samacharsecretary.com

मटकी फोड़ महोत्सव का धमाका भोपाल में, सुनील शेट्टी और सवाई भट्ट बनेंगे आकर्षण का केंद्र

भोपाल  प्रदेश के सबसे बड़े मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन आज राजधानी भोपाल में होगा। कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी और इंडियन आइडल से चर्चित गायक सवाई भट्ट विशेष आकर्षण रहेंगे। श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव समिति के अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी ने बताया कि वर्ष 2003 से निरंतर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है और यह प्रदेश की सबसे बड़ी मटकी फोड़ प्रतियोगिता बन चुकी है। पचौरी ने कहा कि बांके बिहारी की कृपा से यह आयोजन हर साल और बड़ा होता जा रहा है। कई जिलों की टीमें लेती हैं भाग  पचौरी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में हर साल प्रदेशभर से कई जिलों की टीमें भाग लेती हैं। बड़ी संख्या में युवाओं की टोली मटकी फोड़ने के लिए जुटती है। इस बार भी दर्जनों टीमें प्रतियोगिता में शामिल होंगी।आयोजन में हर साल सामाजिक संदेश भी दिए जाते हैं।प्रतियोगिता के दौरान बाल विवाह रोकथाम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और नशामुक्ति को लोगों तक पहुंचाया जाता है। शुभारंभ दोपहर बाद होगा और देर रात तक चलेगा  पचौरी ने बताया कि प्रतियोगिता का शुभारंभ दोपहर बाद होगा और देर रात तक चलेगा। टीमें एक-एक कर मंच पर पहुंचेंगी और पारंपरिक अंदाज में मटकी फोड़ने का प्रयास करेंगी। दर्शकों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी वर्गों का उत्साह देखने को मिलेगा। आयोजन में बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता सुनील शेट्टी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। उनके साथ इंडियन आइडल में अपनी गायकी से पहचान बनाने वाले गायक सवाई भट्ट भी शिरकत करेंगे। इन सितारों की मौजूदगी से आयोजन का आकर्षण और भी बढ़ेगा तथा युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिलेगा।  

मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव: कटनी में आज होगा आयोजन, मुख्यमंत्री निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे

 कटनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में शनिवार को कटनी में माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन होगा। इनमें मुख्य फोकस कोयला एवं ऊर्जा, ऊर्जा एवं हाइड्रोकार्बन, प्रौद्योगिकीय प्रगति, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और चूना पत्थर एवं सीमेंट पर होगा। मुख्यमंत्री समिट में शामिल होने वाले विषय-विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे। कॉन्क्लेव में दो हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में मिनरल एवं माईनिंग से संबंधित विभिन्न सत्रों के दौरान चर्चा होगी। खनन क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्पादन में मध्य प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान हैं। यहां राष्ट्रीय उत्पादन का 73 प्रतिशत तांबा, 29 प्रतिशत राक फास्फेट, 26 प्रतिशत मैंगनीज, नौ प्रतिशत चूना पत्थर, आठ प्रतिशत कोयला, तीन प्रतिशत बाक्साइट और एक प्रतिशत लोह अयस्क मिलता है। प्रदेश में मौजूद खनिज संपदा को प्रदर्शित करते हुए कॉन्क्लेव स्थल पर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव में देशभर के बड़े औद्योगिक घरानों ने दिलचस्पी दिखाई है। बता दें कि प्रदेश में पहली खनिज कॉन्क्लेव 17 एवं 18 अक्टूबर को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19 हजार 650 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। होंगे एमओयू माइनिंग कॉन्क्लेव में कोयला, चूना पत्थर, तेल और गैस, सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही खनन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा। इस आयोजन में डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें खनन कार्यों में ऑटोमेशन के साथ एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर चर्चा होगी। कोल गैस (सीबीएम) जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं का भी अन्वेषण किया जाएगा। सीमेंट, ऊर्जा, और खनिज-आधारित उद्योगों से संबंधित मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। कॉन्क्लेव में कई संस्थानों के साथ एमओयू भी होंगे, जिससे राज्य के खनन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए सभी निवेश प्रस्ताव फलीभूत होंगे।

