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यात्रियों के लिए जरूरी खबर: इंदौर-असारवा, वीरभूमि और अवंतिका एक्सप्रेस का समय बदला

इंदौर पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने ट्रेनों की औसत गति एवं समयपालनता में सुधार लाने के उद्देश्य से इंदौर स्टेशन से संचालित तीन ट्रेनों के आगमन एवं प्रस्थान समय में आंशिक परिवर्तन किए हैं। इंदौर-असारवा वीरभूमि एक्सप्रेस ट्रेन के इंदौर से जावरा के बीच के आगमन-प्रस्थान समय में संशोधन किया गया है। गुरुवार से यह ट्रेन इंदौर स्टेशन से शाम 05.55 की जगह 25 मिनट देरी से रोजाना शाम 06.20 बजे प्रस्थान करेगी। फिर यह देवास (06.46/06.48), उज्जैन (07.28/07.33), नागदा (08.23/08.28), खाचरोद (08.39/08.41), रतलाम (09.50/10.05) एवं जावरा (10.35/10.37) पर निर्धारित आगमन-प्रस्थान करेगी। जावरा से असारवा तक अन्य कोई बदलाव नहीं किया गया है।   अवंतिका एक्सप्रेस के टाइम में समायोजन अवंतिका एक्सप्रेस के समय में भी समायोजन हुआ है। मुंबई सेंट्रल-इंदौर अवंतिका एक्सप्रेस के इंदौर आगमन समय को बुधवार से 09.10 बजे के स्थान पर 09.05 बजे कर दिया गया तथा ट्रेन वहीं से बदलते हुए समय पर रवाना हुई। इंदौर-मुंबई सेंट्रल अवंतिका एक्सप्रेस गुरुवार से इंदौर स्टेशन से 05.40 बजे के स्थान पर 05.45 बजे प्रस्थान करेगी।

पड़ोस में गुप्त धंधे का खुलासा! किराए के मकान से पकड़ा गया सेक्स रैकेट, तीन गिरफ्तार

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने एक किराए के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। गोहलपुर थाना पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ लोग मौके से फरार हो गए।   जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार महिला लंबे समय से किराए के मकान में यह अनैतिक कारोबार चला रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि घर में हर दिन अलग-अलग लोग आते-जाते थे, और जब भी किसी ने विरोध किया, तो महिला गालियां देने लगती और धमकाती थी। मोहल्ले की महिलाओं ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार आज सभी महिलाएं एकजुट होकर गोहलपुर थाने पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत छापा मारा और मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया।   स्थानीय निवासियों का कहना है कि महिला कभी किसी को अपना पति तो कभी रिश्तेदार बताकर धोखा देती थी। जब लोगों ने मकान मालिक को इस अनैतिक गतिविधि के बारे में बताया, तो उसने कार्रवाई करने के बजाय चुप रहने की सलाह दी। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और फरार लोगों की तलाश में छापेमारी जारी है। 

साइबर अपराध से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार जागरूकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

