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20 वार्डों और 204 मतदान केंद्रों पर 2.07 लाख मतदाता करेंगे मतदान

 पंचकूला नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार शाम चुनाव प्रचार थम गया। प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंकते हुए रोड शो, जनसभाएं और डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाए। चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले शहर का राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। अब उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का पूरा ध्यान मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने पर रहेगा। इस बार नगर निगम चुनाव में सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में स्टार प्रचारकों को उतारकर पूरी ताकत दिखाई, जबकि कांग्रेस प्रचार के स्तर पर अपेक्षाकृत कमजोर नजर आई। कांग्रेस के कई बड़े नेता मीडिया से रूबरू तो हुए, लेकिन जनसभाओं और जमीनी प्रचार में उनकी सक्रियता कम दिखाई दी। इसके बावजूद कांग्रेस खेमे में उत्साह बना हुआ है। अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ा कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के पति और पार्टी नेता संजीव भारद्वाज ने दावा किया कि इस बार चुनाव परिणाम चौंकाने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता के बीच काम कर रही है और अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ दिया गया है। सुधा भारद्वाज ने डोर शो करके प्रचार किया। बंसल ने किया 40 हजार से जीतने का दावा भाजपा पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी नजर आई। भाजपा के मेयर पद प्रत्याशी श्याम लाल बंसल ने दावा किया कि पार्टी लगभग 40 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि शहर में भाजपा के पक्ष में एकतरफा माहौल बन चुका है और पार्टी मेयर पद के साथ-साथ सभी 20 वार्डों में जीत हासिल करेगी। 204 मतदान केंद्र नगर निगम चुनाव के लिए 20 वार्डों में कुल 204 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वार्ड-1, 2, 3, 10, 11, 12 और 13 में 10-10 बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि वार्ड-17 में सबसे अधिक 13 बूथ बनाए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर दो ईवीएम लगाई जाएंगी, एक मेयर और दूसरी पार्षद पद के लिए, ताकि मतदाता अलग-अलग मतदान कर सकें। 2,07,379 मतदाता चुनाव में कुल 2 लाख 7 हजार 379 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1 लाख 8 हजार 227 पुरुष, 98 हजार 447 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। वार्ड-17 में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि वार्ड-15 में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्वाचन व्यवस्था के तहत मेयर पद के लिए 204 ईवीएम मशीनों के साथ 41 रिजर्व मशीनें रखी गई हैं। वहीं, पार्षद चुनाव के लिए 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्धारित की गई हैं। प्रशासन द्वारा पोलिंग स्टाफ की अंतिम रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और मतदान केंद्रों पर ईवीएम वितरण की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए वार्ड-वार ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मतदान 10 मई और मतों की गिनती 13 मई को Government Girls College Sector 14 में सुबह 8 बजे से शुरू होगी। मतगणना पूरी होते ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

गन्ना खेती को बढ़ावा: हरियाणा सरकार देगी किसानों को 5 हजार रुपये प्रति एकड़

पंचकूला. हरियाणा सरकार ने गन्ने की खेती को प्रोत्साहित करने व किसानों को अधिकाधिक लाभ प्रदान करने की योजना तैयार की है। 'गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन' के अंतर्गत अब जो किसान चार फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करेंगे, उन्हें हरियाणा सरकार की ओर से पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। पहले यह राशि किसानों को तीन हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मिलती थी। दो हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से इसमें बढ़ोतरी की गई है। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कहा कि हरियाणा का किसान केवल अन्न पैदा करने वाला नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता का सशक्त आधार भी है, इसलिए किसान को मजबूत करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने बताया कि पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में की थी, जिसे राज्य सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 15 अक्टूबर से करें आवेदन श्याम सिंह राणा ने बैठक में कहा कि बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि को प्राप्त करने के लिए गन्ना उत्पादक किसानों को पोर्टल के माध्यम से 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। फरवरी 2027 के अंत तक भौतिक सत्यापन करने के बाद संबंधित किसान को प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि किसानों को एकल-आंख विधि से भी गन्ने की बिजाई करने पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की गई है, जो कि पहले तीन हजार रुपये प्रति एकड़ थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रत्येक सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध करवाएगी, ताकि किसानों की फसल कटाई पर लागत कम हो सके। किसान अक्टूबर से दिसंबर तक पौध लगा सकते हैं कृषि मंत्री के अनुसार टिश्यू कल्चर के माध्यम से गन्ने की उत्पादकता में वृद्धि की जाएगी। इस विधि से तैयार हुई गन्ने की पौध को किसानों को मुफ्त उपलब्ध करवाया जाएगा। करनाल सहकारी चीनी मिल द्वारा यह पौध तैयार होगी। इस मिल से किसान अक्टूबर से दिसंबर तक पौध ले सकते हैं। राणा ने कहा कि इन सभी पहल से किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार और निदेशक राज नारायण कौशिक समेत कई अधिकारी शामिल हुए।