बोर्ड परीक्षा फॉर्म में APAAR ID अनिवार्यता हटाई गई, छात्रों के लिए राहत

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की परीक्षा सात फरवरी से आयोजित होने वाली है। इस बार 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रिकॉर्ड) को अनिवार्य किया था। इसे लेकर विद्यार्थियों के आवेदन आ रहे थे। उनके पास दस्तावेज नहीं पूरे हो रहे थे। इस कारण मंडल ने इसकी अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब मंडल ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए खत्म किया है। अगले सत्र से अनिवार्य की जाएगी अपार आईडी अगले सत्र 2026-27 में बोर्ड परीक्षाओं में अपार आईडी अनिवार्य की जाएगी। मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार पिछले निर्देशों में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का उल्लेख जरूरी किया गया था। स्कूलों और विद्यार्थियों को इसे बनाने में समस्या आ रही हैं। प्रदेश में मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं परीक्षा में 17 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होते हैं। इनमें से लाखों विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह सकते हैं। विद्यार्थी हित को देखते हुए मप्र बोर्ड ने अपार आईडी की अनिवार्यता को इस साल खत्म करते हुए वैकल्पिक कर दिया है।   अधूरे दस्तावेजों से विद्यार्थियों को हो रही है परेशानी अपार आईडी बनवाने में विद्यार्थियों को परेशानी आ रही है। कई विद्यार्थियों के दस्तावेज आधे-अधूरे या गलत जमा किए गए हैं। इससे दस्तावेज सत्यापन में समस्या आ रही है। आधार कार्ड और समग्र पोर्टल के रिकॉर्ड स्कूल के दस्तावेजों से मेल नहीं खा रहे हैं, इसलिए अपार आईडी तैयार नहीं हो पा रही है। इसके चलते स्कूल में 15 से 20 प्रतिशत विद्यार्थियों की आईडी ही तैयार हो पाई है। इससे अपार आईडी के बिना दोनों परीक्षाओं की नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। सामान्य शुल्क के साथ 15 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन 15 सितंबर तक सामान्य शुल्क 1200 रुपये जमा कर सकते हैं। 16 सितंबर से 25 अक्टूबर तक सामान्य शुल्क 1200 रुपये और विलंब शुल्क 100 रुपये जमा कर आवेदन कर सकते हैं। वहीं 26 अक्टूबर से 10 नवंबर तक दो हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ और 11 नवंबर से 25 नवंबर तक विलंबर शुल्क पांच हजार और 26 नवंबर से 10 दिसंबर तक 10 हजार रुपये के साथ आवेदन कर सकते हैं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का कहना: एक देश, एक चुनाव ही वर्तमान समय की प्रमुख चुनौती

