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वंचित और गरीबों के लिए मददगार बनें, राज्यपाल पटेल ने दी प्रेरक सलाह

अपने अनुभव और प्रयासों से वंचित और गरीबों की मदद करें : राज्यपाल पटेल राज्यपाल से केन्द्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की भेंट भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत अधिकारी अपने अनुभव को जनकल्याण के कार्यों में लगाए। हमेशा प्रयास करें कि आमजन की समस्याएं दूर हो। उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिले। ग़रीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद ही सच्ची जनसेवा है। यह पुण्य का काम है। राज्यपाल पटेल सचिवालय प्रशिक्षण तथा प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित 89वें ई-मिड-कैरियर प्रशिक्षण के तहत केंद्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, वरिष्ठ अवर सचिवों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के वेंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र से ही विकसित भारत का निर्माण होगा। हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार की अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुँच रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा जैसे विशेष कार्यक्रमों से जनजाति कल्याण की दिशा में अभूतपूर्व कार्यों हो रहे हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनकल्याणकारी राज्य के लिए सचिवालयीन अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका विशिष्ट होती है। सरकारी नौकरी व्यवसाय मात्र नहीं है, वंचितों के जीवन में खुशहाली लाकर समाज और देश का सुखद भविष्य बनाने की प्रतिबद्ध सेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि आप जब भी दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में जाए तो ग़रीब, वंचित और ज़रूरतमंदों की समस्याओं को देखे, समझे और आत्मीयता से सुने। सरकारी धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें और इसके ख़र्च में मितव्ययिता का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारी समय-समय पर विकास कार्यों की प्रभावी मॉनीटरिंग भी सुनिश्चित करें। राज्यपाल पटेल का संयुक्त निदेशक और कोर्स डॉयरेक्टर दीपक कुमार बिष्ट ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। बिष्ट ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से सुनील कुमार ने प्रशिक्षण अनुभवों को साझा किया। विनोद बिहारी सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।  

इंदौर के MY अस्पताल में चूहों का कहर, दूसरे नवजात की भी हुई मृत्यु

इंदौर  इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल के NICU में चूहों के काटने से दोनों बच्‍चो की मौत हो गई है. ये दोनों बच्‍चे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे. अब इस पूरे मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. MY हॉस्पिटल में हुई नवजात बच्ची की मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल को नोटिस भेजा है. नोटिस भेज कर MY हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट और महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन से इस पूरे मामले को लेकर जवाब मांगा है. राज्य मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल प्रबंधन से साफ पूछा कि आखिर नवजात बच्चे की मौत कैसे हुई? बच्चों को चूहों ने कैसे कुतरा? इस गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार कौन-कौन है? चूहे पीडियाट्रिक सर्जिकल वार्ड (NICU) तक कैसे पहुंच गए? 3 दिन के नवजात बच्चे की मौत रैट बाइट का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. 3 दिन के नवजात बच्ची की मौत पर मानवाधिकार भी सख्त है. अब अस्पताल प्रबंधन को इस पूरे मामले को लेकर 1 महीने में अपना जवाब देना होगा. सुरक्षा पर उठे सवाल अस्पताल सूत्रों की मानें तो NICU में लंबे समय से चूहे घूम रहे थे, लेकिन किसी ने रोकथाम नहीं की. रविवार को एक नवजात के हाथ पर चोट आई और सोमवार को दूसरी घटना हुई. दोनों मामलों के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने फौरन पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा के लिए कदम उठाए. मेडिकल कॉलेज के डीन ने मामले में ड्यूटी पर तैनात नर्स को निलंबित कर दिया. इसके साथ ही HOD और एमवाय अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. नर्सिंग अधीक्षक को भी हटाया गया है और पांच डॉक्टरों की टीम मामले की जांच करेगी. अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि मरीजों के परिजन वार्ड में खाने-पीने का सामान ले आते हैं, जिससे चूहों की संख्या बढ़ रही है. उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले लगभग पांच सालों में अस्पताल में कोई बड़ा पेस्ट कंट्रोल नहीं हुआ था. इस मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डीन को नोटिस दिया है। मामला सामने ने पर दो नर्सिंग अधिकारियों ने डीन ने निलंबित कर दिया था। इससे नर्सिंग स्टाॅफ में नाराजगी है। उनका कहना है कि अस्पताल में ठीक से सफाई न होने से चूहे अस्पताल में घूमते है। चूहों की संख्या पर नियंत्रण करने के लिए पेस्ट कंट्रोल कंपनी का स्टाॅफ भी तैनात रहता है। यदि वह ठीक से काम करें तो चूहे अस्पताल में नजर नहीं आएंगे। परिसर में बना रखे है चूहों ने बिल एमवाय अस्पताल के परिसर में चूहों के सैकड़ों बिल है। कई चूहे तो आधा एक किलो के है। वे अस्पताल के वार्डों में नहीं बल्कि आईसीयू, एनआईसीयू में भी नजर आते है। कई बार वायर भी काट देते है। उधर एमवाय अस्पताल में नवजातों को चूहों के कुतरने के मामले में मानव अधिकार आयोग ने अस्पताल अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए है। उन्हें जल्दी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। उधर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना पर कहा है कि अस्पताल में चूहों के मानव अंगों को कुतरने का मामला नया नहीं है। कई बार घटनाएं छुपाई जाती है। भाजपा के 22 साल का असली चेहरा इस तरह की घटनाएं है। प्लेग के समय चलाया था अभियान 30 साल पहले सूरत में प्लेग फैलने के मामला सामने आया था तो इंदौर के एमवाय अस्पताल को भी चूहों से मुक्त करने का अभियान चलाया गया था। पेस्ट कंट्रोल कंपनियों ने हजारों की संख्या में चूहों का सफाया किया था, लेकिन अब फिर चूहों की बढ़ती संख्या परेशानी की वजह बन गई है।

