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मध्य प्रदेश पर्यटन ने IFTM Top Resa पेरिस और टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में लहराया परचम

वैश्विक मंच पर और सशक्त हुई ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की पहचान अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन भोपाल  म.प्र. टूरिज्म बोर्ड ने अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन जगत के दो प्रतिष्ठित ट्रैवल मार्ट—IFTM Top Resa 2025 (पेरिस, फ़्रांस) और Tourism Expo Japan 2025 (आईची स्काई एक्सपो, जापान) में मध्यप्रदेश की विशिष्ट और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। इन वैश्विक मंचों पर अतुल्य भारत का हृदय मध्यप्रदेश ने अपनी सांस्कृतिक गहराई, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की विविध संभावनाओं को सजीव कर दिया। इन ट्रैवल मार्ट और एक्सपो में बने आकर्षक एमपी पवेलियन ने मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक आकर्षक और अपरिहार्य गंतव्य के रूप में पुनः प्रतिष्ठित किया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वैश्विक पर्यटन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। पेरिस और जापान जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ‘अतुल्य भारत का हृदय’ के रूप में हमारे राज्य की विविधता, सांस्कृतिक गहराई और प्राकृतिक धरोहर को प्रदर्शित करना हमारे लिए गर्व का विषय है। इन आयोजनों से हमें न केवल नए बाज़ारों तक पहुंच मिली है, बल्कि फ्रांस, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख देशों के साथ साझेदारी को भी मजबूती मिली है। मुझे विश्वास है कि इन प्रयासों से मध्य प्रदेश एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक स्थापित होगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव का विज़न है कि मध्य प्रदेश के समृद्ध सांस्कृतिक परिदृश्य की सुगन्ध वैश्विक स्तर पर फैले और पर्यटन विभाग इस दिशा में दिन रात काम कर रहा है। मध्य प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी हमारी इसी रणनीति का हिस्सा है। इन आयोजनों ने यह संदेश दिया कि मध्य प्रदेश केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि एक अनुभव है जो आगंतुकों की स्मृतियों में बस जाता है। हमारे प्रयास राज्य को वैश्विक यात्रा मानचित्र पर प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने और पर्यटकों को प्रामाणिक, अनुभवात्मक यात्राएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर जारी रहेंगे। IFTM Top Resa 2025 : मध्यप्रदेश बना आकर्षण का केंद्र फ्रांस के पेरिस में 23-25 सितंबर 2025, के दौरान Porte de Versailles exhibition center में मध्य प्रदेश के पैवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास, पेरिस के आर्थिक एवं वाणिज्यिक विंग के काउंसलर और हेड ऑफ़ चांसरी श्री नवीन कुमार ने किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. और मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के उप संचालक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग) श्री युवराज पाडोले सहित कई प्रमुख हितधारक उपस्थित रहे। इस विशेष पैवेलियन ने वैश्विक यात्रा व्यापार समुदाय का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और राज्य की धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य तथा आधुनिक पर्यटन पहलों का प्रभावशाली परिचय कराया। टोक्यो में टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 : पूर्वी एशिया में बनी प्रदेश की पहचान जापान के आईची स्काई एक्सपो में 25 सितंबर 2025 से शुरू हुए टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में भी मध्य प्रदेश पर्यटन ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। यहां पैवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास, टोक्यो की मंत्री (वाणिज्य एवं आर्थिक) श्रीमती देबजानी चक्रवर्ती ने किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने किया। उनके साथ सहायक प्रबंधक श्री राकेश गोलिया और पर्यटन उद्योग के प्रमुख साझेदार श्री अतुल सिंह (एमपी इनकमिंग) भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश का पैवेलियन जापानी पर्यटकों और उद्योग प्रतिनिधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, जिसने राज्य की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधताओं को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उजागर किया। ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की वास्तविक झलक पेश करता एमपी पवेलियन दोनों मेलों में मध्य प्रदेश का पैवेलियन ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की वास्तविक झलक पेश करता रहा। इसमें राज्य की तीनों यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों—खजुराहो के मंदिरों की अद्वितीय शिल्पकला, सांची के स्तूपों की बौद्धिक शांति और भीमबेटका की प्राचीन शैलाश्रयों की ऐतिहासिक गहराई—को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच जैसे विश्वप्रसिद्ध बाघ अभयारण्यों के वन्यजीव पर्यटन ने रोमांच और संरक्षण का संदेश दिया। उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर जैसे पवित्र नगरों की झलकियों ने राज्य की आध्यात्मिक प्रवाह को दर्शाया, जबकि जनजातीय परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन की पहलों ने सतत विकास और सामुदायिक सहभागिता की दिशा में मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया। फ्रांस, यूरोप और जापान के ट्रैवल बाजार में मध्यप्रदेश की पहुंच मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इन आयोजनों के माध्यम से फ्रांस, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख बाज़ारों में टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ किया। यह पहल बोर्ड की दीर्घकालिक वैश्विक पहुंच रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक अनिवार्य गंतव्य के रूप में स्थापित करना और अनुभवात्मक, प्रामाणिक यात्राओं के प्रति आकर्षित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचना है।  

