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वॉट्सऐप जैसा फीचर अब जीमेल में, एक क्लिक में काम हो जाएगा, यूज करने का तरीका जानें

 नई दिल्ली गूगल ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसमें जीमेल यूजर्स को एंड टू एंड एनक्रिप्शन का सपोर्ट मिलेगा. यह सपोर्ट एंड्रॉयड और आईओएस दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर मिलेगा. एंड टू एंड एनक्रिप्शन की सुविधा इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर भी मिलता है।  एक बार अपडेट मिलने के बाद यूजर्स को सेंसटिव ईमेल भेजने के लिए सिक्योरिटी लेयर के लिए अलग से सॉफ्टवेयर या एक्सटेंशन की जरूरत नहीं होगी. ईमेल सुरक्षित तरीके से रिसीवर तक पहुंच जाएगा।  एंड टू एंड एनक्रिप्शन क्या होता है?  एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, असल में एक तरह का डिजिटल सिक्योरिटी लॉक सिस्टम है. इस टेक्नोलॉजी का यूज करने पर डेटा भेजने वाले और रिसीव करने वाले के अलावा अन्य कोई शख्स ईमेल या मैसेज को बीच में डिकोड नहीं कर पाएगा।  सीधे शब्दों में समझें तो आप किसी बक्से को भेजते हैं, जिसमें सोना-चांदी है. ऐसे लोग उसमें ताला लगा देते हैं और चाबी सिर्फ रिसीवर के पास है. एंड टू एंड एनक्रिप्शन कुछ ऐसे ही काम करता है।  गूगल ने जीमेल के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सपोर्ट को एंड्रॉयड और आईओएस डिवाइस तक एक्सपेंशन का ऐलान किया है. एक बार अपडेट मिलने के बाद यूजर्स अब सीधे Gmail मोबाइल ऐप की मदद से एन्क्रिप्टेड ईमेल लिख, भेज और पढ़ सकेंगे।  इन यूजर्स को मिलेगी सुविधा  एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन गूगल वर्क स्पेस के एंटरप्राइज यूजर्स को मिलेगी, जिनके पास क्लाइंट-साइड एनक्रिप्शन कैपिबिलटीज है. इसके लिए पहले एडमिन कंसोल के जरिए एंड्रॉयड और आईओएस सपोर्ट को एक्टिवेट करना होगा, उसके बाद ही यूजर्स इसका एक्सेस कर पाएंगे।  गूगल बता चुका है कि अपडेट रैपिड रिलीज और शेड्यूल रिलीज दोनों डोमेन के लिए लाइव हो चुका है. एक बार मोबाइल पर एंड टू एंड इनक्रिप्शन की सुविधा मिलने के बाद यूजर्स कहीं से भी सुरक्षित तरीके से एक्सेस कर पाएंगे. पहले एन्क्रिप्टेड ईमेल के लिए डेस्कटॉप या थर्ड-पार्टी टूल्स की जरूरत होती थी। 

