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MP में नशे के खिलाफ धार्मिक मुहिम, 1 लाख युवा मिलकर करेंगे हनुमान चालीसा का पाठ

इंदौर  नशाखोरी से युवाओं को बचाने के लिए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर में नई पहल करेंगे. युवाओं को धर्म से जोड़कर नशा से दूर रखा जाएगा. इसके लिए शहर भर में युवा, बच्चे और छात्र-छात्राओं की टोलियां नशाखोरी के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. बताया गया कि इस आयोजन की शुरुआत करीब 1 लाख युवाओं के साथ होगी. नाबालिग भी नशीले पदार्थ की तस्करी में शामिल शहर में नशा मुक्ति के तमाम अभियान और प्रयास किए जा रहे हैं. इसके बावजूद क्राइम ब्रांच, इंदौर के अनुसार यहां सालाना नशे की सामग्री की खपत 10,000 किलो हो चुकी है. जिसमें स्मैक, अफीम, गांजा, डोडा चूरा, केमिकल ड्रग, ब्राउन शुगर और तरह-तरह की सिगरेट शामिल हैं. इन नशीले पदार्थों का शहर में बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है. जिसके चलते स्थिति यह है कि नशे की सामग्री की तस्करी के धंधे में महिलाओं के अलावा नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं. शहर में 6 गुना बढ़ी डोडा चूरा की स्मगलिंग इंदौर शहर में नशे की सामग्री की बिक्री का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल की अपेक्षा यहां डोडा चूरा की स्मगलिंग 6 गुना तक बढ़ चुकी है. इसका उपयोग करने वालों में स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राएं सहित महिलाएं भी शामिल हैं. पिछले साल नशाखोरी के खिलाफ कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को खुद मोर्चा संभालना पड़ा था. इसके बाद पुलिस को नशे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी पड़ी थी. नशा मुक्ति अभियान से भी नहीं थम रही नशाखोरी इस साल (2025) भी 15 से 30 जुलाई तक नशा मुक्ति अभियान चलाया गया. इसके बावजूद पिछले माह (सितंबर 2025) नशाखोरी के चलते ट्रक ड्राइवर ने 3 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. जबकि 10 से ज्यादा लोग घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस बीच हाल ही में यहां पुलिस ने ड्रग माफिया सीमा नाथ के ड्रग के धंधे को एक्सपोज किया है. जिसके नेटवर्क में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल मिले हैं. इसके साथ ही शहर में खुले गार्डन, प्लॉट और बंद इमारतों में समूह में लोग नशा करते पाए जाते हैं. सामूहिक हनुमान चालीसा का होगा आयोजन कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने युवाओं को नशाखोरी से बचाने के लिए अब उन्हें सामूहिक हनुमान चालीसा के आयोजनों में शामिल करने का ऐलान किया है. विजयवर्गीय का कहना है कि "युवाओं को हनुमान चालीसा के जरिए नशे के खिलाफ धर्म से जोड़ना होगा. इसके लिए जल्द ही एक लाख युवाओं का जुटाकर आयोजन शहर में कराया जाएगा. इसके लिए स्थान का चयन किया जा रहा है." धर्म से जुड़ छोड़ेंगे नशाखोरी  उन्होंने आगे कहा, "आयोजन में सुंदरकांड करने वाली मंडलियों के अलावा स्कूल कॉलेज के छात्र और नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाने वाले जन संगठन और उनसे जुड़े लोग भी शामिल होंगे. हनुमान चालीसा का पाठ करने से युवा मानसिक और आध्यात्मिक तौर पर नशाखोरी के खिलाफ खड़े हो सकेंगे, क्योंकि हनुमान चालीसा का अपना अलग प्रभाव होता है."  

समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा खरीद के लिए अब तक 4.68 लाख किसानों ने कराया पंजीयन

समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार, बाजरा उपार्जन के लिए अभी तक 4 लाख 68 हजार 946 किसानों ने कराया पंजीयन 10 अक्टूबर तक जारी रहेगी पंजीयन प्रक्रिया भोपाल  समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए अभी तक 4 लाख 68 हजार 946 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन 10 अक्टूबर तक होगा। पिछले वर्ष 7 लाख 84 हजार 845 किसानों ने पंजीयन कराया था। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि समय पर पंजीयन करा लें जिससे उपार्जन में कोई समस्या नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1255 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर और एम.पी. किसान एप पर भी की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोट पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। जिलेवार पंजीयन प्रदेश में हुए कुल पंजीयन में मुख्य रूप से जिला बालाघाट में 57 हजार 223 किसान, जबलपुर में 24 हजार 710, सिवनी में 28 हजार 349, कटनी में 40 हजार 391, मण्डला में 18 हजार 473, डिण्डोरी में 10 हजार 590, नरसिंहपुर में 7 हजार 245, छिंदवाड़ा में 1,468, रीवा में 42 हजार 878, सतना में 36 हजार 113, मैहर में 17 हजार 427, सिंगरौली में 19 हजार 997, सीधी में 18 हजार 305, मऊगंज में 14 हजार 715, शहडोल में 23 हजार 723, उमरिया में 18 हजार 748, अनूपपुर में 13 हजार 612, पन्ना में 20 हजार 204, दमोह में 14 हजार 508, सागर में 889, रायसेन में 7 हजार 340, सीहोर में 5 हजार 434, विदिशा में 484, भोपाल में 33, नर्मदापुरम में 17 हजार 117, बैतूल में 5 हजार 905, हरदा में 315, भिंड में 363, मुरैना में 1533, श्योपुर में 43, ग्वालियर में 202, शिवपुरी में 205, दतिया में 130, देवास में 203, बड़वानी में 41 और झाबुआ में 20 किसानों ने पंजीयन कराया है।  

मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 5.4% वृद्धि, शाम 6-9 बजे और राष्ट्रीय राजमार्ग सबसे ज्यादा जोखिम भरे

भोपाल मध्य प्रदेश 2023 में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के सबसे खतरनाक राज्यों में से एक रहा है। NCRB की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 14,098 लोगों की मौत हुई, जो भारत की कुल आकस्मिक मौतों का 9.8% है। 2022 की तुलना में दुर्घटनाओं में 5.4% की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट बताती है कि 2023 में मध्य प्रदेश में 54,763 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 54,699 लोग घायल भी हुए। राज्य में आकस्मिक मृत्यु दर 49.8 रही, जो देश में छठी सबसे अधिक दर है। मध्य प्रदेश के हाईवे खतरनाक यात्रियों के लिए राजमार्ग सबसे खतरनाक साबित हुए। भारत की कुल सड़क दुर्घटना मौतों का 7% केवल मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच का समय विशेष रूप से जोखिम भरा रहा, इस दौरान 10,613 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसके अलावा, देश में हुई घातक बस दुर्घटनाओं में से 10.2% मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मिलाकर हुईं। छोटे वाहनों से ज्यादा हुए एक्सीडेंट खराब बुनियादी ढांचा और पर्यावरणीय कारक भी इन मौतों में योगदान करते हैं। NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, भारी और यात्री वाहनों के कारण बड़ी संख्या में मौतें हुईं। राज्य की सड़कों पर SUV/जीप और कारों से होने वाली दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या ट्रक/लॉरी/मिनी-ट्रक से होने वाली मौतों से अधिक थी। राजधानी भोपाल में भी बढ़ोतरी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 4.2% की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि 2022 की तुलना में हुई है। कुल 2,906 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 196 लोगों की जान गई और 2,196 लोग घायल हुए। रात 9 बजे से आधी रात तक का समय सबसे खतरनाक रहा। दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री सबसे ज़्यादा असुरक्षित पाए गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने भी भोपाल को ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में चौथे स्थान पर रखा था।  

स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प होगा साकार : मंत्री परमार

