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सीकर का लक्खी मेला: 21 फरवरी से खाटू श्याम दरबार रहेगा लगातार खुला, 18 किमी जिगजैग रास्ता तय करना होगा

सीकर/खाटू धाम राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में इस बार फाल्गुन मेला (Fagun Mela Khatu Shyam 2026) की तैयारियाँ जोरों पर हैं। यह मेला, जिसे फाल्गुन लक्खी मेला भी कहा जाता है, 21 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक चलेगा और देशभर से लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा। खाटू श्याम मेला कब से है? इस वर्ष खाटू श्याम जी का मेला ( Khatu Shyam Ji ka Mela Kab Hai ) 21 फरवरी 2026 (शनिवार) से 28 फरवरी 2026 (शनिवार) तक आयोजित किया जाएगा। मेला फाल्गुन महीने के दौरान मनाया जाता है, जो भक्ति, संगीत, पूजा एवं उत्सव का प्रतीक है। श्रद्धालु निशान यात्रा, भजन-कीर्तन तथा विशेष पूजा-अर्चना में भाग लेते हैं। खाटू श्याम मंदिर ( Khatu Shyam Mandir ) राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है और यह धार्मिक स्थल “हारे का सहारा” के रूप में भक्तों की आस्था का केंद्र माना जाता है। सुरक्षा व्यवस्था एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने सुरक्षा खाका खींचते हुए बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक और सख्त रखा गया है. मेले की सुरक्षा के लिए करीब 6500 पुलिसकर्मियों का भारी जाब्ता तैनात किया जाएगा. पूरे मेला क्षेत्र को 22 सेक्टरों में बांटा गया है, ताकि हर कोने पर सीधी नजर रखी जा सके. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 400 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए पल-पल की मॉनिटरिंग की जाएगी. दर्शन व्यवस्था अधिकारियों ने मंदिर परिसर के साथ-साथ 75 फीट चौड़े दर्शन मार्ग का जायजा लिया, जहां 14 कतारों में लगकर भक्त बाबा के दरबार तक पहुंचेंगे. बता दें कि मुख्य फोकस इस बात पर है कि दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी बिना किसी रुकावट के हो. मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों (मंत्री मानवेंद्र सिंह और कोषाध्यक्ष रवि सिंह) ने बताया कि पेयजल, छाया और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन और मंदिर कमेटी का साझा संकल्प निरीक्षण के दौरान एएसपी दीपक गर्ग और थानाधिकारी पवन कुमार चौबे सहित पुलिस की पूरी टीम मौजूद रही. प्रशासन और श्री श्याम मंदिर कमेटी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उनका एकमात्र लक्ष्य देशभर से आने वाले लाखों 'श्याम प्रेमियों' को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम दर्शन कराना है. मेला अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को भी डायवर्ट किया जाएगा ताकि कस्बे में दबाव कम रहे. बाबा श्याम की नगरी अब पूरी तरह सज-धज कर अपने भक्तों के स्वागत के लिए तैयार है. राजस्व मंडल अजमेर के अध्यक्ष हेमंत गेरा ने सीकर कलेक्ट्रेट का वार्षिक निरीक्षण किया. जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने उनका स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया. गेरा ने परिसर के सभी कार्यालयों का दौरा किया. हर शाखा में जाकर उन्होंने कर्मचारियों से बात की. एलआर शाखा में फाइल निस्तारण, राजस्व कोर्ट के मामलों, लंबित पत्रावलियों, तामील और रिपोर्ट्स की स्थिति जांची. उन्होंने ई-फाइलों का जल्द निपटारा करने, फालतू फाइलें लटकाए नहीं रखने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री