शाही खानदानों का झगड़ा सुलझा, कात्यायनी को तलाक में मिलेंगे 2.25 करोड़ रुपए

ग्वालियर  2019 में शुरु हुआ सिंधिया राजघराने की कात्यायनी आंग्रे और इंदौर राजघराने के अर्जुन काक का विवाद अब खत्म हो गया है। 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। अर्जुन, कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देंगे और आंग्रे परिवार से मिले सारे गिफ्ट वापस करेंगे। यह झगड़ा 7 साल पहले शुरू हुआ था, जब अर्जुन ने कात्यायनी और उनके परिवार पर फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद कात्यायनी ने दहेज के लिए परेशान करने का मामला दर्ज कराया था। कौन हैं कात्यायनी और अर्जुन कात्यायनी आंग्रे, ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के सरदार आंग्रे की पोती हैं। अर्जुन काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अर्जुन काक को 30 नवंबर 2025 तक कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया गया है। अर्जुन ने 25 अगस्त को 1 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट दे दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अर्जुन, आंग्रे परिवार से मिले सभी गिफ्ट वापस करेंगे। लेकिन अर्जुन की ओर से दिए गए गिफ्ट कात्यायनी के पास ही रहेंगे। इसके बाद दोनों का कोई संबंध नहीं रहेगा। 2018 में हुई थी शादी कात्यायनी और अर्जुन की शादी 2018 में हुई थी। अर्जुन के पिता अनिल काक रिटायर्ड कर्नल हैं। उनकी मां मंगेश काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। इसलिए यह शादी बहुत खास मानी जा रही थी। शादी 18 अप्रैल 2018 को ऋषिकेश, उत्तराखंड में हुई थी। 2019 में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायत अर्जुन काक ने 2019 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कात्यायनी और उनके परिवार पर फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया था। अर्जुन ने हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की थी। उन्होंने ग्वालियर नगर निगम द्वारा जारी शादी के सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने माना कि सर्टिफिकेट गलत तरीके से जारी किया गया था। इसलिए कोर्ट ने सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया। 2021 में कात्यायनी ने दर्ज कराया केस 2021 में कात्यायनी ने दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्जुन और उसके परिवार वाले रॉल्स रॉयस कार और मुंबई में फ्लैट मांग रहे थे। हाई कोर्ट ने कहा कि कात्यायनी शादी के कुछ महीने बाद ही तलाक मांग रही हैं। 2021 में दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा रही हैं। ऐसा लगता है कि अर्जुन द्वारा दर्ज कराई गई FIR का जवाब देने के लिए दहेज का मामला दर्ज कराया गया है। 2023 में भी की गई थी मामला सुलझाने की कोशिश अगस्त 2023 में भी इस मामले को सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं रही। कोर्ट ने कहा था कि कात्यायनी और अर्जुन के बीच विवाद को सुलझाने के रास्ते खत्म हो गए हैं। हाई कोर्ट ने मध्यस्थता का मौका खत्म करते हुए मामले को सक्षम बेंच में भेजने का आदेश दिया था। मध्यस्थता के दौरान अर्जुन हर महीने 1.5 लाख रुपये देने को तैयार थे। लेकिन कात्यायनी ने 36 करोड़ रुपये और संपत्ति में हिस्सा मांगा था। इसलिए सुलह नहीं हो पाई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दीं डोल ग्यारस पर्व की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को मोक्षदायिनी जलझूलनी एकादशी (डोल ग्यारस) पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीहरि विष्णु से प्रदेश के कल्याण एवं लोकमंगल के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीहरि सभी पर अनवरत सुख-समृद्धि की वर्षा करते रहें और जीवन में आरोग्यता प्रदान करें, यही मंगलकामना है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आध्यात्मिक गुरु श्री जग्गी वासुदेव को दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ईशा फाउंडेशन के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु श्री सद्गुरु जग्गी वासुदेव को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवाधिदेव महादेव से जग्गी वासुदेव के उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'पद्म विभूषण' से सम्मानित श्री जग्गी वासुदेव का दिव्य मार्गदर्शन समाज को आध्यात्मिक जागृति, सेवा और समरसता की प्रेरणा देता है।  

