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हवामहल के सामने गुलाबी हाथी के फोटोशूट पर भड़के लोग पशु क्रूरता के आरोप में जांच शुरू

 जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर (Pink City) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक रूसी फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा ने अपनी आर्ट सीरीज के चक्कर में एक हाथी को पूरे शरीर पर चमकदार गुलाबी रंग से पेंट कर दिया। हवामहल के सामने हुए इस फोटोशूट का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, जयपुर की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा खड़ा हो गया है। AI नहीं, सब कुछ असली होने का दावा दरअसल, जूलिया बुरुलेवा ने इस विवाद के बीच एक और वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह खुद भी गुलाबी रंग में रंगी नजर आ रही हैं। गौरतलब है कि पहली नजर में यह वीडियो AI (Artificial Intelligence) से बना लग रहा है। लेकिन जूलिया का दावा है कि उन्होंने 6 हफ्तों तक जयपुर की गलियों में रहकर यह रियल लोकेशन पर शूट किया है। इसमें किसी भी तरह की डिजिटल एडिटिंग का इस्तेमाल नहीं किया गया है। पशु क्रूरता का लगा आरोप सूत्रों ने बताया कि विवाद उस समय शुरू हुआ जब हाथी को सिर से पैर तक गुलाबी रंग में पुता हुआ देखा गया। लोगों का कहना है कि एक बेजुबान जानवर के शरीर पर केमिकल वाले रंगों का इस्तेमाल करना सरासर पशु क्रूरता है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे आर्ट नहीं, बल्कि ‘घिनौना स्टंट’ करार दिया है। वन विभाग की रडार पर विदेशी फोटोग्राफर मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान वन विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया है। विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या हाथी के साथ शूट की परमिशन ली गई थी? क्या फोटोशूट के दौरान जानवर की सुरक्षा के मानकों का पालन हुआ? अगर ऐसा नहीं है तो बिना अनुमति हाथी को रंगने और कमर्शियल शूट करने पर भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

कल आएगा 12वीं का परिणाम: राजस्थान बोर्ड तैयार, उदयपुर से होगी लाइव घोषणा

उदयपुर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) अजमेर की 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम कल यानी 31 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे जारी किया जाएगा। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर उदयपुर जिला कलक्टर कार्यालय से ऑनलाइन माध्यम से बोर्ड कार्यालय से जुड़कर परिणाम घोषित करेंगे। परीक्षा परिणाम जारी होते ही छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रिजल्ट देख सकेंगे। बोर्ड की ओर से कॉपियों का मूल्यांकन लगभग पूरा हो चुका था और तकनीकी परीक्षण के बाद परिणाम जारी करने की तैयारी अंतिम चरण में थी। अब बोर्ड ने आधिकारिक रूप से 31 मार्च को परिणाम जारी करने की घोषणा कर दी है। 9 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने दी थी परीक्षा इस वर्ष 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च के बीच आयोजित की गई थीं। इसमें कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के करीब 9.10 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था। परिणाम जारी होने के बाद छात्र अपने रोल नंबर के माध्यम से ऑनलाइन रिजल्ट देख सकेंगे। रिकॉर्ड समय में जारी हो रहा परिणाम आमतौर पर राजस्थान बोर्ड 12वीं का परिणाम मई के अंत तक जारी करता है, लेकिन इस बार मार्च में ही परिणाम घोषित किया जा रहा है। ऐसे में यह बोर्ड के इतिहास में सबसे जल्दी आने वाले 12वीं के परिणामों में शामिल हो सकता है। इससे पहले बोर्ड ने 24 मार्च 2026 को 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर देशभर में सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का रिकॉर्ड भी बनाया था। ऐसे डाउनलोड कर सकते हैं RBSE 12वीं का रिजल्ट – सबसे पहले ऑफिसियल वेबसाइट ओपन करें। होमपेज पर 'RBSE 12th Result 2026' के लिंक पर क्लिक करें। अपनी स्ट्रीम चुनें और रोल नंबर ऐड करें। सबमिट पर क्लिक करते ही स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा।

राजस्थान बोर्ड 12वीं के तीनों संकायों का रिजल्ट शिक्षा मंत्री मदन दिलावर करेंगे घोषित

