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बाल अश्लील सामग्री देखने और शेयर करने पर मध्यप्रदेश में 8 FIR

भोपाल  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो शेयर करने के मामले में भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर राजधानी के आठ अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है.  दरअसल, केंद्रीय जांच एजेंसियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (META सहित) से मिले डेटा के आधार पर राज्य साइबर पुलिस को जानकारी भेजी थी कि कुछ मोबाइल यूज़र्स नाबालिगों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) सोशल मीडिया देख रहे हैं और फॉरवर्ड भी कर रहे हैं.  मेटा ने जांच एजेंसियों को उन वीडियो के लिंक, आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबरों की जानकारी दी थी, जिनसे यह कंटेंट अपलोड या शेयर किया गया था. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती सत्यापन में कई ठिकानों से संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं.  इसके बाद भोपाल के मंगलवारा, मिसरोद, कोतवाली, पिपलानी, अशोका गार्डन, बिलखिरिया, अयोध्या नगर और टीटी नगर थानों में एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस एक-एक नंबरों पर कॉल कर जानकारी जुटा रही है जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा.   भोपाल पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.

बड़वानी हादसा: श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, बोकराटा-खेतिया रोड पर एक की मौत

बड़वानी  जिला के पहाड़ी अंचल के बोकराटा खेतिया मार्ग पर शुक्रवार सुबह नर्मदा परिक्रमा वासियों से भरी स्लीपर बस पलट गई। डबल डेकर बस क्रमांक एमपी 46 जेड पी 7986 में बड़ी संख्या में महिला पुरुष तीर्थ यात्री सवार थे। घटना में 30 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। सूचना मिलते ही पुलिस अमला मौके पर पहुंचा है। जानकारी के अनुसार सुबह तीर्थ यात्राओं की बस बोकराटा से खेतिया की और रवाना हुई थी। इस दौरान करीब 9. 30 बजे ग्राम बायगौर क्षेत्र में यह हादसा हो गया।हादसे में मौत होने की जानकारी को लेकर पुलिस और प्रशासन द्वारा अभी अधिकृत कोई जानकारी नहीं दी गई है। घटना में घायल हो गंभीर घायलों को खेती अस्पताल भेजा गया है। बस में सवार तीर्थ यात्री विभिन्न स्थानों के निवासी हैं। नर्मदा तीर्थ यात्री ओंकारेश्वर से बड़वानी आए थे और यहां से बोकराटा-खेतिया होकर महाराष्ट्र का प्रकाश की ओर रवाना हुए थे। तभी यह हादसा हो गया। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। वही बड़वानी से ही बड़ी संख्या में लोग चार पहिया वाहन लेकर मौके पर रवाना हुए है। बस एक और पलटने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों की मदद से पुलिस की मौजूदगी में घायलों को तत्काल बस से निकल गया और एंबुलेंस के माध्यम से खेतिया अस्पताल भेजा गया। मौके मौजूद लोगों द्वारा रास्ते बांधकर बस को सीधा करने की भी कोशिश की जा रही है। वही पानसेमल से क्रेन मौके पर पहुंच रही हैं। गुरुवार शाम राजघाट से रवाना हुए थे यात्री उक्त बस में सवार परिक्रमा यात्री गुरुवार शाम हीं शहर के समीप पांच किलोमीटर दूर रोहिणी तीर्थ नर्मदा तट के बेकवाटर किनारे आरती पूजन कर पाटी की ओर रवाना हुए थे। बोकराटा क्षेत्र में रात्रि विश्राम के के बाद आगे रवाना हुए थे। इस दौरान यह हादसा हो गया। बस में कितने लोग सवार थे कहां-कहां के निवासी थे फिलहाल इसको लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ पाई है। पहाड़ी क्षेत्र होने व नेटवर्क नहीं मिलने से परेशानी दरअसल बोकराटा खेतिया के बीच मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने की समस्या है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को भी संपर्क करने में दिक्कत आ रही है। वही बोकराटा से पहाड़ी क्षेत्र को काटकर बनाया गया रोड घुमावदार वह घाट क्षेत्र का है।

