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सिंचाई व्यवस्था के बदले गुपचुप पम्प स्टोरेज परियोजना को बढ़ावा

क्षेत्रीय किसानों के साथ वादाखिलाफी बर्दाश्त नहीं होगा दुलीचंद मार्को फतवा समाचार पत्र मंडला/जबलपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्रामीण अंचल क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्ड बीजाडांडी और नारायणगंज के किसानों द्वारा विगत पांच वर्षों से बरगी बांध से सिंचाई के लिए पानी की मांग की जा रही है। विगत विधानसभा सभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की उपस्थिति में मीडिया के समक्ष चार लिफ्ट सिंचाई योजना मंजूर करने की घोषणा किया था। इसी क्रम वहीं क्षेत्रीय किसानों ने बड़ी धूमधाम से स्वागत अभिनन्दन वंदन भी किया था। परंतु क्षेत्र के किसान 2023 से आज भी लिफ्ट सिंचाई परियोजना शुरू होने की बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।   दरअसल इधर पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वेबसाइट से जानकारी मिला है कि नदी घाटी परियोजना के लिए गठित विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के समक्ष एजेंडा नंबर तीन पर  बरगी ओपन पम्प स्टोरेज हाइड्रो पावर (1000 मेगावाट) को परियोजना प्रवर्तक  सिरेन्टिका रिन्यूएबल्स इंडिया 21 प्रा. लि. द्वारा संदर्भ बिन्दु (टर्म ऑफ रेफ्रेंस ) प्राप्त करने के लिए भेजा गया है। यह गांव पिंडरई माल (सहजपुरी) नारायणगंज  और सलैया माल (बरंगाडा), जमठार, खापा, निवारी और पोंडी बीजाडांडी जिला मंडला में बनना प्रस्तावित है। और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित विशेषज्ञ मुल्यांकन समिति की बैठक आगामी 13 अक्टूबर को प्रस्तावित किया गया है। परन्तु क्षेत्रीय  ग्राम सभाओं को इसकी कोई जानकारी नहीं दिया गया है और ना ही उन्हें विश्वास में लिया गया है। इस परियोजना की जानकारी मिलने से लोग अचंभित हैं। लोग पूछ रहे हैं कि हमारे लिफ्ट सिंचाई से खेतों में पानी पहुंचाने का क्या हुआ? पम्प स्टोरेज परियोजना क्या है… पम्प स्टोरेज पावर प्लांट एक जलविद्युत प्रणाली होती है, जिसमें दो जलाशय  बनाए जाते हैं। एक ऊपरी जलाशय दूसरा निचला जलाशय(जैसे बरगी जलाशय) है। दोनों को एक सुरंग या पाइप से जोड़ा जाता है। जब बिजली की मांग कम होती है तब पानी को निचले जलाशय से ऊपरी जलाशय तक पम्प किया जाता है। ऊपरी जलाशय से जब पानी छोड़ा जाता है तो बिजली की मांग अत्यधिक होता है। पानी पाइपों से नीचे बहते हुए टर्बाइन  को घुमाता है और टर्बाइन जनरेटर  से जुड़ी होती है, जो बिजली उत्पन्न करती है। पम्प स्टोरेज प्लांट में रिवर्सिबल टर्बाइन-पम्प लगे होते हैं। यानी वही मशीन पम्प के रूप में ऊपर पानी चढ़ा सकती है और टर्बाइन के रूप में नीचे गिरते पानी से बिजली बना सकती है। यह चक्र बार-बार दोहराया जा सकता है। क्षेत्रीय किसानों को जब-तक सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल जाता है तब तक नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के किसी भी परियोजना को क्षेत्र में नहीं लगने दिया जाएगा। युवा झामसिंह तेकाम,  ग्राम पिंडरई नारायणगंज लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए मंडला से भोपाल तक के प्रशासनिक स्तर के जिम्मेदारों को जानकारी दे रहे हैं। परन्तु आम लोगों का जरूरी काम पूंजीपतियों के सामने कोई महत्व नहीं रखता है। क्षेत्रीय लोगों द्वारा पम्प  स्टोरेज परियोजना का जमकर विरोध किया जाएगा। राजेन्द्र पुट्ठा , जनपद सदस्य बीजाडांडी बरगी बांध से तो जल विद्युत उत्पादन किया  जा रहा है। परन्तु बरगी जलाशय के ईर्द-गिर्द बिजली उत्पादन का जाल खङा करने का सिलसिला कंपनीयों ने जारी रखा है। जिसमें चुटका एवं पिंडरई परमाणु परियोजना, झाबुआ पावर प्लांट, जलाशय में फ्लोटिंग सोलर पैनल और अब पम्प स्टोरेज बिजली परियोजना शामिल है। राजकुमार सिन्हा, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ

