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मंत्री सारंग ने लाभार्थियों को वितरित किए यात्रा टिकट

भोपाल मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना अंतर्गत नरेला विधानसभा क्षेत्र के श्रद्धालु 13 से 18 जून तक पवित्र वैष्णो देवी धाम की तीर्थ-यात्रा पर जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा संचालित तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने लाभार्थियों को यात्रा टिकट वितरित कर उनकी सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मंत्री  सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान देने वाली महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से उन्हें निःशुल्क तीर्थ-यात्रा का अवसर प्राप्त हो रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान कर रही सरकार मंत्री  सारंग ने कहा कि अनेक श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी इच्छा होती है कि वे देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन करें, लेकिन आर्थिक अथवा अन्य कारणों से यह संभव नहीं हो पाता। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना ऐसे श्रद्धालुओं के सपनों को साकार करने का माध्यम बनी है। सरकार द्वारा यात्रा, भोजन, आवास, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। 13 से 18 जून तक होगी यात्रा मंत्री  सारंग के निर्देशानुसार श्रद्धालुओं की यात्रा के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। श्रद्धालु 13 जून को वैष्णो देवी धाम के लिए रवाना होंगे तथा 18 जून को वापस लौटेंगे। यात्रा के दौरान आवागमन, भोजन, ठहरने एवं सुरक्षा सहित संपूर्ण प्रबंध मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किया जाएगा ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण कर सकें। श्रद्धालुओं ने जताया आभार टिकट वितरण के दौरान लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण धार्मिक सपने को पूरा करने का अवसर प्रदान किया है। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह योजना वरिष्ठ नागरिकों एवं आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी और प्रेरणादायी है। जनकल्याण और आस्था के संगम का उदाहरण मंत्री  सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का प्रतीक है। प्रदेश सरकार आगे भी जनहित और लोककल्याण की योजनाओं के माध्यम से नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।  

मंत्री श्री सारंग ने घर-घर पहुंचकर गिनाईं उपलब्धियां

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशव्यापी “विश्वास, विकास और जनकल्याण के 12 वर्ष” महा जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। नरेला विधानसभा क्षेत्र में मध्यप्रदेश शासन के सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग के नेतृत्व में व्यापक जनसंपर्क अभियान का आयोजन किया गया। अभियान अंतर्गत मंत्री  सारंग ने नरेला विधानसभा के विभिन्न बूथों पर पहुंचकर नागरिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और पिछले 12 वर्षों में देश में हुए परिवर्तन की जानकारी आमजन तक पहुंचाई। घर-घर पहुंचकर योजनाओं की दी जानकारी महा जनसंपर्क अभियान के दौरान मंत्री  सारंग ने कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों के साथ घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क किया तथा प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं के हितलाभ की जानकारी दी। जन-कल्याणकारी शिविरों में हितलाभ वितरण मंत्री  सारंग के मार्गदर्शन में नरेला विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में जनकल्याणकारी शिविरों का भी आयोजन किया गया। शिविरों में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। संबल योजना, स्वास्थ्य, बीमा, पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई गईं तथा नागरिकों की समस्याओं का निराकरण भी किया गया। विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का अभियान मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित किए हैं। देश की अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचना, डिजिटल सेवाओं, गरीब कल्याण और वैश्विक प्रतिष्ठा में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। यह अभियान इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाने का माध्यम है।    