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में “एक देश एक चुनाव” संगोष्ठी में कहा कि एक देश एक चुनाव वर्तमान समय की सबसे बड़ी मांग और चुनौती है। देश में 1952 से 1967 तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ-साथ हुए हैं। अलग-अलगर कारणों से सरकारें भंग हुई और मध्यावधि चुनाव की नौबत आई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुन: एक देश एक चुनाव का कठिन संकल्प लिया है। जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी के अन्य संकल्प पूरे हुए उसी तरह यह संकल्प भी पूरा होगा। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होने पर हजारों करोड़ रुपए की बचत होगी। विकास कार्यों के लिए अधिक राशि और अधिक समय मिलेगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर व्यक्ति और हर मतदाता को जागरूक करके इसमें शामिल करना होगा। संगोष्ठी का आयोजन जेएनसीटी इंजीनियरिंग कालेज रीवा में किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वर्तमान समय में नशे की लत बड़ी सामाजिक बुराई के रूप में हमारे सामने कठिन चुनौती की तरह है। कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थों के कारण युवा पीढ़ी अपने उद्देश्य से भटक रही है। नशा तन, मन और धन तीनों का विनाश करता है। भावी पीढ़ी को नशे से बचाकर ही समाज और देश का विकास होगा। भावी पीढ़ी यदि नशे की राह में चली गई तो हर तरह का विकास बेमानी हो जाएगा। आज विकास के जो कार्य हो रहे हैं उनका सर्वाधिक उपभोग भावी पीढ़ी ही करेगी। नशे पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने करोड़ो रुपए के नशीले पदार्थ जप्त किए हैं तथा 600 से अधिक नशे के सौदागरों को जेल भेजा है। नशे की बुराई को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों विशेषकर युवाओं को योगदान देना आवश्यक है। हर व्यक्ति जागरूक होकर और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझकर नशे का विरोध करे। जो नशे की गिरफ्त में हैं उन्हें उपचार और समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि एक देश एक चुनाव बहुत आवश्यक है। दुनिया के कई देशों में तीन-चार तरह के चुनाव एक साथ होते हैं। बेल्जियम में मतदाता एक बार मतदान करके पाँच अलग-अलग तरह के जनप्रतिनिधि चुनता है जिनसे लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय की सरकारों का गठन होता है। देश में भी प्रथम आम चुनाव से ही लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होते रहे हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहाँ सर्वाधिक मतदाता हैं। यदि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होने लगें तो करोड़ों मतदाता एक ही चुनाव में दो सरकारों के प्रतिनिधि चुन लेंगे। इससे परिश्रम, धन और समय तीनों की बचत होगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व महापौर वीरेन्द्र गुप्ता, समाजसेवी डॉ. राजेन्द्र मिश्रा, राम सिंह, राजेश पाण्डेय, पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कालेज के संचालक एस.एन. तिवारी, प्राध्यापकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

प्रदेश के खेल गौरव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेताओं को किया सम्मानित

हमारा गौरव हैं प्रदेश के खिलाड़ी मुख्यमंत्री डॉ. यादव,  पदक विजेता खिलाड़ियों को दी बधाई प्रदेश के खेल गौरव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेताओं को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर व्यक्त की खुशी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीनगर (कश्मीर) की डल झील में हो रहे देश के पहले 'खेलो इंडिया जल-खेल महोत्सव-2025' में मध्यप्रदेश की खिलाड़ी सुडॉली विश्नोई ने कयाकिंग स्पर्धा की (के-1) 500 मीटर महिला वर्ग में स्वर्ण पदक और इसी स्पर्धा की (के-2) 500 मीटर में सुनिहारिका सिंह और सुचंद्रकला ने स्वर्ण पदक हासिल कर प्रदेशवासियों को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों बेटियों को इस स्वर्णिम उपलब्धि के लिए बधाई देकर इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां और सभी खिलाड़ी हमारा गौरव हैं। इन्हें पदक मिलने से पूरा प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इसी खेल महोत्सव में मध्यप्रदेश के मंजीत मैतेई और आदित्य सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष वर्ग की (के-2) 500 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने इन दोनों प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बधाई देकर इनके उज्ज्वल भविष्य कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी खेल महोत्सव में मध्यप्रदेश के सुधीर कुमार और प्रिंस गोस्वामी ने कैनो स्पर्धा की (सी-2) 500 मीटर पुरुष वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल करने पर इन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एथलीट अर्जुन वास्कले को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चेन्नई में हो रहे 64वें राष्ट्रीय प्रादेशिक सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ी अर्जुन वास्कले द्वारा पुरूष स्पर्धा के 1500 मीटर इवेंट में कांस्य पदक जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वास्कले निरंतर आगे बढ़ते रहें और नए-नए कीर्तिमान रचते रहें।  