चुनावी शोर शांत, सियासी हलचल तेज: पंचकूला में हार-जीत के समीकरण बनने शुरू

पंचकूला. नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार शाम चुनाव प्रचार थम गया। प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंकते हुए रोड शो, जनसभाएं और डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाए। चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले शहर का राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। अब उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का पूरा ध्यान मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने पर रहेगा। इस बार नगर निगम चुनाव में सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में स्टार प्रचारकों को उतारकर पूरी ताकत दिखाई, जबकि कांग्रेस प्रचार के स्तर पर अपेक्षाकृत कमजोर नजर आई। कांग्रेस के कई बड़े नेता मीडिया से रूबरू तो हुए, लेकिन जनसभाओं और जमीनी प्रचार में उनकी सक्रियता कम दिखाई दी। इसके बावजूद कांग्रेस खेमे में उत्साह बना हुआ है। अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ा कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के पति और पार्टी नेता संजीव भारद्वाज ने दावा किया कि इस बार चुनाव परिणाम चौंकाने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता के बीच काम कर रही है और अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ दिया गया है। सुधा भारद्वाज ने डोर शो करके प्रचार किया। बंसल ने किया 40 हजार से जीतने का दावा भाजपा पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी नजर आई। भाजपा के मेयर पद प्रत्याशी श्याम लाल बंसल ने दावा किया कि पार्टी लगभग 40 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि शहर में भाजपा के पक्ष में एकतरफा माहौल बन चुका है और पार्टी मेयर पद के साथ-साथ सभी 20 वार्डों में जीत हासिल करेगी। 204 मतदान केंद्र नगर निगम चुनाव के लिए 20 वार्डों में कुल 204 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वार्ड-1, 2, 3, 10, 11, 12 और 13 में 10-10 बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि वार्ड-17 में सबसे अधिक 13 बूथ बनाए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर दो ईवीएम लगाई जाएंगी, एक मेयर और दूसरी पार्षद पद के लिए, ताकि मतदाता अलग-अलग मतदान कर सकें। 2,07,379 मतदाता चुनाव में कुल 2 लाख 7 हजार 379 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1 लाख 8 हजार 227 पुरुष, 98 हजार 447 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। वार्ड-17 में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि वार्ड-15 में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्वाचन व्यवस्था के तहत मेयर पद के लिए 204 ईवीएम मशीनों के साथ 41 रिजर्व मशीनें रखी गई हैं। वहीं, पार्षद चुनाव के लिए 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्धारित की गई हैं। प्रशासन द्वारा पोलिंग स्टाफ की अंतिम रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और मतदान केंद्रों पर ईवीएम वितरण की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए वार्ड-वार ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मतदान 10 मई और मतों की गिनती 13 मई को Government Girls College Sector 14 में सुबह 8 बजे से शुरू होगी। मतगणना पूरी होते ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

नियमितीकरण मामलों में अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर होगा पुनर्विचार, हाईकोर्ट का आदेश

