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निकाय और पंचायत आम चुनाव 2026 से पहले चुनाव मोड में आया प्रशासन

जयपुर. निकाय व पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 से पहले प्रशासन ने ‘चुनावी मोड’ में कदम बढ़ा दिए हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में पंचायत समिति विकास अधिकारियों (बीडीओ) के तबादलों का बड़ा फैसला लिया गया है। आदेश के अनुसार अब कोई भी बीडीओ अपनी गृह पंचायत समिति में पदस्थापित नहीं रहेगा। साथ ही जो अधिकारी पिछले चार वर्षों में तीन वर्ष से अधिक समय तक एक ही जिला, नगर पालिका या पंचायत समिति क्षेत्र में कार्यरत रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा। अतिरिक्त कार्यभार भी होगा समाप्त जिन अधिकारियों को लंबे समय से विकास अधिकारी के रिक्त पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है और वे तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनका अतिरिक्त कार्यभार भी तुरंत हटाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य है कि चुनाव के दौरान कोई भी अधिकारी अत्यधिक प्रभावशाली स्थिति में न रहे। जिला परिषद सीईओ पर जिम्मेदारी ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में पदस्थापित बीडीओ की सूची तैयार कर जांच करें। तीन दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजनी होगी। रिपोर्ट में देरी होने पर संबंधित सीईओ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जयपुर ग्रामीण में दिखेगा असर पंचायत समिति बस्सी सहित जयपुर ग्रामीण क्षेत्र की बस्सी, चाकसू, जमवारामगढ़, तूंगा, आंधी और कोटखावदा पंचायत समितियों में वर्षों से जमे अधिकारियों पर इस आदेश का सीधा असर पड़ेगा। इनका कहना है… राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह कदम उठाया गया है। चुनाव निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से कराने के लिए निर्धारित अवधि से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को हटाया जा रहा है। आदेशों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। – डॉ. जोगराम, शासन सचिव एवं आयुक्त, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग

शिक्षा मंत्री के बयान से गरमाया सदन, विज्ञान संकाय को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

जयपुर राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में सरकारी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोलने और शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े सवाल पर जोरदार हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से जब संबंधित आंकड़े मांगे गए तो उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने शुरू कर दिए, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार रिक्त पदों को भर रही है और आगामी सेवानिवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने स्कूल तो खोले, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की। स्पीकर का हस्तक्षेप और सवालों की पुनरावृत्ति स्थिति तीखी होने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से मूल प्रश्न का उत्तर देने को कहा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल दोहराते हुए पूछा कि पिछले दो वर्षों में कितने विज्ञान संकाय खोले गए और कितने पदों पर नियुक्तियां की गईं। इस दौरान मंत्री और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मंत्री ने पूर्व सरकार पर तबादलों में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए, जिस पर टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं और तथ्यों के आधार पर जवाब दें। बाद में मंत्री ने बताया कि एक बार 3880 और दूसरी बार 970 पद स्वीकृत किए गए।   दिव्यांग स्कूटी वितरण पर भी टकराव प्रश्नकाल के दौरान दिव्यांगों को स्कूटी वितरण से जुड़े सवाल पर भी बहस तेज हो गई। भाजपा विधायक के पूरक प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पिछली सरकार के समय हुई देरी का उल्लेख किया और समाधान का आश्वासन दिया। जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पूरक सवाल पूछने के लिए खड़े हुए तो सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने टोका, जिस पर जूली ने आपत्ति जताई और स्पीकर से व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।   टिप्पणी पर बढ़ा विवाद इसके बाद अविनाश गहलोत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद और बढ़ गया। मंत्री ने तंज करते हुए कहा कि सदन में पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी के कारण विपक्ष में प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है। इस पर टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि राजनीतिक टिप्पणियों के बजाय सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रही।

Operation Sindoor के बाद सबसे बड़े युद्धाभ्यास में गरजेंगे टैंक !

