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मिलिंग कार्य में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी : खाद्य मंत्री राजपूत

धान परिवहन कार्य में लगे वाहनों पर लगेगा जीपीएस खाद्य मंत्री ने दिये एनसीसीएफ के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई एवं ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सख्त निर्देश दिये हैं कि मिलर्स धान मिलिंग के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरते।मिलिंग कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जायेगी। मिलिंग कार्य के दौरान कोई भी गड़बड़ी या अनियमितता पाई जायेगी तो संबंधित जिला प्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ भी दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत मंत्रालय में प्रदेश के मिलर्स के साथ आयोजित बैठक में विपणन वर्ष 2025-26 की मिलिंग नीति के प्रारूप पर चर्चा कर रहे थे। बैठक में शहडोल उमरिया क्षेत्र के मिलर्स द्वारा एनसीसीएफ के प्रभारी एवं कर्मचारियों के कार्य व्यवहार पर विरोध जताये जाने के कारण खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने एनसीसीएफ के प्रभारी एवं संबंधित जिले के ब्रांच मैनेजर के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव खाद्य को दिये। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि अन्तर जिला मिलिंग एवं धान के परिवहन के लिये किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विपणन वर्ष 2025-26 में जिन ट्रकों से धान परिवहन होगा उन पर जीपीएस ट्रेकर अनिवार्य रूप से लगाते हुए उक्त वाहनों का सत्यापन परिवहन सेवा पोर्टल से कराया जाये। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि यदि कोई ट्रक बिना जीपीएस पाया जायेगा, तो संबंधित धान प्रदाय करने वाले कर्मचारी एवं परिवहनकर्ता तथा संबंधित मिलर्स के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। गोदामों की भंडारण क्षमता का निरीक्षण करे अधिकारी खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वो समय पर मिलर्स के गोदामों की वास्तविक भंडारण क्षमता की पड़ताल करने के साथ इस वर्ष धान मिलिंग के लिये अनुबंध करने वाले मिलर्स के साथ उनके गोदाम, मिल का निरीक्षण जिला स्तरीय समिति द्वारा आवश्यक रूप से कराया जाये। उन्होंने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि मिलर्स द्वारा बताये गये गोदाम की स्थिति एवं उसकी क्षमता पर्यप्त नहीं होती है, इसलिये अधिकारी पड़ताल में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरते। खाद्य मंत्री ने अफसरों को निर्देश दिये कि इस विपणन वर्ष 2025-26 में जो मिलर्स गुणवत्तायुक्त अच्छा कार्य करेंगे, उन्हें गत वर्ष की तुलना में 3 से 4 गुना अधिक मात्रा में धान देने के प्रावधान किये जाए, जिससे उनकी मिलिंग क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सके। तय समय सीमा में पूर्ण करें मिलिंग कार्य खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सभी मिलर्स द्वारा इस बार धान मिलिंग का कार्य भारत सरकार द्वारा जून 2026 की तय की गई समय सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य है। उन्होंने दिसम्बर 2025 से ही पूरी मिलिंग प्रक्रिया की सतत् निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश नान के प्रबंध संचालक को दिये। इसके साथ ही उन्होंने निगम मुख्यालय पर प्रत्येक 15 दिवस में क्षेत्रीय प्रबंधक एवं जिला प्रबंधक की बैठक कर प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये। मिलर्स को समय पर भुगतान करने के दिये निर्देश मिलर्स द्वारा उपार्जन एवं मिलिंग का भुगतान समय पर नहीं होने की समस्या पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने नान के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा को समय पर मिलर्स के भुगतान करने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देश दिये गये कि नियमित रूप से भुगतान कार्य की समीक्षा अनिवार्य रूप से करें। अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरूण समी ने मिलिंग के लिये उपार्जन केन्द्र से ही अधिक से अधिक धान उठाव कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि धान उठाव के उपयोग में आने वाले वाहनों के रजिस्टेशन प्रक्रिया का टेस्ट रन करें। बैठक में मिलर्स ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान एमडी नागरिक आपूर्ति विभाग श्री अनुराग वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही

डायल-112 ने बचाई दो जानें, अशोकनगर व रीवा में आत्महत्या के प्रयास किए  विफल भोपाल   मध्यप्रदेश पुलिस अपने अनुशासन, दक्षता और जनता की सुरक्षा के प्रति समर्पण के लिए निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रही है। राज्यभर में पुलिस बल न केवल अपराध नियंत्रण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, बल्कि संकट की घड़ी में मानवीय संवेदनशीलता दिखाकर नागरिकों के जीवन की रक्षा भी कर रहा है। इसी क्रम में डायल-112 सेवा ने अपनी तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण से दो अलग-अलग जिलों — अशोकनगर एवं रीवा में आत्महत्या के प्रयास कर रहे व्यक्तियों के जीवन को सुरक्षित बचाने में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। अशोकनगर — रेलवे पटरी पर आत्महत्या करने पहुँची महिला की बचाई जान 09 नवम्बर 2025 को दोपहर लगभग 02:00 बजे, राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कोतवाली, अशोकनगर क्षेत्र अंतर्गत गरिमा पेट्रोल पंप के पास एक महिला रेलवे पटरी पर घूम रही है और किसी अनहोनी की आशंका है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके पर भेजा गया। आरक्षक पवन धाकड़ एवं पायलट शिशुपाल शर्मा ने मौके पर पहुँचकर देखा कि लगभग 30 वर्षीय महिला पारिवारिक विवाद से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास कर रही थी। डायल-112 के जवानों ने तुरंत महिला को संरक्षण में लिया, समझाइश दी तथा उसे आत्मघाती कदम उठाने से रोका। तत्पश्चात महिला को सुरक्षित थाने में परामर्श देकर परिवार देकर परिवार के पास पहुंचाया गया। रीवा — चार मिनट में पहुँची डायल-112, फंदा लगाते युवक को बचाया थाना अमहिया, रीवा अंतर्गत ललऊ घाट क्षेत्र में 09 नवम्बर की रात 12 बजे, डायल-112 कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति नशे की हालत में अपने कमरे में बंद होकर आत्महत्या की धमकी दे रहा है। सूचना मिलते ही थाना अमहिया पुलिस एवं डायल-112 टीम केवल चार मिनट में स्थल पर पहुँच गई। दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश करने पर युवक फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने तत्काल उसके गले से कपड़ा हटाकर उसे बचाया और शांत किया। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि युवक नशे के प्रभाव में था तथा पारिवारिक विवाद के कारण आत्मघाती कदम उठाने जा रहा था। पुलिस ने उसे समझाइश दी, परामर्श दिया और सुरक्षित रूप से परिजनों से मिलवाया। इन दोनों घटनाओं ने पुनः सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा केवल एक आपातकालीन नंबर नहीं, बल्कि “जनजीवन की सुरक्षा का भरोसा” है। संकट की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीमें हर कोने में त्वरित प्रतिक्रिया देकर नागरिकों के जीवन की रक्षा कर रही हैं। यह कार्यवाही पुलिस की संवेदनशीलता, तत्परता और जनसेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी आपात स्थिति में DIAL 112 पर तुरंत संपर्क करें।  

प्रदेश में मखाना खेती को प्रोत्साहन, मंत्री कुशवाह ने की योजना की घोषणा

बिहार की तर्ज पर प्रदेश में मखाना खेती को किया जाएगा प्रोत्साहित : मंत्री  कुशवाह प्रदेश के चार जिलें में पायलट प्रोजेक्ट लागू भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि मध्यप्रदेश में भी बिहार की तर्ज पर मखाना की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश के 4 जिलों नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी में मखाना खेती क्षेत्र विस्तार को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जा रहा है। मंत्री  कुशवाह ने इन जिलों के किसानों को योजना से जुड़ने की अपील की है। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि मखाने का उत्पादन भी सिंघाड़ा की तरह छोटे-छोटे तालाबों में किया जाता है। बिहार में मखाना उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है मखाने के बीज को फल का स्वरूप प्रदान करने के लिए छोटी-छोटी उत्पादन ईकाइयाँ भी लगाई जाती है, मखाने की भारत सहित अरब और यूरोप के देशों में काफी मांग रहती है। उल्लेखनीय है कि मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार द्वारा मखाना बोर्ड का गठन भी किया गया है। मध्यप्रदेश की जलवायु भी मखाना के उत्पादन के लिए अनुकूल है। इसलिए प्रदेश के किसानों को इस ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण  अरविन्द दुबे ने बताया कि प्रदेश के 4 जिलों नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा एवं सिवनी जिले में 150 हैक्टेयर क्षेत्र में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर 45 लाख रूपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। मखाना उत्पादन करने वाले कृषकों को 75 हजार प्रति हैक्टेयर या लागत का 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के 99 कृषकों ने ऑनलाइन आवदेन किया जा चुका है।  

