samacharsecretary.com

कुरुक्षेत्र में धान खरीद को लेकर किसानों का हंगामा, GT रोड पर लगाया जाम

शाहाबाद/कुरुक्षेत्र. धान की सरकारी खरीद शुरू न होने को लेकर मंगलवार को किसान राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर कूच कर दिया है। इससे पहले किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के साथ बैठक की। वार्ता बेनतीजा रही, जिससे किसान जीटी रोड जाम करने के लिए निकल पड़े। किसानों को रोकने के लिए बराड़ा रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद कई किसान फ्लाईओवर पर चढ़ गए। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलाया और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बावजूद कुछ किसान फ्लाईओवर पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस ने नीचे उतार लिया। आधे घंटे चले बवाल के बाद किसानों ने बराड़ा रोड पर शहीद उधम सिंह स्मारक के पास धरना शुरू कर दिया। SP चंद्रमोहन भी हालात का जायजा लेने मौके पर पहुंचे। DSP रणधीर ने कहा कि GT रोड पर ट्रैफिक चल रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा, “देश का पेट पालने वालों पर बमबारी हुई। हम पाकिस्तानी नहीं हैं। सैंकड़ों गोले दागे, पानी छोड़ा, लाठचार्ज किया। मेरे भी पैर पर चोट आई। जब तक हमारी बात नहीं मानी जाएगी, हम यहीं रहेंगे। हमने मोर्चा लगा दिया है।” 22 सितंबर तक का दिया था अल्टीमेटम गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि 16 सितंबर को धान की सरकारी खरीद को लेकर शाहाबाद अनाज मंडी में किसानों की बैठक हुई थी। इसमें कुरुक्षेत्र के DC विश्राम कुमार मीणा भी पहुंचे थे। किसानों ने मंडियों में फसल पहुंचने का हवाला देते हुए जल्द खरीद शुरू करने की मांग की थी। प्रशासन ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्र से तय समय से पहले 20 सितंबर से खरीद शुरू कराने का अनुरोध किया है। इस आश्वासन के बाद किसानों ने 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने का अल्टीमेटम दिया था और मांग पूरी न होने पर 22 सितंबर को जाम लगाने की चेतावनी दी थी। 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल 27 सितंबर तक खुला सरकार ने किसानों को फसल रजिस्ट्रेशन का एक और मौका दिया है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खोला गया है। किसान 27 सितंबर तक फसल का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। किसानों की मांग है कि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन और खरीद प्रक्रिया में तालमेल रहे, ताकि मंडियों में फसल खरीद के लिए इंतजार न करना पड़े। पिछले साल से शुरू हुई खरीद धान खरीद की तारीख को लेकर पिछले साल भी किसानों ने सरकार पर दबाव बनाया था। 2025 में हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू हुई थी। पहले खरीद 1 अक्टूबर से होनी थी, लेकिन किसानों की मांग और विरोध के बाद तारीख आगे बढ़ाई गई थी। पिछले साल करीब 59.62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी।

Lado Lakshmi Yojana 2: जींद में 72,332 महिलाएं पात्र, जानें कौन कर सकता है आवेदन और जरूरी दस्तावेज

