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350 साल बाद भी गुरु साहिब जी की वाणी जीवंत: CM सैनी का प्रेरक संबोधन

चंडीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में ही, सिख समुदाय के पहले बादशाह बाबा बंदा सिंह बहादुर की राजधानी लोहगढ़ (यमुनानगर) में मार्शल आर्ट इंस्टीट्यूट, श्री गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज, यमुनानगर बनाया जा रहा है। श्री गुरु नानक देव जी के गुरुद्वारा चिल्ला साहिब (सिरसा) की 72 कनाल भूमि बिना कोई कीमत लिए निशुल्क दी गई। सारे प्रदेश में, अन्य स्थानों पर भी स्मारक द्वार, कालेज एवं संस्थानों का नामकरण गुरु साहिबानों के नाम पर किया गया है।   वर्तमान हरियाणा प्रांत के लोगों का, श्री गुरु तेग बहादुर जी के साथ घनिष्ठ प्यार था। यहां लगभग उनकी याद में, 28 गुरुद्वारा साहिबान हैं तथा उनका ससुराल गांव लखनौर साहिब (अम्बाला) में है। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वां शहीदी दिवस पर श्रद्धा सुमन भेंट करने के लिए, देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी 25 नवंबर, 2025 दिन मंगलवार को करुक्षेत्र आ रहे हैं। पूरे प्रदेश में चार शोभा यात्राओं में गुरु ग्रंथ साहिब जी की अगुवाई में लाखों की संख्या में संगत कुरुक्षेत्र पहुंची है। यहां सभी धर्मों के लोग एवं संस्थाएं गुरू जी को श्रद्धा सुमन भेंट कर रही हैं।   उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में सारे विश्व में, लगभग 142 विदेशी दूतावास हैं, वहां के स्थानीय लोगों के सहयोग से, गुरु जी की शहादत को नमन किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र की पवित्र धरती पर आठ गुरु साहिबान, श्री गुरु नानक देव जी, श्री गुरु अमरदास जी, श्री गुरु अर्जुन देव जी, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु हरिराय जी, श्री गुरु हरिकृष्ण जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी तथा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने समय-समय पर इस धरती पर अपने चरण डालकर पवित्र किया। श्री गुरु तेग बहादुर जी का समस्त जीवन, परोपकार, त्याग, संघर्ष तथा बलिदान पूरी मानवता के लिए प्रेरणादायक है। अगर गुरु जी अपने शीश का बलिदान देकर, शहादत ना देते तो, आज हिंदुस्तान कैसा होता, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।   हरियाणा सरकार द्वारा पहली नवम्बर से 25 नवम्बर, 2025 तक हरियाणा में गुरु साहिब जी की स्मृति में अनेक आयोजन किए हैं जोकि जन-सहभागिता और आध्यात्मिक एकता की अनोखी मिसाल बने हैं। राज्यभर में चारों दिशाओं से निकली श्रद्धा यात्राएं एक अनोखा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव बन गईं हैं। राज्य में 8 नवंबर, को रोड़ी (सिरसा), 11 नवंबर को पिंजौर (पंचकूला), 14 नवंबर को फरीदाबाद तथा 18 नवंबर को कपाल मोचन (यमुनानगर) में आयोजित यात्राओं ने हरियाणा को सचमुच एक आध्यात्मिक और भाईचारे की एकजुटता के धागे में पिरोदिया है। प्रदेश के गांव-गांव में कीर्तन, भजन, सत्संग और गुरु साहिब जी की वाणी का पाठ किया गया।   सीएम ने कि  बताया गुरु तेग बहादुर जी की स्मृति में प्रदेश सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में गुरु तेग बहादुर चेयर' की स्थापना की। अंबाला के पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम बदलकर गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। करनाल में एक भव्य मैराथन तथा टोहाना-जींद-नरवाना मार्ग को 'गुरु तेग बहादुर मार्ग" नाम देने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। कलेसर क्षेत्र में 'गुरु तेग बहादुर वन" विकसित किया जा रहा है। यमुनानगर के किशनपुर में 'जी.टी.बी. कृषि महाविद्यालय की स्थापना भी प्रस्तावित है। इन सभी पहलों का उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, बलिदान और मानवता के अद्वितीय संदेश को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।   गुरु साहिब जी के संदेश आज भी हमारे दिलों में उतने ही जीवन्त और प्रभावशाली हैं, जितने 350 वर्ष पहले थे। उनकी अमर वाणी और उनका अद्वित्तीय बलिदान हमें तथा आने वाली पीढ़ियों को सदा प्रेरित करता रहेगा। गुरु जी की शहादत संबंधी, गुरु परंपरा के समकालीन कवि 'सेनापति" ने उपयुक्त और अति सुंदर कहा है- प्रगट भयो गुरु तेग बहादर, सकल सृष्ट पै ढापी चादर'  

