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पीएम मोदी की अपील का असर, राजस्थान में जज से लेकर अफसर तक साइकिल और ईवी का इस्तेमाल

 जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का देश में बड़ा असर देखने को मिल रहा है. इस मुहिम से प्रेरित होकर राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन इन दिनों लग्जरी सरकारी गाड़ी छोड़कर साइकिल से अदालत पहुंच रहे हैं. शनिवार को भी वे अपने गांधीनगर स्थित आवास से करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय कर साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को भी साथ नहीं रखा, जो उनकी सादगी को दर्शाता है. हालांकि रास्ते में अंबेडकर सर्किल और हाईकोर्ट गेट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उन्हें पहचान लिया. वकीलों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा हाईकोर्ट परिसर में जब लोगों ने माननीय न्यायाधीश को साइकिल से आते देखा, तो हर कोई हैरान रह गया. अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट कर्मचारियों के बीच उनकी इस अनूठी पहल की जमकर चर्चा हो रही है. सभी ने इसे पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत फिटनेस और ईंधन की बचत के लिए एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया है. बड़े पदों पर बैठे लोगों ने बदला अपना अंदाज ईंधन बचाने और सादगी अपनाने का यह सिलसिला केवल न्यायपालिका तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अन्य शीर्ष पदों पर बैठे लोग भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. इसी तरह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अपने सुरक्षा काफिले को सीमित किया है और हाल ही में वे एक कार्यक्रम में पर्यावरण अनुकूल ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) कार से पहुंचे. प्रशासनिक स्तर पर भी इसका असर दिख रहा है. जयपुर में आईपीएस विकास कुमार साइकिल चलाकर अपने दफ्तर पहुंचे, वहीं शुक्रवार को शहर में कुछ जगहों पर पुलिस अधिकारियों ने साइकिल पर ही गश्त कर जनता के बीच एक बेहतरीन संदेश दिया.

फलोदी-चित्तौड़गढ़ में पारा 44 डिग्री पार, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

जयपुर प्रदेश में हीटवेव के साथ आंधी बारिश का दौर भी लगातार जारी है. बीते कुछ दिनों में प्रदेश के कुछ इलाकों में लू का कहर रहा तो वहीं कुछ इलाकों में तेज हवाएं चली. गुरुवार (14 मई) शाम से मौसम बदलने के बाद से फिलहाल राहत बनी हुई है. शुक्रवार (15 मई) को तापमान में भी करीब 2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज (16 मई) से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी और पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी पड़ेगी. हालांकि, पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश के चलते तापमान में जरूर गिरावट रह सकती है. इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट झालावाड़, चित्तौड़गढ़, कोटा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और फलौदी जिले के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल-तिजारा और कोटपुतली-बहरोड़ में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट है. फलोदी-चित्तौड़गढ़ में तापमान 44 डिग्री के पार प्रदेश में सर्वाधिक तापमान फलोदी में 44.8 डिग्री दर्ज किया गया. चित्तौड़गढ़ में भी तापमान 44.2 डिग्री तक पहुंच गया है. इसके अलावा जैसलमेर, अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, करौली, दौसा, लूणकरणसर और पाली जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा. इस बार जल्दी आएगा मानसून   राजस्थान में मानसून समय से पहले पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस बार 25 जून की जगह मानसून प्रदेश में 20 जून तक एंट्री ले सकता है. पिछले साल भी मानसून ने समय से पहले दस्तक दी थी. पिछले 6 साल की बात करें तो केवल 2022 में मानसून देरी से पहुंचा था.

