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मनरेगा भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित

मनरेगा भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित मनरेगा मजदूरी के समय पर भुगतान के लिये अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण भोपाल महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत त्वरित भुगतान प्रणाली पर जिला एवं जनपदों पंचायतों में कार्यरत समस्त लेखाधिकारी एवं सहायक लेखाधिकारियों का एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विकास भवन के सभागार में मंगलवार को हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मनरेगा आयुक्त  अवि प्रसाद ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को SNA-SPARSH के साथ ही मनरेगा के सारे तकनीकी पहलुओं को सीखने के सुझाव देते हुए भुगतान में पारदर्शिता अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करती है। जिससे फंड के उपयोग पर नजर रखी जा सके। प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञों/मास्टर ट्रेनर्स द्वारा "SNA SPARSH" के विभिन्न तकनीकी पहलुओं एवं बारीकियों पर प्रशिक्षणार्थियों को गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि SNA SPARSH एक डिजिटल प्रणाली है जो केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों में संचालित की जा रही है, जिसमें मनरेगा समेत कई केंद्रीय योजनाओं के तहत फंड ट्रांसफर किया जाता है। यह प्रणाली फंड के दुरुपयोग को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है। SNA स्पर्श के माध्यम से फंड सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर किया जाता है, जिससे फंड के दुरुपयोग की संभावना कम होती है। SNA SPARSH प्रणाली फंड को आवश्यकतानुसार रिलीज करने में मदद करता है, जिससे फंड के अनावश्यक रूप से खातों में पड़े रहने की समस्या का समाधान होता है।  

मंत्री शुक्ला का ऐलान: नॉलेज पार्टनरशिप के नए अवसरों की होगी खोज

सिंगापुर के काउंसलेट्स ने नवकरणीय ऊर्जा मंत्री से की भेंट भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि सिंगापुर से नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नॉलेज पार्टनरशिप की संभावनाओं को गंभीरतापूर्वक तलाशा जायेगा। उन्होंने यह बात सिंगापुर के काउंसलेट्स से मंत्रालय में हुई मुलाकात में कही। ऊर्जा विकास निगम के एमडी  अमनबीर सिंह बैंस ने मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन की वर्तमान स्थिति से मंत्रालय में सिंगापुर के प्रतिनिधि मण्डल को अवगत कराया। प्रतिनिधि मण्डल में काउंसल जनरल  मिंग फुंग चेंग, पॉलिटिकल काउंसल  जेरोम वोंग ली वाई और रिसर्च एण्ड इन्फार्मेशन एनॉलिस्ट सु रिद्धि कोठावले शामिल थीं। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  शुक्ला ने सिंगापुर के प्रतिनिधि मण्डल के साथ हुई बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश और सिंगापुर के परस्पर संभावित सहयोग पर चर्चा हुई। मध्यप्रदेश में संभावित निवेश पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में तकनीकी सहयोग को साझा करने और आपसी संबंधों को बेहतर और सुदृढ़ करने का विश्वास व्यक्त किया गया।  

मुख्यमंत्री की एक और घोषणा पर अमल, 6.69 लाख धान उत्पादक किसान होंगे लाभान्वित

बालाघाट के कटंगी में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के धान उपार्जित करने वाले किसानों को बालाघाट जिले के तहसील मुख्यालय कटंगी से बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जित करने वाले किसानों के लिये प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपये बोनस देने की घोषणा की गई थी। इस घोषणा को अमल में लाने के लिये बालाघाट जिले के तहसील मुख्यालय कटंगी में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को बोनस वितरण के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम आज होगा। कृषि उपज मंडी प्रांगण में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले 6 लाख 69 हजार धान उत्पादक किसानों को 337 करोड़ 12 लाख रुपये की बोनस राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से उनके खातों में अंतरित करेंगे। 4315 युवाओं को प्रदान किए जाएंगे नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 4315 युवाओं को नियुक्ति-पत्र प्रदान करेंगे और बालाघाट जिले में 244 करोड़ रुपये की लागत के 75 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान-बंधु सहित युवा शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय करने वाले किसानों को 04 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अधिकतम 10 हजार रूपये बोनस देने की घोषणा की थी। बोनस राशि से बालाघाट जिले के एक लाख से अधिक किसान लाभांवित होंगें।  

चौंकाने वाली खबर: MP Police भर्ती में अब हिंदी-अंग्रेजी परीक्षा नहीं होगी!