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार, उसके बोर्डों, निगमों और विभिन्न विभागों में वर्षों से नियमितीकरण की आस लगाए बैठे हजारों कच्चे, अनुबंधित और अस्थायी कर्मचारियों के लिए हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने 98 अपीलों के संयुक्त निपटारे में स्पष्ट कर दिया कि कर्मचारियों के नियमितीकरण के दावों पर अब पुरानी नीतियों की सामान्य व्याख्या की बजाय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 16 अप्रैल 2026 को दिए गए ‘मदन सिंह बनाम हरियाणा राज्य’ निर्णय के आधार पर नए सिरे से विचार किया जाएगा। हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार, बिजली निगमों, नगर निगमों, हाउसिंग बोर्ड और अन्य सार्वजनिक संस्थाओं को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक कर्मचारी के मामले की व्यक्तिगत जांच कर छह माह के भीतर कारण युक्त यानी स्पीकिंग आर्डर पारित करें। मौजूदा सेवा स्थिति में कोई प्रतिकूल बदलाव नहीं अदालत ने यह भी साफ किया कि जब तक संबंधित कर्मचारी के दावे पर अंतिम प्रशासनिक निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उसकी मौजूदा सेवा स्थिति में कोई प्रतिकूल बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी फिलहाल कर्मचारियों को कार्यरत स्थिति से हटाने या नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई पर रोक जैसी सुरक्षा मिल गई है। खंडपीठ ने इससे पहले सिंगल बेंच द्वारा 22 जनवरी 2025 को दिए गए आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि अब 1996, 2003, 2011, 2014 अथवा 2024 की नीतियों पर विचार सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय संवैधानिक सिद्धांतों के अधीन होगा। अदालत ने माना कि ‘उमा देवी’ फैसले और उसके बाद ‘योगेश त्यागी’ विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की अंतिम व्याख्या के बाद राज्य को प्रत्येक कर्मचारी के सेवा रिकार्ड, पात्रता और नीति की वैधता के अनुसार निर्णय लेना होगा। लंबित नियमितीकरण विवादों के समाधान का नया ढांचा तैयार हरियाणा सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि सभी कर्मचारियों के दावों की नये सिरे से जांच की जाएगी, जिसके बाद कोर्ट ने व्यापक बहस में जाने की बजाय पूरी प्रक्रिया को प्रशासनिक पुनर्विचार के लिए भेज दिया। साथ ही प्रत्येक कर्मचारी को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के दो सप्ताह के भीतर अपने विभाग को विस्तृत अभ्यावेदन देने का निर्देश दिया गया है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे हरियाणा के विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित नियमितीकरण विवादों के समाधान का नया ढांचा तैयार हुआ है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मदन सिंह बनाम हरियाणा राज्य मामले में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए थे।  

हरियाणा में किसानों और महिलाओं को बड़ी सौगात, 205 करोड़ रुपये खाते में भेजे गए

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार (08 मई, 2026) को चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से करोड़ों रुपये की लाभ राशि वितरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, और फसल मुआवजा समेत कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित भी किया लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त जारी मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त आज जारी कर दी गई है। उन्होंने 9 लाख 76 हजार लाभार्थी बहनों के खाते में कुल 205 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। इसके अलावा, गैस सिलेंडर सब्सिडी के रूप में 11 लाख 23 हजार बहनों के खातों में 38 करोड़ 54 लाख रुपये भी भेजे गए। वहीं, अन्नदाताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने खरीफ 2025 की फसल नुकसान के लिए 1,50,583 किसानों को 370 करोड़ 52 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की। जे-फॉर्म अब वॉट्सऐप पर सीएम नायब सैनी ने इस दौरान एक नई ऐप की शुरुआत की, जिससे अब किसानों को अपनी फसल का जे-फॉर्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना होगा। यह फॉर्म सीधे उनके वॉट्सऐप पर आएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 82 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है और किसानों को 16,481 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री ने 18 विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 62 हजार लाभार्थियों के खातों में 1146 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि डाली। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) और पिछड़ा वर्ग (BC) के 64,923 विद्यार्थियों को 100 करोड़ 45 लाख रुपये की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया।

55 करोड़ की पार्किंग बनी विवाद का केंद्र, बैंक गारंटी और राजनीति में फंसा प्रोजेक्ट