SDOP पूजा पांडे को निलंबित किया गया, DGP ने लिया सख्त एक्शन

 सिवनी  मध्य प्रदेश के सिवनी में पुलिसकर्मियों पर करोड़ों रुपये की हवाला राशि जब्त कर आपस में बांटने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सिवनी एसडीपीओ पूजा पांडे को निलंबति कर दिया गया है।  SDOP पूजा पांडे को डीजीपी कैलाश मकवाना ने सस्पेंड कर दिया है । हवाला के करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने के मामले में SDOP पूजा पांडे को डीजीपी कैलाश मकवाना ने सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, सिवनी जिले के बंडोल थाना इलाके में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर व्यापारी के कर्मचारियों के साथ मारपीट और 1.45 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप है।  इससे पहले मामले में जबलपुर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा ने नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था। बता दें कि पांडे के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। हवाला के 3 करोड़ जब्त, डेढ़ करोड़ हड़पे बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात, बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम के नेतृत्व में पुलिस ने सूचना के आधार पर महाराष्ट्र के जालना निवासी ज्वेलर्स सोहन परमार के कर्मचारियों से हवाला के करीब तीन करोड़ रुपए की नकदी जब्त की थी। जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से कर्मचारियों के साथ मारपीट की और हवाला की रकम में से करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने की योजना बनाई। कर्मचारियों को धमकाकर वहां से भगा दिया गया, लेकिन जब व्यापारी सोहन परमार को इस घटना की जानकारी मिली, तो उसने सिवनी कोतवाली में पुलिस पर लूट की शिकायत दर्ज कराई। जानिए आखिर क्या है पूरा मामला? 8 अक्टूबर, बुधवार की देर रात बंडोल पुलिस को टिप मिली थी कि कटनी से जालना जा रही एक कार (एमएच13ईके3430 ) में हवाला की बड़ी रकम 1.45 करोड़ रुपए छिपाई गई है। इसके बाद बंडोल पुलिस ने कार का पीछा किया और शीलादेही इलाके में उसे पकड़ लिया। बताया गया कि गाड़ी में जालना निवासी कथित हवाला कारोबारी-व्यापारी सोहन परमार और उसके साथ तीन-चार अन्य लोग थे। पुलिस ने वाहन से 1.45 करोड़ की रकम जब्त की है। पुलिसकर्मियों पर सवाल: राशि जब्ती के बाद क्या किया? जब पुलिस ने हवाला की रकम जब्त की, तो मामला बिगड़ने की बजाय सस्पेंशन की ओर बढ़ता गया। सूत्रों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने रकम की पूरी जब्ती को लेकर विवादित तरीके से कुछ राशि को वापस करने का प्रयास किया। पहले तीन करोड़ की राशि जब्ती की बात सामने आई थी,  लेकिन बाद में 1 करोड़ 45 लाख रुपए की रकम को जब्त करने की बात सामने आई। इसके बाद मामला गर्माया और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे। पुलिस कस्टडी में आरोपियों का मोबाइल कैसे पहुंचा नागपुर? इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस ने सोहन परमार और उसके साथियों को अपनी कस्टडी में लिया, तो उनके मोबाइल फोन नागपुर तक कैसे पहुंच गए? यह सवाल पुलिस प्रशासन के लिए एक यक्ष प्रश्न बन गया है। फिलहाल, यह पूरी घटना सिवनी जिले के पुलिस अधिकारियों के लिए चुनौती बन चुकी है और मामले की जांच जारी है। एसपी ने कहा- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं सिवनी एसपी सुनील मेहता ने द सूत्र से कहा कि महाराष्ट्र के जालना निवासी व्यापारी सोहन परमार से 1.45 करोड़ रुपए की रकम जब्त की गई है। मामले की जांच की जा रही है और सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनको पहले किया था निलंबित उप निरीक्षक अर्पित भैरम, थाना प्रभारी बण्डोल, सिवनी, प्रधान आरक्षक 203 माखन, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, प्रधान आरक्षक 447 रविन्द्र उईके, रीडर-एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 803 जगदीश यादव, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 306 योगेन्द्र चौरसिया, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक चालक 582 रितेश, ड्राइवर एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 750 नीरज राजपूत, थाना बण्डोल, सिवनी, आरक्षक 610 केदार, गनमैन-एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिन्दवाड़ा, आरक्षक 85 सदाफल, गनमैन-एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिन्दवाड़ा।  

