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जल दर्पण पोर्टल से अब हर गांव का नल-जल सिस्टम ऑनलाइन देखा जा सकेगा

 भोपाल प्रदेश में घर-घर नल से जल पहुंचने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल व समूह नल जल योजनाओं पर काम हो रहा है। कई योजनाएं पूरी हो चुकी है और उनके संचालन का कार्य पंचायत को सौंपा गया है। यह शिकायत आम है कि योजनाएं भले ही बना ली गई हों, मगर जलापूर्ति नहीं हो रही है। विधानसभा में इसको लेकर प्रश्न भी उठ चुका है। इसे देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने तय किया है कि वह अब योजनाओं की निगरानी आनलाइन करेगा। इसके लिए जल दर्पण पोर्टल बनाया है, जिसमें मैदानी अमले को प्रतिदिन यह रिपोर्ट देनी होगी कि योजना चालू है या बंद। पानी आ रहा है या नहीं। पाइपलाइन ठीक काम कर रही है या नहीं। जानकारी सही दी जा रही है या नहीं, इस पर नजर उच्चाधिकारी रखेंगे। प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 27,990 एकल नल जल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। 15,947 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 12,043 के काम जारी हैं। इनमें से 8,358 नल-जल परियोजनाओं के आकलन में चूक हुई, जिसके कारण लागत 2,813 करोड़ रुपये बढ़ गई। केंद्र सरकार ने इस अतिरिक्त राशि को देने से इन्कार कर दिया और भार राज्य सरकार के खजाने पर आ गया। दोषी इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। इसके साथ ही बड़ी आबादी को मिलने वाले लाभ को देखते हुए सरकार ने काम आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह भी तय किया है कि पंचायतों द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की निगरानी प्रतिदिन के आधार पर होगी। 28 हजार गांवों से फीडबैक लेने के लिए जल दर्पण पोर्टल विभाग ने बनाया है। इसमें मैदानी स्तर से बताया जाएगा कि योजना चालू है या बंद। यदि बंद है तो यह बताना पड़ेगा कि बिजली की लाइन कटने, पाइप लाइन की खराबी या फिर किस कारण से बंद हैं। इसके आधार पर सुधार की कार्य योजना तैयार होगी। कुल मिलाकर सरकार का उद्देश्य यह है कि योजना यदि संचालन लिए पंचायतों को सौंप दी गई हैं तो फिर घरों पर नल से जल पहुंचाना चाहिए। इसमें कोई परेशानी आ रही है तो उसका पता लगाकर समाधान किया जाए। ऐसे होगा काम जल दपर्ण पोर्टल में नलजल योजनाओं की दैनिक चालू बंद की स्थिति की जानकारी मैदानी क्षेत्र से नियमित ली जाएगी। उपयंत्रियों पोर्टल पर रहैंडपंप टेक्नीशियनों, हेल्परों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों को रजिस्टर करेंगे। ये अपने-अपने कार्यक्षेत्र की नलजल योजनाओं की दैनिक चालू-बंद स्थिति की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करेंगे। इसका सत्यापन उपयंत्री एवं सहायक यंत्री से कराया जाएगा। निगरानी का तंत्र कर रहे हैं विकसित : विभाग के प्रमुख सचिव पी नरहरि का कहना है कि घर-घर नल से जल पहुंचाना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। बड़ी संख्या में योजनाएं पंचायतों द्वारा क्रियान्वित की जा रही हैं। कई बार शिकायत आती है कि जलापूर्ति नहीं हो रही है। हमने संचालन, संधारण और निगरानी की कार्य योजना बनाई है। निगरानी का तंत्र विकसित किया गया है। जल दर्पण पोर्टल के माध्यम से दैनिक आधार पर निगरानी की जाएगी। इसका लाभ यह होगा कि वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगा और यदि कहीं कोई समस्या है तो उसे दूर करने की दिशा में काम किया जाएगा।

नर्स गायत्री चौधरी को कलेक्टर सम्मानित, अस्पताल में मरीजों के बीच सर्जिकल वार्ड में शराब पार्टी का किया पर्दाफाश