कुरुक्षेत्र में PM मोदी करेंगे सिक्का लॉन्च, सिर्फ CM सैनी की होगी स्पीच

कुरुक्षेत्र  धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में नौवें सिख गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को लेकर भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पूरी नगरी सज-धजकर समागम का स्वागत करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या से दर्शन के बाद शाम करीब चार बजे कुरुक्षेत्र पहुंचेगे। उनका आगमन देशभर के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया है। प्रधानमंत्री हेलिपेड पर उतरने के तुरंत बाद 206 करोड़ रुपये से बने महाभारत अनुभव केंद्र का निरीक्षण करेंगे और केंद्र परिसर में दो करोड़ की लागत से तैयार पंचजन्य स्मारक का उद्घाटन करेंगे। समागम स्थल पर वे गुरु ग्रंथ साहिब के सामने नतमस्तक होंगे और गुरु तेग बहादुर जी व उनके परिवार के जीवन व संघर्ष पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पटियाला के 350 बच्चों द्वारा प्रस्तुत कीर्तन का श्रवण करेंगे और मंच पर जाकर संबोधन देंगे। गुरु तेग बहादुर पर एग्जीबिशन देखेंगे पीएम पीएम चार बजे पांचजन्य चौक का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री हरियाणा सीएम नायब सैनी के साथ ज्योतिसर में महाभारत अनुभव केंद्र जाएंगे। वहां से पीएम साढ़े चार बजे ज्योतिसर में आयोजित 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। यहां वह सबसे पहले गुरु तेग बहादुर पर लगाई गई एग्जीबिशन देखेंगे। इसके बाद प्रार्थना और कीर्तन में शामिल होंगे। सेंड आर्ट म्यूजिकल शो भी होगा। सिर्फ सीएम सैनी की स्पीच होगी पीएम के इस शेड्यूल में सिर्फ हरियाणा सीएम नायब सैनी की स्पीच होगी। वह अपने संबोधन में पीएम का स्वागत करेंगे। सिरोपा भेंट किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री कॉफी टेबल बुक का अनावरण करेंगे। इस दौरान पीएम 350वें शहीदी दिवस पर पीएम डाक टिकट और एक सिक्का रिलीज करेंगे। पांच बजे के करीब पीएम ब्रह्मसरोवर पहुंचेंगे, जहां वह ग्रुप फोटोग्राफ में शामिल होंगे। मंदिर में दर्शन और पूजा के बाद पीएम साढ़े बजे अंबाला से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। मुख्य मंच पर नीचे बैठेंगे PM मोदी मुख्य मंच को 25 एकड़ में बनाया गया है। इसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान होंगे। मंच के एक तरफ 350 बच्चियां कीर्तन करेंगी, जबकि दूसरी तरफ PM मोदी और अन्य नेता बैठेंगे। इस मुख्य पंडाल कहीं पर भी बैठने के लिए कुर्सी नहीं होगी। सब नीचे जमीन पर ही बैठेंगे और गुरु ग्रंथ साहिब मंच से करीब ढाई फुट ऊपर विराजमान रहेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री डाक टिकट और गुरु जी के नाम पर स्मारक सिक्का भी जारी करेंगे। वे समागम स्थल पर लंगर का प्रसाद ग्रहण भी कर सकते हैं। पूरे कार्यक्रम में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। तीन हेलिपेड की जांच सेना द्वारा की गई, जबकि एसपीजी की टीम कार्यक्रम स्थल पर निगरानी बनाए हुए है। इतिहास के अनुसार गुरु तेग बहादुर जी दो बार कुरुक्षेत्र आए थे। पहली बार 1665 में धर्म प्रचार के लिए और दूसरी बार 1672 में दिल्ली जाते समय। इस पावन धरती पर उनके आगमन और उपदेश आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