जैन मंदिरों से चोरी हुई 250 वर्ष पुरानी दुर्लभ मूर्तियां सुरक्षित बरामद

भोपाल धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े संवेदनशील प्रकरणों के प्रति मध्यप्रदेश पुलिस की प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नरसिंहपुर पुलिस ने जैन मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं का सफल खुलासा कर पांच सदस्यीय शातिर चोर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जैन मंदिरों से चोरी की गई लगभग 250 वर्ष पुरानी अष्टधातु की दो दुर्लभ प्रतिमाएं, चांदी के 17 छत्र, दो चांदी के आसन, एक चांदी का मुकुट, चार बैटरियां, तीन इनवर्टर, दो रेफ्रिजरेटर, चार एलईडी टीवी, दो डीवीआर, दो पंखे, घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल तथा नगदी सहित चोरी गई संपत्ति जब्त की है। धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन धरोहरों की सुरक्षित बरामदगी पुलिस की संवेदनशील, पेशेवर एवं प्रभावी कार्यशैली को दर्शाती है। नरसिंहपुर में विगत दो से तीन माह के दौरान ग्राम रामनिवारी, तेन्दूखेड़ा तथा करकबेल स्थित जैन मंदिरों सहित अन्य स्थानों पर चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। धार्मिक स्थलों से जुड़ी इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था। टीमों को अज्ञात आरोपियों की शीघ्र पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयास, तकनीकी दक्षता, सतत निगरानी तथा वैज्ञानिक विवेचना के परिणामस्वरूप इस संवेदनशील प्रकरण का सफल खुलासा संभव हो सका। पुलिस द्वारा प्रारंभ से ही सभी पहलुओं पर सूक्ष्मता एवं गंभीरता के साथ जांच की गई। घटनास्थलों का बारीकी से निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए गए तथा तकनीकी जानकारी, मुखबिर तंत्र एवं अन्य उपलब्ध सूचनाओं का गहन विश्लेषण किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं के पैटर्न का भी विस्तृत अध्ययन किया। घटनाओं के समय, स्थान, वारदात के तरीके एवं संदिग्ध गतिविधियों के तुलनात्मक विश्लेषण से महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए। इसी क्रम में निगरानी बदमाश टिक्कू उर्फ टेकसिंह लडिया की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर उसकी गहन पतारसी की गई। तकनीकी साक्ष्यों एवं अन्य तथ्यों के आधार पर पूछताछ किए जाने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने प्रकरण में टिक्कू उर्फ टेकसिंह लडिया के साथ ज्ञानी प्रजापति, आशीष शर्मा, नितिन शर्मा तथा चोरी का सामान खरीदने वाले चिन्टू उर्फ मुकेश सोनी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने करकबेल जैन मंदिर, रामनिवारी स्थित जैन मंदिर, तेन्दूखेड़ा स्थित जैन मंदिर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई कुल पांच चोरी की घटना कारित करना स्वीकार की है। मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशवासियों की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक धरोहरों एवं जनसुरक्षा की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस प्रकार अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

“शिक्षा केंद्रों के निकट छेड़छाड़ की घटनाएं न हों, महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहें”