अशोकनगर  मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में कुछ दिन पूर्व अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में मरीज और उनके तीमारदार पलंग पर शराब पी रहे हैं। नर्सिंग ऑफिसर ने रंगेहाथ उन लोगों को पकड़ा था। इसका वीडियो वायरल हुआ था। इस काम के लिए नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी को कलेक्टर ने सम्मानित किया। गायत्री चौधरी को कलेक्टर ने किया सम्मानित दरअसल, पलंग पर शराब पी रहे लोगों को नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी ने रंगे हाथों पकड़ा था। साथ ही उनलोगों को डांट भी लगाई थी और वीडियो बनाकर उच्च अधिकारियों को दिया था। अशोकनगर कलेक्टर ने इसकी खूब प्रशंसा की है। इसे लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।  दरअसल,  जिला अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी को समीक्षा बैठक के दौरान उनके दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं कुशलतापूर्ण तरीके से निर्वहन करने पर प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने 29 अक्टूबर 2025 को रात्रि 11 बजे अपनी ड्यूटी के दौरान जिला चिकित्सालय के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज और उनके परिजनों को शराब का सेवन करते हुए पाया था। साथ ही कार्यस्थल को मंदिर बताते हुए ऐसा नहीं करने की सलाह दी थी। इस प्रकार निडर होकर अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा और कुशलतापूर्ण तरीके से निर्वहन किया। कलेक्टर ने इस कार्य की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही भविष्य में भी इसी प्रकार अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पूरी सूझबूझ, परिश्रम एवं समर्पित भाव के साथ करती रहें। सोशल मीडिया पर एक्टिव हजारों में फॉलोअर्स गायत्री चौधरी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं और इंस्टाग्राम पर उनके 22000 से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिस पर वह अपने मॉडल लुक में फोटोज और वीडियो को अपलोड करती हैं, जिनके व्यूज भी हजारों और लाखों में हैं। साथ ही ड्यूटी का निर्वहन भी समय से करती हैं।  

मरीज की जान बचाई पीएम श्री एयर एम्बुलेंस ने, खंडवा से इंदौर एयरलिफ्ट किया गया

 खडंवा  पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा इमरजेंसी में कई जिंदगियों को बचाने ने अहम भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में खडंवा के शाहपुर निवासी 73 साल की ताराबाई पति बालाराम कोउपचार के लिए इंदौर एयरलिफ्ट कर भर्ती करवाया गया।  खंडवा जिला अस्पताल में भर्ती ताराबाई को इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से आज सुबह 9.30 बजे इंदौर भेजा गया। शाहपुर निवासी 73 साल की ताराबाई पति बालाराम को रीढ़ की हड्डी में समस्या है। जिस कारण उनके दोनों पैर काम नहीं कर रहे। ताराबाई को फिमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया था।  यहां से उन्हें खंडवा नागचुन हवाई पट्टी से इंदौर एयर एंबुलेंस की मदद से रेफर किया गया है। जिले में पहली बार किसी मरीज को एयर एंबुलेंस से खंडवा से इंदौर रेफर किया गया है।

कड़ाके की ठंड में बदलाव: इंदौर और भोपाल के स्कूल अब सुबह 8:30 बजे से शुरू, पहली से आठवीं कक्षा

भोपाल   कड़ाके की ठंड के चलते राजधानी भोपाल और इंदौर में स्कूलों के समय में बदलाव हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, अब पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल सुबह 8.30 बजे के बाद खुलेंगे। यह आदेश सरकारी, प्राइवेट, केंद्रीय, जवाहर नवोदय, सीबीएसई, आईसीएससी सभी स्कूलों पर लागू होगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह आदेश कडाके की ठंड को देखते हुए जारी किया है। साथ ही इस आदेश को तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा। बढ़ती सर्दी के कारण फैसला यह फैसला बढ़ती सर्दी और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि तेज हवाओं और गिरते तापमान के बीच छोटे बच्चों का जल्द स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा था। 6 डिग्री के आसपास पहुंचा तापमान  इंदौर जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड से आमजन हालाकान हैं। तापमान 6 डिग्री के करीब पहुुंच रहा है, ऐसे में सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को खासी परेशानी होती है। अब जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूल सुबह 9 बजे बाद ही शुरू हो सकेंगे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्कूलों का समय बदलने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए है। मंगलवार से स्कूलों में आदेश लागू होंगे। ठंड में बढ़ी बच्चों की परेशानी नवंबर में लगातार कड़ाके की ठंड बढ़ती जा रही है, वहीं आने वाले समय में तापमान में गिरावट और शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, इसलिए सुबह 7 बजे स्कूल जाने वाले बच्चों को ठंड से परेशान होना पड़ता है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्कूलों का समय बदलने के निर्देश दिए है। सुबह की शिफ्ट में संचालित होने वाले स्कूलों का समय दो घंटे बढ़ाया जा रहा है।    

