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प्रदेश में चलाया गया दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गो-माता और गो-पालन का हमारी सनातन संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है। जो गो-पालन करता है वह गोपाल है और जहां गो-पालन होता है वह घर गोकुल है। गो-संरक्षण एवं संवर्धन सरकार की उच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सरकार समाज के सहयोग से निरंतर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालक किसानों की आय को दोगुना किया जाएगा। मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा के साथ गो-वंश से समृद्ध राज्य है। देश के दुग्ध उत्पादन का लगभग 9प्रतिशत मध्यप्रदेश में होता है। हमारी सरकार का लक्ष्य है इसे 20 प्रतिशत तक ले जाना। इसके लिए प्रदेश के गांव-गांव में दुग्ध समृद्ध‍ि संपर्क चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत पशु चिकित्सक घर-घर जाकर पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के विभिन्न आधुनिक तरीकों, पशुओं में नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य एवं पशु पोषण आदि के संबंध में जानकारी दे रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2024-25 को गो-संरक्षण एवं संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया गया। हर जिले में मनाया जाएगा गोवर्धन पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 21 अक्टूबर को गोवर्धन पर्व लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाए। आयोजन में गौशालाओं तथा पशुपालकों को विशेष रूप से सहभागी बनाया जाए। साथ ही गोवर्धन पर्व पर पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियां दर्ज करने और नवाचार करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया जाएगा। प्रदेश की गौ-शालाओं में गोवर्धन पर्व का सामुदायिक आयोजन होगा। गोवर्धन पर्व का मुख्य आयोजन रवीन्द्र भवन भोपाल में किया जाएगा, जिसमें गोवर्धन पूजन, परिक्रमा, अन्नकूट भोग मुख्य होगा। इस अवसर पर पशुचारक समुदायों की कला, बरेदी और ठाट्या नृत्य आदि का प्रस्तुतीकरण होगा। कार्यक्रम में जैविक उत्पादक, दुग्ध उत्पाद, गोबर आधारित शिल्प के स्टॉल लगाए जाएंगे, साथ ही पशुपालन, कृषि, सहकारिता विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष व्यवस्था होगी। इसके साथ ही ग्रामीण आजीविका के लिए दुग्ध उत्पादन और वृंदावन ग्राम योजना के विस्तार के लिए भी गतिविधियों का संचालन होगा। गोवर्धन पर्व पर सभी जिलों में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। आंगनवाड़ी केंद्रों में पंचगव्य उत्पाद जैसे घी, दूध, पनीर और दही से बनी सामग्री का वितरण किया जाएगा। प्रदेश में चलाया गया दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत गांव गांव में घर-घर जाकर पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के टीकाकरण, उनकी स्वास्थ्य रक्षा, संतुलित पशु आहार, पशु पोषण आदि के बारे में तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई। पशुपालकों को उपलब्ध संसाधनों में कम खर्च पर अधिक दूध उत्पादन करने और ज्यादा लाभ कमाने के बारे में जागरूक किया गया। अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत विभाग के अधिकारी–कर्मचारियों द्वारा 10 या अधिक गौवंश–भैंस वंश पालने वाले पशुपालकों से संवाद करने के लक्ष्य अनुसार समस्त जिलों में तीन लाख 70 हजार से अधिक पशुपालकों से उनके घर पहुंचकर भेंट की और उन्हें पशुपालन के संबंध में जानकारी दी, साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण भी किया। अभियान के दौरान मुख्य फोकस पशुओं के दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने पर रहा. अभियान के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, संभागीय आयुक्त, जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भी विभिन्न स्थानों पर पशुपालकों से भेंट की गई और उन्हें दूध उत्पादन और पशुपालन से ज्यादा लाभ उठाने के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई एवं पशुपालकों के अनुभव भी साझा किए गए। किसानों और पशुपालकों ने भी उत्साहपूर्वक इस अभियान में सहभागिता की। गो-शालाओं की अनुदान राशि में वृद्धि मध्यप्रदेश शासन गो-पालन, गो-संवर्धन व गो-वंश के बेहतर व्यवस्थापन के लिए कृत संकल्पित है। राज्य शासन ने गो-शालाओं में गो-वंश के आहार आदि के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपये प्रति गो-वंश प्रतिदिन से बढ़ाकर 40रुपये प्रति गो-वंश प्रतिदिन कर दिया है। गो-शालाओं में उपलब्ध गो-वंश के भरण-पोषण के लिए 2 वर्ष पहले तक 90 करोड़ रूपये का बजट था, जिसे पिछले वर्ष बढ़ा कर 250 करोड रूपये किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 में इस राशि को बढ़ा कर 600 करोड़ रूपये कर दिया गया है। गो-वंश के व्यवस्थापन के लिए डीबीटी के माध्यम से अनुदान की राशि सीधे गो-शालाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। प्रत्येक माह लगभग 50 करोड़ रूपये की राशि गो-शालाओं को अंतरित की जा रही है। 1000 से अधिक नवीन गो- शालाएं वर्तमान में प्रदेश में 2900 गो-शालाएं संचालित है, जिनमें लगभग 4 लाख 25 हजार गो-वंश का व्यवस्थापन किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में मुख्यमंत्री गो-सेवा योजना के अंतर्गत 2203 गो-शालाएं निर्मित कर संचालित की जा रही हैं, जिनमें 2 लाख 11हजार गो-वंश का व्यवस्थापन किया जा रहा है। विगत एक वर्ष में 1000 से अधिक नवीन गो-शालाएं प्रारंभ की गई हैं, जिनमें एक लाख से अधिक गो-वंश का व्यवस्थापन किया जा रहा है। नगरीय क्षेत्रों में उपलब्ध गो-वंश के आश्रय एवं भरण-पोषण के लिए नगर पालिक निगम ग्वालियर, उज्जैन औरइंदौर में वृहद गौशालाएं खोली गई हैं। भोपाल में 69.18 एकड़ भूमि पर 10,000 गौवंश क्षमता की वृहद गो-शाला का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग 45करोड़ रूपये है। 