समाधान योजना में मुरैना शहर के श्री रामस्‍वरूप का हुआ 07 लाख 54 हजार से अधिक का सरचार्ज माफ

एकमुश्‍त बकाया बिल जमा करने पर 13 लाख, 216 रूपए में से केवल 5 लाख 45 हजार 920 रूपए हुए जमा समाधान योजना में अब तक 10 हजार 075 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने कराया पंजीयन 14 करोड़ 29 लाख मूल राशि हुई जमा, 08 करोड़ 30 लाख का सरचार्ज हुआ माफ भोपाल  मध्‍यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ग्‍वालियर क्षेत्र के मुरैना शहर जोन के उपभोक्‍ता श्री राम स्‍वरूप उस समय अचरज में पड़ गए जब वे बकाया बिल जमा करने गए तो उनका साढ़े सात लाख रूपए से अधिक का सरचार्ज माफ कर दिया गया। उनका कुल बकाया बिल 13 लाख 216 रूपए था, उन्‍हें समाधान योजना में केवल 05 लाख 45 हजार 920 रूपए जमा करने पड़े। उन्‍होंने तत्काल बकाया बिल जमा किया और अपने घर की बिजली सप्‍लाई बहाल करवा ली है। अब वह बेहद खुश हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। ऐसे अनेक बकायादार उपभोक्‍ता हैं, जिन्‍होंने 8 दिन पहले शुरू हुई समाधान योजना का लाभ लिया और फायदा उठाया है। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में अब तक 10 हजार 075 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 14 करोड़ 29 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 08 करोड़ 30 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025- 26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कंपनी के बकायादार उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे प्रथम चरण में ही एकमुश्‍त भुगतान कर इस योजना में शामिल होकर सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ उठाएं। उन्‍होंने कहा कि यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल के लिये portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय ऐप पर भी पंजीयन की सुविधा शीघ्र ही मिलने लगेगी। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा का संपूर्ण जीवन जनसेवा और उच्च आदर्शों को समर्पित रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की जयंती पर विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा की जयंती पर मंगलवार को विधानसभा परिसर में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री सुंदरलाल पटवा ने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा, संगठन के विस्तार और उच्च आदर्शों को समर्पित कर दिया। सादगी, शुचिता एवं त्याग की त्रिवेणी से परिष्कृत श्री पटवा का प्रेरणादायक व्यक्तित्व सदैव प्रदेशवासियों का मार्गदर्शन करता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और केन्द्र सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में श्री पटवा की प्रशासनिक दक्षता और दूरदर्शिता का लाभ सभी को मिला। उनके द्वारा दी गई प्रधानमंत्री सड़क की सौगात ने देश के ग्रामीणों को विशेष रूप से लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करने की परम्परा आरंभ करने के लिए उनकी सराहना की। पुष्पांजलि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवानदास सबनानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को हासिल करने में कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन महत्वपूर्ण

मॉडल स्कूल टी.टी. नगर में विद्यार्थियों से किया गया संवाद भोपाल  मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर, भोपाल में मंगलवार को बच्चों को पढ़ाई के साथ उनमें व्यावसायिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ कॅरियर विकल्पों, वैश्विक शैक्षणिक अवसरों और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं की जानकारी दी गयी। विषय-विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती स्मिता भारद्वाज ने कहा कि कॅरियर केवल विषय चयन नहीं, बल्कि आत्मचेतना, क्षमता और अवसरों की समझ पर आधारित एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ विद्यार्थियों को उनकी वास्तविक संभावनाओं से सीधे तौर पर जोड़ती हैं। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रेखा शर्मा ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि कॅरियर जागरूकता भविष्य का मूल आधार है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और सही दिशा तीनों से समर्थ बनाना है। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिये वास्तविक अवसरों और चुनौतियों का परिचय कराती हैं। प्रदर्शनी में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और नेशनल-इंटरनेशनल शैक्षणिक संस्थानों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। स्टॉलों पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के विकल्प, प्रवेश प्रक्रियाएँ, स्कॉलरशिप अवसर, इमर्जिंग कॅरियर फील्ड्स और कम्पेटिटिव एक्जाम से संबंधित जानकारी प्रदान की गयी। विद्यालय की काउंसल द्वारा तैयार किये गये कॅरियर आधारित मॉडल्स, चार्ट्स, पोस्टर्स एवं इंटरेक्टिव आकर्षण का केन्द्र रहे। इनमें फिजिक्स, केमेस्ट्री, मेथ्स, बॉयोलॉजी, वाणिज्य, मानविकी के साथ सायबर सिक्यूरिटी, डिफेंस सर्विसेस, एविएशन, क्रिएटिव ऑर्ट्स और डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और स्किल इण्डिया की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों ने ऑर्ट एण्ड क्रॉफ्ट, माटीकला, पेंटिंग, ज्वेलरी डिजाइन, हेण्डीक्रॉफ्ट और एन्त्रप्रेन्योरशिप जैसे कौशल आधारित स्टॉल लगाये। इन स्टॉलों में अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर यूनिटी मार्च का किया शुभारंभ