मंदिर की चोरी का मामला: मां शारदा के छत्र और सोने के नथ हुए गायब

मैहर मध्य प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी मैहर में मां शारदा मंदिर में चढ़ावे को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसके बाद हड़कंप मच गया। जबलपुर के एक श्रद्धालु ने आरोप लगाया है कि उसकी ओर से माता को अर्पित किया गया 2 किलो चांदी का छत्र और एक सोने की नथ मंदिर के खजाने (कोषालय) में जमा ही नहीं की गई। इस कथित चोरी को लेकर जब श्रद्धालु ने कलेक्टर से शिकायत की, तो जिला प्रशासन ने मंदिर के प्रधान पुजारी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया। यह नोटिस अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे मंदिर के प्रबंधन और भक्तों की आस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या है पूरा मामला? दरअसल यह पूरी घटना 22 अक्टूबर 2025 की बताई जा रही है। जब जबलपुर निवासी व्यवसायी संजय पटेल ने सायंकाल आरती से पहले 2 किलो चांदी का छत्र, चांदी का मुकुट और एक सोने की नथ मां शारदा को अर्पित करने के लिए वहां मौजूद पुजारी सुमित महाराज को दी थी। श्रद्धालु का आरोप है कि उन्हें दान की कोई रसीद नहीं दी गई। जब एक हफ्ते बाद 30 अक्टूबर को उन्होंने इस बारे में कलेक्टर मैहर से मौखिक शिकायत की, तो प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह कीमती चढ़ावा मंदिर समिति के खजाने में जमा ही नहीं हुआ था। कलेक्टर को की गई शिकायत के बाद, प्रशासन ने मंदिर के प्रधान पुजारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि जवाब न मिलने या असंतोषजनक जवाब देने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुजारी ने कहा- "यह साजिश है" मामला तूल पकड़ने और नोटिस वायरल होने के बाद, मंदिर के प्रधान पुजारी पवन महाराज ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने इन आरोपों को मंदिर को बदनाम करने की साजिश बताया है। प्रधान पुजारी पवन महाराज ने बताया कि दानदाता संजय पटेल ने खुद ही यह मिन्नत की थी कि उनकी ओर से अर्पित छत्र और नथ को एक हफ्ते तक माता के पास ही रखा जाए। उन्होंने दावा किया कि दानदाता की इच्छानुसार, 28 अक्टूबर को यह सारा कीमती सामान विधिवत कोषालय में जमा किया जा चुका है और अब साजिशन इस मामले को तूल दिया जा रहा है। मन्दिर कर्मचारी समेत अन्य लोगों को नोटिस इस पूरे प्रकरण पर मैहर मन्दिर परिसर की प्रशासक एवं एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि मंदिर समिति को शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई है।एसडीएम ने कहा, "शिकायत की जांच के लिए मंदिर के कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। उनके जवाब प्राप्त हो गए हैं। इन जवाबों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।हालांकि अब देखना यह भी होगा कि प्रशासन जांच के बाद इस पर क्या कार्यवाही करता है।