पाकिस्तानी गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी ड्रोन से भेज रहा हथियार और ड्रग्स

जयपुर पंजाब के बाद अब राजस्थान को नशे के दलदल में धकेलने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश सामने आई है. पाकिस्तान में बैठकर भारत के खिलाफ जंग छेड़ रहा आतंकी और गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी अब राजस्थान को 'उड़ता राजस्थान' बनाने के काले मंसूबे पाल रहा है. वह भारत-पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों से ड्रोन के जरिए बड़े पैमाने पर हथियारों और घातक ड्रग्स की तस्करी कर रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि भट्टी सोशल मीडिया के जरिए पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नाबालिग लड़कों को बरगला कर उन्हें अपने स्लीपर सेल में तब्दील कर रहा है. स्थानीय गैंग्स से मिलाया हाथ भारत में अपने पैर जमाने के लिए शहज़ाद भट्टी को देश की स्थानीय आपराधिक गैंग्स का पूरा समर्थन मिल रहा है. सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में पंजाब की बांबिया गैंग, बब्बर खालसा और राजस्थान की रोहित गोदारा गैंग ने भट्टी से हाथ मिला लिया है. पहले भट्टी और लॉरेंस बिश्नोई एक साथ काम करते थे, लेकिन अब वे अलग हो चुके हैं. भट्टी भारत में लॉरेंस को अपने रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा मानता है और उसे खत्म करना चाहता है. यही वजह है कि उसने लॉरेंस के दुश्मन रोहित गोदारा से हाथ मिलाकर देश में अपना नेटवर्क मजबूत करना शुरू कर दिया है. हाईप्रोफाइल लिक्विड ड्रग्स की सप्लाई शहज़ाद भट्टी वर्तमान में पाकिस्तान के श्रीगंगानगर बॉर्डर से सटे इलाके में छिपकर रह रहा है. वह भारत में रोहित गोदारा और बांबिया गैंग को एके-47, हथगोले और रॉकेट लॉन्चर जैसे खतरनाक हथियार मुहैया करवा रहा है. ड्रोन के जरिए वह अफगानिस्तान की हेरोइन, चाइना की एमडी ड्रग, लिक्विड ड्रग, चरस और स्मैक की भारी खेप भेज रहा है. लिक्विड एमडी एक बेहद हाईप्रोफाइल नशा है, जो युवाओं को तेजी से बर्बाद कर रहा है. भारत में पकड़े गए ड्रोन और ग्रेनेड पर 'मेड इन चाइना' लिखा मिला है, जबकि ड्रग्स के पैकेटों पर क्वालिटी दर्शाने वाले '999', '777', '444' और '222' जैसे खास कोड लिखे होते हैं. सीमावर्ती जिलों में एटीएस की बड़ी कार्रवाई भट्टी राजस्थान के बॉर्डर वाले इलाकों जैसे श्रीगंगानगर, बाड़मेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और बीकानेर में कई बार ड्रोन से ड्रग्स गिरा चुका है. इस बढ़ते खतरे को देखते हुए देश की एटीएस (ATS), खुफिया एजेंसियों और पुलिस ने भट्टी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कमर कस ली है. हाल ही में राजस्थान सहित पूरे देश में भट्टी के मददगारों और स्लीपर सेल के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर कई संदिग्धों को दबोचा गया है. पुलिस अब उन लोगों पर भी पैनी नजर रख रही है जो सोशल मीडिया पर भट्टी को फॉलो करते हैं.

राजस्थान में ग्रीन एनर्जी पर जोर: एनर्जी कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रिक व्हीकल से पहुंचे मुख्यमंत्री

