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पीएम मोदी की सभा का अजमेर में बनने लगा वाटर प्रूफ डोम

अजमेर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 28 फरवरी को होने वाली सभा को लेकर कायड़ विश्राम स्थली में तैयारियां शुरू हो गई हैं। सभा के लिए वाटर प्रूफ डोम बनाने का सामान मौके पर पहुंच चुका है। जयपुर रोड से विश्राम स्थली जाने वाली सड़क पर डामरीकरण, पार्किंग और सभा स्थल के आसपास मैदान को समतल किया जा रहा है। विश्राम स्थली में पीएम मोदी की सभा के लिए वाटर प्रूफ डोम बनाया जाएगा। इसके लिए एल्यूमिनियम और लोहे के एंगल सहित डोम का सामान पहुंच चुका है। अधिकारियों की देखरेख में श्रमिकों ने काम शुरू कर दिया है। हेलीपेड के आसपास सफाई की गई है। जेसीबी से की लेवलिंग सभा के लिए आने वाली बसों, कार-जीप और अन्य वाहनों की पार्किंग विश्राम स्थली के बाहर कराई जाएगी। जेसीबी से जमीन का समतल कराई गई है। विश्राम स्थली में भी जेसीबी ने जमीन को समतल किया। अब अस्थायी बेरिकेडिंग लगाने का काम शुरू होगा। हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात मुख्य सभा स्थल और इसके आसपास हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनके अलावा जयपुर रोड से विश्राम स्थली और सभास्थल तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। करीब 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। पीएम मोदी की सभा से पहले एसपीजी टीम मुख्य सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेगी। बनेंगे एंट्री-एग्जिट गेट सभास्थल पर एंट्री-एग्जिट के गेट बनेंगे। जनप्रतिनिधियों और आमजन के लिए अलग-अलग द्वार से प्रवेश व निकास की व्यवस्था की जाएगी। सभी गेट पर डोरफ्रेम मेटल डिटेक्टर लगेंगे।

राजस्थान का मौसम बदला मिज़ाज: कई शहरों में तापमान 30° पार, बाड़मेर सबसे गर्म, फतेहपुर सबसे ठंडा

जयपुर राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सुबह और शाम की सर्दी अब कम हो गई है। शनिवार को राज्य के 10 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर ने अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में मौसम साफ रहा। सुबह से लेकर शाम तक तेज धूप खिली रही। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा-चित्तौड़गढ़ 31.2, फलोदी 31.8, बीकानेर 31.2, जैसलमेर 31.5, पाली (जवाई बांध क्षेत्र) 31.4, डूंगरपुर 30, फतेहपुर (सीकर) 30, लूणकरणसर (बीकानेर) 30.9, चूरू 30.4, भीलवाड़ा 29.4, टोंक 29.6, श्रीगंगानगर 29.4, नागौर 29.8, झुंझुनूं 29.1, उदयपुर 29.2 और जयपुर 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर सहित कई जिलों में दिनभर धूप रहने से मौसम सुहावना बना रहा, जबकि सुबह-शाम हल्की सर्दी महसूस की गई। न्यूनतम तापमान की बात करें तो सीकर के फतेहपुर में सबसे कम 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पाली में 10.6, दौसा में 11.6, सिरोही में 11.4, सीकर में 11.5 और अलवर में 11.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। वहीं, बाड़मेर में रात सबसे कम सर्द रही, जहां न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

पाली में 4 साल के बेटे-मां सहित एक साथ उठीं 5 अर्थियां

पाली. राजस्थान के पाली जिले के भावनगर (गुड़ा एंदला) गांव में रविवार को ऐसा मंजर दिखा, जिसे देखकर पत्थर दिल भी पिघल जाए। भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के पांच लोगों की अर्थियां जब एक साथ उठीं, तो पूरा गांव सिसक उठा। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब मां और उसके चार साल के मासूम बेटे को एक ही अर्थी पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। एक ही परिवार की 5 अर्थियां एक साथ गांव की गलियों से निकली तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजन बिलख रहे थे, ग्रामीण ढांढस बंधा रहे थे, लेकिन आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। ऐसे में ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। बता दें कि गुजरात में ऊंझा-मेहसाणा हाइवे पर शनिवार सुबह उस वक्त भीषण हादसा हुआ था, जब भावनगर (गुड़ा एंदला) हाल निवासी अहमदाबाद रामलाल कुमावत का परिवार भांजे विकास की शादी में शामिल होने के बाद मणिहारी गांव से वापस लौट रहे थे। तभी तेज रफ्तार वैन डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि रामलाल लाखाजी कुमावत, कोमल मदनलाल कुमावत, कैलाश रामलाल कुमावत और चार वर्षीय आयुष कुमावत की मौके पर ही मौत हो गई। गुजरात के अस्पताल में 6 घायल भर्ती हादसे में घायल हुए छह लोगों का इलाज गुजरात के अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टर्स के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर ट्रैफिक भी बाधित रहा। शादी की खुशियों के बाद घर लौट रहा परिवार इस भीषण दुर्घटना से शोक में डूब गया है।