साइबर अपराध से लड़ाई पुलिस के साथ पूरे समाज की है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साइबर अपराध से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार जागरूकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रन फॉर साइबर अवेयरनेस ने डिजिटल युग की सबसे जरूरी पहल को दिया जनआंदोलन का रूप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रन फॉर साइबर अवेयरनेस को झंडी दिखाकर किया रवाना अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा पर हुआ कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'रन फॉर साइबर अवेयरनेस' जागरूकता अभियान के आयोजन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस सहित सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि साइबर अपराध से लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, पूरे समाज की है। तकनीक और कानून अपने स्थान पर हैं, पर सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। जब नागरिक जागरूक होगा, तभी राष्ट्र सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने डिजिटल युग की सबसे जरूरी पहल को जन-आंदोलन का रूप दिया है। हम जिस रफ्तार से डिजिटल रूप से मजबूत हुए हैं उसी रफ्तार से नई परेशानियां और खतरे सिर उठाने लगे हैं। जिस तकनीक ने हमें जोड़ा है उसी तकनीक ने अपराधियों को नए हथियार भी दिए हैं और आज ठगी के नए-नए तरीके आ गए हैं। डिजिटल अरेस्ट, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी फॉड, ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी और फेक इन्वेस्टमेंट लिंक जैसे अपराध बढ़ते जा रहे हैं। ये हमारे समाज के हर वर्ग को प्रभावित कर रहे हैं। 'रन फॉर साइबर अवेयरनेस' डिजिटल युग में नागरिक सुरक्षा का कर्तव्य निभा रही है। साइबर सिपाही, जिम्मेदारी, सुरक्षा और जागरूकता की दौड़ के लिए एकजुट हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा और जागरूकता के लिए आयोजित रन फॉर साइबर अवेयरनेस के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रन के लिए एकत्र प्रतिभागियों को अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा से झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रन अटल पथ से एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर पूर्ण हुई। इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर पुलिस बैंड की धुन के साथ सलामी दी गई। पुलिस महानिदेशक तथा अन्य पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें कॉल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब डिजिटल इंडिया का सपना देखा था तब उन्होंने भारत को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत डिजिटल क्रांति का अग्रदूत बना है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाएं, ई-गवर्नेंस ये सब आज सबके जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। मध्यप्रदेश ने भी पंचायत से लेकर सचिवालय तक हर स्तर पर डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का काम किया है। बैंकिंग से लेकर शिक्षा तक और रोजगार से लेकर शासन तक हर प्रक्रिया अब ऑनलाइन है। आज के समय में साइबर अपराधी कभी स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर, कभी बैंक मैनेजर बनकर, तो कभी किसी सरकारी एजेंसी का नाम लेकर लोगों को ठग रहे हैं। जब किसी परिवार की मेहनत की कमाई पलभर में लुट जाती है, जब किसी विद्यार्थी का भविष्य ठगी में फंस जाता है, तो यह पूरे समाज के लिए पीड़ा का विषय बन जाता है। यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें। देरी करने से पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है इसलिए त्वरित कार्रवाई ही बचाव है। जैसे हमने स्वच्छता को अपनी संस्कृति बनाया है, वैसे ही हमें साइबर स्वच्छता को भी अपनी संस्कृति बनाना होगा। डिजिटल युग का संविधान और सुरक्षित नागरिक का संस्कार है, स्टॉप थिंक एंड देन टेक एक्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साइबर अपराध की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने हमें एक बहुत सार्थक मंत्र दिया है, स्टॉप थिंक, एंड देन टेक एक्शन। यानी रूको, सोचो और फिर कोई कदम उठाओ। जब कोई अनजान कॉल आए तो रूकिए। कोई आकर्षक लिंक दिखे तो सोचिए और जब निश्चित हो जाए कि यह सही है तभी क्लिक कीजिए। यही डिजिटल युग का संविधान है, यही सुरक्षित नागरिक का संस्कार है। साइबर अपराध पैसों के साथ विश्वास, चरित्र और पहचान की भी क्षति पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज साइबर अपराध हमारे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता अपराध बन चुका है। आने वाले वर्षों में साइबर क्राइम अन्य सभी अपराधों को पीछे छोड़कर सबसे अधिक संख्या में उभर कर आने वाला अपराध है। यह केवल पैसों की हानि नहीं, बल्कि विश्वास, चरित्र और पहचान की भी क्षति है। कई बार मेहनत और ज्ञान की चोरी भी डिजिटल माध्यमों से हो रही है। किसी की रिसर्च, डिजाइन, विचार या फोटो को बिना अनुमति के इस्तेमाल किया जाना भी साइबर अपराध है। सुरक्षित रहना अब दरवाजा बंद करने के साथ स्क्रीन लॉक करना भी पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि आज की इस दौड़ का उद्देश्य केवल दौड़ना नहीं बल्कि सोचना और जागरूक होना भी है कि कैसे हम अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित रखें, कैसे हम अपने पासवर्ड-ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और कैसे हम डिजिटल सुरक्षा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार साइबर जागरूकता के लिए अभियान चला रही है। विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं पंचायत व शहरों तक हर नागरिक यह समझ सके कि हमें यह याद रखना होगा कि एक जागरूक नागरिक ही सबसे बड़ी सुरक्षा दीवार है। पुलिस महानिदेशक मकवाना ने उपस्थित प्रतिभागियों से साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने, लोगों को जागरूक करने और समाज को साइबर अपराध से बचाने में योगदान देने का संकल्प लेने का आहवान किया। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। संपूर्ण प्रदेश में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान कैंपेन चलाए गए। अभियान के अंतर्गत ही साइबर जागरूकता रन 2025 का आयोजन किया गया। रन में पुलिस अधिकारी- कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य शामिल हुए। … Read more