बीकानेर/जैसलमेर. राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना की 'पश्चिमी कमान' (Western Command) अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवा रही है। दो सप्ताह तक चलने वाले इस उच्च तीव्रता वाले युद्ध अभ्यास 'खड़ग शक्ति 2026' में सेना की प्रसिद्ध 'खड़ग कोर' (स्ट्राइक कोर) अपनी पूर्ण युद्धक क्षमता के साथ भाग ले रही है। आज सोमवार 23 फरवरी को जब महाजन रेंज में तोपें गरजेंगी और टैंक आग उगलेंगे, तो यह साफ़ हो जाएगा कि भारतीय सेना अब पारंपरिक युद्ध के बजाय 'टेक्नोलॉजी ड्रिवन' ऑपरेशंस पर फोकस कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद नया इतिहास सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह युद्धाभ्यास 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पश्चिमी कमान का पहला पूर्ण-स्तरीय कॉम्बैट ड्रिल है। यह केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि भारतीय सेना के बदलते हुए 'वॉरफेयर डॉक्ट्रिन' (युद्ध सिद्धांत) का प्रदर्शन है। अब सेना भारी सैनिकों की तैनाती के बजाय कम समय में, सटीक मारक क्षमता और आधुनिक उपकरणों के जरिए दुश्मन को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है। नाइट फायरिंग: रात के अंधेरे में भी नहीं बचेगा दुश्मन 'खड़ग शक्ति' का एक प्रमुख हिस्सा 'नाइट कॉम्बैट' है। सोमवार की रात को सेना की बख्तरबंद (Armoured) और मशीनीकृत (Mechanized) इकाइयां अंधेरे में काल्पनिक ठिकानों पर सटीक गोलाबारी का अभ्यास करेंगी। वहीं थर्मल इमेजर और नाइट विजन उपकरणों से लैस टी-90 जैसे भीष्म टैंक रात के सन्नाटे को अपनी गूँज से भर देंगे। हेलीबोर्न ऑपरेशंस और एयर सपोर्ट अभ्यास के दौरान थल सेना और वायु सेना के बीच जबरदस्त समन्वय देखने को मिलेगा। हमलावर हेलीकॉप्टर दिन के उजाले में 'हेलीबोर्न ऑपरेशंस' को अंजाम देंगे, जिसमें सैनिकों को दुश्मन के पीछे के ठिकानों पर उतारा जाएगा। इसी तरह से तोपखाना (Artillery) और बख्तरबंद रेजिमेंट के साथ मिलकर ये हेलीकॉप्टर सघन हमले का भी प्रदर्शन करेंगे। उच्च सैन्य नेतृत्व की निगरानी इस युद्धाभ्यास की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि थल सेनाध्यक्ष और आर्मी कमांडर सहित कई उच्च सैन्य अधिकारी खुद महाजन फायरिंग रेंज पहुँचकर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। पश्चिमी सीमा पर संभावित खतरों और पाकिस्तान के साथ लगने वाले बॉर्डर के पास इस तरह का युद्धाभ्यास भारत की सामरिक तैयारियों का सीधा संदेश है।