सरदार पटेल ने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक भारत के निर्माण में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरदार पटेल ने अनेकों रियासतों  को एक करते हुए अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया। आजादी के समय सरदार पटेल ने पाकिस्तान की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए देश को सुरक्षित रखा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के सामने जिस मजबूती के साथ खड़ा है, उसमें सबसे बड़ी भूमिका सरदार पटेल की रही है। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से उनके गौरवशाली कार्यों का स्मरण करने के लिए प्रदेश में यूनिटी मार्च का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर "एक भारत-आत्मनिर्भर भारत" के लक्ष्य के साथ भोपाल- सीहोर लोकसभा क्षेत्र में निकाले जा रहे यूनिटी मार्च को वल्लभ भवन के सरदार पटेल पार्क में संबोधित कर रहे थे। देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में छोड़े गए तिरंगे बैलून मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में कटहल और आम के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और पुलिस बैंड द्वारा बजाई जा रही देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में तिरंगे बैलून छोड़े। सामूहिक समवेत स्वर में वंदे मातरम का गान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर यूनिटी मार्च को रवाना किया। यूनिटी मार्च में 2 हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया।  सरदार पटेल के प्रयासों से भोपाल सहित कई रियासतें अखंड भारत का बनीं हिस्सा: सांसद श्री आलोक शर्मा सांसद श्री आलोक शर्मा ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर के प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 3 दिवसीय यूनिटी मार्च (पदयात्रा) का आयोजन किया जा रहा है। सरदार पटेल ने 562 रियासतों का विलय कर अखंड भारत की नींव रखी। भारत 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हो गया था लेकिन भोपाल सहित जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी कई रियासतों ने भारत में शामिल होने से इनकार किया। इसके बाद इन रियासतों को अखंड भारत का हिस्सा बनाने में सरदार पटेल की अहम भूमिका रहीं। उन्होंने बताया‍ कि यह रैली बैरसिया और सीहोर में भी आयोजित की जाएगी। अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए गतिविधियां जारी वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरदार पटेल ऐसा व्यक्तित्व थे, जिन्होंने देश को एक करने का कार्य किया। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बना है। हमारी सरकार द्वारा सरदार पटेल के अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, पूर्व विधायक श्री ध्रुव नारायण सिंह, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी सहित श्री रवींद्र यति, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। 

शासकीय शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये लगेंगे शिविर

अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों की विभागीय स्तर पर होगी नियमित समीक्षा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से की चर्चा भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में शासकीय शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये शिविर लगाये जायेंगे। यह शिविर संभाग, जिला और विकासखण्ड स्तर पर लगाये जायेंगे। समस्याओं के निराकरण के लिये संबंधित अधिकारी त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। लगाये गये शिविरों की राज्य स्तर पर भी समीक्षा की जायेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने यह बात मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न शिक्षक संघों के पदाधिकारियों से चर्चा के दौरान कही। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिये संवेदनशील है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में 4 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें अतिथि शिक्षक भी शामिल हैं। अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में होगी त्वरित कार्यवाही मंत्री श्री सिंह ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में दिवंगत शिक्षकों के परिवार के अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में त्वरित कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि इन पदों पर नियुक्ति के समय प्रशिक्षण, डीएड एवं बीएड की अनिवार्यता को समय अवधि निश्चित करते हुए संतोषजनक रास्ता निकाला जायेगा। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये निचले स्तर के शिक्षकों को शामिल करते हुए उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। इसमें शिक्षक संघों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। बैठक में शिक्षकों को चतुर्थ समयमान और क्रमोन्नत वेतनमान दिये जाने संबंधी बिन्दु पर भी चर्चा की गयी। बैठक में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर, राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदीश यादव और आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष श्री भरत पटेल मौजूद थे। इन प्रतिनिधियों ने भी शिक्षकों के कल्याण संबंधी सुझाव दिये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय के सिचुएशन रूम से कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी की पड़ताल