जिला प्रशासन, उर्वरक उपलब्धता और वितरण के संबंध में किसान संगठनों से निरंतर सम्पर्क और संवाद बनाए रखें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिलों में उर्वरक वितरण में अव्यवस्था के लिए कलेक्टर होगें उत्तरदायी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिला प्रशासन, उर्वरक उपलब्धता और वितरण के संबंध में किसान संगठनों से निरंतर सम्पर्क और संवाद बनाए रखें उर्वरक वितरण व्यवस्था की हो सघन मॉनीटरिंग और अनुचित गतिविधियों पर करें कठोर कार्यवाही अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत के लिए हो तत्काल कार्यवाही जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए राज्य शासन हर स्थिति में किसानों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की अतिवृष्टि तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिलों में उर्वरक वितरण के संबंध में जिला प्रशासन आवश्यक व्यवस्था बनाए। उपलब्ध उर्वरक की उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद और संपर्क में रहे। उर्वरक वितरण की व्यवस्था में किसान संगठन के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए। जिलों में यदि उर्वरक वितरण को लेकर अव्यवस्था होती है तो उसके लिए जिला कलेक्टर उत्तरदायी होंगे। राज्य सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण की स्थिति की बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित थे। सभी जिले के कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारी वर्चुअली जुड़े। किसानों को जिले में उपलब्ध उर्वरक की वास्तविक स्थिति से निरंतर करावाये अवगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में उर्वरक उपलब्धता की सघन समीक्षा की जाए। साथ ही जिले में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक की जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा करें, इससे किसानों को जिले में उर्वरक उपलब्धता की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन डबल लॉक, पैक्स और निजी विक्रय केंद्रों का आकस्मिक सत्यापन और उनकी मॉनिटरिंग अनिवार्य रूप से करें। अतिरिक्त विक्रय केन्द्र की आवश्यकता होने पर उनका संचालन तत्काल आरंभ किया जाए। कृषि, सहकारी बैंक, विपणन संघ के अधिकारी निरंतर सम्पर्क में रहें। उर्वरक से संबंधित अवैध गतिविधियों के लिए हुईं 53 एफ.आई.आर और 88 लायसेंस किए निरस्त बैठक में खरीफ 2025 के लिए यूरिया, डी.ए.पी, एन.पी.के, एस.एस.पी, एम.ओ.पी तथा डी.ए.पी + एन.पी.के की उपलब्धता, ट्रांजिट की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही नेनो एवं जैविक उर्वरक वितरण कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक आदि से संबंधित प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए 53 एफ.आई.आर दर्ज की गई और 88 लायसेंस निरस्ती, 102 लायसेंस निलंबन सहित 406 विक्रय प्रतिबंधित की कार्यवाही की गई। उर्वरक की बेहतर वितरण व्यवस्था में हुए नवाचारों का करें अनुसरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक वितरण व्यवस्था के संबंध में धार, दमोह, जबलपुर और रीवा जिले के कलेक्टरों से चर्चा की। दमोह कलेक्टर ने बताया कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से सतत् सम्पर्क और संवाद सुनिश्चित करते हुए वितरण व्यवस्था में उनका सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही टोकन वितरण और उर्वरक वितरण को अलग-अलग किया गया है। टोकन तहसील कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और वितरण विक्रय केन्द्रों से किया जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर ने बताया कि किसानों के लिए टोकन वितरण की व्यवस्था फोन कॉल द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरक वितरण केन्द्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए गए हैं। बोर्ड न पर टोकन नंबर प्रदर्शित कर उर्वरक वितरण किया जा रहा है। डिस्पले बोर्ड पर जिले में उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा भी प्रदर्शित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य जिलों को भी इस प्रकार के नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति में सजग और सक्रिय रहे पुलिस प्रशासन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत के लिए तत्काल कार्रवाई आरंभ की जाए। साथ ही जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलबध कराई जाए। बाढ़ के दौरान अस्थाई कैम्प व्यवस्था, राशन वितरण, भोजन वितरण आदि की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री सभी संभावित स्थानों पर उपलब्ध हो। आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। सभी जिलों में पुलिस प्रशासन सक्रिय और सजग रहते हुए पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थि‍ति में पुल क्रास न करने की चेतावनी की व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें। प्रदेश में दर्ज की गई औसत से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 जून से 2 सितम्बर तक 971.5 एमएम अर्थात् 38.24 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मण्डला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक वर्षा गुना, मण्डला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में दर्ज हुई। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थित की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। प्रभावित 17,500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत बैठक में बताया गया कि बाढ़ और अतिवृष्टि में कुल 394 जनहानि हुई और 5 हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए। बाढ़ से 1814 पशुहानि भी दर्ज की गई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों का कुल 12 हजार हेक्टेयर रकबा अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित हुआ है। प्रभावित 17 हजार 500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है। 

