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झज्जर सेक्टर-6 के जमीन मालिकों को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने योजना का लाभ देने के दिए निर्देश

 चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा की वर्ष 2012 की लैंड पूलिंग योजना के तहत जमीन मालिकों के अधिकार को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया है कि अधिग्रहित जमीन के मालिकों को राज्य के आश्वासन के बाद योजना का लाभ देने से इन्कार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने झज्जर के सेक्टर-6 पार्ट के लिए अनिवार्य रूप से अधिग्रहित जमीन के मालिकों को योजना के तहत पात्र मानते हुए निर्देश दिया कि सेक्टर के पहली बार विकसित होने पर उन्हें उनकी पात्रता के अनुसार विकसित प्लॉट आवंटित किए जाएं या योजना के प्रविधानों के अनुसार राशि दी जाए। जस्टिस विकास बहल और जस्टिस दिव्या शर्मा की खंडपीठ ने आठ याचिकाओं का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि भूमि पूलिंग योजना का उद्देश्य अधिग्रहण के कारण अपनी जमीन खोने वाले भू-स्वामियों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बनाना था। मामले में कोर्ट ने पाया कि अधिकारियों ने पात्र जमीन मालिकों को विकसित जमीन देने का स्पष्ट आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर याचिकाकर्ताओं ने वर्ष 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मिलने वाला मुआवजा और अन्य वैधानिक लाभ नहीं लिए। कुछ याचिकाकर्ताओं को 23 अगस्त 2013 के अवार्ड के बाद योजना के तहत 42 लाख रुपये प्रत्येक अग्रिम राशि के रूप में भी दिए गए थे। कोर्ट ने कहा कि जब जमीन मालिकों ने राज्य के स्पष्ट आश्वासन पर अपनी स्थिति बदल ली और दूसरे लाभ नहीं लिए तो बाद में सरकार अपने वादे से पीछे नहीं हट सकती। अधिकारियों की ओर से यह तर्क दिया गया कि कुछ याचिकाकर्ताओं ने निर्धारित समय सीमा में आवेदन नहीं किया था। हाई कोर्ट ने मूल रिकार्ड देखने के बाद इस दलील को स्वीकार नहीं किया। पांच याचिकाओं के मामले में रिकार्ड से स्पष्ट हुआ कि आवेदन निर्धारित 60 दिन की अवधि के भीतर जमा किए गए थे और अधिकारियों ने उन्हें सत्यापित कर स्वीकार भी किया था। इसलिए आवेदन में देरी के आधार पर योजना का लाभ न देना गलत बताया गया।अन्य याचिकाओं में भी कोर्ट ने पाया कि जमीन मालिकों ने राज्य के आश्वासन पर अपनी स्थिति बदली थी। उन्होंने न तो अनिवार्य अधिग्रहण का मुआवजा लिया और न 33 वर्ष की वार्षिकी अथवा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के लाभ प्राप्त किए। ऐसे में राज्य उन्हें भूमि पूलिंग योजना से बाहर नहीं कर सकता। पहली बार सेक्टर फ्लोट होने पर मिलेगा लाभ हाई कोर्ट ने याचिकाएं स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को 10 सितंबर 2012 की भूमि पूलिंग योजना के अनुसार विकसित सेक्टर में पहली बार फ्लोटेशन के समय उनकी पात्रता के अनुरूप प्लॉट आवंटित किए जाएं अथवा योजना के प्रावधानों के अनुसार राशि का भुगतान किया जाए। जिन याचिकाकर्ताओं ने पहले मिली अग्रिम राशि लौटानी है, वे 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि लौटाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। सक्षम अधिकारी को ऐसा आवेदन मिलने के चार सप्ताह के भीतर उसका निपटारा करना होगा। राशि लौटाने के बाद भी उनके विकसित प्लॉट पाने के अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 13 साल बाद जल्द फ्लोटेशन के निर्देश खंडपीठ ने कहा कि अवार्ड की घोषणा को 13 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इसलिए अधिकारियों को सेक्टर की फ्लोटेशन प्रक्रिया जल्द पूरी करने का प्रयास करना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि अग्रिम राशि लौटाने से जमीन मालिकों का पहली बार सेक्टर फ्लोट होने पर विकसित प्लॉट पाने का अधिकार किसी तरह प्रभावित नहीं होगा।  