बजट की घोषणाओं और राजस्थान संपर्क पोर्टल के शिकायतों का समय पर समाधान करने को कहा. अतिरिक्त कलेक्टर रतन कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर भावना शर्मा, एसडीएम निखिल कुमार सहित राजस्व अधिकारी उपस्थित थे. खाटू श्याम मेले में इस बार नई व्यवस्थाएं और सुविधाएं     इस बार प्रशासन ने मेले में भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:     भीड़ नियंत्रण के लिए विशाल भक्ति मार्ग और अलग-अलग प्रवेश–निकास रूट बनाए गए हैं।     भीड़, सुरक्षा और आपातकालीन सहायता के लिए विशेष सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।     मेले में VIP दर्शन की व्यवस्था हटाई गई है ताकि सभी श्रद्धालु समान रूप से दर्शन कर सकें। खाटू श्याम मेले में पहुंचने के लिए दिल्ली–जयपुर से ट्रेन और बस रूट खाटू श्याम वार्षिक मेले के लिए रेलवे और राजस्थान रोडवेज प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। मेला के दौरान यात्रा को सहज बनाने के लिए रेलवे विभाग विशेष इंतजाम किए हैं। फाल्गुन मेले का प्लान बनाने वालों के लिए खुशखबरी, शुरू हो रही हैं स्पेशल ट्रेनें खाटू श्यामजी के लिए यह है ट्रेन रूट भारतीय रेलवे ने मेले के लिए दो मुख्य विशेष ट्रेनें चलाई हैं। एक कुरुक्षेत्र से फुलेरा और दूसरी फुलेरा से दिल्ली सराय रोहिल्ला मार्ग पर, ताकि दिल्ली और आस-पास के इलाकों से श्रद्धालु आराम से पहुंचना सुनिश्चित कर सकें। इसके अलावा मेले के दौरान रोजाना कई ट्रेनें रिंगस स्टेशन तक चलेंगी, जिससे भक्तों को हर 20 मिनट में ट्रेन उपलब्ध होगी। रींगस से मंदिर तक का सफर मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए रींगस रोड स्थित श्याम वाटिका के पीछे लगभग 40 बीघा भूमि पर तीन अतिरिक्त बैकअप ब्लॉक भी तैयार किए गए हैं. इनका उपयोग तब किया जाएगा जब लखदातार मैदान और चारण मेला मैदान में श्रद्धालुओं की संख्या क्षमता से अधिक हो जाएगी. मेले के दौरान पदयात्रियों को रींगस से खाटूधाम तक करीब 38 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होगी. सुरक्षा के लिहाज से इस पूरे मार्ग को ‘नो व्हीकल्स जोन’ घोषित किया जाएगा, ताकि भक्तों को मार्ग में किसी वाहन के कारण परेशानी न हो. 18 किलोमीटर का जिगजैग मार्ग खाटू पहुँचने के बाद भी दर्शन की राह आसान नहीं होगी. प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 6 ब्लॉकों के भीतर कुल 18 किलोमीटर लंबा जिगजैग मार्ग बनाया है. इस सर्पाकार मार्ग से गुजरते हुए ही भक्त मंदिर तक पहुँच पाएंगे. श्री श्याम मंदिर कमेटी ने लखदातार मैदान में रंग-रोगन, रोशनी और पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाओं का कार्य पूरा कर लिया है. मेले की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी ताकि उत्सव शांतिपूर्वक संपन्न हो सके. खाटू के लिए यह है बस रूट दिल्ली और जयपुर से हीरापुरा बस स्टैंड तथा अन्य रोडवेज डिपो से खाटू धाम के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं। जयपुर से रींगत होते हुए स्थानीय बसें या साझा टैक्सी से खाटू तक की यात्रा आसान रहती है। इस बार जयपुर से सभी बसें अजमेर रोड स्थित नए बस स्टैंड से संचालित हो रही हैं। मेले का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व फाल्गुन मेला खाटू श्याम जी के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रमुख उत्सव है। पुराणों के अनुसार श्याम जी हारे हुए व्यक्ति के सहारा देने वाले … Read more