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने ईधन बचाने को लेकर एक बार फिर अलग संदेश देने की कोशिश की है. हाल ही में अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने के बाद शुक्रवार (15 मई) को मुख्यमंत्री जयपुर में आयोजित एनर्जी कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी से पहुंचे. मुख्यमंत्री का ईवी से कार्यक्रम स्थल पहुंचना पूरे आयोजन में चर्चा का विषय बना रहा. इसे सरकार की ग्रीन एनर्जी, पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है. सरकार का ग्रीन एनर्जी पर फोकस उनके इस कदम को प्रतीकात्मक होने के साथ-साथ एक बड़े संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि सरकार अब पारंपरिक ईंधन के विकल्पों को बढ़ावा देना चाहती है. राजस्थान सरकार पिछले कुछ समय से सौर ऊर्जा, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर लगातार फोकस कर रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कई बार मंच से यह कह चुके हैं कि प्रदेश आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा. काफिला कर चुके हैं सीएम मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम कर दी थी. ताकि आम लोगों को कम परेशानी हो, ट्रैफिक बाधित न हो और सरकारी खर्चों में भी कटौती की जा सके. अब ईवी से कार्यक्रम में पहुंचकर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत का संदेश देने की कोशिश की है. कई जिलों में सोलर पार्क प्रोजेक्ट विकसित करने पर जोर जयपुर में आयोजित एनर्जी कॉन्क्लेव में ग्रीन एनर्जी निवेश, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सोलर और विंड एनर्जी सेक्टर की संभावनाओं पर चर्चा हुई. राजस्थान पहले से ही देश में सोलर एनर्जी उत्पादन का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. राज्य के कई जिलों में बड़े स्तर पर सोलर पार्क और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं. सरकार का फोकस अब पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के विस्तार पर भी है.  

101 साल बाद भी याद है नीमूचाणा कांड: किसानों पर गोलियां और गांव को जलाने की दर्दनाक कहानी

 अलवर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के जलियांवाला बाग की क्रूरता से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन राजस्थान की धरती पर भी एक ऐसा ही खौफनाक मंजर देखा गया था. अलवर रियासत के नीमूचाणा गांव में आज से ठीक 101 साल पहले यानी 14 मई 1925 को हुआ नरसंहार राजस्थान के इतिहास का सबसे काला अध्याय है. इस नृशंस कांड की 101वीं बरसी पर आज भी पूरा इलाका उन 250 से ज्यादा शहीद किसानों को याद कर भावुक है जिन्होंने दोहरे लगान और दमनकारी नीतियों के खिलाफ अपनी जान न्यौछावर कर दी थी. दोहरे लगान और शोषण के खिलाफ गूंजी थी आवाज तत्कालीन समय में अलवर रियासत के किसान भारी टैक्स, बेगार प्रथा और जंगली सूअरों द्वारा फसलों की बर्बादी से बेहद त्रस्त थे. इसी शोषण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए किसान नीमूचाणा गांव में शांतिपूर्वक तरीके से इकट्ठा हुए थे. किसानों की इस एकजुटता से बौखलाई रियासत की फौज ने पूरे गांव को चारों तरफ से घेर लिया और निहत्थे ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं. इस फायरिंग में 250 से अधिक किसान मौके पर ही शहीद हो गए और 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए. क्रूरता यहीं नहीं रुकी, फौज ने गांव के करीब 150 घरों को आग के हवाले कर दिया जिससे भारी संख्या में मवेशी भी जिंदा जल गए. महात्मा गांधी ने कहा था 'दूसरा जलियांवाला बाग' इस भयानक नरसंहार की गूंज तत्कालीन समय में पूरे देश में सुनाई दी थी. अजमेर के 'तरुण राजस्थान' और कानपुर के 'प्रताप' अखबार ने इस खबर को प्रमुखता से छापा. महान स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी खुद पैदल चलकर पीड़ितों का दर्द बांटने नीमूचाणा पहुंचे थे. वहीं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने इस घटना की विभीषिका को देखते हुए इसे 'दूसरा जलियांवाला बाग' करार दिया था. सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी बंबई की एक जनसभा में इस दमनकारी नीति की तीखी आलोचना की थी. इस देशव्यापी आक्रोश के आगे झुकते हुए आखिरकार अलवर रियासत को दोहरा लगान और बेगार प्रथा को वापस लेना पड़ा था. आज भी मौजूद हैं गोलियों के निशान नीमूचाणा गांव की पुरानी हवेलियों और दीवारों पर आज भी गोलियों के निशान उस खौफनाक दिन की गवाही देते हैं. दुखद बात यह है कि इस ऐतिहासिक बलिदान के 100 साल से अधिक बीत जाने के बाद भी इस जगह को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं मिल सका है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिलते हैं लेकिन धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ. अब ग्रामीण अपने स्तर पर ही हर साल कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं. वर्तमान में बानसूर से विधायक देवी सिंह शेखावत केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टी से हैं, ऐसे में ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब इस ऐतिहासिक स्थल को वह गौरव और सम्मान जरूर मिलेगा जिसका यह हकदार है.