मध्यप्रदेश में दे दनादन तबादले, पुलिस विभाग में हड़कंप

भोपाल  मध्य प्रदेश में देर रात फिर तबादला एक्सप्रेस दौड़ी है. मध्य प्रदेश शासन ने पुलिस विभाग के 25 अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए हैं. ट्रांसफर की ये लिस्ट देर रात जारी हुई है, जिसमें सभी अधिकारियों की वर्तमान पदस्थापना की साथ नवीन पदस्थापना की जानकारी दी गई है. इन अधिकारियों के हुए तबादले मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक PHQ भोपाल में एआईजी अनिल कुमार पाटीदार को स.म.नि. कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल (ग्रामीण) जोन, पीएचक्यू भोपाल में ही पदस्थ एआईजी गीतेश कुमार गर्ग को जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, ग्वालियर, इंदौर रेल एडिशनल एसपी मनीषा पाठक को पीटीएस एसपी उज्जैन, रेडियो मुख्यालय भोपाल में एसपी संदीप मिश्रा को एडिशनल एसपी रीवा नवीन पदस्थापना दी गई है. कई अधिकारियों के मुख्यालय से ट्रांसफर इसी तरह पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (शिकायत) पल्लवी त्रिवेदी को पुलिस अधीक्षक भौंरी, भोपाल, बिट्टी सेहगल, उप सेनानी 13वीं वाहिनी विसबल ग्वालियर को एडिशनल एसपी खरगौन. पुलिस मुख्यालय अअवि में सहायक पुलिस महानिरीक्षक धनंजय शाह को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अअवि इंदौर जोन भेजा गया है. इसी प्रकार उज्जैन जोन की अजाक एसपी मीना चौहान को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आसूचना इंदौर नगरीय पुलिस की जिम्मेदारी दी गई है.  जमकर दौड़ रही मोहन सरकार की तबादला एक्सप्रेस गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पिछले कई दिनों से कई विभागों में प्रशासनिक सजरी भी की जा रही है और कई कर्मचारियों व अधिकारियों के ट्रांसफर किए जा रहे हैं. बता दें कि मोहन यादव सरकार ने अपनी ट्रांसफर पॉलिसी में कई बदलाव भी किए हैं. इसके तहत एक ही स्थान पर लंबे समय से जमे अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई गई है. हर विभाग में इस फॉर्मूले को अपनाया जा रहा है. अप्रैल में हटा है तबादलों से प्रतिबंध बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में आयोजित कैबिनेट बैठक में तबादलों से प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया था. नई ट्रांसफर पॉलिसी में ट्रांसफर रेशियो भी निर्धारित किया गया है. यदि किसी विभाग में 200 पद हैं तो 20 फीसदी तबादले हो सकेंगे. इसी तरह यदि किसी विभाग में 201 से लेकर 1 हजार पद हैं तो 15 प्रतिशत ही तबादले हो सकेंगे. इसी तरह 1 हजार से लेकर 2 हजार पद वाले विभाग में 10 फीसदी और 2001 से ज्यादा पद वाले विभागों में 5 फीसदी अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे.