प्लेटफॉर्म विस्तार के चलते उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर छह दिन बदलेगा ट्रेनों का शेड्यूल

उदयपुर उदयपुर शहर के रेलवे यात्रियों के लिए अहम खबर है। भारतीय रेलवे ने उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म विस्तार का कार्य 19 फरवरी से शुरू कर दिया है। यह काम 24 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक लिया गया है, जिससे कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे द्वारा प्लेटफॉर्म नंबर 9 और 10 को उमरड़ा साइड से जोड़ने का काम किया जा रहा है। अभी प्लेटफॉर्म 9 केवल राणा प्रताप नगर साइड से जुड़ा है, जबकि प्लेटफॉर्म 10 सीधे किसी दिशा से कनेक्ट नहीं है। कार्य पूरा होने के बाद प्लेटफॉर्म 9 पर दोनों दिशाओं से ट्रेनें आ-जा सकेंगी और प्लेटफॉर्म 10 पर उमरड़ा की ओर से ट्रेनें खड़ी हो सकेंगी। इससे स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी। ब्लॉक के दौरान अधिकांश ट्रेनें राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन और मावली जंक्शन रेलवे स्टेशन से संचालित होंगी। 19 से 24 फरवरी के बीच कई ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द रहेंगी या उनका स्टेशन बदला गया है। इनमें 59610 (चित्तौड़गढ़–उदयपुर), 59606 (बड़ी सादड़ी–उदयपुर), 59607 (उदयपुर–बड़ी सादड़ी), 19606 (उदयपुर–मदार जंक्शन) शामिल हैं। 23 फरवरी को 12963 (निजामुद्दीन–उदयपुर) और 20473 (दिल्ली–उदयपुर) राणा प्रताप नगर तक ही आएंगी। 24 फरवरी को 09721/09722 (जयपुर–उदयपुर), 20474 (उदयपुर–दिल्ली), 12964 (उदयपुर–निजामुद्दीन) सहित कई ट्रेनें उदयपुर सिटी स्टेशन नहीं आएंगी। 59835 (मंदसौर–उदयपुर) और 59836 (उदयपुर–मंदसौर) 24 फरवरी को केवल मावली तक चलेंगी। ब्लॉक के अंतिम दिन 24 फरवरी को सबसे ज्यादा असर रहेगा। 20987 (उदयपुर–असारवा) ट्रेन करीब 4 घंटे 20 मिनट की देरी से रवाना होगी, जबकि 69243 (असारवा–चित्तौड़गढ़) ट्रेन लगभग 3 घंटे 30 मिनट की देरी से चलेगी। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। प्लेटफॉर्म विस्तार कार्य पूरा होने के बाद स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम हो जाएगा।

नागौर में 2.5 KM लंबी निकासी में शामिल होंगे 10,000 बाराती

जयपुर. सैनिक क्षत्रिय माली समाज सामूहिक विवाह समिति के तत्वावधान में बुधवार को माली समाज संस्थान परिसर में पारंपरिक घृतपान रस्म के साथ पंचम सामूहिक विवाह सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सुबह सात बजे से वर-वधू अपने परिजनों के साथ समारोह स्थल पर पहुंचने लगे। करीब पांच बीघा में फैला माली समाज भवन परिसर वैवाहिक उल्लास और पारंपरिक सज्जा से सुसज्जित नजर आया। समिति ने प्रत्येक जोड़े को अधिकतम 15-15 परिजन साथ लाने के निर्देश जारी किए थे। जिसका व्यवस्थाओं में सकारात्मक प्रभाव नजर आया। सुबह सवा आठ बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडित सुनील दाधीच के नेतृत्व में पहले 70 वधुओं और बाद में 70 वरों को अलग-अलग घृतपान कराया गया। करीब तीन घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में समाज की परंपरानुसार सभी वैवाहिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, सादगी और सामूहिकता का संदेश दिया। परिवारजनों ने इस पल को मोबाइल में कैद किया। करीब तीन घंटे चली धार्मिक प्रक्रिया में सभी पारंपरिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से वातावरण आध्यात्मिक बना रहा। दोपहर बाद महिलाओं के सानिध्य में विनायक पूजन हुआ। ढोलक की थाप पर गूंजते पारंपरिक मंगल गीतों ने वातावरण में उल्लास भर दिया। सुव्यवस्थित भोजन व्यवस्था में स्वयंसेवक लगातार मार्गदर्शन करते रहे। आज माली समाज भवन निकलेगी निकासी फुलरिया दूज पर गुरुवार सुबह आठ बजे माली समाज भवन से 70 दूल्हों की एक साथ घोड़ी पर निकासी निकाली जाएगी। चार बैंडों की अगुवाई में करीब 2.5 किलोमीटर लंबी बारात राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चेनार में बनाए गए विवाह स्थल पर पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। समिति के अनुसार निकासी में करीब 10 हजार बाराती शामिल होंगे। यज्ञ वेदी पर होंगे पाणिग्रहण संस्कार विवाह स्थल पर यज्ञ वेदी सजाई गई है। पंडित सुनील दाधीच के मार्गदर्शन में पूर्ण विधि-विधान से पाणिग्रहण संस्कार कराएंगे। भामाशाह रामवल्लभ भाटी, बलदेवराम भाटी, समिति के अध्यक्ष कृपाराम देवड़ा, रामपाल देवड़ा, देवकिशन सोलंकी, मनीष कच्छावा, सूरजमल भाटी, कैलाश गहलोत, अर्जुनराम कच्छावा, रामचंद्र सांखला, पाबूराम सांखला आदि मौजूद रहे। गैर-डांडिया में झूमे समाज बंधु बुधवार को शाम सात बजे शुरू हुए गैर-डांडिया नृत्य ने माहौल में उत्सव का रंग भर दिया। नागौर, ताऊसर, चेनार, रोल, सालवा सहित विभिन्न गांवों से आए समाज बंधुओं ने पारंपरिक परिधानों में नृत्य किया। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन ने सामूहिक विवाह महोत्सव का उल्लास बढ़ा दिया।