शिक्षा निदेशालय ने मिड-डे मील व्यवस्था बदली, पंचकूला से होगी आपूर्ति

हिसार   शिक्षा निदेशालय ने मिड डे मील के तहत बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश के स्कूलों में पहली से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील के तहत मिलने वाली खाद्य सामग्री पंचकूला से आएगी यानी शिक्षा निदेशालय का पंचकूला स्थित हरियाणा एग्री इंडस्ट्रीज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच 6 अगस्त 2026 तक अनुबंध हो चुका है। बता दें पहले मिड डे मील के तहत खाद्य सामग्री हरित स्टोर से भेजी जाती थी। लेकिन गुणवत्ता को लेकर कई तरह की शिकायतें निदेशालय पहुंची तो उन्होंने पत्र जारी कर इस बार खाद्य सामग्री के लिए पंचकूला स्थित हरियाणा एग्री इंडस्ट्रीज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड को भेजने के आदेश दिए हैं। अब विद्यार्थियों को मिड डे मील के तहत खाद्य सामग्री के 25 आइटम उपरोक्त लिमिटेड की तरफ से भेजे जाएंगे।

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का ऐलान: हरियाणा में कीटनाशक डीलरों के लिए जरूरी निर्देश

चंडीगढ़   कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने सभी सरकारी अधिकारियों और निजी उर्वरक कीटनाशक डीलरों को सख्त निर्देश जारी करते कहा कि किसानों को डी.ए.पी. या यूरिया के साथ अतिरिक्त खाद, जिंक, कीटनाशक या किसी अन्य कृषि सामग्री को जबरन खरीदने के लिए बाध्य करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी किसी भी जबरदस्ती पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राणा ने कहा कि किसानों को अवांछित उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उर्वरक वितरण संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। कोई भी अधिकारी या डीलर इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। कृषि मंत्री ने सभी जिलों कृषि उपनिदेशकों को ऐसे मामलों पर तुरंत संज्ञान लेने, मौके पर जांच कर और दोषियों के खिला लाइसैंस निलंबन से लेकर आपराधिन मुकद्दमा दर्ज करने तक क कार्रवाई करने के निर्देश दिए उल्लंघन करने वालों पर नजर रख के लिए विशेष मॉनीटरिंग व्यवस्थ सक्रिय कर दी गई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कोई अधिकारी या डील डी.ए.पी. या यूरिया के साथ अतिरिक उत्पाद खरीदने का दबाव डालता तो किसान तुरंत टोल फ्री नंबर प कॉल करें या जिला कृषि कार्याल में शिकायत दर्ज करवाएं। राणा ने कहा कि हाल ही में जबरन बिक्री की मिली शिकायत का जिक्र करते हुए राणा ने बताया कि तत्काल कार्रवाई की गई, संबंधित डीलरों के खिलाफ एफ. आई.आर दर्ज करवाई गई और उनके लाइसैंस रद्द कर दिए हैं। हरियाणा को डी.ए.पी. और यूरिय की पर्याप्त आपूर्ति मिल चुकी है। उर्वरक उपलब्धता को लेकन राणा ने कहा कि राज्य में रबी सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है हरियाणा को डी.ए. पी. और यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति मिल चुकी है सभी जिलों में पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखा गया है। उर्वरक क वितरण पैक्स, निजी डीलरों औ-हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोड के केंद्रों के माध्यम से किया जा रह है। पी. ओ. एस. मशीनों पर अनिवास बायोमैट्रिक सत्यापन ने कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई है।

कुरुक्षेत्र में राजनाथ सिंह का दौरा: ब्रह्म सरोवर हवन और हरियाणा पवेलियन का उद्घाटन