अशासकीय विद्यालयों की मान्यता नवीनीकरण की तिथि बढ़ी

भोपाल प्रदेश में शिक्षण सत्र 2025-26 में अशासकीय विद्यालयों के मान्यता नवीनीकरण की तिथि में वृद्धि की गई है। अब अशासकीय विद्यालय मान्यता नवीनीकरण के लिये विशेष विलंब शुल्क 10 हजार रूपये की राशि सहित आवेदन कर सकेंगे। मान्यता नवीनीकरण का पोर्टल 29 सितम्बर से प्रारंभ किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि 10 अक्टूबर निर्धारित की गई है। उक्त जानकारी स्कूल शिक्षा के अंतर्गत संचालित राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा दी गई है।  

मुख्यमंत्री ने किया 7 करोड़ 36 लाख रूपये की हिनौता बांध परियोजना का लोकार्पण

किसानों के लिये शुरू की भावांतर योजना राज्य सरकार के पास किसानों की बेहतरी के लिये राशि की कोई कमी नहीं विदिशा जिले के कुरवाई में दी 258 करोड़ के विकास कार्यों की सौगातें कुरवाई में आयोजित कार्यक्रम एवं रोड-शो में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब कल्याण के साथ चहुँमुखी विकास के लिये राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर बनाने और किसानों की बेहतरी के लिये राशि की कमी नहीं होने दी जायेगी। आज बदलते दौर में भारत और भारत की ताकत को दुनिया देख रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदिशा जिले के कुरवाई में शनिवार आयोजित हिनौता सिंचाई परियोजना अंतर्गत जाजपोन पुनर्वास कॉलोनी एवं विभिन्न निर्माण कार्यों के लोकार्पण- शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कुरवाई एवं विदिशा जिले के विकास के लिए 258 करोड रुपए की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 92 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत के 46 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 165 करोड रुपए की लागत के 34 कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 7 करोड़ 36 लाख रुपए की महत्वपूर्ण हिनौता बांध परियोजना भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित केन-बेतवा लिंक परियोजना के मॉडल का अवलोकन भी किया। किसानों के लिए जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा कर प्रदेश में भावांतर योजना लागू कर दी गई है। इस साल सोयाबीन की फसल की बिक्री पर 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी। किसानों को अंतर की राशि सरकार देगी, जिसका भुगतान उनके बैंक खातों में 15 दिन के अंदर कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा जिले में खराब हुई किसानों की फसलों का सर्वे कराया जाएगा। किसानों को राहत राशि, बीमा आदि का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम किसानों के लिए जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं। किसानों को सिंचाई के लिए कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। केन- बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से सिंचाई और उद्योगों को पानी मिलेगा। भाई-दूज पर बहनों को मिलेगा विशेष उपहार मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना में दीपावली के बाद भाई दूज पर लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि देगी। राज्य सरकार बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए भी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बच्चों को स्कूटी, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, साईकिल, छात्रवृत्ति सहित छात्रावास की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय भी अच्छे बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा से दोस्ती निभाकर गरीब -अमीर की मित्रता की शिक्षा दी थी। भगवान श्रीकृष्ण की जहां लीलाएं हुई उन्हें तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्वदेशी को दें प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हमें