लॉरेंस गैंग की ‘जहर’ मैडम ड्रग्स-हथियारों का सिंडिकेट चलाते गिरफ्तार

जयपुर. अंडरवर्ल्ड और गैंगस्टरों की काली दुनिया में अब सिर्फ पुरुषों का वर्चस्व नहीं रहा। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसी 'लेडी डॉन' को दबोचा है, जिसका नाम सुनते ही पुलिस के भी कान खड़े हो गए हैं। बता दें कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग की सक्रिय सदस्य खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा, जिसे अपराध की दुनिया में 'मैडम जहर' के नाम से जाना जाता है, अब पुलिस की गिरफ्त में है। नेहा की गिरफ्तारी महज एक अपराधी की पकड़ नहीं है, बल्कि यह लॉरेंस गैंग के उस खतरनाक 'महिला विंग' का पर्दाफाश है, जो दिल्ली-NCR में ड्रग्स और हथियारों का सिंडिकेट चला रहा था। ब्यूटी पार्लर की आड़ में 'डर्टी गेम' जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह है नेहा का काम करने का तरीका। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में नेहा एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य पार्लर लगता था, लेकिन पुलिस का दावा है कि इसकी आड़ में वह लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के लिए ड्रग्स सिंडिकेट और हथियारों की सप्लाई का जिम्मा संभाल रही थी। वह गैंग के गुर्गों के बीच 'कम्युनिकेशन लिंक' का काम करती थी और फरारी के दौरान अपराधियों को सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराती थी। कौन है बॉबी कबूतर? 7 साल की फरारी और 'मैडम जहर' का साथ 'मैडम जहर' का सबसे गहरा कनेक्शन गैंगस्टर महफूज उर्फ बॉबी कबूतर से है। बॉबी कबूतर लॉरेंस गैंग का मुख्य गन सप्लायर और गनमैन है। पुलिस के मुताबिक, नेहा और बॉबी पिछले 7 सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। बॉबी बीते 7 साल से दिल्ली पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और इस लंबी फरारी में नेहा उसकी सबसे बड़ी ढाल बनी हुई थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (काउंटर इंटेलिजेंस) ने टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर महिपालपुर फ्लाईओवर के पास घेराबंदी की। यहां से बॉबी कबूतर, नेहा और उनके दो गुर्गों (मोहम्मद राजी खान और शाहबाज) को भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया। सिद्धू मूसेवाला और दिशा पाटनी केस में खूंखार भूमिका बॉबी कबूतर और नेहा की गिरफ्तारी से कई बड़े मर्डर केस की गुत्थियां सुलझती दिख रही हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले बॉबी कबूतर ने ही पंजाब जाकर रेकी की थी। उसने मूसेवाला के मूवमेंट और रूट की सटीक जानकारी हमलावरों तक पहुंचाई थी। एक्ट्रेस दिशा पाटनी केस यूपी के बरेली में फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग मामले में भी बॉबी कबूतर वांटेड था। पुलिस का दावा है कि दिशा के घर हमला करने वाले शूटर्स को विदेशी हथियार बॉबी ने ही मुहैया कराए थे। नादिर शाह मर्डर और सीलमपुर डबल मर्डर दिल्ली के चर्चित नादिर शाह हत्याकांड और सीलमपुर में हुए दोहरे हत्याकांड में इस्तेमाल हुए हथियारों की सप्लाई की कड़ी भी बॉबी कबूतर और नेहा से जुड़ी है। ISI एजेंट 'सलीम पिस्टल' से सीधा कनेक्शन बॉबी कबूतर का नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था। वह एशिया के कुख्यात हथियार तस्कर सलीम पिस्टल के संपर्क में था, जो नेपाल-भारत बॉर्डर से पकड़ा जा चुका है। सलीम पिस्टल के तार सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हुए थे। सलीम से मिले अवैध हथियारों की खेप बॉबी और नेहा के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक पहुंचती थी। लॉरेंस गैंग में 'लेडी डॉन्स' की बढ़ती फौज पुलिस अब इस बात से चिंतित है कि लॉरेंस गैंग में महिलाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। 'मैडम जहर' से पहले भी कई नाम सामने आ चुके हैं। जोया खान- हाशिम बाबा की बेगम, जो फिलहाल जेल में है। लेडी डॉन दीपा- चंडीगढ़ की मशहूर लेडी डॉन जो गैंग के ऑपरेशन्स देखती थी। अनुराधा चौधरी (मैडम मिंज)- जो पहले से ही चर्चित रही है। ये महिलाएं पुलिस की नजरों से बचने के लिए ब्यूटी पार्लर, बुटीक या छोटे बिजनेस का सहारा लेती हैं और पर्दे के पीछे से गैंग की 'मैनेजर' के तौर पर काम करती हैं। अब क्या करेंगी पुलिस? स्पेशल सेल अब नेहा उर्फ 'मैडम जहर' से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि गैंग में और कितनी महिलाएं शामिल हैं और उनका अगला टारगेट कौन था। पुलिस का मानना है कि बॉबी कबूतर और नेहा के पकड़े जाने से लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा के ड्रग्स और आर्म्स सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है। क्या लॉरेंस गैंग अब अपनी रणनीति बदल रहा है? क्या 'मैडम जहर' जैसे किरदारों के जरिए गैंग दिल्ली-NCR में फिर से किसी बड़ी वारदात की फिराक में था? पुलिस की पूछताछ में जल्द ही बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