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर में पुलिस बल को नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। अपराधों के अन्वेषण का दायित्व निभाने वाले विवेचना अधिकारियों को अन्वेषण भत्ता भी मिले, इस दृष्टि से अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। इस क्षेत्र में अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था, साक्ष्य संकलन, अभियुक्त गवाह और पीड़ित के परिवहन, भोजन आदि के साथ फोटोग्राफी -वीडियोग्राफी, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, न्यायलीन प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्च देखते हुए मध्यप्रदेश में अन्वेषण भत्ता लागू किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सजगता और सक्रियता से भूमिका निभाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा में कहा कि सायबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गृह विभाग द्वारा आईटी कंसल्टेंट की सेवाएं लेने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। बैठक में सिंहस्थ: 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से विभिन्न कंट्रोल रूम तथा अन्य व्यवस्थाओं को इस तरह पूर्ण किया जाए ताकि उनका स्थाई महत्व और प्रभाव रहे। उज्जैन में अनेक बाबा महाकाल मंदिर सहित देव स्थान हैं। सभी व्यवस्थाओं को तात्कालिक के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी और हाल ही में भोजशाला से संबंधित प्रसंग में पुलिस बल की सजग सक्रिय भूमिका के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और फोर्स के अन्य सदस्यों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचार सराहनीय हैं। राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अन्य विभागों के सहयोग से सुगम परिवहन सुनिश्चित करने, अग्निशमन इकाईयों को सहयोग, एयर एम्बुलेंस के उपयोग में सहयोग, सैनिक कल्याण प्रयासों को बढ़ाने के कार्य सराहनीय हैं। इसके साथ ही खुले स्थानों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि में स्पीकर आदि के प्रयोग को नियंत्रित करने के निर्देशों का भी निरंतर पालन किया गया है। यह व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें, इसके लिए विभाग का अमला सक्रिय रहे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन वर्चुअली शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा, एडीजी श्री ए. साई मनोहर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड के गठन की पहल, सायबर अपराधों, सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और अपराधों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के बढ़ते दुरूपयोग के प्रभावी विशलेषण के लिए राज्य सायबर सेल ने विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने के संबंध में विचार किया गया। इसके साथ ही काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संरचना और बल में वृद्धि, राज्य स्तरीय उन्नत प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से एटीएस,एसटीएफ, हॉक फोर्स और अन्य विशिष्ट इकाईयों के लिए क्षमता संवर्धन प्रबंध, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल इकाई के संचालन के प्रावधान, वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने, एआई का प्रयोग कर सेफगार्ड एमपी प्रणाली के माध्यम से बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में एक नई तरह की पहल करने के संबंध में भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश          पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी मुस्तैद रहें।          शिक्षा केंद्रों के निकट छेड़छाड़ की घटनाएं न हों, महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहें।          गौवंश रक्षा पर पूरा ध्यान दें, उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त एक्शन हो।          भू-माफिया के विरूद्ध कार्यवाही सख्त हो। अपराधियों की सम्पत्ति कुर्क करने में पीछे न रहें। संगठित अपराधियों पर निरंतर नजर रखी जाएं। मुखबिर तंत्र सशक्त रहना चाहिए।          राज्य में ई-चालान व्यवस्था और ई-साक्ष्य जैसे उपायों का अधिक से अधिक प्रयोग करें। आईटी के अधिकतम प्रयोग से अपराधों के नियंत्रण और जांच कार्य में आसानी लाएं जिससे कि मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी बने।          प्रतिदिन ग्रामों से दूध ,सब्जी आदि लाने वाले किसानों को कृषक कल्याण वर्ष में जीवन रक्षा के लिए हेलमेट प्रदान किए जा रहे हैं। पुलिस विभाग ऐसे अभिनव प्रयोग में सहयोगी बने और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए उपयोगी हेलमेट के इस्तेमाल के लिए नागरिकों को जागरूक करने का अभियान जारी रखे।          पुलिसकर्मियों के लिए अपने आवास अर्थात आशियाने की व्यवस्था करने में गृह विभाग आवश्यक सहयोग दे। पुलिस लाइन्स में आवास गृहों की व्यवस्था और पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा नए आवास गृहों के निर्माण करवाने के साथ ही वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं, ताकि कम व्यय पर पुलिस जवानों को मकान उपलब्ध हो सके।          विभाग के श्रेष्ठ कार्य करने वालों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाए।          प्रदेश में नशा विरोधी अभियान निरंतर संचालित करें। युवाओं को हर हालत में नशे से बचाना है।          सिंहस्थ : 2028 में सुरक्षा उपकरणों के साथ ही पार्किंग, परिवहन और भीड़ प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं बनाएं। प्रमुख उपलब्धियां और नवाचार बैठक में गृह विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए श्रेष्ठ कार्यों की भी चर्चा हुई। प्रमुख उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी गई।          सैनिक कल्याण के क्षेत्र मध्यप्रदेश के कार्य की रक्षा मंत्रालय द्वारा सराहना की गई।          संपदा संचालनालय द्वारा शासकीय आवास गृह के ऑनलाइन आवंटन का कार्य किया जा रहा है।          आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता वर्धन के लिए निरंतरण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।  

अब खाद माफियाओं की खैर नहीं! कालाबाजारी की शिकायत करने वालों को मिलेगा ₹1000 का पुरस्कार

 अशोकनगर  किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सूचना दाता प्रोत्साहन योजना लागू की है।योजना के तहत खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी उर्वरकों के निर्माण और बिक्री की सूचना देने वाले व्यक्ति को 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उप संचालक कृषि अमित भदौरिया ने बताया कि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना और किसानों को राहत प्रदान करना है। इसके तहत बिना लाइसेंस उर्वरक विक्रय या निर्माण, निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण, तय मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री, नकली खाद का निर्माण तथा सरकारी अनुदान वाले उर्वरकों के औद्योगिक उपयोग जैसी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। गोपनीय रहेगी सूचनादाता की पहचान कृषि विभाग के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। कोई भी किसान या नागरिक सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकता है। यदि जांच में सूचना सही पाई जाती है और अवैध गतिविधि प्रमाणित होती है, तो प्रोत्साहन राशि सीधे सूचनादाता के बैंक खाते में भेजी जाएगी।  