रक्षा और एयरोस्पेस में मध्यप्रदेश की अगुवाई, मेक इन इंडिया को मिलेगा नया आयाम

भोपाल  मध्यप्रदेश रक्षा और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने के लिए नई पहचान बना रहा है। अनुकूल औद्योगिक माहौल, मजबूत बुनियादी ढांचा और अग्रणी नीतियों के बल पर राज्य रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार का नया केंद्र बनता जा रहा है। इसी उद्देश्य से रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने और नए अवसरों पर चर्चा के लिए रक्षा इंडस्ट्री इंटरेक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। रक्षा उत्पादन विभाग, भारत सरकार की संयुक्त सचिव डॉ. गरिमा भगत ने कहा कि मध्यप्रदेश में रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण का हब बनने की अपार संभावनाएं हैं। हमारा प्रयास है कि एमएसएमई और स्टार्टअप को मजबूत सहयोग देकर उन्हें राष्ट्रीय रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भागीदार बनाया जाए। उद्योग, अकादमिक संस्थानों और अनुसंधान संगठनों के बीच निरंतर सहयोग ही इस क्षेत्र में नवाचार को गति देगा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा। संयुक्त सचिव डॉ. भगत ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम एमएसएमई को रक्षा पीएसयू और बड़े प्राइवेट सेक्टर से सीधे जोड़ते हैं जिससे टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, जॉइंट वेंचर और महत्वपूर्ण प्रणालियों के सह-विकास के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि एसआरआईजन पोर्टल पर अब तक 39 हजार से अधिक प्रोडक्ट स्वदेशीकरण के लिए सूचीबद्ध हैं, जो निवेशकों और स्टार्टअप के लिए बड़े अवसर पैदा करते हैं। कार्यक्रम के दौरान जबलपुर के रक्षा उद्योग के मजबूत ईकोसिस्टम और वेंडर बेस पर विशेष चर्चा हुई। डॉ. गरिमा भगत ने बताया कि जबलपुर में 300 करोड़ रु. की लागत से एक मैन्युफैक्चरिंग, रिपेयर एंड ओवरहाल (एमआरओ) सुविधा स्थापित की जा रही है, जिससे स्थानीय उद्योगों के लिए बड़े अवसर तैयार होंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति और अनुकूल औद्योगिक वातावरण के कारण रक्षा निर्माण में निवेश के लिए देश का सबसे स्वाभाविक और सर्वोत्तम स्थान है। राज्य में ऑटो क्लस्टर, ड्रोन टेक्नोलॉजी, तकनीकी वस्त्र और इलेक्ट्रॉनिक्स सैक्टर रक्षा क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए तेजी से विकसित हो रहे हैं। राज्य की एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी 2025 के अंतर्गत भूमि रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही पूंजीगत निवेश पर 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी और आरएंडडी, टेस्टिंग जैसी सुविधाओं पर आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश अपनी प्रगतिशील नीतियों, सुदृढ़ औद्योगिक ढांचे और भारत सरकार के साथ मजबूत साझेदारी के माध्यम से रक्षा उत्पादन और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आयुक्त एमएसएमई सुप्रीति मैथिल ने भी एमएसएमई में डिफेंस सैक्टर के संबंध में जानकारी साझा की। कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें रक्षा पीएसयू, निजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनियां, एमएसएमई, स्टार्टअप, शिक्षाविद और शोध संस्थान शामिल थे। प्रतिभागियों में अदाणी डिफेंस, बीईएल, हिंदुस्तान शिपयार्ड, गन कैरिज फैक्ट्री, ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज, फोर्स मोटर्स, एचईजी, जेबीएम, विनायक इंजीनियरिंग, सीआईपीईटी भोपाल, आईआईएसईआर भोपाल और सीएसआईआर-एएमपीआरआई जैसी अग्रणी इकाइयां शामिल रहीं। संवाद सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों ने वाहनों, पुर्जों, प्रोटेक्टिव गियर, टेलीकॉम सिस्टम, एम्युनिशन और एडवांस मटेरियल्स के क्षेत्र में सहयोग के अवसरों पर बातचीत की।  