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) 12वीं कक्षा (कला, विज्ञान और वाणिज्य) का परिणाम 31 मार्च को सुबह 10 बजे जारी करेगा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ऑनलाइन माध्यम से परिणाम घोषित करेंगे, जबकि बोर्ड प्रशासक शक्ति सिंह राठौड़ और सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ बोर्ड कार्यालय से इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। परिणाम घोषित होते ही 9 लाख से अधिक विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो जाएगा। कहां देख सकेंगे नतीजे ? छात्र-छात्राएं अपना परिणाम अमर उजाला की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना पंजीकरण करना होगा। यहां क्लिक करके पंजीकरण करें.. 12 फरवरी से 11 मार्च के बीच आयोजित की गई थीं परीक्षाएं इस वर्ष 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च के बीच राज्यभर में आयोजित की गई थीं, जिनमें 9 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने भाग लिया। इनमें कला संकाय के करीब 6 लाख, विज्ञान के लगभग 2.20 लाख और वाणिज्य के करीब 80 हजार छात्र-छात्राएं शामिल रहे। परीक्षा का आयोजन कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक बोर्ड के नियमों के अनुसार प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि कोई विद्यार्थी एक या दो विषयों में असफल होता है, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा, जो आमतौर पर सितंबर माह में आयोजित की जाती है, ताकि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकेंगे छात्र इसके अलावा, जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे, वे पुनर्मूल्यांकन (स्क्रूटनी) के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाती है, जिससे अंकों में संशोधन की संभावना रहती है। ये भी पढ़ें: मंदिर के बाहर बैठकर बीड़ी पी, फिर गेट तोड़ चांदी के छत्र ले उड़ा चोर, CCTV में कैद वारदात 9 लाख से अधिक छात्रों की  निगाहें 31 मार्च पर टिकी रिजल्ट जारी होने के बाद कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी। विशेष रूप से विज्ञान और वाणिज्य वर्ग के छात्र विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेस में प्रवेश के लिए आवेदन करेंगे, वहीं कला संकाय के विद्यार्थी स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले की तैयारी शुरू करेंगे। फिलहाल पूरे प्रदेश के 9 लाख से अधिक छात्रों की निगाहें 31 मार्च को घोषित होने वाले परिणाम पर टिकी हुई हैं, जो उनके भविष्य की दिशा तय करेगा।

हाईवे पर सफर होगा महंगा और प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र

