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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का निर्देश: सभी राजनीतिक दल करें बीएलए की नियुक्ति

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन सदन, भोपाल में बैठक की। बैठक में उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 की प्रक्रिया की जानकारी दी और सभी राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की अनिवार्य नियुक्ति करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की दूसरी चरण की तारीखें घोषित की जा चुकी हैं, जिनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है। प्रदेश में पुनरीक्षण प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ हो चुकी है और मतदाता सूची फिलहाल फ्रीज कर दी गई है। नागरिक अपने नाम की स्थिति voters.eci.in या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर देख सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में सम्मिलित हो सके। नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए क्रमशः फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 भरना आवश्यक होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति एन्यूमरेशन फॉर्म में मिथ्या जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ जुर्माना या कारावास का प्रावधान है। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव, सुरभि तिवारी, राजेश यादव, कांग्रेस से जेपी धनोपिया, भाजपा से भगवानदास सबनानी और एसएस उप्पल, तथा आम आदमी पार्टी से सुमित चौहान उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने बताया कि प्रक्रिया के दौरान नागरिक पासपोर्ट, जन्म प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, निवास या जाति प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेजों से अपनी पात्रता सिद्ध कर सकेंगे। पुनरीक्षण की प्रमुख तिथियां – 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक बीएलओ प्रशिक्षण – 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर सर्वेक्षण – 9 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्तियां – 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 

मौसम अलर्ट: श्योपुर, मुरैना समेत मध्यप्रदेश के 11 जिलों में चार दिन तक बारिश जारी

भोपाल  राजधानी भोपाल में मोंथा तूफान का असर देखा जा रहा है. मौसम वैज्ञानिकों ने मध्य प्रदेश में तीन अलग-अलग सिस्टम एक्टिव होने के चलते कुल 11 जिलों में भारी बारिश का अनुमान किया है. मंगलवार को मोंथा तूफान के असर से सात जिलों में बारिश हुई थी, जिससे भोपाल और इंदौर शहर अछूता नहीं था. रिपोर्ट के मुताबिक मोंथा तूपान का असर मंगलवार को मध्य प्रदेश में देखा गया, जब तीन अलग-अलग सिस्टम एक्टिव होने से कुल सात जिलों में जमकर बारिश हुई. मोंथा तूफान का ही असर कहेंगे कि मौसम वैज्ञानिकों ने बुधवार को श्योपुर, मुरैना समेत 11 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट भेजा है.  मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग ने (29 अक्टूबर) के लिए श्योपुर, मुरैना, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, वर्तमान सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर बने सिस्टम की वजह से नमी लगातार आ रही है, जिससे बादल छाए रहेंगे और मौसम ठंडा रहेगा। अगले चार दिनों तक मध्य प्रदेश में है बारिश के आसार मोंथा तूफान के असर से मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा. जिन 11 जिलों में बारिश का अनुमान किया गया है, उन जिलों में बारिश के चलते दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को कड़ाके वाली ठंड का एहसास होगा.   छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय तूफान का असर बढ़ने की संभावना मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय तूफान मोंथा के असर से कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी है. इनमें दक्षिण छत्तीसगढ़ के पांच जिलों क्रमशः नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले शामिल हैं, जहां रेड अलर्ट जारी किया गया है. भोपाल-इंदौर में चली तेज आंधी 28 अक्टूबर को ग्वालियर, रतलाम, धार, बैतूल, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा, मुरैना और उमरिया में अच्छी बारिश हुई। वहीं राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को तेज आंधी चली। रतलाम में करीब 3 इंच, ग्वालियर में 2.5 इंच, जबकि शिवपुरी में 1.5 इंच बारिश दर्ज की गई। बारिश से कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर का दिन का तापमान 25 साल में सबसे कम 19.5°C तक पहुंच गया। मंगलवार को 9 जिलों में पानी गिरा सिस्टम की एक्टिविटी होने की वजह से मंगलवार को बैतूल, धार, रतलाम, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा और उमरिया में बारिश हुई। भोपाल में तेज आंधी का असर देखने को मिला। बारिश की वजह से कई जिलों में फसलों को नुकसान भी पहुंचा है। बता दें कि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर जारी है। 29, 30 और 31 अक्टूबर को भी तेज बारिश हो सकती है। 30 अक्टूबर को सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।   अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के दो सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर में बना डिप्रेशन तेजी से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बना तूफान ‘मोंथा’ आंध्र प्रदेश तट को पार कर चुका है। इन दोनों सिस्टम्स से मिलने वाली नमी की वजह से मध्य प्रदेश के ऊपर ट्रफ लाइन एक्टिव है, जिससे लगातार बारिश हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे तक बादल और गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 30 और 31 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम 30 अक्टूबर (गुरुवार) को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है। ऑरेंज अलर्ट: सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, अनूपपुर और सिंगरौली में 4 से 8 इंच तक वर्षा संभव। येलो अलर्ट: पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी। 31 अक्टूबर (शुक्रवार) को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। भारी बारिश का अलर्ट: झाबुआ, अलीराजपुर, बैतूल, पांढुर्णा, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल। मौसम विभाग का कहना है कि, 1 नवंबर तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रहेगा और 2 नवंबर से बादल छंटने लगेंगे। इसके बाद धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगेगी। 25 साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन लगातार बारिश और बादलों की वजह से ग्वालियर का तापमान 19.5°C तक गिर गया, जो अक्टूबर महीने में 25 सालों का सबसे ठंडा दिन रहा। श्योपुर में भी तापमान 13.3°C तक लुढ़क गया। वहीं खंडवा में अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर से फरवरी तक इस बार ठंड सामान्य से ज्यादा रहेगी। 2010 के बाद की सबसे ठंडी सर्दी इस बार महसूस की जा सकती है। ‘ला-नीना’ की परिस्थितियां बनने से सर्दियों के दौरान भी सामान्य से ज्यादा बारिश और तेज ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का एहसास हो सकता है। सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है, उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अधिक संख्या में प्रभावित करेंगे। मौसम विभाग ने भी जल्द ही ला-नीना परिस्थितियां विकसित होने की पुष्टि की है। पूरे एमपी से विदा हो चुका है मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पूरे मध्य प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी हुई। इसके बावजूद बारिश का दौर बना हुआ है। अक्टूबर का आखिरी सप्ताह भी बारिश वाला ही रहेगा। इसके बाद ठंड का असर शुरू हो जाएगा। इस बार प्रदेश में मानसून की 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर … Read more