अब घर बैठे बनेगा जीवन प्रमाणपत्र, पेंशनर्स के लिए बड़ी सुविधा

भोपाल  पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नगरीय निकायों के पेंशनर्स अब जीवन प्रमाणपत्र के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्त होंगे। नगरीय विकास विभाग ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा लागू करते हुए सभी निकायों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि यह प्रणाली आधार और बायोमेट्रिक आधारित है, जिससे पेंशनर्स घर बैठे ऑनलाइन जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे और उन्हें बार-बार उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं रहेगी। वैकल्पिक होगी सुविधा प्रदेश के नगरीय निकायों में करीब 16,500 पेंशनर्स इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। विभाग ने अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रक्रिया संबंधी प्रशिक्षण देने को भी कहा है। हालांकि यह सुविधा वैकल्पिक होगी और पुरानी प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी। ऑनलाइन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पेंशनर्स के पास आधार संख्या, लिंक मोबाइल नंबर और पेंशन संबंधी विवरण अनिवार्य होंगे। बायोमेट्रिक डिवाइस, आरडी सर्विस से युक्त उपकरण और जीवन प्रमाण ऐप की मदद से प्रक्रिया पूरी की जाएगी। क्या होता है जीवन प्रमाण पत्र जीवन प्रमाण पत्र, जिसे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी कहते हैं, केंद्र और राज्य सरकार के पेंशनभोगियों के लिए एक बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल सेवा है। यह एक डिजिटल प्रमाण पत्र है जो पेंशनरों को पेंशन वितरण एजेंसी को स्वयं उपस्थित हुए बिना अपनी पेंशन जारी रखने की अनुमति देता है। इस सेवा के माध्यम से, पेंशनभोगी किसी भी सीएससी केंद्र, बैंक शाखा या सरकारी कार्यालय में जाकर अपने आधार और बायोमेट्रिक डेटा का उपयोग करके अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं।

खंडवा का सिहाड़ा गांव: वक्फ बोर्ड के दावे पर पंचायत ट्रिब्यूनल में आज होगा जवाब

 खंडवा   मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित पूरे सिहाड़ा गांव की जमीन को वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति बताया है। इस मामले में पंचायत की ओर से मंगलवार को मध्य प्रदेश स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल में भोपाल जाकर अपना जवाब पेश किया जाएगा। ग्राम पंचायत ने दरगाह कमेटी को नोटिस भेजा था दरअसल, ग्राम सिहाड़ा स्थित दरगाह के आसपास अतिक्रमण होने और तार फेंसिंग कराने पर ग्राम पंचायत ने दरगाह कमेटी को नोटिस भेजा था। नोटिस का जवाब देने के बजाए दरगाह कमेटी ने वक्फ बोर्ड में पंचायत के नोटिस की शिकायत कर दी। इस पर वक्फ बोर्ड ने भी पूरे गांव की जमीन को अपनी संपत्ति करार दे दिया। कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को भी जारी हुए हैं नोटिस मामला तत्काल मध्य प्रदेश स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल के पास गया, जहां से पंचायत के अलावा खंडवा के कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को भी नोटिस जारी हुए। पंचायत की ओर से जवाब पेश करने के लिए सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान भोपाल पहुंचे हैं। पंचायत ने वक्फ बोर्ड के दावे को बताया झूठा पंचायत की ओर से तैयार जवाब में कहा गया है कि पूरा गांव या उसकी भूमि वक्फ संपत्ति नहीं, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार शासकीय भूमि है। विवादित खसरा नंबर 781, रकबा 14.05 हेक्टेयर राजस्व अभिलेखों में मध्य प्रदेश शासन, ग्राम आबादी के नाम दर्ज है। इस भूमि पर ग्राम पंचायत भवन, प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, नल-जल योजना और आवासीय मकान बने हैं, जो सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं हैं। वक्फ बोर्ड से जुड़े कुछ लोगों ने अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण किए हैं, जिन्हें हटाया जाना चाहिए। वक्फ बोर्ड का पंचायत पर आरोप इस बीच, जिला वक्फ बोर्ड के सचिव रियाज खान का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा दरगाह की जमीन को अपनी बताकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। विवाद इस जमीन को लेकर है, पूरे गांव की जमीन को लेकर पंचायत लोगों को गुमराह कर रही है।  