 गुरुग्राम  गुरुग्राम शहरवासियों को राहत देने के उद्देश्य से तैयार की गई सदर बाजार क्षेत्र की बहुचर्चित मल्टीलेवल पार्किंग एक बार फिर विवादों में घिर गई है। करीब 55.20 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह पार्किंग पांच दिन भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी और बुधवार को इस पर ताला लग गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी द्वारा बैंक गारंटी जमा नहीं करवाने के कारण पार्किंग को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इसे दो भाजपा नेताओं के बीच उद्घाटन को लेकर चली खींचतान का परिणाम माना जा रहा है। उद्घाटन के बाद भी शुरू नहीं हो सकी व्यवस्था मुख्यमंत्री द्वारा 30 दिसंबर को मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इसके बाद भी पार्किंग आम लोगों के लिए शुरू नहीं हो सकी। नगर निगम चार महीने तक इसके संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसी तय नहीं कर पाया। इसके बाद एक मई को विधायक मुकेश शर्मा ने नारियल फोड़कर पार्किंग को दोबारा शुरू कराया और 15 दिन तक मुफ्त पार्किंग सुविधा देने की घोषणा की गई। हालांकि व्यवस्था पांच दिन भी ठीक से नहीं चल सकी और बुधवार को पार्किंग बंद कर दी गई। बैंक गारंटी काे भी बताया एक वजह नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग निर्माण करने वाली एजेंसी अमर बिजनेस ने 55 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा नहीं करवाई है। इसी कारण एजेंसी को पूर्ण रूप से संचालन की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों का दावा है कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही पार्किंग को दोबारा खोल दिया जाएगा। मेयर बोलीं-सेंसर और हैंडओवर प्रक्रिया अभी अधूरी मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि पार्किंग में सेंसर और अन्य तकनीकी कार्यों का हैंडओवर अभी पूरा होना बाकी है। एजेंसी के साथ एलओआइ (आशय पत्र) जारी हो चुका है और जल्द ही सभी प्रक्रियाएं पूरी कर पार्किंग दोबारा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहरवासियों को बेहतर पार्किंग सुविधा देने के लिए प्रयासरत है। 206 कारों और 190 बाइकों की क्षमता नगर निगम द्वारा सदर बाजार के समीप बनाई गई यह छह मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग शहर के सबसे बड़े पार्किंग प्रोजेक्ट्स में शामिल है। भवन में भूतल और पहली मंजिल पर दुकानों का निर्माण किया गया है, जिन्हें निगम लीज पर देगा। इसके अलावा तीन भूमिगत तल पार्किंग के लिए बनाए गए हैं। यहां एक साथ 206 कार और 190 बाइक खड़ी करने की क्षमता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को अभी तक स्थायी रूप से पार्किंग सुविधा नहीं मिल पाई है।  

सीबीएसई मान्यता का झांसा देकर छात्रों से धोखाधड़ी, 11 छात्रों की परीक्षा छूटी

गुरुग्राम गुरुग्राम में एक निजी स्कूल द्वारा छात्रों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने अभिभावकों और छात्रों को परेशान कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल को गिरफ्तार (Gurugram Principal Arrest) कर लिया है। इससे पहले स्कूल के चेयरमैन को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला तब सामने आया जब 10वीं कक्षा की एक छात्रा के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल ने खुद को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त बताया था, लेकिन बाद में यह दावा झूठा निकला। छात्रा को बोर्ड परीक्षा का एडमिट कार्ड भी नहीं दिया गया, जिसके कारण वह परीक्षा नहीं दे सकी। स्कूल के खिलाफ यह मामला दर्ज पुलिस के अनुसार, गुरुग्राम के सेक्टर 9बी में स्थित एडुक्रस्ट इंटरनेशनल स्कूल के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया। शिकायत में स्कूल की प्रिंसिपल, निदेशकों और अन्य लोगों को जिम्मेदार बताया गया है। जांच के दौरान पता चला कि प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गुजरात भाग गई थीं। बाद में पुलिस ने उन्हें वहीं से गिरफ्तार कर लिया। यह घटना 17 फरवरी को सामने आई थी, जब 10वीं के 11 छात्र एडमिट कार्ड नहीं मिलने के कारण सीबीएसई की गणित की परीक्षा नहीं दे सके। इसके बाद 18 फरवरी को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इस घटना के कारण छात्रा का एक साल बर्बाद छात्रा के पिता ने बताया कि उन्होंने नियमित रूप से स्कूल की फीस भरी थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी बेटी को परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिला। स्कूल ने दाखिले के समय जो प्रमाणपत्र और रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाया था, वह भी फर्जी निकला। इस घटना के कारण छात्रा का एक साल बर्बाद हो गया और उसका भविष्य भी खतरे में पड़ गया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।  