मुख्य सचिव को चुनाव आयोग का अलर्ट: बिना अनुमति अफसरों के तबादले नहीं होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने राज्य के कलेक्टरों, एसडीएमों और तहसीलदारों के तबादलों पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है. यह फैसला मुख्य रूप से विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य (Special Intensive Revision – SIR) के महत्व को देखते हुए लिया गया है, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित है.आयोग के निर्देशानुसार ये तबादले अब 7 फरवरी 2026 तक नहीं किए जाएंगे. MP में अफसरों के ट्रांसफर पर रोक! दरअसल, राज्य में कलेक्टर, SDM (जॉइंट कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर) और तहसीलदारों के ट्रांसफर 7 फरवरी तक नहीं हो पाएंगे. चुनाव आयोग ने चीफ सेक्रेटरी को निर्देश जारी कर कहा है कि SIR प्रोसेस पूरा होने तक इन अधिकारियों का ट्रांसफर न किया जाए. बहुत ज़रूरी होने पर ही चुनाव आयोग से परमिशन लेकर ट्रांसफर किए जा सकेंगे. सरकार इस दौरान सीनियर IAS अधिकारियों का ट्रांसफर कर सकेगी और इस पर कोई रोक नहीं होगी. भारत निर्वाचन आयोग ने इसको लेकर जारी निर्देश में मुख्य सचिव से साफ तौर पर कहा है कि मतदाता सूची के काम में जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (जॉइंट कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर), सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (तहसीलदार या नायब तहसीलदार) के तबादले एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नहीं होंगे। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव की यह भी जिम्मेदारी होगी कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का पद रिक्त नहीं होना चाहिए ताकि आयोग द्वारा तय टाइमलाइन में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की कार्यवाही की जा सके। इस काम में आवश्यक बीएलओ और सुपरवाइजर्स की कमी भी नहीं हो, इसका ध्यान कलेक्टर और राज्य शासन रखेगा। 7 फरवरी 2026 के बाद होंगे तबादले बता दें कि तबादलों पर रोक SIR यानी विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य के कारण  लगाई गई है. मूल्यांकन/प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से 3 नवंबर, 2025 तक होगी.  घर-घर जाकर गिनती 4 नवंबर से 4 दिसंबर, 2025 तक होगी.   प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा. दावे/आपत्तियों की का समय 9 दिसंबर, 2025 से 8 जनवरी, 2026 तक होगा. फाइनल वोटर लिस्ट 7 फरवरी 2026 को पब्लिश की जाएगी. निर्देशों के मुताबिक ये ट्रांसफर अब 7 फरवरी, 2026 तक नहीं किए जाएंगे. अपर कलेक्टर प्रभावित नहीं, संभागायुक्त मॉनिटरिंग करेंगे चुनाव आयोग ने वैसे तो तबादले से संभागायुक्तों को सीधे तौर पर प्रतिबंधित नहीं किया है लेकिन मतदाता सूची के परीक्षण की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभागायुक्तों को सौंपी गई है। इसलिए संभागायुक्त भी तबादले से बचे रह सकते हैं। जिलों में पदस्थ अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी जो अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत की जिम्मेदारी निभाते हैं वे जरूर चुनाव आयोग के तबादला प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार उनके तबादले कर सकती है। आईपीएस, एसपीएस और सीनियर आईएएस पर भी रोक नहीं चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि पुलिस अधीक्षक, आईजी और अन्य सीनियर आईपीएस के अलावा एसडीओपी, सीएसपी, डीएसपी स्तर के अधिकारी या टीआई भी किसी तरह के तबादले के प्रतिबंध में नहीं रहेंगे। सरकार चाहे तो मंत्रालय और विभिन्न विभागों में पदस्थ सीनियर आईएएस अफसरों के भी तबादले कर सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये अधिकारी मतदाता सूची के रजिस्ट्रीकरण की कार्यवाही से किसी तरह से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हैं। कलेक्टरों, संभागायुक्तों को आज मिलेगी ट्रेनिंग उधर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा संभागायुक्तों को SIR की ट्रेनिंग देगा। इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि कलेक्टरों, संभागायुक्तों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये दी जाने वाली ट्रेनिंग में उपस्थित रहने के निर्देश शासन स्तर पर जारी किए जाएं। चुनाव से जुड़ी मुख्य तारीखें     मूल्यांकन/प्रशिक्षण: 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025     घर-घर गणना: 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025     प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशन: 9 दिसम्बर 2025     दावे/आपत्तियों की अवधी: 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026     अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 फरवरी 2026  

