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किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, भावांतर योजना से मिला लाभ: सीएम मोहन यादव का बयान

भोपाल  भावांतर योजना को लेकर मध्यप्रदेश के किसान बेहद उत्साहित हैं। इस योजना की राशि का लाभ मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अनोखे अंदाज में धन्यवाद दिया। किसानों ने 12 अक्टूबर को इंदौर के देपालपुर और उज्जैन में जबरदस्त ट्रैक्टर रैली निकाली। सैकड़ों किसान सड़कों पर निकले और प्रदेश के मुखिया का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर प्रदेश के अन्नदाता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकट की घड़ी में किसानों को आर्थिक मदद दी है। यह मदद किसानों के जीवन में बदलाव लाएगी। किसानों ने कहा कि सीएम डॉ. यादव ने यह मदद तब दी है, जब त्योहार सिर पर खड़ा है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये देपालपुर के किसानों से बात की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का मानना है कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है। इसी भावना के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू की है। बता दें, आज देपालपुर में किसानों का उत्साह देखते ही बनता था। किसानों ने 11 अक्टूबर की रात ही ट्रैक्टर रैली की सारी तैयारियां कर ली थीं। ट्रैक्टरों पर अलग-अलग तरह के स्लोगन और पोस्टर लगाए गए। उसके बाद किसान एक जगह इकट्ठे हुए और सैकड़ों ट्रैक्टरों को लेकर देपालपुर की सड़कों पर निकल पड़े। किसानों ने रैली से शुरू होने से अंत तक सीएम डॉ. यादव के समर्थन में नारे लगाए। दूसरी ओर, उज्जैन में किसानों की ट्रैक्टर रैली कृषि उपज मंडी परिसर से शुरू होकर आगर रोड, चामुंडा माता चौराहा, फ्रीगंज ओवर ब्रिज, तीन बत्ती चौराहा होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। इस रैली में शामिल ट्रैक्टरों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करने वाले कई पोस्टर और बैनर लगे थे। किसान कल्याण के लिए संकल्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि प्रदेश सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए संकल्पित है। भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत देने का फैसला सरकार ने किसान संघों के सुझाव पर किया है। बता दें, किसान पहले की ही तरह सोयाबीन को मंडियों में बेचेगा। मंडी में अगर उन्हें एमएसपी से कम कीमत मिलेगी तो सरकार इस घाटे की भरपाई करेगी। यानी फसल के विक्रय मूल्य और एमएसपी के अन्तर की राशि सरकार देगी। कब से प्रभावशील होगी योजना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू ही है। प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुकी है, जो 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। योजना 24 अक्टूबर से प्रभावशील होगी। इस योजना के मुताबिक, अगर किसानों का सोयाबीन न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बिकता है तो सरकार किसानों के घाटे की भरपाई करेगी।   

रिटायर्ड जस्टिस रोहित आर्य की नई तस्वीर वायरल, आरएसएस गणवेश में आने पर चर्चा तेज

भोपाल  एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस रहे रोहित आर्य हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। अपने कार्यकाल के दौरान बेबाकी वाले अंदाज से छाए रहते थे। कोर्ट रूम में भी दलीलों पर वह खरी-खरी बात करते थे। रिटायरमेंट के बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए थे। अब उनकी एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह आरएसएस की ड्रेस पहने हुए हैं। क्या है मामला दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भोपाल स्थित तात्या टोपे स्टेडियम में पथ संचलन का आयोजन किया गया है। इसमें संघ से जुड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज रोहित आर्य मौजूद थे। जस्टिस रोहित आर्य कार्यक्रम में आरएसएस के गणवेश में थे। उन्हें मंच पर जगह मिली थी। स्वंयसेवकों को इस मौके पर उन्होंने संबोधित किया है। 2024 में हुए थे रिटायर जस्टिस रोहित आर्य साल 2024 में हाईकोर्ट जज से रिटायर हुए थे। रिटायर होने के कुछ महीने बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इसके बाद वह बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। पार्टी ज्वाइन करने के बाद बीजेपी ने उन्हें वन नेशन वन इलेक्शन के लिए संयोजक भी बनाया था। इसके बाद से जस्टिस रोहित आर्य लगातार पार्टी में सक्रिय हैं। अब आरएसएस के कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि बने हैं। वह सुसज्जित गणवेश में स्वंयसेवकों के बीच आए थे। इस दौरान राष्ट्र की एकता का उन्होंने संदेश दिया है। हाईकोर्ट में रहने के दौरान इनके कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग खूब वायरल होती थी। कई बार अधिकारियों को भी इन्होंने जोरदार फटकार लगाई थी।