कार के ट्रक में घुसने से चार की मौके पर मौत

कोटा. कोटा जिले के चेचट क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी मृतक उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी थे और मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर लौट रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार कार पीछे से आगे चल रहे एक ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चारों लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही चेचट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लेकर चालक से पूछताछ शुरू कर दी है। चेचट पुलिस मृतकों की पहचान के प्रयास में जुटी हुई है तथा परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।

वोटर लिस्ट से 31 लाख नाम बाहर, राजस्थान में फाइनल सूची जारी

जयपुर राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के समापन के बाद शनिवार को फाइनल मतदाता सूची जारी की गई। इस नई सूची से 31 लाख से अधिक नामों को बाहर किया गया है। वर्तमान में कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,19,929 है।चुनाव आयोग के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 की सूची में कुल मतदाता 5,46,56,215 थे। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 41,84,891 नामों को ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किया गया, जिससे 16 दिसंबर 2025 को जारी ड्राफ्ट सूची में कुल मतदाता 5,04,71,324 थे। ड्राफ्ट सूची के बाद 12,91,365 नए मतदाताओं को शामिल किया गया, जबकि 2,42,760 नामों को हटाया गया। 21 फरवरी को जारी अंतिम सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,19,929 है, जो 27 अक्टूबर 2025 के मुकाबले 3,136,286 कम है। चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,19,929 में से 2,69,57,881 पुरुष मतदाता और 2,45,61,486 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा, 562 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। एसआईआर के बाद कुल 10,48,605 मतदाताओं की वृद्धि हुई है, जो 2.08 प्रतिशत है। जयपुर जिले में 3.45 प्रतिशत, फलौदी में 3.22 प्रतिशत, भरतपुर में 2.78 प्रतिशत, सिरोही में 2.72 प्रतिशत व बूंदी में 2.71 प्रतिशत कुल मतदाताओं में वृद्धि हुई है। आयोग के अनुसार, फाइनल मतदाता सूची में लिंगानुपात में 2 अंकों की वृद्धि हुई है, जो प्रारूप प्रकाशन के समय 909 से अंतिम प्रकाशन के समय 911 हो गया है। राज्य में जयपुर जिले में 7 अंक, कोटा में 6 अंक और अजमेर, सिरोही, डूंगरपुर, बूंदी, झालावाड़ व बारां में 4 अंक की वृद्धि हुई है। फाइनल मतदाता सूची में युवा मतदाताओं (18 से 19 वर्ष आयुवर्ग) की संख्या में 4,35,061 की वृद्धि हुई है, जो 0.82 प्रतिशत है। जयपुर जिले में 1.30 प्रतिशत, बाड़मेर में 1.26 प्रतिशत, भरतपुर में 1.22 प्रतिशत, फलौदी में 1.18 प्रतिशत तथा बूंदी में 1.09 प्रतिशत युवा मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।

अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित: प्रदेश में 5.15 करोड़ मतदाता, 31 लाख लोगों के नाम बाहर