वसुंधरा राजे अचानक भावुक हुईं और फिर छलक पड़े आंसू

झालावाड़/बकानी. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शनिवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र झालावाड़ के दौरे पर थीं। बकानी के खोयरा गांव स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद जब वे सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद पदयात्रा के तीसरे चरण के शुभारंभ समारोह के मंच पर पहुँची, तो एक अप्रत्याशित घटनाक्रम ने उन्हें भावुक कर दिया। कविता सुन मंच पर रो पड़ीं 'महारानी' समारोह के दौरान बकानी की एक युवती अदिति शर्मा ने वसुंधरा राजे के सम्मान में एक कविता का पाठ किया। इस कविता में राजे के माता-पिता (राजमाता विजयाराजे सिंधिया और जीवाजीराव सिंधिया), उनके दिवंगत भाई (माधवराव सिंधिया), उनके शासन करने के तरीके और उनकी जनकल्याणकारी योजनाओं का मार्मिक उल्लेख था। अपने माता-पिता और भाई का नाम सुनकर राजे स्वयं को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। 'मैं आंसू रोक नहीं पाई' कार्यक्रम के बाद राजे ने इस वाकये का ज़िक्र सोशल मीडिया पोस्ट पर भी किया। इसमें उन्होंने लिखा, 'तीसरे चरण की इस पदयात्रा के अवसर पर अदिति शर्मा ने एक कविता पढ़ी, जिसमें मेरे संपूर्ण परिवार, मेरे शासन करने के तरीके और योजनाओं के बारे में उल्लेख था। माँ राजमाता विजय राजे सिंधिया जी, पिता श्रीमंत जीवाजी राव सिंधिया जी और भाई श्रीमंत माधव राव सिंधिया जी पर लिखी कविता सुन अपने आँसू रोक नहीं पाई। मेरे जीवन में इन तीनों के योगदान को मैं कभी नहीं भूल सकती।आज इनके बिना जीवन बहुत सूना लगता है। मेरे माता-पिता और भाई अब इस दुनिया में नहीं है। जब भी उनकी याद आती हैं, तब मैं लोगों से मिल रहे प्यार में उनको खोजने लगती हूँ और अहसास करती हूँ कि इन्हीं में मेरे खोए हुए परिवारजन है।' 'जनता का प्यार मिलेगा तो समय बदलेगा' भावुकता के बीच वसुंधरा राजे ने जनता को संबोधित करते हुए एक गहरा राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी बहुत अच्छा समय होता है और कभी बहुत खराब। राजे ने जोर देकर कहा, "धन-दौलत ही सब कुछ नहीं होता, जनता का प्यार सबसे अनमोल है। अगर जनता का प्यार मिलेगा तो समय जरूर बदलेगा।" राजे का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिसमें कहा जा रहा था कि चुनाव न होने के बावजूद इस यात्रा का क्या औचित्य है। राजे ने स्पष्ट किया कि वे इस यात्रा के माध्यम से कुछ लेने नहीं, बल्कि केवल जनता का प्यार और आशीर्वाद लेने आई हैं। किसानों के दर्द पर मरहम: फसल खराबे का मुद्दा जनसंवाद यात्रा के दौरान केवल भावनाएं ही नहीं, बल्कि किसानों की समस्याएं भी प्रमुखता से उठीं। पिछले दो दिनों में हुई तेज हवाओं और बेमौसम बारिश के कारण अफीम सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। मुआवजे की मांग: किसानों ने राजे और सांसद दुष्यंत सिंह के सामने विशेष गिरदावरी और शीघ्र मुआवजे की मांग रखी। भरोसा: सांसद दुष्यंत सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे सरकार से बात कर उचित मुआवजा दिलवाने का प्रयास करेंगे। झालावाड़: राजे का अभेद्य दुर्ग और परिवार पूर्व सीएम ने एक बार फिर दोहराया कि पूरा झालावाड़ जिला उनका परिवार है। उन्होंने कहा कि इस चार दिवसीय यात्रा के दौरान जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनका त्वरित समाधान किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक गोविंद रानीपुरिया, पूर्व विधायक नरेंद्र नागर और जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

पीएम मोदी की सभा का अजमेर में बनने लगा वाटर प्रूफ डोम

अजमेर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 28 फरवरी को होने वाली सभा को लेकर कायड़ विश्राम स्थली में तैयारियां शुरू हो गई हैं। सभा के लिए वाटर प्रूफ डोम बनाने का सामान मौके पर पहुंच चुका है। जयपुर रोड से विश्राम स्थली जाने वाली सड़क पर डामरीकरण, पार्किंग और सभा स्थल के आसपास मैदान को समतल किया जा रहा है। विश्राम स्थली में पीएम मोदी की सभा के लिए वाटर प्रूफ डोम बनाया जाएगा। इसके लिए एल्यूमिनियम और लोहे के एंगल सहित डोम का सामान पहुंच चुका है। अधिकारियों की देखरेख में श्रमिकों ने काम शुरू कर दिया है। हेलीपेड के आसपास सफाई की गई है। जेसीबी से की लेवलिंग सभा के लिए आने वाली बसों, कार-जीप और अन्य वाहनों की पार्किंग विश्राम स्थली के बाहर कराई जाएगी। जेसीबी से जमीन का समतल कराई गई है। विश्राम स्थली में भी जेसीबी ने जमीन को समतल किया। अब अस्थायी बेरिकेडिंग लगाने का काम शुरू होगा। हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात मुख्य सभा स्थल और इसके आसपास हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनके अलावा जयपुर रोड से विश्राम स्थली और सभास्थल तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। करीब 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। पीएम मोदी की सभा से पहले एसपीजी टीम मुख्य सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेगी। बनेंगे एंट्री-एग्जिट गेट सभास्थल पर एंट्री-एग्जिट के गेट बनेंगे। जनप्रतिनिधियों और आमजन के लिए अलग-अलग द्वार से प्रवेश व निकास की व्यवस्था की जाएगी। सभी गेट पर डोरफ्रेम मेटल डिटेक्टर लगेंगे।