भारत में मोबाइल फोन की कीमतें बढ़ीं, यूजर्स पर पड़ेगा असर

स्मार्टफोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. भारत में एक बार फिर मोबाइल फोन महंगे हो रहे हैं और इस बार दो बड़ी कंपनियों Motorola और Nothing ने अपने कई स्मार्टफोन्स की कीमत बढ़ा दी है. हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कंपनियों ने अपने पॉपुलर मॉडल्स के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसका सीधा असर आम यूजर्स की जेब पर पड़ने वाला है. Motorola और Nothing ने बढ़ाईं कीमतें सबसे पहले बात Motorola की करें तो कंपनी ने अप्रैल 2026 से अपने कुछ चुनिंदा मॉडल्स की कीमत बढ़ाई है. रिपोर्ट्स के अनुसार Moto G35, Moto G57 Power और Edge 60 Fusion जैसे स्मार्टफोन्स अब पहले से महंगे हो गए हैं. इन डिवाइसेज की कीमत में लगभग 1000 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है. पहले जो फोन एक तय बजट में आसानी से मिल जाते थे, अब वही मॉडल थोड़ा ज्यादा खर्च करवाएंगे. यह बढ़ोतरी सिर्फ प्रीमियम फोन्स तक सीमित नहीं है. Motorola ने अपने बजट और मिड-रेंज सेगमेंट को भी महंगा किया है. यानी जो यूजर्स 15 से 25 हजार रुपये के बीच फोन खरीदने की सोच रहे थे, उन्हें अब अपना बजट बढ़ाना पड़ेगा. खास बात यह है कि यह बदलाव नए स्टॉक के साथ लागू हो रहा है, इसलिए कई ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर कीमतें अलग-अलग भी दिख सकती हैं. अब बात Nothing की करें तो कंपनी ने भी अपने नए और पॉपुलर मॉडल्स की कीमत में बदलाव किया है. Nothing Phone 2a और Phone 3a Lite जैसे स्मार्टफोन्स के दाम बढ़ने की खबर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इनकी कीमत में करीब 2000 से 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. यानी जो फोन पहले 20 से 22 हजार रुपये के आसपास मिल रहा था, अब उसकी कीमत 23 से 26 हजार रुपये तक जा सकती है. क्यों हो रहे हैं स्मार्टफोन्स महंगे? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अचानक स्मार्टफोन्स इतने महंगे क्यों हो रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण है कंपोनेंट्स की कीमत में तेजी से बढ़ोतरी. खासतौर पर RAM और स्टोरेज जैसे पार्ट्स की कीमतें बढ़ गई हैं. AI टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से मेमोरी चिप्स की डिमांड काफी बढ़ गई है, जिससे सप्लाई पर दबाव पड़ा है और कीमतें ऊपर चली गई हैं. हालांकि कंपनियां AI के नाम पर ज्यादा मार्जिन कमाने के लिए भी तेजी से फोन महंगे कर सकती हैं. क्योंकि ये एक परसेप्शन बन चुका है कि AI की वजह से चिप शॉर्टेज हो रही है. इसके अलावा ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतें भी एक बड़ी वजह हैं. कई देशों में मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं के कारण कंपनियों की लागत बढ़ी है. साथ ही रुपये की कमजोरी ने भी इम्पोर्ट कॉस्ट बढ़ा दी है. यही कारण है कि सिर्फ Motorola और Nothing ही नहीं, बल्कि दूसरी कंपनियां भी धीरे-धीरे अपने स्मार्टफोन्स के दाम बढ़ा रही हैं. क्या कहते हैं इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स? इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. कंपनियों के लिए कम कीमत में ज्यादा फीचर्स देना मुश्किल होता जा रहा है. ऐसे में या तो यूजर्स को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे या फिर कम फीचर्स के साथ समझौता करना पड़ेगा. इस पूरे बदलाव का असर सीधे तौर पर कस्टमर्स पर पड़ने वाला है. जो लोग नया फोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, उनके लिए यह सही समय हो सकता है कि वे जल्दी फैसला लें. क्योंकि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले महीनों में वही फोन और महंगे हो सकते हैं.

गूगल का ऐलान: अब Gmail ईमेल होंगे और ज्यादा सुरक्षित

गूगल ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसमें जीमेल यूजर्स को एंड टू एंड एनक्रिप्शन का सपोर्ट मिलेगा. यह सपोर्ट एंड्रॉयड और आईओएस दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर मिलेगा. एंड टू एंड एनक्रिप्शन की सुविधा इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर भी मिलता है.   एक बार अपडेट मिलने के बाद यूजर्स को सेंसटिव ईमेल भेजने के लिए सिक्योरिटी लेयर के लिए अलग से सॉफ्टवेयर या एक्सटेंशन की जरूरत नहीं होगी. ईमेल सुरक्षित तरीके से रिसीवर तक पहुंच जाएगा. एंड टू एंड एनक्रिप्शन क्या होता है? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, असल में एक तरह का डिजिटल सिक्योरिटी लॉक सिस्टम है. इस टेक्नोलॉजी का यूज करने पर डेटा भेजने वाले और रिसीव करने वाले के अलावा अन्य कोई शख्स ईमेल या मैसेज को बीच में डिकोड नहीं कर पाएगा. सीधे शब्दों में समझें तो आप किसी बक्से को भेजते हैं, जिसमें सोना-चांदी है. ऐसे लोग उसमें ताला लगा देते हैं और चाबी सिर्फ रिसीवर के पास है. एंड टू एंड एनक्रिप्शन कुछ ऐसे ही काम करता है. गूगल ने जीमेल के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सपोर्ट को एंड्रॉयड और आईओएस डिवाइस तक एक्सपेंशन का ऐलान किया है. एक बार अपडेट मिलने के बाद यूजर्स अब सीधे Gmail मोबाइल ऐप की मदद से एन्क्रिप्टेड ईमेल लिख, भेज और पढ़ सकेंगे. इन यूजर्स को मिलेगी सुविधा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन गूगल वर्क स्पेस के एंटरप्राइज यूजर्स को मिलेगी, जिनके पास क्लाइंट-साइड एनक्रिप्शन कैपिबिलटीज है. इसके लिए पहले एडमिन कंसोल के जरिए एंड्रॉयड और आईओएस सपोर्ट को एक्टिवेट करना होगा, उसके बाद ही यूजर्स इसका एक्सेस कर पाएंगे. गूगल बता चुका है कि अपडेट रैपिड रिलीज और शेड्यूल रिलीज दोनों डोमेन के लिए लाइव हो चुका है. एक बार मोबाइल पर एंड टू एंड इनक्रिप्शन की सुविधा मिलने के बाद यूजर्स कहीं से भी सुरक्षित तरीके से एक्सेस कर पाएंगे. पहले एन्क्रिप्टेड ईमेल के लिए डेस्कटॉप या थर्ड-पार्टी टूल्स की जरूरत होती थी.