सुबह 4 बजे रतलाम में बड़ी कार्रवाई, एक्सप्रेसवे किनारे अवैध ढाबों पर चला बुलडोजर

रतलाम  सोमवार तड़के 4 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रशासन का बुलडोजर एक ढाबे पर गरजा. यह कार्रवाई नामली थाना क्षेत्र के बड़ौदा गांव के पास फोरलेन और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के किनारे पर बने ढाबे हुई है. यहां अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों की शिकायत मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. सुबह 4:00 बजे शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करीब 8:00 तक चली. इस दौरान 2 ढाबों को प्रशासन की टीम ने जमींदोज किया है. हालांकि, प्रशासन और पुलिस की इस कार्रवाई को ढाबा संचालक और ग्रामीणों ने गलत बताया है. प्रशासन के ऊपर निजी जमीन पर बने ढाबे को जमींदोज करने का आरोप लगाया है. अवैध ढाबों पर चला प्रशासन का बुलडोजर लेबड़ नयागांव फोरलेन पर जावरा से नामली के मध्य कई अवैध ढाबे संचालित हो रहे थे. इन ढाबों में मादक पदार्थों की तस्करी सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियां चलने के आरोप लग रहे थे. मिली शिकायतों के आधार पर स्थानीय पुलिस टीम और प्रशासन द्वारा संयुक्त कार्रवाई सोमवार की सुबह 4 बजे की गई है. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे बने इन ढाबों को जमींदोज कर दिया गया है. इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा है. प्रशासन की मनसा पर उठ रहे सवाल हालांकि, कथित अतिक्रमण के खिलाफ हुए पुलिस एक्शन पर सवाल उठ रहे हैं. ढाबा संचालकों का कहना है कि "ढाबे का निर्माण नियमानुसार निजी जमीन पर किया गया था. किसी प्रकार की अवैध गतिविधि यहां संचालित नहीं हो रही थी." बड़ौदा के पूर्व सरपंच अभिषेक शर्मा ने बताया कि "प्रशासन राजनीति से प्रेरित होकर अन्यायपूर्ण कार्रवाई कर रहा है. ऐसी क्या मजबूरी है कि पुलिस और प्रशासन रात के अंधेरे में कार्रवाई करने यहां पहुंचा. हमें सूचना तक नहीं दी गई." रात के अंधेरे में पहुंची पुलिस प्रशासन की टीम दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के पास हुए कथित अतिक्रमण को हटाने की यह कार्रवाई पुलिस और प्रशासन के द्वारा सुबह 4:00 बजे की गई. इसके लिए आसपास के पुलिस थानों का फोर्स लेकर एडिशनल एसपी, रतलाम सीएसपी, एसडीओपी और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. रतलाम ग्रामीण एसडीम विवेक सोनकर ने बताया कि "लंबे समय से हाईवे के किनारे अतिक्रमण कर ढाबे बनाए जाने और अवैध गतिविधियां संचालित करने की शिकायत मिल रही थी. जिस पर सोमवार को पुलिस प्रशासन की टीम द्वारा कार्रवाई की गई है." नामली थाने पहुंचकर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी इस कार्रवाई को लेकर ढाबा संचालकों और स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है. उन्होंने इसे पुलिस की दादागिरी बताया है. साथ ही विरोध दर्ज करवाया है. बुलडोजर एक्शन से आक्रोशित ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने नामली थाने पर पहुंचे हैं. उधर सुबह-सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम को ग्रामीणों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ गया है.

धान की उन्नत किस्म का जायजा, शिवराज सिंह बोले–बदलिए खेती का तरीका, मिलेगा बेहतर मुनाफा