मध्य प्रदेश: सागर के दो मोहल्लों में हिंदू परिवार मजबूरी में अन्य जगहों पर पलायन

सागर  मध्य प्रदेश के सागर में शनिचरी और शुक्रवारी इलाकों से पिछले 10 सालों में हिंदू परिवारों का पलायन चिंता का विषय बन गया है। पिछले दशक में यहां हिंदू आबादी में 4.88 प्रतिशत की गिरावट आई है। एक खास वर्ग की बढ़ती आबादी कैसे अपने पड़ोस के दूसरे वर्ग को परेशान कर देती है, सागर में इसकी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां के दो पुराने मोहल्लों शुक्रवारी और शनीचरी में हिंदू परिवार अपनी संपत्ति बेचकर दूसरे मोहल्लों और कॉलोनियों में रहने को मजबूर हो गए। दोनों मोहल्लों में कभी मिश्रित आबादी थी। पिछले कुछ समय में यहां मुस्लिम आबादी इतनी तेजी से बढ़ी कि दोनों क्षेत्र अब मुस्लिम बहुल हो चुके हैं। यहां हिंदुओं का पलायन इतनी तेजी से हो रहा है कि जिला प्रशासन ने दोनों मोहल्लों में संपत्ति की खरीद-बिक्री यानी पंजीयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। 41 परिवारों ने संपत्ति मुस्लिम परिवारों को बेची विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय दुबे का कहना है कि इन क्षेत्रों में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए हिंदू घरों के बाहर मांस फेंका जाना, महिलाओं का उत्पीड़न और लव जिहाद के प्रयासों के कारण हिंदू समुदाय के लिए यहां घुटन वाली स्थिति पैदा की गई। जिन लोगों से बन पड़ा वे औने-पौने दाम में संपत्ति बेचकर अन्य क्षेत्रों में जाकर बस गए। बताया जा रहा है कि वर्ष 2020-21 से अब तक 68 हिंदू परिवारों के 288 लोग दोनों मोहल्ले छोड़ चुके हैं। उनमें से 41 परिवारों ने अपनी संपत्तियां मुसलमानों को बेची, क्योंकि वहां दूसरा कोई खरीदने को तैयार भी नहीं है। इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक भी पहुंची थी। बता दें, दोनों मोहल्लों में करीब सात हजार मतदाता हैं। पंजीयन से पहले एसडीएम करेंगे सौदे की जांच कलेक्टर संदीप जीआर ने जिला पंजीयक को पत्र जारी कर शनिचरी और शुक्रवारी क्षेत्र के हिंदू समाज के लोगों की संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। आदेश है कि यहां के लोग मकानों के क्रय-विक्रय के लिए पंजीयन कार्यालय में स्लाट बुक कराएं तो उसकी जानकारी एसडीएम को दी जाए। एसडीएम दोनों पक्षों का बयान लेकर यह जांच करेंगे कि इस सौदे में उनकी सहमति है या मजबूरन ऐसा करना पड़ रहा है। एसडीएम के संतुष्ट हो जाने के बाद ही संबंधित संपत्ति का पंजीयन होगा। पिछले पांच सालों में 41 हिंदू परिवारों ने अपने घर बेचकर ये इलाके छोड़ दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी मकान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खरीदे हैं। पिछले एक दशक में 63 हिंदू परिवारों के 228 लोग यहां से जा चुके हैं, और अभी भी कई घरों पर बिकाऊ के बैनर लगे हुए हैं। रहवासी ने बताया कि उनके 150 साल पुराने पुश्तैनी मकान को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घेर लिया और परेशान करने लगे। घर पर केवल महिलाएँ थीं। मजबूरी में उन्हें अपना 18 लाख रुपये का मकान मात्र 5.30 लाख रुपये में बेचना पड़ा। रहवासी ने बताया कि उनके घर के बाहर मीट के टुकड़े और अंडे के छिलके फेंके जाते थे। जिससे वहां रहना मुश्किल हो गया था। उनका 625 वर्गफीट का मकान दो साल तक नहीं बिका, आखिर में उन्हें कम कीमत में बेचना पड़ा। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उनकी बेटी को एक मुस्लिम युवक ने प्रेम-प्रसंग में फँसाया, जिससे मजबूरन उसे अपनी बेटी की शादी उस युवक से करानी पड़ी। बाद में बेटी को प्रताड़ित किया गया और मकान बेचने पर मजबूर किया गया। संतोष कुमार साहू ने बताया कि उनके आसपास सिर्फ 1-2 हिंदू परिवार बचे थे। मुस्लिम लोगों के मकान अधिक होने से उनके बच्चों की शादियाँ नहीं हो रही थीं। वहां के माहौल के चलते रिश्ते नहीं आ रहे थे। उन्हें अपने 30 लाख रुपये के मकान को 22 लाख रुपये में बेचना पड़ा। शनिचरी चौगना इलाके की एक हिंदू महिला ने बताया कि पति के न होने पर उन्हें अपनी दो बेटियों की सुरक्षा का डर रहता था। मुस्लिम समुदाय के लोगों से विवाद के बाद उन्होंने अपने 22 लाख रुपये के मकान को 14 लाख रुपये में बेचा। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय दुबे ने कहा कि क्षेत्र में माहौल खराब होने के कारण हिंदू परिवार अपने मकान बेचकर जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है और यह भी कहा कि उनका संगठन परेशान परिवारों की मदद के लिए तैयार है। यह मुद्दा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। हिंदू संगठनों ने बढ़ाई सक्रियता पलायन की बात सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इन मोहल्लों में सक्रियता बढ़ा दी है। शिव सेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने बताया कि हम उनसे बाहरी दबाव और परेशान करने वाली हरकतों की जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि समय रहते उनकी सहायता की जा सके। पता लगाया जाएगा कोई दबाव तो नहीं     कलेक्टर का आदेश आया है, जिसमें शुक्रवारी और शनिचरी मोहल्लों में संपत्ति के क्रय-विक्रय के पंजीयन को लेकर कहा गया है कि ऐसे मामलों की पहले एसडीएम जांच करेंगे। ऐसा इसलिए ताकि पता लगाया जा सके कि कोई किसी के दबाव में तो अपनी संपत्ति नहीं बेच रहा है। – निधि जैन, जिला पंजीयक, सागर  