जयपुर राजस्थान में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। राज्य की 199 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को कर दिया गया। अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल 5 करोड़ 15 लाख 19 हजार 929 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इससे पहले 27 अक्तूबर 2025 को जारी प्रारंभिक आंकड़ों में मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 थी। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुल 31 लाख 36 हजार 286 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई मृत, स्थानांतरित अथवा अपात्र पाए गए मतदाताओं के नामों के सत्यापन के बाद की गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना था, ताकि आगामी चुनावों में निष्पक्ष और सुचारु मतदान सुनिश्चित किया जा सके। क्र.स. विवरण कुल 1 27 अक्टूबर 2025 को मतदाता 5,46,56,215 2 ड्राफ्ट सूची में शामिल ना हुये मतदाता (ASD) 41,84,891 3 16 दिसम्बर 2025 को ड्राफ्ट सूची में शामिल मतदाता 5,04,71,324 4 ड्राफ्ट सूची प्रकाशन के बाद जोड़े गये कुल नये मतदाता 12,91,365 5 ड्राफ्ट सूची प्रकाशन के बाद हटाये गये कुल मतदाता 2,42,760 6 मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में मतदाता 5,15,19,929 राज्य में युवा मतदाताओं की संख्या में 4.35 लाख से अधिक की बढ़ोतरी राज्य में प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस दौरान 18 से 19 वर्ष आयुवर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या में 4,35,061 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो कुल मिलाकर 0.82 प्रतिशत की वृद्धि है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार जयपुर जिले में 1.30 प्रतिशत, बाड़मेर में 1.26 प्रतिशत, भरतपुर में 1.22 प्रतिशत, फलौदी में 1.18 प्रतिशत तथा बूंदी में 1.09 प्रतिशत युवा मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के संबंध में 21 फरवरी 2026 को जिला निर्वाचन अधिकारियों की अध्यक्षता में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली-2026 की एक सॉफ्ट कॉपी (फोटो रहित) और एक हार्ड कॉपी संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्तर पर निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कोई भी मतदाता जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइट https://election.rajasthan.gov.in तथा https://voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन EPIC सर्च के माध्यम से अपनी जानकारी देख सकता है। इसकी जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्या बताया? मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस व्यापक अभियान को राज्य के सभी 41 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), 199 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ), 1651 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ), 61,136 बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ), लाखों स्वयंसेवकों और प्रमुख राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी से सफल बनाया गया। अभियान में जिला अध्यक्षों के साथ 1,08,252 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी शामिल रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पूरी प्रक्रिया के दौरान जागरूकता और सकारात्मक सहयोग के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का भी आभार व्यक्त किया।

जयपुर में भी किफायती सफर का मिलेगा नया विकल्प

जयपुर. राजधानी जयपुर में महंगे ऑटो-टैक्सी किराये से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जयपुर शहर में जल्द ही किफायती दर पर सफर का नया विकल्प मिलने जा रहा है। सहकारिता मंत्री गौतम दक ने विभाग की अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देते हुए विधानसभा में कहा कि जयपुर में जल्द ही नई सरकारी 'भारत टैक्सी' सेवा शुरू होगी। सहकारिता मंत्री गौतम दक ने कहा कि दिल्ली की तर्ज पर मार्च-अप्रैल में जयपुर में भारत टैक्सी शुरू होगी। इस सेवा के लिए ड्राइवरों को पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही लोगों को किफायती दर पर सफर की सुविधा मिलेगी। उदयपुर में सहकारी ‘बाइक ऑन रेंट’ सेवा शुरू मंत्री गौतम दक ने बताया कि उदयपुर में सहकारी ‘बाइक ऑन रेंट’ सेवा शुरू हो चुकी है, जबकि जयपुर में ‘भारत टैक्सी’ जल्द शुरू होगी। इसके अलावा केंद्र सरकार की नई पहल के तहत सहकारी समितियों को पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी के लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे। क्या है 'भारत टैक्सी'? 'भारत टैक्सी' एक सरकारी और सहकारी मॉडल पर आधारित ऐप है, जिसे ओला और उबर जैसी प्राइवेट कंपनियों के विकल्प के रूप में पेश किया गया है। इसका संचालन 'सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड' द्वारा किया जा रहा है। इस ऐप की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें टैक्सी चलाने वाला ड्राइवर ही इस प्लेटफॉर्म का हिस्सेदार यानी मालिक है।