स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग करने का मंत्र दिया है, जिसे प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी कम करने से कई वस्तुएं सस्ती हुई हैं। प्रदेश में सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। किसी घायल की जान बचाने के लिए सरकार ने राहवीर योजना में 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। गंभीर रोगियों के उच्च स्तरीय उपचार के लिए प्रदेश में एयरलिफ्ट की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। प्रबुद्धजन से संवाद और हितलाभ वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय प्रबुद्धजनों से संवाद भी किया। संवाद के दौरान उन्होंने ग्राम विकास से संबंधित विषयों पर सुझाव भी लिये। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, कृषक कल्याण योजना और महिला एवं बाल विकास की योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ, मार्गदर्शिका का विमोचन और हितग्राहियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित एवं कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का विभिन्न स्टालों पर जाकर अवलोकन किया। कुरवाई प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव रोड-शो में भी शामिल हुए और नागरिकों का पुष्प वर्षा कर अभिवादन किया। स्थानीय नागरिकों ने भी पूरे उत्साह के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन सिंह पटेल, सांसद श्रीमती डॉ. लता वानखेड़े, विधायक गण श्री हरि सिंह सप्रे, श्री सूर्य प्रकाश मीणा, श्री हरि सिंह रघुवंशी, श्री उमाकांत शर्मा, श्री मुकेश टंडन सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं     नगर परिषद कुरवाई के विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ की राशि दी जाएगी।     पठारी में महाविद्यालय खोला जाएगा।     कुरवाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर 50 बिस्तर का बनाया जाएगा।     बीना रिफाइनरी के सहायक उत्पादों के लिए औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा।     कुरवाई, लटेरी और नटेरन में 50-50 बिस्तर के नए छात्रावास खोले जाएंगे।     कुरवाई और विदिशा में 10 करोड़ की लागत से जनपद पंचायत भवन बनाए जाएंगे।     सिरोंज एवं अन्य स्थानों पर 6 करोड़ की लागत से हाई स्कूल भवन बनाए जाएंगे।     लटेरी और ग्यारसपुर में 87 करोड रुपए की लागत से सांदीपनि स्कूल एवं क्रिटिकल केयर अस्पताल खोले जाएंगे।  

गौ हत्या टिप्पणी पर बवाल: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अदालत का समन

जबलपुर मध्यप्रदेश की जबलपुर जिला अदालत ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को तलब करते हुए 12 नवंबर को न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति और जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ अभद्र और भ्रामक टिप्पणी करने के मामले में आया है। जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “गौ हत्यारा” बताया था। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति के आदेशों पर सवाल खड़े किए थे और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप भी उन पर लगाया गया है। इस मामले में रिटायर्ड कर्मचारी नेता रामप्रकाश अवस्थी ने याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि शंकराचार्य ने न केवल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पर अभद्र टिप्पणी की, बल्कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ भी गलत जानकारी फैलाई। अदालत ने इस मामले में धारा 256, 399, 302 और आईटी एक्ट 66A व 71 के तहत सुनवाई करते हुए समन जारी किया है। अब 12 नवंबर को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अदालत में हाजिर होना होगा।  

HC ने उठाए सवाल: 10 साल के बच्चे को 9वीं में दाख़िला क्यों नहीं, NEP 2020 पर भी की टिप्पणी