ज्योति की बेल अपील सुप्रीम कोर्ट में, हरियाणा-पंजाब के 2 मामले आधार बनेंगे

हिसार  भारत की पाकिस्तान पर हुई 'ऑपरेशन सिंदूर' एयर स्ट्राइक के बाद देश के खिलाफ जासूसी के आरोपों में घिरी ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा ने अब सलाखों से बाहर आने के लिए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। पिछले एक साल से हिसार की जेल में बंद ज्योति की जमानत याचिका निचली अदालतों से दो बार खारिज हो चुकी है। अब उसके कानूनी सलाहकार पंजाब और हरियाणा के उन दो मामलों का हवाला देकर बेल मांगने की जुगत में हैं, जिनमें सीक्रेट एक्ट के तहत पकड़े गए आरोपियों को राहत मिल चुकी है। पाकिस्तानी एंबेसी से लेकर चीन यात्रा तक का संदिग्ध सफर सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर ज्योति तब आई थी, जब साल 2024 में उसकी यात्राओं का एक अजीब पैटर्न सामने आया। ज्योति 17 अप्रैल से 15 मई तक पाकिस्तान में रही और वहां से लौटने के महज 25 दिन बाद ही चीन के दौरे पर निकल गई। जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान उसने करतारपुर कॉरिडोर पर नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज का इंटरव्यू किया था। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, ज्योति केवल एक ब्लॉगर नहीं थी, बल्कि उसने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में जाकर सैन्य शिविरों और कश्मीर के महत्वपूर्ण बांधों के संवेदनशील वीडियो बनाकर पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए थे। ISI गुर्गों और उच्चायोग अधिकारियों से 'सीधी सेटिंग' पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास मौजूद सबूतों के अनुसार, ज्योति के तार सीधे तौर पर पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम दानिश अली से जुड़े थे। मोबाइल डेटा की जांच में ISI के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ उसकी नियमित बातचीत और बैठकों का खुलासा हुआ है। चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि ज्योति को पाकिस्तान जाने से पहले दी गई ट्रैवल एडवाइजरी का उसने जानबूझकर उल्लंघन किया और संवेदनशील जानकारी साझा करने के बदले संपर्क बनाए रखे। युवाओं को हनीट्रैप और पैसों का लालच ज्योति मल्होत्रा का मामला उन सात चर्चित गिरफ्तारियों में से एक है, जो 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद हरियाणा और पंजाब से की गई थीं। जांच एजेंसियां मानती हैं कि पाकिस्तान 20 से 35 साल के मध्यमवर्गीय युवाओं को हनीट्रैप और पैसों के लालच में फंसाकर देश के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। ज्योति के मामले में वकील रविंद्र सिंह ढुल का तर्क है कि जब समान धाराओं (सीक्रेट एक्ट) वाले अन्य आरोपियों को जमानत मिल सकती है, तो ज्योति को क्यों नहीं? अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वह इन दलीलों को स्वीकार कर ज्योति को राहत देगा या फिर सुरक्षा एजेंसियों के ठोस सबूत उस पर भारी पड़ेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पकड़े गए थे जासूस बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद हरियाणा और पंजाब से कई जासूस पकड़े गए थे। सबसे पहले 8 मई को मालेरकोटला में 2 जासूस पकड़े गए। 13 मई को पानीपत से नोमान इलाही गिरफ्तार हुआ। इसके बाद पुलिस ने हिसार, नूंह, कैथल और जालंधर से गिरफ्तारियां कीं। इन सभी की गिरफ्तारियों के बाद कुछ कॉमन चीजें सामने आई हैं। इसमें जासूसी के 6 आरोपियों के वीजा को लेकर नई दिल्ली में पाकिस्तानी एंबेसी से संपर्क हुआ। हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के तो पाकिस्तानी एंबेसी अधिकारी दानिश से लिंक तक मिले। इन सभी ने पाकिस्तान की यात्रा भी की। खास बात ये भी है कि ये सभी 20 से 35 साल की उम्र के यानी युवा हैं। इस उम्र में पैसे और हनीट्रैप के लालच से फंसाना आसान है। वहीं सभी मिडिल क्लास फैमिलीज से हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही पाकिस्तान से जुड़े लोगों पर नजर थी। इनकी कॉल और चैटिंग को इंटरसेप्ट किया गया तो इनके पाकिस्तानी जासूस होने का पता चला। इसके बाद इन्हें अरेस्ट कर लिया गया। सैन्य शिविरों के वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए बता दें कि ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को पूछताछ के बाद उसके घर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने ज्योति से अलग-अलग पूछताछ की थी। ज्योति से पाकिस्तान के लिए जासूसी और पहलगाम मामले में टेरर कनेक्शन की भी जांच की गई। इसके बाद पुलिस ने 90 दिन की जांच रिपोर्ट की बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। चार्जशीट से जानकारी समाने आई थी कि ज्योति ने न केवल कश्मीर डैम के वीडियो बनाए बल्कि राजस्थान के बॉर्डर एरिया में जाकर सैन्य शिविरों के भी वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए। वह लगातार पाकिस्तानी एजेंटों से बातचीत करती थी। पाकिस्तानी एजेंटों से की मीटिंग पुलिस का दावा है कि ज्योति को पाकिस्तान यात्रा से पहले ही ट्रैवल एडवाइजरी बता दी गई थी। इसके बावजूद ज्योति ने उसका उल्लंघन किया। पाकिस्तानी एजेंटों से नंबर शेयर किए। उनसे मीटिंग भी की। पुलिस का दावा है कि ज्योति के मोबाइल फोन से पाकिस्तान उच्चायोग के अफसर एहसान-उर-रहीम दानिश अली के साथ व्यापक बातचीत का पता चला है। इसके अलावा आईएसआई के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ नियमित संपर्क का भी पता चला है। पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक के घेरे में आई थी ज्योति ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी। 15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती, हरियाणा में 24 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति

चंडीगढ़. चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग शहरों में 24 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की है। इनमें बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट शामिल हैं। रेवाड़ी को सबसे अधिक चार डॉक्टर मिले हैं जिनमें मेडिसिन और स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा कुरुक्षेत्र और सोनीपत को 3-3, अंबाला, पानीपत, करनाल, फरीदाबाद व पलवल में दो-दो और पंचकूला, दादरी व सिरसा में एक-एक डॉक्टरों की तैनाती की गई है। सबसे ज्यादा 12 स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती हुई है जिससे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हरियाणा सरकार ने सभी जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए एनएचएम के माध्यम से भर्ती करने का फैसला किया था। राज्य में करीब 195 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं। इन सभी पदों को एनएचएम के माध्यम से भरा जाना है। इन पदों पर इंटरव्यू भी समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे। एमबीबीएस व डिप्लोमा वाले डॉक्टरों को एक लाख व एमडी-डीएनबी वाले विशेषज्ञ को डेढ़ लाख रुपये वेतन मिलेगा। नूंह में तैनाती पर 50 हजार अतिरिक्त मिलेंगे।

दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर गरमाई सियासत, शिक्षा मंत्री बोले- सैनी सरकार अपराधियों पर करती है तुरंत कार्रवाई

पानीपत. हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने गुरुवार को पानीपत में जनता दरबार लगाकर आमजन की समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने न केवल जन शिकायतों का मौके पर निपटारा किया, बल्कि मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखे राजनीतिक बाण भी छोड़े। ढांडा ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था और बंगाल चुनाव के परिणामों पर भी अपनी बेबाक राय रखी। अगले 24 घंटे में सलाखों के पीछे होता है अपराधी हाल ही में कांग्रेसी नेता सचिन कुंडू को मिली रंगदारी की धमकी के बाद सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा सरकार पर किए गए हमलों का जवाब देते हुए महिपाल ढांडा ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता यह कभी नहीं बताएंगे कि आज नायब सिंह सैनी की सरकार में अगर कोई अपराधी फोन पर धमकी देने का दुस्साहस करता है, तो वह अगले 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे होता है। विपक्ष पर जमकर साधा निशाना ढांडा ने कहा, कांग्रेस के लोगों को सिर्फ झूठ की राजनीति करनी आती है। वे गलत आंकड़ें पेश कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि हरियाणा पुलिस अपराधियों पर काल बनकर टूट रही है। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में लंबे समय तक कांग्रेस और उसके गठबंधन के लोगों ने गुंडागर्दी और डरा-धमका कर सत्ता हथियाने का काम किया है, जिससे हमेशा जनता का ही नुकसान हुआ है। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, बंगाल में ममता सरकार ने हमेशा नृशंस हत्याएं करवाई हैं। वहां बहन-बेटियों की इज्जत को सड़कों पर नीलाम किया गया है। झूठे वादे कर जनता को छला गया और गैंग बनाकर लोगों को भय के साये में जीने पर मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर बेइंतहा अत्याचार किए गए, लेकिन अब वहां की जनता जागरूक हो रही है और बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राजनीतिक बयानों से इतर, महिपाल ढांडा ने जनता दरबार में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने बिजली, पानी, सड़क और पुलिस प्रशासन से जुड़ी शिकायतों पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। ढांडा ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम व्यक्ति का उदय है और किसी भी आम नागरिक को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर नहीं होने दिया जाएगा।