3645 करोड़ के प्रोजेक्ट का 16 अप्रेल को काम होगा पूरा

चित्तौडगढ़़. जाखम प्रोजेक्ट के तहत चार जिलों को मिलने वाले पानी का इंतजार लम्बा होता जा रहा है। घोषणा के डेढ़ साल बाद भी अभी तक टेक्निकल बिड तक नहीं खुल पाई है। इसे खोलने के लिए 16 फरवरी निर्धारित की थी, जिसे बढ़ाकर 16 अप्रेल कर दिया है। उक्त प्रोजेक्ट को तीन साल में पूरा करना है, जबकि अब तक डेढ़ साल से अधिक समय गुजर चुका है। राज्य सरकार ने 20224-25 के बजट में जाखम प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। पूरे प्रोजेक्ट पर 3645.56 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पहले चरण में चित्तौडगढ़़ और प्रतापगढ़ जिलों के करीब 800 गांव 622 ढाणी में पाइप लाइन से पीने का शुद्ध पानी पहुंचाया जाना प्रस्तावित है। प्रथम चरण में 1692.30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जलदाय विभाग की ओर से इसके लिए टेण्डर आमंत्रित किए गए। टेण्डर को खोलने से पहले टेक्निकल बिड खोली जाती है। इसे खोलने के लिए 16 फरवरी 2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 16 अप्रेल कर दिया है। ऐसे में अब इस पूरे प्रोसेस में देरी होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि तकनीकी बोली को खोलने के बाद टेण्डर खोले जाते हैं। दस्तावेजों की जांच आदि के बाद सबसे कम बोली लगाने वाली फर्म को वर्क ऑर्डर दिया जाता है। इसके बाद काम शुरू होता है। दूसरे चरण में 1953.26 करोड़ होंगे खर्च जाखम बांध पेयजल परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में चित्तौडगढ़़ और प्रतापगढ़ जिलों के करीब 800 गांव 622 ढाणी में पानी पहुंचाया जाता है। दूसरे चरण में राजसमंद और उदयपुर जिले के 1697 गांव और ढाणी में पानी पहुंचाने की योजना है। राजसमंद जिले के 790 गांव-ढाणी और उदयपुर जिले के 907 गांव-ढाणी को शामिल किया गया है। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 1692.30 करोड़ एवं दूसरे चरण में 1953.26 करोड़ रुपए खर्च होंगे। टेक्निकल बिड अब अप्रेल में खुलेगी जाखम बांध पेयजल परियोजना के प्रथम चरण में चित्तौडगढ़़ और प्रतापगढ़ के लिए टेण्डर आमंत्रित किए गए हैं, इसकी टेक्निकल बिड 16 फरवरी को खोली जानी थी, जिसे अब अप्रेल में खोला जाएगा। -सुनीत कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता जनस्वास्थ्य अभियांत्री विभाग चित्तौडगढ़़

क्या सच में उदयपुर जा रहे हैं विजय और रश्मिका? शादी की अटकलों के बीच एयरपोर्ट पर हुए स्पॉट

 उदयपुर रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की खबरें इन दिनों बी-टाउन का हॉट टॉपिक बनी हुई हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दोनों 26 फरवरी को उदयपुर में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी करने वाले हैं। दोनों के इन्विटेशन कार्ड की एक फोटो भी सोशल मीडिया पर फैल रही है। हालांकि, अभी तक कपल की ओर से शादी को लेकर कोई कंफर्मेशन सामने नहीं आई है। इस बीच अब ये जोड़ा एयरपोर्ट पर नजर आया है। हालांकि, दोनों अलग-अलग दिखे, लेकिन इनके एयरपोर्ट पर नजर आते ही ये कयास लगाए जाने लगे कि दोनों उदयपुर के लिए रवाना हो रहे हैं। कैजुअल लुक में एयरपोर्ट पर दिखा कपल आज सुबह यानी शनिवार 21 फरवरी को शादी की चर्चाओं के बीच रश्मिका और विजय देवरकोंडा को एयरपोर्ट पर देखा गया है। इसके बाद ये अटकलें लगाई गईं कि दोनों शादी के लिए उदयपुर रवाना हो रहे हैं। हालांकि, अभी तक ये कंफर्म नहीं है कि दोनों कहां के लिए रवाना हुए हैं। लेकिन दोनों सेलेब्स एयरपोर्ट पर कैजुअल अंदाज में नजर आए। इस दौरान विजय देवरकोंडा जहां ओपन ब्लैक शर्ट और ब्लैक पैंट में नजर आए। वहीं रश्मिका ग्रे स्लीवलेस टी-शर्ट और ब्लैक लोअर में नजर आईं।   इस दौरान रश्मिका के माथे पर छोटी सी बिंदी भी नजर आई। दोनों ही सेलेब्स इस दौरान चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे। गाड़ी से उतरते समये रश्मिका फोन में व्यस्त दिखीं। हालांकि, पैपराजी को देखकर उन्होंने हाय किया। इस दौरान दोनों साथ में नहीं बल्कि अलग-अलग नजर आए।  सजे हुए विजय के घर का वीडियो और कार्ड की तस्वीरें वायरल बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें विजय देवरकोंडा का घर झालरों से सजा हुआ नजर आ रहा था। इस वीडियो के सामने आने के बाद दोनों की शादी को लेकर चर्चाएं और भी तेज हो गईं। वहीं दोनों के इन्विटेशन कार्ड की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। इनमें शादी की तारीख 26 फरवरी बताई जा रही है, जबकि 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक कपल या उनके परिवार की ओर से शादी को लेकर को आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। शादी में होगी नो फोन पॉलिसी बीते दिनों कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रश्मिका और विजय ने शादी के कार्यक्रम में नो फोन पॉलिसी को लागू किया है। यानी कोई भी गेस्ट फोन लेकर फंक्शन में शामिल नहीं हो सकेगा। यहां तक कि शादी को शूट करने वाली टीम ने भी एनडीए (गैर-खुलासा समझौता) पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जा रहा है कि दोनों ने शादी की सिक्योरिटी के लिए विदेशी कंपनी से डील की है।  