राजस्थान राजस्थान में 1 अप्रैल से एक साथ कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। ये बदलाव आम आदमी की जेब, दिनचर्या और जीवनशैली तीनों पर असर डालेंगे। सबसे बड़ा असर हाईवे पर सफर करने वालों पर पड़ेगा, जहां टोल दरों में बढ़ोतरी तय है। वहीं, सरकारी अस्पतालों से लेकर स्कूलों और पर्यटन स्थलों तक हर जगह नया शेड्यूल लागू होगा। इन बदलावों की पूरी तस्वीर समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर क्या-क्या बदलने जा रहा है और इसका सीधा असर किन लोगों पर पड़ेगा। हाईवे पर सफर अब पड़ेगा महंगा 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रदेश के कई प्रमुख टोल प्लाजा पर दरों में बढ़ोतरी कर दी है। जयपुर से दिल्ली, किशनगढ़, सीकर और दौसा जाने वाले मार्गों पर स्थित टोल प्लाजा इस बढ़ोतरी के दायरे में आए हैं। इनमें दौलतपुरा, मनोहरपुर, शाहजहांपुर, ठीकरिया, बड़गांव, सीतारामपुरा, हिंगोनिया और टाटियावास जैसे टोल शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि निजी कार चालकों के लिए टोल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। बढ़ोतरी मुख्य रूप से भारी और कॉमर्शियल वाहनों पर लागू होगी, जहां 5 से 20 रुपए तक का इजाफा किया गया है। लेकिन सालाना पास लेने वालों को झटका जरूर लगा है कार के वार्षिक पास की कीमत में 75 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है। अस्पतालों में बदलेगा ओपीडी टाइम गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में भी समय बदलाव लागू किया जाएगा। मरीजों को अब पहले के मुकाबले जल्दी अस्पताल पहुंचना होगा, क्योंकि ओपीडी का समय बदलकर सुबह की ओर शिफ्ट किया जा रहा है। इस बदलाव का मकसद भीड़ को नियंत्रित करना और मरीजों को तेज गर्मी से राहत देना बताया जा रहा है। स्कूलों में नई शुरुआत 1 अप्रैल से प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। नए सत्र के साथ ही किताबें, टाइम-टेबल और कई स्कूलों में नई नीतियां भी लागू होंगी। अभिभावकों और छात्रों के लिए यह समय नई तैयारी और नए लक्ष्य तय करने का होगा। रणथंभौर में सफारी का नया समय पर्यटकों के लिए भी 1 अप्रैल से बदलाव लागू होगा। सवाई माधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क में सफारी का समय बदल दिया गया है। अब मॉर्निंग सफारी सुबह 6 बजे से 9:30 बजे तक और इवनिंग सफारी दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक होगी। इसी तरह जयपुर के आमेर में हाथी सवारी का समय भी घटा दिया गया है। अब पर्यटक सुबह 7 बजे से 10:30 बजे तक ही इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। अदालतों में भी बदलेगा टाइम टेबल राजस्थान हाईकोर्ट सहित प्रदेश की सभी अदालतों में भी जल्द नया समय लागू होगा। 13 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी लागू होगी, जिसके तहत अदालतों में कार्यवाही सुबह 8 बजे से शुरू होगी। हाईकोर्ट में सुनवाई दोपहर 1 बजे तक चलेगी, जबकि ट्रायल कोर्ट में यह समय 12:30 बजे तक रहेगा। बीच में छोटे-छोटे ब्रेक भी निर्धारित किए गए हैं। यह नई व्यवस्था 28 जून तक प्रभावी रहेगी। एक नजर में बड़ा असर 1 अप्रैल से लागू हो रहे ये बदलाव सीधे तौर पर आम जनता के रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करेंगे। जहां सफर महंगा होगा, वहीं दिन की शुरुआत भी पहले करनी पड़ेगी।

RBSE 12th Result 2026: कल आएंगे नतीजे, पिछले वर्षों के रिजल्ट पैटर्न पर एक नजर

  राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी और खुशखबरी वाली खबर आ रही है। बोर्ड ने कक्षा 12वीं के तीनों स्ट्रीम—आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस—का रिजल्ट जारी करने की तिथि घोषित कर दी है। कल, यानी 31 मार्च (मंगलवार) को सुबह ठीक 10 बजे राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर बोर्ड मुख्यालय से नतीजों की घोषणा करेंगे। इस बार राजस्थान बोर्ड ने अपनी कार्यकुशलता से सबको हैरान कर दिया है। बोर्ड ने न केवल समय पर परीक्षाएं संपन्न कराईं, बल्कि रिकॉर्ड समय में मूल्यांकन कार्य पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विद्यार्थी rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। रोल नंबर डालकर अपना परिणाम देख सकेंगे। नतीजे ( BSER RBSE Class 12 Result 2026 ) लाइव हिन्दुस्तान वेबसाइट पर भी चेक किए जा सकेंगे। इतिहास में पहली बार: मार्च में ही आ रहा 12वीं का रिजल्ट राजस्थान बोर्ड के इतिहास में यह पहला मौका है जब 12वीं कक्षा का परिणाम मार्च महीने में ही घोषित किया जा रहा है। आमतौर पर 12वीं के नतीजे मई या जून के महीने में आते थे, लेकिन इस बार बोर्ड ने अपनी परंपरा को बदलते हुए नया इतिहास रचा है। एक और दिलचस्प बात यह है कि इस साल 10वीं का रिजल्ट (24 मार्च) 12वीं से पहले ही जारी कर दिया गया। यह भी बोर्ड के इतिहास में पहली बार हुआ है कि सीनियर सेकेंडरी से पहले सेकेंडरी के नतीजे जारी किए गए। सबसे कम समय में परिणाम जारी करने का रिकॉर्ड इस साल 12वीं की परीक्षाएं 11 मार्च को खत्म हुई थीं। परीक्षाओं के खत्म होने के महज कुछ ही दिनों के भीतर बोर्ड रिजल्ट जारी करने जा रहा है। इससे पहले सबसे कम समय में रिजल्ट जारी करने का रिकॉर्ड साल 2022 के नाम था, जब 26 अप्रैल को परीक्षाएं खत्म होने के बाद 1 जून (यानी 35 दिन) में रिजल्ट आया था। लेकिन 2026 में बोर्ड ने उस रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया है। 9 लाख से ज्यादा छात्रों का भविष्य कल होगा साफ कल घोषित होने वाले नतीजों में कुल 9,10,009 (9 लाख 10 हजार 9) रजिस्टर्ड परीक्षार्थियों का भाग्य तय होगा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर खुद बटन दबाकर पोर्टल पर नतीजे लाइव करेंगे। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि रिजल्ट को लेकर सभी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि भारी ट्रैफिक के बावजूद वेबसाइट सुचारू रूप से काम कर सके। पिछले तीन सालों से बढ़ रहा है सफलता का ग्राफ आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्थान बोर्ड का प्रदर्शन लगातार सुधर रहा है। पिछले तीन वर्षों से आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस—तीनों ही स्ट्रीम का पास प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। हालांकि कोरोना काल में परीक्षाएं नहीं हुई थीं और प्रमोट किए जाने के कारण रिजल्ट 99 प्रतिशत से भी अधिक रहा था, लेकिन उसके बाद भी नियमित परीक्षाओं में छात्रों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में बदला मौसम और 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी

राजस्थान राजस्थान में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली, जब श्रीगंगानगर में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मौसम विभाग ने इसे सक्रिय हुए Western Disturbance का असर बताया है, जो प्रदेश के कई हिस्सों को प्रभावित कर रहा है। 25 जिलों में अलर्ट, आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इनमें 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 21 जिलों में येलो अलर्ट शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। 31 मार्च तक रहेगा असर, फिर मौसम होगा ड्राय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम 31 मार्च तक सक्रिय रहेगा। इसके बाद 1 अप्रैल से प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। इसके साथ ही तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे गर्मी का असर तेज हो सकता है। रविवार को कमजोर रहा सिस्टम, कई जगह साफ रहा मौसम रविवार को इस सिस्टम का असर काफी कमजोर रहा। बीकानेर संभाग में दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही। वहीं जालोर, सिरोही और पाली में हल्के बादल जरूर नजर आए, लेकिन बारिश नहीं हुई। जयपुर-कोटा समेत कई संभागों में तेज धूप प्रदेश के जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभागों में रविवार को आसमान बिल्कुल साफ रहा। दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों ने इसका कारण वातावरण में नमी की कमी को बताया है। कोटा रहा सबसे गर्म, पारा 39 डिग्री पार तापमान की बात करें तो रविवार को कोटा सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू में 37.6 डिग्री, पिलानी और अलवर में 37.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। अन्य शहरों में भी बढ़ा तापमान इसी तरह बाड़मेर में 37 डिग्री, सीकर में 36 डिग्री, जैसलमेर में 35.8 डिग्री और जोधपुर में 35.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं श्रीगंगानगर में 34.5 और बीकानेर में 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। आंधी और मौसम बदलाव से सावधानी जरूरी मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अलर्ट वाले जिलों में तेज आंधी और धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खासकर किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले दो दिनों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने धाकड़ समाज को जयपुर में जमीन दिलाने की दी गारंटी