राजस्थान का मौसम बदला मिज़ाज: कई शहरों में तापमान 30° पार, बाड़मेर सबसे गर्म, फतेहपुर सबसे ठंडा

जयपुर राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सुबह और शाम की सर्दी अब कम हो गई है। शनिवार को राज्य के 10 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर ने अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में मौसम साफ रहा। सुबह से लेकर शाम तक तेज धूप खिली रही। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा-चित्तौड़गढ़ 31.2, फलोदी 31.8, बीकानेर 31.2, जैसलमेर 31.5, पाली (जवाई बांध क्षेत्र) 31.4, डूंगरपुर 30, फतेहपुर (सीकर) 30, लूणकरणसर (बीकानेर) 30.9, चूरू 30.4, भीलवाड़ा 29.4, टोंक 29.6, श्रीगंगानगर 29.4, नागौर 29.8, झुंझुनूं 29.1, उदयपुर 29.2 और जयपुर 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर सहित कई जिलों में दिनभर धूप रहने से मौसम सुहावना बना रहा, जबकि सुबह-शाम हल्की सर्दी महसूस की गई। न्यूनतम तापमान की बात करें तो सीकर के फतेहपुर में सबसे कम 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पाली में 10.6, दौसा में 11.6, सिरोही में 11.4, सीकर में 11.5 और अलवर में 11.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। वहीं, बाड़मेर में रात सबसे कम सर्द रही, जहां न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

पाली में 4 साल के बेटे-मां सहित एक साथ उठीं 5 अर्थियां

पाली. राजस्थान के पाली जिले के भावनगर (गुड़ा एंदला) गांव में रविवार को ऐसा मंजर दिखा, जिसे देखकर पत्थर दिल भी पिघल जाए। भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के पांच लोगों की अर्थियां जब एक साथ उठीं, तो पूरा गांव सिसक उठा। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब मां और उसके चार साल के मासूम बेटे को एक ही अर्थी पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। एक ही परिवार की 5 अर्थियां एक साथ गांव की गलियों से निकली तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजन बिलख रहे थे, ग्रामीण ढांढस बंधा रहे थे, लेकिन आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। ऐसे में ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। बता दें कि गुजरात में ऊंझा-मेहसाणा हाइवे पर शनिवार सुबह उस वक्त भीषण हादसा हुआ था, जब भावनगर (गुड़ा एंदला) हाल निवासी अहमदाबाद रामलाल कुमावत का परिवार भांजे विकास की शादी में शामिल होने के बाद मणिहारी गांव से वापस लौट रहे थे। तभी तेज रफ्तार वैन डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि रामलाल लाखाजी कुमावत, कोमल मदनलाल कुमावत, कैलाश रामलाल कुमावत और चार वर्षीय आयुष कुमावत की मौके पर ही मौत हो गई। गुजरात के अस्पताल में 6 घायल भर्ती हादसे में घायल हुए छह लोगों का इलाज गुजरात के अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टर्स के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर ट्रैफिक भी बाधित रहा। शादी की खुशियों के बाद घर लौट रहा परिवार इस भीषण दुर्घटना से शोक में डूब गया है।

कार के ट्रक में घुसने से चार की मौके पर मौत

कोटा. कोटा जिले के चेचट क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी मृतक उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी थे और मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर लौट रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार कार पीछे से आगे चल रहे एक ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चारों लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही चेचट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लेकर चालक से पूछताछ शुरू कर दी है। चेचट पुलिस मृतकों की पहचान के प्रयास में जुटी हुई है तथा परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।