 कुरुक्षेत्र  अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने पवित्र ब्रह्म सरोवर पर तीर्थ पूजन किया। मंत्रोच्चारण और शंखनाद के बीच उन्होंने सरोवर के तट पर पूजन-अर्चना की, जो इस धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सव की शुरुआत का प्रतीक बना।  इसके बाद, मंत्री महोदय ने हवन यज्ञ में आहुति देकर सभी को गीता के उपदेशों से प्रेरित होने का संदेश दिया। गीता महोत्सव के तहत आयोजित इस भव्य हवन यज्ञ में सैकड़ों भक्तों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भगवद्गीता की शिक्षाएं न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देती हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गीता के संदेश को अपनाकर देश की सेवा में तत्पर रहें। हरियाणा पवेलियन का किया औपचारिक उद्घाटन इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने हरियाणा पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया, जो महोत्सव का प्रमुख आकर्षण है। यह पवेलियन हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कृषि, उद्योग और पर्यटन को प्रदर्शित करता है। उद्घाटन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। पवेलियन में लगे स्टॉल्स पर राज्य की हस्तकला, पारंपरिक व्यंजन और गीता से जुड़ी प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र बनीं। अंबाला में मंत्री अनिल विज ने किया रक्षा मंत्री का स्वागत  बता दें कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सोमवार सुबह अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे। यहां उनका हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री  अनिल विज ने गर्मजोशी से स्वागत किया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सुबह दिल्ली से विशेष विमान से अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से अंबाला से कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए।   

पुलिस जुटा रही प्रोफेसरों की बैंक डिटेल, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में लॉकर चेकिंग का ऐलान

फरीदाबाद  हरियाणा के फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से विस्फोटक बनाने का सामान मिलने के मामले के बाद पुलिस को स्थानीय स्तर पर अमोनियम नाइट्रेट, यूरिया खरीदने का पता चला था। इसके बाद शहर के अलग अलग हिस्सों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अलफलाह यूनिवर्सिटी के सभी डॉक्टरों के लॉकर चेक किए जाएँगे और प्रोफेसरों की बैंक डिटेल को भी खंगाला जाएगा। करीब 200 डॉक्टर पहले ही पुलिस के रडार पर हैं। दरअसल फरीदाबाद की त्यागी मार्केट के पास के जामा मस्जिद से 23 नवंबर 2025 को दानेदार सफेद पाउडर, दूसरी पॉलिथीन में सफेद महीन पाउडर और तीसरी पॉलिथीन में काले रंग का पाउडर मिला है। पुलिस ने जब्त कर इसे जाँच के लिए भेज दिया है। इससे पहले पुलिस की जाँच में पता चला है कि जमा किए गए केमिकल फरीदाबाद, नूंह और आसपास के इलाकों से खरीदे गए थे। मॉड्यूल में शामिल डॉक्टर 2023 से ही अमोनियम नाइट्रेट जैसे केमिकल जमा कर रहे थे। इसके बाद, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तुरंत एक बड़ा अभियान शुरू किया है। वे खाद की दुकानों, केमिकल गोदामों, हार्डवेयर की दुकानों और कारखानों की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह देख रही है कि हर दुकानदार ने कितना सामान खरीदा और बेचा, स्टॉक रजिस्टर में क्या लिखा है और सामान खरीदने वालों की पहचान क्या है। फरीदाबाद पुलिस मस्जिद, होटल, कॉलोनियों, धर्मशालाओं और खाद-बीज की दुकानों में तलाशी ले रही है। डबुआ के त्यागी मार्केट स्थित जामा मस्जिद से एक संदिग्ध पाउडर मिलने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अब इस पाउडर के सैंपल की लैब रिपोर्ट का इंतजार है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर शाहीन सईद, डॉक्टर मुजम्मिल शकील और डॉक्टर उमर नबी के नाम आतंकी मॉड्यूल में सामने आने के बाद, पुलिस अब यूनिवर्सिटी के सभी डॉक्टरों और प्रोफेसरों की जानकारी जुटा रही है। यूनिवर्सिटी में सभी डॉक्टरों के लॉकर और बैंक स्टेटमेंट भी चेक किए जाएंगे। पुलिस का सर्च ऑपरेशन के दौरान इलाके में रहने वाले किराए दारों का डीटेल भी देखा जा रहा है, साथ ही मकान मालिकों को पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही घर किराए पर देने को कहा गया है। इलाके में दूसरे राज्यों से आए लोगों की जाँच भी की जा रही है। इस बीच अल फलाह यूनिवर्सिटी में सख्ती के बाद जिनके बच्चे पढ़ रहे हैं, वे काफी परेशान दिखे। यूनिवर्सिटी प्रबंधन और छात्रों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। एनआईए और दूसरी जाँच एजेंसियां लगातार कैंपस में आकर पड़ताल कर रही हैं। इससे छात्रों और उनके परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। शनिवार को भी कई छात्र-छात्राओं के पेरेंट्स कैंपस पहुँचे और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से बात करने की कोशिश की। ये लोग हो चुके हैं गिरफ्तार आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के शक में पुलिस यूनिवर्सिटी के मुजम्मिल को घर किराए पर देने वाले यूनिवर्सिटी के इमाम मोहम्मद इश्तियाक, धौज गांव के बाशिद और शोएब और पलवल के असवटी के शब्बीर से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस को शक है कि इन सभी का संपर्क आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे मुजम्मिल और दिल्ली बम ब्लास्ट में मारे गए उमर नबी से था। सुसाइड बॉम्बर आतंकी डॉ. उमर नबी की कार चलाने वाले और उसके संपर्क में रहने वाले यूनिवर्सिटी के कई छात्रों को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। मस्जिद में मिला संदिग्ध पाउडर डबुआ थाना प्रभारी रणधीर सिंह ने बताया कि 23 नवंबर की सुबह 5 बजे हमने गली-गली जाकर चेकिंग अभियान चलाया। डबुआ की त्यागी मार्केट स्थित जामा मस्जिद से एक कट्टे में दानेदार व्हाइट पाउडर, दूसरी पॉलिथीन में बारीक व्हाइट पाउडर, तीसरे प्लास्टिक के कट्टे में दानेदार ब्लैक पाउडर जैसा कुछ संदिग्ध पदार्थ मिला। पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर जांच के लिए लैब भेज दिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पुलिस शहर के अलग अलग हिस्सों में ये सर्च अभियान चला रही है। इस दौरान मकान मालिकों को किराएदारों की वेरिफिकेशन कराने के लिए बोला जा रहा है। कॉलोनियों में दूसरे राज्यों से जो लोग आकर रह रहे हैं, उनके बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।