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ESB) गृह विभाग के लिए सूबेदार शीघ्रलेखक (स्टेनोग्राफर) और सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) के 500 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित कर रहा है। इस तरह की भर्ती आठ साल बाद होने जा रही है। इस परीक्षा के लिए ईएसबी ने नियमावली जारी कर दी है। उसके मुताबिक इन पदों पर चयन के लिए सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति और गणितीय दक्षता तो जांची जाएगी, लेकिन हिंदी या अंग्रेजी भाषा की दक्षता जांच के लिए कोई परीक्षा नहीं होगी।   नियमावली के मुताबिक, यह भर्ती परीक्षा दो चरणों में होगी। पहले चरण में 100 अंकों की लिखित परीक्षा होगी, जिसमें सामान्य ज्ञान, बौद्धिक क्षमता व गणित-विज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रविधान नहीं है। सूबेदार और एएसआई की परीक्षा में 40 अंक सामान्य और तार्किक ज्ञान के रहेंगे, 30 अंक बौद्धिक क्षमता और मानसिक अभिरुचि के होंगे, जबकि 30 अंक विज्ञान एवं सरल अंक गणित के होंगे। वहीं, परीक्षा के दूसरे चरण में दस्तावेज सत्यापन व प्रायोगिक परीक्षा (टंकण/आशुलिपि) ली जाएगी। पहली बार शीघ्रलेखक पद के लिए पहली परीक्षा व शार्टहैंड टाइपिंग प्रायोगिक परीक्षा के अंक को मिलाकर अंतिम सूची बनेगी। दोनों परीक्षा के लिए 100-100 अंक तय किए हैं। पिछली बार जो परीक्षा हुई थी, उसमें टंकण/आशुलिपि दक्षता परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी। उसमें न्यूनतम अंक पाने वाले को दक्ष मानकर लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर मेरीट बन गया था। बताया गया है कि पहले चरण की लिखित परीक्षा के कटआफ के सात गुना अभ्यर्थियों को प्रायोगिक परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। परीक्षा में कट ऑफ के बराबर पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को दूसरे चरण के लिए बुलाया जाएगा, भले ही कुल संख्या विज्ञापित रिक्तियों की सात गुना से अधिक हो। 3 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए आवेदन तीन अक्टूबर से शुरू होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है। वहीं, पहले चरण की लिखित परीक्षा 10 दिसंबर से शुरू होगी। इस भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है। आवेदक के पास कंप्यूटर दक्षता प्रमाणपत्र (सीपीसीटी) होना अनिवार्य है। 500 पदों पर होगी भर्ती इस परीक्षा के जरिए गृह विभाग के कुल 500 पदों पर भर्ती होनी है। सूबेदार शीघ्रलेखक की सामान्य शाखा में 90 पद, वहीं विशेष शाखा में 10 पदों पर भर्ती होगी। वहीं सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) की सामान्य शाखा में 110 पद, मैदानी इकाई में 220 पद, विशेष शाखा में 55 पद व अपराध अनुसंधान विभाग में 15 पद पर भर्ती होनी है। साकेत मालवीय (डायरेक्टर, ईएसबी) के मुताबिक, पुलिस विभाग में रिक्त पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। प्रश्नपत्रों का पैटर्न विभाग ने तैयार कर दिया है। मंडल की जिम्मेदारी परीक्षा आयोजित कराने की है। इस बार प्रायोगिक परीक्षा के लिए भी अंक होंगे।