पुलिसकर्मियों की बेरहमी से DSP के साले की मौत, भोपाल में बवाल और जांच शुरू

भोपाल  पिपलानी थाना क्षेत्र के सी-सेक्टर इंद्रपुरी में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी देर रात इसी थाने के  दो पुलिसकर्मियों ने बीटेक पास एक युवक को बीच सड़क पर इतना पीटा की उसकी मौत हो गई। मौत के बाद उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उसकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। पुलिसकर्मियों की मारपीट में जिस युवक की मौत हुई है, उसके जीजा बालाघाट में डीएसपी हैं। साले की मौत की सूचना के बाद वह भी भोपाल के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिसकर्मियों की पिटाई में युवक की मौत के बाद उसके परिजन और दोस्तों ने आज सुबह पिपलानी थाने का घेराव कर हंगामा मचाया। हंगामा मचने के बाद पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं। पिपलानी थाना पुलिस के अनुसार  22 वर्षीय उचित गायकी पिता राजकुमार गायकी अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में रहता था। उसने  वीआईटी कॉलेज सीहोर से बीटेक की पढ़ाई की है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दो दोस्तों के साथ कहीं जाने के लिए निकला था। परिजनों का आरोप है कि इंद्रपुरी सी-सेक्टर में पिपलानी थाने के दो पुलिसकर्मियों संतोष बामनिया और सौरभ आर्य ने उसके साथ इतनी अधिक मारपीट कर दी की उसकी मौत हो गई।  इधर, पुलिस का मानना है कि युवक की मौत घबराहट के कारण हार्ट अटैक से हुई है। डीसीपी जोन 2 विवेक सिंह ने बताया कि इस मामले में पेट्रोलिंग पर तैनात दो पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। स्पेशल पैनल बनाकर मृतक के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है। उदित के दोस्तों के बयान भी लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, उदित गाइकी टीआईटी कॉलेज का छात्र था। उसके पिता भेलकर्मी और मां टीचर है। जबकि बहनोई बालाघाट एंटी नक्सल में डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं। उसके दोस्तों के अनुसार इंद्रपुरी सेक्टर- सी में वह पार्टी करके लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उदित और उसके साथियों के साथ मारपीट की और थाने ले गई। इधर, परिजनों का आरोप है कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई। वहां उसकी हालत बिगजड गई। जिसके बाद पुलिस उसे इलाज के लिए एम्स ले गई। इधर, पुलिस का दावा है कि युवक को थाने नहीं लाया गया था। एसीपी ने कहा- पुलिस अभिरक्षा में नहीं हुई मौत  गोविंदपुरा की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अदिति भावसार सक्सेना ने बताया कि बीती रात पिपलानी थाने के इंद्रपुरी सी-सेक्टर में चार-पांच युवकों के सड़क किनारे शराब पीने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति बनी। उदित को पिपलानी थाने नहीं लाया गया था, ऐसे में पुलिस अभिरक्षा में मौत होना नहीं माना जा सकता। पुलिस मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम उदित की मौत की सूचना के बाद वीआईटी सीहोर के डेढ़ दर्जन से अधिक छात्र आज सुबह पिपलानी थाने पहुंचे और जमकर हंगामा मचाया। मृतक के पिता बिजली कंपनी में कार्य करते हैं, जबकि मां शिक्षिका हैं। परिजनों ने मीडिया को बताया कि जहां पर पुलिसकर्मियों ने उदित के साथ बीच सड़क पर मारपीट की है, उसके पास ही एक सीसीटीवी कैमरा लगा था, जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा की जा रही मारपीट की पूरी घटना कैद हो गई है। पुलिसकर्मियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर न्यायिक जांच कराई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करवा चौथ पर्व की शुभकामनाएं दीं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करवा चौथ के पावन पर्व पर प्रदेश की सभी माताओं एवं बहनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमपिता परेश्वर से प्रार्थना है कि करवा चौथ पर्व सभी के जीवन में प्रेम, विश्वास और अखंड सौभाग्य लेकर आए। प्रदेश में सुख, समृद्धि एवं आरोग्यता का दीप सदा प्रज्जवलित होता रहे।  