 जींद  दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना-2 के तहत जिले में 72 हजार 332 महिलाएं पात्र हैं। जिनमें से 2,767 पात्र महिलाओं ने लाडो लक्ष्मी योजना-2 के तहत पंजीकरण करवाया है। मंगलवार को एडीसी प्रदीप कुमार ने प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए कहा कि पात्र महिलाएं हरियाणा सरकार द्वारा संचालित इस योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण करवाएं। योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक जागरूकता व पंजीकरण संबंधी गतिविधियां निरंतर की जा रही हैं। जिले में में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत फिलहाल 61 हजार 350 महिलाएं लाभ प्राप्त कर रही हैं। सरकार द्वारा पात्र महिलाओं को योजना के दूसरे चरण जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। योजना-2 के तहत पात्र लाभार्थियों को सरकार द्वारा निर्धारित नियम एवं पात्रता के अनुसार लाभ प्रदान किया जाएगा। संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पात्र महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाएं और पंजीकरण प्रक्रिया के संबंध में उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करें। ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय स्तर पर पात्र लाभार्थियों की पहचान करने के साथ-साथ उन्हें योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। पात्र महिलाएं योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर समय पर अपना पंजीकरण करवाएं और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना-2 के लिए पात्र महिलाएं 1. महिला की उम्र 23 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। 2. एक लाख 80 हजार प्रति वर्ष तक की आय वाले परिवार की महिलाएं। 3. कम से कम 15 वर्ष से हरियाणा निवासी होनी चाहिए। 4. यदि कोई महिला पहले से निम्नलिखित सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्राप्त कर रही हैं, तो वह महिला इनके साथ दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पात्र हैं। (क) तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कैंसर पीड़ित महिला (ख) दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित महिला (ग) हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया व अन्य कोई योजना जो हरियाणा सरकार द्वारा अधिसूचित की गई हो। 5. महिला जो ऐसे परिवार से संबंधित है जिसकी सत्यापित वार्षिक आय एफआइडीआर के अनुसार प्रति वर्ष तीन लाख रुपये तक है और जिनके बच्चे राज्य सरकार के स्कूलों में पढ़ते हैं और उन्होंने हरियाणा बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन (बीएसईएच) या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में कक्षा 10 या कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करके शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है। जिनके बच्चे, राज्य सरकार के स्कूलों में पढ़ते हुए, ग्रेड 1, 2, 3 और 4 में पढ़ने और समझने व संख्या जानने की राष्ट्रीय पहल (निपुण भारत मिशन) के तहत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार ग्रेड स्तर की योग्यता हासिल कर चुके हैं। या जिन्होंने अपने बच्चों को गंभीर तीव्र कुपोषण या मध्यम तीव्र कुपोषण से सफलतापूर्वक बाहर निकाला है, जैसा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सत्यापित किया गया है। जरूरी दस्तावेज 1. हरियाणा का स्थायी निवासी प्रमाण पत्र। 2. मोबाइल नंबर, जोकि आधार से लिंक हो। 3. परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड। 4. अगर महिला विवाहित है, तो ससुराल के सभी सदस्यों के आधार कार्ड 5. बिजली बिल का कनेक्शन नंबर 6. हरियाणा कौशल वितरण रोजगार निगम, अगर कोई निगम में सेवा में है। 7. परिवार के सभी सदस्यों के नाम पर रजिस्टर्ड वाहनों का विवरण 8. महिला के नाम पर रजिस्टर्ड बैंक खाता विवरण। 9. आवेदक का पैन कार्ड  

लव मैरिज पर पंचायत का सख्त फैसला, प्रेम विवाह करने वालों के सामाजिक बहिष्कार की बात

हिसार. हिसार के आर्य नगर गांव में बीते रविवार को हुई एक सामाजिक पंचायत में गांव के लोगों के बीच होने वाले प्रेम विवाह के सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया गया। पंचायत में कहा गया कि गांव में ऐसे विवाह करने वाले लोगों और इसका समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में गांव में ऐसे तीन विवाह होने के बाद यह प्रस्ताव पारित किए जाने की बात सामने आई है। गांव के बुजुर्गों की मौजूदगी में हुई सभा में करीब एक हजार ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत की अध्यक्षता गांव के बुजुर्ग कुलवंत गोसला ने की। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि ऐसे विवाह का समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों या अन्य लोगों के खिलाफ भी सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई की जाएगी।