पुलिस की सटीक कार्रवाई: उज्जैन बैंक लूट के 5 आरोपी गिरफ्तार, नेपाल भागने का था प्लान

 उज्जैन  उज्जैन में सनसनीखेज एसबीआई बैंक शाखा में देर रात 5 करोड़ के सोने चांदी के आभूषण और 8 लाख नगद रुपये चोरी के मामले का पुलिस ने 12 घंटो में ही खुलासा कर दिया है। मंगलवार देर रात उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में बैंक का आउटसोर्स बैंककर्मी मास्टर माइंड निकला है। पुलिस ने मास्टरमाइंड जय उर्फ जीशान सहित कुल पांच आरोपी गिरफ्तार किए हैं और पांच करोड़ का सोना सहित लाखों रुपये भी बरामद कर लिए हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने पर बैंक के 2 अधिकारी को निलंबित किया है। बताया जा रहा है कि चोरी के बाद आरोपी देवास जिले के हाट पिपलिया में रिश्तेदारों के छुपे हुए थे,जिन्हें मंगलवार देर शाम गिरफ्तार कर उज्जैन लेकर आई थी। जानकारी के अनुसार,आरोपियों ने माल का बंटवारा भी कर लिया था और इसके बाद पुरानी कार वाहन खरीद कर सुबह नेपाल भागने की तैयारी में थे। उज्जैन शहर के माधवनगर थाना क्षेत्र के महानंदा नगर में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच शाखा है,जहां सोमवार देर रात बैंक के लॉकर में रखे 5 करोड़ के आभूषण सहित 8 लाख नगद चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। घटना की जानकरी मंगलवार सुबह लगी,जब सफाई कर्मचारी बैंक पहुंचे। बैंक के ताले खुले मिले। सूचना पर मौके पर एडीजी ,एसपी प्रदीप शर्मा सहित पुलिस अधिकारी और थाने का बल पहुंचा ओर जांच पड़ताल में जुट गया। पुलिस को पहले ही आशंका थी, कि इस वारदात में बैंक का ही कोई कर्मचारी शामिल है। मामले को लेकर एक सीसीटीवी भी सामने आया था जिसमे 2 लोग भागते दिखाई दे रहे थे। मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार बैंक का आउटसोर्स कर्मचारी जय भावसार पूर्व जीशान निवासी दानी गेट इस चोरी का मास्टरमाइंड है। उसने साथी अब्दुल्ला कोहिनूर साहिल और अरबाज निवासी जीवाजी गंज के साथ मिलकर पूरी घटना को अंजाम दिया था। इन्होंने पहले खिड़की में हाथ डालकर जय और अब्दुल्ला ने गेट खोला और बैंक में दाखिल हुए। यहां गोल्ड लोन का 19 लॉकरों में रखा, 75 लोगों का करीब 5 करोड़ का सोना चुराने के बाद बाइक से फरार हो गए थे। आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। जिस तरह से बिना ताला तोड़े चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, उससे पुलिस को पहले ही आशंका थी कि बैंक का ही कोई कर्मचारी इसमें लिप्त हो सकता है। जन्माष्ठमी से बना रहे थे प्लान, सम्भवतः लगवाई थी आग मिली जानकारी के अनुसार मास्टरमाइंड जय जन्माष्टमी से बैंक में चोरी करने का प्लान बना रहे थे। इसके लिए कुछ दिन पहले बैंक मे लगी आग सम्भवतः उसने ही लगवाई थी, जिसमें कैमरे और फर्नीचर जल गए थे। इसके बाद बैंक को फर्स्ट फ्लोर पर शिफ्ट किया गया। इस दौरान लॉकर नीचे ही थे,जबकि पूरी बैंक ऊपर पहली मंजिल पर शिफ्ट कर दी गई थी। इस पूरे काम को आउटसोर्स कर्मचारी जय ने ही करवाया था और शिफ्टिंग के समय अपने साथियों को मजदूर बनकर बैंक में लेकर आया और पूरी बैंक की रेकी की शिफ्टिंग के दौरान ही उसने कैसे लॉकर खुला छोड़ दिया,जिस पर प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। इस दौरान ही लॉकर की चाबी कहां रखते हैं,यह भी उसे अच्छे से मालूम हो गया था। कुछ दिन पहले किया धर्म परिवर्तन मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का मास्टर माइंड जय उर्फ जीशान ने कुछ दिनों से कुछ वीडियो लगातार देख रहा था और इसके बाद उसने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि धार्मिक वीडियो देख धर्म परिवर्तन किया था हालांकि इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरु प्रसाद पाराशर और सीएसपी दीपिका शिंदे जांच पड़ताल कर रही है कि कहीं और लोग तो नहीं हैं, जिनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