मध्य प्रदेश में100 दिन तक चलेगी SIR प्रक्रिया, हर मतदाता तक बीएलओ तीन बार पहुंचेंगे

भोपाल   मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर की प्रक्रिया शुरू हो गई। बताया गया है कि अब एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रहेंगे। इसके अलावा एक परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही पोलिंग बूथ में होगा। जिला प्रशासन ने स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। छह चरणों में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम चरण सात फरवरी 2026 को मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन का रहेगा। करीब 100 दिन तक चलने वाली प्रक्रिया में हर मतदाता तक बीएलओ कम से कम तीन बार पहुंचेगा। आप अपना नाम मतदाता सूची में बनाए रखना चाहते हैं तो अपनी पहचान, जन्म के साथ माता-पिता की पहचान जन्म और इसी तरह के दस्तावेज संभालकर रख लें। एसआइआर के तहत आपसे जो गणना फार्म जमा कराया जाएगा, उसमें इनकी जरूरत होगी। हर मतदाता का अलग गणना फार्म होगा प्रकाशित हर मतदाता का एक गणना फार्म होगा। फार्म पर मतदाता का पुराना फोटो व डिटेल रहेगी। फार्म में मतदाता को पुराने फोटो के पास बने बॉक्स में नया फोटो जोडऩा होगा। गणना फार्म में जन्म दिनांक दर्ज करना होगा। आधार नंबर वैकल्पिक होगा। पिता का नाम व उनका मतदाता नंबर, माता का नाम व उनका मतदाता नंबर भी दर्ज करना होगा। इसमें मतदाता व बीएलओ को हस्ताक्षर होंगे। कहीं वोटर लिस्ट से कट न जाए आपका नाम, मतदाता सूची अभियान में इन बातों का रखें ध्यान देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट की समीक्षा का ऐलान चुनाव आयोग ने कर दिया है. इसके दायरे में 51 करोड़ वोटर आएंगे. 28 अक्टूबर से ये प्रक्रिया शुरू भी हो गई है, जो 103 दिनों तक  यानी 7 फरवरी तक चलेगी. 103 दिन की प्रक्रिया में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा. इसमें बंगाल, तमिलनाडु जैसे चुनावी राज्यों को भी शामिल किया गया है. अगर आप भी वोटर्स हैं और आपकी वोटर आईडी में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है तो एसआईआर प्रक्रिया में जरूर हिस्सा लें. मसलन, अगर आप बिहार से यूपी या दिल्ली स्थायी तौर पर प्रवास कर चुके हैं तो आपको नया अपडेशन कराना चाहिए.ऐसा न हो कि बिहार में पुराने पते पर न होने से आपका नाम कट जाए और नई जगह रजिस्टर न कराने से दिल्ली में भी आपका नाम न जुड़ पाए. बीएलओ तीन बार घर जाएंगे बीएलओ वोटर लिस्ट समीक्षा के दौरान घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे. हर वोटर के यह फॉर्म रहेगा. अगर परिवार बाहर है तो दूसरे या तीसरे प्रयास में इसमें शामिल हो सकता है. बीएलओ 3 बार फॉर्म भरवाने की कोशिश करेगा. फिर भी कोई आवास पर नहीं मिलता है तो बूथ लेवल ऑफिसर नोटिस दे सकता है. इसके बाद भी एसआईआर में शामिल न होने पर आपका नाम हटाया जा सकता है. BLO या BLA से संपर्क साधें मौजूदा जो वोटर हैं, उन्हें एसआईआर से घबराने की जरूरत नहीं है. SIR में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या बूथ लेवल एजेंट (BLA) वोटर को संबंधित फॉर्म