विदिशा  केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान विदिशा के ग्राम बामनखेडा पहुंचे. यहां आयोजित 'धान कृषकों से आयोजित संवाद कार्यक्रम' को सम्बोधित करते हुए कहा कि, ''खेती का पैटर्न बदलकर कैसे लाभ में परिवर्तित करें इसके लिए अच्छे खाद, बीज के साथ-साथ उन्नत तकनीकी जरूरी है.'' उन्होंने किसानों से आव्हान किया कि, ''मिट्टी परीक्षण जरूर कराएं ताकि अनावश्यक खाद से खेती जमीन को बचाया जा सके.'' बासमती धान की नई किस्म पीबी 1885 व 1886 लगाई केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, ''आईआईआर (भारतीय कृषि अनुसंधान) दिल्ली से पहली बार बासमती धान की किस्म पीबी 1885 व 1886 प्रायोगिक तौर पर खेतों में लगाई है. पहले मैं स्वंय प्रयोग करूंगा इसके बाद किसानों को अभिप्रेरित करूंगा. इस किस्म में दवा डालने की जरूरत नहीं पड़ती है. भारतीय कृषि अनुसंधान के द्वारा प्रमाणित बासमती के इस बीज का उत्पादन अन्य बीजों की तुलना में अधिक उत्पादन देता है और पानी भी कम लगता है. एकीकृत कृषि यूनिट का मकसद है कि हम खेती के साथ-साथ अन्य उत्पाद जैसे फल सब्जी और गौपालन से खेती को मुनाफे में परिवर्तित करें." 'अपना घर आश्रम' कार्यक्रम में शामिल हुए शिवराज सिंह  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, ''किसानों के छोटे-छोटे ग्रुपों में इस प्रकार के आयोजन कर उन्हें सुगमता से जानकारी देना और प्रश्नोत्तरी संवाद के माध्यम से उनकी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान करना है.'' कार्यक्रम में हरियाणा पानीपत के कृषक प्रीतम सिंह ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किए गए नवाचारों को रेखांकित किया. उन्होंने कृषि की भाषा सीखने के लिए उदाहरण प्रस्तुत किए.'' शिवराज सिंह ने लिया खेतों का जायजा बामनखेडा के प्रगतिशील कृषक बृजेश दुबे ने बासमती धान की नई किस्म पीबी 1885 एवं 1886 अपने खेतो में लगाई है. शिवराज सिंह ने उन खेतों में पहुंचकर धान का जायजा लिया. कृषक प्रीतम सिंह ने धान वैरायटी के अंतरों पर भी गहन प्रकाश डाला. निरीक्षण भ्रमण के दौरान विदिशा विधायक मुकेश टण्डन, नटेरन जनपद पंचायत के सदस्य अंशुल शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. ग्राम वामनखेडा में धान फसल पर आयोजित संगोष्ठि कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से कम लागत पर अधिक उत्पादन कैसे लें इसको लेकर संबोधित किया. वहीं किसानों की जिज्ञासाओं का भी समाधान मौके पर किया गया. अपना घर आश्रम' कार्यक्रम में शामिल हुए शिवराज सिंह रविवार को केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा के प्रवास पर रहे. इस दौरान विविध कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए. विट्ठल नगर में स्थित अपना घर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में तथा नवीन व्यापार आध्या इंटरप्राइजेस के उद्घाटन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए है. विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में शामिल होकर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया. अपना घर आश्रम कार्यक्रम में पहुंचे शिवराज सिंह चौहान  विट्ठल नगर में स्थित अपना घर आश्रम को स्थापित हुए 2 वर्ष पूरे हो गए हैं. इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सम्मिलित हुए. उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि, ''विदिशा शहर और जिला समाज सेवियों से भरा पड़ा है. विभिन्न सामाजिक संगठन लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है. अपना घर आश्रम भी उसी में से एक है. मैंने आज के कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्ध जन समाज सेवियों के साथ भी चर्चा करने का विचार किया था जो समय अभाव के कारण अभी रद्द किया गया है, आगामी दिनों में इसे किया जाएगा.'' लोगों को बर्बाद कर रहा नशा नशे को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने मंच से कहा कि, ''नशे से पीढ़ियां बर्बाद हो रही हैं. गंजबासौदा जैसे शहर में सफेद पाउडर का चलन मन को बेचैन कर देता है. यह काम सरकारी नहीं है और यह काम सरकार कर भी नहीं सकती. इसलिए समाज को ही करना पड़ेगा. इसलिए विदिशा में प्रबुद्ध जनों समाजसेवियों की कमी नहीं है, हम विदिशा को आदर्श बना सकते हैं.''