दतिया, गुना, नौगांव-टीकमगढ़ में रात जैसी ठंड, मध्यप्रदेश में मौसम का तेवर

भोपाल  प्रदेश में एक बार फिर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तीन सक्रिय सिस्टमों के असर से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को कई जिलों में दिनभर रिमझिम बारिश होती रही, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में दिन का पारा 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बुरहानपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और बड़वानी जिलों में हल्की बारिश की चेतावनी दी है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक डिप्रेशन और एक अन्य सिस्टम सक्रिय है, जिससे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। दतिया में डेढ़ इंच बारिश, भोपाल में दिनभर फुहारें मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दतिया में सबसे ज्यादा डेढ़ इंच तक बारिश हुई। जबलपुर में सवा इंच, मलाजखंड में पौन इंच, गुना में आधा इंच से ज्यादा और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। राजधानी भोपाल में पूरे दिन रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। ग्वालियर, पचमढ़ी, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सागर, सिवनी और उमरिया समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश से खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं, जिससे नुकसान का अंदेशा बढ़ गया है। किसानों ने मुआवजे की मांग शुरू कर दी है। कहां-कहां बरसेंगे बादल? मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी एमपी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक डिप्रेशन और एक अन्य वेदर सिस्टम सक्रिय है। तीन सिस्टम के असर से प्रदेश में व्यापक बारिश का माहौल बना है। आज जिन जिलों में हल्की बारिश की ज्यादा संभावना है—     आलीराजपुर     झाबुआ     बड़वानी     बुरहानपुर     धार     खरगोन     सतना     सीधी     सिंगरौली     रीवा     मऊगंज अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बीते 24 घंटे क्या रहा मौसम? गुरुवार को भी कई इलाकों में बारिश दर्ज हुई। इनमें—     दतिया — सबसे अधिक ~1.5 इंच     जबलपुर — ~1.25 इंच     मलाजखंड — ~0.75 इंच     गुना — ~0.50 इंच से ज्यादा     मंडला — ~0.50 इंच बारिश के बाद तापमान में स्पष्ट गिरावट देखने को मिली है। तापमान में गिरावट: कई शहरों में पारा 23°C से नीचे शहर     न्यूनतम तापमान दतिया     22.4°C नौगांव (छतरपुर)     22.5°C गुना     22.7°C टीकमगढ़     22.8°C मलाजखंड     23.3°C धार     23.4°C पचमढ़ी     23.8°C खजुराहो     24.8°C दतिया और आसपास के क्षेत्र सबसे अधिक ठंडे रहे।  