हरियाणा में मानसून कमजोर, 23% कम हुई बारिश; किसानों की बढ़ी चिंता

हिसार. औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा के साथ हरियाणा से मानसून की बुधवार को विदाई हो गई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के नजदीक जिला यमुनानगर को छोड़कर लगभग पूरे प्रदेश से मानसून लौट चुका है। यमुनानगर में सुबह के समय कोहरा भी छाया रहा। इस मानसून में हरियाणा में 317.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। प्रदेश में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 413 मिलीमीटर है। यानि प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई। पलवल को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही। कमजोर मानसून का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। दूसरी तरफ तापमान में कमी न आने से बिजली की खपत भी बढ़ी हुई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि राजस्थान में बने प्रति चक्रवातीय परिसंचरण के कारण हरियाणा-एनसीआर में पश्चिमी गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं। इससे वातावरण में नमी कम हुई है और दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को तकरीबन सभी जिलों में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है। गुरुग्राम में 38 डिग्री तापमान सबसे अधिकतम तापमान गुरुग्राम का 38.2 डिग्री रहा। 37.4 डिग्री सेल्सियस के साथ फरीदाबाद दूसरे नंबर पर रहा। सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। 25 सितंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 28 से 30 सितंबर के दौरान भी पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तरी व पूर्वी जिलों में मौसम में बदलाव और हल्की वर्षा की संभावना है। मानसून की वापसी के लिए लगातार वर्षा का न होना, निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवात का बनना और हवा में नमी की कमी प्रमुख संकेत माने जाते हैं। दस साल बाद ऐसा मानसून दस साल पहले भी मानसून कुछ ऐसा बीता था। 2016 में सामान्य से 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी। हालांकि 2015 का मानसून उससे भी कमजोर रहा था। उस वक्त सामान्य से 126 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। तब महज 287.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।

एक RTI, बार-बार शिकायत पर हरियाणा सूचना आयोग सख्त, अब देना होगा शपथपत्र

 चंडीगढ सूचना का अधिकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन एक ही आरटीआइ आवेदन और विषय को लेकर बार-बार शिकायत या अपील दायर करने को वैधानिक अधिकार की आड़ में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने यह टिप्पणी एक मामले की सुनवाई के दौरान की। आयोग ने आदेश में स्पष्ट किया है कि सूचना मांगने का अधिकार किसी व्यक्ति को एक ही कारण और विषय पर बार-बार कार्यवाही शुरू करने का असीमित अधिकार नहीं देता। आयोग ने कहा कि आरटीआइ कानून को इस तरह लागू किया जाना चाहिए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़े तथा सरकारी विभागों और आयोग के सीमित संसाधनों का अनावश्यक दोहन न हो। मामला पलवल निवासी श्रवण कुमार की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी एवं राज्य लोक सूचना अधिकारी पलवल के खिलाफ दायर शिकायत से जुड़ा है। संबंधित आरटीआइ आवेदन 24 अगस्त 2025 को दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से आयोग को बताया गया कि इसी आरटीआइ आवेदन के आधार पर पहले भी दो अलग मामलों में शिकायतें दायर की जा चुकी हैं। इतना ही नहीं, वर्तमान शिकायत में शामिल आरटीआइ आवेदन पहले दाखिल किए गए आवेदन के बिल्कुल समान था। आयोग को यह भी बताया गया कि श्रवण कुमार से संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ करीब 36 मामले आयोग के समक्ष लंबित हैं। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक के कार्यालयों में करीब 130 से 150 आरटीआइ आवेदन भी दाखिल किए गए हैं। राज्य सूचना आयुक्त डा. अजय सूरा ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि आयोग के समक्ष पहले से दाखिल प्रत्येक आरटीआइ मामले तथा भविष्य में दायर की जाने वाली शिकायत या अपील के साथ श्रवण कुमार को शपथपत्र देना होगा। इसमें उन्हें स्पष्ट करना होगा कि संबंधित आरटीआइ आवेदन और विषय को लेकर उन्होंने पहले कोई अन्य शिकायत या अपील दाखिल नहीं की है। आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक के समक्ष लंबित आरटीआई आवेदनों के लिए भी इसी तरह का शपथपत्र देने का निर्देश दिया है। भविष्य में इन अधिकारियों के समक्ष दाखिल होने वाले प्रत्येक आरटीआइ आवेदन के साथ भी ऐसा शपथपत्र लगाना अनिवार्य होगा। संसाधनों के दोहराव पर आयोग की चिंता आयोग ने कहा कि एक ही आरटीआइ आवेदन से बार-बार शिकायतें दायर होने पर कार्यवाही दोहराई जाती है। इससे आयोग और संबंधित लोक प्राधिकरण के समय और संसाधनों की अनावश्यक खपत होती है। सुनवाई के दौरान जब शिकायतकर्ता से बार-बार शिकायत दाखिल करने का कारण पूछा गया तो उन्होंने संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि यदि एक शिकायत का फैसला हो चुका है तो अन्य शिकायतों का भी उसी आधार पर निपटारा किया जा सकता है। आयोग ने पूर्व न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि आरटीआइ के कानूनी अधिकार का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। लोक प्राधिकरणों पर इतनी अधिक शिकायतों और आवेदनों का बोझ भी नहीं डाला जा सकता कि सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में उनका अधिकांश समय और संसाधन ही खर्च होने लगे।