MP में ठंड का असर तेज़, तापमान में गिरावट और अगले 4 दिनों तक बारिश की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में मानसून की वापसी हो गई है। इस वापसी ने मौसम में ठंडक को बढ़ा दिया है। इस बारे में मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले 4 दिन हल्की बारिश का दौर देखने को मिलेगा। सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी ऐसे जिले हैं, जहां बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इसी के साथ मध्य प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हैं, जहां राते ठंडी रहेगी। लौटकर आए मानसून और लुढ़कते हुए पारे की वजह से कई शहरों में सुबह और शाम ठंड महसूस हो रही है। ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल और इंदौर में रातें ठंडी बनी रहेगी। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल रही है। पूर्वी हिस्स में बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लोकल सिस्टम की एक्टिविटी होने की वजह से बारिश का अनुमान जताया है। विभाग द्वारा देखे जानकारी के मुताबिक अगले 4 दिन तक हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। सिंगरौली, उमरिया, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी बालाघाट पांढुर्णा छिंदवाड़ा से मानसून अभी लौटा नहीं है। यहां हल्की-फुल्की बारिश का द्वारा लगातार जारी है। तापमान हुआ सामान्य से कम मध्य प्रदेश के कई शहर ऐसे हैं, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से कम देखने को मिल रहा है। दरअसल उत्तरी हवाओं के चलते यहां की रातें ठंडी बनी हुई है। इन जिलों में भोपाल, उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम और ग्वालियर शामिल है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में पहाड़ों में लगातार बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी की वजह से हवा का रुख बदल गया है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश की ठंडक को बढ़ा रही है। राजधान भोपाल में ठंडक बीती रात राजधानी भोपाल में काफी ठंड देखने को मिली। बीती रात यहां का तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश से हर ही साइड दवाओं की वजह से प्रदेश में ये असर दिखाई दे रहा है। पचमढ़ी जो हमेशा सबसे ठंडा रहता है यहां पर न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला। दरअसल हिमाचल की सर्द हवाएं 20 दिन पहले ही प्रदेश में एंट्री कर चुकी है  जिसकी वजह से मौसम में ठंडक घुल गई है। अलग-अलग शहरों के तापमान की बात करें तो खजुराहो में 32.8 डिग्री ग्वालियर में 32.1 डिग्री उज्जैन सतना गुना में 31.7 डिग्री नर्मदापुरम दमोह में 31.2 डिग्री अधिकतम तापमान देखने को मिला। इंदौर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस नौगांव में 15.3 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में 14.4 डिग्री सेल्सियस धार्मिक 15.5 डिग्री सेल्सियस भोपाल खंडवा रतलाम उज्जैन में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा।

भोपाल ट्रैफिक अलर्ट: दिवाली पर कई रास्ते बंद, बदली गई पार्किंग व्यवस्था, जानिए पूरी गाइडलाइन