नगर निगम के 17 द्वितीय श्रेणी पदों की भर्ती पर परिषद ने जताई आपत्ति

भोपाल  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (PEB) ने समूह-2 और उप समूह-3 के करीब 300 पदों के लिए भर्ती निकाली है। आवेदन भरने की आखिरी तारीख 12 नवंबर 2025 है। यही परीक्षा अब सवालों के घेरे में आ गई है। दूसरी ओर, इन पदों की जानकारी बिना एमआईसी यानी, मेयर इन कौंसिल के भेजी गई थी। इसलिए जानकारी देने वाले सेवानिवृत्त अपर आयुक्त एमके सिंह के विरुद्ध भी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले का खुलासा 30 अक्टूबर को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में हुआ। बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव ने कहा कि पीईबी को सहायक यंत्री की भर्ती के अधिकार ही नहीं है। वहीं, निगम के संकल्प के बिना कोई भर्ती नहीं की जा सकती। यह मध्यप्रदेश शासन के गजट में है। कोरोना काल में जब परिषद में संभागायुक्त प्रशासक थे, तब लिस्ट तैयार की गई थी। जिसे वर्ष 2023 में तत्कालीन अपर आयुक्त एमपी सिंह ने पीईबी को भेज दी, जबकि साल 2022 से परिषद में है। यदि जरूरी भी था कि लिस्ट एमआईसी या कमिश्नर के संज्ञान में लाने के बाद भेजी जानी थी। पुराने पत्र के आधार पर एमआईसी को जानकारी दी गई। इसलिए भर्ती को विलोपित करने को कहा गया है। निगम अध्यक्ष बोले- परीक्षा हुई तो इंजीनियर इधर-उधर भटकेंगे मुद्दा सामने आने के बाद निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने भी कमिश्नर संस्कृति जैन को पीईबी को जल्द ही पत्र लिखने को कहा। ताकि, परीक्षा से सहायक यंत्री के पदों को हटा दिया जाए। उन्होंने बताया, पार्षद भार्गव ने यह विषय उठाया था। इस पर पक्ष-विपक्ष सभी ने सहमति जताई थी। गलत और नियम विरुद्ध तरीके से सेकंड क्लॉस भर्ती के लिए पीईबी को पत्र लिखा गया, जबकि उस समय परिषद निर्वाचित होकर अपने स्वरुप में आ गई थी। नियम कहता है कि एमआईसी को नियुक्ति के अधिकार है। एमआईसी की मंजूरी के बिना कोई प्रस्ताव पीईबी को गया, यह नीतिगत सही नहीं था। दूसरी ओर, पीईबी को द्वितीय श्रेणी की भर्ती की पात्रता ही नहीं है। शासन ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती के लिए पीईबी को बनाया गया है। द्वितीय श्रेणी की एग्जॉम MPPSC करा सकता है। बावजूद यदि पीईबी यह परीक्षा करा देती है तो जिनकी नियुक्ति होगी, वे भी इधर-उधर भटकते रहेंगे। इसलिए निगम कमिश्नर से कहा है कि जल्द ही पीईबी को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करें। इन कैटेगिरी के लिए भर्ती भोपाल नगर निगम में सहायक यंत्री सिविल के कुल 15 पद है, जबकि एक मैकेनिकल और एक सहायक यंत्री विद्युत के लिए पद है। इस तरह कुल पद 17 है। इनमें श्रेणी के हिसाब से भर्ती की जा रही है। जिसमें अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी और ओबीसी शामिल हैं। इनमें भी महिला, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग के लिए पद आरक्षित किए गए हैं। मैकेनिकल और सहायक यंत्री के 2 पदों पर सीधी भर्ती होगी। सभी पद कार्यपालिक है। अपर आयुक्त ने 36 पदों की भेजी थी जानकारी तत्कालीन अपर आयुक्त सिंह ने 11 जुलाई-23 को कुल 36 पदों पर भर्ती के लिए जानकारी पीईओ को भेजी थी। इसमें सहायक आयुक्त के 11 पद, सहायक यंत्री (सिविल) के 15 पद, सहायक यंत्री (विद्युत) का 1 पद, सहायक यंत्री (मैकेनिकल) का 1 पद और सहायक ई-गवर्नेंस अधिकारी के 8 पद शामिल हैं। पत्र में बताया गया था कि ये सभी पद द्वितीय श्रेणी के है। इस संबंध में सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त हुए दो साल हो गए हैं। मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। प्रक्रिया के हिसाब से ही पत्र भेजा गया होगा।

नई खेल नीति, नई सोच: पीएम मोदी के मार्गदर्शन में भारत गढ़ रहा है सफलता की नई कहानी

