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मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के बी-2-बी इवेंट और प्रदर्शनी का मुख्य सचिव जैन ने किया शुभारंभ

ग्रामीण परिवेश के होमस्टे संचालकों के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय टूर और ट्रैवल ऑपरेटर के साथ संवाद और बिजनेस अवसर उपलब्ध कराना सराहनीय ग्रामीण पर्यटन और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देना प्रमुख उद्देश्य भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने आज एमवीएम ग्राउंड में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में आयोजित बी-2-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) इवेंट एवं प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ किया। इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यावसायिक संबंधों को सुदृढ़ करना है। साथ ही मुख्य सचिव श्री जैन ने मध्यप्रदेश पर्यटन के पेवेलियन और प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन की जीवंत प्रदर्शनी "विलेज वाइब्स" का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रख्यात अभिनेता श्री रघुवीर यादव तथा अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रदेश के स्थानीय ग्रामीण परिवेश को जीवंत प्रदर्शनी "विलेज वाइब्स" के माध्यम से प्रदर्शित करने पर प्रशंसा की। उन्होंने महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षित बालिकाओं से संवाद किया। साथ ही ग्रामीण किचन की प्रतिरूप "मां की रसोई", ब्लॉक प्रिटिंग, सुविनियर शॉप, चंदेरी साड़ी वीविंग, लाइव गोंड पेंटिंग के लाइव डेमो का अवलोकन किया। मुख्य सचिव श्री जैन का परंपरागत ढोल और बांसुरी बजाकर स्वागत किया गया।  मुख्य सचिव श्री जैन ने बी-2-बी इवेंट में विशेष रूप से स्थान दिए गए प्रदेश के ग्रामीण होमस्टे संचालकों से मिले। ग्रामीण परिवेश के होमस्टे संचालकों के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय टूर और ट्रैवल ऑपरेटर के साथ संवाद और बिजनेस अवसर उपलब्ध कराने की सराहना की। वनराज होमस्टे, पलाश विला पेंच, ज्यांशी होमस्टे, वेदिका हिल होमस्टे और ग्रैंड नर्मदा होमस्टे सहित विभिन्न होमस्टे संचालकों से परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उनके सुविनियर उत्पाद देखे और प्रयासों की प्रशंसा की।  मुख्य सचिव श्री जैन ने विदेशी और भारतीय टूर ऑपरेटरों, होटल प्रतिनिधियों और निवेशकों से मुलाकात कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्हें मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में आने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के लिए आग्रह भी किया। मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रदर्शनियों और स्टॉल्स का अवलोकन किया एवं प्रतिभागियों से संवाद करते हुए  प्रदेश की नई पर्यटन नीति, निवेश के अवसरों और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। इस अवसर पर प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम डॉ. इलैया राजा टी, अपर प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में अंतर्राष्ट्रीय और डोमेस्टिक टूर, ट्रैवल ऑपरेटर और होटलियर उपस्थित रहें। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का बी-2-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) इवेंट एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मंच है। इसका मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश के टूर ऑपरेटर्स, होटल मालिकों (विक्रेता) को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ट्रैवल एजेंटों (खरीदार) से सीधे जोड़ना है। इस इवेंट में पूर्व-निर्धारित बैठकों के माध्यम से व्यापारिक समझौते और साझेदारियां की जाती हैं। यह राज्य के विविध पर्यटन स्थलों, जैसे वन्य जीव, विरासत और नए गंतव्यों को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करता है, जिससे खरीदार आकर्षक टूर पैकेज बना सकें। इसका लक्ष्य राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से काष्ठ मूर्ति कलाकार विश्वकर्मा ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री को भेंट की कलाकृति मुख्यमंत्री ने की श्री विश्वकर्मा को पुरस्कार स्वरूप में एक लाख रूपये दिये जाने की घोषणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में रीवा जिले के बैकुंठपुर निवासी श्री बुद्धसेन विश्वकर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को श्री विश्वकर्मा ने स्व-निर्मित काष्ठ कलाकृति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री विश्वकर्मा की कलाकृति का बारीकी से अवलोकन किया और उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री ने श्री विश्वकर्मा को पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपए देने की घोषणा भी की। उल्लेखनीय है कि श्री बुद्धसेन विश्वकर्मा द्वारा पारम्परिक लकड़ी की नक्काशी से एक मनोरम चित्र तैयार किया गया है, जिसे "हस्तकला नक्काशी" या "लकड़ी की मूर्तिकला" कहा जाता है। यह काष्ठ शिल्पकला किसी सांस्कृतिक या धार्मिक दृश्य को दर्शाती है, जिसमें नृत्य की विभिन्न भाव-भंगिमाओं या पौराणिक चरित्रों का सुंदर चित्रण किया जाता है।  