 भोपाल  आने वाली 21 अक्टूबर को देशभर में हर्षोल्लास से दिवाली का त्योहार मनाया जाना है। त्योहारी खरीदारी के चलते इन दिनों बाजारों और मार्गों पर भीड़ का अधिक दबाव है। इसी के चलते मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक नियमों में स्थाई बदलाव किए हैं। ये बदलाव आज से प्रभावी किए गए हैं, जो 21 अक्टूबर यानी दिवाली की रात तक 8 दिन प्रभावी रहेंगे। इसमें मुख्य रूप से शहर के जुमेराती, चौक बाजार, न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, बैरागढ़ आदि प्रमुख बाजारों में आमजन का आवागमन सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। इसी को मद्देनजर रखते हुए भोपाल की यातायात पुलिस द्वारा विभिन्न बाजारों में निर्धारित समयावधि के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव के साथ पार्किंग व्यवस्था को बढ़ाया गया है। भोपाल चौक बाजार सोमवार यानी आज से 21 अक्टूबर यानी दीपावली के दिन इस त्योहारी सीजन में आंतरिक बाजार क्षेत्र (जनकपुरी, जुमेराती, छोटे भैया चौराहा, घोड़ा नक्कास चौराहा, हनुमानगंज, आजाद मार्केट) में भोपाल शहर के अलावा अन्य आसपास के शहरों के साथ साथ देहात से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आ रहे हैं। इसी के चलते भीड़ की स्थिति में पुराना शहर क्षेत्रांर्गत मुख्य बाजार में यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए परिवर्तित मार्ग व्यवस्था की गई है, जो इस प्रकार है- 1-यातायात का अत्यधिक दबाव होने पर कोई भी लोडिंग वाहन/ऑटो रिक्शा/चार-पहिया वाहन आंतरिक बाजार क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। 2-करोंद, डीआईजी बंगला, सिंधी कॉलोनी, शाहजहांनाबाद से आने वाले चार-पहिया वाहन आंतरिक बाजार में प्रवेश नहीं करेंगे। 3-भोपाल टॉकीज चौराहे से लेकर बाल विहार ग्राउंड तक पार्किंग व्यवस्था की गई है। इस तरफ से बाजार में प्रवेश करने वाले यहां वाहन खड़े कर सकते हैं। 4-भारत टॉकीज के छावनी मार्ग या इतवारा मार्ग से बाजार में आने वाले सभी दो-पहिया वाहन सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में पार्क करने की व्यवस्था है। 5-संगम टॉकीज की ओर से सब्जी मंडी होकर आने वाले चार-पहिया/तीन-पहिया वाहन सब्जी मंडी प्रांगण में पार्क कर सकते हैं। 6-लखेरापुरा, रंजन पेन कार्नर, इतवारा, मारवाड़ी रोड, इब्राहिमपुरा से कोई भी चार-पहिया, तीन-पहिया वाहन चौक बाजार से नहीं गुजर सकेंगे। ये वाहन सरस्वती प्रकाशन के पास मल्टीलेवल पार्किंग और सदर मंजिल के पास स्थित पार्किंग में खड़े कर सकेंगे। 7-चौक बाजार में भीड़ की स्थिति में दो-पहिया वाहन भी सरस्वती प्रकाशन के पास मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क होंगे। 10 नंबर मार्केट वहीं, तय अवधि के लिए 10 नंबर मार्केट जाने वाले रास्ते को वन-वे किया गया है। इसमें वाहन वंदे मातरम् चौराहे से 10 नंबर मार्केट की तरफ जाते हुए 10 नंबर मार्केट तिराहा होते हुए नेशनल अस्पताल की तरफ जाएंगे। वहीं, साढ़े 10 नंबर स्टॉप से वाहन 10 नंबर मार्केट तिराहा होते हुए नेशनल अस्पताल की ओर जाएंगे। नेशनल अस्पताल से 10 नंबर मार्केट और 10 नंबर मार्केट से वंदे मातरम् चौराहे की तरफ वाहन ले जाना प्रतिबंधित किया गया है। न्यू मार्केट न्यू मार्केट में टीटी नगर थाना चौराहे के पास स्थित मल्टी लेवल पार्किंग में पर्याप्त पार्किंग स्थान है। यहां आने वाले अपने वाहन पार्क करेंगे। यातायात का दबाव बढ़ने पर रंगमहल चौराहे से थाना चौराहे और टीटी क्रॉस तिराहे से थाना चौराहे तक वाहनों का आवागमन परिवर्तित मार्ग से किया जाएगा। एमपी नगर बाजार एमपी नगर जोन-एक में स्थित मल्टी लेवल पार्किंग और अन्य पार्किंग स्थलों पर वाहन पार्क किये जा सकेंगे। बैरागढ़ बाजार बैरागढ़ में चंचल चौराहे के पास मल्टी लेवल पार्किंग में व्यापारी अपने वाहन पार्क करेंगे। नए ब्रिज निर्माण के कारण पीडब्ल्यूडी द्वारा छोटे-छोटे पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं, जहां ग्राहक कुछ समय के लिए वाहन पार्क कर सकेंगे।

छिंदवाड़ा भेजे गए कफ सिरप के बाद कार्रवाई, जबलपुर की कटारिया फार्मास्यूटिकल्स का लाइसेंस रद्द