बूथ रणनीति 2025: कांग्रेस तैनात करेगी 73,000 कार्यकर्ताओं को, जांच होगी दो स्तर पर

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस सभी बूथों पर कार्यकर्ता तैनात करेगी। इनका चयन क्षेत्र में सक्रियता के आधार पर होगा। विधानसभा क्षेत्र प्रभारी इनका सत्यापन करेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य प्रभारी से इस पर मुहर लगवाई जाएगी। यदि दोनों की रिपोर्ट कार्यकर्ता के पक्ष में आती है तो फिर जिला अध्यक्ष इन्हें नियुक्त करेंगे। प्रदेश कांग्रेस इन सभी को प्रशिक्षित करेगी और ये बूथ प्रबंधन का संपूर्ण काम देखेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य पर नजर रखने का पूरा जिम्मा इनका ही रहेगा। कांग्रेस प्रदेश में संगठन वर्ष मना रही है। इसमें हर स्तर पर नई टीम बनाई जा रही है। इसी कड़ी में अब 73 हजार मतदान केंद्रों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को तैनात किए जाने की योजना है।   दरअसल, अभी तक स्थानीय विधायक या वरिष्ठ नेता के कहने पर बूथ प्रबंधन का जिम्मा दे दिया जाता था लेकिन इस बार बकायदा चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए दो स्तर पर जांच का प्रविधान किया है। इनके माध्यम से ही पार्टी बूथ स्तर पर कार्यक्रम संचालित करेगी। प्रदेश स्तर पर दिलाया जाएगा प्रशिक्षण- प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि प्रदेश में लगभग आठ हजार मतदान केंद्र बढ़ने वाले हैं। इन्हें मिलाकर सख्या 73 हजार से अधिक हो जाएगी। इसके दृष्टिगत जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की तैनाती को प्राथमिकता दें।