बड़े बदलाव के साथ होगा राजस्थान के पंचायत चुनाव

जयपुर. आगामी पंचायतीराज चुनाव इस बार एक बड़े बदलाव के साथ होने जा रहे है। राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद पंच और सरपंच, दोनों ही पदों के चुनाव मतपत्र के जरिए होंगे। यह बदलाव केवल तकनीक का नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की रफ्तार और परिणामों के समय पर असर डाल सकता है। बैलेट पेपर की वापसी से चुनावी अमला और प्रत्याशियों, दोनों की चुनौतियां बढ़ेंगी। ऐसा होगा इस बार का बैलेट पेपर पंच का मतपत्र गुलाबी रंग के कागज पर होगा। सरपंच का मतपत्र सफेद कागज पर छपेगा। मतपत्र की चौड़ाई 4 इंच तय की गई है। ऊपरी हिस्से में काली सीमारेखा, बाई ओर क्रमांक और दाई ओर पंचायत वार्ड से जुड़ी निर्वाचन जानकारी होगी। सभी विवरण हिन्दी में होंगे। अभ्यर्थियों के नाम बाई ओर और चुनाव चिह्न दाई ओर होंगे। नोटा भी अनिवार्य रूप से शामिल रहेगा। ईवीएम से बैलेट, क्या बदलेगा मतदान की गति थोड़ी धीमी हो सकती है। मतगणना में समय ज्यादा लगेगा, जिससे नतीजे देर रात आ सकते हैं। यदि किसी प्रत्याशी ने मतगणना पर आपत्ति दर्ज कराई, तो पुनः गणना करनी पड़ेगा, जिससे विवाद और देरी की आशंका बढ़ेगी। चुनाव कर्मचारियों का कार्यभार बढ़ेगा, क्योंकि हर मतपत्र की हाथ से गिनती होगी। अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ी तो मुड़ेगा मतपत्र नोटा सहित 9 प्रत्याशी तक एक स्तम्भ 10 से 18 प्रत्याशी दो स्तम्भ, जरूरत पड़ने पर अंतिम पैनल छायादार 18 से अधिक प्रत्याशी: तीन या अधिक स्तम्भ, खाली पैनल छायादार रखे जाएंगे। यानी प्रत्याशियों की संख्या जितनी ज्यादा, मतपत्र उतना लंबा और जटिल। 30 सरपंच और 240 वार्ड पंचों के चुनाव होंगे – 30 ग्राम पंचायत में 30 सरपंच और 240 वार्ड पंचों के चुनाव होंगे। पंचायत चुनाव के लिए प्रगणक नियुक्त किए गए हैं। मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदाता सूची अपडेट की जा रही है। – डॉ. कृति व्यास, उपखंड अधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी, रावतभाटा