जबलपुर  एमपी के छिंदवाड़ा-बैतूल में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 25 बच्चों की मौत के बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की जा रही है। जिसके चलते  जबलपुर की कटारिया फार्मास्यूटिकल्स का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। यहां से ही कोल्ड्रिफ सिरप छिंदवाड़ा भेजा गया था।    जबलपुर के कटारिया फार्मास्यूटिकल ऑफिस से ही छिंदवाड़ा का बड़ा लॉट कोल्ड्रिफ सिरप का भेजा गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जिसपर खाद्य एवं औषधि विभाग ने लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने कंपनी और उसके डीलर के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। दो दिन पहले ही खाद्य एवं औषधि विभाग ने जांच के दौरान पाया था कि नोदरा ब्रिज स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल के ऑफिस-गोदाम में जहां पर दवाओं का स्टॉक रखा जाता था, उसकी अनुमति नहीं थी। इतना ही नहीं कटारिया फार्मास्यूटिकल के संचालक ने दुकान का लाइसेंस और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए लेकिन गोदाम से जुड़े उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे।  जबकि यहीं पर दवाओं का स्टॉक रखा जाता था। जिला प्रशासन के साथ मिलकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने कटारिया फार्मास्यूटिकल के ऑफिस और गोदाम को फिलहाल सील कर दिया है। कटारिया फार्मास्यूटिकल से मिले कफ सिरप के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत और भी कमियां टीम को मिली हैं।  जिनके आधार पर फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पत्र प्राप्त होते ही एक दिन में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर से छिंदवाड़ा भेजे गए सिरप में डाइएथिलीन ग्लायकॉलन पाया गया है। खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जहां दवाओं का स्टॉक रखा जाता था, वहां रेफ्रिजरेटर नहीं है। जबकि नियम के अनुसार रेफ्रिजरेटर होना आवश्यक है। फर्म संचालक द्वारा सेल-परचेज का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया जो गंभीर अनियमितता में आता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने दवाओं का कस्टडी ऑर्डर ले लिया है। इसके बाद अब जांच की अनुमति भी मिल गई है। कटारिया फार्मास्यूटिकल से मिले कफ सिरप के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में और भी कमियां टीम को मिली हैं। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पत्र प्राप्त होते ही एक दिन में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर से छिंदवाड़ा भेजे गए सिरप में डाइएथिलीन ग्लायकॉल (DEG) पाया गया है। खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जहां दवाओं का स्टॉक रखा जाता था, वहां रेफ्रिजरेटर नहीं है, जबकि नियम के मुताबिक रेफ्रिजरेटर होना आवश्यक है। फर्म संचालक द्वारा सेल-परचेज का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया, जो गंभीर अनियमितता में आता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने दवाओं का कस्टडी ऑर्डर ले लिया है। इसके बाद अब जांच की अनुमति भी मिल गई है। तमिलनाडु की श्री सन फार्मा के द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप से अभी तक 25 बच्चों की मौत हो चुकी है। खाद एवं औषधि प्रशासन ने स्टॉकिस्ट से यह भी पूछा है कि उन्होंने ऐसी दवा क्यों बेची, जो की स्टैंडर्ड क्वालिटी की नहीं थी और जिससे कई मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। कोल्ड्रिफ सिरप महाकौशल में सिर्फ जबलपुर से होते हुए छिंदवाड़ा जाती थी, जो कि संदेहास्पद है। खाद एवं औषधि विभाग के साथ प्रशासन इसका कारण भी स्पष्ट करने में जुटी हुई है। कटारिया फार्मास्यूटिकल द्वारा ही छिंदवाड़ा में तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप की सप्लाई की गई थी, जिसके पीने से मासूम बच्चों की मौत हो गई। जांच के दौरान कटारिया फार्मास्युटिकल्स द्वारा दुकान का लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, लेकिन उस गोदाम से जुड़ा कोई दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं किया, जहां दवाओं का स्टॉक किया गया। जांच के दौरान मौके पर रेफ्रिजरेटर नहीं मिला। इसके अलावा फर्म संचालक द्वारा सेल-पर्चेज का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। औषधि निरीक्षक देवेंद्र जैन ने बताया कि फर्म को नोटिस का जवाब देने के लिए एक दिन का वक्त दिया गया था लेकिन उन्होंने तय समय अवधि में नोटिस का जवाब नहीं दिया जिसके तहत लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा का कहना है कि छिंदवाड़ा में हुई बच्चों की मौत को लेकर हमारी टीम लगातार जांच कर रही है। श्रीसन फार्मा कंपनी के मालिक को चेन्नई से गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस उन लोगों तक भी पहुंच रही है, जो इस कफ सिरप की मिलावट में शामिल थे। अब तक कई अधिकारियों को निलंबित और गिरफ्तार किया जा चुका है। आईजी ने बताया कि अब तक हुई जांच की रिपोर्ट की समीक्षा की गई है, जिसमें जिनकी संलिप्तता पाई जाएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी।