अपेक्स बैंक की 61 वीं वार्षिक साधारण सभा सम्पन्न

अपेक्स बैंक की  61 वीं वार्षिक साधारण सभा सम्पन्न बैंक ने वित्तीय 2024-25 में रू.139.04 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया भोपाल  अपेक्स बैंक की 61 वीं वार्षिक साधारण सभा आज अपेक्स बैंक में समन्वय भवन के सभागार में म.प्र.शासन के प्रमुख सचिव, सहकारिता एवं अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री डी.पी.आहूजा की अध्यक्षता में आयोजित हुई ।  बैठक के आरंभ में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने बैंक के प्रशासक श्री डी.पी.आहूजा, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प एवं बैंक के पूर्व प्रबंध संचालक श्री प्रदीप नीखरा का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया ।  श्री गुप्ता ने बैठक में प्रशासक महोदय के अभिभाषण का वाचन करते हुये बैंक की वित्तीय स्थिति से सभी सदस्यों को अवगत कराते हुए कहा कि समग्र प्रयासों एवं समयबद्ध कार्ययोजना के क्रियान्वयन के फलस्वरूप अपेक्स बैंक द्वारा इस वर्ष अब तक का  अधिकतम शुद्ध लाभ रू.139.04 करोड़ का अर्जित किया है।  इसलिये बैंक ने अब अपने अंशधारियों को 4 प्रतिशत की दर से लाभांश देने का भी निर्णय लिया है।   उन्होंने यह भी अवगत कराया कि वर्ष 2024-25 के आय-व्यय के साथ वर्ष 2025-26 के बजट को बैठक में अनुमोदित किया गया। इस वर्ष अपेक्स बैंक को अंकेक्षक ने ’’ए’’ ग्रेड प्रदान किया है तथा अपेक्स बैंक में इस वर्ष 23 सहायक प्रबंधक, 95 संवर्ग अधिकारियों की आईबीपीएस के माध्यम से भर्ती प्रक्रियाधीन है, जबकि 54 बैंकिंग सहायकों की भर्ती की गई है।  इसी प्रकार प्रदेश के 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में अधिकारी वर्ग के 326, बैंकिंग सहायक वर्ग के 1040 एवं समिति प्रबंधक वर्ग के 839 अर्थात् 2205 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी प्रक्रियाधीन है ।   उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की त्रि-स्तरीय सहकारी साख संरचना को मजबूत, सशक्त एवं समृद्ध बनाने की दिशा में केन्द्र प्रायोजित पैक्स कम्प्यूटराईजेषन योजनान्तर्गत प्रदेश की 4536 पैक्स में हार्डवेयर इंस्टाल कर दिये गये हैं एवं 4534 पैक्स साफ्टवेयर पर आन बोर्ड हो चुकी हैं ।  पैक्स रियल टाईम साफ्टवेयर पर कार्य कर सकें, इसकी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, इससे पैक्स की कार्यप्रणाली और सेवाओं में पारदर्षिता आयी है और जनसामान्य में पैक्स के प्रति विश्वास बढ़ा है।  इसी प्रकार पैक्स सदस्यों को उनके खातों के संव्यवहारों की सूचना एस.एम.एस. के द्वारा भेजने वाला प्रथम राज्य मध्य-प्रदेश बन गया है। अन्त में प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने प्रदेश के मा.मुख्यमंत्री जी, सहकारिता मंत्री जी, कृषि उत्पादन आयुक्त, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, नेफेस्काॅब, सहकारिता, कृषि एवं खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग के साथ उपस्थित प्रतिनिधियों, शीर्ष सहकारी संस्थाओं के प्रबंध संचालकों का आभार व्यक्त किया ।  बैठक का संचालन उप महाप्रबंधक श्री के.टी.सज्जन ने किया । बैठक में नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी.सरस्वती, अपेक्स बैंक के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारीगण श्रीमती अरूणा दुबे, श्री अरूण मिश्र, श्री अरविंद बौद्ध, शीर्ष सहकारी संस्थाओं के प्रबंध संचालक सर्वश्री रितुराज रंजन, महेन्द्र दीक्षित, श्री आर.एस. विश्वकर्मा, अपेक्स बैंक के प्रबंधक श्री करूण यादव, श्री विवेक मलिक, श्री समीर सक्सेना, श्री अजय देवड़ा,  आर.वह.एम.पिल्लई के साथ सभी शीर्ष सहकारी संस्थाओं/अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित हुए ।