सहेली के घर से मोबाइल और 2 लाख रुपए की चोरी: भोपाल पुलिस की डीएसपी फंस गई

भोपाल एमपी पुलिस को शर्मसार करने वाली एक घटना और घटी है। पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एक डीएसपी पर सहेली के घर चोरी का आरोप लगा है। साथ ही सहेली ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी दिए हैं। महिला डीएसपी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सहेली के घर से मोबाइल और दो लाख रुपए की चोरी की है। DSP कल्पना रघुवंशी पर केस दर्ज दरअसल, यह आरोप महिला डीएसपी कल्पना रघुवंशी पर लगा है। सहेली की शिकायत पर महिला डीएसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। जहांगीराबाद थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार महिला डीएसपी ने अपनी सहेली के घर से मोबाइल और दो लाख रुपए की चोरी की है। बताया जा रहा है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद डीएसपी ने मोबाइल फोन लौटा दिए हैं। वहीं, दो लाख रुपए के साथ वह फरार हैं। नहाने गई थी सहेली सहेली ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि मैं नहाने गई थी। इसी दौरान कल्पना रघुवंशी घर में घुसीं। चार्जिंग में लगे फोन और बैग से दो लाख रुपए नगद लेकर चली गईं। बताया जा रहा है कि घटना के बाद महिला डीएसपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस महकमे की फजीहत गौरतलब है कि इस घटना ने पुलिस महकमे को एक बार फिर से शर्मसार किया है। कुछ दिनों अंदर एमपी पुलिस कई मामलों में फंस चुकी है। इसकी वजह से डैमेज कंट्रोल को लेकर पुलिस ने विभाग ने अपने ही अधिकारियों पर कार्रवाई की है। अब बताया जा रहा है कि चोरी के आरोपों में घिरी कल्पना रघुवंशी पर भी विभाग एक्शन ले सकती है। साथ ही कल्पना रघुवंशी को नोटिस भी जारी कर सकती है।  

इंजन से उतरकर वंदे भारत ड्राइवर ने किया ऐसा काम, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल!

ग्वालियर देश की सबसे आधुनिक ट्रेनों में गिनी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस इस बार गलत वजह से चर्चा में है। दिल्ली से भोपाल जा रही ट्रेन के लोको पायलट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें वह ग्वालियर स्टेशन पर इंजन से उतरकर ट्रैक पर पेशाब करता हुआ दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार यह घटना प्लेटफॉर्म नंबर 1 की है। वहां मौजूद यात्रियों ने पूरी घटना अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोको पायलट बिना किसी झिझक के ट्रैक पर पेशाब कर रहा है, जबकि आसपास कई यात्री मौजूद थे। रेलवे के नियमों के अनुसार, स्टेशन पर रुकने के दौरान स्टाफ के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध रहती है, लेकिन पायलट ने उसका उपयोग नहीं किया। इस घटना ने न केवल रेलवे की छवि पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्वच्छ भारत अभियान की भावना को भी ठेस पहुंचाई है। रेलवे प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से यात्रियों में आक्रोश और हैरानी दोनों देखी जा रही है। हालांकि पंजाब केसरी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी घटना में मृतक के प्रति व्यक्त किया दुख

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी विवाद में मृत्यु पर शोक व्यक्त किया प्रभारी मंत्री कटनी जायेंगे, शोकाकुल परिजनों से मिलकर संवेदना जतायेंगे एक आरोपी गिरफ्तार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक व्यक्ति की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने एक आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में जबलपुर में संभागीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अपराधी कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कटनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह को कटनी जाकर शोक-संतप्त परिवार से भेंट कर संवेदना व्यक्त करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी कानून-व्यवस्था को चुनौती देगा उसे उसके कृत्य का परिणाम अवश्य ही भुगतना पड़ेगा।  

कृषि उपज मंडियों में सोयाबीन की जोरदार खरीदी, भावांतर योजना ने किसानों को दिलाई राहत