सर्दी ने पकड़ा जोर: मध्य प्रदेश के आधे प्रदेश में कोल्ड वेव, स्कूलों का समय बदला

भोपाल  प्रदेश में उत्तर से आती ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर तेज कर दिया है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सीजन के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। भोपाल में नवंबर की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश के बड़े हिस्से में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को तीव्र शीतलहर की स्थिति रहेगी। इसके अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी प्रभावी है।  भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को सीवियर कोल्ड वेव यानी तीव्र शीतलहर का अलर्ट है। वहीं, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने 18 नवंबर से स्कूलों की टाइमिंग सुबह 9 बजे से करने के आदेश जारी किए हैं। भोपाल में भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 8वीं तक की कक्षा सुबह 8:30 बजे से पहले नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं। ग्वालियर, देवास, झाबुआ, छिंदवाड़ा, सागर, शहडोल और खंडवा में भी स्कूल लगने के समय में बढ़ोतरी की जा चुकी है। वहीं, जबलपुर-उज्जैन समेत अन्य जिलों में बच्चों को राहत नहीं मिल पाई है। भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि भोपाल में नवंबर का रात का तापमान ब्रेक हो गया है। रविवार-सोमवार की रात में पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। इससे पहले साल 1941 में 6.1 डिग्री तापमान रहा था। वर्तमान में प्रदेश में मौसम साफ है। इस वजह से उत्तरी हवाओं का असर ज्यादा बना रहेगा। 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है। राजगढ़ सबसे ठंडा, पारा 5.8 डिग्री सोमवार-मंगलवार की रात राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में तापमान 6.4 डिग्री रहा। उमरिया में 7.6 डिग्री, नौगांव में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, धार में 8.8 डिग्री, मलाजखंड में 8.9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.5 डिग्री, खरगोन-मंडला में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारे में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार-सोमवार की रात यहां तापमान रिकॉर्ड 5.2 डिग्री सेल्सियस था। इससे नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड ब्रेक हो गया था। इसके बाद तापमान 8.2 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 7.7 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

चुनाव आयोग की सख्ती के बाद मध्यप्रदेश ने डिजिटाइज किए 9.72% गणना पत्रक, गोवा रही सबसे आगे

भोपाल  मध्यप्रदेश में चुनाव आयोग की सख्ती के बाद अब तक कुल 9.72 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। चुनाव आयोग द्वारा इसको लेकर रोज की जा रही समीक्षा के आधार पर एमपी का नम्बर देश के 12 राज्यों में कराई जा रही एसआईआर की कार्यवाही में छठे स्थान पर।  चुनाव आयोग द्वारा सोमवार को दोपहर बाद तीन बजे तक की स्थिति में जारी गणना पत्रक वितरण और डिजिटाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार देश के राज्य 12 राज्यों में कराई जा रही एसआईआर की कार्यवाही में मध्य प्रदेश का परफॉर्मेंस छठे स्थान पर है। चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर गणना पत्र के वितरण और गणना पत्र के डिजिटाइजेशन को लेकर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य प्रदेश में गणना पत्रक वितरण 99.63% और डिजिटाइजेशन की कार्रवाई 9.72% हुई है। रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 वोटर्स में से 5 करोड़ 71 लाख 94 हजार 700 वोटर्स को गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं। इसके साथ ही 55 लाख 81 हजार 488 गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। देश के 12 राज्यों में की जा रही एसआईआर की कार्रवाई की तुलनात्मक रिपोर्ट से पता चलता है कि मध्य प्रदेश की प्रोग्रेस छठे स्थान पर है और सबसे अच्छी स्थिति गोवा की है जहां 100% गणना पत्रक वितरण और 35.74% डिजिटाइजेशन का काम हो चुका है। इसके बाद राजस्थान में 98.85% गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं और 27.84% डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। तीसरे नंबर पर लक्षद्वीप है जहां 100% गणना पत्रक वितरण और 19.64% डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। पुडुचेरी चौथे स्थान पर है जहां 94.35 प्रतिशत गणना पत्रक बांटे गए हैं और 18.79 प्रतिशत डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। 50 करोड़ 97 लाख मतदाताओं की हो रही SIR चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 12 राज्यों के 50 करोड़ 97 लाख 84 हजार 423 वोटर्स में से 50 करोड़ 11 लाख 75 हजार 907 मतदाताओं को गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं। इनमें से चार करोड़ 42 लाख 64 हजार 69 मतदाताओं की गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है जो कुल मतदाता संख्या का 8.68 प्रतिशत है। सभी 12 राज्यों में गणना पत्रक वितरण का प्रतिशत 98.32 है। क्या है गणना पत्रक चुनाव आयोग के आदेश पर प्रदेश के सभी जिलों में गणना पत्रक बांटे जाने का काम बीएलओ कर रहे हैं। बीएलओ जो गणना पत्रक बांट रहे हैं, उसमें तय फार्मेट में चुनाव आयोग मतदाताओं का वेरिफिकेशन करा रहा है। इसमें 2003 में हुई एसआईआर के आधार पर वर्तमान मतदाता के माता-पिता, परिजनों, रिश्तेदारों की मतदाता सूची संख्या के आधार पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर शिफ्ट हुए, मृत हो चुके मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची को फाइनल किया जाएगा। एसआईआर में टिमरनी के बीएलओ का काम 100 प्रतिशत पूर्ण उधर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण SIR–26 के अंतर्गत, विधानसभा क्षेत्र 134 टिमरनी के भाग संख्या 68, ग्राम खरतलाय में नियुक्त बूथ लेवल ऑफिसर हंस कुमार दिलारे द्वारा सारा कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि जिला हरदा में सर्वप्रथम 100% कार्य पूर्ण करने का दायित्व ग्राम खरतलाय में रोजगार सहायक पद पर नियुक्त BLO द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जो सराहनीय है।