इंदौर में मुख्यमंत्री को मिलेगी फिल्म स्टार्स जैसी सुविधा, मोहन यादव की नई रहन-सहन व्यवस्था

इंदौर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव अब फिल्म स्टार्स की तरह वैनिटी वैन में नजर आएंगे. दरअसल, क्लीन और ग्रीन शहर इंदौर में फिल्म स्टार्स की तरह सीएम के लिए वैनिटी वैन फैसिलिटी उपलब्ध होगी. दरअसल, इंदौर नगर निगम ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के दौरान व्यक्तिगत चर्चा, आराम और प्रसाधन जैसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक अत्याधुनिक वैनिटी वैन बनाई है. मध्य प्रदेश के इंदौर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के दौरान हर समय ये वैनिटी वैन उपलब्ध रहेगी. मोहन यादव का चलता फिरता घर इंदौर में नगर निगम द्वारा तैयार किया गया यह वीआईपी कक्ष किसी फाइव स्टार होटल के कमरे की तरह नजर आता है. इसे खास तौर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रमों के लिए तैयार किया गया है, जिसमें वे कार्यक्रमों के दौरान बिना कहीं जाए आराम करने से लेकर प्रसाधन जा सकें. इस वैनिटी वैन में मीटिंग रूम भी तैयार किया गया है, जहां सीएम लोगों से चर्चा कर सकते हैं. प्रोटोकॉल ध्यान रखकर तैयार की गई लग्जरी वैनिटी वैन इंदौर नगर निगम द्वारा तैयार की गई ये वैनिटी वैन सर्वसुविधा युक्त, एयर कंडीशन्ड, लग्जरी और ईको फ्रेंडली है. इसमें लग्जरी फर्नीचर, बाथरूम के अलावा अन्य एमेनिटीज मौजूद हैं. वैनिटी वैन को लेकर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया, '' प्रदेश के किसी नगर निगम में मुख्यमंत्री के लिए तैयार हुई यह पहले वैनिटी वैन है. प्रोटोकॉल के तहत हर बार मुख्यमंत्री के लिए जो टेंट रूम तैयार किया जाता है, उस पर एक बार का खर्च 5 लाख से भी ज्यादा आता है. ऐसी स्थिति में नगर निगम वर्कशॉप के प्रभारी मनीष पांडे को ख्याल आया कि हर बार मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान टेंट रूम बनाने से बेहतर है कि तमाम सुविधाओं के साथ एक वैनिटी वैन बना दी जाए. इस वैन को बनाने में 5 लाख रु खर्च आया है, लेकिन अब ये सीएम के हर दौरे में उपलब्ध रहेगी.'' इस वैनिटी वैन को मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल के तहत तैयार कराया गया है और इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है. नगर निगम वर्कशॉप के प्रभारी मनीष पांडे के मुताबिक इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक के बाद हाल ही में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में इसी वैनिटी वैन का उपयोग किया गया, जिसे आगे भी मुख्यमंत्री की जरूरत के लिए उपयोग में लाया जाएगा. फिल्म स्टार रखते हैं वैनिटी वैन दरअसल, वैनिटी वैन रखने का ट्रेंड फिल्म स्टार्स का है, जो अपनी शूटिंग साइट पर वैनिटी वैन में ही रहने, सजने संवरने और आराम के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं. इसी कॉन्सेप्ट पर आधारित यह वैनिटी वैन अब मुख्यमंत्री को भी फिल्म स्टार्स की तरह आराम और सुविधाएं देगी. बता दें कि इस वैनिटी वैन को महज 9 दिन में तैयार किया गया था और इसे सबसे पहले इंदौर में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान इस्तेमाल किया जा चुका है.

29 अगस्त को एमपी के प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में बनेगी शाला प्रबंधन समितियां, दो साल का होगा कार्यकाल

भोपाल  मध्यप्रदेश के सभी शासकीय और अनुदान प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक और कक्षा 1 से 8 तक की संयुक्त शालाओं में 29 अगस्त को शाला प्रबंधन समितियों (एसएमसी) का गठन किया जाएगा। इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। शाला प्रबंधन समितियां शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बनाई जाती हैं। इनका कार्यकाल दो साल का होता है। समितियों की जिम्मेदारी स्कूल में बच्चों के नामांकन, नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्कूल की सुविधाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर रहती है। हर समिति में 14 पालक प्रतिनिधि, प्रधान शिक्षक, वरिष्ठ महिला शिक्षिका और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन बच्चों के पालकों में से होगा, जबकि प्रधान शिक्षक समिति के सदस्य सचिव रहेंगे। प्रदेश के करीब 83 हजार स्कूलों में एक ही दिन समितियों का गठन होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के अभिभावकों से अपील की है कि वे 29 अगस्त को स्कूल पहुंचकर समितियों में सक्रिय रूप से जुड़ें और शालाओं के विकास कार्यों में सहयोग दें। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों के पालकों एवं अभिभावकों से 29 अगस्त-2025 को स्कूल पहुंचकर, शाला प्रबंधन समिति से जुड़ने और शालाओं के विकास कार्यों में सहभागी बनने का आग्रह किया गया है। 

सतपुड़ा की वादियों में बसे छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन-ग्राम अब पर्यटकों के लिये विशेष आकर्षण बन गये

पर्यटन स्टोरी भोपाल  सतपुड़ा की वादियों में बसे छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन-ग्राम अब पर्यटकों के लिये विशेष आकर्षण बन गये हैं। ग्रामीण जीवन, जनजातीय संस्कृति, पहाड़ी ट्रैकिंग और लोक नृत्य सब कुछ एक ही जगह पर्यटकों को मिल रहा है। पिछले 2 वर्षों में यहां बनाये गये होम-स्टे को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिली है। मध्यप्रदेश में होम-स्टे के माध्यम से पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति तथा ग्रामीण जीवन के अनुभव कराने के उद्देश्य से ग्रामीण पर्यटन परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के 100 गांवों को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। होम-स्टे से रूका पलायन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा विकसित किये गये छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्रामों के होम-स्टे देश-प्रदेश के पर्यटकों को खूब भा रहे हैं। हर सप्ताह यहां हजारों की संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। जिले के 12 गांवों को पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित किया गया है। इनमें से 7 गांव सावरवानी, देवगढ़, काजरा, गुमतरा, चोपना, चिमटीपुर और धूसावानी में 36 होम-स्टे पर्यटकों के लिये खोले जा चुके हैं। होम-स्टे खुलने से ग्रामीण रोजगार और उच्च शिक्षा का रूझान बढ़ा है। साथ ही जनजातीय परिवारों का पलायन भी रूक गया है। गांव के युवा गाइड के रूप, लोक नृत्य और भजन मंडली की प्रस्तुति और बैलगाड़ी संचालन से सैलानियों को ग्रामीण जन-जीवन से अवगत कराते हुए अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। हर पर्यटन ग्राम की अपनी पहचान छिंदवाड़ा जिले के हर पर्यटन ग्राम की अपनी विशेषता है। भोपाल मार्ग पर साल के जंगल के बीच बसे चोपना में देवना नदी का अद्भुत नजारा, पातालकोट के चिमटीपुर गांव की रहस्यमयी वादियां, पेंच नेशनल पार्क के करीब ऑफबीट डेस्टीनेशन गुमतारा, देवगढ़ में गोंड शासन का ऐतिहासिक किला, काजरा में बंधान डेम के बेकवॉटर्स का सौंदर्य और धूसावानी गांव के चौरागढ़ महादेव मंदिर का दृश्य और आम के बागान पर्यटकों को यहां बार-बार आने के लिये प्रेरित करते हैं। होम-स्टे में पर्यटक गाय का दूध दोहने, खेत के कामों में हाथ बटाने और पहाड़ियों पर ट्रैकिंग करने जैसे अनुभव जीते हैं। ढोलक-मंजीरे के साथ भजन और कर्मा नृत्य मंडलियों की प्रस्तुति भी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। अब छिंदवाड़ा सिर्फ पर्यटन नहीं बल्कि सतत ग्रामीण विकास का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा है।