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मध्यप्रदेश में जुलाई में बारिश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 17 जिलों में अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी है. जुलाई के महीने में मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, अब तक प्रदेश में 18 इंच बारिश हो चुकी है. सोमवार को कई जिलों में बारिश दर्ज की गई. मंगलवार को भी प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बारिश के कारण नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण इन जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। प्रदेश में 16 जून से मानसून एंटर हुआ था। तभी से तेज बारिश का दौर चल रहा है। इस वजह से कोटे की आधी यानी औसत 18 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में तो 103% तक पानी गिर चुका है। मंडला, टीकमगढ़ में भी बारिश का कोटा 75% तक फुल हो गया है। अगले 4 दिन यानी 18 जुलाई तक तेज बारिश का दौर चलेगा। शिवपुरी में अटल सागर डैम के 6 गेट खोले, श्योपुर में बाढ़ सोमवार को मंडला में 9 घंटे में 2 इंच बारिश हो गई। वहीं, खरगोन में डेढ़ इंच पानी गिरा। टीकमगढ़-उमरिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसी के चलते सोमवार सुबह साढ़े 6 बजे बांध के 6 गेट खोल दिए गए। करीब 1500 क्यूमेक पानी छोड़ा गया है। श्योपुर जिले के विजयपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से आगरा जाने वाला रास्ता बंद हो गया। वहीं, बड़ौदा में बाढ़ जैसे हालात रहे। यहां दुकानों-मकानों के अलावा अस्पताल में भी पानी भर गया। शिवपुरी जिले के रन्नौद क्षेत्र में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। यहां कई लोगों के घरों में पानी भर गया। टीकमगढ़ में मकान गिर गया। इससे 3 भैंसों की मौत हो गई। मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया। रायसेन में उफनते नालों के बीच मड रैली हुई। जिसमें गाड़ियां दौड़ाई गई। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश का दौर चला। लगातार बारिश का दौर जारी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में हफ्तेभर से बारिश का दौर जारी है. इन जिलों में लगातार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात हैं. लगातार हो रही बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है.  17 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मंगलवार को 17 जिलों में भारी बारिश अलर्ट जारी किया है. नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है. अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है. प्रदेश में हल्की बारिश वहीं मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के बाकी बचे जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है. इन जिलों में सामान्य बारिश हो सकती है, या फिर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं.  अगले चार दिन होगी बारिश मौसम विभाग की माने तो एमपी से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है. इसके साथ ही कम दबाव का क्षेत्र भी एक्टिव है. यही वजह है कि लगातार बारिश का दौरा जारी है. अगले चार दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है. कई जिलों में चार दिन का बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.  सोमवार को हुई बारिश सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश हुई.  अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं. शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर बढ़ने से अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए. वहीं श्योपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता बंद हो गया. मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया. भोपाल में तेज बारिस का दौर जारी रहा. 

प्रदेश के 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक टॉयलेट

प्रदेश के 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक टॉयलेट स्वच्छ भारत मिशन में 100 करोड़ रूपये निवेश की योजना भोपाल  प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिशन पिंक टॉयलेट प्रारंभ किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक शौचालय संचालित हो रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस मिशन में 100 करोड़ रूपये के निवेश की कार्ययोजना तैयार की है। मिशन के माध्यम से प्रदेश के सभी निकायों में मिशन पिंक टॉयलेट तैयार किये जायेंगे।  

नगर परिषद इंदरगढ़ के प्रभारी सीएमओ निलंबित

भोपाल दतिया जिले के नगर परिषद इंदरगढ़ के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी महेन्द्र सिंह यादव को अपने कर्त्तव्यों में लापरवाही बरतने पर नगरीय प्रशाासन विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे के निर्देश पर निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय कार्यालय ग्वालियर निर्धारित किया गया है। नगर परिषद इंदरगढ़ में तालाब का निर्माण कराया जा रहा था। निर्माण के दौरान बरसात के मौसम में तालाब में पानी का भराव हुआ। सुरक्षा उपायों में लापरवाही बरतते हुए निर्माण कार्य के दौरान रेलिंग व बेरिगेटिंग की व्यवस्था नहीं गई। व्यवस्था के अभाव में छोटी बच्चियों के डूबने की घटना हुई। इसी के साथ प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने अपने कार्यकाल में नियम विरूद्ध कर्मचारियों की स्थापना में प्रशासनिक कार्य किये। जांच में प्रभारी नगर पालिका अधिकारी महेन्द्र सिंह यादव दोषी पाये गये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर दुःख जताया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व के दिग्गज मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर गहन संवेदना व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति एवं परिजन एवं प्रशंसकों को दु:ख सहने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि 114 वर्ष की आयु में भी सक्रिय और सेहत के लिए सतर्क रहने वाले फौजा सिंह खेल गतिविधियों के अतिरिक्त दुनिया में फिटनेस के लिए ख्याति प्राप्त कर चुके थे।  

