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‘स्कूल–शाला संवाद’ से पढ़ाई आसान, वीडियो लेक्चर और ई-कॉन्टेंट एक ही जगह उपलब्ध

 जयपुर डिजिटल युग में शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा विकसित शाला दर्पण पोर्टल विद्यार्थियों के लिए एक समग्र शैक्षणिक मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। विशेष रूप से पोर्टल का 'स्कूल – शाला संवाद' सेक्शन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का भंडार साबित हो रहा है, जहां कक्षा 1 से 12 तक के लिए विविध और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसमें विद्यार्थियों को न केवल अध्ययन सामग्री का भंडार मिलता है, साथ ही विषयवार वीडियो लेक्चर, एनसीईआरटी और आरबीएसई पाठ्यक्रम आधारित ई-कॉन्टेंट, विस्तृत प्रश्न बैंक, दूरदर्शन द्वारा प्रसारित शैक्षणिक कार्यक्रमों की सामग्री और ई-पत्रिकाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। यह सामग्री विद्यार्थियों को कठिन विषयों को सरल तरीके से समझने में मदद करती है और परीक्षा की तैयारी को अधिक व्यवस्थित बनाती है। छात्र लॉगिन करके इस पठन एवं डिजिटल सामग्री को प्राप्त कर सकते हैं। शाला दर्पण पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल पाठ्य सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान करता है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होती है  इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है 'टॉक टू टीचर' इसके अलावा, 'टॉक टू टीचर' सुविधा विद्यार्थियों के लिए एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रही है। इस सुविधा के माध्यम से छात्र-छात्राएं सीधे अपने शिक्षकों से जुड़ सकते हैं और पढ़ाई से संबंधित समस्याओं, शंकाओं या कठिनाइयों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है, जो किसी कारणवश कक्षा में अपनी शंकाएं स्पष्ट नहीं कर पाते। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए शाला दर्पण पोर्टल किसी वरदान से कम नहीं है। इंटरनेट के माध्यम से उन्हें शहरों के समान गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे शिक्षा में समानता को बढ़ावा मिल रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर पोर्टल को अपडेट किया जाता है, ताकि विद्यार्थियों को नवीनतम और प्रासंगिक सामग्री मिलती रहे। साथ ही, शिक्षकों को भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल शिक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक आधुनिक और प्रभावी बन सके। शाला दर्पण पोर्टल न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संसाधन बन गया है। यह पारदर्शिता, संवाद और गुणवत्ता युक्त शिक्षा को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है। राजस्थान शिक्षा विभाग का यह नवाचार शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

भीषण गर्मी में राहत, पीएचईडी के विशेष अभियानों से जलापूर्ति सुधरी

जयपुर  भीषण गर्मी के बीच प्रदेशवासियों को स्वच्छ, पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील नेतृत्व एवं दूरदर्शी निर्देशों का सकारात्मक असर पूरे राजस्थान में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा संचालित विशेष राज्यव्यापी अभियानों ने पेयजल व्यवस्थाओं को नई मजबूती प्रदान की है तथा हजारों परिवारों को राहत पहुंचाई है। सात विशेष अभियानों में 19 हजार से अधिक कार्य, पेयजल व्यवस्थाओं में ऐतिहासिक सुधार 5 अप्रैल से 6 जून तक आयोजित सात विशेष राज्यव्यापी अभियानों के दौरान प्रदेशभर में कुल 19,072 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए। इनमें 3,766 हैंडपंपों की मरम्मत, 2,236 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1,219 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान, 1,390 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण, 290 कम अवधि की जलापूर्ति, 688 कम सप्लाई, 181 प्रदूषित जल तथा 29 समय-सारणी संबंधी शिकायतों का समाधान शामिल है। इसके अतिरिक्त 7,466 अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया। एक दिन में 3 हजार से अधिक कार्य, विशेष टीमों ने दिखाई तत्परता शनिवार को आयोजित सातवें विशेष अभियान के दौरान विभागीय विशेष टीमों ने जिलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क और जलापूर्ति व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण कर समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। अभियान के तहत 689 खराब हैंडपंप पुनः चालू किए गए, 592 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 241 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा 246 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल की गई। इसके अलावा 60 कम अवधि की जलापूर्ति, 144 कम सप्लाई और 60 प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 3,077 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए। अवैध जल कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई, जल संरक्षण को मिला नया बल जल संसाधनों के संरक्षण एवं प्रभावी प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल उपयोग के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई की। सातवें अभियान के दौरान 426 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबे, सरस डेयरी बूथ एवं कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे अवैध कनेक्शन शामिल थे। गौरतलब है कि सात अभियानों के दौरान अब तक कुल 1,827 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं, जिससे जल की बर्बादी पर प्रभावी अंकुश लगा है और आमजन के लिए उपलब्ध पेयजल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को मिली नई मजबूती हैंडपंपों एवं पाइपलाइनों की मरम्मत के साथ-साथ 619 अन्य पेयजल सुधार कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है। इन प्रयासों से हजारों परिवारों को गर्मी के इस कठिन दौर में राहत मिली है और पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता एवं उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। 30 जून तक जारी रहेंगे विशेष अभियान उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं। आमजन को बेहतर पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा गर्मी के मौसम में जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से ये अभियान 30 जून तक निरंतर जारी रहेंगे।