जिला कलेक्टरों से वर्चुअली प्राप्त की जानकारी दिल्ली विस्फोट को दृष्टिगत रखते हुए सावधानी एवं सतर्कता बनाए रखने के निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट के संदर्भ में मंगलवार को मंत्रालय के सिचुएशन रूम से जिला कलेक्टरों से कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि प्रदेश में सभी सार्वजनिक स्थलों, भीड़ भरे इलाकों, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर चौकसी बढ़ाई जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष सावधानी बरती जाए। साथ ही यह ध्यान भी रखा जाए कि आमजन और सामान्य जीवन प्रभावित न हो। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद प्रदेश में किए गए सतर्कता के उपायों और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। सिचुएशन रूम में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

म.प्र. को दो श्रेणियों में मिले पुरस्कार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

"जल संचय-जन भागीदारी" में भी अग्रणी स्थान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर को प्रदान करेंगी पुरस्कार भोपाल  मध्यप्रदेश ने जल संरक्षण में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। नई दिल्ली में मंगलवार को जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा की। मध्यप्रदेश को दो श्रेणियों में सम्मान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले को पूर्वी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिला है, जबकि खंडवा जिले की ग्राम पंचायत कावेश्वर ने सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर 2025 को पुरस्कार प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुरस्कृत जिलों को बधाई दी है। "जल संचय-जन भागीदारी" पहल में भी वेस्टर्न-जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ को मिला। श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुनाजिले को प्रथम रैंक मिला। ज़िलों में श्रेणी तीन में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है। उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के तहत कुल 46 विजेताओं (संयुक्त विजेताओं सहित) की घोषणा की । ये पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जा रहे हैं — सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोक्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्था (स्कूल या कॉलेज के अतिरिक्त), सर्वश्रेष्ठ सिविल सोसायटी और जल क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान चला रहा है। इसी उद्देश्य से लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने और उन्हें जल उपयोग के सर्वोत्तम तौर तरीकों को अपनाने में प्रेरित करने के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी। वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार का शुभारंभ 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर किया गया था। कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी समीक्षा और मूल्यांकन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया। चयनित आवेदनों का परीक्षण केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा किया गया। अंतिम रिपोर्टों के आधार पर वर्ष 2024 के 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए कुल 46 विजेताओं का चयन किया गया। राष्ट्रीय जल पुरस्कार का उद्देश्य देश में व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की पहचान करना और सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करना है। ये पुरस्कार जल के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जल के सर्वोत्तम उपयोग के प्रयासों को अपनाने के लिये प्रेरित करते हैं। यह पहल सभी लोगों और संगठनों के लिए जल संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन गतिविधियों में एक मजबूत साझेदारी और जन सहभागिता को और सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है। जल संचय जन भागीदारी पहल में भी अग्रणी मप्र जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार : कैच द रेन के अंतर्गत साउथ जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ जिले को तथा श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुना को, ज़िलों में श्रेणी तीन में दूसरी रैंक में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है। इस पहल के अंतर्गत राज्यों को पाँच ज़ोन में बाँटा गया है। जिलों को न्यूनतम 10,000 कृत्रिम भू-जल पुनर्भरण एवं संचयन संरचनाएँ बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों के जिलों के लिए यह लक्ष्य 3,000 संरचनाएँ है, जबकि देशभर के नगर निगमों के लिए यह संख्या 10,000 निर्धारित की गई है। इन संरचनाओं में वर्षा जल संचयन (रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) के अलावा झीलों, तालाबों और बावड़ियों का पुनर्जीवन भी शामिल है। शहरी जल संरक्षण प्रयासों को सशक्त करने के लिए, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने जल शक्ति मंत्रालय के साथ साझेदारी की है। नगरीय निकायों को कम-से-कम 2,000 पुनर्भरण संरचनाएँ बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस वर्ष कुल 100 पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिनमें तीन सर्वश्रेष्ठ राज्य, 67 जिले, छह नगर निगम, एक नगरीय स्थानीय निकाय, दो सहयोगी मंत्रालय/विभाग, दो उद्योग, तीन गैर-सरकारी संगठन, दो परोपकारी व्यक्ति और 14 नोडल अधिकारी शामिल हैं।