संजीव सचदेवा बने MP हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस, विवेक कुमार को भी मिली नई जिम्मेदारी

जबलपुर  जस्टिस संजीव सचदेवा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार को उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। जस्टिस विवेक कुमार सिंह को भी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जज के रूप में नियुक्त किया गया है, जिससे हाईकोर्ट में जजों की संख्या 34 हो गई है। जस्टिस सचदेवा 24 मई 2025 को एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए थे और उन्होंने जस्टिस सुरेश कुमार कैत के रिटायरमेंट के बाद यह पद संभाला। जस्टिस विवेक कुमार सिंह का मद्रास से मध्य प्रदेश ट्रांसफर हुआ है। पूर्व चीफ जस्टिस एसके कैत की लेंगे जगह वे तत्कालीन चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत के रिटायरमेंट के बाद से चीफ जस्टिस का दायित्व संभाल रहे हैं। इससे पहले, उन्होंने 9 जुलाई 2024 से 24 सितंबर 2024 तक प्रदेश के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का दायित्व भी संभाला था। 30 मई 2024 को जस्टिस संजीव सचदेवा का दिल्ली हाईकोर्ट से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ट्रांसफर हुआ था। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को एक और जज दिया है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की मध्यप्रदेश में नियुक्ति की गई है। वे अभी मद्रास हाईकोर्ट में हैं, जिनका ट्रांसफर जबलपुर किया गया है। अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई हैं। एमपी हाईकोर्ट में अभी भी 29 जजों की कमी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों के कुल 53 पद स्वीकृत हैं। अभी भी 29 जजों की हाईकोर्ट में कमी है। जस्टिस सचदेवा को भोपाल में राज्यपाल शपथ दिलाएंगे। हालांकि, शपथ की तारीख अभी तय नहीं हुई है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह को जबलपुर में ही जस्टिस सचदेवा शपथ दिलाएंगे। हाईकोर्ट में कुल 34 जज इसके साथ-साथ केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को एक और नए जज जस्टिस विवेक कुमार सिंह की नियुक्ति की है, जो अभी फिलहाल मद्रास हाईकोर्ट में पदस्थ हैं. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में स्थानांतरण किया गया है. उनकी नियुक्ति के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है. हालांकि हाईकोर्ट में कुल 53 जजों के पद स्वीकृत हैं. ऐसे में अब भी 19 जजों के पद खाली हैं.  राज्यपाल दिलाएंगे शपथ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा को भोपाल में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल शपथ दिलाएंगे. हालांकि अभी शपथ ग्रहण समारोह की तारीफ तय नहीं हुई है. वहीं जस्टिस विवेक कु्मार सिंह का शपथ ग्रहण जबलपुर में होगी, जहां नवनियुक्त चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा खुद उन्हें शपथ दिलाएंगे. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में नई नियुक्तियों से न्यायिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.  जस्टिस सचदेवा के बारे में  1. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस कौन बने? (जस्टिस संजीव सचदेवा) 2. जस्टिस संजीव सचदेवा का जन्म कहां हुआ था? (दिल्ली में 26 दिसंबर 1964 को हुआ था.) 3. नए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहां से पढ़ाई की थी? (दिल्ली कॉलेज से कॉमर्स से ग्रेजुएट किया है.) 4.  दिल्ली बार काउंसिल के अधिवक्ता के रूप में कब नामांकित हुए थे. ( सन 1988 ) 5. सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के रूप में कब योग्यता प्राप्त की. ( सन 1995 ) 6. जस्टिस सचदेवा ने कहां कहां पर वकीलों को प्रशिक्षण दिया था. (आंध्र प्रदेश से लेकर दिल्ली हाईकोर्ट, रांची समेत अन्य जगहों पर ) 7. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस कब नियुक्त किए गए. (14 जुलाई 2025) 

खेत के पोखर में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत, स्कूल से लौटने के बाद आम तोड़ने गए थे बच्चे