जयपुर राजधानी के मालवीय नगर स्थित पाथेय भवन में  धाकड़ समाज का अधिवेशन महज एक बैठक नहीं, बल्कि हक और पहचान की खुली घोषणा बनकर सामने आया। मंच पर नेताओं के भाषण थे, लेकिन नीचे बैठा समाज अपने भविष्य की रणनीति लिखता नजर आया। ओबीसी में 5% आरक्षण, जयपुर में छात्रावास और सामाजिक कुरीतियों पर सख्ती इन तीन मुद्दों ने पूरे कार्यक्रम का टोन तय किया। अब भावनाएं नहीं, दबाव चाहिए जैसे ही 5% ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठा, माहौल पूरी तरह बदल गया। मंच से साफ संदेश गया अब केवल मांग करने से काम नहीं चलेगा, ताकत दिखानी होगी। वक्ताओं ने दो टूक कहा कि कई समाज राजनीतिक दबाव बनाकर अपना हिस्सा ले चुके हैं, लेकिन धाकड़ समाज अभी भी बिखरा हुआ है। गुर्जर समाज का उदाहरण बार-बार मंच से गूंजा। संदेश साफ था एकजुटता ही सबसे बड़ा हथियार है।” कुछ प्रतिनिधियों ने तो यहां तक कह दिया कि अगर जरूरत पड़ी, तो समाज आंदोलन की राह भी पकड़ सकता है। हालांकि, युवा नेतृत्व ने संतुलित लाइन भी खींची। युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्जुन धाकड़ ने कहा कि पहले संवाद और राजनीतिक पैरवी के रास्ते को पूरी ताकत से आजमाना चाहिए जब सत्ता में अपने लोग हैं, तो रणनीति भी समझदारी से बनानी होगी। छात्रावास पर भावनाएं उफान पर अधिवेशन का सबसे भावनात्मक पल तब आया, जब जयपुर में धाकड़ छात्रावास की बात उठी। मंच से सवाल उठा जब दूसरे समाजों की अपनी इमारतें हैं, तो हमारी पहचान कब बनेगी?” यह सवाल सीधे दिल पर लगा और माहौल भावुक हो गया। इसी बीच ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बड़ा दांव खेलते हुए कहा “समाज तैयारी करे, पैसा जुटाए, प्रबंधन तय करे जमीन दिलाने की गारंटी मेरी।” इस एक बयान ने पूरे हॉल में जोश भर दिया। इसे अधिवेशन की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। डिजिटल बनो, तभी आगे बढ़ो अधिवेशन में एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब पारंपरिक पत्रिका ‘धाकड़ बंधु’ को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाने की बात हुई। मंत्री नागर ने साफ कहा जो समाज डिजिटल होगा, वही संगठित और मजबूत बनेगा।” मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाने की पैरवी ने यह साफ कर दिया कि समाज अब केवल परंपराओं में नहीं, तकनीक में भी अपनी जगह बनाना चाहता है। दहेज और फिजूलखर्ची पर सीधा हमला अधिवेशन सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहा। सामाजिक सुधार पर भी मंच से कड़े संदेश दिए गए। दहेज प्रथा को लेकर मंत्री नागर ने साफ कहा बदलाव की शुरुआत अपने घर से करनी होगी।” महिला नेताओं ने शादी-ब्याह में बढ़ते खर्च, दिखावे और डीजे संस्कृति पर सवाल उठाए। एक वक्ता ने तीखे अंदाज में कहा आज रिश्ते नहीं, मांग पत्र तय हो रहे हैं।” हाड़ौती क्षेत्र से आए प्रतिनिधियों ने बताया कि वे प्री-वेडिंग शूट और मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। ईमानदारी ही सबसे बड़ी ताकत पूर्व संसदीय सचिव नरेंद्र नागर ने समाज की सबसे बड़ी पूंजी “ईमानदारी” को बताया। उन्होंने कहा कि धाकड़ समाज की पहचान मेहनती और भरोसेमंद लोगों के रूप में है, और यही उसकी असली ताकत है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि समाज को खुद को कमजोर मानने की मानसिकता छोड़नी होगी “जब सोच बदलेगी, तभी स्थिति बदलेगी।” बेटियों की शिक्षा ने बदली तस्वीर महिला शिक्षा पर भी सकारात्मक तस्वीर सामने आई। बताया गया कि समाज की बेटियां अब उच्च शिक्षा और नौकरियों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। यहां तक कहा गया कि अब शिक्षित बेटियों के लिए योग्य वर ढूंढना भी चुनौती बनता जा रहा है जो बदलाव का संकेत है।

डीडवाना निवासी और पूर्व प्रदेश मंत्री सरोज प्रजापत के निधन से राजस्थान भाजपा में शोक