मंदसौर में ED की कार्रवाई… ट्रांसफर के बाद भी पदस्थ आबकारी अधिकारी के घर मारा छापा

मंदसौर  मंदसौर में जिला आबकारी अधिकारी बीएल दांगी के घर बुधवार अलसुबह ईडी ने बड़ी कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि यश नगर स्थित उनके आवास पर सुबह करीब 4 बजे ईडी की टीम पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी।आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत के बाद की जा रही इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। दांगी का हाल ही में मंदसौर से दतिया तबादला हुआ है, हालांकि वे अभी रिलीव नहीं हुए हैं। बता दें कि, डांगी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है और ईडी की ये कार्रवाई उसी जांच के सिलसिले में होना मानी जा रही है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।ये भी बता दें कि, बीएल दांगी का हाल ही में मंदसौर जिला आबकारी पद से दतिया तबादला किया गया है, हालांकि, वो अबतक रिलीव नहीं हुए हैं। वहीं, दूसरी तरफ जांच टीम के सूत्रों का मानना है कि, इस छापामार कार्रवाई में बड़े खुलासे हो सकते हैं। ऐसे में बीएल दांगी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

टीकमगढ़ : किन्नर ने सड़क पर मचाया हड़कंप, लोग देखते रहे, पुलिस पीछा करती रही

टीकमगढ़ टीकमगढ़ शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका गांधी चौराहे और घंटाघर पर बीती रात करीब 10:00 बजे एक किन्नर नग्न होकर सड़कों पर दौड़ लगाता रहा। किन्नर का आरोप था कि कई लोग शराब के नशे में आए और उसके साथ गलत काम करना चाह रहे थे। मना किया तो मारपीट की। इससे परेशान होकर किन्नर गांधी चौराहे से लेकर घंटाघर तक वह दौड़ता रहा। लोग उसके पीछे-पीछे भागते रहे। करीब 2 घंटे तक यही तमाशा चलता रहा। सड़क पर निकलने वाले राजेश का कहना है कि रात के करीब 10:00 बजे के आसपास किन्नर नग्न अवस्था में सड़कों पर दौड़ रहा था और लगातार कह रहा था कि उसके साथ कुछ लोग गलत काम करना चाह रहे थे। उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस कोतवाली टीकमगढ़ को मिली तो टीकमगढ़ पुलिस कोतवाली के जवान भी मौके पर पहुंचे और किन्नर को पकड़ने की कोशिश करते रहे। किन्नर किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। वह इधर से उधर दौड़ लगा रहा था। पुलिस उसके पीछे-पीछे चल रही थी, लेकिन न तो वह कपड़ा पहनने को तैयार था और न ही पुलिस के साथ जाने को तैयार था। किन्नर ने सड़क पर निर्वस्त्र होकर करीब 30 मिनट तक हंगामा किया। जब आसपास के लोग उसे समझाने और कपड़े लेकर उसके पास पहुंचे तो उसने उन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किन्नर को हिरासत में ले लिया। कोतवाली थाना प्रभारी उपेंद्र छारी के अनुसार, आरोपी किन्नर सागर जिले का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि किसी से विवाद होने के बाद उसने यह कृत्य किया। पुलिस ने उसे रात भर कोतवाली में रखा। मामले की जांच जारी है। गाड़ी में बैठाकर ले गई पुलिस काफी प्रयास के बाद पुलिस को सफलता मिली, लेकिन किन्नर ने कपड़े नहीं पहने वह नग्न अवस्था में ही पुलिस की गाड़ी में बैठकर के कोतवाली चला गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली में भी वह करीब एक घंटे तक नग्न होकर नाचता रहा। पुलिस ने बताया कि किसी शराबी व्यक्ति द्वारा उसके साथ गलत हरकत कर दी गई थी, जिस कारण से किन्नर गुस्से में था। उन्होंने बताया कि यह किन्नर मूलत: सागर का रहने वाला है, जो कुछ समय से टीकमगढ़ जिले में रह रहा है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में उसको समझा दिया गया है और जो छेड़छाड़ करने वाले लोग थे उन पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उनकी तलाश की जा रही है।