छतरपुर  जिले के लवकुश नगर थाना अंतर्गत हटवां गांव में तीन मासूम भाई-बहनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। स्कूल से लौटने के बाद आम तोड़ने खेत गए तीनों बच्चे खेत में बनी बंधी (तालाब) में डूब गए। जब परिजनों ने बच्चों को देर शाम तक नहीं देखा तो उनकी खोजबीन शुरू हुई। बाद में बंधी में तीनों के शव नजर आए। इस घटना से गांव में मातम पसर गया है। स्कूल से लौटकर आम तोड़ने खेत गए थे बच्चे मृतक बच्चों की पहचान लक्ष्मी (10), तनु (8) और लोकेंद्र (4) के रूप में हुई है। तीनों सगे भाई-बहन थे। पिता प्रतिपाल सिंह ने बताया कि बच्चे स्कूल से सोमवार दोपहर को लौटे थे और आम का पेड़ देखने के बहाने खेत की ओर चले गए। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो उठे और गांव वालों के साथ उन्हें ढूंढने निकल पड़े। बंधी के पास फिसलने की आशंका परिजनों ने बताया कि खेत में आम का पेड़ तालाब के पास है। संभवतः बच्चे पेड़ के नीचे खेलते हुए बंधी के किनारे पहुंचे होंगे और फिसलकर पानी में गिर गए। जब तक परिजन पहुंचे, तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। रात 9:30 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी गई। तीनों बच्चों को तत्काल बारीगढ़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपे बीएमओ एसएस चौहान ने बताया कि तीनों शवों का पोस्टमार्टम लवकुश नगर अस्पताल में किया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, एसडीओपी नवीन दुबे ने बताया कि हादसे की सभी कोणों से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई उसी आधार पर की जाएगी। तीन मासूमों की एक साथ मौत ने पूरे हटवां गांव को शोक में डुबो दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  

मप्र में निवेश को लेकर दुबई के निवेशक उत्साहित, निवेश की संभावनाओं पर हुआ व्यापक संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की दुबई के निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया मध्यप्रदेश है निवेश के लिए श्रेष्ठ गंतव्य मप्र में निवेश को लेकर दुबई के निवेशक उत्साहित, निवेश की संभावनाओं पर हुआ व्यापक संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई निवेश यात्रा के दौरान सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों और औद्योगिक समूहों से वन-टू-वन चर्चा हुई, जिसमें मध्यप्रदेश में बहु-क्षेत्रीय निवेश की संभावनाओं पर व्यापक और सकारात्मक संवाद हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गल्फ इस्लामिक इन्वेस्टमेंट्स (GII) के सह-संस्थापक एवं सह-सीईओ श्री पंकज गुप्ता से मुलाकात कर स्वास्थ्य सेवा, लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक रियल एस्टेट, शिक्षा, खाद्य प्रसंस्करण एवं निर्माण क्षेत्र में संभावित निवेश पर चर्चा की। जीआईआई एक शरिया-संगत वैकल्पिक निवेश फर्म है जो वैश्विक स्तर पर विविध क्षेत्रों में निवेश करती है और अब मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाटा समूह के कॉरपोरेट अफेयर्स एवं ग्रोथ (MENA रीजन) प्रमुख श्री अंकुर गुप्ता से भी मुलाकात की। चर्चा में आईटी, ऊर्जा, स्टील, ऑटोमोबाइल, एयरलाइंस, उपभोक्ता उत्पाद और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बात हुई। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह को मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश केंद्र स्थापित करने हेतु आमंत्रित करते हुए राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों और त्वरित अनुमतियों की जानकारी दी। गल्फ महाराष्ट्र बिजनेस फोरम (GMBF) के अध्यक्ष डॉ. सुनील मांजरेकर के साथ बैठक में GMBF द्वारा मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने, निर्यात बढ़ाने और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों से सीधे संवाद के लिए मंच प्रदान करने सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने GMBF की ग्लोबल कनेक्ट सीरीज़ के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने पर प्रसन्नता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बीडीओ एज के हेड ऑफ एडवायजरी श्री शिवेंद्र झा ने भेंट कर भोपाल में 150-सीटर ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर की स्थापना और इंदौर में प्रस्तावित दूसरा डिजिटल सेंटर की जानकारी साझा की। यह केंद्र डिजिटल व परामर्श सेवाओं में रोजगार सृजन करेगा। साथ ही अगले तीन वर्षों में 800-1000 उच्च-कुशल नौकरियों के सृजन का लक्ष्य है। शराफ डीजी ग्रुप के चेयरमैन श्री इब्राहिम शराफ के साथ हुई बैठक में मध्यप्रदेश में 30-50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से रेल साइडिंग लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिससे राज्य में 300 से 600 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एस्सार अल घुरैर इन्वेस्टमेंट के प्रतिनिधि श्री योसेफ अल गुरैर से मुलाकात कर खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य तेल शोधन इकाई और कोल्ड चेन वेयरहाउस परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया। समूह ने राज्य के किसानों से दीर्घकालिक अनुबंधों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की इच्छा जताई। कोनेरिस ग्रुप के सीईओ श्री भरत भाटिया ने मध्यप्रदेश में USD 75 मिलियन लागत से स्टील प्लांट की स्थापना की योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष रखी। कंपनी पहले से ही 26 देशों में स्टील उत्पाद भेजती है और भारत में अपनी उपस्थिति राज्य के माध्यम से बढ़ाना चाहती है। एतिसालात ग्रुप के सीईओ श्री खालिद मुर्शिद से स्मार्ट सिटी, 5G नेटवर्क, टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ और डिजिटल स्किल डवलपमेंट के क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव रखें। कंपनी 16 से अधिक देशों में कार्यरत है और मध्यप्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में रुचि रखती है। ब्रावो फार्मास्युटिकल्स के निदेशक श्री राकेश पांडेय ने फार्मा निर्माण और निर्यात को लेकर निवेश रुचि दिखाई, वहीं स्मार्ट स्टार्ट फंड के श्री प्रशांत गुलाटी ने आईटी और वित्तीय सेवाओं से जुड़े स्टार्टअप्स को मध्यप्रदेश में प्रोत्साहित करने की बात कही। अनलाह वेंचर पार्टनर्स के हितेश धनकानी ने म्यूचुअल फंड, बीमा और इक्विटी सेवाओं में निवेश की योजना साझा की और स्पैन कम्युनिकेशन्स के सीईओ श्री नरेश खेतरपाल ने राज्य में पर्यटन, नेचुरोपैथी रिसॉर्ट और क्रूज़ टूरिज्म को प्रोत्साहित करने हेतु 500 करोड़ रूपये निवेश के साथ 100-150 रोजगार सृजन की संभावना जताई। वहीं, ब्लूवर्स इंडिया के श्री रुशांग शाह ने पर्यावरण-अनुकूल वाहन धुलाई तकनीक और जल संरक्षण आधारित समाधान लाने की योजना साझा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार उन्हें हर संभव सहायता, नीति समर्थन और त्वरित अनुमतियाँ प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीतियाँ, प्रशिक्षित कार्यबल, प्राकृतिक संसाधन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। यह यात्रा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश नक्शे पर और सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।  