वायुसेना का जबरदस्त शो! राफेल और तेजस के साथ पोखरण में गूंजेगी भारत की दहाड़

जैसलमेर  भारतीय वायुसेना 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में अपनी युद्धक क्षमता का ऐतिहासिक प्रदर्शन करने जा रही है। 'वायुशक्ति-2026' नामक इस युद्धाभ्यास में वायुसेना 'ऑपरेशन सिंदूर' की तर्ज पर अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवाएगी। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दुश्मन पर त्वरित हमले, रणनीतिक बढ़त और 'आत्मनिर्भर भारत' की स्वदेशी शक्ति का प्रदर्शन करना है। आसमान में दिखेगी 'बाज' जैसी पैनी नजर इस बार के अभ्यास में एक नया एयरक्राफ्ट और आधुनिक तकनीक विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे, जो आसमान में बाज की तरह मंडराकर पलक झपकते ही सटीक हमला करने में सक्षम हैं। वायुसेना इस दौरान दिन, शाम और रात के समय कठिन मिशनों को अंजाम देने की अपनी विशेषज्ञता प्रदर्शित करेगी। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन और संघर्ष क्षेत्रों से सुरक्षित निकासी (HADR) में वायुसेना की भूमिका का भी सजीव चित्रण किया जाएगा। बेड़े में शामिल होंगे ये आधुनिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर वायुशक्ति-26 में भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लगभग सभी प्रमुख विमान हिस्सा लेंगे…     लड़ाकू विमान: राफेल, तेजस (स्वदेशी), सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, जगुआर, मिग-29 और हॉक।     परिवहन विमान: C-17 ग्लोबमास्टर, C-130J सुपर हरक्यूलिस और स्वदेशी C-295।     हेलिकॉप्टर: अपाचे (अटैक), चिनूक (हैवी लिफ्ट), प्रचंड (LCH), ध्रुव (ALH MK-IV) और एमआई-17।     अटैक ड्रोन्स: रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (RPA) और लॉइटरिंग मुनिशन्स। स्वदेशी हथियार प्रणालियों का 'अभेद्य' प्रदर्शन 'अचूक, अभेद्य और सटीक' के मंत्र के साथ वायुसेना अपनी रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगी…     मिसाइल सिस्टम: स्वदेशी 'आकाश' और 'स्पाइडर' मिसाइल प्रणालियों से सटीक मार का प्रदर्शन।     ड्रोन रोधी तकनीक: काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (CUAS) की टेस्टिंग।     लॉइटरिंग मुनिशन्स: नई तकनीक वाले 'कामिकेज़' ड्रोन्स जो लक्ष्य को खोजकर नष्ट करते हैं।  

जयपुर में आईटी की ताबड़तोड़ कार्रवाई: कान्हा फूड चेन से जुड़े 33 ठिकानों पर रेड

जयपुर राजस्थान की प्रसिद्ध फूड चेन कान्हा रेस्टोरेंट पर आयकर विभाग ने बुधवार सुबह व्यापक कार्रवाई करते हुए एक साथ 33 ठिकानों पर छापामारी की। यह कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई और देर शाम तक विभाग की टीमें विभिन्न स्थानों पर जांच में जुटी रहीं। अधिकारियों ने बैंक खातों, डिजिटल दस्तावेजों, नकदी लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की। जयपुर में सर्वाधिक स्थानों पर जांच कार्रवाई के तहत सबसे ज्यादा 26 स्थानों पर सर्च जयपुर में किया गया। इसके अलावा श्रीगंगानगर, करौली, कोटा, हिंडौन और मुंबई स्थित कार्यालयों व अन्य परिसरों में भी विभाग की टीमों ने जांच की। छापामारी के दौरान कई अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया गया तथा संबंधित लोगों से पूछताछ की गई।   आयकर चोरी की आशंका के चलते कदम प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े बड़े स्तर पर आयकर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई है। विभाग का कहना है कि विभिन्न खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उदयपुर में भी टीमें सक्रिय उदयपुर में भी आयकर विभाग की टीमें सक्रिय रहीं। यहां सिएरा होटल तथा सन एंड मून रेस्टोरेंट सहित अन्य ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 29 कमरों वाले सिएरा होटल में टीमों ने दस्तावेजों की जांच की और परिसर के बाहर विभाग के वाहन तैनात रहे। जगदीश मंदिर क्षेत्र और हरिदास जी मगरी स्थित रेस्टोरेंट परिसरों में भी तलाशी ली गई।   जुड़े खातों और लेन-देन की पड़ताल बताया जा रहा है कि इन प्रतिष्ठानों का मालिक एक ही है और उससे जुड़े खातों व वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कर चोरी और अनियमितताओं के वास्तविक आंकड़े सामने आएंगे।