4.90 लाख सरकारी स्कूल छात्रों को सरकार का तोहफा, मिलेगी मुफ्त साइकिल

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 4.90 लाख बच्चों को नि:शुल्क साइकिल स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष किया 215 करोड़ बजट का प्रावधान भोपाल  प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन दर और शिक्षा गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग की नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में इस शैक्षणिक सत्र में 4 लाख 90 हजार बच्चों को साइकिल का वितरण किया गया है। इस वर्ष विभाग ने योजना के लिये 215 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया है। योजना के माध्यम से उन बच्चों को नि:शुल्क साइकिल का लाभ दिया जा रहा है, जिन्होंने कक्षा-5 और कक्षा-8 उत्तीर्ण कर ली है। ऐसे विद्यार्थियों के अगली कक्षा की दूरी मजरे टोले की दूरी 2 किलोमीटर या उसे अधिक की दूरी पर हो उन्हीं बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना में उन बालिकाओं को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है जो छात्रावास में रहकर अध्ययन कर रही है। बच्चों को साइकिल की सुविधा स्कूल आने-जाने के लिये प्रदान की गई है। पिछले वर्ष विभाग ने 4 लाख 80 हजार बच्चों को नि:शुल्क साइकिल वितरित की थी। लोक शिक्षण संचालनालय ने साइकिल खरीदी की प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से लघु उद्योग निगम की सहयोग से पूरी की है। बच्चों को साइकिल वितरण के लिये संचालनालय में विस्तृत दिशा निर्देश भी जारी किये थे। कक्षा-6 के बच्चों को 18 इंच और कक्षा-9 के विद्यार्थियों को 20 इंच की साइकिल प्रदाय की गई है।  

दिवाली पर सेहत का आशीर्वाद! महाकाल मंदिर में मिलेंगे रागी लड्डू, ब्लड प्रेशर-शुगर कंट्रोल का दावा