UPSSSC से लेकर रेलवे तक: इस हफ्ते खत्म हो रही हैं हजारों वैकेंसी की आवेदन तिथियां

गवर्नमेंट जॉब की प्रिपरेशन कर रहे कैंडिडेट्स के लिए जून का यह सप्ताह काफी अहमियत रखता है। आर्मी, यूपीएससी CDS-NDA, रेलवे और बैंक समेत 7 बड़ी भर्तियों के आवेदन की विंडो इसी हफ्ते बंद होने वाली है। ऐसे में इस समय आपके लिए इन वैकेंसी में अप्लाई करना भी उतना ही मायने रखता है, जितना कि पढ़ाई करना। कई बार लास्ट डेट निकलने की वजह से अच्छे मौके छूट जाते हैं। ऐसे में यहां सभी भर्तियों की डिटेल के साथ उनकी लास्ट डेट भी बताई गई है। जिनमें टाइम रहते आप अप्लाई कर सकते हैं। UPSSSC टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप सी भर्ती 2026 यूपी में 2759 पदों पर टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप सी के आवेदन चल रहे हैं। जिन भी उम्मीदवारों के पास बीएससी एग्रीकल्चर/हॉर्टिकल्चर/होम साइंस/कम्युनिटी साइंस/फॉरेस्ट्री या बी.ई/बीटेक इंजीनियरिंग एग्रीकल्चर की डिग्री है, साथ में उन्होंने यूपी पीईटी-2025 परीक्षा भी उत्तीर्ण की हो, वो इसमें आवेदन के पात्र हैं। ऑनलाइन एप्लिकेशन प्रोसेस UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर पूरा किया जा सकता है। लास्ट डेट इस हफ्ते की 11 जून है। इसके बाद विंडो क्लोज हो जाएगी रेलवे असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती 2026 ​रेलवे में सरकारी नौकरी लेने का भी शानदार मौका है। आरआरबी असिस्टेंट लोको पायलट के 11127 पदों पर भर्ती में आवेदन चल रहे हैं, जिसके लिए 14 जून 2026 तक अप्लाई किया जा सकता है। फॉर्म भरने के लिए 10वीं और संबंधित फील्ड में आईटीआई मांगी गई है। बी.ई/बीटेक की डिग्री मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रिॉनिक्स/ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग वाले भी अप्लाई कर सकते हैं। एज लिमिट 18-30 वर्ष तय की गई है। आर्मी TES 56 वैकेंसी 2026 इंडियन आर्मी ज्वाइन करने का भी शानदार मौका है। भारतीय सेना में अभी 10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) जनवरी 2027 के आवेदन चल रहे हैं। जिन कैंडिडेट्स ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ के साथ 12वीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक हासिल किए हैं और साथ में जेईई मेन्स 2026 में शामिल हुए हैं, वो अप्लाई कर सकते हैं। 