ड्रग विभाग ने Gwalior में मारा छापा, नोटिस के साथ कई दुकानदारों पर लगी शिकंजा

ग्वालियर कोल्ड्रिफ सिरप और अन्य प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम कसने के लिए औषधि विभाग की कार्रवाई जारी है। शनिवार को औषधि निरीक्षक अनुभूति शर्मा ने सचिन तेंदुलकर मार्ग, हुरावली रोड और पटेल नगर इलाके की मेडिकल दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। मेडिकल दुकानों का औचक निरीक्षण औषधि निरीक्षक शर्मा ने गणेश मेडिकल स्टोर्स सचिन तेंदुलकर मार्ग, कल्पना मेडिकल स्टोर्स, शिव मेडिकल स्टोर्स हुरावली रोड, तस्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड व ओम एंटरप्राइज़ेस पटेल नगर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ड्रग सेल लाइसेंस की वैधता, एक्सपायर दवाओं का प्रबंधन, कोल्ड्रिफ़ सिरप व अन्य प्रतिबंधित दवाओं की उपलब्धता, दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड और रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की उपस्थिति की जांच की गई। इस दौरान कल्पना मेडिकल स्टोर्स और शिव मेडिकल स्टोर्स पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। वहीं दोनों दुकानों पर दवाओं का रिकॉर्ड संधारित नहीं पाया गया। इसलिए नियम उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। दस्तावेजों की जांच जारी वहीं गणेश मेडिकल स्टोर्स को सिरप से संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। तस्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को खरीद-बिक्री का पूरा विवरण कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। ओम एंटरप्राइज़ेस का भी निरीक्षण किया गया, दस्तावेजों की जांच जारी है। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई औषधि निरीक्षक अनुभूति शर्मा ने कहा कि निरीक्षण की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक श्री तिवारी के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधायक, राष्ट्रवादी नेता श्री शंकरलाल तिवारी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व विधायक स्व. श्री तिवारी बचपन से ही संघ से जुड़े थे और बेबाक शैली के लिए जाने जाते थे। स्व. श्री तिवारी आपातकाल में मीसा बंदी के रूप में कारावास में रहे। तीन बार सतना विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहकर उन्होंने आमजन के हित में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- दो बूंद जिंदगी की, दो बूंद स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीन दिवसीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का किया शुभारंभ बच्चों को पिलाई पोलियो रोधी दवा प्रदेश के 18 चयनित जिलों में 39.19 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो रोधी दवा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पोलियो की दो बूंदें न सिर्फ किसी बच्चे को जीवनभर के लिए सुरक्षित करती हैं, बल्कि यह एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण की नींव भी हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा पोलियो रोधी खुराक पीने से वंचित न रह जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी बीमारी एक बच्चे को आजीवन पराश्रित बना सकती है, इसलिए इसका पूर्णतः उन्मूलन हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 18 जिलों में चलाए जा रहे इस तीन दिवसीय अभियान में 64 हजार से अधिक वैक्सीनेटर्स 24 हजार से अधिक पल्स पोलियो बूथों के माध्यम से दवा पिलायेंगे। साथ ही अनिवार्य रूप से घर-घर जाकर भी बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी, जिससे हर बच्चा पोलियो से सुरक्षित होकर ताउम्र स्वस्थ रह सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 चयनित जिलों में लक्षित आयु वर्ग के 39 लाख 19 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास में तीन दिवसीय (12 से 14 अक्टूबर) पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 छोटे बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो-दो बूंदें पिलाकर टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी हर बार अपने छोटे बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाते रहे, तभी पोलियो के विरुद्ध हमारी जीत आगे भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वस्थ और सशक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनसहभागिता को इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि हर घर से सहयोग मिलेगा, तो हमारा प्रदेश निश्चित ही 'पूर्णत: पोलियो मुक्त मध्यप्रदेश’ बनेगा। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. सौरभ पुरोहित सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इन 18 जिलों में पिलाई जाएगी पोलियो की दवा रविवार को प्रारंभ हुए अभियान में इन 18 जिलों में पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। 12 से 14 अक्टूबर तक प्रदेश के अनूपपुर, बैतूल, भिंड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, खण्डवा, खरगौन, मंडला, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर एवं नीमच जिले में पल्स पोलियो अभियान के तहत छोटे बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी।  