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में खेलों में आगे बढ़ रहा है देश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव फिट इंडिया मूवमेंट अभियान चलाया प्रधानमंत्री  मोदी ने : केन्द्रीय मंत्री  चौहान विदिशा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी कल्पनाशील हैं। उनके कुशल नेतृत्व में देश खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन करना उन्हीं की ही सोच है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव का अद्भुत आयोजन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात विदिशा के स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा नगर खेलों और खिलाड़ियों के विकास में दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों को पीछे छोड़ेगा। प्रधानमंत्री  मोदी सभी क्षेत्र के लोगों को प्रोत्साहित करते हैं। खेल क्षेत्र भी इसमें शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा ऐतिहासिक नगरी है। सम्राट अशोक से इसका संबंध रहा है। साथ ही उज्जैन से भी विदिशा का प्राचीन काल से गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र के मूल्य की रक्षा की और आज भी विदिशा जैसे नगर लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां के विजय मंदिर की प्रतिकृति के आधार पर नए संसद भवन का निर्माण किया गया है। मध्यप्रदेश के मितावली के 64 योगिनी मंदिर के आकल्पन को पुरानी संसद का आधार बनाया गया था। इस नाते मध्यप्रदेश लोकतांत्रिक व्यवस्था में विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा भोपाल फोरलेन मार्ग के निर्माण का कार्य स्वीकृत किया जाएगा। यह फोरलेन सलामतपुर सांची होकर बनेगा। साथ ही विदिशा अहमदनगर निर्माण सहित अन्य सुझावों को शासन द्वारा स्वीकृति दी जाएगी। खिलाड़ियों और युवाओं के प्रोत्साहन के सभी कार्य होंगे। इस खेल उत्सव में क्रिकेट, कबड्डी, मलखंभ और अन्य खेलों के शामिल करने के प्रयासों की सराहना की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा नगर निगम के लिए निकटवर्ती ग्रामों को जोड़ने संबंधी अध्ययन और सर्वेक्षण की कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय कृषि किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने फिट इंडिया मूवमेंट का अभियान चलाया है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल प्रभावी माध्यम होते हैं। व्यक्तित्व विकास और फिट रहने के लिए खेल जरूरी हैं।  चौहान ने कहा कि हम सोच नहीं सकते थे कि भारत सन 1983 में क्रिकेट का विश्व कप जीत सकता है। यह कार्य महान खिलाड़ी  कपिल देव ने करके दिखाया। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत दो महीने तक गांव-गांव में खेल होंगे, इसके लिए 37 हजार खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है। खिलाड़ी खेलों का भरपूर आनंद लें और खेल भावना जागृत करने में कोई कमी नहीं रहने दें। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष विदिशा के विकास के लिए विभिन्न सुझाव रखें। केंद्रीय खेल मंत्री  मांडविया ने खेल महोत्सव में वर्चुअली शामिल होकर कहा कि खेलों में कोई कभी हारता नहीं है, कोई जीतता है तो कोई सीखता है। खेलों से फिर से जीतने का जज्बा आता है। मुझे खुशी है कि देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए इतना बड़ा सांसद खेल महोत्सव का आयोजन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हो रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री  मांडविया ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए कमी नहीं छोड़ी जाएगी। विदिशा में एथलेटिक्स सेंटर चालू किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  कपिल देव ने कहा कि विदिशा जैसे छोटे शहर में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। यह भारत का भविष्य है। बड़े शहरों के बड़े मॉल और बड़ी इमारतें भारत का भविष्य उतना नहीं जितना विदिशा जैसे छोटे शहरों में खिलाड़ियों का उत्साह देखकर हम आश्वस्त होते हैं।  कपिल देव ने सम्मानित खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा खेल के साथ पढ़ाई भी बहुत जरूरी है और विदिशा के खिलाड़ी और उनके अभिभावक बधाई के पात्र हैं, जो खेल और पढ़ाई दोनों को महत्व देते हैं। अभिभावक भी खेलों प्रोत्साहित करते हैं ।  कपिल देव ने कहा कि वे जरूर विदिशा दोबारा आना चाहेंगे। आज मौसम की वजह से केंद्रीय खेल मंत्री यहां नहीं आ पाए लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  चौहान के आग्रह पर भी यहां आकर उन्हें बहुत आनंद का अनुभव कर रहे हैं।  कपिल देव ने कहा कि हमारे देश में खेलों के प्रति इतना सम्मान है। यह इस कार्यक्रम में पहुंचकर अनुभव हुआ। खेलों के प्रति विदिशा के खिलाड़ियों का समर्पण सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह सभी खिलाड़ी देश के लिए जरूर खेलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  चौहान अभिनंदन के पात्र हैं, इस खेल उत्सव की कल्पना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  कपिल देव का विदिशा पहुंचने पर अनेक स्थानों पर फूल मालाओं से हुआ भव्य स्वागत। सांसद खेल महोत्सव में हुआ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री  चौहान और क्रिकेटर  कपिल देव ने विदिशा में सांसद खेल महोत्सव में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में युवाओं द्वारा प्रस्तुत किये गये मलखंभ की सभी ने सराहना की। कार्यक्रम में विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री  लखन पटेल, राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, सांसद मती लता वानखेड़े, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी सहित बड़ी संखय में खिलाड़ी और नागरिक उपस्थित थे।  

रन फॉर यूनिटी में युवा जुटे, सीएम बोले- सरदार पटेल ने विभाजनकारी रियासतों को जोड़ा