90 वैकेंसी है। जो आवश्यक्ता के मुताबिक घट-बढ़ सकती हैं। आर्मी की इस एंट्री के लिए लास्ट डेट 12 जून 2026 तक फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं। सेलेक्शन जेईई मेन्स रैंक के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, एसएसबी इंटरव्यू, मेडिकल आदि के जरिए किया जाएगा। यूपीएससी एनडीए-सीडीएस II वैकेंसी 2026 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS II) के 451 और एनडीए के 394 पदों पर आवेदन लिए जा रहे हैं। जो कैंडिडेट्स इस बार की परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें पहले ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। दोनों वैकेंसी में अंतिम तिथि 9 जून शाम 6 बजे तक फॉर्म फिल किया जा सकता है। इसके बाद एप्लिकेशन विंडो क्लोज हो जाएगी। BOB-SBI अप्रेंटिस वैकेंसी 2026 बैंक ऑफ बड़ौदा इंडिया में अप्रेंटिस के 5000 पद भरे जा रहे हैं। ग्रेजुएट कर चुके कैंडिडेट्स जो बैंकिंग में जाना चाहते हैं, वो इसके जरिए एक्पीरियंस हासिल कर सकते हैं। आवेदकों की उम्र कम से कम 20 वर्ष और अधिकतम 28 वर्ष होनी चाहिए। फॉर्म फिल करने के लिए जनरल/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को 800 रुपये ऑनलाइन सबमिट करने होंगे। महिला जनरल/ईडब्ल्यूएस/ओबीसी के लिए 600 और एससी, एसटी कैंडिडेट्स के लिए 200 रुपये फीस है । इसमें अप्लाई करने की लास्ट डेट 8 जून है। BOB के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी 7150 पदों पर अप्रेंटिस भर्ती निकाली है। इसमें भी ग्रेजुएशन मांगी गई है। एसबीआई अप्रेंटिस भर्ती की भी लास्ट डेट 8 जून थी, जिसे अब आगे बढ़ाकर 15 जून कर दिया गया है। RRC SECR बिलासपुर अप्रेंटिस भर्ती 2026 फ्रेशर कैंडिडेट्स जो अनुभव लेना चाहते हैं, उनके लिए आरआरबी रेलवे सीईसीआर बिलासपुर अप्रेंटिस भर्ती में बढ़िया अवसर है। 1191 पदों पर वैकेंसी निकली हुई है। जिन उम्मीदवारों ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं के साथ संबंधित ट्रेड में आईटीआई की है, वो फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन अंतिम तिथि 11 जून 2026 है। तब तक आप फॉर्म फिल कर सकते हैं। नालको नॉन एग्जीक्यूटिव भर्ती 2026 नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) में ऑपरेटर, माइनिंग मेट, जूनियर फोरमैन, टेक्नीशियन समेत विभिन्न पदों पर वैकेंसी निकली है। इस भर्ती के जरिए 268 पद भरे जाएंगे। 10वीं पास के साथ संबंधित क्षेत्र में आईटीआई, डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थी आवेदन के योग्य हैं। जो कैंडिडेट्स इसमें अप्लाई करना चाहते हैं, वो 10 जून 2026 तक ऑनलाइन फिल कर सकते हैं। जनरल/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को 100 रुपये एप्लिकेशन फीस भरनी होगी। एससी/एसटी और पीएच के लिए कोई फीस नहीं है।  

जगतपुरा में JDA का बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान, नंदपुरी रोड होगी 80 फीट चौड़ी