गर्भवती महिला और शिशु की मौत, रीवा अस्पताल में लापरवाही पर परिजन भड़के

रीवा संजय गांधी अस्पताल में एक बार फिर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। सतना से रेफर होकर आई दीपा गुप्ता पत्नी राजकुमार गुप्ता 36 वर्ष के परिजनों ने डॉक्टरों पर दो दिनों तक इलाज न करने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। गत शनिवार को घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के गेट पर शव रखकर हंगामा किया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि महिला की हालत पहले से ही गंभीर थी। 2 दिन भर्ती रखा, इलाज नहीं किया दीपा गुप्ता की मां ने रोते हुए बताया कि वे अपनी बेटी को सतना जिला अस्पताल से रेफर कराने के बाद यहां लाए थे। परिजनों का आरोप है कि यहां दीपा को दो दिनों तक वॉर्ड में सिर्फ लिटाकर रखा गया और कोई सही इलाज नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान अस्पताल में दीपा की मां के साथ मारपीट की गई और उसे एक खाली इंजेक्शन भी लगा दिया गया। परिजनों के मुताबिक, समय पर इलाज न मिलने के कारण ही दीपा और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हुई है।   अस्पताल की सफाई- महिला को पीलिया था, हालत गंभीर थी इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताया है। सीएमओ डॉ यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि महिला को जब सतना से यहां लाया गया था, तब उसे पीलिया था और उसे यूरिन भी नहीं आ रहा था। उसकी हालत बेहद गंभीर थी। ऑपरेशन कर बच्चे को निकाला गया, लेकिन महिला का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था, जिसके बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ने मारपीट के आरोप को भी पूरी तरह गलत बताया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई सम्मेलन करेंगे शुभारंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 13 अक्टूबर को होटल ताज भोपाल में एमएसएमई सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन में उद्यमियों और स्टार्टअप को अनुदान तथा सहायता राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया जाएगा। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप उपस्थित रहेंगे। वर्चुअली कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले भी जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 औद्योगिक क्षेत्रों, 3 नवीन कार्यालय भवनों की वर्चुअली आधारशिला रखेंगे। सम्मेलन में एमएसएमई एवं ओएनडीसी के मध्य एमओयू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना'' के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण करेंगे। साथ ही उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड वितरण भी करेंगे। सम्मेलन में नव उद्यमी और स्टार्टअप्स अपने अनुभव साझा करेंगे।