भावांतर योजनांतर्गत कृषि उपज मंडियों में हो रही है सोयाबीन की खरीदी 27 हजार 63 किसानों से 47 हजार 493 टन सोयाबीन की खरीदी भोपाल  प्रदेश में सोयाबीन फसल के लिए लागू की गई भावांतर योजना में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है। सोयाबीन का विक्रय 24 अक्टूबर से प्रारंभ हुआ है जो 15 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा। अभी तक 27 हजार 63 किसानों से 47 हजार 493 टन सोयाबीन खरीदी गई है। मंगलवार 28 अक्टूबर को 10 हजार 851 किसानों से 19 हजार 191 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। कृषि उपज मंडी देवास में सर्वाधिक 1699, इंदौर में 1579, उज्जैन में 1538, गंजबासौदा में 1283, बैरसिया में 1154, आगर में 1085, आष्टा में 1061, शाजापुर में 1053, तराना में 1040 एवं सागर मंडी में 962 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। इसी प्रकार सर्वाधिक किसानों के पहुँचने की टॉप मंडियों में गंजबासौदा मंडी में 1254, देवास में 1182, उज्जैन में 1106, आष्टा में 1075, बैरसिया में 900, आगर में 891, इंदौर में 795, शाजापुर में 787, सीहोर में 741 एवं नरसिंहगढ़ मंडी में 701 किसान सोयाबीन की विक्री के लिए पहुँचे। मंडी बड़नगर जिला उज्जैन में अधिकतम भाव 5725 रूपये प्रति क्विंटल रहा। प्रदेश में सोयाबीन की बुवाई का रकवा गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 58.72 लाख हेक्टेयर था जो वर्तमान में 53.20 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष 2025-26 में 55.54 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ है। भावांतर योजनांतर्गत 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक पंजीयन हुए थे। सोयाबीन खरीदी के प्रथम मॉडल भाव की घोषणा 7 नवंबर 2025 को की जाएगी।  

राजभवन लोक कल्याण का केंद्र बने: राज्यपाल पटेल ने प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात में कही बात

राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया : राज्यपाल पटेल राज्यपाल से गोवा के सूचना एवं प्रचार विभाग का प्रतिनिधि मंडल मिला भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से गोवा के सूचना एवं प्रचार विभाग का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को राजभवन में मिला। निदेशक सूचना एवं प्रचार दीपक बांडेकर के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय प्रवास के दौरान राजभवन आया था।राज्यपाल पटेल का निदेशक सूचना एवं प्रचार ने गोवा का पारंपरिक परिधान पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया और दल के सदस्यों का परिचय कराया।इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दल के साथ चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशा-अनुसार उन्होंने राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया है। प्रदेश के दूरस्थ पिछड़े और वंचित क्षेत्रों के साथ जीवंत संवाद कायम किया है। कार्यकाल के पहले दो वर्षों में ही प्रदेश के सभी जिलों का भ्रमण किया है। वंचितों के साथ आत्मीयता के सूत्र कायम किए है। वे प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के घर पर परिजनों के साथ सह भोज करते