देंगे. मतदाता उनका मिलान कराएगा. अगर आपका नाम दो जगह वोटर लिस्ट में है तो एक जगह से हटवाना होगा. अगर मतदाता सूची में नाम नहीं है तो ऐड कराने के लिए फॉर्म भरें. इसके लिए स्थायी पते समेत संबंधित दस्तावेज देने होंगे. किसी विदेशी या अवांछनीय व्यक्ति का नाम है तो उसे भी हटाया जाएगा. एक महीने में अपील संभव अगर आपका नाम किसी वजह से मतदाता सूची से कट गया है तो जब दिसंबर में ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी तो उसमें चेक करें. एक महीने में अपील कर सकते हैं.‎ डीएम और जिलाधिकारी के फैसले के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग ‎सीईओ तक अपील कर सकते हैं.‎हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर सकते हैं. बीएलओ या जिला चुनाव कार्यालय से संपर्क साध सकते हैं. Voter List में कैसे Check करें नाम वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करना है तो electoralsearch.eci.gov.in और voters.eci.gov.in पर EPIC नंबर डालकर लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं. फोन पर NVSP ऐप डाउनलोड कर वोटर लिस्ट देख सकते हैं. डिजिटल वोटर आईडी कार्ड भी निकाल सकते हैं.  SIR की 3 बड़ी बातें 18 साल से अधिक उम्र के नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे  वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियां सुधारी जाएंगी मृत लोगों या दूसरी जगहों पर स्थायी प्रवास पर नाम हटाए जाएंगे इन राज्यों में होगा एसआईआर अंडमान निकोबार छत्तीसगढ़ गोवा गुजरात केरल लक्षद्वीप मध्य प्रदेश पुडुचेरी राजस्थान तमिलनाडु उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल काम की बातें——     51 करोड़ वोटर्स इन 12 राज्यों के दायरे में      फॉर्म 7 और फॉर्म 8 वोटर आईडी कार्ड में सुधार के लिए      फॉर्म 6 नाम जुड़वाने से जुड़े एनरोलमेंट फॉर्म के लिए     फॉर्म 8 सुधार के साथ नाम कहीं और वोटर लिस्ट में दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग ने जिन 12 राज्यों में एसआईआर का ऐलान किया है. उनमें  बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. गोवा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में 2027 में चुनाव होना है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में वर्ष 2028 में चुनाव कराया जाना है. SIR के अभियान में कब क्या     28 अक्टूबर से 3 नवंबर- प्रिटिंग एंड ट्रेनिंग     4 नवंबर से 4 दिसंबर- घर-घर जाकर सत्यापन     ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट- 9 दिसंबर तक     आपत्ति, दावे-9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक     सुनवाई, सत्यापन-9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026     फाइनल वोटर लिस्ट- 7 फरवरी 2026 SIR में आधार कार्ड समेत ये डॉक्यूमेंट मान्य आधार कार्ड पेंशनर आई कार्ड कोई सरकारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट हाईस्कूल मार्कशीट वन अधिकार प्रमाणपत्र स्थायी निवास प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम फैमिली रजिस्टर में नाम रजिस्ट्री जैसे भू रिकॉर्ड