उज्जैन  श्री महाकाल मंदिर का लड्डू प्रसाद यूं तो पहले से ही FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) द्वारा 5 स्टार रेटिंग प्रमाणित है. जो गुणवत्ता और शुद्धता को दर्शाता है. यह प्रसाद देश में सुरक्षित भोग के लिए नंबर 1 है. लेकिन अब इसमें एक और खास प्रसाद को जोड़ा जा रहा है. मंदिर में श्री अन्न रागी के लड्डू प्रसाद की शुरुवात दीपावली पर्व से होने जा रही है. मंदिर समिति का दावा है देश में पहली बार कोई मंदिर रागी के लड्डू को प्रसाद रूप में बेचने जा रहा है. इसमें गुड़ और पंचमेवा भी शामिल रहेगा. बीमारियों से बचाएगा बाबा महाकाल का प्रसाद! हालांकि इसके साथ बेसन के लड्डू भी मिलते रहेंगे. रागी ब्लड प्रेशर एवं शुगर कंट्रोल के लिए फायदेमंद माना जाता है. एनीमिया से भी बचाता है. ऐसे में माना जा रहा है कि, अब महाकाल का प्रसाद ब्लड प्रेशर, शुगर कंट्रोल और एनीमिया से बचाव करेगा. श्री अन्नम रागी के लड्डू कैसे और कहां मिलेंगे? क्या होगी इसकी कीमत? स्वास्थ्य के लिए यह कितने फायदेमंद होंगे? आइए जानते हैं तमाम सवालों के जवाब. खास होने जा रहा है बाबा महाकाल का प्रसाद  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल का धाम लाखों-करोड़ों श्रद्धलुओं की आस्था का खास केंद्र है. मंदिर में प्रसाद के तौर पर बेसन के लड्डू मंदिर समिति द्वारा 'नो प्रॉफिट नो लॉस' में बेचे जाते हैं. मंदिर प्रशासक प्रथम कोशिक के अनुसार, ''श्री अन्न रागी के लड्डू का प्रसाद भी 'नो प्रॉफिट नो लॉस' के साथ मंदिर में दिए जाएंगे. बेसन के लड्डू के बराबर ही रागी के प्रसाद की कीमत होगी. श्रद्धालुओं के पास दोनों खरीदने के ऑप्शन रहेंगे. बाद में अच्छा रिस्पांस मिलता है तो समय अनुसार बदलाव होंगे. मंदिर समिति जल्द ही इसके भाव साझा करेगी.'' क्या है अभी कीमत? मंदिर में मिल रहे बेसन के लड्डू प्रसाद, श्री चिंतामण गणेश मंदिर मार्ग पर श्री महाकालेश्वर लड्डू प्रसाद यूनिट में बनाकर तैयार किए जाते हैं. जहां से प्रसाद मंदिरों के काउंटर तक पहुंचता है. मंदिर में मिलने वाले प्रसाद की कीमत 400रु किलो है. अभी 50रु, 100रु, 200रु और 400रु के अलग अलग पैकेट मिलते हैं. इसी तरह रागी के लड्डू भी मिलेंगे. महाकाल भगवान को भोग के बाद होगी शुरुआत मंदिर प्रशासक प्रथम कोशिक ने बताया, ''दीपावली पर्व पर भगवान को श्री अन्नम रागी के लड्डू प्रसाद का भोग लगाया जाएगा. जिसके बाद लड्डू प्रसाद को मंदिर के अलग-अलग प्रसाद काउंटर से बेचना शुरू कर दिया जाएगा. मंदिर के सभी प्रवेश और निकासी द्वार पर लड्डू प्रसाद के काउंटर बने हुए हैं. मंदिर में प्रसाद के लिए मशीने भी लगी हैं, जहां से श्रद्धालु खुद ही मशीन ऑपरेट कर प्रसाद ले जाते हैं.'' क्या होंगे रागी के लड्डू के फायदे? मंदिर समिति का दावा है कि रागी के लड्डू का ये प्रसाद श्रद्धालुओं के वरदान साबित होगा. श्रीअन्नम रागी के लड्डू जो ब्लड प्रेशर, शुगर कंट्रोल के साथ ही एनीमिया से बचाएंगे, हड्डियों को मजबूत रखेंगे, ऊर्जा का बेहतर स्त्रोत होंगे और त्वचा के लिए फायदेमंद होंगे. रागी में कैल्शियम, मैग्नेशियम और फॉस्फोरस होता है जो हड्डियों को मजबूत करता है. विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा के लिए बेहतर है. यह एजिंग के लक्षणों को रोकेगा. इससे शरीर में थकान महसूस नहीं होती, एनर्जी बूस्ट करता है व अन्य फायदे हैं. इसलिए इसे प्रसाद के रूप में देने का विचार मंदिर समिति कर रहा है.