CM सैनी ने हरियाणा में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए दो डिजिटल पोर्टल लॉन्च किए

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से  दो महत्वपूर्ण डिजिटल पोर्टल लॉन्च किए। इनमें 'स्वप्ना डिजिटल ग्राम ई-बाजार पोर्टल' और 'सांझा बाजार सेल्स पोर्टल' शामिल हैं। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बेचने का सुगम अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री सैनी ने लॉन्च समारोह के दौरान कहा हमने आज दो पोर्टल लॉन्च किए हैं – स्वप्ना डिजिटल ग्राम ई-बाजार पोर्टल और सांझा बाजार सेल्स पोर्टल। यह महिलाओं को अपने उत्पादों को ऑनलाइन और अपने खुद के बिक्री बिंदुओं पर ऑफलाइन बेचने में सक्षम बनाएगा।  सांझा बाजार को 8 जिलों में शुरू किया गया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि ये पोर्टल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को डिजिटल बाजार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 'स्वप्ना डिजिटल ग्राम ई-बाजार पोर्टल' के माध्यम से महिलाएं घरेलू उत्पादों जैसे हस्तशिल्प, जैविक खाद्य पदार्थ और पारंपरिक वस्तुओं को राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन बेच सकेंगी। वहीं, 'सांझा बाजार सेल्स पोर्टल' स्थानीय बिक्री बिंदुओं पर फोकस करेगा, जहां महिलाएं अपने उत्पादों को स्थानीय बाजारों में आसानी से प्रदर्शित और बेच सकेंगी।  यह सुविधा शुरुआत में 8 जिलों में उपलब्ध होगी, जिसे धीरे-धीरे पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा। सीएम सैनी ने कहा कि राज्य सरकार 'डबल इंजन' की ताकत से हरियाणा को डिजिटल इंडिया के अंतर्गत आत्मनिर्भर बनाने के प्रति काम कर रही है। हाल ही में हरियाणा दिवस पर पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम लॉन्च करने के बाद यह नई पहल महिलाओं के लिए एक और सशक्त उपहार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन पोर्टलों से हजारों महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। 