यात्रियों के लिए खुशखबरी! नवरात्रि पर रेलवे ट्रेन में परोसेगा शुद्ध फलाहारी खाना

ग्वालियर नवरात्र के दौरान उपवास रखकर ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों की सुविधा के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (IRCTC) ने फलाहारी मैन्यू की शुरुआत की है। रेलवे ने यात्रियों के लिए सात्विक भोजन और फलाहारी भोजन की सुविधा शुरू कर दी है। ऐप से बुक कर सकेंगे खाना सात्विक आहार के मैन्यू में साबूदाने से लेकर सेंधा नमक जैसी चीजें शामिल की हैं। जीरा आलू, आलू की टिक्की, साबूदाना की खिचड़ी, साबूदाना बड़ा, मलाई बर्फी, लस्सी, सूखे मखाने, व्रत में खाई जाने वाली सब्जियां, मूंगफली नमकीन और सादा दही को शामिल किया गया है।   इसके लिए IRCTC की ई-कैटरिंग वेबसाइट या ऐप पर बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यहां ऑनलाइन पेमेंट या पे ऑन डिलीवरी दोनों ही विकल्प हैं। ऑर्डर करने पर संबंधित स्टेशन पर यात्री को अपनी बर्थ पर ही खाना मिल जाएगा। इन सात्विक थालियों की कीमत 100 से 200 रुपये के बीच है। वंदे भारत एक्सप्रेस में अब मिलेगी एक लीटर रेल नीर की बोतल भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से ग्वालियर होते हुए हजरत निजामुद्दीन जाने वाली वंदे भारत, खजुराहो वंदे भारत सहित अब सभी वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों को फिर से एक लीटर रेल नीर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पहले ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को 500 मिली रेल नीर की बोतल दी जाती थी। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी किए हैं कि यात्रियों को एक लीटर रेल नीर की बोतल उपलब्ध कराई जाए। IRCTC के मुख्य क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सिन्हा ने बताया कि रेलवे बोर्ड से सर्कुलर जारी किया गया है।

भोपाल की छात्राओं की आंखों पर खतरा! AIIMS जांच में 22% में पाई गई बीमारी

भोपाल एम्स भोपाल द्वारा आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर में भोपाल की स्कूली बालिकाओं में आंखों की बीमारी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कक्षा 8वीं से 12वीं तक की 22% बालिकाओं में आंखों की विभिन्न बीमारियां पाई गई हैं। दरअसल एम्स ने 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' के अंतर्गत शासकीय आदर्श आवासीय कन्या संस्कृत विद्यालय, गार्गी, भोपाल में नेत्र स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया। इस शिविर में 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग की 100 छात्राओं की जांच की गई, जिसमें 18% छात्राओं में आंखों की समस्याएं पाई गईं। आंखों की समस्याएं रिफ्रेक्टिव एरर: 17 छात्राओं में रिफ्रेक्टिव एरर पाया गया, जिसमें मायोपिया (निकट दृष्टि दोष), हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) और एस्टिग्मेटिज्म (अनियमित दृष्टि) शामिल हैं। एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस: 2 छात्राओं में एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस पाया गया, जो आंखों की एलर्जी के कारण होता है। एब्लियोपिया: 2 छात्राओं में एब्लियोपिया पाया गया, जो एक आंख की दृष्टि कमजोर होने के कारण होता है। नाइट ब्लाइंडनेस: 1 छात्रा में नाइट ब्लाइंडनेस पाया गया, जो विटामिन ए की कमी के कारण होता है। आंखों की समस्याओं के मुख्य कारण 1- स्क्रीन टाइम: बढ़ता स्क्रीन टाइम और डिजिटल डिवाइसों का उपयोग आंखों की समस्याओं का एक मुख्य कारण है। 2- अपर्याप्त प्रकाश: अपर्याप्त प्रकाश में पढ़ाई या काम करने से आंखों पर दबाव पड़ता है। 3- पोषण की कमी: विटामिन ए और अन्य पोषक तत्वों की कमी से आंखों की समस्याएं हो सकती हैं। 4- आनुवंशिक कारक: कुछ आंखों की समस्याएं आनुवंशिक हो सकती हैं। 34 छात्राओं ने नेत्रदान की ली शपथ इस कैंप के दौरान केवल स्क्रीनिंग ही नहीं हुई, बल्कि जागरूकता भी फैलाई गई। 34 छात्राओं ने नेत्र दान फॉर्म भी भरा। नेत्र स्वास्थ्य पर जूनियर रेजिडेंट डॉ. सौरभि ने मौजूद स्टूडेंट्स को जानकारी दी। उनके साथ सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महेश मीणा ने आंख दान पर व्याख्यान दिया। ऑप्टोमेट्रिस्ट टीम ने व्यक्तिगत और मासिक धर्म स्वच्छता पर भी छात्राओं को जागरूक किया। जिससे ना केवल नेत्र बल्कि संपूर्ण स्वास्थ के प्रति छात्राओं को जागरूक किया जा सके। आंखों के लिए सावधानी  – हर 20 मिनट पर स्क्रीन से ब्रेक लें। – 20-20-20 रूल: हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकेंड देखें। – रोज कम से कम 1 घंटे आउटडोर खेलकूद जरूरी। – संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, दूध और फल शामिल करें। – आंखों में जलन या धुंधलापन हो तो तुरंत जांच कराएं। 

