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पानीपत के मरीज के लिए आर्टिफिशियल अंग: HC ने मेडिकल कॉर्पोरेशन को टेंडर जारी करने कहा

चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड पंचकूला को निर्देश दिए है कि वह रमन के लिए आर्टिफिशियल अंग खरीदने के लिए टेंडर आदि जारी करें। जानकारी के मुताबिक पानीपत के सनोली खुर्द गांव का रहने वाला रमन स्वामी 3 नवंबर 2011 को अपने घर की छत पर लटक रहे हाई-टेंशन बिजली के तार के संपर्क में आ गया था। जिसमें उसने अपने दोनों हाथ और बायां पैर गवां दिया। तब वह सिर्फ पांच साल का था। कोर्ट ने अगस्त 2025 में अंतरिम आदेश में हरियाणा के डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज को निर्देश दिया था कि लड़के के लिए ट्रांसप्लांट सर्जरी सहित सभी विकल्पों का पता लगाने के लिए ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाए। जस्टिस सुवीर सहगल ने आदेश में कहा कि अंतरिम आदेश के बाद याचिकाकर्ता की 6 अगस्त 2025 को जांच की गई और DGHS की ओर से 24 नवंबर, 2025 की तारीख का एक हलफनामा के साथ रिपोर्ट जमा की गई, जिसमें कहा गया है कि 17 साल के रमन की जांच मेडिकल बोर्ड के सदस्यों ने PGIMS रोहतक में क्लिनिकली और रेडियोलॉजिकली की। हाईकोर्ट ने कहा कि उपरोक्त पृष्ठभूमि और कोर्ट द्वारा पारित विभिन्न आदेशों को देखते हुए हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड पंचकूला को निर्देश दिया जाता है कि वह याचिकाकर्ता के लिए आर्टिफिशियल अंग खरीदने के लिए टेंडर आदि जारी करके कदम उठाए, जैसा कि 6 अगस्त, 2025 की रिपोर्ट में सलाह दी गई है, छह सप्ताह का समय दिया गया है।

कक्षा 1 में प्रवेश पर उम्र की नई सीमा लागू, 6 साल से छोटे बच्चों का दाखिला अब बंद

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक दूरगामी बदलाव करते हुए पहली कक्षा (Class 1) में दाखिले के लिए न्यूनतम आयु सीमा को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली कक्षा में प्रवेश पाने के लिए बच्चे की आयु 6 वर्ष पूरी होना अनिवार्य होगी।   यह निर्णय 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' (NEP 2020) के प्रावधानों और 'पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट' के हालिया निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। इस नए नियम के लागू होने के बाद अब 5.5 साल के बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला नहीं मिल सकेगा। क्यों बदला गया आयु का नियम? अब तक हरियाणा शिक्षा नियमावली 2011 के तहत, 5 साल 6 महीने की उम्र वाले बच्चों को भी पहली कक्षा में प्रवेश की अनुमति मिल जाती थी। हालांकि, केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने लंबे समय से सभी राज्यों को इसे 6 वर्ष करने का निर्देश दिया था। मानसिक और शारीरिक परिपक्वता: विशेषज्ञों का मानना है कि 6 वर्ष की आयु में बच्चा औपचारिक स्कूली शिक्षा के दबाव और पाठ्यक्रम को समझने के लिए मानसिक रूप से अधिक तैयार होता है। NEP 2020 का ढांचा: नई शिक्षा नीति का '5+3+3+4' मॉडल बुनियादी स्तर के पहले 3 साल प्री-स्कूल (आंगनवाड़ी/बालवाटिका) और अगले 2 साल कक्षा 1 व 2 के लिए निर्धारित करता है। कानूनी स्पष्टता: हाई कोर्ट ने 'दिविशा यादव बनाम हरियाणा राज्य' मामले में स्पष्ट किया था कि राज्य के नियम केंद्रीय कानून के अनुरूप होने चाहिए ताकि दाखिले के समय कोई भ्रम न रहे। अभिभावकों के लिए क्या बदलेगा? इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन अभिभावकों पर पड़ेगा जो अपने बच्चों का जल्दी स्कूल में दाखिला कराना चाहते थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि: बालवाटिका का विकल्प: जो बच्चे आयु सीमा पूरी नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें बालवाटिका कक्षाओं में भेजा जाएगा। peer group का लाभ: एक ही उम्र के बच्चों के साथ पढ़ने से छात्रों पर अनावश्यक प्रतिस्पर्धा का दबाव कम होगा। कोई छूट नहीं: 2026-27 सत्र से उम्र के नियमों में दी जाने वाली सभी प्रकार की रियायतें आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी जाएंगी। प्रशासन की तैयारी हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और प्राइवेट स्कूलों को पत्र लिखकर इस नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे अपने प्रवेश नोटिस में इस बदलाव को प्रमुखता से दर्शाएं ताकि अभिभावक समय रहते अपने बच्चों के दाखिले की योजना बना सकें।  

हरविन्द्र कल्याण का बयान: 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

चंडीगढ़  हरियाणा विधान सभा में  राजधानी युवा संसद संस्था के सहयोग से दो दिवसीय ‘हरियाणा युवा संवाद’ का दूसरा संस्करण शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में 13 राज्यों से 65 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस अवसर राष्ट्रगान का भी वादन हुआ। विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने लंबे समय तक गुलामी के कठिन दौर को झेला है, जिसके दौरान हमारी समृद्ध संस्कृति और मूल्यों को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। यह हमारे संविधान की शक्ति और देशवासियों की एकजुटता का प्रमाण है। संविधान हमें यह सिखाता है कि भारत की असली ताकत यहां के लोग हैं।  हम सभी को मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के विजन को साकार करना है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। यहां अलग-अलग भाषाएं, परंपराएं और संस्कृतियां हैं, लेकिन इन सबके बीच एक साझा लक्ष्य है- राष्ट्र और प्रदेश की प्रगति। देश की विभिन्न विधानसभाओं में भले ही राज्यों की भाषाएं अलग हों, लेकिन सभी जनप्रतिनिधियों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग के लिए प्रभावी और कल्याणकारी योजनाएं बनाना होता है। जनता की कठिनाइयां दूर करना व उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति असली ध्येय है। कल्याण ने युवाओं को कहा कि आज वे उसी विधान सभा भवन में बैठे हैं, जहां से प्रदेश के अनेक दिग्गज विधायकों और नेताओं ने कानून निर्माण से लेकर हरियाणा के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां उपस्थित युवा भविष्य में जनप्रतिनिधि का अवसर पाकर लोकतांत्रिक परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे और सदन में सक्रिय व सार्थक चर्चाओं में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की विविधता स्वाभाविक है, लेकिन युवाओं को चाहिए कि वे सकारात्मक सोच के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ें, ताकि समाज और देश को नई दिशा मिल सके। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि यदि देश को आगे बढ़ाना है तो महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत करना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक विधेयक पारित किया गया है। दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट के अपने अनुभव साझा करते हुए हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि वहां कई देशों के स्पीकर इस बात से हैरान थे कि भारत सैकड़ों भाषाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विविधताओं के बावजूद इतनी मजबूती से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में विधायक पूजा चौधरी, हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष के सलाहकार राम नारायण यादव, हरियाणा युवा संवाद के सह-संस्थापक जय सैनी और ईशा कपूर ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए स्वाधीनता आंदोलन, संविधान सभा के अनुभव, लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और युवाओं की भूमिका पर विचार रखे। कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रश्नकाल आयोजित किया गया। इसके बाद दो विशेष सत्र संपन्न हुए। पहले सत्र में ‘हरियाणा का सतत विकास : औद्योगिक विस्तार पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग’ विषय पर गहन चर्चा हुई। दूसरे सत्र में औद्योगिक विस्तार की आवश्यकता, इसके समक्ष चुनौतियां और विजन 2030 की प्राप्ति हेतु आवश्यक कदम के संदर्भ में हरियाणा औद्योगिक नीति-2025 पर विस्तार से चर्चा की गई।

हरियाणा पुलिस ने की डिजिटल स्ट्राइक, 1,018 आपत्तिजनक लिंक रिपोर्ट किए, 583 लिंक हटाए गए

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया पर बढ़ती अवैध और आपत्तिजनक गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ा डिजिटल अभियान शुरू किया है। यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से की जा रही है। सोशल मीडिया पर अक्सर आपत्तिजनक, राष्ट्र-विरोधी, धर्म-विरोधी और भ्रामक कंटेंट पोस्ट किया जा रहा था, जिससे तनाव और भ्रम फैल रहा था, इसलिए एक समन्वित कार्रवाई जरूरी हो गई थी। इसी उद्देश्य से साइबर हरियाणा टीम ने लगभग एक महीने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी शुरू की, और यह अभियान अभी भी जारी है। इस अभियान के तहत, अब तक कुल 1,018 आपत्तिजनक लिंक और प्रोफाइल की रिपोर्ट की गई है, जिनमें से 583 को सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा पहले ही हटा दिया गया है या ब्लॉक कर दिया गया है। बाकी 435 समीक्षा के विभिन्न चरणों में हैं और जल्द ही हटा दिए जाएंगे। ये आंकड़े सोशल मीडिया पर व्यवस्था बनाए रखने में हरियाणा पुलिस की गंभीरता और त्वरित कार्रवाई को साफ तौर पर दिखाते हैं। अभियान के दौरान, साइबर टीम हर रोज ऐसे पोस्ट, वीडियो, लिंक और प्रोफाइल की पहचान कर रही है जिनमें गलत जानकारी, भड़काऊ भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाली सामग्री है। जैसे ही ऐसी सामग्री का पता चलता है। आईटी एक्ट की धारा 79(3)(बी) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किया जाता है, जिसमें तुरंत हटाने का निर्देश दिया जाता है। इस प्रक्रिया के किसी भी चरण में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है। देश भर में संदिग्ध ट्रेडिंग और निवेश ऐप्स और चैनलों के बढ़ते संचालन को नियंत्रित करने के लिए, साइबर हरियाणा ने 12 जनवरी को एक विशेष और सुव्यवस्थित अभियान शुरू किया। इस पहल के तहत, अब तक 28 ऐसे ऐप्स और चैनलों की पहचान की गई है। इनमें से 14 को पहले ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से सफलतापूर्वक हटा दिया गया है, जबकि बाकी 14 सोशल मीडिया इंटरमीडियरी द्वारा अंतिम समीक्षा और हटाने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल नागरिकों के लिए डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और ऑनलाइन घोटालों पर काफी हद तक रोक लगाएगी। आने वाले दिनों में, एक सुरक्षित डिजिटल माहौल पक्का करने के लिए ऐसे धोखेबाज़ ऐप्स के खिलाफ और भी ज्यादा सख्त और असरदार कार्रवाई की जाएगी। अजय सिंघल ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस सोशल मीडिया पर झूठी या भड़काऊ जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ बहुत सख्त है और किसी भी हालत में ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया युवाओं और समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है और एक भी गुमराह करने वाली या भड़काऊ पोस्ट सद्भाव और शांति के लिए सीधा खतरा बन सकती है। डीजीपी ने आगे कहा कि साइबर हरियाणा टीमें लगातार अलर्ट हैं और संवेदनशील या आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, निवेश करने से पहले किसी भी नए ऐप को वेरिफाई करें और बिना वेरिफाई किए संवेदनशील कंटेंट शेयर करने से बचें। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि अगर किसी को कोई संदिग्ध पोस्ट, लिंक या ऐप दिखे, तो उसे तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। एडीजीपी साइबर शिबाश कबीराज ने कहा कि इस अभियान का मुख्य मकसद एक सुरक्षित, जागरूक और भरोसेमंद डिजिटल माहौल बनाना है ताकि सोशल मीडिया का इस्तेमाल ज़िम्मेदारी से किया जा सके। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक शक्तिशाली प्लेटफॉर्म है, जिसका अगर जिम्मेदारी से इस्तेमाल किया जाए, तो यह समुदाय को जोड़ने, जानकारी फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने में मदद कर सकता है। इस सोच के साथ, पुलिस नागरिकों को अलर्ट रहने, वेरिफाई की गई जानकारी शेयर करने और संदिग्ध या गुमराह करने वाले कंटेंट को फॉरवर्ड करने से बचने के लिए प्रोत्साहित करती है। पुलिस का मानना ​​है कि जनता के सहयोग और जागरूकता से यह अभियान और भी ज्यादा असरदार होगा, जिससे सभी मिलकर एक सुरक्षित और स्वस्थ डिजिटल इकोसिस्टम बनाने में मदद करेंगे। डीजीपी ने दोहराया कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कानून लागू करने का चल रहा अभियान पूरी ताकत से जारी रहेगा। उन्होंने फिर से कहा कि नफरत फैलाने वाले भाषण, गलत जानकारी और ऑनलाइन धोखाधड़ी की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर स्तर पर सख्त, समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। धोखाधड़ी वाले इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग ऐप्स के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए डीजीपी अजय सिंघल ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को कम समय में ज्यादा रिटर्न का वादा करके फंसाते हैं, उन्हें अपनी स्कीमों में फंसा लेते हैं और कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं। डीजीपी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध ऐप, लिंक या वेबसाइट के जरिए पैसे ट्रांसफर न करें, और कोई भी फाइनेंशियल फैसला लेने से पहले किसी भी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म की सच्चाई को अच्छी तरह से वेरिफाई करें। उन्होंने आगे अनुरोध किया कि लोग सतर्क रहें और साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें। डीजीपी ने आगे कहा कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में पीड़ितों को तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करना चाहिए या साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए, ताकि धोखाधड़ी से ट्रांसफर की गई रकम को समय पर दूसरे बैंक खातों में जाने से रोका जा सके और अपराधियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके। –आईएएनएस

हरियाणा के निजी स्कूलों के 49 प्रतिशत बच्चों में खून की कमी

हिसार. प्रदेश के 10 जिलों में सरकारी स्कूलों की तुलना में निजी स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों का स्वास्थ्य असुरक्षित हैं। सुनने में अजीब है लेकिन यह सच है। स्कूल हेल्थ की ओर से ग्रुप ए में अंबाला, करनाल, पानीपत, पंचकूला, यमुनानगर और ग्रुप बी में फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, रोहतक व सोनीपत जिलों के सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ रहे कुल 10.08 हजार विद्यार्थियों में हीमोग्लोबिन की जांच की, जिनमें विद्यार्थियों की उम्र 10 से 19 साल तक रही। जब रिपोर्ट उजागर हुई तो हैरान कर देने वाली थी। उपरोक्त ग्रुप-ए के तहत जिलों के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 46 प्रतिशत व निजी स्कूलों में पढ़ रहे 49 प्रतिशत विद्यार्थियों में खून की कमी मिली। ग्रुप-बी के तहत जिलों के सरकारी स्कूलों में 50 व निजी स्कूलों में 53.6 प्रतिशत विद्यार्थियों में खून की कमी मिली।

हरियाणा में दस साल पुरानी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बन सकेंगी सुपरवाइजर: CM सैनी

पंचकूला. 10 वर्ष की सेवा का अनुभव और पात्रता पूरी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। सुपरवाइजर के 50 प्रतिशत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा शेष 50% सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। पिछले बजट में विभाग से जुड़ी 66 घोषणाएं की गई थी। इनमें से 59 घोषणाओं को अमलीजामा पहनाया जा चुका है। इसके अलावा तीन घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी के साथ बैठक ले रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल चिन्हित किए गए 80 हजार कुपोषित बच्चों में से 54 हजार बच्चों को कुपोषण से निजात दिलवाई जा चुकी है।   आंगनबाड़ी की जा रहीं अपग्रेड राज्य में केवल 26 हजार बच्चे ही शेष रह गए हैं। इन्हें भी जल्द ही कुपोषण से निजात दिलाई जाएगी। ऐसे बच्चों को उबले हुए काले चने, चूरमा के अलावा किन्नू देने का प्रविधान किया जा रहा है। 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में बदलने की घोषणा के अनुसार 2807 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड करने पर तेजी से कार्य चल रहा है। आंगनबाड़ियों के लिए 20 करोड़ रुपये की वस्तुएं खरीदी जाएंगी। इसी प्रकार 81 करोड़ रुपये की लागत से 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले वे स्कूल में अपग्रेड किया जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं सुलभ हो सके।

हरियाणा रोडवेज बस चालकों को सीट बेल्ट लगाना जरूरी

चंडीगढ़. हरियाणा रोडवेज की बसों के चालकों को अब अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगानी पड़ेगी। सड़क पर वाहन चलाते समय अगर सीट बेल्ट नहीं लगाई तो न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा किसी बस में सीट बेल्ट नहीं हुई तो संबंधित वर्कशाप मैनेजर पर कार्रवाई की जाएगी। परिवहन निदेशालय की ओर से सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। यात्रियों और चालकों की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है। सीट बेल्ट न लगाने पर ड्राइवर को एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि बस में सीट बेल्ट नहीं है, तो इसके लिए ड्राइवर जिम्मेदार नहीं होगा, बल्कि वर्कशाप मैनेजर से जुर्माना वसूला जाएगा। आदेश जारी होने के बाद सभी डिपो की वर्कशाप में बसों में सीट बेल्ट लगाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क पर उतरने वाली हर बस सुरक्षा मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। पुरानी हो या नई, सभी बसों में सीट बेल्ट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ई-बसों के लिए डिपो किए जा रहे तैयार राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए बुनियादी ढांचा लगभग तैयार है। जल्द ही 500 और नई ई-बसें विभिन्न डिपो में पहुंच जाएंगी। सभी इलेक्ट्रिक बस डिपो से मार्च अंत तक इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में रोडवेज के बेड़े में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें जोड़ना है। इलेक्ट्रिक बसों के जरिये न केवल सार्वजनिक परिवहन को आकर्षक बनाया जाएगा, बल्कि निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रदेश में चार्जिंग नेटवर्क को गति देने के लिए ऊर्जा विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह विभाग विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज कराने में लोगों को परेशानी न हो। इस दिशा में निजी क्षेत्र और वाहन निर्माता कंपनियों के सहयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

हरियाणा में आज से झमाझम बारिश की संभावना

हिसार. प्रदेश में तेजी से मौसम बदल रहा है। शुक्रवार को सुबह के समय कोहरा छाया रहा। दोपहर को बेहतर धूप खिलने के कारण लोगों को ठंड से राहत मिली है। वहीं, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से दर्ज आंकड़ों में हिसार सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसी प्रकार भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से दर्ज आंकड़ों में भिवानी का तापमान 1.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों ने शनिवार से पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ ही बूंदाबांदी होने की संभावना व्यक्त की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार तापमान तेजी से बदल रहा है। पहाड़ों में बर्फबारी का मैदानी इलाकों में खासा असर आया है। तेजी से तापमान नीचे गिर रहा है। साथ ही शीत लहर चलने से करीब चार जिलों का तापमान दो डिग्री या उससे नीचे चल रहा है। आईएमडी के अनुसार भिवानी का तापमान 1.5 डिग्री तक रहा। सिरसा में कड़ाके की ठंड, शीतलहर चली और पाला पड़ा हकृवि के अनुसार हिसार के मुख्य परिसर का तापमान 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे ठंडा क्षेत्र था। इसी प्रकार हकृवि के आंकड़ों के अनुसार महेंद्रगढ़ का तापमान 0.5 डिग्री दर्ज किया गया। यहां पर भीषण शीतलहर और पाला पड़ा। वहीं, सिरसा का 0.8 डिग्री रहा जहां कड़ाके की ठंड रही। वहीं मौसम विज्ञानियों ने शनिवार से नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है। इससे रविवार या सोमवार से प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसी प्रकार शनिवार को प्रदेश के काफी जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

हरियाणा के 46 शहरों में फ्लैट और प्लॉट खरीदना हुआ मंहगा

पंचकूला. अब फ्लैट या प्लॉट खरीदना और महंगा हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने 46 शहरों में बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों को एक जनवरी से लागू भी कर दिया गया है। प्रदेश सरकार डेवलपर्स से प्रोजेक्ट क्षेत्र में बनने वाले बुनियादी ढांचों के विकास के लिए ईडीसी लेती है। आमतौर पर बिल्डर इस अतिरिक्त लागत को खरीदार और निवेशकों पर डाल देते हैं। ईडीसी बढ़ने से प्रदेश में आवासीय तथा कामर्शियल संपत्ति महंगी हो जाएगी। बढ़ी हुई फीस होम, इंडस्ट्रियल, कामर्शियल और कंबाइन यूज वाले सभी प्रोजेक्ट पर लागू होगी। बढ़ोतरी का असर फ्लैट, प्लॉट और कामर्शियल प्रॉपर्टी की कीमतों पर पड़ेगा। आने वाले प्रोजेक्ट्स में कीमतें और बढ़ सकती हैं। क्या होंगी संशोधित दरें संशोधित दरों के अनुसार, गुरुग्राम क्षेत्र में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी लगभग एक करोड़ 37 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। इसमें ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 400 व्यक्ति प्रति एकड़ घनत्व वाली कॉलोनियों के लिए दर 5.49 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 व्यक्ति प्रति एकड़ घनत्व वाली कॉलोनियों के लिए 4.12 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर निर्धारित की गई है। फरीदाबाद और गुरुग्राम के सोहना और ग्वाल पहाड़ी क्षेत्रों को सरकार ने उच्च-संभावित क्षेत्र माना है। यहां प्लाटेड कालोनियों के लिए ईडीसी (पर्यावरण वितरण शुल्क) 1.23 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। ग्रुप हाउसिंग कालोनियों के लिए 400 पीपीए (प्रति एकड़ आवासीय स्वामित्व) के लिए 4.94 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 पीपीए के लिए 3.71 करोड़ रुपये प्रति एकड़ का शुल्क लागू होगा। इस मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा सरकार आमजन की जेब पर डाका डाल रही है। इन शहरों पर पड़ेगा ज्यादा फर्क ग्रुप हाउसिंग में 400 पीपीए पर 3.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ शुल्क लगेगा मध्यम पोटेंशियल जोन में आने वाले अंबाला, कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, बावल, पलवल, यमुनानगर, धारूहेड़ा, पृथला, गन्नौर और होडल जैसे शहरों में भी इसका असर दिखेगा। इन इलाकों में प्लाटेड कालोनियों के लिए ईडीसी 82 लाख रुपये प्रति एकड़ होगी। ग्रुप हाउसिंग में 400 पीपीए पर 3.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 पीपीए पर 2.47 करोड़ रुपये प्रति एकड़ शुल्क रहेगा।  

हरियाणा में 29 लाख संदिग्ध मतदाताओं की पहचान

चंडीगढ़. हरियाणा में विभिन्न स्थानों पर मतदाता सूचियों में 29 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनमें पिता-पुत्र के नाम समान हैं। निर्वाचन विभाग ने इन संदिग्ध मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए खंड स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई है। बीएलओ मतदाता सूची में दर्ज पते पर जाकर संबंधित मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच करेंगे। जांच में सही पाए गए लोगों का वोट बरकरार रहेगा, जबकि फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर कर दिया जाएगा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पिछले साल नवंबर में हरियाणा में 25 लाख फर्जी मतदाताओं के सहारे भाजपा पर सरकार बनाने के आरोप लगाए थे। इस दौरान उन्होंने एक ब्राजीलियन माडल की तस्वीर भी दिखाई, जिसका नाम सोनीपत के राई विधानसभा क्षेत्र के 10 बूथों पर वोटर लिस्ट में 22 जगह मौजूद था। इसके अलावा एक अन्य महिला की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि यह फोटो हरियाणा में 100 स्थानों पर मतदाता सूचियों में अलग-अलग नामों से दर्ज है। इसके बाद निर्वाचन विभाग ने आरोपों की जांच कराई तो आरोप सही नहीं निकले। हालांकि इस दौरान मतदाता सूचियों में 29 लाख लोग जरूर सामने आए, जिनमें मतदाता और उनके पिता का नाम एक ही है। इसलिए इन मतदाताओं की जांच कराई जाएगी। एसआइआर की विधिवत घोषणा से पहले ही निर्वाचन विभाग अपनी तैयारियों में जुट गया है। करीब 21 हजार बीएलओ वर्ष 2002 के साथ वर्तमान मतदाता सूची का मिलान करने में जुटे हैं। प्रदेश में दो करोड़ सात लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें से एक करोड़ 21 लाख (58 प्रतिशत) मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है। जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, लेकिन उनके माता-पिता, दादा-दादी का नाम उस सूची में दर्ज है, उन्हें अलग से दस्तावेज देने की कोई जरूरत नहीं होगी। बाकी मतदाताओं को अपनी पहचान के सबूत देने होंगे, तभी उन्हें मत डालने का अधिकार मिल पाएगा