जयपुर भाजपा की पूर्व प्रदेश मंत्री एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सरोज प्रजापत का जयपुर के एक निजी अस्पताल में आकस्मिक निधन हो गया। जानकारी के अनुसार वे घुटनों के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थीं और उनका ऑपरेशन भी हुआ था, लेकिन सर्जरी के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हार्ट फेलियर के चलते उनका निधन बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के बाद उनका शुगर लेवल बढ़ गया, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई। इसके बाद उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां वे पिछले तीन दिनों से वेंटिलेटर पर थीं। इलाज के दौरान उनकी दोनों किडनी फेल हो गईं और अंततः हार्ट फेलियर के चलते उनका निधन हो गया।  2019 में नागौर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा सरोज प्रजापत मूल रूप से डीडवाना की निवासी थीं, लेकिन लंबे समय से नागौर में अपने परिवार के साथ रह रही थीं। उनके पति राजेंद्र कुमार सरकारी अकाउंटेंट पद से सेवानिवृत्त हैं। वे अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर नागौर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने उनके निधन को पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सरोज प्रजापत एक समर्पित, कर्मठ और निष्ठावान कार्यकर्ता थीं, जिन्होंने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन पार्टी परिवार के लिए गहरी क्षति है। इसके अलावा भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। नागौर और डीडवाना सहित विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच शोक की लहर है।

जलस्तर में सुधार के बीच खतरे की घंटी, राजस्थान के 24% हिस्सों में गिरावट जारी

जयपुर. भू-जल को लेकर चिंताओं के बीच प्रदेशवासियों के लिए खुशी की खबर है। पिछले एक वर्ष में प्रदेश के 76 प्रतिशत क्षेत्रों में भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि करीब 24 प्रतिशत इलाकों में जलस्तर नीचे गया है। भीलवाड़ा जिले के कोशिथल में भू-जल सबसे ऊपर सतह से मात्र 0.01 मीटर नीचे दर्ज किया गया, वहीं बीकानेर के अभयसिंहपुरा में यह 162 मीटर गहराई तक पहुंच गया। केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के जयपुर स्थित पश्चिम क्षेत्र कार्यालय ने जनवरी 2026 में प्रदेश के 2191 स्थानों पर अध्ययन कर यह रिपोर्ट जारी की। भू-जल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आर. के. कुशवाह ने बताया कि रिपोर्ट भूजल विभाग के मुख्य अभियंता सूरजभान सिंह और जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता योगेश कुमार मित्तल सहित अधिकारियों के साथ साझा की गई। भू-जल की वर्तमान स्थिति 22% स्थानों पर भूजल 40 मीटर से नीचे। नागौर, शेखावाटी, बीकानेर, जोधपुर, अलवर, जैसलमेर, बाड़मेर, जयपुर-दौसा, जालौर। 17% स्थानों पर 20 से 40 मीटर 15% स्थानों पर 10 से 20 मी., 16% स्थानों पर 5 से 10 मी., 19% स्थानों पर 2 से 5 मीटर कम गहराई पर। 11% स्थानों पर 2 मीटर से कम गहनाई। अजमेर, टोंक, पाली, बारां भीलवाड़ा बूंदी, राजसमंद, कोटा, स. माधोपुर, चित्तौड़गढ़ व उदयपुर में। 67.2% स्थानों पर भू-जल स्तर बढ़ा 0.01 मीटर सबसे कम वृद्धि (जैसलमेर के अरजाना व बीकानेर के बिनजावारी में) 37.66 मीटर की सर्वाधिक वृद्धि (चौसा के सायपुर पाखर में) 41.6% जगह वृद्धि 2 मीटर से कम (राज्य के पूर्वी क्षेत्र में) 12.9% जगह वृद्धि 4 मीटर से अधिक (राज्य के पूर्वी, दक्षिण-पश्चिमी, उत्तर-पूर्वी और मध्य भाग) इन स्थानों पर उतरा भू-जल 32.8% स्थानों पर गिरावट (पश्चिमी उत्तरी व उत्तर-पूर्वी में) न्यूनतम गिरावट 0.02 मीटर (श्रीगंगानगर के रामसिंहपुरा में) अधिकतम गिरावट 31.73 मीटर (सीकर के धोद में) 22.9% जगह गिरावट 2 मीटर से कम (पश्चिमी जिलों में) 4.2% जगह गिरावट 2-4 मीटर (दक्षिणी-उत्तरी जिलों में) फाइलों में जल संरक्षण, बारिश पर निर्भरता प्रदेश में वर्षा जल संरक्षण के उपायों को अब भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। भूजल स्तर बढ़ाने में अब भी वर्षा जल पर ही निर्भरता प्रदेश में बरकरार है। हर साल लाखों लीटर वर्षा जल प्रदेश में व्यर्थ बहता है लेकिन सरकारी तंत्र की सक्रियता जल संरक्षण को लेकर महज फाइलों में नजर आती है।