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 10 साल के एक बच्चे को 9वीं कक्षा में दाखिला देने से इनकार करने पर सीबीएसई की कड़ी आलोचना की। कोर्ट की पीठ ने सीबीएसई से कहा कि आपकी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रतिभाशाली बच्चों के लिए नीति पर केंद्र सरकार का रुख पूछा है। कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ सीबीएसई द्वारा दायर अपील पर सुनवाई की। इसमें 10 साल के लड़के को 9वीं कक्षा में अस्थायी प्रवेश देने का निर्देश दिया गया था। बच्चे के पिता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने दावा किया था कि उनके प्रतिभाशाली बेटे ने कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई पूरी कर ली है, लेकिन सीबीएसई नियमों के तहत उम्र संबंधी प्रतिबंधों के कारण उसे कक्षा 9 में प्रवेश नहीं दिया गया। एकल पीठ ने अस्थायी प्रवेश की अनुमति तो दे दी, लेकिन सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का हवाला देते हुए इस आदेश को चुनौती दी। एनईपी 9वीं कक्षा में 10 साल के बच्चे के प्रवेश की अनुमति नहीं देता है। सीबीएसई की याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने सीबीएसई के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। पीठ ने कहा, "तो आपने प्रतिभाशाली बच्चों के बारे में नहीं सुना जो 14 साल की उम्र में एमबीबीएस डॉक्टर बन जाते हैं। आप बुद्धिमत्ता पर अंकुश लगाना चाहते हैं? आप उसे 9वीं कक्षा में नहीं चाहते?" पीठ ने उल्लेख किया कि असाधारण छात्र विश्व स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हैं। अगर ऐसे छात्रों को जल्दी पदोन्नत किया जाता है तो सरकार पर क्या प्रभाव पड़ेगा। सीबीएसई की ओर से पेश हुए वकील ने तर्क दिया कि उक्त नीतियां विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई थीं। इन नीतियों के पीछे एक उद्देश्य और तर्क था। पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में सात साल की उम्र में एक व्यक्ति सर्जन बन जाता है। फिर 12 साल की उम्र में एक भारतीय शतरंज का ग्रैंडमास्टर बन जाता है। 13 साल की उम्र में एक व्यक्ति ने एक लॉजिस्टिक कंपनी स्थापित की। पीठ ने सीबीएसई से कहा कि आपकी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने स्कूली दिनों में दोहरी पदोन्नति के उदाहरणों को भी याद किया। जब पूछा गया कि बच्चे को कब तक इंतजार करना होगा, तो सीबीएसई ने जवाब दिया कि दो साल। इस पर कोर्ट ने कहा कि दुनिया भर में प्रतिभाशाली बच्चे हैं। आप इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। कोर्ट ने नोटिस जारी कर केंद्र सरकार से पूछा है कि कृपया हमें बताएं कि आप प्रतिभाशाली बच्चों के बारे में क्या करना चाहते हैं। आप बुद्धिमत्ता पर अंकुश लगाना चाहते हैं। कोर्ट ने नोटिस का जवाब 6 अक्टूबर तक देने को कहा है।  

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इंदौर में शूर्पणखा दहन पर रोक, याचिका सोनम की मां ने दायर की थी