भोपाल उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि भारत की मान्यता में वसुधैव कुटुंबकम् है। विश्व एक परिवार है, विश्व बाजार नहीं है। भारत ने कोविड के संकटकाल में विश्व के कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध करवाकर वसुधैव कुटुंबकम् के भारतीय दृष्टिकोण को विश्वमंच पर परिलक्षित किया है। भारत का पुरातन दर्शन व्यापक था, हर क्षेत्र-हर विधा में भारत में समृद्ध ज्ञान था। भारत विश्वमंच पर समृद्ध एवं सक्षम राष्ट्र था, हमारी गौरवशाली एवं समृद्धशाली परंपराएं रही हैं, जिन्हें हमारे पूर्वजों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण के सापेक्ष शोध एवं अध्ययन कर समाज में स्थापित की। मंत्री परमार सोमवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान के पंडित सुंदरलाल शर्मा सभागृह में निजी विश्वविद्यालय संघ के तत्वावधान में आयोजित भारतीय ज्ञान परम्परा के विस्तार में निजी विश्वविद्यालयों के योगदान विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी के शुभारम्भ के बाद संबोधित कर रहे थे। मंत्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता का भाव, भारत की समृद्ध संस्कृति एवं परम्परा है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति एवं ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण भाव से, समाज में कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए श्रद्धा के रूप में परम्परा स्थापित की। मंत्री परमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा के कई अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न क्षेत्रों, विषयों एवं विधाओं में भारतीय पुरातन ज्ञान के तथ्यात्मक उदाहरण प्रस्तुत किए। परमार ने बताया कि नालन्दा विश्वविद्यालय के दौर में शिक्षा, चिकित्सा, तकनीक, इंजीनियरिंग सहित प्रत्येक क्षेत्र में भारत, विश्वमंच पर सिरमौर था। भारत के समृद्ध ज्ञान को ग्रहण करने विश्व भर से लोग आते थे, इसलिए भारत विश्वगुरु कहलाता था। उच्च शिक्षा में प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा का समावेश किया गया है। मंत्री परमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों को भारतीय ज्ञान परम्परा की संदर्भ पुस्तकों से समृद्ध करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय गृहणियों की रसोई प्रबंधन, विश्व भर में आदर्श एवं उत्कृष्ट प्रबंधन का उदाहरण है। मंत्री परमार ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी उत्पाद को अपनाने के संकल्प में सहभागिता करने का आह्वान भी किया। परमार ने कहा स्वदेशी आंदोलन से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प सिद्ध होगा। परमार ने कहा कि हम सभी की सहभागिता एवं पुरुषार्थ से स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत विश्व में सिरमौर बनेगा। मंत्री परमार ने निजी विश्वविद्यालयों को शिक्षा में भारतीय ज्ञान परम्परा के व्यापक समावेश, सतत् अध्ययन एवं क्रियान्वयन के लिए अपने संस्थान में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ बनाने को कहा। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को अतिरिक्त क्रेडिट देने के साथ ही भारतीय भाषाओं को सिखाने के लिए कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करने को कहा। तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों को जापानी एवं जर्मन भाषा सिखाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने को कहा। संगोष्ठी में बीज वक्ता के रूप में यूनाइटेड कान्शसनेस के संयोजक एवं वैश्विक शिक्षाविद् डॉ विक्रांत सिंह तोमर ने भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व को प्रतिपादित करते हुए कहा कि भारत ने अपनी जड़ों को खोजना शुरू कर दिया है। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन गौरवशाली परंपरा से अवगत कराना था ताकि वे स्वदेशी को अपनाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। संगोष्ठी में एलएनसीटी समूह के प्रमुख जयनारायण चौकसे, ओरिएंटल समूह के प्रमुख प्रवीण ठकराल, निजी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष इंजी.श्री संजीव अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष हरप्रीत सलूजा सहित विविध शिक्षाविद्, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि, प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।  