जयपुर जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में नंदपुरी अंडरपास से रेलवे लाइन के समानांतर सड़क को चौड़ी करने के लिए जेडीए का बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हो गया. नंदपुरी रोड पर ‘ऑपरेशन 80 फीट' के तहत कार्रवाई शुरू हो चुकी है, और नूरानी मस्जिद की एक तरफ की दीवार हटाए जाने की भी प्रकिया शुरू कर दी गई है. मस्जिद पर बुलडोजर चलने लगा. 80 फीट चौड़ी होगी सड़क इस कार्रवाई के तहत सड़क को 80 फीट चौड़ी करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और जाम की समस्या को कम करना है. नोटिस जारी किया गया था अभियान के दौरान सड़क की राइट ऑफ वे सीमा में आ रहे निर्माणों को हटाया जा रहा है. इस दायरे में पांच धार्मिक संरचनाएं भी शामिल हैं, जिनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार शामिल हैं. प्रशासन की ओर से पहले ही संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया गया था. 22 मई को भी अतिक्रमण हटाए गए थे जेडीए विजिलेंस शाखा ने 22 मई को इसी मार्ग पर अभियान चलाकर 134 अतिक्रमण हटाए गए थे. इसके बाद सड़क सीमा में आ रहे शेष निर्माणों को लेकर भी नियमानुसार समय दिया गया, लेकिन तय अवधि में स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर अब प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है. पुलिस और जेडीए की टीम तैनात कार्रवाई के दौरान पुलिस और जेडीए की संयुक्त टीमें मौके पर तैनात हैं, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके और अभियान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके. इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना को शहर की प्रमुख यातायात योजनाओं में शामिल किया गया है जिससे जगतपुरा और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है.

कहीं बारिश तो कहीं लू का कहर, राजस्थान का मौसम बदलेगा रंग

 जयपुर राजस्‍थान में आज आंधी-बारिश के साथ हीटवेव का अलर्ट है. मौसम  विभाग ने अलवर, भरतपुर, दौसा डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़ के लिए आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया है. हनुमानगढ़ और पश्चिमी राजस्थान के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. जयपुर में हुई बारिश रविवार को प्रदेश में मिला जुला मौसम रहा. उमस से लोग बेहाल नजर आए. दिन भर खिली धूप ने गर्मी से लोगों को परेशान किया. हालांकि, देर शाम राजधानी जयपुर समेत कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बरसात हुई. इससे रात को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली.   हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के ऊपर बने परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से राज्य के कुछ भागों में आंधी बारिश की गतिविधियां आगामी 2-3 दिन तक जारी रहने की संभावना है. इसके बाद पूर्वी राजस्थान में छुटपुट स्थानों पर मध्यम दर्जे का मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में आज से 11 जून के दौरान कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री से. दर्ज होने व कहीं-कहीं हीटवेव चलने की संभावना है.   श्रीगंगानगर में पारा 44 डिग्री प्रदेश में सर्वाधिक तापमान श्रीगंगानगर में 44.8 डिग्री दर्ज किया गया.  वहीं, अन्य शहरों में भी अब तापमान धीरे धीरे बढ़ने लगा है.  जयपुर में तापमान में 4 डिग्री से भी ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई.  राजधानी में पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया.