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर में होने वाले विजयादशमी पर शूर्पणखा के पुतला दहन पर एमपी हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. बता दें कि 2 अक्टूबर को होने वाले शूर्पणखा के पुतला दहन पर रोक लगा दी है. बता दें कि सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने एक शूर्पणखा के खिलाफ एक याचिका दायर की थी. इस पर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए शूर्पणखा के पुतला दहन पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं. इस आदेश की कॉपी शनिवार को सामने आई है.  शिलांग हनीमून हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी सहित अन्य 11 महिलाओं का दशहरे के दिन पुतला जलाने की तैयारी की जा रही थी. सोनम रघुवंशी की मां द्वारा इसके खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. अब हाईकोर्ट ने इस पुतला दहन पर रोक लगा दी है. इंदौर की 'पौरुष संस्था' द्वारा जबसे इस पुतला दहन की घोषणा की गई थी तभी से इसको लेकर विवाद शुरू हो गया था. लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई थीं. कुछ लोग जहां इसके समर्थन में थे, वहीं तमाम लोगों का इसको लेकर विरोध था. सोनम सहित 11 महिलाओं का जलाया जाना था पुतला बीते दिन पौरुष नामक संस्था द्वारा ऐलान किया गया था कि इस दशहरा पर इंदौर महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में उन महिलाओं या युवतियों की पुतला दहन किया जाएगा, जिनके ऊपर हाल में अपने पति या प्रेमी की नृशंस तरीके से हत्या का आरोप लगा है. इसमें राजा रघुवंशी की शिलांग में हत्या के आरोप में जेल में बंद सोनम रघुवंशी भी शामिल थीं. साथ ही मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड की आरोपी मुस्कान रस्तोगी सहित कुल 11 महिलाएं शामिल थीं. इस पुतला दहन को 'शूर्पणखा दहन' का नाम दिया गया था. इसमें सोनम को शूर्पणखा दिखाया जाना था. इंदौर हाईकोर्ट ने पुतला दहन कार्यक्रम पर लगाई रोक इस पुतला दहन की जानकारी लगने के बाद सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने इंदौर हाईकोर्ट में इसके खिलाफ एक याचिका दायर की थी. संगीता का कहना था कि जिन महिलाओं के पुतले जलाए जा रहे हैं अभी तक उन पर सिर्फ आरोप है. दोष सिद्ध नहीं हुआ है. साथ ही वह किसी के घर की बेटी और किसी की बहन है. ऐसे में उनका सार्वजनिक अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं मिलना चाहिए. इंदौर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस पुतला दहन कार्यक्रम पर रोक लगा दी. जस्टिस प्रणव वर्मा ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया. रघुवंशी समाज लगातार पुतला दहन का कर रहा था विरोध ऐसी जानकारी सामने आई थी कि ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी का परिवार इस शूर्पणखा दहन कार्यक्रम के समर्थन में था. इसके लिए तैयारियां भी तेजी से चल रही थीं और 11 सिरों वाला पुतला तैयार किया जा रहा था. पुतले पर सोनम सहित 11 अन्य महिलाओं के चित्र लगाए जा रहे थे. रघुवंशी समाज पहले ही दिन से इसके खिलाफ में था और लगातार विरोध कर रहा था. समाज ने इस पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर को आवेदन भी दिया था. उनका कहना था कि सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा दर्शाना न केवल गलत है, बल्कि पूरे समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है.

अक्टूबर से छात्रों के लिए आधार अभियान का दूसरा चरण शुरू, फाइनल मुकाबले के दिन से होगा आगाज़

दूसरे चरण में 26 लाख विद्यार्थियों के किये जायेंगे आधार अपडेट भोपाल  प्रदेश में 26 लाख विद्यार्थी अब तक अपने आधार में आवश्यक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं करा पाए हैं। अपडेट विद्यार्थियों के 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर अनिवार्य होता है। आधार में नवीनतम बायोमेट्रिक दर्ज होने के बाद ही विद्यालय प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को सहज रूप से मिल सकेगा। विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईएडीएआई) और स्कूल शिक्षा विभाग ने 18 अगस्त 2025 को ‘विद्यार्थी के लिए "आधार, अब विद्यालय के द्वार" अभियान प्रारंभ किया था। अभियान के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधार नामांकन एवं अपडेट शिविर लगाए गए थे। अब प्रदेश के सभी जिलों में एक अक्टूबर से इस अभियान का दूसरा चरण प्रारंभ किया जा रहा है। दूसरे चरण में उन विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है, जहाँ सबसे अधिक विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट लंबित हैं। साथ ही, ऐसे बड़े विद्यालयों का भी चयन किया गया है, जिनके आसपास अन्य विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। यूआईएडीएआई और शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के आधार का बायोमेट्रिक स्टेटस देखने के लिये यू-डाइस+ पोर्टल पर विशेष सुविधा विकसित की है। इसके माध्यम से विद्यालय आसानी से उन विद्यार्थियों की पहचान कर सकेंगे जिनका अपडेट लंबित है। अभियान के सफल संचालन के लिए 26 सितम्बर को जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रोग्रामर, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रशिक्षित किया गया। इससे पूर्व यूआईएडीएआई आधार ऑपरेटरों को भी प्रशिक्षित कर चुका है। विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यू-डाइस+ पोर्टल से लंबित विद्यार्थियों की सूची प्राप्त करें। सूची में शामिल विद्यार्थियों को पूर्व सूचना दें और शिविर के लिए रोस्टर तैयार करें। साथ ही, विद्यार्थियों को नजदीकी आधार सेवा केंद्रों में भी बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए प्रेरित करें।  