कांग्रेस नेताओं ने रोकी शिवराज सिंह की गाड़ी, जवाब में मिला मुस्कान और मज़ाक का जवाब

सीहोर  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। वह अपने संसदीय क्षेत्र के सीहोर से गुजर रहे थे। इस दौरान किसानों की समस्या को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उनकी गाड़ी को रोक दिया। ऐसे में मामा तो मामा ठहरे… वह भी अपने चिर परिचित अंदाज में गाड़ी से उतरे और लोगों से बात की। शिवराज सिंह चौहान का जवाब सुनकर वहां खड़े कांग्रेसी ठहाका लगाने लगे। हम तो मामा हैं… दरअसल, शिवराज सिंह चौहान की छवि मध्य प्रदेश में अलग है। वह अपने अंदाज से लोगों का दिल जीत लेते हैं। कांग्रेस नेताओं ने सोयाबीन किसानों को लेकर शिवराज सिंह चौहान की गाड़ी रोक दी। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान गाड़ी से उतरकर कांग्रेसियों के बीच पहुंचे। इस दौरान नारेबाजी हो रही थी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले बात कर लो फिर खूब नारे लगाना… हम तो मामा हैं… यार जहां कहते हैं वहां रुकते हैं, बात करते हैं और सबकी सुनते हैं। शिवराज सिंह चौहान के इस अंदाज का वीडियो वायरल हो रहा है। बिलकिसगंज जा रहे थे शिवराज सिंह चौहान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बिलकिसगंज में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में किसानों की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। कांग्रेसियों ने शिवराज सिंह चौहान से किसानों की फसल बीमा की कमियां और मुआवजा राशि को लेकर अवगत कराया। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें भरोसा दिया है कि हम सारी चीजों को देखवाएंगे। साथ ही कहा कि यह भी देखेंगे कि सर्वे सही से हुआ है या नहीं। इस दौरान कांग्रेस नेता मामा की तारीफों के पुल बांधते नजर आए हैं। वीडियो में एक कांग्रेस नेता यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि आप हमारे क्षेत्र में भी 95000 वोट से लीड लिए थे।

दो-चार घरों वाले मजरे टोले में भी पहुंची बिजली : ऊर्जा मंत्री तोमर

सेवा पर्व के दौरान 137 वनवासी घर हुए रोशन भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) अंतर्गत मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्य़ुत वितरण कंपनी धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में सेवा पर्व के दौरान मालवा निमाड़ में 137 उन घरों को भी रोशनी उपलब्ध कराई गई, जो घर मूल गांवों से दो से तीन किमी दूर मजरे टोले की बसाहट वाले थे। इन गांवों के वनवासी परिवार अब इस बात से खुश हैं कि घर में बच्चे बल्ब की रोशनी में पढ़ाई कर रहे हैं, मोबाइल भी अपने ही घर पर चार्ज हो रहा है और टीवी भी चलाकर मनोरंजन भी हो रहा है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि सेवा पर्व में अभियान चलाकर दूरदराज के मजरे, टोले में दो चार घर होने पर भी नए ट्रांसफार्मर, तार, पोल स्थापित कर बिजली प्रदान की गई है। इंदौर ग्रामीण वृत्त के अधीन धार जिले के 9 घरों को, देवास के बागली क्षेत्र के पांजापुरा के 4 घरों को, मंदसौर के दूरदराज के 15 घरों को, नीमच के 25, रतलाम ग्रामीण संभाग के 24 घरों को, शाजापुर के 10 घरों को और उज्जैन जिले के दूरस्थ 50 घरों के सेवा पर्व के दौरान रोशन किया गया। अभियान चलाया गया इंदौर ग्रामीण वृत्त अधीक्षण यंत्री डॉ. डीएन शर्मा ने बताया कि चार मजरों के वनवासी लाभार्थियों सर्वश्री कमल बालू, विश्राम मेढ़ा, मिथून अमर सिंह, बाल्लू धानिया, रातेश अमर सिंह, रूप सिंह बिरमन के घर बिजली कार्मिकों द्वारा ट्रेक्टर और बैलगाड़ियों से पोल, तार भेजकर रोशन किये गये।  