जाति प्रमाण पत्र मामले में खंडवा के विधायक कंचन तन्वे को न्यायालय ने दिया समर्थन

जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने खंडवा से भाजपा विधायक कंचन तन्वे को राहत प्रदान की है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता का वह आवेदन निरस्त कर दिया है, जिसमें विधायक के जाति प्रमाण पत्र की वैधता की सत्यता परखने के लिए राजस्व रिकार्ड तलब किए जाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता को उक्त आवेदन पूर्व में पेश करना था। जब मामले में मुद्दे तय हो गए और आवेदक ने अपनी गवाही समाप्त कर दी, तब उक्त आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता। उक्त मत के साथ न्यायालय ने आवेदन निरस्त कर मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित कर दी। याचिका खंडवा के आंबेडकर वार्ड निवासी कुंदन मालवीय की ओर से दायर की गई है।   आवेदक का कहना है कि तन्वे वर्ष 2023 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित खंडवा सीट से भाजपा की उम्मीदवार थी। आरोप है कि अनावेदिका ने जो जाति प्रमाण पत्र पेश किया है, वह वैध नहीं, क्योंकि उक्त जाति प्रमाण पत्र का कोई प्रकरण क्रमांक नहीं है, न ही उसकी शासकीय कार्यालय में कोई फाइल है। इतना ही नहीं उक्त प्रमाण पत्र में पिता की जगह पति का नाम दर्ज है। याचिका में मांग की गई कि झूठा जाति प्रमाण पत्र पेश करने पर निर्वाचन शून्य घोषित किया जाना चाहिए। मामले में पूर्व में हुई गवाही के बाद आवेदक की ओर से जाति प्रमाण पत्र की सत्यता के लिए राजस्व रिकार्ड तलब किए जाने का आवेदन पेश किया गया था।

Diwali 2025 तारीख फिक्स: इस दिन करें मां लक्ष्मी की आराधना, मिलेगा अधिक फल

ग्वालियर इस वर्ष में कार्तिक अमावस्या पर श्रीमहालक्ष्मी के पूजन और दीपदान को लेकर भ्रम की स्थिति है। भ्रम का कारण सोमवार व मंगलवार को अमावस्या तिथि का होना है। ज्योतिष विद्वानों ने इस भ्रम की स्थिति को दूर करते हुए 20 अक्टूबर सोमवार को श्रीमहालक्ष्मी पूजन को श्रेष्ठ फलदायी होने के साथ शास्त्र सम्मत बताया है। ज्योतिषाचार्य पं रवि शर्मा ने बताया कि इस दिन प्रदोष काल में अमावस्या की उपस्थिति केवल 14 मिनट की है। यह अवधि एक घटिका (24 मिनट) से भी बहुत कम है। पूजा के कर्मकाल के लिए इतनी अल्पअवधि को केवल 'स्पर्श मात्र' ले सकते हैं। यह दीपावली हेतु पर्याप्त आधार प्रदान करने योग्य नहीं।   धर्मसिंधु का निर्णय सूत्र जब ऐसी स्थिति उत्पन्न हो कि एक दिन पूर्ण व्याप्ति हो और दूसरे दिन न हो, तो धर्मसिंधु का निम्नलिखित सूत्र निर्णय को अंतिम रूप देता है: पूर्वत्रैवप्रदोषव्याप्तौलक्ष्मीपूजादौपूर्वा अभ्यंगस्नानादौपरा॥ अर्थात यदि केवल पूर्व पहले दिन ही प्रदोष काल में अमावस्या की व्याप्ति हो, तो लक्ष्मी पूजन आदि पूर्व पहले दिन ही करना चाहिए। अभ्यंग स्नान आदि अगले दिन किया जा सकता है। 20 अक्टूबर को 'पूर्वत्रैव प्रदोषव्याप्ति' (केवल पहले दिन प्रदोष व्याप्ति) है, अगले दिन केवल स्पर्श मात्र है इसलिए लक्ष्मी पूजन इसी दिन होगा। उपरोक्त सभी शास्त्रीय प्रमाणों, तर्कों और पंचांग के गणितीय विश्लेषण से यह निर्विवाद रूप से सिद्ध होता है कि दीपावली का मुख्य पर्व, लक्ष्मी-गणेश पूजन और दीपदान 20 अक्टूबर, सोमवार को ही करना शुभ, मंगलकारी और शास्त्र सम्मत है। 21 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या की व्याप्ति एक घटिका भी न होने के कारण उसे लक्ष्मी पूजन के लिए ग्रहण नहीं किया जा सकता। वह दिन अमावस्या के स्नान दान और श्राद्ध कर्मों के लिए मान्य होगा। 20 अक्टूबर, सोमवार सूर्यास्त: लगभग पांच बजकर 42 मिनट प्रदोष काल का आरंभ: पांच बजकर 42 मिनट से अमावस्या तिथि का आरंभ पांच बजकर 45 मिनट से इस दिन प्रदोष काल के आरंभ से लेकर संपूर्ण रात्रि तक अमावस्या तिथि की अखंड और संपूर्ण व्याप्ति है। यह लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे आदर्श और शास्त्र सम्मत स्थिति है। 21 अक्टूबर , मंगलवार सूर्यास्त: लगभग पांच बजकर 41 मिनट से प्रदोष काल: आरंभ पांच बजकर 41 मिनट से अमावस्या तिथि की समाप्ति पांच बजकर 55 मिनट पर इस दिन प्रदोष काल में अमावस्या की उपस्थिति केवल 14 मिनट की है। यह अवधि एक घटिका (24 मिनट) से भी बहुत कम है। पूजा के कर्मकाल के लिए इतनी अल्प अवधि को केवल 'स्पर्श मात्र' ले सकते हैं। यह दीपावली हेतु पर्याप्त आधार प्रदान करने योग्य नहीं।