एनएसई कार्यशाला : आईपीओ अवसरों का उद्घाटन (RAMP पहल के अंतर्गत)

भोपाल विश्व बैंक समर्थित रेज़िंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) पहल के अंतर्गत आज भोपाल में “आईपीओ अवसरों का उद्घाटन” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत राज्य नोडल अधिकारी (RAMP) श्री अनिल थागले के स्वागत व उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने और उद्यमियों को पूंजी बाज़ार से जोड़ने में RAMP पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। तथा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के एमएसएमई के लिए आईपीओ और पूंजी बाज़ार से जुड़ने के अवसरों पर विशेष मार्गदर्शन दिया। ईवाई एसपीआईयू टीम ने RAMP योजना की मुख्य विशेषताओं एवं उद्देश्यों की प्रस्तुति दी। इसके बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री कृष्णन अय्यर ने एमएसएमई एक्सचेंज लिस्टिंग की प्रक्रिया और लाभों पर जागरूकता सत्र लिया। मर्चेंट बैंकर ने एमएसएमई के लिए आईपीओ यात्रा की चरणबद्ध जानकारी दी। साथ ही, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) विशेषज्ञों ने आईपीआर के पंजीकरण और सुरक्षा पर विस्तृत सत्र आयोजित किया तथा बताया कि यह व्यवसाय के मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धात्मकता में कैसे सहायक है। कार्यक्रम का समापन मध्यप्रदेश की सूचीबद्ध एमएसएमई इकाइयों को चेक वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें उनकी पूंजी बाज़ार में सफल भागीदारी का उत्सव मनाया गया। अंत में संयुक्त संचालक श्री अम्ब्रीश अधिकारी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

खूबसूरत भाभी को लेकर फरार हुई ननद, राज खुला मोबाइल चैटिंग से

जबलपुर आमतौर पर ननद-भाभी के रिश्ते में खटपट की कहानियां सुनने को मिलती हैं, लेकिन जबलपुर में सामने आए एक मामले ने सबको चौंका दिया है. यहां एक ननद अपनी ही भाभी की खूबसूरती पर फिदा हो गई और दोनों के बीच इश्क परवान चढ़ गया. हालात ऐसे बने कि ननद और भाभी अपने घर-परिवार को छोड़कर रफूचक्कर हो गईं है.  मामला अमरपाटन इलाके का है, जहां आशुतोष नाम के युवक ने करीब 7 साल पहले संध्या से लव मैरिज की थी. दोनों की शादीशुदा जिंदगी सामान्य चल रही थी और दोनों का 5 साल का बेटा भी है. इस दौरान आशुतोष अपने बच्चे की पढ़ाई के सिलसिले में पत्नी समेत जबलपुर शिफ्ट हो गया.  जबलपुर में घर पर आशुतोष की ममेरी बहन यानी पत्नी की ननद मानसी का आना-जाना लगा रहता था और ननद-भाभी में काफी बातचीत भी होती थी. कई बार दोनों साथ में बाज़ार भी जाती थीं. लेकिन ननद-भाभी का पारिवारिक रिश्ते के चलते किसी को कोई शक भी नहीं था. सब कुछ सामान्य था.  इसी बीच, अचानक 12 अगस्त को आशुतोष की पत्नी संध्या अचानक घर से लापता हो गई और अगले दिन वह जबलपुर रेलवे स्टेशन पर मिली और फिर कुछ समय तक पति और बेटे के साथ रही. लेकिन 22 अगस्त को वह अपना मोबाइल घर पर छोड़कर बाहर गई तो वापस नहीं लौटी और अब तक लापता है.  पति अपनी लापता पत्नी के लिए परेशान था लेकिन उसे कभी शक भी नहीं हुआ कि उसकी पत्नी और बहन के बीच रिश्ता महज पारिवारिक नहीं है. पत्नी के लापता होने के कुछ दिन बाद जब पति ने घर पर रखा पत्नी का फोन खंगाला तो उसमें ननद के साथ पत्नी की रोमांटिक चैटिंग मिली जिसे देखकर पति के पैरों तले जमीन खिसक गई.  एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि पीड़ित पति की ओर से जबलपुर ग्रामीण के घमापुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. क्योंकि पत्नी अपने साथ फोन नहीं ले गई है इसलिए इसकी लोकेशन ट्रेस करने में समस्या आ रही है हालांकि, कुछ तकनीकी साक्ष्य पुलिस को मिले हैं जिसके आधार पर लापता पत्नी की तलाश की जा रही है. 