हरियाणा में उद्योगों को बड़ी राहत, डबल लाइसेंस व्यवस्था खत्म; अनुपालन का बोझ होगा कम

चंडीगढ़  हरियाणा में कारोबार और निवेश बढ़ाने के लिए नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा अनुपालन का बोझ कम करने का सिलसिला जारी है। आठ प्राथमिक क्षेत्रों में सुधार लागू किए जा चुके हैं, जबकि 14 अन्य प्राथमिक क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को अगले माह तक लागू कर दिया जाएगा। इन सुधारों का उद्देश्य अनावश्यक प्रक्रियाओं, दोहराव वाले अनुमोदनों और अतिरिक्त अनुपालनों को समाप्त कर नागरिकों, उद्यमियों तथा निवेशकों के लिए सेवाओं को अधिक सरल और त्वरित बनाना है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने केंद्रीय कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में अनुपालन न्यूनीकरण एवं डीरेगुलेशन अभियान की प्रगति की समीक्षा के बाद हरियाणा की स्थिति की जानकारी दी। राज्य के सुधार एजेंडा में भूमि विनियमन, निर्माण, उपयोगिताओं, औद्योगिक विकास, बिजली, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा ईज आफ डूइंग बिजनेस से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए चिकित्सा व्यवसायियों के पंजीकरण और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) संबंधी आवश्यकताओं को सरल करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित लाइसेंस के लिए एकल नोडल व्यवस्था विकसित की जा रही है। स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों से संबंधित सेवाओं को इनवेस्ट हरियाणा पोर्टल के साथ एकीकृत करने का भी प्रस्ताव है। इससे विभिन्न विभागों के स्तर पर होने वाली प्रक्रियाओं को एक सुव्यवस्थित तौर पर संचालित करने में सहायता मिलेगी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग ने बताया कि व्यवसायों के लिए दोहरी लाइसेंस व्यवस्था समाप्त करने के हरियाणा के प्रस्ताव को डीरेगुलेशन सेल ने स्वीकृति दे दी है। ओवरलैपिंग लाइसेंस, अनुमोदन, एनओसी और परमिट को समाप्त करने से व्यवसायों पर अनावश्यक अनुपालन का बोझ कम होगा। एकमुश्त पंजीकरण शुरू किया जा चुका है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए स्व-घोषणा, स्थापना-पूर्व अनुमोदन तथा निरीक्षण से संरक्षण की व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य चल रहा है। औद्योगिक क्लस्टरों में अनुमोदन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए एचएसआइआइडीसी तथा हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की भूमिका को और मजबूत किया जा रहा है। तीन हिस्सों में बांटे जा सकेंगे औद्योगिक प्लॉट एचएसआइआइडीसी के निदेशक मंडल ने औद्योगिक प्लाटों को अधिकतम तीन प्लाटों में विभाजित करने की अनुमति दी है। हालांकि प्रत्येक परिणामी प्लाट का क्षेत्रफल 450 वर्ग मीटर से कम नहीं होना चाहिए। आइएमटी मानेसर के सेक्टर-8 में 4.6 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक श्रमिक आवास का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार इंडस्ट्रियल एस्टेट कुंडली में छह एकड़ क्षेत्र में ऐसी ही सुविधा विकसित की जा रही है। पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित ‘सक्षम’ फंड के माध्यम से बुनियादी ढांचे के उन्नयन की योजना है। एचएसआइआइडीसी ने साझा अग्निशमन बुनियादी ढांचे के लिए भी नई नीति जारी की है।  