उदित गायकी केस: पुलिस की मारपीट का वीडियो वायरल, भोपाल में फूट रहा गुस्सा

भोपाल  इंजीनियर उदित गायकी की पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों आरक्षक सौरभ आर्य और संतोष बामनिया को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस की बर्बरता की इस घटना ने पूरे प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार-शुक्रवार रात को 22 वर्षीय उदित गायकी इंद्रपुरी क्षेत्र में अपने दोस्तों के साथ कार में म्यूजिक बजाकर पार्टी कर रहा था। इसकी सूचना जब रात्रि गश्त कर रहे पिपलानी थाने के आरक्षक सौरभ और संतोष को मिली तो वे युवकों के पास पहुंचे। पुलिस को देखकर उदित घबरा गया और भागने लगा, तब सौरभ ने उसे पकड़ा और डंडे से बेरहमी से उसकी पिटाई की।वह उदित के पांव के पंजों को अपने जूते से दबाता है। इतना ही नहीं, जूते की नोक उदित के पैर पर रगड़ देता है। वहीं, दूसरा पुलिसकर्मी इस दौरान उदित के दोस्तों से बात करता दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, उदित के पिता का कहना है कि उनके बेटे को रायफल की बट से पीटा गया। जिसके निशान उसके शरीर पर थे। सीसीटीवी में कैद हुई पुलिस की बर्बरता साथ ही संतोष बंदूक लेकर उसके पास खड़ा रहा। पुलिस की यह बर्बरता गली में लगे सीसीटीवी में भी कैद हुई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उदित की कार में मौत हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया था। उधर मृतक की पीएम रिपोर्ट में अग्नाशय में चोट लगने से मौत की पुष्टि के बाद आरक्षकों के विरुद्ध शुक्रवार रात को हत्या का केस दर्ज किया गया। शनिवार को आरोपितों को गिरफ्तार किया और शनिवार को उन्हें जेल भेजा गया। आरोपित आरक्षक सौरभ आर्य मूलत: बैतूल जिले का रहने वाला है। वह गोविंदपुरा पुलिस लाइन में रहता था। वह वर्ष 2018 के बैच का पुलिसकर्मी है। सौरभ लंबे समय से पिपलानी थाने में पदस्थ था। वहीं आरक्षक संतोष बामनिया ने 2021 में पुलिस सेवा ज्वाइन की थी। वर्तमान में वह जहांगीराबाद में जेल रोड स्थित मैसूर सैयद कालोनी में रहता था।. FIR में कई खामियां, आरोपियों को बचाने का प्रयास उदित के पिता राजकुमार गायकी ने भी दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने कहा- मेरा इकलौता बेटा चला गया। पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। हमें एफआईआर में कई खामियां दिख रही हैं। हम इस एफआईआर से संतुष्ट नहीं हैं। भोपाल पुलिस की जांच पर हमें भरोसा नहीं है। आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मैं शासन से मांग करता हूं कि केस को सीबीआई के हवाले किया जाना चाहिए। जिससे जांच में किसी तरह की बाधा न हो। मेरे बेटे को न्याय मिल सके। आरोपियों को फांसी से कम कोई सजा नहीं होना चाहिए। मेरा बेटा नहीं, मेरी जिंदगी चली गई है। मेरे सारे सपने चले गए हैं। मैंने अपने पूरे जीवन की कमाई उस पर लगाई। उससे मुझे बहुत उम्मीदें थीं। सीबीआई जांच की मांग मृतक उदित के मामा सुभाष गवांडे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न्याय सम्मत एफआईआर दर्ज नहीं की है। ऐसे में जांच को प्रभावित भी किया जा सकता है। इस केस की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि उदित को इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि एफआईआर में रिश्वत मांगने और मारपीट का स्पष्ट जिक्र होना चाहिए था। मेरे इकलौते बेटे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा राजकुमार गायकी ने कहा- उदित को इतनी बेरहमी से क्यों पीटा गया? सरकार इस पर संज्ञान ले और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाए।मेरे इकलौते बेटे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा है। इन पुलिस वालों को भी मौत की सजा दी जानी चाहिए। पुलिस ने जो FIR दर्ज की है, उससे साफ जाहिर है कि वे अपने साथियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। वे मिलकर केस कमजोर करना चाहते हैं। मैं फिर कहता हूं कि मेरे बेटे को न्याय देना है तो आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। ऐसी सजा से ही नजीर बनेगी कि आगे कोई पुलिसवाला किसी की भी जान लेने में सौ बार सोचेगा। मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा गया है, उसके सिर में डंडे मारे, उसके जिस्म पर कई जगह रायफल की बट से पीटने के निशान मिले हैं। बेटे के प्राइवेट पार्ट पर भी चोट है, मैंने स्वयं यह निशान देखे हैं। मेरा दिल फट जाता है, जब यह मंजर को याद करता हूं। क्या यहां जंगल राज है? मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि आरोपियों को फांसी दिलाओ। ताऊ बोले- आरोपियों का पक्ष FIR में क्यों? उदित के ताऊ केके गायकी ने कहा- मैं पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूं। एफआईआर में डंडे से पीट-पीटकर हत्या करने की बात नहीं लिखी है। एफआईआर में घटना को मेंशन किया जाना चाहिए, न कि आरोपियों का साथ दिया जाना चाहिए। इससे पहले तो मैंने ऐसा कभी नहीं देखा। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि मार डालने के उद्देश्य से ही जानवरों की तरह उदित को पीटा गया। एक पुलिसकर्मी ने उसके हाथ पकड़े, दूसरे ने उसे बेरहमी से पीटा है। मार डालने के उद्देश्य से ही उसे पीटा गया है। शॉर्ट पीएम में पेनक्रियाज डैमेज होने की बात स्पष्ट है। लेकिन पुलिस ने एफआईआर में यह साफ नहीं किया कि पुलिसकर्मियों की मारपीट के कारण पेनक्रियाज डैमेज हुआ है। रही बात दोस्तों के बयानों की तो वे बच्चे हैं, उन्हें कुछ भी बयान देने पर मजबूर किया जा सकता है। पुलिस ने दबाव डालकर बयान दिलाए हालांकि, उदित के परिजन का आरोप है कि पुलिस ने दबाव डालकर उदित के दोस्तों से इस तरह के बयान दर्ज कराए हैं। दोस्तों के हवाले से लिखे घटनाक्रम में जान बूझकर मारपीट और अभद्रता की बात उल्लेख नहीं कराई गई, जिससे आरोपी पुलिसकर्मियों को आगे राहत मिल सके।  