ग्राम सभा में नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति से ग्रामीणों में आक्रोश

मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले के विकासखंड निवास अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहपानी में 3 सितंबर 2025 को आयोजित ग्राम सभा में नोडल अधिकारी की लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम लुहारी स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित ग्राम सभा की पूर्व संध्या पर पंचायत पदाधिकारियों के निर्देशानुसार ग्राम कोटवार द्वारा मुनादी कर ग्रामीणों को सूचना दी गई थी। निर्धारित तिथि पर ग्रामवासी अपनी समस्याओं के समाधान हेतु ग्राम सभा स्थल पर पहुँचे, परंतु नोडल अधिकारी मुकेश पटेल, पटवारी की अनुपस्थिति से ग्राम सभा में असंतोष का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने काफी देर तक संबंधित अधिकारियों के आने का इंतजार किया, पर कोई उपस्थित नहीं हुआ। अंततः ग्राम सभा की कार्यवाही ग्राम सभा अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सचिव की उपस्थिति में संपन्न कराई गई। ग्रामीणों में असंतोष- ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन द्वारा ग्राम सभाओं का आयोजन जनता की समस्याओं के समाधान एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से किया जाता है। इन सभाओं के माध्यम से विभागीय अधिकारी सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण करते हैं और विकास कार्यों की प्राथमिकता तय होती है। परंतु नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीण न तो अपनी शिकायत रख पाए और न ही योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सके। ग्रामीणों के आरोप- ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब आम हो गया है। पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, एवं राजस्व विभाग से संबंधित दस्तावेजों में सुधार जैसे मुद्दों के समाधान के लिए अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं होते। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लिया जाए और अनुपस्थित नोडल अधिकारी मुकेश पटेल (पटवारी) पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ग्राम सभा की महत्ता बनी रहे। ग्राम सभा में सचिव, सरपंच, विभिन्न एनजीओ पदाधिकारी एवं ग्राम के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। इनका कहना है- “ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम लुहारी में शासन के निर्देशानुसार ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें नोडल अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य थी। परंतु पटवारी मुकेश पटेल अनुपस्थित रहे। ग्रामीणों की अनेकों राजस्व संबंधी समस्याएँ लंबित हैं, साथ ही ग्राम पंचायत मोहपानी में प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम में भी उनका समय पर उपस्थित न होना आम बात है। हम चाहते हैं कि क्षेत्र के अनुरूप किसी अन्य अधिकारी की पदस्थापना की जाए।”    