ग्वालियर विधानसभा में पहुंचे ऊर्जा मंत्री तोमर, लोगों से सीधा संवाद

 ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उप नगर ग्वालियर के विभिन्न  वार्डो में जनसम्पर्क कर जनसमस्याएं सुनी तथा उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। ऊर्जा मंत्री के साथ जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन तथा विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अलावा स्थानीय पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  ऊर्जा मंत्री तोमर ने सोमवार की सुबह उप नगर ग्वालियर के वार्ड क्रमांक 16 पहुंचकर स्थानीय रहवासियों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने नाली में गंदगी देख स्वयं सफाई भी की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने  मौजूद अधिकारियों को सड़क, पेयजल, सीवर तथा बिजली से सम्बंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से आव्हान किया कि अपनी दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने के अभियान के लिए समय दें।  

निर्माण एजेंसियाँ पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ युद्ध स्तर पर कार्य करें: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। निर्माण एजेंसियाँ पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना का समय पर विकास प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय में राज्य में संचालित चिकित्सा शिक्षा से संबंधित अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों, पीजी व यूजी अपग्रेडेशन योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि किसी भी परियोजना में कोई तकनीकी या प्रशासनिक अवरोध उत्पन्न होता है, तो उसकी सूचना तुरंत उच्च स्तर पर दी जाए, ताकि समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण कार्यों एवं यूजी, पीजी अपग्रेडेशन परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के साथ-साथ फर्नीचर एवं आवश्यक उपकरणों की खरीदी की प्रक्रिया को भी समांतर रूप से संपादित किया जाए, ताकि भवन के पूर्ण होते ही उसमें स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ की जा सकें और किसी भी प्रकार के अनावश्यक विलंब से बचा जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। प्रत्येक चरण की तकनीकी निगरानी एवं दस्तावेजी समीक्षा सुनिश्चित की जाए, जिससे कार्य की पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। बैठक में केंद्रांश मद से संचालित श्योपुर, सिंगरौली, राजगढ़ और मंडला मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसी प्रकार राज्यांश मद से निर्माणाधीन उज्जैन, बुधनी, छतरपुर और दमोह मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों की स्थिति की भी गहन समीक्षा कर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। डायरेक्टर प्रोजेक्ट श्री नीरज कुमार सिंह, बीडीसी के एमडी श्री सिवी चक्रवर्ती, स्वास्थ्य विभाग, पीआईयू एवं बीडीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