समर्थ की शादी में डांस करना पड़ा भारी? ट्विशा शर्मा के पिता ने वकीलों के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

भोपाल  बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। इसी बीच, ट्विशा के पिता ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है और 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम' से जुड़े कुछ वकीलों की भूमिका की जांच की मांग की है। ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विवेक रूसिया के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारी की भूमिका पर भी उठ सवाल उन्होंने कानूनी सहायता प्रणाली से जुड़े कुछ वकीलों और एक अधिकारी की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के तहत नियुक्त कुछ वकील आरोपी पक्ष का समर्थन करते नजर आए। शिकायत के अनुसार, इन वकीलों की नियुक्ति भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में गिरिबाला सिंह के कार्यकाल के दौरान हुई थी। समर्थ की शादी में किया था डांस शर्मा ने शिकायत के साथ एक तस्वीर भी सौंपी है, जिसमें 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल' स्कीम के असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना को समर्थ सिंह की शादी में नाचते हुए दिखाया गया है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सक्सेना कोर्ट में आरोपी के निजी वकील के साथ मौजूद थे। ट्विशा शर्मा के पिता ने 'चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल' रीना वर्मा का नाम भी शिकायत में शामिल किया है। लीगल एड वकीलों ने सक्रिय भूमिका निभाई उन्होंने सवाल उठाया है कि जब आरोपी के पास पहले से निजी वकील मौजूद था, तो लीगल एड वकीलों ने सक्रिय भूमिका क्यों निभाई। इसके अलावा, ब्यूटी पार्लर और बाद में विवाह समारोह में देखे गए एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में उस व्यक्ति की पहचान तथा घटनाक्रम में उसकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अदालत में ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अंकुर पांडे ने कहा कि यह मामला संबंधित अधिकारियों के समक्ष रख दिया गया है। पांडे ने शुक्रवार को कहा, "हमने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेज दी है और अब इस मामले में कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।" शिकायत में लीगल एड वकीलों की भूमिका और आरोपी के साथ उनके कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही, अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान हुए कानूनी प्रतिनिधित्व की समीक्षा करने की भी मांग की गई है।     ट्विशा शर्मा केस में आया नया मोड़     ट्विशा के पिता ने दर्ज कराई आपत्ति     असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना की भूमिका पर सवाल     16 जून तक रिमांड पर हैं समर्थ और उसकी मां 16 जून को खत्म होगी रिमांड इस बीच, ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 16 जून को समाप्त हो रही है। एजेंसी उस दिन दोनों को अदालत में पेश करेगी, जहां यह तय किया जाएगा कि उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई जाए या आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड दिया जाए। सीबीआई ने पहले अदालत को बताया था कि आवश्यकता पड़ने पर वह रिमांड की मांग करेगी। हालांकि, 2 जून को भोपाल सेंट्रल जेल भेजे जाने के बाद से अब तक किसी रिमांड की मांग नहीं की गई है।

माता मंदिर में ऊर्जा मंत्री तोमर की जन चौपाल, पौधरोपण और स्वच्छता अभियान से दिया खास संदेश

माता मंदिर में रात्रि विश्राम के दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने लगाई जन चौपाल एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौध-रोपण झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर में चल रहे महाअभियान के तहत उप नगर ग्वालियर के वार्ड नंबर 5 आनंद नगर स्थित बड़ा पार्क माता मंदिर परिसर में  रात्रि विश्राम के दौरान जन चौपाल के जरिए स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर नागरिकों ने जनसुविधा से जुड़े कई मुद्दे उठाए, जिन पर ऊर्जा मंत्री तोमर ने सकारात्मक पहल और समाधान का आश्वासन दिया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने संकल्प लिया कि क्षेत्र के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और हर गली-मोहल्ले तक विकास पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और उनकी बात सुनना जनसेवक का सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। रात्रि विश्राम के उपरांत शुक्रवार सुबह ऊर्जा मंत्री तोमर ने बड़ा पार्क में संचालित जिम में स्थानीय निवासियों के साथ संवाद करते हुए उनका हालचाल पूछा। तदोपरान्त पार्क और मंदिर परिसर में झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान में शिरकत की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने संगठन के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान में शामिल होकर पौध-रोपण भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरूआत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को पर्यावरण से जोड़ना और व्यक्तिगत स्तर पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ मां के नाम' अभियान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और अपनी माँ के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी पौधरोपण अभियान है। इस दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने बड़ा पार्क आनंद नगर में क्रिकेट खेला।  