सरकार कुंडली खंगाल रही, योजना में लाभार्थियों की हिस्सेदारी उम्मीद से कम

हिसार  प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पात्र महिलाओं में से जिले में अब तक 50 प्रतिशत से भी कम ने पंजीकरण कराया है। सरकार का मानना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि कुछ लोगों को शक है कि इस योजना में पंजीकरण करवा लिया तो कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे। ऐसे में पात्रता के दायरे में आने के बावजूद पंजीकरण न कराने वाली महिलाओं के घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) की ओर से ग्राम पंचायत स्तर के ऑपरेटर महिलाओं से पंजीकरण नहीं कराने का कारण पूछ रहे हैं, उनकी आर्थिक स्थिति का ब्योरा जुटा रहे हैं। वहीं, जो पंजीकरण कराना चाह रहीं हैं उनके आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2100-2100 रुपये देने का एलान किया था। एक नवंबर 2025 से लागू की गई इस योजना में पहले चरण में एक लाख तक की सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को शामिल किया गया है। परिवार पहचान पत्र के आंकड़ो के अनुसार जिले में 1 लाख 47 हजार 600 महिलाएं योजना के लिए पात्र हैं, लेकिन अब तक 72 हजार ने ही पंजीकरण किया है। इससे सरकार के सामने सवाल खड़ा हो गया कि आर्थिक स्वावलंबन की इतनी बड़ी योजना के प्रति महिलाएं क्यों नहीं रुचि ले रहीं। सूत्रों के अनुसार सरकार के पास रिपोर्ट पहुंची है की काफी संख्या में लोगों ने फर्जी तरीके से बीपीएल कार्ड बनवा रखे हैं और उसी के हिसाब से परिवार पहचान पत्र में आय कम दिखा रखी है। ऐसे में कुछ लोग पात्र होते हुए भी इसलिए पंजीकरण नहीं करवा रहे क्योंकि उन्हें शक है कि सालाना आय में अंतर मिला तो बीपीएल श्रेणी से बाहर कर दिए जाएंगे। आवेदन कम आने के कारण – हर महीने 2100 रुपये के हिसाब से साल भर रकम मिलने के बाद बीपीएल कार्ड कटने का डर – काफी संख्या में महिलाओं के पास रिहायशी प्रमाण पत्र न होना – दूसरे प्रदेशों से आए लोगों ने परिवार पहचान पत्र बनवाया, अब यहां से चले गए -जिन महिलाओं के विधवा या बुढ़ापा पेंशन के फार्म भरे गए हैं, वे आवेदन नहीं कर रही – वास्तविक तौर पर परिवार की सालाना आय एक लाख से अधिक होना, लेकिन परिवार पहचान पत्र में कम दर्शाना। बीपीएल सूची से नाम कटने का डर पिछले 6 महीने में हिसार जिले में करीब 66 हजार लोगों के राशन कार्ड काटे जा चुके हैं। जिले में जून से पहले 3 लाख 64 हजार बीपीएल राशन कार्ड थे। नवंबर में इन कार्डों की संख्या 2 लाख 98 हजार तक आ गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि बीपीएल सूची से नाम कटने के डर से कुछ लोग पंजीकरण नहीं करवा रहे। क्रीड की ओर से योजना के तहत पात्र महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए गांव स्तर पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कोई शिविर में नहीं आ रहा तो घर पर जाकर जानकारी दे रहे हैं। लाडो लक्ष्मी योजना में पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज की जानकारी दे रहे हैं। बीपीएल कार्ड कटने के डर से पंजीकरण नहीं करने वाली महिलाओं को सही तथ्य बता रहे हैं। – अभिषेक बंसल, जिला प्रबंधक, क्रीड  

DGP हरियाणा ने दी चेतावनी, गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाले गायक होंगे निशाने पर

