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भजनलाल शर्मा की पहल: समाज के हर वर्ग के लिए सुरक्षा की दीवार

जयपुर राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण और प्रभावी निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को निरंतर सुदृढ़ किया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों जरूरतमंद नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का भरोसा मिला है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील और प्रभावी नेतृत्व वाली राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि की गई है। वर्ष 2024 में पेंशन राशि 1000 रुपये प्रतिमाह थी, जिसे बढ़ाकर 1150 रुपये किया गया। इसके बाद वर्ष 2025 में इसे 1250 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। जनवरी 2026 में इसे बढ़ाकर 1300 रुपये प्रतिमाह किया गया और अब राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 1450 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इस प्रकार विगत दो वर्षों में पेंशन राशि में 450 रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 91 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिल रहा लाभ प्रदेश में वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 91 लाख से अधिक लाभार्थियों को नियमित पेंशन प्रदान की जा रही है। इनमें वृद्धजन, विधवा एवं एकल नारी, विशेष योग्यजन (दिव्यांगजन) तथा लघु एवं सीमांत कृषक शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को न्यूनतम आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें। जनवरी 2026 की पेंशन के बिल भी तैयार कर ईसीएस के लिए भेज दिए गए हैं, जिससे जल्द ही यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा हो जाएगी। डीबीटी से पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने पेंशन भुगतान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली को अपनाया है। इसके तहत पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के जनाधार पंजीकृत बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनी है और लाभार्थियों को समय पर पेंशन राशि प्राप्त हो रही है। तकनीक आधारित पारदर्शी पेंशन प्रणाली राज्य सरकार ने पेंशन व्यवस्था को तकनीक से जोड़ते हुए इसे सरल और नागरिक-अनुकूल बनाया है। पेंशन से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस किया गया है। जनआधार आधारित सत्यापित डेटा के माध्यम से आवेदन, स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिससे पात्र व्यक्ति स्वयं, मोबाइल ऐप या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। सत्यापन प्रक्रिया को बनाया सरल यह शर्मा की ही दूरदर्शी सोच है कि पेंशन लाभार्थियों के वार्षिक सत्यापन की प्रक्रिया को भी निरंतर सरल बनाया गया है। लाभार्थी बायोमेट्रिक, प्रमाणीकरण, मोबाइल ऐप तथा ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से अपना सत्यापन करवा सकते हैं। यदि किसी कारणवश बायोमेट्रिक सत्यापन संभव नहीं हो पाता, तो संबंधित अधिकारी के समक्ष दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्वयं अथवा संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी के आधार पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से भी सत्यापन किया जा सकता है। बैंकिंग तकनीकी समस्याओं के समाधान के प्रयास बैंकों के विलय के कारण आईएफएससी कोड बदलने से कुछ लाभार्थियों की पेंशन अस्थायी रूप से लंबित हो गई थी। राज्य सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए विशेष प्रयास किए हैं और अधिकांश लाभार्थियों की पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है। भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए बैंकिंग संस्थाओं और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पेंशन पोर्टल पर बैंक वितरण संबंधी डाटा अद्यतन करने की प्रक्रिया पर भी कार्य किया गया है। कमजोर वर्गों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करना भी है। केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं मिलकर इस उद्देश्य को साकार कर रही हैं। अंत्योदय की भावना को सशक्त करता निर्णय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज में अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में लगातार वृद्धि और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था इस प्रतिबद्धता को मजबूत बनाती है। पेंशन राशि में हुई यह वृद्धि प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए आर्थिक स्थिरता, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।

मुख्य सचिव की बैठक: गृह रक्षा विभाग को आधुनिक तकनीक से मजबूत करने की दिशा में कदम