देर रात राजवाड़ा में प्रशासन-व्यापारी बैठक, इंदौर के लिए तय हुए 5 बड़े बदलाव

इंदौर  इंदौर शहर के हृदय स्थल राजवाड़ा में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए यातायात पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आनंद कलादगी ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में सराफा एसोसिएशन, शीतलामाता बाजार, बर्तन बाजार, और कपड़ा बाजार सहित अन्य व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और व्यापारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के सुझावों को सुनकर यातायात व्यवस्था में सुधार करना था। इस बैठक में एडिशनल डीसीपी संतोष कौल, एसीपी रेखा परिहार, एसीपी हेमंत चौहान और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि राजवाड़ा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए व्यापारियों के सहयोग से संयुक्त रूप से ठोस कदम उठाए जाएंगे। व्यापारियों ने उठाईं ये समस्याएं बैठक के दौरान व्यापारियों ने डीसीपी के समक्ष कई प्रमुख समस्याएं रखीं। इनमें सवारी रिक्शा में माल ढुलाई, शीतलामाता बाजार और अन्य बाजारों में ठेलों और रिक्शाओं के कारण होने वाले यातायात अवरोध, और सराफा बाजार में चौपाटी के ठेलों का शाम 7 बजे से लगना प्रमुख था, जिससे यातायात बाधित होता है। डीसीपी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करते हुए, डीसीपी आनंद कलादगी ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए: अवैध लोडिंग पर कार्रवाई: सवारी रिक्शा में माल ढोने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पार्किंग का सही उपयोग: बालाजी टावर के पीछे, गोराकुंड, सुभाष चौक और फ्रूट मार्केट की स्मार्ट पार्किंग का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। व्यापारियों ने भी अपने वाहन व्यवस्थित रूप से पार्किंग में रखने पर सहमति जताई। अतिक्रमण हटाओ अभियान: नगर निगम, यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस मिलकर यातायात में बाधक बन रहे अतिक्रमण और ठेलों को हटाने के लिए संयुक्त अभियान चलाएगी। नो-पार्किंग जोन में सख्ती: सड़कों पर बेतरतीब ढंग से और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर क्रेन के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों को भी सफेद मार्किंग के बाहर वाहन न खड़े करने की चेतावनी दी गई है। वन-वे और नो-एंट्री: गोराकुंड से नरसिंह बाजार की ओर का मार्ग नो-एंट्री रहेगा, जबकि नरसिंह बाजार से गोराकुंड की ओर का मार्ग वन-वे के रूप में संचालित होगा। 