चंडीगढ़:  हरियाणा में अब गानों और वीडियो के जरिए गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देना गायकों को महंगा पड़ सकता है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने इसे लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसे गायकों को अपराधी माना जाना चाहिए। रविवार को उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं में गैंगस्टर जैसी जीवनशैली को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। डीजीपी ने कहा कि ये गायक अपने संगीत से युवाओं को दी जाने वाली अच्छी शिक्षा और सामाजिक अनुशासन को मिनटों में खत्म कर देते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस पहले से ही बंदूक संस्कृति, हिंसा का महिमामंडन करने वाले और नफरत भड़काने वाले गानों के खिलाफ अभियान चला रही है। 'गैंगस्टर कल्चर' को बढ़ावा देने वाले गायक माने जाएं अपराधी, DGP ने सख्त कार्रवाई की जाने की कही बात, ऑपरेशन ट्रैकडाउन को लेकर भी बोले साइबर टीमों की सोशल मीडिया पर नजर ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस की साइबर अपराध इकाई की टीमें लगातार सोशल मीडिया पर नजर रखती हैं। जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई भी की जाती है। पुलिस के अनुसार, ऐसे गाने या संगीत वीडियो बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करते हैं और युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इस अभियान के तहत कई आपत्तिजनक गानों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।     “जो गायक संगीत और वीडियो के जरिये युवाओं में गैंगस्टर जैसी जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं, उन्हें अपराधी माना जाना चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।” — ओपी सिंह, डीजीपी, हरियाणा अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान, 4500 से ज्यादा गिरफ्तार हरियाणा पुलिस ने 5 नवंबर से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके काफी अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भगोड़ों, गंभीर अपराधियों और संगठित आपराधिक गिरोहों के गुर्गों को पकड़ना है। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक कुल 4,566 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 1,439 कुख्यात और वांछित अपराधियों के साथ-साथ 3,127 अन्य आरोपी भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई ने अपराधियों के बीच स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ ने बचाई 60 जानें इसी अभियान के एक हिस्से ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत कई अपराधियों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे हत्या या हत्या के प्रयास जैसे जघन्य अपराधों की साजिश रच रहे थे। पुलिस ने दावा किया है कि इस त्वरित कार्रवाई से अब तक 60 लोगों की जान बचाई गई है, जो इन अपराधियों के निशाने पर थे।

गांव से शिखर तक: जानिए कैसे CJI सूर्यकांत बने देश के 53वें चीफ जस्टिस

हिसार   जस्टिस सूर्यकांत आज, सोमवार को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली । राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह ऐतिहासिक होने जा रहा है। पहली बार किसी सीजेआई के शपथ ग्रहण में 7 देशों के मुख्य न्यायाधीशों की मौजूदगी दर्ज रही । इस कार्यक्रम में ब्राजील, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, भूटान, श्रीलंका और नेपाल के सीजेआई अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ हिस्सा लिया  । सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज भी मौजूद रहें। मौजूदा सीजेआई बीआर गवई का कार्यकाल 23 नवंबर को ही समाप्त हो चुका है। इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत सर्वोच्च न्यायालय का दायित्व संभालेंगे। उनका कार्यकाल 9 फरवरी, 2027 तक रहेगा। कौन हैं जस्टिस सूर्यकांत? जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा में हिसार के पेटवाड़ गांव में हुआ। उनका शुरुआती जीवन एक सामान्य ग्रामीण परिवेश में बीता। हिसार से ग्रेजुएशन (1981) के बाद उन्होंने 1984 में रोहतक से LLB और 2011 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से LLM किया। उनका कानूनी करियर 1984 में हिसार की जिला अदालत से शुरू हुआ। 1985 में वे चंडीगढ़ चले गए और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। जस्टिस सूर्यकांत का करियर 2000: हरियाणा के सबसे युवा एडवोकेट जनरल नियुक्त 2001: सीनियर एडवोकेट 2004: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज 2018: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस 2019: सुप्रीम कोर्ट के जज 2024: सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के चेयरमैन 2025: भारत के 53वें CJI जस्टिस सूर्यकांत के अहम फैसले अपने करियर में जस्टिस सूर्यकांत कई संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों में अहम बेंचों का हिस्सा रहे। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में वे 1000 से अधिक फैसलों में शामिल रहे। इसमें आर्टिकल 370 पर ऐतिहासिक फैसला (2023) भी शामिल है। वे उस संविधान पीठ में शामिल थे, जिसने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा हटाने के फैसले को बरकरार रखा। डेरा हिंसा मामला (2017) में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की फुल बेंच में शामिल रहते हुए, उन्होंने गुरमीत राम रहीम को सजा मिलने के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर डेरा सच्चा सौदा को पूरी तरह साफ करने का आदेश दिया। उन्होंने उस फैसले में हिस्सा लिया जिसमें देशद्रोह कानून (IPC 124A) के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई और समीक्षा तक नई FIR दर्ज न करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बार एसोसिएशनों में महिलाओं के लिए 1/3 आरक्षण, AMU अल्पसंख्यक दर्जा मामला, पेगासस स्पाइवेयर जांच और बिहार SIR मामले में भी उनकी अहम भूमिका रही।