उज्जैन के पत्रकारों ने पत्रकारिता जगत के प्रेरणास्रोत

डॉ. नवीन आनंद जोशी, अध्यक्ष – मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का किया सम्मान उज्जैन पत्रकारिता की तपस्विनी भूमि उज्जैन में उस समय गरिमा और गौरव का वातावरण सृजित हो उठा, जब प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी का सम्मान स्थानीय पत्रकारों द्वारा बड़े आदर एवं उत्साह के साथ किया गया। समारोह में उपस्थित पत्रकार साथियों ने डॉ. जोशी को न केवल अपनी शुभकामनाएँ दीं, बल्कि यह संकल्प भी दोहराया कि देश–प्रदेश के पत्रकारों के विरुद्ध होने वाले शोषण, अन्याय और दमन के प्रत्येक प्रयास के सामने वे एकजुट होकर खड़े रहेंगे। डॉ. जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकार की कलम सिर्फ शब्द नहीं लिखती, वह समाज के अधिकारों की रक्षा की प्रहरी भी है। जब कभी सत्ता या व्यवस्था अन्याय के पक्ष में झुके, तब पत्रकार का साहस ही सच की लौ को जलाए रखता है। उन्होंने यह भी आह्वान किया कि"कलम की धार जितनी पैनी होगी, संघर्ष की राह उतनी ही उज्ज्वल बनेगी; पर आवश्यकता पड़े तो पत्रकार समाज तलवार की तरह तेज होकर भी खड़ा हो — क्योंकि सच की रक्षा के लिए दोनों ही आवश्यक हैं।" उज्जैन के पत्रकारों ने यह भरोसा दिलाया कि वे हर परिस्थिति में प्रेस क्लब और पत्रकार बिरादरी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे, ताकि सत्य, स्वतंत्रता और जनतंत्र की आवाज़ कभी कमजोर न पड़े। हमने कलम को दिया है जुनून का उजाला, अन्याय की दीवारों पर लिखा है हर दर्द का लफ़्ज़ निराला। जो चल पड़ा है सच की राह, उसे रोक न पाएगा कोई ज़माना — कलम भी हमारी हथियार, और हौसला हमारी चमकती तलवार का पाला। जहाँ हक़ की पुकार दबाने की कोशिश होगी, वहाँ हम आवाज़ बनकर उठ खड़े होंगे बार–बार; हम पत्रकार हैं, सच के सिपाही — कलम से भी लड़ेंगे, और ज़रूरत पड़ी तो हक़ की लड़ाई तलवार-सी धार।