84 लाख की साइबर लूट का पर्दाफाश

मृत व्यक्ति के बैंक खाते का भी किया गया दुरुपयोग — 3 आरोपी गिरफ्तार भोपाल  बैतूल जिले में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक संगठित साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। इस ठगी में करीब 9 करोड़ 84 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी। पुलिस और साइबर टीम द्वारा किए गए सूक्ष्म तकनीकी विश्लेषण, खातों की ट्रैकिंग, डिजिटल फॉरेंसिक तथा सतत मॉनिटरिंग ने इस ठगी नेटवर्क को उजागर करने में निर्णायक भूमिका निभाई। खेड़ी सावलीगढ़ निवासी मजदूर बिसराम इवने जब अपने जन-धन खाते का KYC अपडेट कराने बैंक पहुँचे तो उन्हें खाते में करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। बिसराम इवने ने अपने जन-धन खाते में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन और अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी के निर्देशन में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की टीम को जांच में लगाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जून 2025 से अब तक उसके खाते से लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये का अवैध ट्रांज़ैक्शन किया गया था। जांच में संगठित साइबर लूट का पर्दाफाश हुआ जिसमें पुलिस ने पाया कि एक ही बैंक के 7 अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खातों को निशाना बनाते हुए गिरोह द्वारा 9 करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रुपये की हेराफेरी की गई। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि गिरोह ने मृत व्यक्ति राजेश बर्डे के बैंक खाते खाते का भी इस्तेमाल किया। उसका मोबाइल नंबर बदला, ATM कार्ड जारी कराया, इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय की और OTP पर पूरा नियंत्रण हासिल किया। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि यह पूरा नेटवर्क बैंक के एक अस्थायी कर्मचारी की मिलीभगत से संचालित हो रहा था, जिसने खातों की गोपनीय जानकारी, दस्तावेजों में फेरबदल और ATM/पासबुक जारी कराने में गिरोह की मदद की। इसी सहयोग की वजह से अपराधियों को खातों तक आसानी से पहुँच मिली और करोड़ों की हेराफेरी अंजाम दी गई। सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बैतूल पुलिस ने इंदौर शहर के दो स्थानों पर दबिश देकर राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर आरोपियों से 15 मोबाइल फोन (25 सिम सहित), 21 ATM कार्ड, 28 हजार रूपए नकद (काले बैग में), 11 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक, 2 POS मशीन, 69 ATM जमा रसीदें (21 लाख जमा), 48 हजार रूपए की जमा पर्ची, 2 लैपटॉप, 1 Extreme Fiber राउटर, 4 रजिस्टर व डायरी (रिकॉर्ड) और अन्य सामग्री जप्त की। इस कार्रवाई में संबंधित थाना प्रभारी, साइबर सेल तथा पुलिस टीमों ने सतर्कता, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने पुनः स्पष्ट किया है कि “जन सुरक्षा और साइबर सुरक्षा” प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा साइबर अपराधों के विरुद्ध व्यापक और कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

रीवा: अवैध गतिविधि रोकने गई टीम पर हमला, वनकर्मी को बनाया बंधक

रीवा रीवा जिले के पनवार थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कल्याणपुर स्थित हरिजनपुरवा में वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। वनरक्षक अंशुमान साकेत को कमरे में बंद कर बंधक बनाया गया और उनके मोबाइल में दर्ज वीडियो और फोटो जबरन डिलीट कराए गए। वन विभाग की टीम जंगली सूअर के अवैध शिकार को रोकने गई थी। वनरक्षक अभिभावन चौबे के अनुसार, जंगली सूअर के अवैध शिकार के आरोपी रमाकांत कोल को पकड़कर पूछताछ की जा रही थी। तभी पांच से अधिक ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वनकर्मियों से भिड़ गए। देखते ही देखते भीड़ आक्रामक हो गई और धक्का-मुक्की, मारपीट शुरू हो गई।   ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम घरों में घुसकर महिलाओं से बहसबाज़ी कर रही थी और गाली-गलौज कर रही थी। वे यह भी कह रहे हैं कि “असल शिकारी तो बच निकले, लेकिन आदिवासी परिवारों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और गांव के दबंग हमें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।” वनरक्षक अंशुमान साकेत ने कुछ वीडियो बनाएं थे, जिसके कारण ही उन्हें बंधक बनाया गया। स्थिति बिगड़ने पर पनवार पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के आने के बाद भीड़ भाग गई और कमरे में बंद वनरक्षक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना में वनरक्षक हरीशंकर पाल भी घायल हुए हैं। वन विभाग ने आरोपी रमाकांत कोल के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की और उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा। थाना प्रभारी पनवार, प्रवीण उपाध्याय ने बताया कि मामले में वन अमले पर हमला, बंधक बनाने और मारपीट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पटना में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पटना में आयोजित बिहार सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री, श्री सम्राट चौधरी एवं श्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा उप मुख्यमंत्री और अन्य सदस्यों द्वारा मंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में एनडीए सरकार समाज के हर वर्ग के समग्र उत्थान और 'विकसित बिहार' बनाने के संकल्प को नई गति व ऊर्जा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समर्पित रहेगी।  

मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता: उच्च शिक्षा विभाग ने किया स्टेट टास्क फोर्स का गठन

एसटीएफ, डीटीएफ व्यवस्था, कोचिंग संस्थानों का अनिवार्य पंजीयन और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तनाव प्रबंध के सुधारात्मक प्रयास भोपाल  विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर देशभर में बढ़ रही चिंता के बीच मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने इस दिशा में ठोस और व्यापक कदम उठाने की शुरुआत कर दी है। राज्य ने सुप्रीम कोर्ट और नेशनल टास्क फोर्स (NTF) के निर्देशों के बाद स्टेट टास्क फोर्स (STF) को पूर्णतः सक्रिय कर दिया है, जो अब पूरे राज्य में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपायों की निगरानी और सुधार की रूपरेखा तय कर रही है। उल्‍लेखनीय है कि NTF द्वारा आयुक्त, उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार यह पहल केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि “राज्य के विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित, सहयोगी और दबावमुक्त शैक्षणिक माहौल” तैयार करने की दिशा में सबसे बड़ा प्रशासनिक प्रयास है। एसटीएफ के हाथ में मानसिक स्वास्थ्य सुधार की कमान NTF के निर्देशों के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने एक स्टेट टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है । यह राज्य में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श सेवाओं और रोकथाम उपायों पर केंद्रित नीतिगत हस्तक्षेपों के लिए योजना एवं निर्देश जारी कर रही है। एसटीएफ के अध्‍यक्ष आयुक्त, उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा है। ओएसडी डॉ. उषा के. नायर को इसका सदस्य सचिव नियुक्‍त किया गया है। एसटीएफ में स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बाल सुरक्षा, सामाजिक न्याय तथा नगरीय प्रशासन विभागों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है । यह एक बहु-विभागीय तंत्र है जो विद्यार्थियों की चुनौतियों को व्यापक दृष्टि से देखेगा। स्टेट टास्क फोर्स (STF) क्या करेगी? राज्य में मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श से जुड़े उपायों की निगरानी, NTF के निर्देशों के अनुपालन का मूल्यांकन, कोचिंग व कॉलेज परिसरों का मानसिक स्वास्थ्य ऑडिट, हेल्पलाइन, काउंसलिंग, मनोसामाजिक समर्थन की व्यवस्था को मजबूत करना, जिला स्तरीय DTF को दिशा देना और उनकी रिपोर्ट की समीक्षा, आत्महत्या रोकथाम से जुड़े जोखिम कारकों की पहचान और सुधार को बढ़ावा, राज्य सरकार को नियमित सिफारिशें और नीतिगत सुझाव शैक्षणिक संस्‍थानों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति सभी सुधारों के समन्वय प्रभावी हो, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी शासकीय एवं निजी शैक्षणिक संस्‍थानों को नोडल अधिकारी नियुक्‍त करने के निर्देश दिए हैं। इसमें सरकारी विश्वविद्याल, निजी विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों एवं सभी शासकीय महाविद्यालय शामिल हैं। डीटीएफ से जमीनी निगरानी राज्य स्तर के प्रयास प्रभावी रूप से जिलों तक पहुँचें, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय टास्क फोर्स (DTF) का गठन भी अनिवार्य कर दिया है। डीटीएफ की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे, जबकि अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी और तकनीकी, चिकित्सा तथा स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधि इसके सदस्य होंगे। डीटीएफ को निम्‍न जिम्मेदारी सौंपी गईं हैं। कोचिंग संस्थानों के पंजीयन की निगरानी, परामर्श सेवाओं की उपलब्धता, STF–NTF निर्देशों के क्रियान्वयन, शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा, कोचिंग संस्थानों का अनिवार्य पंजीयन उच्च शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी जिले में बिना पंजीयन के कोई भी कोचिंग संस्था संचालित न हो। यह कदम विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव, अनियमित प्रबंधन और अनुशासनहीन वातावरण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्यों जरूरी थे ये कदम? देशभर में मानसिक तनाव और परीक्षा दबाव से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि समस्या केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि संस्थागत संरचना से भी जुड़ी है—जहाँ गाइडलाइन, परामर्श, निगरानी और संवाद की कमी विद्यार्थियों को अकेला कर देती है। एसटीएफ और डीटीएफ का गठन इसी कमी को दूर करने का प्रयास है।  