जयपुर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को गृह रक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभाग की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों तथा भावी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गृह रक्षा विभाग के आधुनिकीकरण को राज्य सरकार की ​दीर्घकालीन परिकल्पना 'विकसित राजस्थान@2047' के अनुरूप गति देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि होमगार्ड स्वयंसेवकों को केवल आरक्षित सहायक बल के रूप में सीमित न रखते हुए उन्हें एक सक्रिय तकनीकी रक्षक और मुख्य धारा में एकीकृत सहायक बल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन में होमगार्ड की अग्रिम भूमिका को सुदृढ़ करने, जयपुर सहित प्रदेशभर में यातायात प्रबंधन में उनकी संस्थागत एवं परिचालनात्मक भागीदारी बढ़ाने तथा नवीनतम तकनीकों के अनुरूप उनके प्रशिक्षण एवं क्षमता सर्वंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने विभाग की आईटी एवं सरंचना को सुदृढ़ करने एवं एचडीएमएस प्रणाली की कार्यात्मक क्षमताओं का विस्तार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे स्वयंसेवकों के नियोजन, प्रशिक्षण तथा सेवा प्रबंधन में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार गृह रक्षा दल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में एक विश्वसनीय, सक्रिय एवं तकनीकी सक्षम सहायक बल के रूप में और अधिक सुदृढ़ भूमिका निभा सकेगा। वी. श्रीनिवास ने विभागीय केडर रिव्यू, स्वयंसेवकों को देय शीतकालीन वर्दी वितरण प्रणाली में विद्यमान विसंगतियों के समाधान तथा विभाग में आईटी सेल की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों की प्रगति पर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन विषयों पर आगामी तीन माह के भीतर पुन: समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी तथा लंबित प्रस्तावों पर निर्णय लिये जाएंगे।   बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत, महानिदेशक गृह रक्षा मालिनी अग्रवाल, संयुक्त शासन सचिव गृह (ग्रुप-7) सोविला माथुर, निदेशालय अधिकारीगणों सहित समस्त जिलों के गृह रक्षा कमांडेंट उपस्थित रहे।

चूरू में गौरव सैनानी समारोह: राष्ट्र सेवा में राजस्थान के वीरों की अग्रणी भूमिका : CM भजनलाल शर्मा

चूरू के जिला खेल स्टेडियम का नामकरण लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर करने की घोषणा जयपुर, मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्र सेवा में राजस्थान के वीरों की अग्रणी भूमिका रही है। यहां गांवों में कोई न कोई ऐसा परिवार है जिसने सेना की वर्दी पहनी है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, वे आजीवन राष्ट्रहित और समाजहित के लिए निरन्तर कार्य करते हैं। उनका त्याग और बलिदान से परिपूर्ण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।    शर्मा रविवार को चूरू के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित गौरव सेनानी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चूरू और शेखावाटी की धरती ने देशप्रेम के भाव को सदैव जीवंत रखा है। परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह, मेजर शैतान सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ जैसे वीर सपूतों ने राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने चूरू के जिला खेल स्टेडियम का नाम 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अद्भुत साहस का प्रदर्शन करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर रखे जाने की घोषणा भी की। रक्षा क्षेत्र में देश बन रहा आत्मनिर्भर  शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक प्रमुख विश्व शक्ति बन कर उभर रहा है। भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। वीरांगनाओं का त्याग हमारे लिए प्रेरणादायी  शर्मा ने कहा कि वीर सपूतों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। वीर नारियों और वीरांगनाओं का त्याग भी हमारे लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि वीर सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। इसी कड़ी में, घर-घर जाकर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों से संवाद किया गया है। एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्पलेक्सेज में सभी सुविधाएं मिलेंगी एक ही छत के नीचे मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों को विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्पलेक्स का चरणबद्ध निर्माण कर रही है। इन कॉम्पलेक्सेज में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, युद्ध स्मारक, सैनिक कैंटीन, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। प्रथम चरण में 36 करोड़ रुपये की लागत से जोधपुर, टोंक, शेरगढ़ और झुंझुनूं में इन कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जोधपुर में मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र और झुंझुनूं में ‘वॉर म्यूजियम’ की स्थापना भी की जाएगी। विभिन्न विभागों में नियोजित पूर्व सैनिकों के मानदेय में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिक और उनके परिवारों को सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आरटीडीसी के होटलों और गेस्ट हाउसों में वीरांगनाओं को 50 प्रतिशत और सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 प्रतिशत की छूट देने के साथ ही, नवीन जिला सैनिक कल्याण कार्यालय भी खोले जा रहे हैं। विभिन्न विभागों में रेक्सको के माध्यम से नियोजित पूर्व सैनिकों के मानदेय में पिछले 2 वर्ष में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों को मिलने वाली पेंशन 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है। एक्स सर्विसमैन सैकण्ड लाईन ऑफ डिफेंस – लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह   सप्तशक्ति कमान के सेना कमाण्डर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि फौजी कभी अकेला नहीं रहता, इसी उद्देश्य को लेकर गौरव सैनानी समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह समारोह आपसी जुड़ाव और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एक्स सर्विसमैन सैकण्ड लाइन ऑफ डिफेंस के रूप में कार्य करते हैं।  शर्मा ने इस दौरान पूर्व सैनिकों का सम्मान किया और जॉब लेटर सौंपे। साथ ही, प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर चूरू विधायक  हरलाल सहारण, पूर्व नेता प्रतिपक्ष  राजेंद्र राठौड़, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष  देवेंद्र झाझड़िया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीरांगनाएं एवं उनकेे परिवारजन उपस्थित रहे। —