नूरानी मस्जिद पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, जयपुर में सुरक्षा बढ़ी, इंटरनेट पर भी रोक

 जयपुर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा शहर के नंदपुरी इलाके में सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे धार्मिक स्थल को हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि प्रशासन की टीम ने नूरानी मस्जिद को सील कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।  प्रशासन ने एंटी-एंक्रोचमेंट ड्राइव से पहले जिले के ज्यादातर इलाकों में इंटरनेट बंद कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. साथ ही पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला और पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबल को भी तैनात कर दिया गया है।  बताया जा रहा है कि जयपुर में मालवीय नगर से जगतपुरा तक जाने वाली मुख्य सड़क को चौड़ा करने के लिए काफी वक्त से काम चल रहा था. पिछले कई दिनों से सड़क तो चौड़ी की जा रही थी, मगर इस मस्जिद को छोड़ दिया गया था. इसे लेकर लोग सोशल मीडिया पर लगातार सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ पोस्ट डाल रहे थे, जिसके बाद जेडीए ने इसे हटाने की पूरी तैयारी कर ली।  ध्वस्त किए जाएंगे 5 धार्मिक स्थल प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जेडीए और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से मालवीय नगर से जगतपुरा तक जाने वाले मुख्य सड़क को चौड़ा करने के लिए लंबे वक्त से काम कर रहा था. इसी क्रम में क्षेत्र में नंदपुरी अंडरपास के पास रेलवे लाइन के समानांतर चलने वाली सड़क को मौजूदा 25-30 फीट से बढ़ाकर निर्धारित 80 फीट करने का अभियान चल रहा है. इस अभियान में सड़क के अधिकार क्षेत्र में आने वाली पांच धार्मिक संरचनाओं को हटाया जा रहा है, जिनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग हॉल और एक मजार शामिल है. ये धार्मिक स्थल सड़क के राइट ऑफ वे (सीमा) में आ रही है।  प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें. किसी भी भड़काऊ पोस्ट या वीडियो को शेयर करने से बचें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।  राइट ऑफ-वे आने वाले धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए बताया कि सड़क सीमा (राइट ऑफ वे) में आने वाले धार्मिक स्थलों को हटाने की इस कार्रवाई के दौरान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. भड़काऊ वीडियो बनाने या तथ्यहीन सामग्री प्रसारित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।  'तीन हजार से ज्यादा जवान तैनात' अधिकारी ने बताया कि इस संवेदनशील अतिक्रमण विरोधी अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए जयपुर पुलिस और विकास प्राधिकरण ने चक्रव्यूह तैयार किया है. पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, जहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए 50 से अधिक प्रशासनिक अधिकारियों के साथ 3,000 से ज्यादा जवानों की मुस्तैद किया गया है।  कांग्रेस ने उठाया सवाल उधर, इस पूरे प्रशासनिक एक्शन पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है. कांग्रेस विधायक रफीक खान ने इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि जिस नूरानी मस्जिद को प्रशासन हटाने जा रहा है, वह पूरी तरह से बिल्डिंग बायलॉज और तय नियमों के अनुसार बनाई गई थी। 