राजस्थान के मोकलवास में दर्दनाक हादसा: मलबे में दबे मजदूर की तलाश में रेस्क्यू जारी

 जयपुर राजस्थान के नीमकाथाना जिले के मोकलवास में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब झरिंड़ा स्थित एक क्रेशर खदान में भीषण भूस्खलन के कारण पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा. इस हादसे में 4 मजदूर भारी पत्थरों और मशीनों के नीचे दब गए. राहत की बात यह रही कि 3 मजदूरों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 1 मजदूर अब भी करीब 12 घंटों से खान के भीतर फंसा हुआ है. शुक्रवार सुबह होते ही प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी ताकत झोंक दी है. अंधेरे और मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें मलबे के नीचे दबे चौथे मजदूर दयालचंद का रात भर पता नहीं चल सका. रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती रात का घना अंधेरा और खराब मौसम रहा. संसाधनों की कमी और दोबारा भूस्खलन के खतरे को देखते हुए बचाव कार्य को बीच में रोकना पड़ा, जिसके कारण दयालचंद पूरी रात मलबे के नीचे ही फंसा रहा. प्रतापगढ़ का निवासी है फंसा हुआ मजदूर मलबे में फंसे मजदूर की पहचान प्रतापगढ़ जिले के निवासी के रूप में हुई है. दयालचंद खदान में मशीनरी संचालन का कार्य कर रहा था, तभी अचानक गिरी चट्टानों ने उसे और मशीनों को अपनी चपेट में ले लिया. परिजनों और स्थानीय प्रशासन की सांसें अब शुक्रवार सुबह शुरू हुए इस अंतिम दौर के रेस्क्यू पर टिकी हैं. NDRF की टीम मौके पर पहुंची हादसे की गंभीरता को देखते हुए नीमकाथाना एडीएम (ADM) भागीरथमल साख और एएसपी (ASP) लोकेश मीणा भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर डटे हुए हैं. रेस्क्यू को गति देने के लिए NDRF की टीम भी झरिंड़ा गांव पहुंच चुकी है. आधुनिक कटर और भारी मशीनों की मदद से विशालकाय पत्थरों को हटाने का काम अब युद्धस्तर पर किया जा रहा है.

ईंधन महंगा: मिडिल ईस्ट संकट का असर, राजस्थान के कई शहरों में बढ़े दाम

जयपुर मिडिल ईस्ट संकट का असर अब देशभर में भी दिखने लगा है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. आज (15 मई) सुबह पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी होने के साथ ही आम आदमी को  बड़ा झटका लगा है. राजधानी जयपुर में भी पेट्रोल 104.75 रुपये से बढ़कर 108 रुपये तक पहुंच गया है. जबकि डीजल 3.02 रुपये महंगा होने के चलते 93.26 तक पहुंच गया है, जो पहले 90.24 रुपये प्रति लीटर था. वहीं, सीमावर्ती इलाके श्रीगंगानगर में दाम पहले 106.21 थे, अब 3.25 बढ़कर 109.46 रुपए प्रतिलीटर हुए हैं. डीजल के दाम भी 94.74 रुपए प्रतिलीटर है. वहीं, अजमेर में पेट्रोल के दाम 107.56 और  डीजल 92.86 रुपये तक पहुंच गया है. 4 साल में पहली बार बढ़े दाम पिछले 4 साल में यह पहली बार है, जब तेल की कीमतों में उछाल आया है. साल 2022 से पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे. लेकिन अब मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते भाव प्रभावित हुए हैं. इसका असर ट्रांसपोर्टेशन खर्च और सब्जी समेत रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ेगा. गिग वर्कर्स समेत कई लोगों पर सीधा असर इससे पहले, कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो) के दाम 993 रुपए बढ़ाए गए थे. कर्मशियल गैस के बाद पेट्रोल के दामों का असर आम आदमी की जेब पर पड़ना तय है. फिलहाल, घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर बनी हुई है. गिग वर्करों का कहना है कि उनकी आमदनी पर इससे सीधा असर पड़ेगा.   वहीं, रशीद मोहम्मद ने बताया कि इस बढ़ोतरी से फर्क तो पड़ेगा. लेकिन खाड़ी देशों में जो तनाव है, उसके बाद क्या ही कर सकते हैं. खर्चों में कटौती करनी चाहिए. हम घर में भी तो बचत करते हैं.