महिलाओं के नेतृत्व में विकास, यही नए भारत की दिशा: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़

जयपुर,  उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि महिलाओं की तरक्की में सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना से धरातल पर सकारात्मक बदलाव सामने आने लगे हैं। आज देश के हर क्षेत्र में महिलाएं बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। वर्ष 2014 के बाद से महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नई चर्चा शुरू हुई है। कर्नल राठौड़ रविवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित महिला सम्मान समारोह एवं परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। महिलाओं को उद्यम से जोड़ने के लिए उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं में अतिरिक्त सब्सिडी सहित अन्य प्रावधान किए गए हैं। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बड़ी भूमिका है। विकसित भारत-2047 के विजन में गांव-कस्बों में महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले छोटे-छोटे उद्यमों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। आज औद्योगिक क्षेत्र में भी महिलाएं बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने सफल महिला उद्यमियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक महिलाओं को प्रोत्साहित करें और उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ें, ताकि सभी को इनका लाभ मिल सके। महिलाओं को एक्सीलेंस अवार्ड, ऋण के चैक, स्वीकृति पत्र, भूमि आवंटन पत्र और विजेताओं को साईकिल— कर्नल राठौड़ ने उद्यमी, खिलाड़ी और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 11 महिलाओं को एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया। विभाग में कार्यरत महिला कार्मिकों को भी विशेष कार्यों के लिए सम्मानित किया। साथ ही, एक शहीद आश्रित की पुत्री को उद्योग प्रसार अधिकारी पद के लिए नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया। योजनाओं के तहत 2 महिलाओं को ऋण के चेक, 9 महिलाओं को स्वीकृति पत्र और 2 महिलाओं को रीको के तहत भूमि आवंटन पत्र भी प्रदान किए गए। इस दौरान एक लाइव गेम का आयोजन किया गया, जिसमें एक ई-साइकिल और एक स्पोर्ट्स साइकिल प्रदान की गई। इससे पहले ओडीओपी नीति के तहत आईसीईएस की ‘कौशल वाहिनी- स्किल ऑन व्हील्स’ को झंडी दिखाकर शिल्पकारों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। राज्य सरकार की योजनाओं से मिला प्रोत्साहन, अब यूएसए से मिल रहे ऑर्डर— उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभ प्राप्त करने वाले 10 उद्यमी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के लाभ से काफी प्रोत्साहन मिला है। उद्योग शुरू करने में आर्थिक सहयोग के अलावा देश-विदेश में अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने पर भी अनुदान मिल रहा है। इस दौरान रान्जका गारमेंट की श्रीमती डेमा मित्तल ने कहा कि राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति से काफी लाभ मिला है। सरकार के सहयोग से यूएसए में अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का मौका मिला है, अब वहां से ऑर्डर मिल रहे हैं। विभाग की महिला कार्मिकों को ही जिम्मेदारी— महिला दिवस को ध्यान में रखते हुए इस आयोजन को और भी विशेष बनाने के लिए सारी जिम्मेदारी विभाग की महिला अधिकारियों को ही सौंपी गई है। आयोजन की पूर्व रूपरेखा तैयार करने के साथ ही पंजीकरण से लेकर स्टेज तक सारा कार्य महिला अधिकारियों द्वारा ही संपादित किया गया। रीको एमडी श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार द्वारा स्वागत उद्बोधन और राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त श्रीमती मनीषा अरोड़ा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल, आयुक्त सुरेश ओला सहित उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और राजस्थली की श्रीमती माया ठाकुर सहित अन्य महिला उद्यमी  मौजूद रहे। साथ ही, फिक्की फ्लो की चैयरपर्सन डॉ. रिम्मी शेखावत, सीआईआई इंडियन वुमेन नेटवर्क की चैयरपर्सन सुश्री श्रद्धा अग्रवाल, आरसीसीआई यंग वुमेन एंटरप्रीन्योर की चैयरपर्सन सुश्री चांदनी जग्गा और लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव सुश्री अंजु सिंह ने भी संबोधित किया।