338 गांवों को मिलेगा सिंचाई जल, किसानों को बड़ा लाभ

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा ‘अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना‘ को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए युद्धस्तर पर कार्य करवाए जा रहे हैं। वागड़ अंचल के किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही इस परियोजना से जनजाति बहुल क्षेत्र में कृषि व्यवस्था एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। लगभग 2 हजार 500 करोड़ रुपए लागत की परियोजना से बांसवाड़ा जिले की 3 विधानसभा क्षेत्रों (बांसवाड़ा, बागीदौरा एवं कुशलगढ़) की 6 तहसीलों बांसवाड़ा, बागीदौरा, कुशलगढ़, सज्जनगढ़, आनंदपुरी एवं गांगड़तलाई के 338 गांवों की लगभग 42 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को लिफ्ट सिंचाई प्रणाली से जल उपलब्ध होगा। परियोजना से लगभग 3.5 लाख आबादी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगी। 102 किमी मुख्य नहर लम्बाई, 22.50 किमी सुरंगें परियोजना में आधुनिक इंजीनियरिंग टेक्नोलाॅजी से नहर नेटवर्क एवं विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना की कुल मुख्य नहर लंबाई 102 किलोमीटर है। इसमें 22.50 किलोमीटर लंबाई में सुरंगे/कट एंड कवर संरचनाएं, एक्वाडक्ट तथा नदी को पार करते हुए साइफन निर्मित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही लगभग 230 अन्य नहरी महत्वपूर्ण संरचनाए यथा सुपरपासेज, ड्रेनेज साइफन, रोड ब्रिज, एस्केप कम क्रॉस रेगुलेटर, हेड रेगुलेटर इत्यादि भी परियोजना में शामिल हैं। प्रेशर प्रणाली आधारित कमांड क्षेत्र होगा विकसित परियोजना के तहत अत्याधुनिक प्रेशर प्रणाली आधारित कमांड क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इससे खेत तक वैज्ञानिक एवं नियंत्रित सिंचाई स्काड़ा प्रणाली से सुनिश्चित हो सकेगी। सिंचित क्षेत्र में प्रत्येक 200 हेक्टेयर के ‘चक स्तर‘ पर लगभग 200 डिग्गियों का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्य नहर प्रणाली से इन डिग्गियों तक पानी एमएस व डीआई पाइपलाइन पहुंचाया जाएगा। इसके बाद डिग्गियों से लगभग 5 हजार कि.मी. लंबाई का भूमिगत एचडीपीई पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे प्रेसराइज्ड इरिगेशन प्रणाली से खेतों तक पानी पहुंचेगा। इस आधुनिक सिंचाई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक लगभग 1.25 से 1.50 हेक्टेयर क्षेत्र पर हाइड्रेंट विकसित किए जाएंगे। इन हाइड्रेंट पॉइंट्स तक भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क बिछेगा, जहां से किसान सीधे सिंचाई के लिए जल प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रणाली से खेत स्तर तक समान जल वितरण, न्यूनतम जल हानि तथा अधिक दक्ष सिंचाई सुनिश्चित होगी। आधुनिक माइक्रो एवं प्रेसराइज्ड इरिगेशन प्रणाली के जरिए कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव हो सकेगी। किसानों को निरंतर बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। स्काडा प्रणाली से ऑटोमाइज होगी माॅनिटरिंग परियोजना में अत्याधुनिक स्काड़ा (पर्यवेक्षक नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण) प्रणाली भी विकसित की जा रही है। इससे सम्पूर्ण प्रेशर प्रणाली आधारित तंत्र का संचालन एवं मॉनिटरिंग पूर्णतः ऑटोमाइज्ड होगी। इस प्रणाली से जल वितरण को समान रूप से सुनिश्चित करने, दबाव एवं प्रवाह को स्वचालित रूप से नियंत्रित करने तथा रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग एवं संचालन नियंत्रण की सुविधा उपलब्ध होगी। इस प्रणाली से पम्पिंग स्टेशन, रिलीफ वाल्व, हाइड्रेंट एवं विभिन्न शाखाओं में जल प्रवाह की सतत निगरानी संभव होगी। वर्तमान में नहर की 42 किलोमीटर में काम किया जा रहा है। इनटेक स्ट्रक्चर एवं स्लूइस बैरल का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। टनल कार्य, एक्वाडक्ट, साइफन, कट एंड कवर के साथ नहर से डिग्गी तक भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क निर्माण कार्य भी विभिन्न स्थानों पर निरंतर जारी है। नियमित माॅनिटरिंग से मिली गति परियोजना की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है। समयबद्ध और पारदर्शिता से कार्यों को पूर्ण करने के लिए निर्माण एजेंसियों को विभागीय निर्देश दिए गए हैं। इस परियोजना के लिए 78 गांवों की लगभग 270 हेक्टेयर निजी भूमि का नियमानुसार अधिग्रहण किया जा रहा है। अब तक 67 गांवों की 211 हेक्टेयर भूमि के लिए लगभग 47 करोड़ रुपए राशि के अवार्ड पारित हो चुके हैं। लगभग 15 करोड़ रुपए मुआवजा राशि वितरित की गई है। शेष अधिग्रहण एवं वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रियाएं भी तेजी से हो रही हैं। सिंचाई के लिए वर्षभर मिलेगा जल जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि आगामी वर्षों में यह परियोजना बांसवाड़ा जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली मुख्य सिंचाई परियोजनाओं में शामिल होगी। इसके पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। मक्का, गेहूं, दलहन, तिलहन एवं बागवानी फसलों का रकबा बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इससे भू-जल स्तर सुधार, जल संरक्षण एवं ग्रामीण क्षेत्र के समग्र विकास को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, यह परियोजना वागड़ क्षेत्र के जनजाति बहुल इलाकों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

राजस्थान के वरिष्ठ नागरिकों की विशेष सोमनाथ यात्रा सफल, ज्योतिर्लिंग के दिव्य दर्शन से भाव-विभोर श्रद्धालु