सावधान! बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे नकली चांदी के सिक्के, त्योहारी खरीदारी में बरतें सतर्कता

भिंड. त्योहारों के मौसम में जहां बाजारों में रौनक बढ़ती है, वहीं अब मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। सर्राफा बाजार में इन दिनों मिलावटी और नकली चांदी के सिक्कों की खुलेआम बिक्री हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि असली चांदी में जस्ता मिलाकर ऐसे सिक्के तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें सामान्य खरीदार पहचान नहीं पाते। जांच के बगैर न करें खरीदारी त्योहारों पर लोग धार्मिक कारणों से चांदी के सिक्के खरीदते हैं। लेकिन इस बार बाजार में ऐसे सिक्के बड़ी मात्रा में खपाए जा रहे हैं जिनमें 92.5 या 999 हॉलमार्क नहीं होता। विशेषज्ञों की मानें तो चांदी के सिक्के खरीदते समय सबसे पहले हॉलमार्क और फर्म की सील देखनी चाहिए। प्रमाणित दुकान से ही खरीदारी करें और हमेशा रसीद अवश्य लें, ताकि धोखाधड़ी की स्थिति में शिकायत की जा सके। अक्सर पुराने या एंटीक सिक्कों के नाम पर मिलावटी धातु वाले सिक्के दिए जा रहे हैं। इससे बचने के लिए सिक्कों का बारकोड स्कैन करें और मार्का जांच अवश्य करें। सोना-चांदी के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी अशोक धर्मकांटा के संचालक अशोक सोनी बताशा बाजार के अनुसार इस बार त्योहारी सीजन में सोने-चांदी के दामों ने आम खरीदारों की जेब पर भारी असर डाला है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को चांदी का भाव ₹1,65,000 प्रति किलो तक पहुंच गया। दो साल पहले तक जो सोने की लोंग ₹500 से ₹800 में मिल जाती थी, अब उसकी कीमत ₹2000 से ₹2500 तक हो गई है। इसी तरह चांदी की पायलें, जो पहले ₹1500 से ₹2000 में मिल जाती थीं, अब ₹4000 से ₹4500 तक बिक रही हैं। त्योहार की चमक पर पड़ा असर दामों में इस बढ़ोतरी और नकली चांदी की बढ़ती बिक्री से सर्राफा व्यापारी भी मायूस हैं। उनका कहना है कि दीपावली जैसे बड़े पर्व पर भी इस बार बाजार में वह रौनक नहीं दिख रही जो हर साल देखने को मिलती थी। ग्राहकों से अपील सतर्क रहें, प्रमाणित खरीदारी करें – विशेषज्ञों और सर्राफा व्यापारियों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे लालच या जल्दबाजी में खरीदारी न करें। हमेशा प्रमाणित दुकानों से ही सोने-चांदी के सिक्के और जेवर खरीदें। हॉलमार्क, सील, रसीद और बारकोड जांचें, ताकि नकली या मिलावटी धातु से बचा जा सके।