हरियाणा की नई BJP प्रभारी बनीं स्मृति ईरानी, पार्टी ने दी अहम जिम्मेदारी

पंचकूला. भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूती देने के उद्देश्य से देश के 28 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अपने नए प्रभारी और सह-प्रभारी की लिस्ट जारी कर दी है। इस नई जिम्मेदारी में पार्टी की फायरब्रांड नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा का नया बीजेपी प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ डॉ. भोला सिंह को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मॉडलिंग और टीवी इंडस्ट्री से राजनीति का सफर स्मृति ईरानी दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय मल्होत्रा परिवार में जन्मीं। ईरानी ने अपनी पहचान बनाने के लिए एक लंबा और संघर्षपूर्ण सफर तय किया है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने एक सफल मॉडल और मशहूर टीवी एक्ट्रेस के रूप में अपार लोकप्रियता हासिल की। दूरदर्शन और स्टार प्लस के लोकप्रिय धारावाहिकों से घर-घर में पहचान बनाने वाली स्मृति बाद में भारतीय राजनीति का एक सशक्त चेहरा बनकर उभरीं। 'सास भी कभी बहू' से मिली पहचान स्मृति ईरानी ने 2000 से 2008 के बीच स्मृति ईरानी ने धारावाहिक शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी विरानी की भूमिका अदा की। ईरानी ने एक बार बताया भी था कि उन्हें इस शो में फिट न होने की वजह से रिजेक्ट कर दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने सपोर्ट रोल अदा किया। इस रोल से उन्हें काफी प्रसिद्धि मिली।

होटलों में पुलिस की छापेमारी, हिसार में 22 युवतियां और 19 युवक हिरासत में

हिसार. जिला पुलिस की तरफ से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में महिला डीएसपी महिला प्रिया शर्मा के नेतृत्व में अर्बन एस्टेट पुलिस थाना की टीम ने माडल टाउन एक्टेंशन वाले क्षेत्र की एक गली में होटल राज और होटल 999 पर छापेमार कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस टीम को होटल राज से नौ युवतियां, आठ युवक और होटल 999 से 13 युवतियां और 11 युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस टीम की तरफ से सभी को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर आवश्यक पूछताछ एवं नियमानुसार कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस ने देह व्यापार के मामले में होटल 999 के मैनेजर कौथकलां निवासी कुलदीप और होटल राज के मैनेजर कैथल निवासी अंकुश को गिरफ्तार किया।