दवा घोटाला: बच्चों की 5 मेडिसिन फेल, MPMCCL ने 19 दवाओं पर लगाई रोक

भोपाल  मध्यप्रदेश मेडिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMCCL) ने घटिया गुणवत्ता के कारण इस साल अब तक 19 दवाओं को ब्लैकलिस्ट किया है। इनमें से 5 दवाएं ऐसी हैं जो बच्चों को दी जाती थीं, जिससे सरकारी अस्पतालों में बच्चों को दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। इन ब्लैकलिस्ट दवाओं में पेरासिटामोल ड्रॉप्स, जेंटामाइसिन इंजेक्शन, थायमिन टैबलेट्स, मल्टीविटामिन टैबलेट्स और एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग आमतौर पर बुखार, दर्द, पोषण की कमी और संक्रमण जैसी समस्याओं में बच्चों को दिया जाता है।  मार्च 2025 में पेरासिटामोल ड्रॉप्स को गुणवत्ता परीक्षण में असफल पाए जाने के बाद प्रतिबंधित किया गया था। वहीं, जेंटामाइसिन इंजेक्शन (40 mg/ml), जो आंखों और बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में प्रयुक्त होती थी, को अक्टूबर 2025 में ब्लैकलिस्ट किया गया। थायमिन टैबलेट्स IP 100 mg, जो बच्चों में विटामिन B1 की कमी दूर करने के लिए दी जाती थीं, जनवरी 2025 में बाजार से हटाई गईं। मल्टीविटामिन टैबलेट्स, जिनमें बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन C शामिल हैं, मई माह में गुणवत्ता जांच में फेल पाई गईं। वहीं एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C 100 mg), जो बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दी जाती थी, को मई 2025 में ही ब्लैकलिस्ट किया गया। एमपी खाद्य एवं औषधि प्रशासन  ने भी बच्चों के लिए दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। हाल ही में बच्चों में प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया की रिपोर्टों के बाद यह कार्रवाई की गई है।  खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि जिन दवाओं के नमूने फेल पाए गए हैं, उन्हें तुरंत प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति दवा नियंत्रण प्रणाली की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है। साथ ही सवाल उठाया है कि सरकार को प्रतिबंधित दवाओं वाली कंपनियों की भी जांच करने की पहल करनी चाहिए। इससे गड़बड़ियां पर रोक लगेगी। बता दें  छिंदवाड़ा की घटना के बाद दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।  

रिटायर्ड इंजीनियर के साम्राज्य पर छापेमारी, आलीशान फार्महाउस से निकला सोना, कैश और टनों शहद

भोपाल मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (PWD) के रिटायर्ड इंजीनियर-इन-चीफ जीपी मेहरा (गोविंद प्रसाद मेहरा) के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस भोपाल ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ा छापा मारा है. फरवरी 2024 में रिटायर हुए मेहरा पर अपने पूरे सेवाकाल के दौरान भ्रष्टाचार से वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.  लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख की अगुवाई में पूर्व चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के भोपाल, गोविंदपुरा और नर्मदापुरम में चार ठिकानों पर छापा मारा गया. देखिए कहां से क्या मिला?  सोहागपुर (नर्मदापुरम): सैनी गांव में छापेमारी के दौरान मिनी मालदीव की तर्ज पर एक रिसॉर्ट बनाने की तैयारी का खुलासा हुआ. यहां  – 32 निर्माणाधीन कॉटेज और 7 निर्मित कॉटेज मिले. – 17 टन शहद और 2 बड़े तालाब (संभवतः रिसॉर्ट के लिए) मिले. – कृषि भूमि, महंगे 6 ट्रैक्टर सहित कृषि उपकरण, 2 गौशाला और 2 मछली पालन केंद्र की जानकारी मिली. तालाब किनारे बना रहे थे कॉटेज. ओपल रेजेंसी (भोपाल): इस फ्लैट में बड़ी मात्रा में नकदी और सोना-चांदी मिला. – करीब ₹26 लाख नकद बरामद. – 2 किलो 649 ग्राम सोना (अनुमानित कीमत लगभग ₹3 करोड़ 5 लाख)  – 5 किलो 523 ग्राम चांदी (अनुमानित कीमत लगभग ₹5 लाख 93 हजार)  इंजीनियर की 10 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी मिली. मणीपुरम कॉलोनी (भोपाल): पॉश कॉलोनी स्थित निवास से कुल ₹8 लाख 79 हजार नकद, लगभग ₹50 लाख के सोने-चांदी के जेवर, ₹56 लाख की फिक्स डिपॉजिट (FD) और लगभग ₹60 लाख का अन्य सामान मिला. फैक्ट्री और लग्जरी गाड़ियां भी मिलीं केटी इंडस्ट्रीज (गोविंदपुरा): पीवीसी पाइप बनाने वाली इस फैक्ट्री में कच्चा और तैयार माल मिला. इसमें रोहित मेहरा के साथ कैलाश नायक की पार्टनरशिप की जानकारी मिली. फैक्ट्री से लगभग ₹1.25 लाख नकद मिले. भोपाल गोविंदपुरा एरिया में फैक्ट्री मिली. गाड़ियां: जीपी मेहरा के परिवार के सदस्यों के नाम पर 4 फोर-व्हीलर वाहन (फोर्ड एंडेवर, स्कोडा स्लाविया, किया सोनेट और मारुति सियाज) होने की जानकारी भी मिली है.  लोकायुक्त पुलिस ने जीपी मेहरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. संपत्ति संबंधी दस्तावेज, एफडी, शेयर और बीमा संबंधी दस्तावेजों की जांच जारी है और छापे की कार्यवाही अभी भी जारी है. 