है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सजग करने की मंशा से पूर्व में पांच गांवों के भ्रमण का कार्यक्रम देते हैं। अंतिम क्षण में किसी एक गांव का भ्रमण कर सम्पर्क और संवाद के द्वारा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश के वनों, दर्शनीय स्थलों के संबंध में भी दल को जानकारी दी। प्रदेश के विकास कार्यों और गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने दल को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कार्य के अनुभवों को साझा किया।बताया कि प्रधानमंत्री में जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशीलता है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना की पहल अभूतपूर्व है। योजनाओं के माध्यम से देश के हर जनजातीय परिवार को लाभान्वित करने का प्रयास है। उन्होंने आदि कर्मयोगी योजना के माध्यम से जनजातीय जन जागरण के प्रयासों का भी ब्यौरा दिया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दल के सदस्यों को जनजातीय समुदाय के स्वास्थ्य की प्रमुख बाधा सिकल सेल एनीमिया रोग के संबंध में बताया। उन्होंने रोग के प्रत्यक्ष लक्षणों व्यवहारिक समस्याओं और रोग के चिकित्सकीय कारणों के बारे बताया। मध्यप्रदेश में रोग नियंत्रण, उपचार प्रबंधन प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन गठित कर प्रयास किए जा रहे हैं। मिशन के क्रियान्वयन में प्रदेश का देश में अग्रणी स्थान है। उन्होंने बताया कि सिकल सेल रोग नियंत्रण में दो पहलू बहुत महत्वपूर्ण है। पहला जेनेटिक काउंसलिंग, रोगी और वाहक युवक-युवती आपस में विवाह नहीं करें। दूसरा स्क्रीनिंग, सामान्य रोग वाहक और रोगी की पहचान करना है। राज्य ने इस दिशा में अग्रणी रहकर कार्य किया है। अनुमानतः 01 करोड़ 90 लाख की जनजातीय आबादी में से 01 करोड़ 23 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग कर ली गई है। जेनेटिक काउंसलिंग के लिए 01 करोड़ से अधिक डिजिटल जेनेटिक काउंसिल कार्ड वितरित किए जा चुके है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं 01 करोड़ वॉ कार्ड वितरित कर प्रदेश के प्रयासों का अनुसमर्थन किया है। राज्यपाल पटेल ने दल के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि वह जनजातीय समुदाय में स्वास्थ्य, शिक्षा के प्रति जन जागरण के प्रयासों को प्राथमिकता प्रदान करेंगे। विकास का वातावरण निर्मित करने में सक्रिय योगदान देंगे। प्रतिनिधि दल पांच दिवसीय प्रवास पर मध्यप्रदेश आया है। दल इंदौर, उज्जैन और भोपाल में जनसंपर्क, मीडिया हाऊसेस के साथ चर्चा करेगा। उनकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगा। इन स्थानों के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी करेगा।राजभवन के वैंक्वेट हॉल में आयोजित बैठक में सूचना अधिकारी, डीआईपी, ऑल्विन एक्स. परेरा, संपादक, द नवहिंद टाइम्स, विजय डी.सूजा, संपादक, तरूण भारत, सागर जावड़ेकर, संपादक, लोकमत, सदगुरु पाटिल, गोयनकारपोन्न, सूरज नांद्रेकर, संपादक, नवप्रभा, परेश प्रभु, संपादक, आरडीएक्स मीडिया राजन केरकर, इन गोवा संपादक, अनिल लाड, सूचना सहायक, डीआईपी, सिद्धेश सामंत,फोटोग्राफर, डीआईपी, चंदू कोरगांवकर और राज्यपाल के प्रेस अधिकारी मौजूद थे।    