‘हमें अब भी इंसाफ का इंतजार’ : राजा रघुवंशी के परिवार ने दोहराई CBI जांच की मांग, सोनम पर जताई चिंता

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक लड़की से जुड़े मामले में सीबीआई जांच हो सकती है, तो लड़के के मामले में क्यों नहीं। उनका तर्क है कि यह मामला भी बेहद चर्चित है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है। ऐसे में राजा रघुवंशी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। बता दें कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून पर शिलांग गए थे। आरोप है कि वहां सोनम ने अन्य लोगों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव को खाई में फेंक दिया। घटना के बाद वह फरार हो गई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने सोनम सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल सोनम जमानत पर बाहर है। ऐसे में राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। लड़के के मामले में सीबीआई जांच क्यों नहीं? विपिन का कहना है कि इस मामले में जल्द से जल्द सीबीआई जांच होनी चाहिए। क्योंकि सोनम जमानत पर बाहर है और वह सबूतों को नष्ट कर सकती है। हमारी राज्य सरकार से यही मांग है कि इस मामले की भी सीबीआई जांच कराई जाए। सीबीआई जांच होने पर हमारे भाई राजा को जल्द न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल सोनम जमानत पर बाहर है, लेकिन यदि मामले की गहन जांच होती है तो सच्चाई सामने आएगी। विपिन ने कहा कि भोपाल में एक युवती की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जा रही है, जबकि राजा की हत्या के मामले में अब तक सीबीआई जांच नहीं हुई है। जबकि यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है। विपिन का कहना है कि सरकार को इस मामले में भी सहयोग करना चाहिए था। इतना बड़ा मामला होने के बावजूद यदि सोनम को जमानत मिल गई है, तो यह उनके परिवार के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि राजा को अभी तक न्याय नहीं मिला है और परिवार अब भी इंसाफ का इंतजार कर रहा है।

मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, भिंड-मुरैना सहित 6 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट; मानसून 3-4 दिन लेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार थोड़ा और लंबा हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश में 3 से 4 दिन की देरी से पहुंच सकता है। फिलहाल प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक शुक्रवार को भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओले गिरने की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल सहित 40 से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई है।  इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी रहेगी। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि होने का भी अनुमान है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बुरहानपुर, खंडवा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। आंधी की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक होने का अनुमान है। इन जिलों में गर्मी का असर मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। यानी, यहां पर गर्मी का असर बना रहेगा। 17-18 जून तक पहुंच सकता है मानसून एक दिन के ब्रेक के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून 17 या 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है और इसके बाद अगले 10 से 15 दिनों में पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।  ग्वालियर में आधा इंच बारिश…मंडला, सिवनी-दतिया में गिरा पानी मध्य प्रदेश में गुरुवार को आंधी-बारिश के साथ गर्मी का असर भी रहा। ग्वालियर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, शाम तक मंडला, सिवनी, दतिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। इधर, प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 42 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 41.3 डिग्री, उज्जैन में 39.7 डिग्री, इंदौर में 38 डिग्री और भोपाल में 39.7 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे गर्म खजुराहो और नौगांव रहे। यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दमोह में 42.8 डिग्री, सतना में 42.7 डिग्री, रीवा में 42.5 डिग्री, दतिया में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़-मंडला में 42 डिग्री, उमरिया में 41.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.4 डिग्री, मलाजखंड में 41.1 डिग्री, रायसेन-राजगढ़ में 41 डिग्री, गुना में 40.7 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, सागर में 40.4 डिग्री और श्योपुर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस रहा। ब्रेक के बाद आगे बढ़ा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, एक दिन के ब्रेक के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून को कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच गया। यदि परिस्थितियां अनुकूल रही तो मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। इसलिए यह एमपी में 17 या 18 जून को पहुंच सकता है।एमपी में इन सिस्टम की एक्टिविटी प्रदेश के पूर्वी हिस्से से टर्फ गुजर रही है। वहीं, ऊपर एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एवं एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। इसकी वजह से गुरुवार को प्रदेश में मौसम बदला रहा।