राजधानी में shocking मामला: पति ने पत्नी को धमकी देकर तीन तलाक

भोपाल  राजधानी भोपाल से तलाक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी को बंदूक की नोक पर तीन तलाक दे दिया. घटना के बाद डरी-सहमी महिला थाने पहुंची और पूरी कहानी पुलिस को बताई. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर उसकी लाइसेंसी बंदूक भी जब्त कर ली है. मामला भोपाल के अशोक कॉलोनी का है, जहां पीड़िता अपने रिश्तेदार के घर रह रही थी. आरोपी पति दानिश फर्नीचर की दुकान चलाता है. रविवार की रात वह अपनी पत्नी के रिश्तेदार के घर लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर पहुंचा. महिला ने जैसे ही उसने पति को देखा, वह डर के मारे कमरे में जाकर छिप गई. तभी आरोपी ने चैनल गेट के बाहर खड़े होकर तीन बार 'तलाक-तलाक-तलाक' बोल दिया और वहां से चला गया. पीड़िता ने थाने पहुंचकर पुलिस को बताया कि उसके पति ने धमकी देकर रिश्ता खत्म किया. महिला की शिकायत के बाद थाना प्रभारी यूपीएस चौहान ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.  थाना प्रभारी चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. पति का व्यवहार आक्रामक था और दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे. महिला के माता-पिता नहीं हैं, इसलिए वह पिछले कुछ समय से अपने रिश्तेदार के घर में रह रही थी.  महिला सोमवार को थाने आई और उसने बताया कि उसका पति बंदूक लेकर आया था और उसे धमकाते हुए तीन तलाक दे दिया. आरोपी के पास लाइसेंसी बंदूक थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है. 

अतिथि शिक्षकों के वेतन पर हाई कोर्ट का निशाना: नियमित पद का न्यूनतम वेतन क्यों रोका गया?

 जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने राज्य शासन से पूछा है कि प्रदेश के शासकीय स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को नियमित स्वीकृत पद का न्यूनतम वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है। कोर्ट ने मुख्य सचिव, वित्त विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त लोक शिक्षण सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता देवास निवासी विकास कुमार नंदानिया व अन्य की ओर से अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह व पुष्पेंद्र शाह ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सरकार नियमित स्वीकृत पद पर भर्ती नहीं करते हुए अतिथि शिक्षकों की भर्ती कर रही है। प्रदेश में लगभग 90 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। इन अतिथि शिक्षकों से नियमित शिक्षकों के सभी काम करवाए जाते हैं, लेकिन नियमित के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जाता है। इसके अलावा अतिथि शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान छुट्टी का लाभ भी नहीं मिलता है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों का हवाला दिया गया जिनमें यह निर्धारित किया है कि न्यूनतम वेतन से कम वेतन देना संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।  

मध्य प्रदेश में निगम-मंडलों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, सभी विभागों में अलग-अलग समय पर होगी भर्ती

भोपाल  मध्य प्रदेश भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित किए जाने के बाद राजनीतिक नियुक्तियों का दौर आरंभ हो गया है। विधानसभा चुनाव 2023 के बाद से ही निगम- मंडल और आयोग में नियुक्ति के लिए कई नेता इंतजार कर रहे थे, अब लगभग दो वर्ष बाद सरकार नियुक्तियों के लिए तैयार तो हुई है लेकिन एकसाथ नियुक्तियां करने के बजाय छोटी-छोटी सूची निकालने की तैयारी है। पिछले सप्ताह दिव्यांगजन आयुक्त के पद पर अजय खेमरिया की नियुक्ति का आदेश निकालने के बाद अब निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष पद पर अटल बिहारी वाजपेयी मप्र हिंदी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. खेमसिंह डेहरिया की नियुक्ति करने की प्रक्रिया चल रही है। इस आयोग का कार्यकाल लगभग एक वर्ष पूर्व समाप्त हो गया था, लेकिन नियुक्ति न होने से पद एक्सटेंशन पर चल रहा है। नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है सूत्रों के मुताबिक फिलहाल कई विभागों के अधीन आने वाले निगम- मंडलों में नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। उच्च शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले निजी विनियामक आयोग में सचिव के पद पर दिनेश गुर्जर की नियुक्ति किए जाने की संभावना है। इसके अलावा आयोग के प्रशासनिक सदस्य के रूप में सेवानिवृत्त आइएएस महेश चौधरी को नियुक्त किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ते भी दिए जाएंगे विधानसभा चुनाव के बाद जब डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब चौधरी उनके ओएसडी नियुक्त हुए थे। इसके बाद अब राजनीतिक नियुक्तियां आरंभ होंगी। मध्य प्रदेश में भाजपा ने कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने की योजना बनाई है। इसके तहत दीनदयाल अंत्योदय समितियों का पुनर्गठन भी किया जाएगा, जो प्रशासनिक अधिकार और सरकारी योजनाओं की निगरानी का काम करेंगी। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने के साथ-साथ उन्हें यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ते भी दिए जाएंगे। यह योजना 34 साल बाद पहली बार लागू की जा रही है। मिलेंगे प्रशासनिक अधिकार पहले चरण में गांव से राजधानी भोपाल तक दीनदयाल अंत्योदय समितियों का गठन किया जाएगा। इन्हें मध्य प्रदेश (लोक अभिकरणों के माध्यम से) दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम का क्रियान्वयन अधिनियम 1991’ और 20 सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन कमेटी के तहत अधिकार संपन्न बनाया जाएगा। एक्ट होने के कारण इन समितियों को कई तरह के प्रशासनिक अधिकार भी मिल जाएंगे। इसके बाद सहकारी समितियों के चुनाव करवाकर गांव से लेकर राजधानी तक की सहकारी समितियों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सत्ता में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सत्ता में कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने के माडल पर काम कर रही भाजपा सरकार ने सरकारी योजनाओं की राजधानी से ग्राम पंचायत स्तर तक निगरानी के लिए दीनदयाल अंत्योदय समितियों के पुनर्गठन का रास्ता साफ कर दिया है। दीनदयाल अंत्योदय समितियों में राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री और जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री अध्यक्ष होंगे। हर स्तर पर गठित समितियों में एससी और एससी वर्ग की महिलाओं के लिए पद आरक्षित रहेंगे। यानी सत्ता में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

इन्फेंट्री स्कूल महू में ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत नई रिसर्च लैब स्थापित