मध्यप्रदेश को एक और सोने की सौगात: कटनी में जल्द शुरू होगा खनन, इमलिया गोल्ड ब्लॉक तैयार

कटनी   मध्य प्रदेश की धरती बहूमूल्य खनिज तत्वों से भरी पड़ी है. पन्ना में हीरे की खदानें कई सालों से चल रही हैं. पन्ना से सटे छतरपुर जिले में बहुतायत मात्रा में हीरे के भंडार मिले हैं. अब मध्य प्रदेश में सोने के भंडार भी लगातार मिल रहे हैं. हाल ही में सिंगरौली में सोने का खनन करने के लिए सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. अब कटनी में सोने का भंडार मिला है. सिंगरौली के साथ ही कटनी में सोने के खनन का काम शुरू किया जा रहा है. मुंबई की कंपनी से कटनी प्रशासन का एमओयू कटनी जिले के स्‍लीमनाबाद क्षेत्र में इमलिया गोल्‍ड ब्‍लॉक की माइनिंग से जल्‍दी ही स्‍वर्ण खनन का कार्य शुरू हो जाएगा. इसके लिए  शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन कलेक्‍टर आशीष तिवारी और मुंबई की खनिज पट्टा धारक कंपनी प्रोस्‍पेक्‍ट रिसोर्स मिनरल्‍स कंपनी के डायरेक्‍टर अविनाश लांडगे के बीच गोल्‍ड ब्‍लॉक की माइनिंग लीज का एग्रीमेंट हुआ. निजी कंपनी को 50 साल के लिए खदान लीज पर कटनी कलेक्‍टर आशीष तिवारी ने बताया "ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्‍यम से मुंबई की प्रोस्‍पेक्‍ट रिसोर्स मिनरल्‍स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 50 वर्ष की अवधि के लिए स्‍लीमनाबाद क्षेत्र के ग्राम इमलिया में 6.510 हेक्टेयर क्षेत्र का पट्टा दिया गया है. सोने की खदान शुरू होने से जहां राज्य सरकार का खजाना भरेगा तो वहीं, कटनी जिले में रोजगार की भी संभावना बढ़ गई है." सोने की खदान शुरू होने से कटनी के युवाओं में खुशी की लहर है. कटनी में 14 लाख टन मिनरल्स मिलने की उम्मीद कटनी जिले के खनिज विभाग के उपसंचालक रत्‍नेश दीक्षित ने बताया "कटनी जिले में नये खनिज स्त्रोतों के रूप में स्‍वर्ण (सोना) की खदान में सोने के साथ-साथ बेसमेटल, चांदी, जिंक, लेड (सीसा) और कॉपर भी निकलेगा. जल्‍दी ही कंपनी इमलिया से सोना निकालने के लिये यहां अपना पूरा मशीनरी सिस्‍टम लगाएगी. भू-गर्भशास्त्रियों के प्राथमिक रिपोर्ट में इमलिया गोल्‍ड माइन में करीब 14 लाख टन मिनरल मिलना संभावित है." कटनी जिले में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर कटनी जिले के स्‍लीमनाबाद के इमलिया गोल्‍ड माइंस से उत्‍खनन कार्य शुरू होने के बाद यहां बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बनंगे. सरकार को भी राजस्‍व से खासी आय प्राप्ति होगी. इससे जिले और समूचे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी. अभी तक केवल कर्नाटक से ही गोल्‍ड की माइनिंग हो रही थी. लेकिन अब मध्‍यप्रदेश के सिंगरौली व कटनी जिले में भी सोने का खनन शुरू होने जा रहा है. कटनी जिले में चूना, बॉक्साइट, लाइमस्‍टोन व क्रिटिकल मिनरल्‍स बहुतायत में उपलब्‍ध है. सिंगरौली जिले में भी सोने का खनन शुरू सिंगरौली जिले में भी चकरिया गोल्ड ब्लॉक के स्वर्ण खनन पर काम शुरू हो गया है. इससे उत्साहित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा ''मध्य प्रदेश के खनन क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है और प्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.'' सिंगरौली में सोने के भंडार के खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चकरिया गोल्ड ब्लॉक का ई-नीलामी के जरिए प्रक्रिया को पूरा किया जा चुका है. चकरिया गोल्ड ब्लॉक में 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है. यहां 1 लाख 33 हजार 785 टन सोने के भंडार का अनुमान लगाया गया है. 