ग्वालियर में अदनान सामी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज

 ग्वालियर प्रसिद्ध गायक अदनान सामी पर ग्वालियर की एक इवेंट आर्गेनाइजर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इवेंट आर्गेनाइजर लावण्या सक्सेना ने जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया है जिसमें कहा है कि अदनान सामी की टीम ने रद्द हुए म्यूजिक कान्सर्ट की 17 लाख 62 हजार रुपये की एडवांस राशि अब तक वापस नहीं की है। लावण्या सक्सेना ने 27 सितंबर 2022 को ग्वालियर में अदनान सामी का एक म्यूजिक कान्सर्ट आयोजित करने की योजना बनाई थी। इस कार्यक्रम के लिए कुल 33 लाख रुपये की फीस तय हुई, जिसमें से लावण्या ने 17.62 लाख रुपये का एडवांस भुगतान अदनान सामी की टीम को कर दिया था। हालांकि, एडवांस राशि प्राप्त होने के कुछ समय बाद ही अदनान सामी की टीम ने कार्यक्रम रद्द कर दिया। उस समय टीम की ओर से यह कहा गया था कि बाद में नई तारीख तय की जाएगी। लेकिन कार्यक्रम दोबारा आयोजित नहीं हो सका। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की इसके बाद जब लावण्या ने अपनी एडवांस राशि वापस मांगी, तो टीम ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। पैसे न लौटाए जाने से परेशान होकर लावण्या सक्सेना ने चार सितंबर को थाना इंदरगंज में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने 11 सितंबर को एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव को शिकायत सौंपी और छह अक्टूबर को आइजी अरविंद सक्सेना के कार्यालय में भी आवेदन दिया, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार लावण्या ने 27 अक्टूबर 2025 को जिला न्यायालय ग्वालियर का दरवाजा खटखटाया। अब इस मामले की सुनवाई 24 नवंबर को होगी।