सीएम हेल्पलाइन में योजना आर्थिक सांख्यिकी विभाग प्रथम

भोपाल सीएम हेल्पलाइन में जन शिकायतों का समाधान करने में योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग ने पहला स्थान प्राप्त किया है। विभाग ने ग्रेड ए पाकर 93.2 प्रतिशत स्कोर किया है जबकि ऊर्जा विभाग ने 90.26% के साथ दूसरे स्थान पर एवं नगरीय विकास एवं आवास विभाग 89.35 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान पर है। योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग को 1869 शिकायतें मिली जिसमें संतुष्टि के साथ बंद शिकायतों का प्रतिशत 54.64% रहा और 50 दिन से अधिक शिकायतों का प्रतिशत 8.68 प्रतिशत और गुणवत्ता से बंद शिकायतों का प्रतिशत 10 रहा। नोट अटेंडेंट शिकायतों का प्रतिशत 9.88 रहा। इस प्रकार ए रेटिंग के साथ योजना आर्थिक सांख्यिकी विभाग प्रथम स्थान पर रहा।  

बैंगलुरू टेक समिट में प्रदर्शति हुआ टियर-2 टेक्नोलॉजी इको सिस्टम

फ्यूचर-रेडी इनोवेशन से मध्यप्रदेश बन रहा विश्व स्तरीय कंपनियों का प्रमुख निवेश केंद्र भोपाल राज्य सरकार ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित बेंगलुरु टेक समिट (बीटीसी) 2025 में उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की।बीटीसी- 2025 में विशेष प्रदर्शनी मंडप से राज्य की तेजी से विकसित होती टेक्नोलजी ईकोसिस्टम और भारत के प्रमुख टियर-2 इनोवेशन हब के रूप में मध्यप्रदेश की स्थिति को प्रभावशाली रूप से प्रदर्शित किया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने मध्यप्रदेश मंडप हॉल 3, बूथ एचएस 17 में स्थापित किया। मंडप में प्रदेश की समग्र नीति व्यवस्था को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।मंडप ने वैश्विक कंपनियों, टेक्नोलॉजी लीडर्स और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रदर्शनी में पहुंचे उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश अवसरों का आकलन किया और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अंतर्गत प्रदेश में नए अवसरों पर विचार विमर्श किया। मंडप में प्रमुख रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2025, ड्रोन प्रमोशन और उपयोग पॉलिसी 2025, AVGC-XR पॉलिसी 2025, सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2025 और IT, ITES & ESDM निवेश संवर्धन पॉलिसी 2023 प्रदर्शित की गईं। इन नीतियों का उद्देश्य राज्य को सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं, ईएसडीएम और सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा सेंटर,जीसीसी, एवीजीसी-एक्सआर स्टूडियोज और ड्रोन तकनीक के लिए एक प्रमुख और आकर्षक निवेश केंद्र बनाना है। इन प्रगतिशील नीतियो की सहायता और मिशन-आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण से मध्यप्रदेश भारत का अग्रणी टेक्नोलॉजी हब बन रहा है। मंडप में मध्यप्रदेश के तेजी से बढ़ते तकनीकी परिदृश्य को भी प्रस्तुत किया गया जो 15 से अधिक आईटी पार्क, 6 आईटी एसईजेड, 2000 से अधिक आईटी और ईएसडीएम इकाइयां, 1200 से अधिक टेक-स्टार्टअप्स और 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार से सशक्त है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में कई बड़ी कंपनियों का विस्तार और 50 से अधिक बड़ी आईटी कंपनियों का संचालन राज्य को एक मजबूत निवेशक-अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। मंडप ने इस टियर-2 विकास की कहानी को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया, जो उद्योग प्रतिनिधियों के लिए अत्यंत आकर्षक रही। राज्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अवंतिका वर्मा, अधिकारी-इन-चार्ज, निवेश संवर्धन, MPSEDC, राजा पंचाल, टीम लीड, एमपीएसईडीसी और निवेश संवर्धन टीम ने किया। समिट के दौरान मंडप ने इंफोसिस, टीसीएस, इम्पेटस, एक्स-ईबिया,हिताची, डीएक्ससी, टेक महिंद्रा, डब्ल्यूएनएस, टास्कयूएस, यश टेक्नोलॉजीज, एजिस, इंफोबीन्स, पर्सिस्टेंट, सिविया, कॉन्साइल, इन्क्चर, आरटेक, रेनेसाँ सॉफ्ट लैब्स, एचएलबी टेक, इंफोग्लोबल, न्यूजटेक फ्यूज और लिमिन्डो जैसी प्रमुख कंपनियों के टेक-लीडर्स के साथ संवाद किया। इन संवादों में डेटा सेंटर विस्तार, सेमीकंडक्टर और ईएसडीएम निर्माण, इंजीनियरिंग आरएंडडी जीसीसी एआई और क्लाउड तकनीक ड्रोन-टेक सॉल्यूसन और एवीजीसी-एक्सआर इनोवेशन हब के रूप में विकसित किये जाने में गहरी रुचि दिखाई दी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि उद्योग जगत मध्यप्रदेश को नए निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देख रहा है। इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश एक फ्यूचर रैडी इनोवेशन परिदृश्य तैयार कर रहा है, जिसमें मजबूत बुनियादी ढांचा, प्रगतिशील नीतियां और विश्व स्तर की कंपनियों के लिए भरपूर अवसर मौजूद हैं। बेंगलुरु टेक समिट में हमारी उपस्थिति राज्य की तकनीकी निवेश क्षमता को और मजबूत करती है। बेंगलुरु टेक समिट 2025 में भागीदारी ने राज्य को भारत के सबसे निवेश- योग्य, नवाचार-संचालित और प्रगतिशील तकनीकी हब के रूप में स्थापित किया है। राज्य की प्रदर्शनी ने टियर-2 शहरों की ताकत, नीतिगत उत्कृष्टता और उद्योग सहयोग की क्षमता को उजागर किया, जो मध्यप्रदेश को भारत और वैश्विक स्तर पर निवेश और नवाचार के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बनाता है।  