समब्रानी धूप से बालों की देखभाल का आयुर्वेदिक तरीका

 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बालों का झड़ना, पतला होना और उनकी ग्रोथ धीमी पड़ना बहुत आम बात हो गई है. यही वजह है कि कई लोग इसे लेकर स्ट्रेस में भी रहने लगते हैं. लंबे, घने और मजबूत बाल सिर्फ खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते, बल्कि यह आपके अच्छी सेहत का भी संकेत होते हैं. लेकिन सच यह है कि बालों को बेहतर बनाने के लिए कोई जादुई तरीका नहीं होता है. अगर आप अपने बालों को हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो उनकी सही देखभाल करना ही सबसे जरूरी है. नियमित केयर और सही आदतों से ही बालों की सेहत में सुधार लाया जा सकता है. ऐसा ही बालों को हेल्दी बनाने का एक आयुर्वेदिक तरीका है, जिसमें खास तरीके के धुएं का इस्तेमाल किया जाता है. इस आयुर्वेदिक नुस्खे का नाम है समब्रानी धूप (Sambrani Dhoop). आपने कम ही सुना होगा किसी को अपने बालों में समब्रानी धूप का इस्तेमाल करते हुए. अगर हम अभी की बात करें तो समब्रानी धूप को लेकर दिमाग में Jodhaa Akbar फिल्म का सीन याद आता है, जिसमें एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन इस चीज का इस्तेमाल करती नजर आई थीं. हालांकि, आजकल के बीजी शेड्यूल में यह तरीका ज्यादा देखने को नहीं मिलता है. लेकिन, पहले के समय में यह आयुर्वेदिक नुस्खा बालों को हेल्दी और मजबूत बनाने के लिए बहुत ही जरूरी माना जाता था. लेकिन इसका इस्तेमाल करने के लिए इसका बारे में जानना भी जरूरी है. तो आइए जानते हैं कि क्या है समब्रानी धूप, जो बालों को मजबूती देता है. क्या है समब्रानी धूप? आयुर्वेद और नेचुरल थेरेपी एक्सपर्ट Rretvika के मुताबिक, समब्रानी धूप एक नेचुरल जड़ीबूटी है, जो स्टाइरैक्स पेड़ से मिलती है. इसकी खुशबू थोड़ी वुडी और मस्की होती है. ये बालों और स्कैल्प के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है. एक्सपर्ट Rretvika के अनुसार, नहाने के बाद धूप लेना सिर्फ बालों के लिए ही अच्छी नहीं होता है, बल्कि ये मन को सुकून देने वाली आदत भी मानी जाती है. इससे बॉडी बैलेंस रहती है और दिमाग भी शांत रहता है. इस धुएं की हल्की गर्माहट वट दोष को भी कंट्रोल करने में मदद करती है. ऐसा भी माना जाता है कि ये आसपास की नेगेटिव एनर्जी को भी दूर करता है. इस हर्बल स्मोक में नीम, तुलसी, गुग्गल के एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण भी शामिल हैं, जो सिर की गंदगी, बैक्टीरिया और पसीने को हटाने में भी मदद करते हैं. इस हर्बल स्मोक से बाल सुखाने पर स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स को पोषण मिलता है और जड़ें मजबूत होती हैं. अगर आप ज्यादा अच्छा रिजल्ट चाहते हैं, तो सूखे नीम के पत्ते या उपले में हर्ब्स मिलाकर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. क्या रोजाना करना चाहिए इसका प्रयोग? भले ही बालों के लिए यह तरीका काफी अच्छा और सुकून देने वाला लगे, लेकिन एक्सपर्ट Rretvika खुद इसे रोज की हेयर केयर रूटीन का हिस्सा नहीं मानती हैं. वह इसे सिर्फ एक रिलैक्स करने वाली प्रक्रिया के तौर पर अपनाती हैं. उन्होंने बताया कि वह इसे महीने में सिर्फ एक या दो बार ही करती हैं, हर बार बाल धोने के बाद नहीं. उनका कहना है कि गुग्गल या कपूर जैसे नेचुरल चीजों का धुआं अगर ज्यादा लिया जाए तो फेफड़ों के लिए अच्छा नहीं होता है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए. घर पर कैसे करें इस्तेमाल? भारतीय वेलनेस ब्रांड अनाहता ऑर्गेनिक के अनुसार, नैचुरल समब्रानी या लोबान कप का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें धूनी (होल्डर) में जलाया जाता है. इसे किसी खुली और हवादार जगह, जैसे बालकनी में जलाएं ताकि अच्छे से धुआं निकल सके. नहाने के बाद हल्के गीले बालों को इस धुएं के ऊपर रखें, लेकिन ध्यान रखें कि बाल और धूनी के बीच करीब 15 से 25 सेंटीमीटर की दूरी हो. आखिरी में मोटे कंघे से बालों में कंघी कर लें, ताकि धुआं और उसमें मौजूद नैचुरल ऑयल्स बालों में अच्छे से फैल जाएं.