जयपुर सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत राजस्थान से गए 1008 वरिष्ठ नागरिक श्रद्धालुओं ने शनिवार को श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य-भव्य दर्शन किए। सोमनाथ मंदिर दर्शन के दौरान श्रद्धालु संध्या आरती में सम्मिलित हुए तथा लाइट एंड साउंड शो का आनंद लिया। लाइट एंड साउंड शो में सोमनाथ महादेव मंदिर की पौराणिक और ऐतिहासिक गाथा का वर्णन किया गया। शो में बताया गया कि भारत भूमि पर स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ प्रथम ज्योतिर्लिंग है। इस मंदिर पर आतताइयों ने बार-बार आक्रमण किया, लूटा और खंडित किया किन्तु धर्मरक्षकों द्वारा इस मंदिर का बार-बार पुन: निर्माण करवाया गया। यह भारतीय संस्कृति है जो अटल, अमिट और अद्वितीय है। सोमनाथ मंदिर देश की इसी आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। कई बार मंदिर को तोड़ने और लूटने के बाद भी शक्ति, स्‍वाभिमान के साथ यह मंदिर पुनः स्थापित हुआ। देश के स्वतंत्र होने पर तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों से इस मंदिर का पुनः निर्माण करवाया गया। आतताइयों की तलवार ओमकार को हरा नहीं सकी। आस्था, विश्वास जीत गया। अरब सागर की छाती पर भारत की धर्म ध्वजा गौरव, मान-सम्मान और स्वाभिमान से आज भी लहरा रही है। मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की पहल की है, जो हमारी सांस्कृतिक चेतना का महापर्व है। इसी सांस्कृतिक चेतना को गुंजायमान करते हुए राजस्थान के एक हजार आठ वरिष्ठ नागरिक श्रद्धालुओं के गुजरात के वेरावल रेलवे स्टेशन पर 6 जून को आगमन पर गुजरात सरकार द्वारा भव्य स्वागत किया गया। वरिष्ठ नागरिकों को पुष्प-गुच्छ भेंट किए गए, स्वागत स्वरूप गुजराती लोक संस्कृति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वरिष्ठ नागरिकों में उत्साह और उमंग का संचार किया। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रियों को वेरावल से एसी बसों से गिर सोमनाथ स्थित थ्री स्टार होटल में ठहराया गया, जहाँ गुणवत्तापूर्ण रिफ्रेशमेंट, लंच और डिनर की समुचित व्यवस्था की गई। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा गुजरात सरकार के सहयोग से संचालित इस यात्रा में शनिवार और रविवार को गिर सोमनाथ में गोलकधाम, राम मंदिर, बाणगंगा, भालका तीर्थ के दर्शन करवाए गए। इसी के साथ सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गैलरी एवं हाट बाजार का भ्रमण भी करवाया गया। वरिष्ठ नागरिकों को सोमनाथ बीच दर्शन भी करवाए गए। आगे का कार्यक्रम यात्रा प्रभारी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि 5 जून को जयपुर से विशेष ट्रेन से वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रियों को वेरावल तक और एसी बसों से सोमनाथ लाया गया। 6 और 7 जून को सोमनाथ में विभिन्न धार्मिक स्थानों के दर्शन के पश्चात रविवार रात्रि 10 बजे वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्री विशेष ट्रेन से द्वारका एवं नागेश्वर धाम के दर्शन हेतु रवाना होंगे। वहाँ से 9 जून को विशेष ट्रेन से जयपुर वापसी होगी। आशुतोष गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य है अधिकाधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा का लाभ दिया जाए। वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक तीर्थाटन करवाने के राजस्थान सरकार के संकल्प को देवस्थान विभाग द्वारा पूरा किया जा रहा है। इसके लिए एसी ट्रेन, ठहरने, भोजन व परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है।

जेडीए की अभिनव पहल ‘संवाद’: जनभागीदारी और पारदर्शिता से मई माह में कुल 65 ले-आउट एवं बिल्डिंग प्लान को मिली त्वरित स्वीकृति