मध्यप्रदेश के प्राइवेट स्कूलों का बड़ा फैसला: RTE के तहत पढ़ रहे 10 हजार बच्चों की पढ़ाई 1 अक्टूबर से बंद

भोपाल   मध्यप्रदेशके प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत दर्ज बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। प्राइवेट स्कूलों ने आरटीई के तहत दर्ज बच्चों को न पढ़ाने राज्य शिक्षा केन्द्र को अल्टीमेटम दिया है। फीस विवाद इसका कारण बना है। निजी स्कूल संचालकों ने कहा कि 30 सितंबर तक विभाग फीस चुकाए। तीन साल की फीस बकाया है। भोपाल शहर में करीब 12 सौं निजी स्कूलों में करीब 10 हजार बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश हुआ है। एसोसिएशन ने कहा कि फीस न मिली तो बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ होंगे। ये है पूरा मामला निजी स्कूल एसोसिएशन के अजीत सिंह के मुताबिक प्राइवेट स्कूलों में सरकार ने आरटीई के तहत बच्चों का दाखिला(RTE School Admission) कराया गया है। प्रदेश में हर साल एक से ज्यादा एडमिशन कराए जा रहे है। इन बच्चों की फीस सरकार देती है। लेकिन करीब तीन साल हो गए। प्रदेश के अधिकांश स्कलों में आरटीई के दाखिलों की फीस की प्रतिपूर्ति नहीं की गई है। स्कूल संचालकों ने कहा त्योहारी सीजन, शिक्षकों का वेतन फीस के भरोसे स्कूल एसोसिएशन के मुताबिक प्राइवेट स्कूल में शिक्षको का वेतन फीस के भरोसे है। प्रतिपूर्ति न होने से त्योहारी सीजन में परेशानी होगी। स्कूलों को आर्थिक परेशानी आ रही है। एसोसिएशन के मुताबिक स्कूल इससे पहले भी फीस की मांग कर चुके है। राज्य शिक्षा केन्द्र को ज्ञापन दिए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। एक नजर में     शहर में 1200 निजी स्कूल     आइटीई में 10000 बच्चों का हुआ प्रवेश।     तीन साल से फीस की नहीं हुई प्रतिपूर्ति।     (एसोसिएशन के मुताबिक) 3 साल की फीस बकाया तीन साल की फीस बकाया है। स्कूलों की आर्थिक स्थिति खराब है। तीस सितंबर तक फीस की प्रतिपूर्ति नहीं हुई तो आरटीई के तहत दर्ज(RTE School Admission) बच्चों को प्राइवेट स्कूल पढ़ाने में असमर्थ रहेंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र को इसका पत्र दे चुके हैं। – अजीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

साइबर क्राइम पर लगाम लगाने मैदान में उतरेंगे 500 कमांडो, IIT इंदौर में होगी खास ट्रेनिंग