रनिंग करते समय लोग कर रहे ये बड़ी गलती, डॉक्टर ने दी सलाह

रनिग ऐसी कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज है जिससे हार्ट के साथ-साथ शरीर के कई मसल्स ट्रेन होते हैं. आजकल काफी सारे ऐसे लोग हैं जिन्हें जिम जाने का समय नहीं मिल पाता तो वे लोग जिम की जगह रनिंग को अपनी डेली एक्टिविटी में शामिल किए हुए हैं. वहीं आजकल फिटनेस का क्रेज भी हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है तो सुबह-सुबह पार्कों और सड़कों पर दौड़ते लोग आम बात हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह मेहनत आपको फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा सकती है? हैदराबाद के एक न्यूरोलॉजिस्ट ने X पर बताया है कि ज्यादातर रनर्स गलत तरीके से ट्रेनिंग कर रहे हैं जिसका नेगेटिव असर भी हो सकता है. तो आइए रनिंग के दौरान लोग कौन सी गलती कर रहे हैं और सही तरीका क्या है, इस बारे में जान लेते हैं. क्या गलती कर रहे हैं लोग? हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने बताया, हम अक्सर रनिंग के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं लेकिन असली फिटनेस तेज दौड़ने में नहीं, बल्कि धीमे दौड़ने में छिपी है. यदि आपकी हर दौड़ आपको थकाकर चूर कर रही है तो आप ट्रेनिंग नहीं बल्कि खुद को थका रहे हैं.' 'फिटनेस की दुनिया में बोला जाता है कि तेज रनिंग करना चाहिए लेकिन फिजियोलॉजिकल यानी फिजिकल साइंस के लिहाज से तेज रनिंग करना सही नहीं है. हाई हार्ट रेट और हर बार रिकॉर्ड तोड़ने की होड़ शरीर पर एक्स्ट्रा दबाव डालती है. असल में परफॉर्मेंस में सुधार तब आता है जब आप अपने शरीर को समझने लगते हैं, न कि उसे हर वक्त लिमिट से पुश करने की कोशिश करते हैं. क्या है 'जोन 2-3' रनिंग का फंडा? डॉ. सुधीर ने समझाया, 'धीमी गति से रनिंग या जो 2-3 रनिंग हमारे माइटोकॉन्ड्रियल एफिशिएंसी को बढ़ाती है. यह हमारे शरीर का असली एंड्योरेंस इंजन है. दरअसल, जब आप धीमी गति से दौड़ते हैं तो आपकी रेस्टिंग हार्ट रेट कम होती है और एरोबिक बेस मजबूत होता है. इससे चोट लगने का खतरा कम हो जाता है और आप ज्यादा लंबे समय तक कंसिस्टेंसी के साथ दौड़ पाते हैं. इसके विपरीत लगातार तेज दौड़ने से थकान बढ़ती है और एक समय के बाद प्रोग्रेस रुक जाती है.' एथलीट्स का सीक्रेट फॉर्मूला यह सिर्फ एक थ्योरी नहीं है, बल्कि दुनिया के टॉप एथलीट्स इसी तरीके से ट्रेनिंग करते हैं. वे अपनी कुल ट्रेनिंग का 70 से 80 फीसदी हिस्सा आसान दौड़ को देते हैं. वे अपनी पूरी ताकत सिर्फ खास मौकों या रेस के लिए बचाकर रखते हैं. डॉ. सुधीर का कहना है कि अगर आप दौड़ते समय आसानी से बातचीत नहीं कर पा रहे हैं तो समझ लीजिए कि आपकी स्पीड जरूरत से अधिक है. हार्ट ट्रेन करें, ईगो को नहीं सोशल मीडिया पर अपनी स्पीड की फोटो-वीडियो दिखाने की होड़ अक्सर लोगों को चोटिल कर देती है. तेज दौड़ना सुनने में अच्छा लगता है लेकिन धीमी दौड़ आपको वास्तव में बेहतर बनाती है. डॉक्टर की सलाह साफ है कि अपने हार्ट को ट्रेन करें, अपने ईगो को नहीं. दौड़ना एक लंबी प्रोसेस है, इसे शॉर्टकट या दिखावे के चक्कर में खराब न करें. सही पेस वही है जिसमें आपका शरीर थके नहीं, बल्कि रिचार्ज महसूस करे.