 महू   ड्रोन तकनीक को भविष्य की युद्ध प्रणाली में निर्णायक भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है। भारतीय सेना अब स्वदेशी ड्रोन टेक्नोलाजी को लेकर बड़ा कदम उठा रही है। सेना के ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में मान्यता प्राप्त इन्फेंट्री स्कूल महू और आईआईटी कानपुर इनक्यूबेटेड डिफेंस ड्रोन निर्माता वीयू डायनेमिक्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच संयुक्त उपक्रम के तहत अत्याधुनिक ड्रोन रिसर्च लैबोरेटरी स्थापित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में महू स्थित पाथ समूह का स्ट्रेटेजिक निवेश भी शामिल है। सेना की समस्याओं व आवश्यकताओं पर शोध कर होगा नवाचार समय के साथ-साथ युद्ध तकनीक, रणनीति और जरूरतें बदलती जा रही हैं। तकनीकी युग में युद्ध के दौरान ही कई बड़ी समस्याएं व चुनौतियां सामने आती हैं। इनको त्वरित रूप से हल करने के लिए भारतीय सेना का प्रतिष्ठित इन्फेंट्री स्कूल वर्तमान और भविष्य में होने वाले युद्ध की वास्तविक चुनौतियों से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं को वीयू डायनेमिक्स कंपनी के साथ साझा करेगा। इसके बाद दोनों की संयुक्त अनुसंधान टीम आवश्यकताओं व समस्यों के तकनीकी समाधान को लेकर शोध कर नवाचार करेंगे, फिर त्वरित विकास के माध्यम से भारतीय सेना की सामरिक क्षमताओं को बढ़ाने वाले ड्रोन समाधानों पर कार्य करेगी। यह होगी विशेषता     इस रिसर्च लैब में ऐसे ड्रोन सिस्टम विकसित किए जाएंगे जो संचार बाधित या जीपीएस जैम की स्थिति में भी मिशन पूरा करने में सक्षम हों।     आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के माध्यम से लक्ष्य की पहचान और सटीक हमला करने की क्षमता रखते हों।     इस लैब से विदेशी निर्भरता से मुक्त होकर पूर्ण रूप से स्वदेशी निर्मित तकनीकी समाधान प्रदान कर सकेंगे।     तेज प्रोटोटाइपिंग और परीक्षण के माध्यम से युद्ध में होने वाली वास्तविक जरूरतों को पूरा करेंगे।     इस प्रयोगशाला में एफपीवी अटैक ड्रोन, कमिकाजी प्लेटफार्म और लंबी दूरी वाले फिक्स्ड-विंग ड्रोन सहित कई सामरिक ड्रोन प्रणालियों के विकास पर कार्य होगा। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम यह पहल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाते हुए भारतीय सेना को भविष्य की युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार किए गए स्वदेशी ड्रोन समाधान उपलब्ध कराएगी। यह सहयोग देश की तीन प्रमुख शक्तियों के एकीकृत प्रयास के परिणाम हैं। इसमें भारतीय सेना का युद्ध अनुभव, भारतीय स्टार्टअप का नवाचार व भारतीय उद्योग की मजबूती शामिल है। जिससे भविष्य में होने वाले युद्ध व युद्ध संभावनाओं में भारत की निर्णायक बढ़त सुनिश्चित करेंगे। इसको लेकर महू की इन्फेंट्री स्कूल में समारोह आयोजित हुआ। जिसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ वीयू डायनेमिक्स व पाथ समूह के प्रतिनिधि के बीच समझौता पत्र के लिए हस्ताक्षर किए।

