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Samsung की नई स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी, बेहोशी का संकेत 5 मिनट पहले दे सकती है

स्मार्टवॉच अब सिर्फ कदम गिनने, हार्ट रेट देखने या कॉल उठाने का डिवाइस नहीं रह गई है. धीरे-धीरे ये छोटी सी घड़ी हेल्थ मॉनिटरिंग मशीन में बदलती जा रही है. साउथ कोरियन टेक कंपनी Samsung ने एक ऐसी टेक्नोलॉजी दिखाई है जो आने वाले समय में बड़ी हेल्थ इमरजेंसी को पहले ही पकड़ सकती है. सैमसंग का दावा है कि उसकी Galaxy Watch बेहोश होने यानी फेंटिंग एपिसोड का संकेत पहले ही पहचान सकती है. Samsung ने साउथ कोरिया के Chung-Ang University ग्वांगम्योंग हॉस्पिटल के साथ मिलकर एक स्टडी की है. बेहोश होने से 5 मिनट पहले बता देगी घड़ी इस रिसर्च में Galaxy Watch6 का इस्तेमाल किया गया और दावा किया गया कि यह घड़ी बेहोश होने की स्थिति को करीब 5 मिनट पहले तक पहचान सकती है. असल में यह टेक्नोलॉजी Vasovagal Syncope यानी VVS पर काम करती है. यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें अचानक हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर तेजी से गिर जाता है और इंसान बेहोश हो सकता है. कई बार यह तनाव, दर्द, डर या लंबे समय तक खड़े रहने की वजह से भी होता है. आमतौर पर लोग कुछ सेकंड या मिनट में ठीक हो जाते हैं, लेकिन अचानक गिरने से सिर में चोट, फ्रैक्चर या दूसरी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं. सैमसंग की इस स्टडी में 132 मरीजों को शामिल किया गया. इन लोगों पर क्लीनिकल टेस्ट किए गए और Galaxy Watch6 ने उनके शरीर के बायोसिग्नल्स को ट्रैक किया. इसके बाद AI मॉडल ने हार्ट रेट और बॉडी पैटर्न को समझकर फेंटिंग के संकेत पहचानने की कोशिश की. कंपनी का दावा है कि सिस्टम ने करीब 84.6 प्रतिशत सटीकता के साथ बेहोश होने की स्थिति का अनुमान लगाया. घड़ी को कैसे पता चलता है कि इंसान बेहोश होने वाला है? काम करने का तरीका भी दिलचस्प है. Galaxy Watch में PPG सेंसर लगा होता है. यह सेंसर बॉडी में ब्लड फ्लो और हार्ट रिदम को ट्रैक करता है. इसके साथ HRV यानी Heart Rate Variability डेटा भी लिया जाता है. आसान भाषा में समझें तो यह आपके दिल की धड़कनों के बीच होने वाले छोटे-छोटे बदलाव को पढ़ता है. फिर AI एल्गोरिद्म इन पैटर्न्स को समझकर खतरे का अंदाजा लगाता है. अगर यह टेक्नोलॉजी असली दुनिया में बड़े स्तर पर काम करती है, तो इसका फायदा उन लोगों को सबसे ज्यादा हो सकता है जिन्हें बार-बार चक्कर आने या अचानक बेहोश होने की समस्या होती है. मान लीजिए कोई इंसान सड़क पर चल रहा है, गाड़ी चला रहा है या सीढ़ियों के पास खड़ा है और घड़ी पहले ही अलर्ट दे दे कि शरीर में कुछ गड़बड़ हो रही है, तो वह खुद को सुरक्षित जगह पर ले जा सकता है या मदद मांग सकता है. प्रिवेंटिव हेल्थकेयर में बेहद फायदेमंद होगा ये फीचर Samsung इस टेक्नोलॉजी को प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की दिशा में बड़ा कदम बता रही है. यानी बीमारी या हादसे के बाद इलाज करने के बजाय पहले ही चेतावनी देना. यही वजह है कि अब वियरेबल डिवाइसेज सिर्फ फिटनेस गैजेट नहीं, बल्कि हेल्थ कोच बनते जा रहे हैं. Galaxy Watch में पहले से कई हेल्थ फीचर्स मौजूद हैं. इसमें हार्ट रेट मॉनिटरिंग, बल्ड ऑक्सीजन ट्रैकिंग, स्लीप एपनिया और इरेगुलर हार्टबीट डिटेक्शन जैसे फीचर्स मिलते हैं. कुछ मार्केट्स में ECG और बल्ड प्रेशर मॉनिटरिंग भी दिया जाता है. अब फेंटिंग प्रेडिक्शन जैसी टेक्नोलॉजी जुड़ने से स्मार्टवॉच का रोल और बड़ा हो सकता है. हालांकि यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. अभी यह फीचर आम यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है. फिलहाल यह रिसर्च स्टेज में है और सैमसंग ने यह नहीं बताया है कि इसे कब तक Galaxy Watch में रोलआउट किया जाएगा. कंपनी अभी मेडिकल संस्थानों के साथ और रिसर्च करना चाहती है. इसके अलावा स्मार्टवॉच हेल्थ फीचर्स को लेकर हमेशा एक बहस भी रहती है. कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वियरेबल डिवाइस मददगार जरूर हैं, लेकिन इन्हें डॉक्टर का विकल्प नहीं माना जा सकता. हाल की कुछ स्टडी में यह भी सामने आया कि कई स्मार्टवॉच कुछ हेल्थ डेटा में गलती कर सकती हैं, खासकर अलग-अलग बॉडी टाइप्स और स्किन टोन्स में एक्यूरेसी बदल सकती है.  