अंबेडकर मूर्ति विवाद के बाद सख्ती: ग्वालियर में धारा 163, 50 को नोटिस, सोशल मीडिया से 260 पोस्ट हटाईं

ग्वालियर  शहर में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वकीलों के दो गुटों के साथ-साथ अब आम जनता भी इस मुद्दे पर बंटी हुई है। एडवोकेट अनिल मिश्रा की टिप्पणी के बाद दलित समाज संगठनों ने 15 अक्टूबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए हैं। जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत बिना अनुमति कोई भी कार्यक्रम नहीं किया जा सकेगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। क्या है पूरा विवाद यह विवाद 17 मई 2025 से शुरू हुआ था, जब हाईकोर्ट परिसर में मूर्ति लगाने को लेकर वकीलों के एक पक्ष और दूसरे पक्ष में मतभेद हो गया था। उस समय माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने मूर्ति को दूसरी जगह रखवा दिया था। तब से यह विवाद लगातार बढ़ रहा है। वकीलों का एक पक्ष मूर्ति लगाने के लिए अड़ा हुआ है, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा है। अब यह लड़ाई हाईकोर्ट परिसर से निकलकर सोशल मीडिया पर भी पहुंच गई है, जहां राजनीतिक और सामाजिक संगठन भी आमने-सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्टों को देखते हुए पुलिस 24 घंटे नजर रख रही है और अब तक 160 से अधिक पोस्ट हटा चुकी है और 50 से अधिक लोगों को नोटिस भी दे चुकी है, फिर भी विवाद थम नहीं रहा। पुलिस की सायबर टीम भी रख रही नजर शांति समिति की बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान और एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा- सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाकर 15 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही जा रही है। जिले में धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू है। 15 अक्टूबर को बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं होगा। एसएसपी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और सामाजिक समरसता को क्षति पहुंचाने वाले पोस्ट अपलोड करने वालों पर सायबर टीम की नजर है। सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं, व्यवसाय करें। प्रशासन सुरक्षा के लिए तत्पर है। इस बैठक में शांति समिति के 30 से ज्यादा सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे। बिना अनुमति आयोजन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर रुचिका चौहान ने शांति समिति सदस्यों से कहा कि वे भड़काऊ पोस्ट डालने वालों को फोन करके समझाएं, ताकि कानूनी कार्रवाई की नौबत न आए। ध्यान दें कि कहीं पर भी बिना अनुमति के कोई आयोजन न होने पाए। यदि हो तो सख्त कार्रवाई करें। शहर की तरह गांव में भी चौकसी की जाए। जन प्रतिनिधियों से भी संपर्क किया जाए। राजनीति चमका रहे लोग सोशल मीडिया पर चल रही पोस्टों से साफ है कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए जातिवाद की लड़ाई छेड़ रहे हैं। 15 अक्टूबर को आगरा में ओबीसी और एससी समाज द्वारा बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है, वहीं सामान्य वर्ग के लोग भी शक्ति प्रदर्शन की बात कर रहे हैं। त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने अपनी सतर्कता और बढ़ा दी है। 15 अक्टूबर को लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। होटलों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर है। पुलिस की भी पूरी तैयारी किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से निपटने के लिए पुलिस ने मॉक ड्रिल भी की है, ताकि असामाजिक तत्वों को संदेश दिया जा सके कि ग्वालियर पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। प्रशासन ने भी सभी समाजों के प्रमुख लोगों से बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि 15 तारीख को किसी बड़े मूवमेंट की सूचना मिलने के बाद धारा 163 लागू की गई है। अब सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेनी होगी।