गर्मी में नींबू पानी से ज्यादा हाइड्रेटिंग है तरबूज का शरबत, विटामिन और इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर यह ड्रिंक तुरंत देगा एनर्जी

भीषण गर्मी में शरीर को हाइड्रेटेड रखने और शरीर के तापमान को कम करने के लिए कुछ ना कुछ ठंडी हेल्दी ड्रिंक्स पीते रहना चाहिए लेकिन शरीर को ठंडा रखने के लिए ज्यादातर लोग नींबू के शरबत पर ही निर्भर रहते हैं. लेकिन आपको बता दें कि हाइड्रेशन के मामले में तरबूज बहुत ही अच्छा माना जाता है.   तरबूज का शरबत के फायदे विटामिन A, C और पोटेशियम से भरपूर तरबूज का शरबत न केवल प्यास बुझाता है बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा कर तुरंत ताकत से भर देता है. बाजार के मिलावटी जूस के बजाय घर पर बना यह शुद्ध और ठंडा शरबत आपको दिन भर की थकान से राहत देगा. साथ ही इसे घर पर बनाना भी बेहद आसान है. यहां हम आपको इसकी रेसिपी शेयर कर रहे हैं. शरबत बनाने के लिए तैयार कर लें ये चीजें तरबूज: 3-4 कप (कटा हुआ और बीज निकले हुए) नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच पुदीना के पत्ते: 8-10 ताजी पत्तियां काला नमक: आधा छोटा चम्मच चीनी/शहद: 1 चम्मच (अगर तरबूज कम मीठा हो) चाट मसाला: एक चुटकी बर्फ के टुकड़े बनाने का तरीका तरबूज को छोटे टुकड़ों में काट लें और जितना संभव हो सके इसके बीज निकाल दें. कुछ छोटे क्यूब्स को सर्विंग के लिए अलग रख लें. एक मिक्सर जार में तरबूज के टुकड़े, ताजी पुदीने की पत्तियां, नींबू का रस और काला नमक डालें. इसे अच्छी तरह ब्लेंड करके जूस तैयार कर लें. अगर आपको बिल्कुल साफ जूस पसंद है तो इसे छान लें. वरना इसके पल्प के साथ भी यह काफी टेस्टी लगता है. तैयार जूस में एक चुटकी चाट मसाला मिलाएं जो इसके स्वाद को दोगुना कर देगा. गिलास में बर्फ के टुकड़े और पहले से बचाकर रखे हुए तरबूज के छोटे क्यूब्स डालें. ऊपर से ठंडा-ठंडा जूस डालें और पुदीने की पत्ती से सजाकर तुरंत सर्व करें.

पसीने की बदबू से छुटकारा दिलाएगा मोगरे का देसी इत्र, बिना किसी खर्च के घर पर इस जादुई तरीके से करें तैयार

गर्मियों के बढ़ते तापमान में लोगों को बहुत पसीना आता है. पसीने की चिपचिपाहट और उससे आने वाली बदबू से लोग बहुत परेशान रहते हैं. इस बदबू से बचने के लिए लोग महंगे से महंगे ब्रांडेड सेंट, परफ्यूम और डियो खरीदते हैं. यही चीजें खरीदने में कुछ लोग तो हजारों रुपए खर्च कर देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि ये तेज खुशबू वाले डियो पसीने की बदबू को दबाने के बजाय कई बार और भी अजीब महक देने लगते हैं? ऊपर से इनमें मौजूद केमिकल्स स्किन को नुकसान भी पहुंचाते हैं. इतना ही नहीं इनकी महक बहुत जल्दी उड़ भी जाती है. ऐसे में अगर हम आपसे कहें कि इस चिलचिलाती गर्मी में आप 100% नेचुरल इत्र अपने घर पर बना सकते हैं, वो भी बिना किसी खर्च और केमिकल के. तो क्या आप यकीन करेंगे? आज हम आपको एक ऐसा जादुई तरीका बताने वाले हैं जिससे आप मोगरे के फूलों से देसी इत्र बना सकते हैं. ये न सिर्फ आपको दिनभर तरोताजा रखेगा, बल्कि पसीने की बदबू की छुट्टी भी कर देगा. इंग्रेडिएंट्स मोगरा का इत्र बनाने के लिए आपको       ताजे मोगरे (जैस्मिन) के फूल     सुई-धागा     कांच की ढक्कन वाली साफ और सूखी बोतल       थोड़ा सा सेलो टेप कैसे बनाएं मोगरे का इत्र? 1. मोगरे का इत्र बनाने के लिए सबसे पहले मोगरे के फूलों को सुई-धागे में पिरोकर एक लंबा गजरा बना लें. लेकिन आपको ध्यान देना रखना है कि फूल बिल्कुल ताजे हों, तभी खुशबू अच्छी आएगी. 2. अब एक कांच की बोतल लें और इस गजरे को उसके अंदर लटकाएं. गजरा इस तरह लटकाएं कि फूल बोतल की दीवार से न छुएं और नीचे भी न टिके. इसका मतलब साफ है कि गजरा बिल्कुल बीच में हवा में लटका होना चाहिए. 3. गजरे के धागे वाले हिस्से को बोतल के ढक्कन के बीच में सेलो टेप से चिपका दें. इससे फूल अपनी जगह पर टिके रहेंगे. 4. अब बोतल को अच्छी तरह बंद करके 2 दिन के लिए तेज धूप में रख दें. ये स्टेप बहुत जरूरी है क्योंकि धूप की गर्मी से फूलों की खुशबू बाहर निकलती है. 5. दो दिन बाद आप देखेंगे कि फूल सूखकर हल्के नारंगी हो गए हैं. बोतल के अंदर पानी जैसी बूंदें जमा हो गई हैं. यही बूंदें असली मोगरे का इत्र है. बस आपका इत्र तैयार है. कैसे करें स्टोर? इस इत्र को आप छोटी रोल-ऑन बोतल या स्प्रे वाली बोतल में भरकर रख सकते हैं. इस इत्र को थोड़ी सी मात्रा में लगाना भी काफी होता है, क्योंकि इसकी खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है.

वॉट्सऐप ने कार यूजर्स के लिए लॉन्च किया नया कारप्ले ऐप, अब इंफोटेनमेंट सिस्टम पर ही देख सकेंगे कॉल हिस्ट्री और चैट्स

इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है, जिसके तहत एक नया ऐप लॉन्च किया है. वॉट्सऐप का नया ऐप कार प्ले के लिए जारी किया है, जिसका फायदा कार वालों को होगा. दरअसल, एंड्रॉयड ऑटो की तरह ही कार प्ले होता है, जिसको कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम में यूज किया जाता है. इसमें यूजर्स का स्मार्टफोन ब्लूटूथ या वायर के जरिए कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम से कनेक्ट हो जाता है. इसके बाद फोन पर आने वाले मैसेज, कॉल और नेविगेशन की सुविधा इंफोटेनमेंट सिस्टम पर मिलती है. यह अपडेट वॉट्सऐप के iOS वर्जन 26.13.74 के साथ आया है. न्यू अपडेट को भारत समेत ग्लोबल मार्केट के लिए लॉन्च कर दिया है. यह फीचर पहले बीटा वर्जन में देखा जा चुका है और अब इसको बड़े लेवल पर रोलआउट किया गया है. अभी तक कारप्ले पर वॉट्सऐप मैसेज रिसीव किए जा सकते थे. अब कार प्ले के लिए अलग ऐप आ गया है, जिसकी मदद से यूजर्स वॉट्सऐप कॉल को भी इंफोटेनमेंट सिस्टम पर देख सकेंगे और जवाब दे सकेंगे.   वॉट्सऐप कार प्ले के तहत मिलेंगे ये फीचर वॉट्सऐप के कार प्ले ऐप की मदद से यूजर्स इंफोटेनमेंट सिस्टम पर कॉल रिसीव कर सकेंगे. इसमें चैट्स व कॉल हिस्ट्री के लिए अलग-अलग टैब भी हैं. इसकी मदद से यूजर्स हाल ही में किए गए कॉल हिस्ट्री को भी देख सकेंगे. ड्राइविंग के दौरान पूरा चैट विंडो ओपन करने की जरूरत नहीं होगी. वॉट्सऐप पर आने वाले मैसेज का रिप्लाई करने के लिए वॉयस डिटेक्शन का सपोर्ट मिलता है. इसमें यूजर्स हैंड्स-फ्री रिप्लाई कर सकते हैं. सिरी पर निर्भरता को कम किया वॉट्सऐप के न्यू ऐप में एक और बदलाव किया है कि अब Siri पर निर्भरता कम हो जाएगी. पहले ड्राइवर को कार प्ले में वॉट्सऐप मैसेज पढ़ने और जवाब देने के लिए Siri का यूज करना पड़ता था. अब ये सभी फीचर्स सीधे ऐप के इंटरफेस में ही शामिल कर दिए गए हैं.

वनप्लस ने लॉन्च किया 9000mAh बैटरी वाला दमदार फोन, एक बार चार्ज करने पर चलेगा ढाई दिन

स्मार्टफोन इंडस्ट्री में आजकल ढेरों स्मार्टफोन ऐसे लॉन्च हुए हैं, जिनके अंदर मेगा बैटरी का यूज किया है. यानी फोन में 7000mAh से लेकर  9000mAh बैटरी पैक तक के कई फोन मिल जाएंगे.  मंगलवार को वनप्लस ने भी 9000mAh की बैटरी वाला फोन लॉन्च किया है. बड़ा बैटरी पैक देने से स्मार्टफोन को सिंगल चार्ज में ज्यादा चलाया जा सकेगा. वनप्लस का दावा है कि 9000mAh बैटरी वाला वनप्लस नॉर्ड 6 एक बार फुल चार्जिंग के बाद ढाई दिन तक का बैटरी बैकअप देने की काबिलियत रखता है. आज के समय में लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ चुका है. ऑफिस के काम से लेकर इंडियन प्रीमियर लीक (IPL 2026) के मैच देखने तक में मोबाइल का यूज होता है. ऐसे में ज्यादा बैटरी बैकअप से यूजर्स को फायदा मिलता है. यूजर्स को बार-बार चार्जिंग की जरूरत नहीं होती है. मेगा बैटरी पैक होने के नुकसान भी     स्मार्टफोन में मेगा बैटरी पैक देने के कई नुकसान भी हैं. इसकी वजह से मोबाइल की थिकनेस बढ़ जाती है और फोन ज्यादा बल्की नजर नजर आता है.     मेगा बैटरी पैक की वजह से स्मार्टफोन में चार्जिंग टाइम में इजाफा हो जाता है. ऐसे में यूजर्स को मोबाइल बैटरी को फुल चार्ज करने में ज्यादा समय लगेगा.     स्मार्टफोन में ज्यादा बड़ी बैटरी होने की वजह से उसमें ओवर हीटिंग से संबंधित समस्या सामने आने लगती है. मोबाइल में ओवर हीटिंग की वजह से मोबाइल की परफोर्मेंस प्रभावित होती है और वह कई बार हैंग भी हो सकता है.     मेगा बैटरी होने की वजह से स्मार्टफोन में ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर बैटरी पर ज्यादा प्रेशर बनता है तो बैटरी में आग लग सकती है. ऐपल और सैमसंग जैसी कंपनियां क्यों नहीं करती सैमसंग और ऐपल के फ्लैगशिप हैंडसेट भारत समेत दुनियाभर में पॉपुलर हैं. इसके बावजूद ये कंपनियां अपने हैंडसेट में मेगा बैटरी जैसे 7000mAh या 9000mAh बैटरी का यूज नहीं करती हैं. इसके पीछे कई वजह हैं, जैसे स्मार्टफोन थिकनेस, फोन सेफ्टी, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड और एफिसिएंसी मैनेजमेंट. सैमसंग और ऐपल अपनी फ्लैगशिप सीरीज में भले ही 5000mAh से कम साइज का बैटरी पैक यूज करते हैं, उसके बावजूद उसमें बेहतर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को प्रोवाइड कराते हैं. ऐसे में छोटा बैटरी पैक होने के बावजूद फुल डे बैटरी बैकअप मिलता है.