भोपाल  सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर भोपाल के शौर्य स्मारक पर एकता दिवस का कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी। दो हजार युवाओं ने लगाई दौड़ शौर्य स्मारक से लाल परेड ग्राउंड तक करीब दो हजार युवाओं ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जम्मू कश्मीर का मुद्दा यूएन में ले जाना बड़ी गलती थी सीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा, धारा 370 के मुद्दे को यूएन में ले जाना ये उस समय की बहुत बड़ी गलती थी। उस घटना पर सरदार पटेल ने कहा था कि देश के मसले को देश के लोग सुलझाएंगे। पड़ोस के देश में कोई विवाद होगा तो पड़ोसी देश के नेता और हमारे नेता बैठकर हल करेंगे। इसमें तीसरे पंचायत की जरूरत नहीं हैं। वो हम सबने भोगा है। सीएम ने कहा – आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के इस भाव पर कायम हैं कि हमें कोई थर्ड पार्टी नहीं चाहिए, वन टू वन बात होना चाहिए। चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो या कुछ भी हो ये सरदार पटेल की उसी भावना का प्रकटीकरण है। राष्ट्र को समर्थ होना चाहिए। सरदार पटेल ने अंग्रेजों को टैक्स देने की प्रथा के खिलाफ आंदोलन किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरदार पटेल किसान परिवार से आते थे उनके बडे़ भाई बिट्‌ठल भाई पटेल थे। इन दोनों भाईयों की जोड़ी ने नाम कमाया। बिट्‌ठल भाई तो उस समय के बडे़ नेता थे, लेकिन वल्लभ भाई ने वकालत के जीवन के दौरान कई आश्चर्य जुडे़ हैं। सरदार पटेल का कहना था कि अगर अकाल पड़ गया है लोग भूखे मर रहे हैं तो अंग्रेजों को टैक्स नहीं देना चाहिए। उस समय आक्रोशित भाव से सरदार पटेल, महात्मा गांधी के पास गए और गांधी जी ने सहजता से उस आंदोलन में साथ देकर भूमिका निभाई। पटेल को मिली सरदार की उपाधि सीएम ने कहा कि बारडोली के आंदोलन के बाद वल्लभ भाई पटेल सरदार पटेल के नाम से जाने गए। नमक आंदोलन जो गांधी जी ने शुरू किया था। आजादी के हर आंदोलन की सफलता में कोई रहा तो वह नाम है सरदार वल्लभ भाई पटेल है। पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा सीएम ने कहा जब अंग्रेजों ने तय कर लिया कि भारत छोड़कर जाना है और अंग्रेज एक भयंकर षड्यंत्र करके देश के टुकडे़-टुकडे़ करना चाहते थे। विभाजन की विभीषिका में देश को कैसे सुरक्षित रखा जाए, ये पटेल ने सोचा। भारत, पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका लिख दी गई उसके साथ ही 562 रियासतों को फ्री करने का निर्णय लिया। उन रियासतों में हमारा भोपाल भी एक है। राजा भारत का पैसा पाक के बैंक में भिजवा देते थे सीएम ने कहा कि हमारे भारतीय स्टेट बैंक की तरह पाकिस्तान का जो बैंक है उस समय यहां का पैसा उठाकर पाकिस्तान में भिजवा देते थे। भोपाल सहित हैदराबाद, जूनागढ़ ऐसी कई स्टेट थीं जो भारत में मिलने से मना कर रही हैं। लेकिन ये अपने आप में केवल कागज पर नहीं थे। सर्वसुविधायुक्त सैन्य शक्ति से संपन्न थे जिन्हें अंग्रेजों ने यह कहकर छोड़ दिया था कि आपकी इच्छा हो तो मिलो अन्यथा आप स्वतंत्र हो। रियासतों को जोड़ने का काम पटेल ने किया सीएम ने कहा कि आजादी के साथ ही एक नेता जिसने भारत पाकिस्तान के विभाजन के समय में अपनी युक्ति बुद्धि से भारत की एक-एक रियासत के सारे राजा-महाराजाओं को समझाकर जोड़ते जा रहे थे। जोड़ते हुए ये अहसास किया कि आज जोड़ रहे हैं, लेकिन कल क्या होगा? भारतीय प्रशासनिक सेवा के आईएएस, आईपीएस अफसरों की रचना भी उन्होंने बनाई थी। जब वे गृह मंत्री थे उन्होंने सारे प्रबंध किए नियमावली बनाई। सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करके एक हजार साल पुराना विवाद सुलझाया था। सरकारी मदद के बगैर इतना बड़ा मंदिर बनाकर देश का स्वाभिमान जगाने का काम किया। जब देश आजादी की तरफ कदम बढ़ाता है तब ऐसे महापुरुष रहते हैं भविष्य में उनकी बातों की कीमत रहती है।

मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई उड़ान: नौरादेही में भी बसेंगे चीते – सीएम डॉ. यादव

नौरादेही अभयारण्य में भी चीते छोड़ने की योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मां नर्मदा में मगरमच्छ छोड़ने के बाद मीडिया को दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। मध्यप्रदेश में ईश्वर के आशीर्वाद से थलचर, जलचर और नभचर सभी प्रकार के जीव स्वच्छंद रूप से अपना जीवन यापन करते हैं। आज ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के निर्जन स्थान पर मगरमच्छ प्राकृतिक आवास पर छोड़े गए हैं। मां नर्मदा के वाहन मगरमच्छ हैं, जो मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को खण्डवा में मां नर्मदा के तट पर मगरमच्छ छोड़ने के बाद मीडिया कर्मियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो चीता पूरे एशिया से गायब हो गया था उन चीतों के पुनर्स्थापन का प्रयास विश्व में कई जगह हुआ, लेकिन हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापन का ऐतिहासिक कार्य हुआ। यह पुनर्स्थापना पहले पालपुर कूनो और बाद में राज्य के अंदर ही गांधी सागर में हुआ है। बहुत जल्द नौरादेही एक और अभयारण्य बनने वाला है। इसमें अफ्रीका, नामीबिया से चीते लाकर छोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मां नर्मदा के प्रवाह में चार मादा दो नर मगर छोड़े गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में घड़ियाल और मगरमच्छ, चम्बल, सोन बरगी और अन्य नदियों में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल का ईको -सिस्टम पर्यावरण की भी रक्षा करता है। जिस प्रकार मां नर्मदा का आशीर्वाद सबको मिलता है, मां नर्मदा अपने वाहन मगर को भी आशीर्वाद दे और प्राकृतिक रूप से स्वच्छता का यह कार्य होता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले में हुए इस शुभ कार्य के लिए और प्रदेश की स्थापना दिवस के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी।  

डिजिटल व्यापार में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग: जेम प्लेटफॉर्म पर 86 हजार से अधिक विक्रेताओं की प्रोफाइल पूर्ण

भोपाल मध्यप्रदेश में गवर्मेंट ई-मार्केट (जेम) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य के 86 हजार से ज्यादा विक्रेताओं ने इस प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफाइल पूरी कर ली है। मध्यप्रदेश के सूक्ष्म और लघु उद्यमों को राज्य के खरीदारों से 5,523 करोड़ रुपए, अन्य राज्यों के खरीदारों से 2,030 करोड़ रुपए और केंद्रीय खरीदारों से 20,298 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले हैं। यह मजबूत भागीदारी, राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद प्रणाली में राज्य के बढ़ते एकीकरण को दर्शाती है और स्थानीय उद्यमों को व्यापक सरकारी बाजार तक पहुंच प्रदान करने में जेम की भूमिका को उजागर करती है। गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस-जेम और मध्यप्रदेश सरकार ने गुरूवार को भोपाल में जेम प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की। गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी  मिहिर कुमार ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव  अनुराग जैन से भोपाल में मुलाकात की और राज्य में जेम प्लेटफॉर्म को अपनाने की भावी रणनीतियों पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय और राज्य मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों, स्थानीय संस्थानों और पंचायती राज संस्थाओं सहित सभी सरकारी खरीदारों के लिए एकीकृत पारदर्शी और कुशल ऑनलाइन खरीद प्रणाली प्रदान करने के जेम के मुख्य उद्देश्य के बारे में जानकारी दी गई। दोनों पक्षों ने राज्य के भीतर सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, समावेशिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अधिक मजबूत और सुव्यवस्थित खरीद ढांचा विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे अपनाने में तेजी लाने की अपनी राष्ट्रीय रणनीति के तहत जेम ने उच्च संचयी सकल व्यापारिक मूल्य वाले राज्यों के साथ सीईओ-स्तरीय बातचीत सहित कई केंद्रित कार्यक्रम शुरू किए हैं। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने भी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर राज्यों के खरीद नियमों को सामान्य वित्तीय नियमों और जेम के नियमों व शर्तों के अनुरूप बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। गृह मंत्रालय को भी पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि केंद्र शासित प्रदेशों में खरीद जेम के माध्यम से ही हो। मध्यप्रदेश में जेम के संचयी सकल व्यापारिक मूल्य के नई उपलब्धि हासिल करने के साथ, मध्यप्रदेश में यह भागीदारी राज्य के खरीद व्यवस्था को मजबूत करने और सभी विक्रेताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक और कदम है। जेम निष्पक्षता, डिजिटल अखंडता और समावेशिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे प्रत्येक विक्रेता, विशेष रूप से छोटे और उभरते उद्यम, भारत के पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-संचालित सार्वजनिक खरीद ढांचे में सार्थक रूप से भाग ले सकेंगे।  