बड़ी खबर! 7500 MP पुलिस कॉन्स्टेबल पदों में पहली बार ट्रांसजेंडरों के लिए मौका

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस इस बार अपनी आरक्षक भर्ती में ट्रांसजेंडरों को भी अवसर देने जा रही है। कर्मचारी चयन मंडल ने बुधवार देर शाम जारी अधिसूचना में संशोधन किया और लिंग विकल्प में पुरुष, महिला के साथ ‘अन्य’ शामिल किया। इससे पहले भर्ती अधिसूचना में केवल पुरुष और महिला के लिए विकल्प थे। नए बदलाव के तहत आवेदन प्रक्रिया अब 16 अक्टूबर से शुरू होकर 22 अक्टूबर तक चलेगी। इसके बाद 23 अक्टूबर तक आवेदन पत्र में संशोधन किए जा सकेंगे और 29 अक्टूबर तक प्रमाणपत्र अपलोड किया जा सकेगा।   7500 आरक्षक पदों पर चयन  इस भर्ती के माध्यम से 7500 आरक्षक पदों पर चयन किया जाएगा। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है और आयु सीमा 18 से 33 वर्ष निर्धारित है। कर्मचारी चयन मंडल ने बताया कि इस बदलाव के पीछे सर्वोच्च न्यायालय का 2014 का निर्णय है, जिसमें ट्रांसजेंडरों को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता दी गई और सरकारी सेवाओं में भर्ती का रास्ता खोला गया। हालांकि, प्रदेश पुलिस में अभी तक कोई ट्रांसजेंडर कर्मचारी नहीं हैं। केवल दो महिला कर्मियों को लिंग परिवर्तन कर पुरुष बनने की अनुमति मिली थी। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस भर्ती प्रक्रिया में कोई ट्रांसजेंडर सफल होता है, तो वह प्रदेश पुलिस में अपने समुदाय का पहला सदस्य बनेगा। कई राज्यों में ट्रांसजेंडरों की पुलिस भर्ती पहले ही शुरू देश के अन्य राज्यों में ट्रांसजेंडरों की पुलिस भर्ती पहले ही शुरू हो चुकी है। तमिलनाडु ने 2017 में पहली सब-इंस्पेक्टर की नियुक्ति की थी। 2022 में छत्तीसगढ़ में 13 ट्रांसजेंडर आरक्षकों की भर्ती हुई थी। बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, बंगाल और महाराष्ट्र में भी ट्रांसजेंडरों को पुलिस भर्ती में शामिल किया जा चुका है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस बार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे फिर से शुरू किया है ताकि ट्रांसजेंडर उम्मीदवार भी अवसर का लाभ उठा सकें। कर्मचारी चयन मंडल ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया में सभी आवश्यक दिशा-निर्देश और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी अधिसूचना में उपलब्ध है। प्रदेश पुलिस में सामाजिक समावेशन को मिलेगा बढ़ावा इस बदलाव से प्रदेश पुलिस में सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलेगा। ट्रांसजेंडर समुदाय के युवाओं को सरकारी सेवाओं में आने का रास्ता खुलेगा और समान अवसर मिलेंगे। यह कदम न्यायालय के निर्णय के अनुसार उचित अवसर देने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवार 16 अक्टूबर से आवेदन शुरू कर सकते हैं और 22 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योग्य उम्मीदवारों को पात्रता मानदंडों का पालन करना होगा और सभी प्रमाणपत्र समय पर अपलोड करना आवश्यक होगा।

प्रहलाद सिंह पटेल का बड़ा ऐलान: श्मशानों में अतिक्रमण नहीं, पौधरोपण और सुरक्षा होगी प्राथमिकता

भोपाल पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरूवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की तथा आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कांफ्रेंस के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। यह कांफ्रेंस आगामी 24, 25 एवं 26 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित की जाएगी। मंत्री श्री पटेल ने सम्मेलन के एजेंडे को इस प्रकार तैयार करने के निर्देश दिए जिससे पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सतत आजीविका, स्थानीय स्वशासन और जनसहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक मंथन हो सके। बैठक में प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों के श्मशानों को व्यवस्थित करने हेतु एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। श्री पटेल ने कहा कि वर्ष 2026 तक प्रदेश के सभी श्मशान स्थलों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और फेंसिंग, पौधरोपण सहित अप्रोच रोड की सुविधा से जोड़ा जाए ताकि उन्हें स्वच्छ एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जा सके। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि “माँ की बगिया” योजना के अंतर्गत प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना को और गति प्रदान करते हुए अधिकाधिक ग्राम पंचायतों को इससे जोड़ा जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं महिला स्व-सहायता समूहों को सतत आजीविका के अवसर प्राप्त हों। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न योजनाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। 