 इंदौर  दुनिया में हर साल 1.5 ट्रिलियन डॉलर की साइबर ठगी हो रही है। भारत 10 वें नंबर पर है। 5 साल में अपराध 238 प्रतिशत बढ़े हैं। सेंटर फॉर साइबर क्राइम ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर, बेंगलूरु के बनाए साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन मैन्युअल के अनुसार, 2029 तक ठगी 15.63 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। ऐसे में केंद्र सरकार साइबर कमांडो तैयार कर रही है। राज्य सरकार ने भी टीम तैयार करनी शुरू कर दी है। 2028 तक ऐसे 500 कमांडो तैनात किए जाएंगे। इसके लिए आइआइटी इंदौर में 1-2 माह में कोर्स शुरू किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान साइबर क्राइम रोकने ये कमांडो तैनात होंगे। मध्यप्रदेश को मिले पांच हाल ही में साइबर सेल के वरिष्ठ अफसरों व एसपी की सेंटर फॉर साइबर क्राइम ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर बेंगलूरु में ट्रेनिंग हुई। सरकार तकनीकी पढ़ाई करने वाले एसआइ व वरिष्ठ अफसरों को ट्रेनिंग दिला रही है। ऐसे 5 हजार कमांडो तैयार करने की योजना है। आइआइटी कानपुर, धनबाद, मद्रास, रुड़की में कोर्स शुरू हो गया है। देश में 50 कमांडो तैयार हुए हैं। पांच मध्यप्रदेश को मिले हैं। 2 करोड़ में एक बैच -प्रस्ताव के अनुसार आइआइटी इंदौर में कमांडो की ट्रेनिंग होगी। -एक बैच में 50 कमांडो तैयार किए जाएंगे। -इस पर करीब दो करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। अन्य आइटी यूनिवर्सिटी में भी ट्रेनिंग होगी। साइबर अपराध: दुनिया में भारत 10 वें नंबर पर     रूस     यूक्रेन     चीन     यूनाइटेड स्टेट्स     नाइजीरिया     रोमानिया     नॉर्थ कोरिया     यूनाइटेड किंगडम     ब्राजील     भारत (स्रोत: साइबर क्राइम इंडेक्स) साइबर अपराधों से लड़ने के लिए आइआइटी इंदौर में साइबर कमांडो तैयार किए जाएंगे। सरकार को प्रस्ताव भेजा है। अनुमति मिलते ही ट्रेनिंग शुरू करेंगे। सिंहस्थ के पहले सभी जिलों में साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। – ए. साईं मनोहर, एडीजी, साइबर सेल

मध्यप्रदेश बना ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संपदा 2 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने के लिए मंत्रीगण ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भारत सरकार द्वारा संपदा 2 के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार 2025 से सम्मानित करने पर उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी अभिवादन किया। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा सहित सभी मंत्रीगण ने बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक में पहले अपने संबोधन में कहा कि संपदा-2 से पेपरलेस-फेसलेस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी बना है। मध्यप्रदेश, ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। यह प्रणाली नागरिकों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल पंजीयन की सुविधा देती है। मध्यप्रदेश ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत अस्पतालों में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा जिलों के सभी अस्पतालों में साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्राप्त होगी बिजली मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा पखवाड़ा में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश को महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। मुरैना में पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के माध्यम से 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली प्राप्त होगी। ई-रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया से प्राप्त यह प्रति यूनिट दर, देश में न्यूनतम है। मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर के चार अवार्ड मिलने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर के चार अवार्ड मिलने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म के नवाचार किडजानिया एक्सपीरियंस सेंटर को मेडैक्स गोल्ड अवार्ड प्राप्त हुआ है। यह अवार्ड बेस्ट एक्सपीरियंशियल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में मिला है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को दो प्रतिष्ठित अवार्ड क्रमशः बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवार्ड और गोल्डन बैनयन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा का पीएम मित्रा पार्क की सौगात के लिए माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई पीएम मित्रा पार्क की सौगात के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पार्क लगभग 2158 एकड़ में विकसित होगा और यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस पार्क के लिए देश की अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों ने 23 हजार 146 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे और कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को लाभ होगा। नवरात्रि के पहले दिन से आरंभ हुआ जीएसटी बचत उत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा सशक्त नारी सशक्त परिवार और पोषण अभियान का आरंभ भैसोला धार से किया गया, यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भैसोला धार से आदि सेवा पर्व प्रारंभ करने, एक बगिया मां के नाम अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में जागरूकता के लिए सुमन सखी चैटबॉक्स की लॉन्चिंग, एक करोड़वें सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं कॉउंसलिंग कार्ड के वितरण, 15 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की 400 करोड़ रुपए राशि से अधिक के अंतरण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि के प्रथम दिवस से जीएसटी सुधार लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे देश के सभी वर्गों को लाभ होगा, यह देश का जीएसटी बचत उत्सव है।