आईटी पार्क से बदलेगा विंध्य का विकास परिदृश्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जताया विश्वास

विंध्य क्षेत्र की प्रगति में आईटी पार्क होगा एक महत्वपूर्ण सोपान: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल आईटी कंपनियाँ टियर-2 शहरों की ओर बढ़ रही हैं, इस अवसर का उठायें अधिकतम लाभ रीवा में प्रस्तावित आईटी पार्क निर्माण की प्रगति की समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में रीवा में प्रस्तावित आईटी पार्क के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आईटी पार्क को स्टेट ऑफ द आर्ट सुविधाओं से युक्त किया जाये, जिससे देश और विदेश की अग्रणी कंपनियाँ यहाँ सुविधाजनक रूप से कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि रीवा में वायु परिवहन सेवाओं का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, शांतिपूर्ण वातावरण और आवश्यक नागरिक सुविधाएँ इसे आईटी एवं सेवा क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में आईटी कंपनियाँ टियर-2 शहरों की ओर बढ़ रही हैं, ऐसे में हमें इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। यह परियोजना विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास का एक नया अध्याय सिद्ध होगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने औद्योगिक पार्क गुढ़ के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधोसंरचना विस्तार कार्य, विशेषकर जल सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। तकनीकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे उद्योगों को शीघ्र सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। बैठक में एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक  चंद्रमौली शुक्ल तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बताया गया कि प्रस्तावित आईटी पार्क में एक लाख वर्गफीट से भी अधिक कार्यस्थल (वर्कस्पेस) विकसित किया जा रहा है। लगभग 2,500 व्यक्ति यहाँ कार्य कर सकेंगे। 10 मंज़िला इस अत्याधुनिक भवन में 4,500 वर्गफीट के 25 मॉड्यूल होंगे, जिन्हें कंपनियों की आवश्यकता अनुसार कस्टमाइज़ किया जा सकेगा। स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर, प्लग एंड प्ले सुविधा तथा रेंटल मॉड्यूल्स जैसी व्यवस्थाएँ भी पार्क में उपलब्ध कराई जा रही हैं।  