राजस्थान में गर्मी और आंधी का डबल अटैक: कई जिलों में मौसम बदलने की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में भीषण गर्मी और आंधी-बारिश, दोनों का असर देखने को मिल रहा है. अगले 2 दिन मौसम कुछ ऐसा ही रहेगा. मौसम विभाग ने आज (15 मई) राज्य के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए मेघगर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. वहीं, राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है. हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है. इन जिलों में येलो अलर्ट शेखावाटी-हाड़ौती समेत कई इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपुतली-बहरोड़, अलवर, डीग, खैरथल-तिजारा, करौली, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, बारां, बूंदी, कोटा, सवाई माधोपुर और जयपुर में अचानक मौसम बदल सकता है. इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं. फलोदी में पारा 45 डिग्री के पार गुरुवार (14 मई) को राजस्थान भीषण गर्मी की चपेट में रहा.  फलौदी सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं, जैसलमेर में 45.1, श्रीगंगानगर में 44.8, बीकानेर में 44.1, चित्तौड़गढ़ और जोधपुर में 44 डिग्री के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया. 17 मई से फिर सताएगी गर्मी मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बीते 24 घंटों में कुछ क्षेत्रों में आंधी और हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई. चूरू के सरदारशहर में सर्वाधिक 18 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. 17 मई से तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा.

पश्चिम, दक्षिण और पूर्व राजस्थान में भीषण गर्मी, मौसम विभाग ने सतर्क रहने को कहा

 जयपुर राजस्थान में गर्मी तेजी से बढ़ती जा रही है. वहीं मौसम विभाग ने अब हीटवेब का अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के बड़े हिस्से में हीटवेब का असर दिखने वाला है. ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है. मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है. साथ ही कहा जा रहा है कि पारा 48 डिग्री के पार जा सकता है. मौसम विभाग ने बताया है कि राजस्थान के पश्चिमी और दक्षिण क्षेत्र में तेज हीटवेब का अनुमान है. कहां-कहां बढ़ रहा तापमान मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में अधिकतम तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है. पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 48.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में अगले 4 से 5 दिनों तक तीव्र हीटवेव और ऊष्णरात्री की स्थिति बनी रह सकती है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भी तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है. यहां भी कुछ स्थानों पर हीटवेव और गर्म रातें दर्ज हो सकती हैं. कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की भी संभावना हालांकि भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में राहत की संभावना भी जताई है. अगले 48 घंटों के दौरान बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त पानी पीने और गर्म हवाओं से बचाव करने की सलाह दी है.

किशाऊ बांध और जल प्रबंधन मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यमुना जल समझौते के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए समयसीमा तय की गई है.  इसके साथ ही किशाऊ बांध से जुड़े जल प्रबंधन मुद्दों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई. रआरटीएस परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक में दिल्ली-हरियाणा-राजस्थान आरआरटीएस परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं से जल प्रबंधन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, निवेश और आमजन को मिलने वाली सुविधाओं को नई गति मिलेगी. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि डबल इंजन सरकार राजस्थान को सुरक्षित, समृद्ध और आधुनिक बनाने के लिए संकल्पबद्ध है. 10 मई को भी दिल्ली गए थे सीएम सीएम भजनलाल शर्मा ने 10 मई को हुई मुलाकात के बाद नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था कि राजस्थान में जल जीवन मिशन की प्रगति, राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते सहित विभिन्न सिंचाई एवं पेयजल परियोजनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार 'हर घर जल' के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध.