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पराली जलाने में भारी कमी: Stubble Burning के ताज़ा आंकड़ों ने सबको किया हैरान

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा में इस वर्ष पराली जलाने के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में आसमान अपेक्षाकृत साफ ​​​​रहा है। वायु गुणवत्ता में सुधार आया है। जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। राज्य सरकार ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 2025 में खेतों में आग लगाने की 5,114 घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2021 की तुलना में 93 प्रतिशत तक कम है। हरियाणा में इसके 662 मामले सामने आए, जो 91 प्रतिशत कम हैं। ‘कंसोर्टियम फॉर रिसर्च ऑन ऐग्रोइकोसिस्टम मॉनिटरिंग एंड मॉडलिंग फ्रॉम स्पेस' (CREAMS) प्रयोगशाला से प्राप्त उपग्रह आंकड़ों ने धान की पराली जलाने में भारी कमी का संकेत दिया है, जो 57 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। यहां 2023 में इसके कुल 42,962 मामले थे, जो 2024 में घटकर 18,457 हो गए। कई जिलों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। आंकड़ों के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 200 से नीचे रहने वाले दिनों की संख्या 2016 में 110 दिन थी जो 2025 में बढ़कर 200 दिन हो गई है। विशेषज्ञों के हवाले से बयान में कहा गया है कि यह सुधार सरकारी नीतियों, किसानों में जागरूकता, नई कृषि पद्धतियों के उपयोग और निजी क्षेत्र की पहलों का परिणाम है। अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने वाली कंपनियां किसानों को फसलों के अवशेषों को खेतों में जलाने के बजाय नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लिए उनका उपयोग करने में मदद कर रही हैं। 

गुरुग्राम को मिलेगी नई सड़क, 6 गांवों की 276 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की अधिसूचना जारी

गुरुग्राम  गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड को गुरुग्राम-सोहना रोड से नई सड़क के माध्यम से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। भूमि अधिग्रहण विभाग इसके लिए छह गांवों की 276 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करेगा। इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। अगले महीने अवॉर्ड घोषित करने के बाद मुआवजा जमीन मालिकों को दिया जाएगा। भूमि अधिग्रहण विभाग ने 31 दिसंबर, 2023 को सोहना के गांव बहरामपुर की करीब 26 एकड़, उल्लावास की करीब 17 एकड़, कादरपुर की करीब 77 एकड़, मैदावास की करीब 50 एकड़, घूमसपुर की करीब 54 एकड़, बादशाहपुर की करीब 51 एकड़ जमीन को अधिग्रहण के नोटिस जारी किए थे। जमीन मालिकों ने भूमि अधिग्रहण की धारा 4 के नोटिस के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। जमीन अधिग्रहण पर स्टे हो गया। करीब 11 साल तक यह मामला हाईकोर्ट में चला। अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और भूमि अधिग्रहण विभाग के पक्ष में फैसला आ गया है। मार्च में हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि जमीन अधिग्रहण तो पुरानी नीति से कर सकते हैं, लेकिन जमीन मालिकों को मुआवजा राशि साल 2013 की भूमि अधिग्रहण नीति के मुताबिक देना होगा।   विभाग ने भूमि अधिग्रहण नीति की धारा 6 के तहत जमीन मालिकों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके पश्चात धारा नौ के तहत अवॉर्ड घोषित किया जाएगा। जमीन मालिकों को मुआवजा राशि वितरित करने के पश्चात 150 मीटर चौड़ाई के इस रोड का निर्माण शुरू किया जाएगा। ग्रेटर एसपीआर के लिए जमीन ली जाएगी ग्रेटर एसपीआर (सोहना रोड से लेकर दिल्ली-जयपुर हाईवे को जोड़ने वाली रोड) को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पारित होने के बाद एचएसवीपी और भूमि अधिग्रहण विभाग ने इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिग्रहण को मंजूरी देने की फाइल को मुख्यालय भेजा गया है। साल 2013 की नई भूमि अधिग्रहण नीति के तहत जमीन मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके तहत गांव अकलीमपुर की छह एकड़, टीकली की 63 एकड़, सकतपुर की 68 एकड़, शिकोहपुर की 16 एकड़, नौरंगपुर की 49 एकड़, बाढ गुर्जर की 99 एकड़, मानेसर की 33 एकड़ और नैनवाल की 60 एकड़ का अधिग्रहण किया जाएगा। इस जमीन को धारा 4 के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। समीक्षा बैठक 16 को होगी इन दोनों रोड को लेकर शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में 16 दिसंबर को बैठक होगी। इसमें एचएसवीपी और भूमि अधिग्रहण विभाग के अधिकारियों से इस रोड के लिए जमीन अधिग्रहण की समीक्षा की जाएगी। बैठक में वाटिका चौक से लेकर द्वारका एक्सप्रेस वे तक प्रस्तावित एलिवेटिड रोड और वाटिका चौक पर क्लोवरलीफ के निर्माण की समीक्षा की होगी।  

जिस VIP नंबर पर लगी थी 1.17 करोड़ की बोली, वही HR 88B 8888 अब 26.71 लाख में बिका

चंडीगढ़  एचआर 88बी8888 नंबर तो आपको याद ही होगा। फैंसी नंबरों की ऑक्शन में इस नंबर की सबसे महंगी नीलामी लगी थी। तब ये 1.17 करोड़ रुपए में नीलाम हुआ था लेकिन इसे खरीदने वाले शख्स ने बोली लगाकर इसकी फीस नहीं चुकाई थी और हरियाणा सरकार ने इसे फिर से ऑक्शन में रखा ​था। अब दूसरी ऑक्शन में इसे कैथल के शख्स ने अपनी पत्नी सुषमा के नाम पर महज 26.71 लाख में खरीदा है। 26 नवंबर को पहली बार इस नंबर की नीलामी हुई थी। हिसार के सुधीर कुमार ने 1.17 करोड़ रुपए लगाकर इसे जीता, लेकिन नीलामी के दो दिन के अंदर पूरी राशि जमा नहीं की। हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने सुधीर की संपत्ति और आय की जांच के आदेश दे दिए। विज ने कहा कि बोली लगाना शौक नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। विज ने ये भी कहा कि आयकर विभाग को एक पत्र भेजा जाएगा और रकम जमा न होने के कारण दोबारा नीलामी की जाएगी। वहीं, पैसे जमा नहीं करने का कारण सुधीर ने तकनीकी दिक्कत बताया था। कल 10 दिसंबर को इस वीआईपी नंबर प्लेट की ऑक्शन में 31 लोगों ने बोली लगाई और शाम 5 बजे तक ऑक्शन चली। इसमें सुधीर ने हिस्सा नहीं लिया था। अंत में इसे सुषमा ने 26.71 लाख में खरीदा। उन्हें भी 3 दिन के अंदर पूरे पैसे जमा करवाने होंगे। पूरी नम्बर प्लेट में लगातार 8 नंबर हरियाणा में फैंसी परिवहन डॉट जीओवी डॉट इन पर प्रत्येक सप्ताह फैंसी नंबर प्लेट की नीलामी होती है। 8888 ये चार अंकों का यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर है, जो वीआईपी नंबरों में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पैटर्न में से एक है। एचआर 88बी8888 में बी भी 8 जैसा दिखता है। इस तरह पूरी नम्बर प्लेट में 8 नंबर लगातार दिखाता है, जिससे इसकी प्रीमियम वैल्यू और बढ़ जाती है। यही वजह है कि लोग इस नम्बर के लिए उतावले हुए थे।

टैक्सी मालिकों के लिए खुशखबरी, हरियाणा सरकार के नए नियमों से 28 हजार को फायदा

फरीदाबाद  हरियाणा सरकार ने टैक्सी चलाने की अनुमति अवधि बढ़ाकर जिला फरीदाबाद के करीब 28 हजार टैक्सी मालिकों को बड़ी राहत दी है। अब पेट्रोल और सीएनजी टैक्सी 9 के बजाय 12 साल तक चल सकेंगी, जबकि डीजल टैक्सी 10 साल तक ही चलाई जाएंगी। कैबिनेट की 8 दिसंबर को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। आरटीओ अधिकारी ने कहा कि आदेश का इंतजार है, लिखित निर्देश मिलते ही लागू किया जाएगा। नॉन-एनसीआर क्षेत्र में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी पर चलने वाली ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली गाड़ियां 12 साल तक चलाई जा सकेंगी। इससे दूर-दराज जिलों में टैक्सी सेवाओं का विस्तार होगा। सरकार का मानना है कि टैक्सी संचालन की अवधि बढ़ने से परिवहन ढांचे में मजबूती आएगी। वाहन मालिकों का आर्थिक दबाव कम होगा और सवारियों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी। स्कूल बसों के लिए 15 साल की अवधि : एनसीआर में स्टेज कैरिज, कांटेक्ट कैरिज, गुड्स कैरिज और स्कूल बसों की उम्र बढ़ाकर 15 साल कर दी गई है। यह नियम पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक और अन्य इंजन वाली गाड़ियों पर लागू होगा, जबकि डीजल बसें 10 साल तक ही चल सकेंगी। यह निर्णय स्कूलों और परिवहन कंपनियों को बड़ी राहत देगा। बसों को बदलने में भारी खर्च आता है। एनसीआर में टूरिस्ट परमिट गाड़ियों को बड़ी राहत हरियाणा मोटर व्हीकल एक्ट 1993 के तहत ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट श्रेणी की वाहनों के लिए चलाने की अधिकतम अवधि तय की गई है। एनसीआर क्षेत्र में पेट्रोल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक टैक्सी 12 साल तक चल सकेंगी, जबकि डीजल टैक्सी को 10 साल की सीमा में रखा गया है। यह फैसला ड्राइवरों और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए बड़ा लाभ साबित होगा। इससे टैक्सी मालिकों को नया वाहन खरीदने के बोझ से राहत मिलेगी और रोजगार भी सुरक्षित रहेगा। फरीदाबाद आरटीओ को आदेश का इंतजार फरीदाबाद आरटीओ मनीष सहगल ने बताया कि सरकार द्वारा समय सीमा बढ़ाने के निर्णय की जानकारी है, लेकिन अभी विभाग को लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश आते ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। वर्तमान में फरीदाबाद में 28000 टैक्सी रजिस्टर्ड हैं, जिनमें लगभग 20,950 पेट्रोल व सीएनजी, 6 केवल सीएनजी और 4,279 डीजल टैक्सियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों की टैक्सियां भी इस नियम से लाभ उठा सकेंगी, जिससे टैक्सी बाजार में सुगमता आएगी।  

हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार का कड़ा एक्शन, ESMA के साथ ‘नो वर्क नो पे’ लागू

चंडीगढ़  हरियाणा में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों की दो दिन की हड़ताल को अब अनिश्चितकाल तक बढ़ाने के ऐलान पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने राज्य में आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों और अन्य लोगों की देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों व कर्मचारियों को बिना किसी रुकावट के अपनी ड्यूटी जारी रखनी होगी, क्योंकि हड़ताल से जनता के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा है। राज्यपाल ने धारा 4(क)(1) के तहत स्पष्ट किया है कि अगले छह महीनों तक स्वास्थ्य विभाग के सभी डॉक्टर और कर्मचारी किसी भी तरह की हड़ताल नहीं कर सकेंगे।   इधर, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन ने दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया था और उनकी कई मांगों पर सरकार विचार कर रही है। हड़ताल के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बाधित नहीं हुईं और आम आदमी पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। ज्यादातर अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगी रही और बड़ी संख्या में बाहर से डॉक्टर बुलाए गए थे। नो वर्क नो पे का आदेश स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताली डॉक्टरों पर सख्ती करते हुए 'नो वर्क नो पे' का आदेश जारी किया है। हड़ताल में शामिल डॉक्टरों को इन दिनों का वेतन नहीं मिलेगा। इस फैसले पर डॉक्टर एसोसिएशन ने तीव्र विरोध जताया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजेश ख्यालिया ने बताया कि सरकार को कई बार वार्ता के लिए अनुरोध भेजा गया, लेकिन कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आया। राज्य कार्यकारिणी की बैठक में फैसला लिया गया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे। बता दें कि एसएमओ की सीधी भर्ती समेत कई मांगों को लेकर दो दिन से हड़ताल पर चल रहे डॉक्टरों ने आज बैठक की और 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया। एसोसिएशन ने बुधवार से आमरण अनशन शुरू करने की भी घोषणा की है। डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान नीति के तहत 75% एसएमओ पद प्रमोशन से और केवल 25% पद सीधी भर्ती से भरे जाते हैं। सीधी भर्ती वाले डॉक्टर करियर में बहुत ऊंचे पदों (कई तो महानिदेशक तक) तक पहुंच जाते हैं, जबकि नौकरी में पहले से कार्यरत डॉक्टरों को पूरे करियर में मुश्किल से एक ही प्रमोशन मिलता है और वे वहीं के वहीं अटके रहते हैं। बच्ची का पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका, ओपीडी में लंबी कतारें हड़ताल के कारण यमुनानगर, पानीपत, फतेहाबाद, जींद, कैथल, हिसार, झज्जर और चरखी दादरी जिलों में सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। कई सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं और गंभीर मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ा। महेंद्रगढ़ में एक छह साल की बच्ची का पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका, शव को नारनौल भेजना पड़ा। पंचकूला सिविल अस्पताल में मरीज घंटों डॉक्टर का इंतजार करते रहे। हिसार में सड़क हादसे में घायल एक युवक को समय पर इलाज नहीं मिल सका।

डॉक्टरों की ‘कठिन लिखावट’ पर रोक: हरियाणा सरकार ने दिए साफ अक्षरों में दवा लिखने के आदेश

अंबाला  डॉक्टर अपनी लिखावट को लेकर चर्चा में रहते हैं क्योंकि उनकी लिखी दवाई सिर्फ दवा स्टोर वालों को ही समझ आती है। लेकिन अब हरियाणा के नागरिक अस्पतालों में ओपीडी कार्ड पर डॉक्टरों की लिखावट में सुधार होगा। दवाओं के नाम व दिए गए उपचार को स्पष्ट रूप से लिखना होगा। अंबाला सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने इसको लेकर निर्देश जारी किए हैं।  पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को अपने कार्ड व मरीज की फाइल पर लिखावट में सुधार करते हुए साफ व स्पष्ट रूप से लिखने को कहा था। ताकि कोई मरीज ओपीडी में जाता है तो वह कार्ड पर लिखा उपचार व दवाइयों को ठीक ढंग से समझ सके कि आखिर कौन सी दवा लिखी है। अक्सर देखा जाता था कि डॉक्टर जो लिखते थे या तो केवल फार्मेसी वाले को समझ आता था या फिर खुद डॉक्टर को। अंबाला सिविल सर्जन डॉ राकेश सहल ने कहा कि मुख्यालय से मिले पत्र के बाद सभी सरकारी डॉक्टर्स को दवा पर्ची पर साफ-साफ राइटिंग में लिखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यदि कोई नियमों की उल्लंघना करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

CM फ्लाइंग का छापा: सिंचाई विभाग में भारी अनियमितताएं उजागर, स्टाफ ड्यूटी से नदारद

गोहाना गोहाना में सिंचाई विभाग के कार्यालय में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे सीएम फ्लाइंग की टीम ने अचानक रेड मारी। टीम को शिकायत मिली थी कि विभाग में कर्मचारी समय पर दफ्तर नहीं पहुंचते और हाजिरी रजिस्टरों में अनियमितताएँ पाई जा रही हैं। शिकायत की पुष्टि के लिए टीम ने मौके पर पहुंचकर रिकॉर्ड की जांच की।  जांच के दौरान विभाग के 2 अलग-अलग सेल में भारी लापरवाही पाई गई। पहले सेल में कुल 39 कर्मचारियों में से 20 कर्मचारी ड्यूटी से गैरहाजिर, 18 ड्यूटी पर मिले, जबकि एक कर्मचारी छुट्टी पर पाया गया। वहीं निर्माण सेल में 15 कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित, 5 कर्मचारी छुट्टी पर, और 13 कर्मचारी ड्यूटी पर मिले। सीएम फ्लाइंग इंचार्ज बिजेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर टीम ने आज रेड की। जांच में सामने आया कि विभाग में अलग–अलग हाजिरी रजिस्टर रखे गए हैं, जबकि नियमों के अनुसार केवल एक ही रजिस्टर होना चाहिए।    इसके अलावा साइट पर जाने वाले कर्मचारियों की आने जाने की कोई एंट्री दर्ज नहीं थी। टीम ने सभी रिकॉर्ड की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर ली है और आगामी कार्रवाई के लिए विभाग को भेजी जाएगी।

निगम का पंजा कांग्रेस जिला अध्यक्ष के फार्महाउस तक पहुँचा, दिवान बोले— ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’