जयपुर जयपुर विकास प्राधिकरण शहर के सुनियोजित विकास के साथ-साथ अपनी कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। जयपुर विकास आयुक्त श्री सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि जेडीए द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए अब बैठकों में संबंधित आवेदकों और हितधारकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। संवाद कार्यक्रम के तहत आवेदकों को बुलाकर उनकी आपत्तियों, समस्याओं और सुझावों को आमने-सामने सुनकर हाथों-हाथ निस्तारण किया जा रहा है। इसी पारदर्शी और जन-हितैषी कार्यप्रणाली के सकारात्मक प्रभाव से जेडीए ने मई-2026 माह में ले-आउट और बिल्डिंग प्लान के कुल 65 प्रकरणों एवं परियोजनाओं को त्वरित गति से स्वीकृति प्रदान की है। बीपीसी-एलपी समिति द्वारा 48 प्रकरणों का अनुमोदन जेडीए की बीपीसी-एलपी समिति की मई-2026 माह में आयोजित की गई बैठकों में कुल 58 प्रकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किये गए, जिनमें से 48 प्रकरणों में बीपीसी-एलपी समिति द्वारा त्वरित अनुमोदन की कार्यवाही की गई जिसमे पुनर्गठन / उपविभाजन के 13 प्रकरण,आवासीय एकल भूखंड के 11 प्रकरण ,आवासीय योजनाओं के 7 प्रकरण, गैर-आवासीय एकल भूखंड के 4 प्रकरण एवं अन्य प्रकार के 13 प्रकरण शामिल हैं । बीपीसी-बीपी समिति द्वारा 17 परियोजनाओं को स्वीकृति शहर में विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के निर्माण को सुगम बनाने के लिए बीपीसी-बीपी समिति द्वारा मई 2026 में कुल 17 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है: आवासीय: 08 परियोजनाएं संस्थागत: 04 परियोजनाएं मिश्रित-उपयोग: 02 परियोजनाएं व्यावसायिक: 01 परियोजना होटल: 01 परियोजना रिसॉर्ट: 01 परियोजना जेडीए द्वारा 'संवाद' के माध्यम से प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा, ताकि आमजन को समयबद्ध तरीके से राहत मिल सके और जयपुर के विकास को नई ऊंचाइयां मिलें।

CM भजनलाल शर्मा की पहल रंग लाई, गर्मी के बीच राजस्थान में पेयजल आपूर्ति हुई सुदृढ़

विशेष राज्यव्यापी अभियानों से 19 हजार से अधिक पेयजल समस्याओं का समाधान, हजारों परिवारों को मिली राहत जयपुर भीषण गर्मी के बीच प्रदेशवासियों को स्वच्छ, पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील नेतृत्व एवं दूरदर्शी निर्देशों का सकारात्मक असर पूरे राजस्थान में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा संचालित विशेष राज्यव्यापी अभियानों ने पेयजल व्यवस्थाओं को नई मजबूती प्रदान की है तथा हजारों परिवारों को राहत पहुंचाई है। सात विशेष अभियानों में 19 हजार से अधिक कार्य, पेयजल व्यवस्थाओं में ऐतिहासिक सुधार 5 अप्रैल से 6 जून तक आयोजित सात विशेष राज्यव्यापी अभियानों के दौरान प्रदेशभर में कुल 19,072 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए। इनमें 3,766 हैंडपंपों की मरम्मत, 2,236 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1,219 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान, 1,390 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण, 290 कम अवधि की जलापूर्ति, 688 कम सप्लाई, 181 प्रदूषित जल तथा 29 समय-सारणी संबंधी शिकायतों का समाधान शामिल है। इसके अतिरिक्त 7,466 अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया। एक दिन में 3 हजार से अधिक कार्य, विशेष टीमों ने दिखाई तत्परता शनिवार को आयोजित सातवें विशेष अभियान के दौरान विभागीय विशेष टीमों ने जिलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क और जलापूर्ति व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण कर समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। अभियान के तहत 689 खराब हैंडपंप पुनः चालू किए गए, 592 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 241 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा 246 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल की गई। इसके अलावा 60 कम अवधि की जलापूर्ति, 144 कम सप्लाई और 60 प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 3,077 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए। अवैध जल कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई, जल संरक्षण को मिला नया बल जल संसाधनों के संरक्षण एवं प्रभावी प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल उपयोग के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई की। सातवें अभियान के दौरान 426 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबे, सरस डेयरी बूथ एवं कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे अवैध कनेक्शन शामिल थे। गौरतलब है कि सात अभियानों के दौरान अब तक कुल 1,827 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं, जिससे जल की बर्बादी पर प्रभावी अंकुश लगा है और आमजन के लिए उपलब्ध पेयजल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को मिली नई मजबूती हैंडपंपों एवं पाइपलाइनों की मरम्मत के साथ-साथ 619 अन्य पेयजल सुधार कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है। इन प्रयासों से हजारों परिवारों को गर्मी के इस कठिन दौर में राहत मिली है और पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता एवं उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। 30 जून तक जारी रहेंगे विशेष अभियान उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं। आमजन को बेहतर पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा गर्मी के मौसम में जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से ये अभियान 30 जून तक निरंतर जारी रहेंगे।