राजस्थान में बेटियों को सशक्त बनाने की पहल, 20 करोड़ से बनेगा गर्ल्स सैनिक स्कूल

अजमेर. अजमेर के शैक्षिक इतिहास में जल्द नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। हाथीखेड़ा क्षेत्र में 30 एकड़ क्षेत्र में 20 करोड़ रुपए की लागत से बालिका सैनिक स्कूल बनेगा। इसके वर्क ऑर्डर शीघ्र जारी होंगे। इसके साथ ही सुंदर विलास स्थित मॉडल बालिका स्कूल को सावित्री बालिका प्राथमिक विद्यालय भवन में शिफ्ट किया जाएगा। ऐसे में करीब 300 छात्राओं को अन्य स्कूलों में शिफ्ट होने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी। अजमेर उत्तर क्षेत्र की स्कूलों में डीएमएफटी फंड से 5 करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए जाएंगे। इससे क्षेत्र में शैक्षिक आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शनिवार को सर्किट हाउस में अजमेर में शिक्षा विभाग से संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से हाथीखेड़ा क्षेत्र में बनने वाले बालिका सैनिक स्कूल की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जयपुर में अधिकारियों को फोन कर वर्क ऑर्डर अप्रेल में जारी करने के निर्देश दिए। बालिका सैनिक स्कूल करीब 20 एकड़ जमीन पर बनने जा रहा है। इसके निर्माण पर करीब 20 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस परियोजना से बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासनात्मक माहौल भी मिलेगा। छात्राओं को बेहतर वातावरण मिलेगा देवनानी ने शहर में बालिका शिक्षा की एक बड़ी समस्या का समाधान भी किया। उन्होंने सुंदर विलास स्थित मॉडल बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल के भवन संबंधी समस्या पर चर्चा करते हुए इसे सावित्री बालिका प्राथमिक विद्यालय के भवन में संचालित करने के निर्देश दिए। इससे छात्राओं और स्टाफ को दूसरे स्कूलों में मर्ज नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय भवन में पर्याप्त कक्षा कक्ष हैं। सेफ्टी ऑडिट भी करवा ली गई है। जल्द ही इसकी मरम्मत व रंग-रोगन करवा कर बालिकाओं के लिए संचालित करवा दिया जाएगा। इससे छात्राओं को बेहतर वातावरण मिलेगा। देवनानी ने अधिकारियों से शहर में जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों व कक्षों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि बारिश के समय किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जाए। पीडब्ल्यूडी भी इस दिशा में काम करे। बच्चों को किसी तरह के खतरे में नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। विकास कार्यों की जानकारी भी ली उन्होंने शिक्षा विभाग और अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से डीएमएफटी फंड से स्कूलों में होने वाले विकास कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रुपए से होने वाले ये विकास कार्य जल्द शुरू करवाए जाएं ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। देवनानी ने विधायक कोष से स्कूलों में होने वाले कामों की भी समीक्षा की। कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से स्कूलों के सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा परिणाम की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में अधिक विद्यार्थी 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाएं। स्कूल स्टाफ का मूल्यांकन भी इसी आधार पर हो। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग नामांकन बढ़ाए। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। आंगनबाड़ी के स्कूल जाने लायक बच्चों का नामांकन किया जाए। शिक्षक स्कूल समय के अतिरिक्त क्षेत्र में संपर्क कर बच्चों को शिक्षा से जोड़ें। इसी तरह अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी दर्शना शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।