इंस्टाग्राम पर मेटा की बड़ी कार्रवाई, लाखों फेक अकाउंट हटाए गए

इंस्टाग्राम पर एक रात में लाखों की संख्या में अकाउंट डिलीट कर दिए हैं. इसकी वजह से सेलीब्रिटी समेत कई लोगों के फॉलोअर की संख्या अचानक घट गई. इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने हाल ही में फेक और कई साल से इनएक्टिव अकाउंट को बंद कर दिया है. भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली, अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, मशहूर फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो, अमेरिकी सेलिब्रिटी काइली जेनर समेत बहुत से सेलिब्रिटी के फॉलोअर की संख्या अचानक घट गई है. शुरुआत में बहुत से लोगों को लगा कि यह शायद कोई टेक्निकल ग्लिच है, जिसकी वजह से फॉलोअर्स की संख्या में गिरावट आई है. हालांकि बाद में अफवाहों के बादल हटे और पता चला कि मेटा की ऑथेंटिसिटी ड्राइव के चलते फेक अकाउंट, इनएक्टिव अकाउंट और बॉट्स अकाउंट को रिमूव किया गया है. विराट कोहली के फॉलोअर्स कम हुए क्रिकेट दुनिया के स्टार विराट कोहली के इंस्टाग्राम अकाउंट से 20 लाख फॉलोअर्ट की कटौती हुई है, जिसकी जानकारी लाइवमिंट की रिपोर्ट से मिलती है.  साथ ही प्रियंका चोपड़ा के फॉलोअर्स की संख्या में कमी आई है. K-Pop इंडस्ट्री के फैंस को भी फॉलोअर्स में भारी कटौती का सामना करना पड़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां BTS के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट्स से करीब 70 लाख और वहीं  ब्लैक पिंक के अकाउंट से 1 करोड़ फॉलोअर्स कम हो गए. इंस्टाग्राम के ऑफिशियल अकाउंट से भी 1 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स कम हो चुके हैं. ऑथेंटिसिटी बढ़ाने के लिए मेटा हटा रहा फेक अकाउंट मेटा अपने इंस्टाग्राम पर पर ऑथेंटिसिटी बढ़ाने के लिए फेक अकाउंट्स को रिमूव कर रहा है. बहुत से सेलिब्रिटी, एजेंसी और कंपनियां फर्जी एंगेजमेंट के लिए फर्जी अकाउंट का यूज करते हैं.   फर्जी अकाउंट्स या बॉट अकाउंट्स से क्या होता है? फर्जी अकाउंट्स या बॉट अकाउंट का यूज करके फॉलोअर्स, लाइक और कमेंड और एंगेजमेंट को बढ़ाया जाता है. ऐसे में लोगों की आंखों में धूल झौंकी जाती है. बहुत से इन्फ्लुएंसर्स, ब्रांड्स और फैन कम्युनिटी फेक अकाउंट और बॉट का यूज करती हैं. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कई छोटे क्रिएटर्स के फॉलोअर्स की संख्या में 2% से 5% तक की गिरावट देखी गई. करोड़ों फॉलोअर्स वाले बड़े सेलेब्रिटीज़ के लाखों फॉलोअर्स कम हो चुके हैं.