एमपी बोर्ड 12वीं द्वितीय परीक्षा का रिजल्ट घोषित, रोल नंबर से तुरंत देखें अपना परिणाम

भोपाल  MPBSE MP Board Second Exam Result 2026: एमपी बोर्ड 12वीं सेकेंड एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट mpbse.mponline.gov.in और mpresults.nic.in पर देख सकते हैं। छात्र रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज कर अंक देख सकते हैं। मंडल ने विद्यार्थियों से केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करने और अप्रमाणित लिंक से बचने की अपील की है। कक्षा 12वीं द्वितीय बोर्ड परीक्षा 7 से 26 मई 2026 के बीच आयोजित हुई थी। छात्र वेबसाइट से मार्कशीट की प्रति डाउनलोड कर सकेंगे, जबकि ऑरिजनल मार्कशीट स्कूल से मिलेगी। पिछले साल सेकेंड चांस 12वीं परीक्षा में कुल 57.60 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए थे। आपको बता दें कि एमपी बोर्ड 12वीं मुख्य परीक्षा में 1 लाख 99 हजार छात्र फेल हो गए थे। अब इनमें ज्यादातर विद्यार्थियों ने सेकेंड चांस एग्जाम दिया होगा। MPBSE MP Board Second Exam Result 2026: ऐसे चेक कर सकते है एमपी बोर्ड के नतीजे – सबसे पहले एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर जाएं। – HSC/SSC रिजल्ट के लिए ‘MPBSE सप्लीमेंट्री परीक्षा परिणाम या सेकेंड एग्जाम रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें। – एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 लॉगिन पेज स्क्रीन पर दिखाई देगा। – उस पेज पर अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें। – सभी विवरण दर्ज करने के बाद परिणाम देखें बटन पर क्लिक करें। – एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 आपको स्क्रीन पर दिखाई देगा। सेकेंड चांस एग्जाम में कौन कौन बैठा इस बार से सप्लीमेंट्री परीक्षा को खत्म कर दिया गया है। सेकेंड चांस एग्जाम में फेल और पास दोनों तरह के विद्यार्थी शामिल हुए। नियम के मुताबिक छात्र अब सिर्फ फेल विषयों के लिए ही नहीं, बल्कि बेहतर अंक लाने के लिए भी किसी विषय में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं। मेन एग्जाम में अनुत्तीर्ण, अनुपस्थित तथा अंक सुधार के इच्छुक विद्यार्थी शामिल हुए। दोनों अवसरों में से बेहतर परिणाम को अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा। कैसा रहा था मुख्य परीक्षा का रिजल्ट बता दें कि साल 2026 में एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं की मुख्य परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को जारी किया गया था। एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 73.42 फीसदी रहा। एमपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 76.01 फीसदी रहा। एमपी बोर्ड 10वीं में पन्ना की प्रतिभा सिंह ने 500 में से 499 अंक लाकर टॉप किया। वहीं एमपी बोर्ड 12वीं में भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने मेरिट में पहला स्थान हासिल किया है। दोनों ने 500 में से 494 अंक हासिल किए हैं। जिलों में झाबुआ पहले और अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा। 10वीं में शासकीय स्कूलों का रिजल्ट 76.80 फीसदी रहा और प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट 68.64 फीसदी रहा सरकारी स्कूलों का रिजल्ट प्राइवेट से 8 फीसदी अच्छा रहा। कब हुई थी परीक्षा एमपीबीएसई कक्षा 12वीं दूसरी बोर्ड परीक्षा का आयोजन मध्य प्रदेश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों में 7 मई से लेकर 25 मई, 2026 के बीच किया गया था। इसके साथ ही छात्र ऑफिशियल वेबसाइट से केवल मार्कशीट की प्रति डाउनलोड कर सकते हैं। ओरिजनल मार्कशीट स्कूल द्वारा ही प्रदान की जाएगी। छात्र कुछ दिनों बाद अपने स्कूल जाकर कक्षा 12वीं परीक्षा की मार्कशीट प्राप्त कर सकेंगे।