डॉक्टर्स की इमरजेंसी कक्ष में उपस्थिति सुनिश्चित करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय सागर के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए हैं कि सभी डॉक्टर समय का पालन करते हुए मरीजों का उपचार करें। इमरजेंसी कक्ष में ड्यूटी के अनुसार डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क गर्भवती माताओं की जांच और उपचार समय पर होना चाहिए। प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को आयोजित जांच शिविरों में महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा समुचित परीक्षण किए जाएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई, स्वच्छता और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र पूरी की जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले। उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन व्यवस्था से विशेषज्ञ डॉक्टर्स की सलाह ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जिससे उपचार में पारदर्शिता और गति आई है। उन्होंने यह भी कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कुपोषित बच्चों के पोषण हेतु पोषण पुनर्वास केंद्रों में लक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। निरीक्षण के दौरान विधायक श्री शैलेंद्र जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में मप्र का देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 17 अक्टूबर को करेंगी मध्यप्रदेश को सम्मानित भोपाल  मध्यप्रदेश को आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन में देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम पांच राज्यों में स्थान मिला है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में आदि कर्मयोगी अभियान पर आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश को सम्मानित करेंगी। प्रमुख सचिव जनजाति कार्य श्री गुलशन बामरा राज्य स्तरीय पुरस्कार ग्रहण करेंगे। वे जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों पर प्रस्तुति भी देंगे। पीएम जनमन में शिवपुरी को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जायेगा। आदि कर्मयोगी अभियान में देश स्तरीय उत्कृष्ट जिलों में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले को सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश की उत्कृष्ट मास्टर ट्रेनर श्रेणी में सहायक शोध अधिकारी श्रीमती सारिका धौलपुरिया सम्मानित होंगी। आदि कर्मयोगी अभियान में अन्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों में बैतूल , धार, पूर्वी निमाड़ और बड़वानी का भी विशेष उल्लेख होगा। संबंधित जिलों के कलेक्टर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। राज्य स्तरीय सुपर कोच और मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रदेश के उपायुक्त आदिवासी विकास श्री जेपी यादव को सम्मानित किया जाएगा। एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसियों बड़वानी, बैतूल और शिवपुरी को उल्लेखनीय गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया जाएगा। धरती आबा जन भागीदारी अभियान में गुना, बुरहानपुर और विदिशा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी गुना और एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी विदिशा को उत्कृष्टतम प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि आदि कर्मयोगी अभियान में 14 हजार गांवों के विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं। ग्राम सभा से इनका अनुमोदन कराया गया है। इन गांवों में 13 हजार से ज्यादा आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान, जन धन, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज जारी किए गए है। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने में 100% उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुऱी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लंबित जाति प्रमाण पत्र जारी करने में जबलपुर, रायसेन और सिवनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अधोसंरचनात्मक कार्य जैसे हॉस्टल निर्माण, सड़क निर्माण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, मल्टीपरपज सेंटर निर्माण तेजी से जारी है। राज्य में राज्य स्तरीय 12 मास्टर ट्रेनर, जिला स्तरीय 287 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए जबकि विकासखंड स्तर पर 12 हजार मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। इसके अलावा संकुल स्तर पर 18150 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। जनजाति कार्यों के क्रियान्वयन में सहयोग के लिए 1 लाख 41 हजार से ज्यादा आदि सहयोगी तैयार किए गए हैं जिसमें आम नागरिक, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल है। साथ ही एक लाख 92 हजार आदि साथी भी सहयोग कर रहे हैं जिनमें जनजाति समाज के नेतृत्व करने वाला समुदाय शामिल है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान जनजाति समुदायों के सामाजिक आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रारंभ किया गया। इसका उद्देश्य जनजाति क्षेत्र में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का विकास करना, योजनाओं का प्रभावी अमल सुनिश्चित करना और शासन को और ज्यादा जवाबदेह बनाना है। यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण जैसे मूल्यों पर आधारित है जो जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