रणथंभौर में बाघिन T-94 की मौत, नेशनल पार्क में मिला शव, जांच शुरू

सवाई  माधोपुर रणथंभौर टाईगर रिजर्व के खंडार वन क्षेत्र से दुखद खबर सामने आई है। मादा बाघिन T-94, जिसकी उम्र लगभग 11 वर्ष थी, का मृत शरीर घोड़ा घाटी के नीचे देखा गया। बाघिन का विचरण क्षेत्र ओंदी खोह, मूड घुसा, इंडाला, खटोला, कासेरा, बालाजी, घोड़ा घाटी, विंध्यकड़ा और फरिया जैसे वन क्षेत्रों तक फैला हुआ था। बाघिन का शव सुबह गश्त के दौरान स्टाफ ने पाया। खुशकिस्मती से बाघिन के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। उपवन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि प्रोटोकॉल के अनुसार बाघिन का पोस्टमार्टम किया जाएगा। वन्यजीव विभाग ने दिया जांच का आदेश T-94 रणथंभौर टाईगर रिजर्व में लंबे समय से विभिन्न वन क्षेत्रों में विचरण कर रही थी और वन्य जीवन के लिए महत्वपूर्ण बाघिन मानी जाती थी। उनके अचानक निधन से वन क्षेत्र में शोक का माहौल है। वन्यजीव विभाग ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम और आगे की जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है।

आसमान में स्वाति का कमाल: Mi-17V5 फ्लाईपास्ट लीड कर बेटियों के लिए बनीं मिसाल

नागौर नागौर जिले के छोटे से गांव प्रेमपुरा की बेटी, स्क्वाड्रन लीडर स्वाति राठौड़, आज पूरे देश के लिए गर्व का प्रतीक हैं। साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर का पद हासिल किया। 26 जनवरी 2021 को गणतंत्र दिवस परेड में Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर उड़ाते हुए फ्लाईपास्ट का नेतृत्व करने वाली वे पहली महिला पायलट बनीं, जिसने वायुसेना के इतिहास में मील का पत्थर स्थापित किया। पहली कोशिश में हुई सफल बचपन से देशभक्ति से ओतप्रोत स्वाति ने अजमेर में स्कूल के दौरान पेंटिंग प्रतियोगिता में तिरंगा बनाकर अपने पायलट बनने के सपने को दुनिया के सामने रखा। 2014 में पहली ही कोशिश में वे वायुसेना में चयनित हुईं। 2016 में इंडक्शन के बाद 2018 केरल बाढ़ में रेस्क्यू मिशन में उन्होंने बहादुरी दिखाई। चिनूक हेलीकॉप्टर पायलटों में से एक हैं स्वाति 2022 में स्वाति राठौड़ भारत की पहली महिला चिनूक हेलीकॉप्टर पायलटों में शामिल हुईं (स्क्वाड्रन लीडर परुल भारद्वाज के साथ), जो एलएसी के निकट उत्तरी-पूर्वी सेक्टर में तैनात हैं। उनके पति भारतीय सेना में मेजर हैं, जबकि उनके भाई मर्चेंट नेवी में हैं, जो परिवार की सेवा-भावना को दर्शाता है। जज्बे को सलाम अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वाति राठौड़ हमें यह सिखाती हैं कि मरूस्थल की रेत से भी आसमान छुआ जा सकता है। उनकी कहानी मेहनत, जज्बे और नारी शक्ति की जीती-जागती मिसाल है, जो राजस्थान की बेटियों के लिए नई ऊंचाइयां तय कर रही है।

‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर अंतरराष्ट्रीय IVR कॉल से ठगी, राजस्थान पुलिस ने लोगों को किया अलर्ट

जयपुर राजस्थान पुलिस ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय आईवीआर कॉल के जरिए लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगा जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वीके सिंह के निर्देश पर साइबर अपराध प्रकोष्ठ द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने इस खतरनाक ट्रेंड का खुलासा किया है। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के अनुसार अपराधी सबसे पहले विदेशी नंबरों से ऑटोमेटेड आईवीआर कॉल करते हैं। फोन उठाने पर रिकॉर्डेड आवाज खुद को पुलिस, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण, फेडएक्स या दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताती है। इसके बाद पीड़ित को बताया जाता है कि उसके मोबाइल नंबर या उसके नाम से भेजा गया कोई पार्सल अवैध गतिविधि में पकड़ा गया है। अपराधी गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पीड़ित को मानसिक दबाव में लेते हैं और डिजिटल अरेस्ट का नाटक करते हैं। डर के माहौल में वे बैंक डिटेल्स, ओटीपी या सीधे पैसे ट्रांसफर करवाकर ठगी कर लेते हैं। इन नंबरों से रहें सावधान जांच में सामने आया है कि अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए सैटेलाइट और विदेशी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। विशेष रूप से इनमारसैट (+870) सैटेलाइट नेटवर्क का दुरुपयोग ज्यादा देखा गया है। इसके अलावा पाकिस्तान (+92), बांग्लादेश (+880), नेपाल (+977), अफगानिस्तान (+93), दक्षिण कोरिया (+82), ईरान (+98), कंबोडिया (+855), सऊदी अरब (+966), संयुक्त अरब अमीरात (+971), यूनाइटेड किंगडम (+44), ऑस्ट्रेलिया (+61) सहित कई देशों के कोड से आने वाली कॉल संदिग्ध हो सकती हैं। क्या करें नागरिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से आने वाली कॉल को तुरंत काट दें और इसकी सूचना संचार साथी पोर्टल या ऐप पर दें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है।

महिलाओं की समस्याओं का समाधान: 9 मार्च को जयपुर पहुंचेगा राष्ट्रीय महिला आयोग, होगी जनसुनवाई

जयपुर महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सोमवार, 9 मार्च को जयपुर में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इस जनसुनवाई में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर स्वयं उपस्थित रहकर महिलाओं की शिकायतों और समस्याओं की सुनवाई करेंगी। यह महिला जनसुनवाई सोमवार, 9 मार्च को प्रातः 11 बजे से राजस्थान पुलिस अकादमी के बैठक कक्ष में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से संबंधित विभिन्न प्रकार की शिकायतों, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, संपत्ति संबंधी विवाद तथा अन्य सामाजिक मुद्दों से जुड़ी समस्याओं पर सुनवाई कर उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कार्यक्रम के सफल एवं सुचारू आयोजन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभाग पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित रहें और महिलाओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। जनसुनवाई के समन्वय एवं व्यवस्थाओं के लिए उपखण्ड अधिकारी जयपुर दक्षिण श्री अरुण कुमार को समग्र प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, शिकायतों के संकलन और उनके त्वरित निस्तारण के लिए समन्वय करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं से अपील की गई है कि जिन महिलाओं को किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत है, वे इस जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपनी समस्या सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत कर सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उनकी समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

खाटूश्यामजी मंदिर में आतंकियों की एंट्री से अफरा-तफरी, बाद में खुला राज—ATS की मॉक ड्रिल थी