Cough Syrup Case: SIT ने कंपनी मालिक को किया गिरफ्तार, परासिया थाने में पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश करेगी

छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ के मालिक रंगनाथन को एमपी पुलिस SIT टीम छिंदवाड़ा पहुंच गई है। जानकारी मिल रही है कि SIT उसे थोड़ी देर में परासिया कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले सकती है। बता दें कि रंगनाथन को एमपी पुलिस पिछले कई दिनों से तलाश रही थी। तमिलनाडु और चेन्नई में छापामारी कर रही थी। आखिरकार गुरुवार को SIT ने उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर एमपी लाया गया है। बता दें कि उसे नागपुर एयरपोर्ट से एसआईटी की आधी टीम एमपी लेकर पहुंची है। जबकि आधी टीम वहीं रह गई। मेडिकल जांच के लिए भेजा जानकारी मिल रही है कि आरोपी रंगनाथन को लेकर एमपी पुलिस की एसआईटी टीम परासिया थाने पहुंच चुकी है। यहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उसका मेडिकल चेकअप किया जाएगा। टीम ने साइबर सेल के जरिए लोकेशन ट्रेस कर चेन्नई से ही गिरफ्तार कर लिया। एसआइटी ने कंपनी से महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाओं के नमूने और उत्पादन रिकार्ड भी जब्त किया है। प्रदेश में जहरीली कफ सीरप पीने के बाद हुए संक्रमण से अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। अब तक छिंदवाड़ा-पांढुर्णा जिलों के 21 और बैतूल के दो बच्चों की मौत हो चुकी है। तीन बच्चों का अभी नागपुर में उपचार चल रहा है। रंगनाथन गोविंदन को छिंदवाड़ा के लिए रवाना हुई SIT टीम गुरुवार की रात फ्लाइट से एसआईटी की टीम रंगनाथन को लेकर रवाना हुई और सुबह करीब 6 बजे नागपुर पहुंची. यहां पहुंचते ही एसआईटी रंगनाथन को दौड़ाते हुए कार की तरफ ले गई. इसके बाद टीम कार से छिंदवाड़ा के लिए रवाना हुई है. ऐसे गिरफ्तार हुआ था रंगनाथन बता दें कि मध्य प्रदेश पुलिस ने बुधवार तड़के लगभग 1:30 बजे चेन्नई से श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक और जहरीले कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार किया गया था. दरअसल, रंगनाथन घटना के बाद से अपनी पत्नी के साथ फरार था. पुलिस ने सटीक इनपुट्स के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की थी. श्रीसन फार्मा फैक्ट्री से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त एसडीओपी परासिया के नेतृत्व में मध्य प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम 5 अक्टूबर को चेन्नई पहुंची थी. हालांकि इससे एक दिन पहले सिरप कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. वहीं गिरफ्तारी के बाद रंगनाथन को कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा फैक्ट्री ले जाया गया, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए. इसके बाद पुलिस अब चेन्नई की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया में है, जिसके बाद आरोपी को छिंदवाड़ा लाया जाएगा.

अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव पारित, इंदौर मेयर का तीखा हमला – कांग्रेस की मंशा पर उठे सवाल

इंदौर नगर निगम परिषद में गुरुवार को हुए सम्मेलन में माहौल बेहद गरम रहा। परिषद की बैठक में पार्षद अनवर कादरी उर्फ ‘डकैत’ को पार्षदी पद से निष्कासित करने का प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया। सदन में यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पास हुआ, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कादरी के खिलाफ गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि उनके कार्यों से न केवल नगर निगम की प्रतिष्ठा, बल्कि देश के सबसे स्वच्छ शहर की छवि भी धूमिल हुई है। महापौर ने सदन में कहा कि वर्ष 2003 में नगर निगम कानून में संशोधन कर यह प्रावधान जोड़ा गया था कि परिषद के दो-तिहाई सदस्य को यदि लगता है कि किसी पार्षद का आचरण या उसके खिलाफ आरोप इतने गंभीर हैं कि उसका पद पर बने रहना निगम या शहर के हित में नहीं है, तो परिषद उसे पद से हटा सकती है। उन्होंने कहा कि आज वह समय आ गया है। जब इस प्रावधान का सदुपयोग होना चाहिए। हमने संभागायुक्त को इस संबंध में सूचित किया था। उन्होंने भी पार्षद अनवर कादरी को निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि संभागायुक्त न केवल उनकी पार्षदी समाप्त करेंगे, बल्कि उन्हें आगामी वर्षों में चुनाव लड़ने से भी रोकने का आदेश देंगे। लव जिहाद और देशविरोधी गतिविधियों के आरोपों का जिक्र महापौर ने कादरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौर जैसे शहर का चुना हुआ जनप्रतिनिधि यदि लव जिहाद जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करे, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लव जिहाद के मामलों पर केरल हाईकोर्ट के निर्णय भी हैं और इससे जुड़े तथ्य सबके सामने हैं। इसके अलावा, जहां भी देशविरोधी गतिविधियों की बात आती है, वहां अनवर कादरी का नाम जुड़ता है। उन पर कई मामलों में आरोप सिद्ध हुए हैं, कई बार राज्य सुरक्षा कानून भी लगाया गया है। महापौर ने आगे कहा कि कादरी के खिलाफ कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि कादरी के पास जम्मू-कश्मीर से जारी बंदूक का लाइसेंस मिला था, जो खुद में सवाल खड़े करता है। ऐसे कृत्य नगर निगम और इंदौर जैसे स्वच्छ शहर की साख को नुकसान पहुंचाते हैं। जब उनके खिलाफ आरोप लगे और वह फरार हुए, तब पूरे शहर में चर्चा रही। उनके वार्ड के लोग महीनों तक अपने पार्षद को ढूंढते रहे। जेल में रहना और फरार रहना, दोनों ही स्थितियां यह साबित करती हैं कि उनका पार्षद बने रहना अनुचित है। कांग्रेस ने नहीं की कोई कार्रवाई महापौर ने सदन में विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि लव जिहाद के आरोप लगने के बावजूद कांग्रेस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। आज भी विपक्षी पार्षद इस प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन छोड़कर चले गए। यह सवाल कांग्रेस नेतृत्व से पूछा जाना चाहिए कि क्या पार्टी लव जिहाद जैसे मामलों का समर्थन करती है? महापौर ने मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी से पूछा की क्या कांग्रेस ऐसे पार्षदों का बचाव कर रही है? आखिर क्यों पार्टी ने अब तक उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस तक जारी नहीं किया? सदन में प्रस्ताव पारित लंबी बहस और हंगामे के बीच सभापति ने प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके साथ ही नगर निगम परिषद ने पार्षद अनवर कादरी को परिषद से निष्कासित करने का प्रस्ताव पास कर दिया। सदन के भीतर भाजपा पार्षदों ने तालियां बजाकर इस निर्णय का स्वागत किया