सोनीपत  सोनीपत में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर शुक्रवार को हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान के दीवान फार्म हाउस की एक दीवार को निगम टीम ने अवैध निर्माण बताते हुए तोड़ दिया। इस तोड़फोड़ को लेकर अधिकारियों और कांग्रेस समर्थकों में गहमागहमी नजर आई। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, सुल्तानपुर माजरा की ओर बनी दीवार के संबंध में कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों ने बताया कि उन्हीं नोटिसों के आधार पर सोमवार को दीवार का एक हिस्सा गिराया गया, जबकि बाकी हिस्से के लिए भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान संभावित विवाद को रोकने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।   मौके पर पहुंचे जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने कहा कि यह उनकी पुश्तैनी जगह है, जो लंबे समय से बनी हुई है। दिवान ने आरोप लगाया कि निगम की यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। उनके अनुसार, चुनावी माहौल को देखते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के दीवार गिराई गई है। दिवान ने दावा किया कि फार्म हाउस कई दशकों से मौजूद है और अब अचानक इसे अवैध बताना गलत है।

डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, मरीजों को राहत: सरकार–डॉक्टरों की बैठक में बनी सहमति

चंडीगढ़  सरकार के साथ सहमति बनने के बाद डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार रात को हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी। शुक्रवार से सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू हो जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ डॉक्टरों की अढ़ाई घंटे चली बैठक में पहले तो काफी देर तक एश्योर्ड करियर प्रमोशन (ए.सी.पी.) पर पेंच फंसा रहा। हरियाणा सिविल मेडीकल सर्विसेज एसोसिएशन (एच.सी.एम.एस.ए.) की एश्योर्ड करियर प्रमोशन (ए.सी.पी.) में संशोधन की मांग पर विचार कर रही सरकार ने फिलहाल बीच का रास्ता निकाला है। डॉक्टरों को आयुष्मान इंसेंटिव दिया जाएगा जिसके लिए जल्द कमेटी गठित कर दी जाएगी। इस कमेटी में सरकारी अधिकारियों के साथ एसोसिएशन का एक पदाधिकारी भी शामिल होगा। एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. राजेश ख्यालिया ने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (एस.एम. ओ.) की सीधी भर्ती रोकने पर सरकार सहमत है लेकिन ए.सी.पी. पर भी स्थिति स्पष्ट की जाए। जब तक ए.सी.पी. की मांग पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हरियाणा के डॉक्टरों को पूरे करियर में 3 ए.सी.पी. मिलती हैं। एसोसिएशन 3 पर ही राजी है, मगर वह इस पर अपग्रेडेशन चाहते हैं। 10 साल पर उन्हें अभी 7600 ग्रेड पे मिलता है जबकि उनकी मांग 8 हजार की है। तीसरे ग्रेड पे पर 8700 मिलते हैं, एसोसिएशन की मांग 9500 रुपए की है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि दूसरे राज्यों की तर्ज पर सरकार डॉक्टरों को आयुष्मान इंसेंटिव देने पर विचार कर रही है। जल्द इसके लिए कमेटी गठित कर दी जाएगी। ए.सी.पी. पर इसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर डाक्टर हड़ताल खत्म करने को राजी हो गए। हड़ताल खत्म होने की घोषणा होते ही देर रात को डाक्टरों ने एमरजैंसी सेवाएं बहाल कर दीं। अब शुक्रवार से सभी स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी।

इलाज अगली मीटिंग में… अनिल विज की चेतावनी, लापरवाह पुलिस अधिकारी पर गिरी गाज

कैथल  कैथल में शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता पहुंचे और अपनी समस्याएं रखीं। एक मामले में जांच अधिकारी द्वारा जांच में लापरवाही बरतने पर मंत्री विज ने सख्त रुख अपनाया और संबंधित पुलिस अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में अनिल विज ने बताया कि बैठक में कई शिकायतें आईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान बैठक के दौरान ही कर दिया गया। उन्होंने कहा कि समिति की कार्यप्रणाली के अनुसार केवल उन्हीं मामलों की सुनवाई होती है, जो पूर्व निर्धारित सूची में शामिल हैं। अन्य शिकायतकर्ता अपनी शिकायत उपायुक्त को सौंपें, जिन्हें उचित पाए जाने पर अगले सत्र की बैठक में शामिल किया जा सकता है। विज ने कहा, “जो मामले आज छूट गए, उनका इलाज मैं अगली बैठक में कर दूंगा। वीआईपी नंबर मामले में जांच जारी वाहन के वीआईपी नंबर को लेकर पूछे गए प्रश्न पर विज ने कहा कि जांच केवल उस व्यक्ति की हो रही है जिसने 1 करोड़ 17 लाख रुपये का नंबर खरीदा था, लेकिन बाद में राशि का भुगतान नहीं किया। अब उसकी संपत्ति की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह इतना महंगा नंबर लेने में सक्षम था या नहीं।