प्रेम विवाह करने पर सामाजिक बहिष्कार! हिसार के गांव में पंचायत के फैसले से विवाद

 हिसार  हिसार के आर्य नगर गांव में बीते रविवार को हुई एक सामाजिक पंचायत में गांव के लोगों के बीच होने वाले प्रेम विवाह के सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया गया। पंचायत में कहा गया कि गांव में ऐसे विवाह करने वाले लोगों और इसका समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में गांव में ऐसे तीन विवाह होने के बाद यह प्रस्ताव पारित किए जाने की बात सामने आई है। गांव के बुजुर्गों की मौजूदगी में हुई सभा में करीब एक हजार ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत की अध्यक्षता गांव के बुजुर्ग कुलवंत गोसला ने की। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि ऐसे विवाह का समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों या अन्य लोगों के खिलाफ भी सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा 21 सदस्यीय एक समिति गठित कर घर-घर जाकर ग्रामीणों की राय जानने की बात कही गई है, ताकि प्रेम विवाह पर रोक लगाने के संबंध में लोगों के विचार लिए जा सकें। तीन विवाह के बाद लिया निर्णय मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में गांव में तीन ऐसे विवाह हुए हैं, जिनमें गांव के ही रहने वाले युवक-युवतियों ने विवाह किया। गांव के सरपंच रतन सिंह के अनुसार इनमें दो जोड़े अलग-अलग जातियों से थे, जबकि एक जोड़ा एक ही जाति से था। निर्वाचित पंचायत ने फैसले से बनाई दूरी गांव के सरपंच रतन सिंह ने बताया कि दो दिन पहले सभी ग्रामीणों ने एकत्रित होकर फैसला लिया है कि गांव के ही युवक-युवती आपस में प्रेम विवाह नहीं करेंगे, ऐसा करते है तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। गांव में पुलिस भी तैनात नहीं की गई है। सरपंच ने बताया कि इस निर्णय में निर्वाचित ग्राम पंचायत की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला सामाजिक पंचायत की ओर से लिया गया है। अधिवक्ता बोले- वयस्कों को जीवनसाथी चुनने का अधिकार वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादूर खोवाल ने बताया कि सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों को संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का मौलिक अधिकार है। उनके अनुसार सामाजिक बहिष्कार का आदेश देने वाली पंचायत के ऐसे फरमान की कानूनी वैधता नहीं है और परिस्थितियों के आधार पर आपराधिक व अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संवाद के माध्यम से स्थिति को संभालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धमकी देने या दबाव बनाने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। नहीं हुई कोई अप्रिय घटना पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव आर्य नगर में शांतिप्रिय माहौल है। वहां किसी तरह की कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। अगर कोई समस्या आती है तो गांव में सुरक्षा मुहैया करवा दी जाएगी।  

खरीफ फसल पंजीकरण की फिर खुली विंडो, 27 सितंबर तक किसान करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन

चंडीगढ़  मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर खरीफ की फसल का पंजीकरण कराने के लिए किसानों को एक बार फिर से मौका दिया गया। सोमवार को पोर्टल खोला गया जो 27 सितंबर तक खुला रहेगा। पहले दिन सोनीपत से 11, फरीदाबाद से 23 नूंह से 13 तथा महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी तथा गुरुग्राम से तीन-तीन किसानों सहित कुल 56 किसानों ने एसडीएम कार्यालय में पंजीकरण के लिए आवेदन दिया है। पंजीकरण नहीं कराने वाले किसानों की फसल समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदने तथा अन्य सुविधा नहीं देने का निर्णय लिया गया है। किसान की ओर से आवेदन एसडीएम संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार तीन दिन के अंदर सत्यापित कर अनुमानित विवरण तैयार कर ई-खरीद किसान पोर्टल पर अपलोड करेंगे। प्रदेश सरकार ने उन किसानों को एक बार फिर से मौका दिया जो 31 जुलाई तक पोर्टल पर फसल का विवरण नहीं दर्ज कर पाए थे। पिछले खरीफ सीजन में पंजीकरण कराने वाले किसानों की संख्या के मुकाबले इस सीजन में पंजीकरण कराने वाले किसानों की संख्या 1.52 लाख कम है।

मंत्रियों के नाम दूसरी जगह की वोटर लिस्ट में क्यों? चुनाव आयोग ने SIR ड्राफ्ट पर बताया कारण

नई दिल्ली  कैबिनेट मंत्रियों के उनके सामान्य निवास स्थान के बजाय किसी अन्य जगह की वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि SIR के ड्राफ्ट रोल में पहले से फ्लैग किए गए जनप्रतिनिधियों और कुछ अन्य वर्गों के नाम शामिल किए गए हैं, ताकि क्लेम-ऑब्जेक्शन की अवधि में जरूरी डॉक्युमेंट्स जुटाए जा सकें। चुनाव आयोग ने आरपी एक्ट की धाराओं का दिया हवाला चुनाव आयोग ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 की धारा 20(1बी) का भी उल्लेख किया। इसके मुताबिक, कोई सांसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य अपने कार्यकाल के दौरान केवल अपने कर्तव्यों के सिलसिले में निर्वाचन क्षेत्र से एलॉट रहने के कारण उस निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना बंद नहीं माना जाएगा, जहां चुनाव के वक्त वह वोटर के रूप में रजिस्टर्ड था। वहीं, धारा 20(4) के तहत राष्ट्रपति द्वारा चुनाव आयोग से परामर्श के बाद कुछ पदों को इस प्रावधान के दायरे में घोषित किया गया है। कई संवैधानिक और सरकारी पद शामिल 18 अप्रैल 1960 की अधिसूचना के तहत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यों के राज्यपाल, कैबिनेट मंत्री, राज्यसभा और विधानसभा के कुछ पीठासीन पदों के साथ-साथ केंद्र या राज्य के मंत्री, उपमंत्री और संसदीय सचिव जैसे पद इस प्रावधान में शामिल किए गए हैं। इसमें लोकसभा और विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति और उपसभापति भी शामिल हैं। ड्राफ्ट रोल में दस्तावेजों की जांच का मौका वीआईपी नामों को लेकर आयोग ने कहा कि इन प्रावधानों का मकसद ऐसे पदों पर रहने वाले लोगों के वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट रखना है। ड्राफ्ट रोल के दौरान ऐसे नामों पर जरूरी दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है।

मिक्स जाइलीन से भरा टैंकर पलटा, नाले में फैला केमिकल 50 घंटे बाद फिर बना आग का कारण

भिवानी  मिक्स जाइलीन केमिकल से भरा टैंकर पलटने के बाद लगी आग पर भलेही रविवार को काबू पा लिया था मगर 50घंटे बाद सुरपुरा रोड पर गंदे नाले में फैला केमिकल फिर धधक उठा। नाले में भयंकरआग लग गई। आग की लपट और धूएं का गुब्बार दूर तक देखा गया। सूचना के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंची और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। उल्लेखनीय है कि शनिवार रात करीब 11 बजे केमिकल मिक्स जाइलीन से भरा टैंकर बहल के बस स्टैंड के पास राजगढ़ मार्ग पर पलट गया था। गनीमत रही कि वह नाले पर पलटा। टैंकर उठाते वक्त लगी आग उसके अंदर 30 क्विंटल से अधिक केमिकल था, जो नाले में बह गया। रविवार सुबह टैंकर को उठाते समय उसमें भयंकर आग लग गई। आग की लपटे आसमान में काफी ऊंचाई तक देखी गई। आग में वहां मौजूद करीब 25 रेहड़ी व खोखे भी जल गए। दमकल विभाग की हिसार, भिवानी,सिवानी से आई करीब छह गाड़ियों ने करीब साढे़ तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। नाले में फैले केमिकल में मंगलवार सुबह फिर से आग लग गई। जिससे क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई। क्यों लगी आग सामने आया कारण? आज लगी आग के बाद कयास लगाए जा रहे है कि टैंकर से रिसाव के बाद रसायन नालों में जमा हो गया है और अभी भी नालों में मौजूद है। जो आज आग लगने का कारण बना है। आग की लपटों में बिजली आपूर्ति की लाइनों को भी क्षति पहुंची है और क्षेत्र की बिजली को ऐतिहातन काट दिया गया है। प्रशासन व अधिकारी स्थिति पर नजरें रखे हुए हैं। सिवानी से दमकल गाड़ी को बुलाया गया है। कस्बे के लोग व खासकर बस अड्डा, अनाज मंडी, झूंपा-सुरपुरा रोड क्षेत्र की कालोनियों व दुकानदारों में भय की स्थिति है। नालों में लगी आग को लोगों ने मिट्टी डालकर बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नालों में मौजूद केमिकल के कारण बार बार आग लगती रही।

डॉक्टरी छोड़ UPSC में हासिल की रैंक 1, हरियाणा की शेना अग्रवाल बनीं IAS

चंडीगढ़  यूपीएससी और नीट यूजी को देश की दो सबसे ज्यादा कड़े मुकाबले वाली परीक्षाएं माना जाता है। यूपीएससी में जहां 8-9 लाख युवाओं में से सिर्फ करीब हजार का चयन हो पाता है, वहीं नीट यूजी देने वाले 20 लाख बच्चों में से सिर्फ 1.30 लाख को ही एमबीबीएस मिल पाता है। लाखों अभ्यर्थी सालों साल इन परीक्षाओं की तैयारी करते रहते हैं और बार बार अटेम्प्ट देते हैं। लेकिन इन्हीं में से कुछ ऐसे होनहार छात्र भी होते हैं जो इन दोनों परीक्षाओं को अच्छी रैंक के साथ क्रैक करते हैं। यहां हम एक ऐसी अद्भुत प्रतिभा वाली शख्सियत के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने न सिर्फ एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा सीबीएसई पीएमटी (अब इसका नाम नीट यूजी हो गया है) में टॉप किया बल्कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में भी टॉप किया। ये कहानी है हरियाणा की आईएएस बेटी डॉ. शेना अग्रवाल की जिन्होंने देश की दोनों सबसे चुनौतिपूर्ण परीक्षाओं में टॉप कर साबित कर दिया कि छोरियां भी किसी से कम नहीं। अपनी कामयाबी से शेना ने हरियाणा के उन लोगों को उन लोगों को कड़ा संदेश दिया जो बेटियों को गर्भ में मार देते हैं और उन्हें बोझ समझते हैं। बेहद खराब लिंगानुपात के लिए बदनाम हरियाणा की बेटी ने अपने टैलेंट से यह बता दिया कि बेटियों को किसी भी तरह से बोझ नहीं समझा जाना चाहिए, बल्कि वह परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव हैं। लड़कियां हर वह मुकाम हासिल कर सकती हैं जो लड़के कर सकते हैं। आज शेना अग्रवाल पंजाब कैडर की 2012 बैच की आईएएस अफसर हैं। वर्तमान में वह जॉइंट डेवलपमेंट कमिश्नर, IRD और एडिशनल कमिश्नर, NREGA के तौर पर काम कर रही हैं। यमुनानगर की रहने वाली, पिता डॉक्टर आईएएस शेना अग्रवाल मूल रूप से हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली हैं। उनके पिता डॉ. केसी अग्रवाल एक डेंटिस्ट हैं। बचपन से ही पढ़ाई में होनहार शेना स्कूल दिनों से ही पढ़ाई में काफी तेज थीं। उन्होंने अपनी 10वीं की पढ़ाई संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल (यमुनानगर) से की। 10वीं में उनके 95 फीसदी अंक आए। फिर 12वीं की पढ़ाई दयानंद पब्लिक स्कूल (नाभा) से की जिसमें 92 फीसदी अंक हासिल किए। एमबीबीएस एंट्रेस में टॉपर शेना ने 2004 में सीबीएसई प्री मेडिकल टेस्ट में पूरे देश में टॉप किया। एम्स (AIIMS) प्रवेश परीक्षा में उनकी 19वीं रैंक आई। उन्होंने दिल्ली एम्स से एमबीबीएस किया और डॉक्टर बन गईं। एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद प्रैक्टिस शुरू की। लेकिन उन्हें जल्द ही महसूस हुआ कि गरीबी से बड़ी कोई बीमारी नहीं है। डॉक्टरी छोड़ी, यूपीएससी करने का फैसला एम्स से एमबीबीएस करने के बाद जब शेना एक गांव में अपनी इंटर्नशिप कर रही थीं, तो उन्होंने देखा कि देश में गरीबी स्वास्थ्य समस्याओं से भी बड़ी बीमारी है। उन्हें लगा कि एक डॉक्टर के रूप में वे सीमित इलाज कर सकती हैं, जबकि आईएएस अधिकारी बनकर वे सामाजिक और आर्थिक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकती हैं। उन्हें अहसास हुआ कि जब तक वे किसी बड़े प्रशासनिक पद पर नहीं होंगी, तब तक वे इस सामाजिक समस्या का व्यापक इलाज नहीं कर सकतीं। इसी सोच के साथ उन्होंने आईएएस बनने का संकल्प लिया। दूसरे प्रयास में यूपीएससी क्रैक, तीसरे प्रयास में टॉपर उन्होंने एमबीबीएस की इंटर्नशिप करते हुए साल 2009 में पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी। इसमें वे प्रीलिम्स भी पार नहीं कर सकीं इसे उन्होंने निराश होने के बजाय परीक्षा को समझने का एक अवसर माना। दूसरा अटेम्प्ट साल 2010 में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के तौर पर काम करते हुए दिया। इस बार वह कामयाब रहीं और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में सेलेक्शन हुआ। दूसरे प्रयास में उन्होंने 305वीं रैंक हासिल की और उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हुआ। तीसरे प्रयास में यूपीएससी ऑल इंडिया टॉप शेना अग्रवाल आईआरएस की ट्रेनिंग के लिए नागपुर जाने की तैयारी कर ही रही थीं कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2011 का रिजल्ट आ गया। अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की।