अंकुश पंघाल का दमदार प्रदर्शन, Asian Games के Round of 16 में बनाई जगह

हिसार. गांव भेरियां के मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स में बुधवार को शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के राउंड आफ 32 मुकाबले में अंकुश ने बहरीन के हम्सा वोगेल को 5-0 से हराकर राउंड आफ 16 में जगह बनाई। कामनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद एशियन गेम्स में उतरे अंकुश ने पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और पांचों जजों ने उन्हें विजेता माना। अंकुश ने मुकाबले की शुरुआत संभलकर की, लेकिन जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली। पहले राउंड में उन्होंने प्रभावी पंच लगाए और सभी पांच जजों ने यह राउंड उनके पक्ष में दिया। दूसरे राउंड में वोगेल ने आक्रामक शुरुआत करने का प्रयास किया, लेकिन अंकुश ने मजबूत पंचों के काम्बिनेशन से जवाब देते हुए दबदबा बनाए रखा। दूसरे राउंड में भी सभी जजों ने अंकुश को 5-0 से आगे रखा। अंतिम राउंड में भी अंकुश ने अपनी बढ़त कायम रखी और वोगेल भारतीय मुक्केबाज को परेशान करने में सफल नहीं हो सके। जजों ने सर्वसम्मति से अंकुश के पक्ष में फैसला सुनाया। कबड्डी से शुरू किया था खेल सफर अंकुश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने खेल करियर की शुरुआत कबड्डी से की थी और स्टेट स्तर पर स्वर्ण पदक भी जीता था। बाद में पिता सुरेश पंघाल की सलाह पर उन्होंने बाक्सिंग को अपना खेल चुना। शुरुआत में गांव के लोग उनके इस फैसले को लेकर मजाक भी करते थे, लेकिन अंकुश ने मेहनत जारी रखी। 14 वर्ष की उम्र में अंकुश ने स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। कोरोना काल में भी उन्होंने प्रशिक्षण जारी रखा। वर्ष 2024 में वह सेना में हवलदार बने। उनके पिता सुरेश पंघाल पूर्व राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी हैं और होटल का संचालन करते हैं। मां मुकेश देवी के अलावा बहनें नीलम, अंजू बाला और नीतू रानी भी खेलों से जुड़ी हैं। कामनवेल्थ का स्वर्ण मां को किया था समर्पित कामनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अंकुश ने अपना पदक मां मुकेश देवी को समर्पित किया था। अब एशियन गेम्स में पहले मुकाबले में जीत के साथ उन्होंने अगले दौर में जगह बना ली है। उनका लक्ष्य एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।

धान खरीद को लेकर कुरुक्षेत्र में बवाल, महापंचायत से पहले किसान नेता हिरासत में

कुरुक्षेत्र. धान खरीद को लेकर मंगलवार को शाहाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 44 को जाम करने को लेकर पुलिस और किसानों के बीच तनातनी के बाद बुधवार को दोबारा किसान महापंचायत का संदेश जारी होने पर पुलिस सतर्क हो गई है। देर रात भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के धरना स्थल पर किसान महापंचायत के एलान के बाद से पुलिस ने जिला भर में कई किसान नेताओं के घरों पर दस्तक देकर उन्हें डिटेन कर लिया है। पुलिस ने शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के पदाधिकारी संजीव आलमपुर और गांव किरमिच से संजू नंबरदार को उनके घर से देर रात एक बजे डिटेन कर लिया है। वहीं अल सुबह तीन बजे के करीब गांव लोहार माजरा ने किसान नेता प्रिंस वड़ैच को भी डिटेन कर लिया है। बैठक बेनतीजा रही : इसके बाद किसान नेताओं और प्रशासन के बीच कई दौर की वार्ता हुई. किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी समेत अन्य नेताओं ने कुरुक्षेत्र के उपायुक्त के साथ बातचीत की, लेकिन बैठक बेनतीजा रही. किसानों ने तत्काल धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग दोहराई, जबकि प्रशासन की ओर से जल्द खरीद शुरू करवाने का आश्वासन दिया गया. किसानों को मंजूर नहीं प्रस्ताव : गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि किसानों की मांग स्पष्ट है कि धान की खरीद शुरू की जाए. उन्होंने कहा कि 26 सितंबर से खरीद शुरू करवाने का प्रस्ताव किसानों को मंजूर नहीं है. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि किसान मंगलवार रात बराड़ा रोड पर पड़ाव डालेंगे और बुधवार को महापंचायत आयोजित कर आगामी रणनीति तय की जाएगी. इस दौरान युवा किसान नेता प्रिंस वड़ैच ने किसानों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि किसान केवल समय पर धान की खरीद की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. रात्रि पड़ाव डाल रखा है : गुरनाम सिंह चढ़ूनी के ऐलान के बाद गुरनाम सिंह चढूनी और किसानों ने कुरुक्षेत्र के शाहबाद में शाहबाद बराड़ा रोड पर शहीद उधम सिंह चौक के पास अपना रात्रि पड़ाव डाला हुआ है. गुरनाम सिंह किसानों के साथ सड़क पर ही मोर्चा संभाले हुए हैं और यहीं पर रात्रि पड़ाव डाल रहे हैं. अब इनके साथ दूसरे किसान संगठन भी खड़े होने लगे हैं. कल एक बार फिर से धान की सरकारी खरीद को लेकर किसानों की महापंचायत होने वाली है जिसमें कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है. कई पुलिसकर्मियों को आई चोटें : वहीं कुरुक्षेत्र पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने मीडिया को बताया कि किसानों ने रोड जाम करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस का मत बिल्कुल स्पष्ट है कि किसी भी कीमत पर रोड जाम नहीं करने दिया जाएगा क्योंकि जीटी रोड देश की लाइफ लाइन है. यदि जीटी रोड पर जाम लगाया जाता है तो लोगों को बहुत भारी परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि किसानों ने जो रोड जाम करने का प्रयास किया तो पुलिस ने भी मामूली वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, वहीं दूसरी तरफ कुछ पुलिस के जवानों को भी चोटें आई हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों से बातचीत करने के लिए तैयार है और किसानों को भी चाहिए कि वह बातचीत के जरिए मामला सुलझाए.