यात्रियों से टिकिट की नियत राशि से ज्यादा वसूलने वाली बसों पर हो सख्त कार्रवाई : परिवहन मंत्री सिंह

वीडियो कॉन्फ्रेंस से परिवहन अमले को दिये गये निर्देश भोपाल परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने विभागीय अमले को दीपावली त्यौहार को देखते हुए बसों से यात्रियों से नियत टिकिट की राशि से अधिक वसूली करने वाले बस मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने परिवहन विभाग के अमले को सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिये भी कहा है। परिवहन मंत्री श्री सिंह गुरुवार को भोपाल में परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव परिवहन श्री मनीष सिंह और आयुक्त परिवहन श्री विवेक शर्मा भी मौजूद थे। मंत्री द्वारा दिये गये निर्देश     बसों की जाँच के दौरान परिवहन जाँच स्टॉफ वर्दी में हों। बॉडीवार्न कैमरे का इस्तेमाल किया जाये। समस्त क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारी उनके जिले में स्थापित एटीएस (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) की नियमित जाँच करना सुनिश्चित करें।     बिना वैध बीमा, ओवरलोडिंग, ओवर स्पीडिंग बस पाए जाने पर उन्हें जारी किये गये परमिट की जाँच हो। स्टेज कैरिज वाहनों में लायसेंस प्राप्त कंडक्टर हो।     स्लीपर कोच में प्रवेश एवं निर्गम निर्धारित मापदण्ड के अनुसार हो। स्लीपर कोच में निर्धारित ले-आउट के अनुसार स्लीपर लगे हों, यह सुनिश्चित हो।     अमले को यह निर्देश दिये गये हैं कि लोक सेवा वाहन में ज्वलनशील पदार्थ का परिवहन न किया जाये। समस्त बसों में पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र हों। प्रत्येक बस में प्राथमिक चिकित्सा के उपकरण अनिवार्य रूप से हों।     आल इण्डिया टूरिस्ट परमिट एवं अन्य बसों द्वारा परमिट शर्तों का उल्लंघन करने पर हो सख्त कार्यवाही। बीमा नवीनीकरण और वाहन पंजीकरण की जाँच हो। प्रदेश के सभी वाहनों में हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट हो, यह सुनिश्चित किया जाये। वाहन पोर्टल पर माइग्रेट होने के पूर्व जिन वाहनों का मोटर कर और पैनाल्टी की राशि दर्ज न हो, ऐसे प्रकरण का निराकरण 15 दिवस में हो। दो पहिया वाहनों पर चालक हेलमेट पहने, यह सुनिश्चित हो। हेलमेट उपयोग के लिये निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जाए।  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर भोपाल संभाग की कार्यशाला 17 को

सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय भोपाल में होगी कार्यशाला भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालय होंगे शामिल भोपाल  राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के प्रभावी क्रियान्यन लेकर भोपाल संभाग की संभागीय कार्यशाला 17 अक्टूबर 2025 को होगी। यह कार्यशाला सरोजिनी नायडू, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी (नूतन) महाविद्यालय, भोपाल में होगी। इसमें भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालय शामिल होंगे। विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री धीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग श्री प्रबल सिपाहा द्वारा कार्यशाला का शुभारंभ किया जाएगा। कार्यशाला में भोपाल संभाग के 63 महाविद्यालयों के प्राचार्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नोडल अधिकारी, स्वयं पोर्टल एवं अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के नोडल अधिकारी तथा भोपाल शहर के शासकीय महाविद्यालय के प्रत्येक कक्षा के शिक्षा मित्र बालक-बालिका सहित करीब 350 लोग शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुतिकरण, जिज्ञासाओं के समाधान को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही एईडीपी एवं कृषि पाठ्यक्रम तथा एआई सर्टिफिकेट कोर्स सहित स्वयं पोर्टल, अपार आईडी के बारे में चर्चा की जाएगी। कार्यशाला सुबह 10.30 बजे से शुरू होगी।