जयपुर विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर परिसर शुक्रवार को उस समय सुरक्षा छावनी में तब्दील हो गया, जब मंदिर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर एटीएस (Anti-Terrorist Squad) की टीम ने अचानक धावा बोल दिया। हथियारों से लैस जवानों की त्वरित कार्रवाई और घेराबंदी को देखकर परिसर में हड़कंप मच गया, लेकिन कुछ ही देर बाद जब सच्चाई सामने आई तो सभी ने राहत की सांस ली। त्वरित कार्रवाई और जवाबी हमला आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही एटीएस के जवानों ने मोर्चा संभाला और योजनाबद्ध तरीके से मंदिर परिसर में प्रवेश किया। कुछ ही मिनटों के भीतर टीम ने कड़ा संघर्ष करते हुए दो काल्पनिक आतंकवादियों को ढेर कर दिया। कार्रवाई के दौरान जवानों ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और बारूद बरामद करने का प्रदर्शन भी किया। सुरक्षा परखने के लिए था अभ्यास जैसे ही एटीएस के अधिकारियों ने इसे मॉकड्रिल घोषित किया, वहां मौजूद श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन की चिंता दूर हुई। इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की जांच करना, भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर क्विक रिस्पॉन्स टाइम को मापना और मंदिर की सुरक्षा घेराबंदी और समन्वय को और अधिक पुख्ता करना है। चौथी बार हुआ सुरक्षा अभ्यास गौरतलब है कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र खाटू श्याम मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए एटीएस अब तक यहां चार बार मॉकड्रिल कर चुकी है। इस सफल अभ्यास के दौरान एटीएस टीम के साथ मंदिर सुरक्षा गार्ड प्रभारी रघुनाथ सिंह, मंदिर समिति के लक्ष्मीकांत रंगलालका सहित अन्य सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी भी मुस्तैद रहे।

‘शून्य अंक’ वाले अभ्यर्थी कैसे बने सरकारी कर्मचारी? राजस्थान हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को जमकर फटकार लगाई है। मामला सरकारी नौकरियों में क्लास IV कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ा है, जहां आरक्षित वर्ग के लिए कट-ऑफ अंक जीरो के करीब रखे गए थे। जस्टिस आनंद शर्मा ने इस स्थिति को बेहद हैरान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि भले ही नौकरी छोटे पद की हो, लेकिन सरकार को भर्ती के लिए एक न्यूनतम मानक जरूर रखना चाहिए। कोर्ट ने कहा, जो शख्स परीक्षा में शून्य या उससे भी कम नंबर लाता है, वह सरकारी काम करने के लायक कैसे हो सकता है? कोर्ट ने साफ किया कि नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में राज्य से यह अपेक्षा की जाती है कि वह भर्ती में न्यूनतम मानक सुनिश्चित करे, ताकि चयनित उम्मीदवार अपने कर्तव्यों का संतोषजनक ढंग से पालन कर सकें। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक उम्मीदवार ने कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें बताया गया कि हाल ही में हुई एक भर्ती प्रक्रिया में कुछ आरक्षित श्रेणियों के लिए कट-ऑफ महज 0.0033 रखी गई थी। माइनस में नंबर, फिर भी नौकरी ना मिलने की शिकायत दिलचस्प बात यह है कि याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा इसलिए खटखटाया क्योंकि उसके अंक शून्य से भी कम थे और इसी आधार पर उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी। उसने कोर्ट से शिकायत की कि जब सरकार ने पास होने के लिए कोई न्यूनतम नंबर तय ही नहीं किए हैं, तो उसे फेल क्यों किया गया? जांच में पता चला कि कुछ श्रेणियों में कट-ऑफ महज 0.0033 थी। कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि या तो परीक्षा का पेपर जरूरत से ज्यादा कठिन था या फिर भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि उन्होंने पास होने के लिए कम से कम नंबर की सीमा तय क्यों नहीं की? अब राजस्थान हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव से जवाब मांगा है। उन्हें हलफनामा देकर यह बताना होगा कि भविष्य में ऐसी स्थिति को सुधारने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।