मध्य प्रदेश के दमोह में 520 एकड़ में तैयार हो रहा गोवंश वन्य विहार, हजारों निराश्रित गायें रहेंगी सुरक्षित

दमोह   सड़कों पर घूमते निराश्रित मवेशियों को आश्रय (cows shelter) देने के उद्देश्य से दमोह में गोवंश वन्य विहार बनाने की तैयारी शुरु हो गई है। इसे प्रदेश का सबसे बड़ा गोवंश वन्य विहार बताया जा रहा है, क्योंकि यह 520 एकड़ में बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए विभाग ने जमीन चिन्हांकन से लेकर तमाम दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई हैं। शासन स्तर पर सभी स्वीकृतियां मिलने के बाद अब इसका टेंडर भी जारी हो चुका है। ऐसे में नए साल तक गोवंश वन्य बिहार काम शुरु हो सकता है।  520 एकड़ में बन रहा वन्य विहार दमोह में बनने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए लगातार एक साल से काम चल रहा है। जिसमें सीतानगर, कल्याणपुरा, रानगिर सहित चार गांवों से लगी करीब ५२० एकड़ जमीन चयनित हो चुकी है। पहले करीब 700 एकड़ जमीन पर इसे बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन सभी सर्वे आदि होने के बाद 520 एकड़ को ही फाइनल किया गया है। जमीन चयनित होने, अधिकारियों के सर्वेक्षण और सभी दस्तावेजों के सही होने पर शासन ने भी इसे मंजूरी दे दी थी। पशु पालन मंत्रालय, सीएम भी इस काम को हरी झंडी दे चुके हैं।  भूमि की गई चिंहित सीतानगर क्षेत्र की जिस भूमि को इसके लिए चिन्हित किया गया है। वहां सुनार नदी है। उक्त जमीन का अधिकांश हिस्सा सुनार नदी के किनारे ही होगा। इसके अलावा चरनोई के लिए आसपास बहुत जमीन है। यहां तक पहुंचने के लिए मार्ग भी है। यहां गोवंश वन्य विहार बनने पर आसपास के ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध होगा।  यह रहेगी प्रक्रिया व उम्मीद     टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी से एग्रीमेंट आदि में एक महीने का समय लग सकता है।     इसके बाद सीतानगर में प्रोजेक्ट शुरु होगा, जिसमें सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से किया जाएगा।     प्राथमिक चरणों में बाड़ा और गोवंश को रहने, खाने, पीने, विचरण आदि के स्थानों के शेड आदि बनाए जाएंगे।     क्षेत्र से पशु पालन मंत्री होने के कारण इस प्रोजेक्ट के जल्दी पूरे होने की उम्मीद है। 8 हजार से अधिक गोवंश की रहेगी क्षमता पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार गोवंश वन्य विहार में 8 हजार से अधिक गोवंश को रखने की क्षमता रहेगी। पशु पालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 8 हजार गौवंश निराश्रित है। जो सड़कों पर दिखाई देते हैं। इसे ही ध्यान में रखते हुए गोवंश वन्य विहार की जमीन का चिन्हांकन किया गया है। दावा है कि इसके बनने के बाद जिले में एक भी निराश्रित गोवंश सड़क पर नजर नहीं आएगा। (mp news) टेंडर हो चुका जारी- मंत्री गोवंश वन्य विहार की सभी कागजी कार्रवाई हो चुकी है। इसका टेंडर भी जारी हो चुका है। जल्द ही सीतानगर में गौवंश वन्य बिहार बनेगा। निराश्रित गोवंश के सड़कों पर होने के सवाल सामने आ रहे थे। इसमें 7 से 8 हजार निराश्रित गोवंश को रखा जा सकेगा।– लखन पटेल, मंत्री पशु पालन विभाग