दीपिका ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, 11 गोल दागकर बनाया रिकॉर्ड

हिसार. एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय महिला हाकी टीम में हिसार की दीपिका सहरावत ने जहां उज्बेकिस्तान के खिलाफ एक मैच में आठ गोल दागकर अपनी अलग पहचान बनाई, वहीं इंडोनेशिया के खिलाफ लगातार दूसरे मैच में तीन गोल कर हैट्रिक लगाई। दीपिका टूर्नामेंट में 11 गोल कर सबसे आगे चल रही है। वहीं दूसरी ओर भारतीय कबड्डी टीम ने सोमवार को अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश को 42-21 से हराकर की। इस मुकाबले में हिसार के गांव भिवानी रोहिल्ला की मनीषा ने लेफ्ट कवर से डिफेंडर की भूमिका निभाई। वहीं हसनगढ़ की निकिता नैन भी भारतीय टीम का हिस्सा हैं। दीपिका ने आठ गोल कर तोड़ा अपना ही रिकार्ड  भारतीय महिला हाकी टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया था। इस मुकाबले में दीपिका सहरावत ने अकेले आठ गोल दागे। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही पिछला रिकार्ड पीछे छोड़ दिया।

‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना के तहत 106 नहरों को मिलेगा मजबूत कवच

 झज्जर  नहरों को अब टूटने, क्षतिग्रस्त होने और पानी की बर्बादी से बचाने के लिए मजबूत कवच दिया जाएगा। प्रदेश की 106 नहरों के सुदृढ़ीकरण पर 2484.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विश्व बैंक की सहायता से संचालित होने वाली महत्वाकांक्षी ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना के तहत नहरों के कमजोर हिस्सों को मजबूत करने के साथ उनकी जल वहन क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इससे नहरों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं पर अंकुश लगेगा और किसानों के खेतों तक नहरी पानी की आपूर्ति अधिक सुचारु हो सकेगी। परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने का जिम्मा निजी एजेंसी को सौंपा गया है। डीपीआर तैयार होने के बाद नहरों पर होने वाले कार्यों की लागत, प्राथमिकता और क्रियान्वयन की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके बाद औपचारिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विभाग को उम्मीद है कि इसी वित्त वर्ष में बजट जारी कर दिया जाएगा। ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना का कुल अनुमानित बजट करीब 5714 करोड़ रुपये है। इसमें विश्व बैंक की ओर से लगभग 4000 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य केवल नहरों की मरम्मत करना नहीं, बल्कि प्रदेश के जल संसाधनों को संरक्षित करने और उपलब्ध पानी का अधिकतम एवं प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। परियोजना के तहत प्रदेश को 15 क्लस्टरों में बांटा गया है।