साध्वी की मौत का खुलासा! 18 दिन की पड़ताल में CCTV और कॉल डिटेल से सामने आया सच

 जोधपुर राजस्थान की चर्चित युवा साध्वी प्रेम बाईसा का मौत को लेकर सवालों का सैलाब उमड़ पड़ा था. क्या उनकी मौत के पीछे कोई साजिश थी? क्या उन्हें जहर दिया गया? या फिर कोई मेडिकल लापरवाही? 18 दिनों तक चली लंबी और पेचीदा जांच, 44 गवाहों के बयान, 106 लोगों की कॉल डिटेल, 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज और 37 से अधिक विसरा नमूनों की पड़ताल के बाद आखिरकार जोधपुर पुलिस ने इस राज से पर्दा उठा दिया. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. क्योंकि मौत की वजह भले सामने आ गई हो, इंजेक्शन का सच सामने आना अभी बाकी है. एक लंबी और चुनौतीपूर्ण तफ्तीश के बाद राजस्थान की मशहूर साध्वी प्रेम बाईसा के मौत के रहस्य से आखिरकार पर्दा हट ही गया. इस मामले में फाइनल ओपिनियन के लिए जोधपुर पुलिस को फॉरेंसिक साइंस लैब्रोटरी यानी एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार था. उस रिपोर्ट के बाद पुलिस ने इसे लेकर फिर से मेडिकल एक्सपर्ट्स से चर्चा की और आखिरकार प्रेम बाईसा की मौत के सच का खुलासा कर दिया.  28 जनवरी को हुई प्रेम बाईसा की मौत के बाद से ही इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था. प्रेम बाईसा के अनुयायी तो खैर इस मामले में इंसाफ की मांग कर ही रहे थे, खुद प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ भी बार-बार इस मामले में साजिश की आशंका जताते हुए अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे थे, ऐसे में पुलिस ने पहले डॉक्टरों के बोर्ड से उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया और फिर हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए उनके विसरा के नमूनो को स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब्रोटरी जयपुर भेजा, जिसकी रिपोर्ट 16वें दिन सामने आ गई और 18वें दिन जोधपुर पुलिस ने इस केस को एक तरह से कनक्लूड कर दिया. पुलिस की मानें तो साध्वी प्रेम बाईसा के साथ ना तो कोई साजिश हुई, ना उनके साथ मौत से पहले कोई सेक्सुअल ऑफेंस हुआ और ना ही उन्होंने खुदकुशी की, बल्कि उनकी मौत की वजह कार्डिएक और पल्मॉनरी अरेस्ट बनी. कार्डियो पल्मनॉरी अरेस्ट से मौत बोले तो दिल की धड़कनों का और सांस लेने की क्रिया रुकने के चलते हुई मौत. पुलिस ने साफ किया कि उन्हें पहले से फेफड़े से संबंधित बीमारी थी, ऐसे में कार्डियो पल्मनॉरी अरेस्ट जानलेवा बन गई.  वैसे तो इस मामले में कई पेच थे, लेकिन सबसे बड़ा पेच साध्वी को मौत से ऐन पहले लगाए गए इंजेक्शन का ही था. क्योंकि सामने आई खबरों के मुताबिक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद ही उनकी तबीयत एकाएक बिगड़ी और जब तक उनके पिता और आश्रम के लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक उनकी जान चली गई. ऐसे में इंजेक्शन में दी गई दवाओं की जांच के साथ-साथ पुलिस के लिए उस कंपाउंडर की भूमिका की पड़ताल भी जरूरी थी. पुलिस ने इस दिशा में जांच की भी और शुरुआती तफ्तीश में उसे कंपाउंडर की लापरवाही का पता चला. आपको याद होगा कि 28 जनवरी को साध्वी की तबीयत बिगड़ने पर जोधपुर के एक कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित को आश्रम की ओर से साध्वी के इलाज के लिए बुलाया गया था और तब देवी सिंह दो दवाओं के साथ साध्वी के पास पहुंचा था. साध्वी को ये दवाएं पहले भी दी जाती रही हैं. इन दवाओं में डेक्सोना और डायनापार शामिल हैं, लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि से शेड्यूल एच की दवाएं हैं, जिन्हें बिना किसी मेडिकल प्रैक्टिशनर यानी डॉक्टर की इजाजत या देख-रेख के बगैर दिए जाने की मनाही है. इसके बावजूद देवी सिंह राजपुरोहित ने ना सिर्फ साध्वी को इन दो दवाओं का इंजेक्शन दिया, बल्कि वो बगैर किसी प्रैस्क्रिप्शन यानी डॉक्टर की पर्ची के खुद ही ये दवाएं लेकर साध्वी के पास पहुंचा था, जो की एक गैरकानूनी हरकत है. जोधपुर पुलिस ने साफ किया कि कंपाउंडर की लापरवाही को लेकर पुलिस ने नए सिरे से मेडिकल बोर्ड से उनकी राय मांगी है, ताकि ये साफ हो सके कि क्या कपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित की ओर से दिया गया इंजेक्शन ही उनकी मौत की वजह बनी या नहीं? पुलिस ने कहा कि इस मामले में मेडिकल बोर्ड की राय आने के बाद ही देवी सिंह राजपुरोहित के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. साध्वी को 28 जनवरी को 2 इंजेक्शन लगाए गए थे. डायनापार और डेक्सोना. डायनापार यानी डाइक्लोफिनैक और डेक्सोना यानी डेक्सामेथासोन. तेज दर्द, सूजन, चोट और सर्जरी के बाद होने वाले दर्द से निजात दिलाने वाली ये दवाएं आम तौर पर एक साथ दी जाती हैं. लेकिन इसकी शर्त है कि इन्हें डॉक्टर की निगरानी में ही दिया जाना जरूरी है. क्योंकि इन्हें दी जाने में बरती गई मामूली लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. एक्सपर्ट बताते हैं कि कभी-कभार एक ही सीरींज से डाइक्लोफिनैक और डेक्सामेथासोन का इंजेक्शन मरीज के लिए खतरनाक कार्डियोवैस्कुलर इवेंट यानी हार्टफेल की वजह बन जाती है. कई बार इन दवाओं से पेट से संबंधी समस्याएं, सिर चकराने, सिर दर्द या इनफेक्शन यानी संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. यही वजह है कि ये दवाएं सिर्फ डॉक्टर की निगरानी में ही दी जाने की बात कही जाती है. लेकिन साध्वी प्रेम बाईसा के मामले में डॉक्टर की निगरानी वाली बात की अनदेखी की गई. अब सवाल यही है कि क्या साध्वी के शरीर में इन दो दवाओं का रिएक्शन हो गया, जिसके चलती उनकी जान चली गई? पुलिस फिलहाल ये पता लगाने में जुटी है. फिलहाल इंजेक्शन लगाने वाला कपाउंडर बेशक डॉक्टर की पर्ची के मुताबिक ही इंजेक्शन लगाने की बात कह रहा है, लेकिन ये भी सच है कि वो पर्ची पुरानी थी. साध्वी ने 28 जनवरी को किसी डॉक्टर से कोई सलाह नहीं ली थी. अजमेर से प्रोग्राम कर लौटने के बाद जब साध्वी की तबीयत बिगड़ी, तो उन्होंने अपने पिता से ट्रिटमेंट करवा देने की बात कही थी. हालांकि अस्पताल जाने के पिता की पेशकश को उन्होंने ठुकरा दिया था. एफएसएल और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट के सामने आने के बाद साध्वी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बनी असमंजस की स्थिति भी काफी हद तक साफ हो गई है. क्योंकि इन रिपोर्ट में बताया गया है कि साध्वी के शरीर में ना तो अंदरुनी या बाहरी चोट के निशान थे और ना ही उनके शरीर में … Read more