सियासी हत्या का मामला: कटनी में BJP नेता की हत्या और आरोपियों का एनकाउंटर

कटनी   कटनी जिले के कैमोर में हिंदू संगठन और बीजेपी से जुड़े नेता नीलेश 'नीलू' रजक की गोली मारकर हत्या के बाद उपजा तनाव अब पुलिस की कड़ी कार्रवाई से शांत होता दिख रहा है. हत्या के दोनों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गए हैं.एडिशनल एसपी संतोष डहरिया ने बताया कि हत्या के दोनों आरोपी अकरम खान और प्रिंस जोसफ को अलसुबह जिले के कजरवारा से पकड़ा गया. गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायर किया. पुलिस की जवाबी फायरिंग में 4 गोलियां चलीं और दोनों आरोपी घायल हो गए. दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया है.  'लव जिहाद' और छेड़छाड़ का विरोध बनी हत्या की वजह इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे छेड़छाड़ और 'लव जिहाद' का विरोध मुख्य कारण बताया जा रहा है. एक महीने पहले कैमोर के DAV स्कूल में लड़की छेड़ने से मना करने पर अकरम और नीलेश में विवाद हुआ था. परिवार के अनुसार, तब कैमोर पुलिस ने उल्टा नीलेश पर मामला दर्ज कर दिया था और TI के सामने अकरम खान ने नीलेश को गोली मारने की धमकी दी थी. बिहार से लौटे संजय पाठक हत्या की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक संजय पाठक (जो बिहार चुनाव प्रचार में थे) विशेष विमान से विजयराघवगढ़ हॉस्पिटल पहुंचे. पाठक ने जिला कलेक्टर और एसपी से मांग की थी कि अपराधियों की गिरफ्तारी, अवैध गतिविधियों पर अंकुश और संरक्षण देने वालों पर कार्यवाही होने तक मृतक का पोस्टमार्टम और दाह संस्कार नहीं किया जाएगा.  संजय पाठक ने एक समुदाय विशेष के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, "हम इस्लामिक राष्ट्र बनने नहीं देंगे." स्थानीय लोगों के आक्रोश और विधायक की मांग के बाद देर शाम पुलिस अधीक्षक ने कैमोर टीआई अरविंद चौबे और प्रधान आरक्षक प्रेम शंकर पटेल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है. खबर लिखे जाने तक विजयराघवगढ़ हॉस्पिटल में सैकड़ों लोग जमा थे और कटनी-विजयराघवगढ़ मार्ग पर चक्का जाम जारी था. हालात को देखते हुए आईजी और डीआईजी भी मौके पर नजर बनाए हुए थे.

साइबर सुरक्षा पर जोर: सीएम मोहन यादव ने रैली और मैराथन को किया उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री ने साइबर जागरूकता रैली में भाग लिया. उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. डीजीपी कैलाश मकवाना समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल पेमेंट में भारत ने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन हमें साइबर अपराधों को भी रोकना है. डिजिटल लेन-देन को छोड़ने का विकल्प नहीं है, इसलिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर अक्टूबर माह में साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मां नर्मदा नदी में मगरमच्छ छोड़े जाएंगे. कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्य को अंजाम देंगे. मुख्यमंत्री ने बताया कि मां नर्मदा का वाहन मगरमच्छ है, और इससे पहले उन्होंने चंबल नदी में घड़ियाल छोड़े हैं. नर्मदा नदी में मगरमच्छों की संख्या बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में सभी जीवों के संरक्षण का अभियान चल रहा है. बिहार दौरे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए को बिहार में प्रचंड बहुमत मिलेगा. भाजपा के पक्ष में सभी मिलकर बिहार में प्रचार कर रहे हैं, जिससे एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी. बिहार का मध्य प्रदेश से 2200 साल पुराना रिश्ता है. एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार ने चहुमुंखी प्रगति की है. इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अक्टूबर माह को “राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह” के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। इस अभियान के समापन पर भोपाल में “साइबर जागरूकता रन– 2025” का आयोजन किया जा रहा है। यह रन कल सुबह 8:00 बजे प्लेटिनम प्लाज़ा, अटल पथ से शुरू होगी और एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर समाप्त होगी। सुरक्षित रहें – सतर्क रहें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ करेंगे। रन में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएँ और आम नागरिक शामिल होंगे। प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड सफेद टी-शर्ट और लोअर निर्धारित है। रन के दौरान “सुरक्षित रहें – सतर्क रहें – साइबर अपराध से बचें” जैसे संदेशों वाले बैनर और पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों को फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना है। साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। यह आयोजन नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।