धीरेंद्र शास्त्री का बंगाल दौरा रद्द, बोले– CM ममता के रहते नहीं करूंगा यात्रा, कथा कैंसिल पर जताया तंज

छतरपुर  इंटरनेशनल कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री अक्सर अपने बयानों के कारण सुर्खियों में बने रहते हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि वह ममता बनर्जी के रहते पश्चिम बंगाल में कथा नहीं करेंगे।बता दें कि, पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा का आयोजन 10,11 और 12 अक्टूबर को हनुमंत कथा होनी थी। बारिश के कारण इसकी परमिशन रद्द कर दी गई। धीरेंद्र शास्त्री बोले- दीदी के रहते बंगाल नहीं जाएंगे पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा है कि अभी हमको पश्चिम बंगाल जाना था, तो दीदी ने हमको मना कर दिया। समझ गए हम किसकी बात कर रहे हैं, नाम नहीं लेना चाहते हैं…लो, परमिशन ही कैंसिल हो गई और दूसरी जगह परमिशन नहीं मिल रही। जहां थी, वहां पानी भर गया। दीदी को थैंक्यू बोला आगे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि फिर किसी ने कहा कि अब क्या कहोगे तो हमने कहा थैंक्यू बोल देना। इसका मतलब ये थोड़ी है कि हम अपना कार्य छोड़ देंगे। दीदी जब तक हैं, तब तक नहीं जाएंगे। दादा जब आएंगे तो जाएंगे। पर भगवान करे कि दीदी बनी रहे। हमें उनसे कोई दिक्कत नहीं। लेकिन बुद्धि ठीक रखें, धर्म के खिलाफ न जाएं। हम किसी राजनीति के पक्ष में नहीं हैं, न ही विरोध में हैं। हम सनातन के पक्ष में है। हिंदुत्व के पक्ष में थे और रहेंगे। ये बात धीरेंद्र शास्त्री ने रायपुर में कही। बागेश्वर धाम में नहीं होगी VIP-VVIP मुलाकातें बीते बुधवार को धीरेंद्र शास्त्री ने भक्तों से कहा था कि हम कहेंगे धाम पर पूरे में बैनर चिपकाए जाए। हां वीआईपी वीवीआईपी प्रोटोकॉल अब मान्य नहीं होंगे। क्योंकि हनुमान जी ने जो हमको कृपा आशीर्वाद दिया है। वह एसी में बैठने वाले लोगों का पर्चा बनाने के लिए सिद्धि नहीं मिली है। उनका भला करने के लिए सिद्धि नहीं मिली है। आपके अंदर धैर्य हो, श्रद्धा हो तो समय लेकर आओ। सेवक और भक्त बनकर आओ। नहीं तो बहुत गुरु जी हैं उनके पास जाओ। क्योंकि हमारे गुरु जी ने हमको बहुत डांटा। बीच में हम बहुत बिगड़ गए थे। जी -जी के चक्कर में ये फलाने जी, ये मुख्यमंत्री जी, ये फलाने जी, ढिकाने जी इस चक्कर में हम बहुत बिगड़ गए थे। लौट के बुद्धू घर को आए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परासिया में प्रभावित परिवारों के घर जाकर की मुलाकात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा जिले के परासिया में कफ सिरप के सेवन से हुई मासूम बच्चों की असामयिक मृत्यु की घटना पर अत्यंत संवेदनशील कदम उठाते हुए पूर्व में तय अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर सोमवार को छिंदवाड़ा के परासिया पहुंचे और मृत बच्चों के परिजनों से उनके घर जाकर मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजन से भेंटकर गहन दु:ख व्यक्त कर उन्हें ढांढस बंधाया और भरी आंखों से अपनी आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी ने शोक संतप्त परिजन को एक भावनात्मक संबल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परासिया क्षेत्र की नगर परिषद न्यूटन पहुंचकर मासूम को खोने वाले खान परिवार और ग्राम बेलगांव के डेहरिया परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री बाद में