वोटर लिस्ट से 31 लाख नाम बाहर, राजस्थान में फाइनल सूची जारी

जयपुर राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के समापन के बाद शनिवार को फाइनल मतदाता सूची जारी की गई। इस नई सूची से 31 लाख से अधिक नामों को बाहर किया गया है। वर्तमान में कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,19,929 है।चुनाव आयोग के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 की सूची में कुल मतदाता 5,46,56,215 थे। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 41,84,891 नामों को ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किया गया, जिससे 16 दिसंबर 2025 को जारी ड्राफ्ट सूची में कुल मतदाता 5,04,71,324 थे। ड्राफ्ट सूची के बाद 12,91,365 नए मतदाताओं को शामिल किया गया, जबकि 2,42,760 नामों को हटाया गया। 21 फरवरी को जारी अंतिम सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,19,929 है, जो 27 अक्टूबर 2025 के मुकाबले 3,136,286 कम है। चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,19,929 में से 2,69,57,881 पुरुष मतदाता और 2,45,61,486 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा, 562 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। एसआईआर के बाद कुल 10,48,605 मतदाताओं की वृद्धि हुई है, जो 2.08 प्रतिशत है। जयपुर जिले में 3.45 प्रतिशत, फलौदी में 3.22 प्रतिशत, भरतपुर में 2.78 प्रतिशत, सिरोही में 2.72 प्रतिशत व बूंदी में 2.71 प्रतिशत कुल मतदाताओं में वृद्धि हुई है। आयोग के अनुसार, फाइनल मतदाता सूची में लिंगानुपात में 2 अंकों की वृद्धि हुई है, जो प्रारूप प्रकाशन के समय 909 से अंतिम प्रकाशन के समय 911 हो गया है। राज्य में जयपुर जिले में 7 अंक, कोटा में 6 अंक और अजमेर, सिरोही, डूंगरपुर, बूंदी, झालावाड़ व बारां में 4 अंक की वृद्धि हुई है। फाइनल मतदाता सूची में युवा मतदाताओं (18 से 19 वर्ष आयुवर्ग) की संख्या में 4,35,061 की वृद्धि हुई है, जो 0.82 प्रतिशत है। जयपुर जिले में 1.30 प्रतिशत, बाड़मेर में 1.26 प्रतिशत, भरतपुर में 1.22 प्रतिशत, फलौदी में 1.18 प्रतिशत तथा बूंदी में 1.09 प्रतिशत युवा मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।

अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित: प्रदेश में 5.15 करोड़ मतदाता, 31 लाख लोगों के नाम बाहर

जयपुर राजस्थान में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। राज्य की 199 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को कर दिया गया। अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल 5 करोड़ 15 लाख 19 हजार 929 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इससे पहले 27 अक्तूबर 2025 को जारी प्रारंभिक आंकड़ों में मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 थी। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुल 31 लाख 36 हजार 286 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई मृत, स्थानांतरित अथवा अपात्र पाए गए मतदाताओं के नामों के सत्यापन के बाद की गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना था, ताकि आगामी चुनावों में निष्पक्ष और सुचारु मतदान सुनिश्चित किया जा सके। क्र.स. विवरण कुल 1 27 अक्टूबर 2025 को मतदाता 5,46,56,215 2 ड्राफ्ट सूची में शामिल ना हुये मतदाता (ASD) 41,84,891 3 16 दिसम्बर 2025 को ड्राफ्ट सूची में शामिल मतदाता 5,04,71,324 4 ड्राफ्ट सूची प्रकाशन के बाद जोड़े गये कुल नये मतदाता 12,91,365 5 ड्राफ्ट सूची प्रकाशन के बाद हटाये गये कुल मतदाता 2,42,760 6 मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में मतदाता 5,15,19,929 राज्य में युवा मतदाताओं की संख्या में 4.35 लाख से अधिक की बढ़ोतरी राज्य में प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस दौरान 18 से 19 वर्ष आयुवर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या में 4,35,061 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो कुल मिलाकर 0.82 प्रतिशत की वृद्धि है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार जयपुर जिले में 1.30 प्रतिशत, बाड़मेर में 1.26 प्रतिशत, भरतपुर में 1.22 प्रतिशत, फलौदी में 1.18 प्रतिशत तथा बूंदी में 1.09 प्रतिशत युवा मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के संबंध में 21 फरवरी 2026 को जिला निर्वाचन अधिकारियों की अध्यक्षता में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली-2026 की एक सॉफ्ट कॉपी (फोटो रहित) और एक हार्ड कॉपी संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्तर पर निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कोई भी मतदाता जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइट https://election.rajasthan.gov.in तथा https://voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन EPIC सर्च के माध्यम से अपनी जानकारी देख सकता है। इसकी जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्या बताया? मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस व्यापक अभियान को राज्य के सभी 41 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), 199 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ), 1651 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ), 61,136 बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ), लाखों स्वयंसेवकों और प्रमुख राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी से सफल बनाया गया। अभियान में जिला अध्यक्षों के साथ 1,08,252 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी शामिल रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पूरी प्रक्रिया के दौरान जागरूकता और सकारात्मक सहयोग के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का भी आभार व्यक्त किया।