प्रिंसिपल अनिल कुमार को ‘वैश्विक शिक्षक रत्न’ पुरस्कार, चंडीगढ़ का बढ़ाया गौरव

चंडीगढ़. सेक्टर-31 स्थित राजकीय बौद्धिक दिव्यांग पुनर्वास संस्थान (जीआरआईआईडी) के प्रिंसिपल अनिल कुमार को विशेष शिक्षा और बौद्धिक दिव्यांगजनों के पुनर्वास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘वैश्विक शिक्षक रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ, सुप्रीम कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच की ओर से आयोजित इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, गणमान्य व्यक्तियों और सहभागी देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। समारोह में शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस दौरान विभिन्न राज्यों के कुल 51 शिक्षकों को ‘वैश्विक शिक्षक रत्न पुरस्कार’ और ‘शिक्षक गौरव पुरस्कार’ प्रदान किए गए। जीआरआईआईडी में बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण, पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जाता है। ऐसे में संस्थान के प्रधानाचार्य को मिला यह सम्मान चंडीगढ़ के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

महाभारत काल से जुड़ा पांडू पिंडारा, पितृ मोक्ष के लिए आज भी उमड़ते हैं श्रद्धालु

जींद पांडू पिंडारा(पिंडतारक तीर्थ) का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। मान्यता है, महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने भगवान श्री कृष्ण के कहने पर कौरवों और सैनिकों की आत्मा की शांति के लिए यहां पिंडदान किया था। यहां सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा करते हुए 12 वर्ष बिताए थे और पूर्ण विधान से पिंडदान किया था। पांडवों द्वारा यहां पिंडदान (तर्पण) किए जाने के कारण इस जगह का नाम पांडू पिंडारा और यहां के मुख्य कुंड का नाम पिंडतारक तीर्थ पड़ गया। माना जाता है, महाभारत काल से पिंडदान और श्राद्ध कर्म की परंपरा शुरू हुई। आज भी रिश्तों में चाहे कितने ही मतभेद क्यों न रहे हों, लोग मृत्यु के बाद अपने पितृों को ईश्वर से भी ऊपर का स्थान देते हैं। उनकी आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और उनका श्राद्ध करते हैं। पांडवों ने किया था कौरवों का पिंडदान किंवदंती है, महाभारत युद्ध में जीत भले ही पांडवों की हुई, लेकिन उन्हें अपने ही परिवार के लोगों को खोने का गहरा दुख भी मिला। कौरव उनके शत्रु जरूर थे, लेकिन वे उनके भाई थे इसलिए धर्म का पालन करते हुए पांडवों ने सभी दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए पिंडदान और श्राद्ध कर्म संपन्न किया था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पिंडारा में मौजूद इस कुंड का संबंध पितृ कर्म और मोक्ष से जोड़ा जाता है। यहां श्रद्धा और विधि-विधान से पिंडदान करने पर पूर्वजों को शांति प्राप्त होती है। यही कारण है, सालभर, विशेष रूप से पितृ पक्ष के दौरान, बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर अपने पितरों का तर्पण करते हैं। ग्रंथों में भी पांडू पिंडारा तीर्थ का जिक्र कई हिंदू ग्रंथों जैसे महाभारत, वामन पुराण, पद्म पुरण में इस बात का विवरण मिलता है कि जींद जिले में मौजूद पांडू पिंडारा, जिसे पिंडतारक और सोम तीर्थ भी कहा गया है, वहां कौरवों द्वारा कौरवों का पिंडदान किया गया था। यहां कुंड में लोग सोमवती अमावस्या के दिन अपने पितृों का पिंडदान करने आते हैं। मान्यता है, इस स्थल पर पिंडदान करने से पितृों को मोक्ष प्राप्त होता है। सोमवती अमावस्या के दिन यहां बहुत बड़ा मेला भी लगता है।