किसानों को मिली बड़ी राहत: मध्य प्रदेश में बदले नियम, हाईटेंशन लाइन के लिए दोगुना मुआवजा

भोपाल प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए हाईटेंशन लाइन बिछाने के लिए अधिग्रहित भूमि पर मिलने वाले मुआवजे में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब खेतों के ऊपर से 66 केवी या उससे अधिक क्षमता की विद्युत लाइन डाली जाती है, तो भूमि स्वामी को कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर 200 प्रतिशत मुआवजा भुगतान किया जाएगा। पहले यह राशि मात्र 85 प्रतिशत दी जाती थी। राजस्व विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि हाईटेंशन लाइन के लिए जहां-जहां टावर स्थापित किए जाएंगे, वहां टावर के चारों लेग के भीतर आने वाली भूमि तथा उसके दोनों ओर एक-एक मीटर अतिरिक्त क्षेत्र का पूरा मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि यह जमीन किसान के कब्जे में बनी रहेगी।   इसके साथ ही ट्रांसमिशन लाइन के नीचे आने वाले मार्गाधिकार (ROW) क्षेत्र में स्थित भूमि के कारिडोर क्षेत्रफल का कलेक्टर गाइडलाइन मूल्य का 30 प्रतिशत क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा। आदेश के अनुसार, ROW क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण करने की अनुमति नहीं होगी। मुआवजा निर्धारण की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर को सौंपी गई है, जो भूमि के बाजार मूल्य और निर्धारित मानकों के आधार पर क्षतिपूर्ति राशि तय करेंगे। सरकार ने विभिन्न क्षमता की हाईटेंशन लाइनों के लिए मार्गाधिकार क्षेत्रफल का निर्धारण भी सार्वजनिक किया है। हाईटेंशन लाइन के नीचे भूमि के क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल का निर्धारण केवी हाईटेंशन लाइन- सामान्य मार्ग- वन क्षेत्र- शहरी आबादी क्षेत्र 400 केवी- 46 मीटर- 40 मीटर- 38 मीटर 220 केवी- 32 मीटर- 28 मीटर- 24 मीटर 132 केवी- 25 मीटर- 21 मीटर- 19 मीटर