ब्यूटी टूल या मल्टी-टास्किंग गैजेट? जानें हेयर स्ट्रेटनर से चिप्स के पैकेट सील करने और प्रेस करने का तरीका

आजकल हर लड़की खुद को अप-टू-डेट रखना चाहती है, जिसके लिए अक्सर वो पार्लर जाती हैं. लेकिन रोजाना पार्लर जाना मुमकिन नहीं है. ऐसे में बालों को स्टाइल करने के लिए अब घर पर ही कर्लर और हेयर स्ट्रेटनर जैसी मशीन लाए रखती हैं. बालों को सीधा करने के लिए वो हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये गैजेट सिर्फ बालों को 'सिल्की-स्मूद' बनाने के ही काम नहीं आता? दरअसल, आपके ड्रेसिंग टेबल पर रखा ये छोटा सा टूल आपके घर के कई कामों को आसान बना सकता है. हेयर-स्ट्रेटनर को 'मल्टी-टास्किंग जीनियस' कहना गलत नहीं होगा. किचन से लेकर बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स तक, हेयर स्ट्रेटनर मशीन घर के कई ऐसे कामों को चुटकियों में निपटा सकती है जिसके लिए हम अक्सर परेशान होते हैं. इसे सिर्फ एक ब्यूटी प्रोडक्ट समझना छोड़ दीजिए. चलिए जानते हैं हेयर स्ट्रेटनर के कुछ ऐसे जादुई इस्तेमाल जो आपकी डेली लाइफ को बेहद आसान बना देंगे. 1. पैकेट को एयर-टाइट सील करें: आपके बालों को सीधा करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हेयर स्ट्रेटनर घर में खुले पैकेट्स को आसानी से सील कर सकता है. सोचिए, घर में अक्सर चिप्स, बिस्किट या नमकीन का पैकेट आधा बच जाता है और खुला रह जाने से वह जल्दी सील जाते हैं. ऐसे में पैकेट को वापस सील करना जरूरी है. कैसे करें: हेयर स्ट्रेटनर को हल्का गर्म करें और पैकेट के खुले हिस्से को उसके बीच में दबा दें. गर्मी से प्लास्टिक चिपक जाएगा और पैकेट फिर से सील हो जाएगा. अब आपके चिप्स-नमकीन जैसे स्नैक्स लंबे समय तक क्रिस्पी बने रहेंगे.   2. झटपट कपड़ों की प्रेस करें: यूं को घर कपड़ों की सिलवटें हटाने के लिए प्रेस का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अगर आपको कहीं जल्दी जाना है और कपड़ों पर हल्की सिलवटें दिख जाएं, तो स्ट्रेटनर आपकी मदद कर सकता है. कैसे करें: ऐसा करने के लिए हेयर स्ट्रेटनर को गर्म करें और शर्ट के कॉलर, कफ या बटन के बीच के हिस्सों पर हल्के हाथ से चलाएं. इस गैजेट से कपड़ों की छोटी-छोटी सिलवटें तुरंत हटाना आसान हो जाता है. 3. क्राफ्ट और DIY प्रोजेक्ट्स में मददगार: अगर आप या आपके बच्चे क्राफ्टिंग पसंद करते हैं, तो स्ट्रेटनर एक मजेदार टूल साबित हो सकता है. बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स को आसान बनाने के लिए इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. कैसे करें: सोचिए अगर आपको फोम शीट को मोड़ना हो या रिबन को कर्ल देना हो तो आप स्ट्रेटनर की मदद से इन्हें आसानी से मनचाहा शेप दे सकते हैं. स्कूल प्रोजेक्ट्स के लिए ये बहुत काम का है. 4. बेड को दें होटल जैसा परफेक्ट लुक: जब आप कभी होटल के कमरे में जाते तो देखते ही लगता है कि वहां का बेड हमेशा इतना सलीकेदार दिखता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ऐसा क्यों दिखता है?   कैसे करें: चादर बिछाने के बाद उसके किनारों और तकिए के कवर के बॉर्डर पर आप हल्के हाथ से स्ट्रेटनर चला सकते हैं. इससे कपड़ा एकदम फ्लैट और शार्प दिखेगा और आपका बेड बिल्कुल होटल जैसा लगेगा. इन बातों का जरूर रखें ध्यान: 1. तापमान का ध्यान रखें: हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करते हुए हमेशा तापमान का ध्यान रखना जरूरी है. प्लास्टिक या नाजुक कपड़ों पर इस्तेमाल करते समय स्ट्रेटनर को हमेशा लो हीट पर रखें. 2. साफ-सफाई जरूरी है: अगर आप इसका इस्तेमाल खाने का पैकेट सील करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पहले उसकी सूखे कपड़े से अच्छे से साफ-सफाई कर लें. क्योंकि उस पर बाल लगे हो सकते हैं.