लोक एवं जनजातीय संस्कृति, परम्पराओं और रंगों से सजा शहर

राजधानी के मार्गों पर गूंजा अभ्युदय मध्यप्रदेश’ का उद्घोष लोक एवं जनजातीय संस्कृति, परम्पराओं और रंगों से सजा शहर 70वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह अभ्युदय मध्यप्रदेश के पूर्वरंग अंतर्गत भोपाल के विभिन्न मार्गों से निकाली गईं सांस्कृतिक यात्राएं भोपाल 70वें मध्‍यप्रदेश स्‍थापना दिवस समारोह ‘’अभ्‍युदय मध्‍यप्रदेश’’ के पूर्वरंग अंतर्गत भोपाल के विभिन्न मार्गों, स्‍थलों एवं चौराहों पर गुरुवार को भव्‍य सांस्‍कृतिक यात्राएं निकाली गईं। मध्‍यप्रदेश के लोक अंचलों एवं जनजातीय क्षेत्रों के कलाकारों ने अपनी कला प्रस्‍तुत करते हुए आम नागरिकों से अपने प्रदेश के गरिमापूर्ण स्‍थापना दिवस समारोह में सहभागिता का आह्वान किया। सांस्‍कृतिक यात्राओं में अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर लोक एवं जनजातीय नृत्‍य कलाकारों को देख लोग बहुत उत्‍साहित दिखे। यात्राओं के साथ चल रहे अश्‍व एवं उनके वाद्ययंत्रों को देख युवा वर्गों आकर्षण देखने को मिला। लोग कलाकारों के साथ सेल्‍फी लेते नजर आए। लोगों ने मध्‍यप्रदेश की विविधतापूर्ण संस्‍कृति को देख सराहना की और समारोह में सहभागिता का आमंत्रण स्‍वीकार किया। सांस्‍कृतिक यात्रा के अंतर्गत दोपहर 2 बजे भोपाल के विभिन्‍न रूट से यात्राओं का शुभारंभ हुआ। इसके तहत बैरागढ़ से प्रारंभ होकर लालघाटी चौराहा- हलालपुरा- गुफा मंदिर- द्रौणाचल आर्मी कैंट- एयरपोर्ट रोड़ चौराहा – शाहजहांनाबाद होते हुए यात्रा हमीदिया अस्पताल चौराहा तक पहुंची। इस यात्रा में मालवा का पारंपरिक लोक नृत्‍य मटकी सु स्‍वाति उखले एवं साथी, उज्‍जैन द्वारा प्रस्‍तुत किया गया। मालवा अंचल का यह पारंपरिक नृत्‍य शुभ अवसरों पर महिलाओं द्वारा किया जाता है। इसके अलावा  अर्जुन बाघमारे एवं साथी, बैतूल ने ठाठ्या नृत्‍य की प्रस्‍तुति दी। यह नृत्‍य दिवाली के अवसर पर गोण्‍ड जनजाति द्वारा किया जाता है। सीपेट जेके रोड़ से प्रारंभ हुई यात्रा क्वालिटी स्वीट्स पिपलानी- भेल कॉलेज- आइएसबीटी – डीआरएम ऑफिस चौराहा तक पहुंची। इस यात्रा में  लालबहादुर घासी एवं साथी, सीधी द्वारा घासी जनजातीय का घसियाबाजा नृत्‍य की प्रस्‍तुति दी गई। इसके अलावा  संतोष कुमार यादव एवं साथी, सीधी के कलाकारों ने अहिराई नृत्‍य की प्रस्‍तुति देते हुए आम नागरिकों स्‍थापना दिवस समारोह में सहभागिता का आह्वान किया और विविधतापूर्ण संस्‍कृति से भी परिचित कराया। कोलार डीमार्ट से प्रारंभ हुई यात्रा मंदाकिनी चौराहा – सर्वधर्म कॉलोनी निशाल मेगा मार्ट- शाहपुरा चौराहा – बिट्टन मार्केट होते हुए 10 नंबर मार्केट तक पहुंची। जहां बड़ी संख्‍या में लोगों ने इन नृत्‍यों को देखा और स्‍थापना दिवस समारोह के आयोजन से भी परिचित हुए। इसमें मालवांचल का गणगौर लोक नृत्‍य सु अनुजा जोशी एवं साथी, खंडवा द्वारा और धुलिया जनजातीय गुदुमबाजा नृत्य  तुलेश्वर भार्वे एवं साथी, डिण्‍डोरी द्वारा प्रस्‍तुत किया गया। इसी प्रकार सूरज नगर चौराहा से एकांत पार्क चौराहा, 6 नंबर मार्केट से प्रभात चौराहा और अशोका गार्डन से कोहेफिजा चौराहा तक बधाई, अहिराई, ढिमरायाई नृत्‍य की प्रस्‍तुतियों ने सम्‍पूर्ण भोपाल शहर के मार्गों को लोक की संस्‍कृति और रंगों से सजा दिया।