तीन युवकों की जान गई, उदयपुर में ओवरटेक करते समय हुआ भीषण टकराव

उदयपुर जिले के कोटड़ा ब्लॉक स्थित मांडवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। कोदरमाल गाँव के पास ओवरटेक करने के प्रयास में एक बाइक बेकाबू होकर ऑटो से जा टकराई। इस भीषण भिड़ंत में तीन युवकों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है। हादसे का मंजर : दो की मौके पर मौत, एक ने अस्पताल में तोड़ा दम पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। राहगीरों और पुलिस की मदद से तीसरे गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत कोटड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; इलाज के दौरान उसकी भी सांसें थम गईं। मृतकों की पहचान : हादसे का शिकार हुए तीनों युवक कोटड़ा क्षेत्र के ही निवासी थे, हरीश (24) पुत्र मसरू गमार, शंकरलाल (25) पुत्र सुनील खराड़ी, कालाराम (23) पुत्र किसनाराम। कैसे हुआ हादसा? मांडवा थानाधिकारी निर्मल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में 'ओवरटेक' हादसे का मुख्य कारण सामने आया है। बाइक सवार युवक मांडवा से कोटड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आगे चल रहे एक ऑटो को ओवरटेक करने की कोशिश की। तभी सामने से एक तेज रफ्तार जीप आ गई। जीप से बचने और ऑटो को पार करने की जद्दोजहद में बाइक सीधे ऑटो से जा टकराई। पुलिस की कार्रवाई हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुँचकर खुलवाया। मांडवा थाना पुलिस ने तीनों शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। सावधान! आपकी एक गलती जानलेवा है यह हादसा उन युवाओं के लिए एक कड़ा सबक है जो सड़कों पर रफ्तार और ओवरटेक को रोमांच समझते हैं। मांडवा-कोटड़ा मार्ग जैसे संकरे और घुमावदार रास्तों पर जरा सी लापरवाही मौत का बुलावा साबित हो सकती है।

राजस्थान विधानसभा में गरमाये मुद्दे के बीच हाथापाई की नौबत!

जयपुर. राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को उस वक्त भारी बवाल मच गया जब विपक्ष ने जयपुर की हिंगोनिया गौशाला के पास गाय के बछड़े का कटा सिर मिलने का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इस जघन्य अपराध के आरोपी को सत्ता पक्ष के एक विधायक का संरक्षण प्राप्त है। इस बयान ने सदन में ऐसी आग सुलगाई कि भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज आमने-सामने आ गए। बालमुकुंदाचार्य का सवाल: क्या गाय बनेगी 'राज्य पशु'? हंगामा तब शुरू हुआ जब हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने सरकार से सवाल किया कि क्या राजस्थान में गाय को 'राज्य पशु' (State Animal) का दर्जा देने का कोई विचार है? इस पर पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। मंत्री के इस जवाब ने हिंदूवादी राजनीति करने वाले धड़े को असहज कर दिया, लेकिन असली विस्फोट अभी बाकी था। टीकाराम जूली का 'पोस्टर' वार और गंभीर आरोप सदन में माहौल तब गरमाया जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने खड़े होकर राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। जूली ने कहा, 'जयपुर में हिंगोनिया गौशाला के पास से बछड़े का कटा सिर लाकर लटकाया गया। यह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश है।' जूली ने दावा किया कि इस मामले में जो आरोपी है, उसे भाजपा का एक विधायक बचा रहा है। जूली ने इशारों-इशारों में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा की ओर संकेत किया। गोपाल शर्मा का पलटवार: 'इस्तीफा दे दूँगा' अपना नाम घसीटे जाने पर सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा बुरी तरह बिफर गए। उन्होंने सदन में खड़े होकर दहाड़ते हुए कहा, "आप मेरा नाम ले रहे हैं? अगर इस मामले में कोई भी मेरा आदमी शामिल पाया गया, तो मैं इसी वक्त विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दूँगा।" शर्मा के इस तेवर ने सत्ता पक्ष के खेमे में जोश भर दिया, वहीं विपक्ष ने शोर-शराबा और तेज कर दिया। सदन में हाथापाई की नौबत !  राजस्थान के विधानसभा में उस वक्त हाथापाई की नौबत बनती दिखाई दी, जब भाजपा विधायक गोपाल शर्मा सदन की कार्यवाही के बीच ना पक्ष की वेल की तरफ़ आक्रोश के साथ बढ़ने लगे। तभी कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक चांदना भी गोपाल शर्मा की तरफ़ आक्रोशित होकर बढ़ गए .इससे माहौल और ज़्यादा गरमा गया। स्पीकर की फटकार, "पहले से तय थी प्लानिंग" हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने बछड़े के कटे सिर वाले पोस्टर लहराना शुरू कर दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सख्त नजर आए। उन्होंने पोस्टर लहराने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, "जिस तरह से पोस्टर लहराए जा रहे हैं, उससे साफ लगता है कि आप लोग सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए पहले से प्लानिंग करके आए थे।" स्पीकर ने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को निर्देश देकर गोपाल शर्मा को शांत कराया और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। डोटासरा और गोपाल शर्मा के बीच तीखी बहस सदन में उस वक्त मर्यादा की सीमाएं लांघती दिखीं जब पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और गोपाल शर्मा के बीच सीधी बहस शुरू हो गई। दोनों ओर से तीखी टिप्पणियां की गईं। विपक्ष का आरोप था कि सरकार गौवंश की रक्षा के नाम पर केवल राजनीति करती है, जबकि हकीकत में राजधानी में ही गौवंश सुरक्षित नहीं है।