लाखों की संख्या में शामिल हुए भक्त, वैदिक मंत्रों के उद्घोष के साथ हुआ सवारी का शुभारंभ

सावन का पहला सोमवार मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप  जनजातीय समूहों के कलाकारों ने सवारी में मनमोहक प्रस्तुतियां देकर किया बाबा श्रीमहाकाल का स्वागत भगवान श्रीमहाकाल मनमहेश स्वरूप में निकले उज्जैन नगर भ्रमण पर लाखों की संख्या में शामिल हुए भक्त, वैदिक मंत्रों के उद्घोष के साथ हुआ सवारी का शुभारंभ उज्जैन  श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर भगवान श्रीमहाकालेश्वर मनमहेश स्वरूप में उज्जैन नगर भ्रमण पर निकले। सवारी के निकलने के पूर्व श्रीमहाकालेश्वर मंदिर परिसर के सभामंडप में सर्वप्रथम भगवान महाकालेश्वर का षोड़षोपचार पूजन-अर्चन और आरती की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप जनजातीय दल भगवान श्रीमहाकालेश्वर की प्रथम सवारी में पालकी के आगे मनमोहक प्रस्तुति देते हुए शामिल हुए। सावन-भादो मास की प्रथम सवारी में वैदिक उदघोष के साथ महाकालेश्वर भगवान का स्वागत किया गया। सवारी में 5 लाख से ज्यादा भक्तगण शामिल हुए।  जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन कर आरती की। इस अवसर पर  विधायक सतीश मालवीय, महेश परमार, जीतेंद्र पंड्या, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त संजय गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने  सभामंडप में भगवान मनमहेश का पूजन किया।  अवंतिकानाथ भगवान श्रीमनमहेश के स्वरूप में पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने और भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। पालकी जैसे ही श्रीमहाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची, सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने पालकी में विराजित भगवान श्रीमनमहेश को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी। सवारी मार्ग के दोनों ओर हजारों की संख्या में दर्शनार्थियों ने पालकी में विराजित मनमहेश भगवान के भक्तिभाव से दर्शन लाभ लिये। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सवारी महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चौराहा,  बक्षी बाजार,  कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची। भगवान महाकालेश्वर मनमहेश के स्वरुप में अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए माँ क्षिप्रा के तट पर पहुँचे। रामघाट पर भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन और जलाभिषेक पुजारी आशीष गुरु ने संपन्न कराया। रामघाट पर भगवान मनमहेश के पूजन उपरांत सवारी रामघाट से पुन: रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मन्दिर, सत्यनारायण मन्दिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होती हुई महाकालेश्वर मन्दिर वापस पहुंची। सवारी के आगे-आगे घुड़सवार, पुलिस बल, विभिन्न भजन मण्डलियां, जनजातीय नृत्य दल आदि भगवान भोलेनाथ के गुणगान एवं भजन-कीर्तन करते हुए साथ चल रहे थे। संस्कृति विभाग भोपाल, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद व त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के माध्यम से भगवान महाकालेश्वर की सवारी में जनजातीय कलाकारों के दल ने सहभागिता की। भजन मण्डलियों में सैंकड़ों महिलाओं ने शिव स्तुतियां की। सवारी में सम्मिलित भजन मंडलियां उत्साहपूर्वक डमरू और मजीरे बजाते हुए सवारी में आगे-आगे चले। विशाल ध्वज के साथ बाबा महाकाल की पालकी निकाली गयी।  महाकाल के चरणों की सेवा मेरे लिए गौरव का विषय- मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल सावन माह के अवसर पर प्रथम शाही सवारी में मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि महाकाल की नगरी में चारों ओर हर हर महादेव के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। उनके चरणों में सेवा करना मेरे लिए किसी गौरव से कम नहीं है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि महाकाल आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखना मेरी जिम्मेदारी और कर्तव्य है। उज्जैन के विकास में कोई भी कमी नहीं रहेगी। जनता की प्रत्येक सुख सुविधा का ध्यान रखते हुए विकास कार्य को और तेज गति के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर सक्रिय हैं। भक्ति के साथ सेवा का जो अवसर हम सभी को प्राप्त हुआ है वह अद्भुत है। हम सभी बाबा महाकाल से प्रदेश में सुख शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं। सवारी मार्ग पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल पर पुष्प वर्षा कर दर्शन किए। श्रीमहाकाल की प्रथम सवारी का जनसम्पर्क सहित अन्य सोशल मीडिया पर पहली बार लाइव प्रसारण किया गया।