परासिया मुख्यालय पहुंचे और वहां खान परिवार, ग्राम दीघावानी के यदुवंशी परिवार और उमरेठ के सोनी परिवार से मुलाकात की। संवेदनशील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम बड़कुही पहुंचकर यहां के ठाकरे परिवार, ग्राम सेठिया के पिपरे परिवार और ग्राम इकलेहरा के उईके परिवार से मुलाकात कर उनके दुःख में शामिल हुए और शोक संतप्त परिजन के आंसू पोछते हुए कहा कि यह सिर्फ आपकी नहीं, मेरी और हम सबकी पीड़ा है। आपके बच्चों का दुख मेरा भी है। वेदना की इस घड़ी में मैं, और पूरी सरकार आपके साथ है। उन्होंने कहर कि सभी दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है। न्यूटन में खान परिवार की पीड़ित माता आफरीन, जिन्होंने अपना 5 वर्ष का बेटा खोया है, मुख्यमंत्री को अपने समक्ष देखकर रो पड़ी। उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चे को तो नहीं बचा पाए, लेकिन अभी जो बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं, यदि वे बच जाएंगे, तो हमारे दिल को बड़ी दिलासा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना अत्यंत ही दुखद और हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सबको न्याय मिलेगा। घटना के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था इस हादसे के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें कठोरतम दंड दिलाया जाएगा। आज ही दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीड़ित परिजन से कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में उनके साथ है। कोई भी परिजन खुद को असहाय या अकेला महसूस न करे। सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जनता के सुख-दुख में राज्य सरकार हमेशा सहभागी है। घटना से पीड़ित परिजन को सभी प्रकार की शासकीय मदद तत्परता से मुहैया कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी दुघर्टनाओं की पुनरावृत्ति कतई नहीं होने पाये। उच्चस्तरीय जांच जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है और हम दोषियों को बख्शेंगे नहीं। साथ ही भर्ती बच्चों का इलाज ठीक तरीके से हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम भी तैनात कर दी गई है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में हुई घटना में कार्रवाई करते हुए हमने तमिलनाडु की संबंधित फैक्ट्री की दवाइयों पर प्रतिबंध लगाया है। कड़ी कार्यवाही करते हुए तीन अधिकारियों उप औषधि नियंत्रक एवं नियंत्रण प्राधिकारी औषधि प्रशासन भोपाल श्री शोभित कोष्टा, औषधि निरीक्षक जबलपुर श्री शरद जैन और औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा श्री गौरव शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। फूड एंड ड्रग कंट्रोलर को भी स्थानांतरित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि इस मामले में सरकार ने सख्त कार्यवाही की है। संबंधित डॉक्टर पर कार्यवाही के अलावा जिस मेडिकल स्टोर से यह दवा बेची गई थी, उस मेडिकल स्टोर और दवा स्टॉकिस्ट दोनों पर कठोर कार्यवाही की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बेहद संवेदनशील है और हमारा पूरा प्रयास है‍कि प्रदेश में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो। परिजनों से भेंट के दौरान छिंदवाड़ा सांसद श्री विवेक बंटी साहू, अमरवाड़ा विधायक श्री कमलेश प्रताप शाह सहित श्री शेषराव यादव भी मौजूद थे।  

रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया नेत्र सहायक, टीकमगढ़ में लोकायुक्त ने की बड़ी कार्यवाही

टीकमगढ़  जिला अस्पताल में लोकायुक्त टीम सागर ने नेत्र सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। रिटायर कर्मचारी द्वारा रिश्वत रुपी केमिकल लगे हुए नोट देने के बाद जैसे ही इशारा किया, तो टीम के सदस्य पहुंच गए और नेत्र सहायक से बीस हजार रुपये जब्त किए। इस कार्रवाई के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और कई अधिकारी अपने सीट से गायब हो गए। फंड निकालने के एवज में मांगी थी रिश्वत शिकायतकर्ता रमेश चंद्र नायक निवासी पहाड़ी बुजुर्ग ने बताया कि वह स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद पर पदस्थ थे। हाल ही में रिटायर हुए हैं, जिनके रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले फंड के भुगतान के लिए स्थापना बाबू संतोष अंबेडकर से कहा, तो उन्होंने नेत्र सहायक उमेश जैन से मिलने को कहा। उमेश जैन से मिलने पर उन्होंने 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। इसमें 28 हजार रुपये देना तय हुआ था।  

राज्यपाल अशोकनगर में आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल   राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजाति समुदाय का कल्याण केंद्र एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के उत्थान को ध्यान में रखकर अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राज्यपाल पटेल सोमवार को अशोकनगर जिले के चंदेरी विकासखंड के ग्राम खानपुर में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष एवं आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदि साथी एवं आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी “सबका साथ- सबका विकास-सबका विश्वास” की परिकल्पना के साथ हर वर्ग के हित में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हम सबको 2047 तक विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय के जीवन में बदलाव लाने का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यह जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि धरती आबा योजना जनजाति परिवारों को आवास, पेजयल, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है जिससे जनजाति समुदाय के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। इस दीवाली स्वदेशी अपनाने का संकल्प ले राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी अभियान संचालित है। उन्होंने ग्रामवासियों से आव्हान किया कि इस दीपावली पर वोकल फॉर लोकल का संदेश अपनाएं। स्थानीय उत्पादों को खरीदेने का संकल्प लें। स्वदेशी अभियान को सफल बनाने में हर वर्ग सहभागी बने। राज्यपाल पटेल ने अशोकनगर जिले की विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साड़ी की चर्चा करते हुए स्थानीय बुनकरों के उत्पाद खरीदने की अपील की। राज्यपाल पटेल ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने आजीविका मिशन से जुड़ी बहनों के आर्थिक स्वावलंबन की चर्चा की। सरकार की अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं से आमजन को मिल रहे फायदों को बताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे।   हितग्राहियों को किया हितलाभ का वितरण राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया। उन्होंने सिकल सेल कार्ड, आयुष्मान कार्ड का वितरण किया। टी.बी. रोगियों को पोषण टोकरी वितरित की। हथकरघा उद्योग के लिए तकनीकी विकास योजना अंतर्गत वित्तीय सहायता का चेक प्रदान किया। प्राथमिक शाला, आरोग्य केंद्र, आगनबाड़ी और आदि सेवा केन्द्र का निरीक्षण राज्यपाल पटेल द्वारा प्राथमिक विद्यालय खानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूली बच्चों से संवाद कर मध्यान्ह भोजन सहित अन्य जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपहार स्वरूप पेन, कापी भेंट की। राज्यपाल ने आरोग्य केंद्र खानपुर का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य जाँच में शामिल लोगों से चर्चा की। उन्होंने सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग एवं उपचार के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल पटेल ने आंगनबाड़ी केंद्र खानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने गर्भवती माताओं एवं कुपोषित बच्चों को पोषण आहार का वितरण किया। हितग्राहियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने आदि सेवा केंद्र खानपुर का भी निरीक्षण कर केंद्र के संचालन संबंधी जानकारी ली। राज्यपाल पटेल का ग्राम खानपुर के जनजातीय समुदाय द्वारा माला, मुकुट तथा तीर- धनुष भेंट कर स्वागत किया गया। जनजातीय कलाकारों द्वारा पारम्परिक नृत्य सैरा की प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल पटेल ने ग्राम खानपुर में पीएम जनमन आवास से लाभान्वित हितग्राही श्रीमती धनिया बाई को गृह प्रवेश कराया। धनिया बाई के परिजन से आत्मीय चर्चा कर बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह यादव सहित बडी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। v