JJM घोटाला: राजस्थान में ACB ने मारा ताबड़तोड़ छापा, 15 संदिग्धों की पहचान

जयपुर  राजस्थान में बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार सुबह बड़ा एक्शन लिया। एसीबी की टीमों ने राजस्थान सहित कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 15 आरोपियों के ठिकानों पर सर्च अभियान शुरू किया। कार्रवाई की जद में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल भी शामिल हैं। एसीबी सूत्रों के अनुसार, जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर के अलावा बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 स्थानों पर तड़के दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। टीमों ने दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बाड़मेर रेलवे स्टेशन से एक्सईएन हिरासत में कार्रवाई के तहत पीएचईडी जोधपुर में तैनात एक्सईएन विशाल सक्सेना को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे बाड़मेर रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया गया। जानकारी के मुताबिक, सक्सेना विरात्रा माता मंदिर में दर्शन के लिए ट्रेन से बाड़मेर पहुंचे थे। एसीबी की टीम पहले से स्टेशन पर मौजूद थी। जैसे ही वे ट्रेन से उतरे, टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर जयपुर रवाना कर दिया। सूत्रों का कहना है कि विशाल सक्सेना की भूमिका टेंडर प्रक्रिया और फर्जी सर्टिफिकेट मामले में संदिग्ध पाई गई है। उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। SIT चार अहम मामलों की जांच में जुटी जल जीवन मिशन से जुड़े इस कथित घोटाले में एसीबी द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) चार प्रमुख मामलों की जांच कर रहा है। करीब 20 हजार करोड़ रुपए के स्पेशल प्रोजेक्ट से जुड़े टेंडर्स में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। आरोप है कि टेंडर शर्तों में बदलाव कर बड़ी फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया में साइट इंस्पेक्शन की विशेष शर्त जोड़ी गई थी, जिससे यह पहले से पता चल सके कि कौन-कौन सी फर्म भाग ले रही हैं। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। हालांकि बाद में वित्त विभाग ने इन टेंडर्स को निरस्त कर दिया था। अब एसीबी उन इंजीनियर्स की भूमिका की पड़ताल कर रही है, जिन्होंने यह शर्तें जोड़ी थीं। 55 करोड़ का फर्जी भुगतान जांच में यह भी सामने आया है कि श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को बिना कार्य किए 55 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में कुल 139 इंजीनियर जांच के दायरे में हैं। इनमें 15 एक्सईएन, 40 एईएन और 50 जेईएन शामिल बताए जा रहे हैं। एसीबी इस बात की भी जांच कर रही है कि भुगतान किस स्तर पर और किन अधिकारियों की अनुमति से किया गया। प्रारंभिक जांच में कई स्तरों पर लापरवाही और मिलीभगत की आशंका जताई गई है। इरकॉन के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट मामले का एक बड़ा पहलू इरकॉन कंपनी के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर करीब 900 करोड़ रुपए के टेंडर जारी करने से जुड़ा है। ये टेंडर कथित तौर पर श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को दिए गए। जांच में यह भी आरोप है कि जब मामला उजागर हुआ तो एक्सईएन स्तर पर जांच के नाम पर केरल जाकर एक रिपोर्ट पेश की गई, जिसे अब झूठा बताया जा रहा है। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि इरकॉन के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में किन-किन इंजीनियरों और अधिकारियों की भूमिका रही। कई राज्यों में समन्वित कार्रवाई एसीबी की इस कार्रवाई को समन्वित ऑपरेशन माना जा रहा है, जिसमें राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी टीमों ने एक साथ दबिश दी। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही गुप्त जांच के बाद की गई है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। जांच एजेंसी पूरे प्रकरण में वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है, ताकि घोटाले की पूरी साजिश और नेटवर्क का खुलासा हो सके। जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसीबी की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासों का आधार बन सकती है।