गर्मी से राहत के लिए घर पर बनाएं शाही बादाम शरबत, दे अंदरूनी ठंडक और ऊर्जा

 चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच शरीर को अंदरूनी ठंडक देने के लिए शाही बादाम का शरबत बेहतर कुछ नहीं हो सकता. पुराने समय में यह शरबत राजा-महाराजाओं के दरबार की शान हुआ करता था जिसे खासतौर पर गर्मी के मौसम में ताजगी और ऊर्जा के लिए खूब पिया जाता था. अगर आपको भी यह शरबत पीना है तो आपको इसके लिए बाजार पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है. बाजार में मिलने वाला बादाम शरबत न केवल काफी महंगा होता है, बल्कि उसमें अत्यधिक चीनी और प्रिजर्वेटिव्स भी मिले होते हैं जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में यहां हम आपको घर पर ही शुद्ध शाही बादाम शरबत बनाने का तरीका बता रहे हैं. बादाम शरबत के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें बादाम: 1 कप (रात भर भीगे हुए और छिले हुए) मिठास के लिए: आधा कप धागे वाली मिश्री या खजूर (मिश्री को चीनी का हेल्दी विकल्प माना जाता है) इलायची: 8-10 (ताजी खुशबू और ठंडक के लिए) केसर: 10-12 धागे (शाही रंग और स्वाद के लिए) खरबूजे के बीज: 2 बड़े चम्मच (ठंडक बढ़ाने के लिए) पानी/दूध: आवश्यकतानुसार बनाने का तरीका पहले पेस्ट तैयार करें छिले हुए बादाम, इलायची और खरबूजे के बीज को थोड़े से पानी या दूध के साथ मिक्सर में डालकर एक बहुत ही महीन पेस्ट बना लें. चाशनी (मिश्री का घोल) बनाएं एक बर्तन में 2 कप पानी लें और उसमें मिश्री डालकर धीमी आंच पर उबालें जब तक मिश्री पूरी तरह घुल न जाए. अगर खजूर डाल रहे हैं तो उन्हें बादाम के साथ ही पीस लें. मिश्रण को पकाएं तैयार बादाम पेस्ट को मिश्री वाले पानी में मिलाएं. इसे धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक लगातार चलाते हुए पकाएं जब तक कि यह थोड़ा गाढ़ा न हो जाए. केसर का तड़का लगाएं केसर के धागों को थोड़े गुनगुने दूध में भिगोकर मिश्रण में डाल दें. इससे शरबत को प्राकृतिक रंग और शाही खुशबू मिलेगी. स्टोर और सर्व करने का सही तरीका मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे कांच की बोतल में भरकर फ्रिज में रख दें. सर्व करते समय एक गिलास ठंडे दूध या पानी में 2-3 चम्मच यह सिरप मिलाएं और ठंडे-ठंडे शाही बादाम शरबत का मजा लें.

गर्मियों के लिए हेल्दी डेजर्ट, चिया पुडिंग से पाएं ठंडक और एनर्जी

 गर्मियों के मौसम में भारी और तला-भुना खाने के बजाय कुछ हल्का और ठंडा खाने की इच्छा होती है. खासतौर पर दोपहर के भोजन और डिनर के बाद कुछ ठंडा और मीठा खाने की क्रेविंग बहुत ज्यादा होती है लेकिन कैलोरी के डर से हम मन मार लेते हैं. ऐसे में आलिया भट्ट की फेवरेट चिया पुडिंग आपके लिए बहुत ही बेहतरीन डेजर्ट साबित हो सकती है. चिया पुडिंग ओमेगा-3, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होती है जो ना केवल आपके मीठी की क्रेविंग भी शांत करती है बल्कि आपको लंबे समय तक तृप्त भी रखती है. साथ ही चिलचिलाती गर्मी में शरीर को ठंडक भी पहुंचाती है. आलिया कुछ समय पहले अपने एक वीडियो में चिया पुडिंग की रेसिपी भी बताई थी. चिया पुडिंग के लिए आपको चाहिए होगी ये चीजें चिया सीड्स: 3-4 बड़े चम्मच दूध (बादाम, नारियल या सामान्य दूध): 1 कप शहद या मेपल सिरप: 1 बड़ा चम्मच (स्वादानुसार) वनीला एसेंस: 2-3 बूंदें (वैकल्पिक) ताजे फल: आम, बेरीज या केला (बारीक कटे हुए) मेवे: बादाम, पिस्ता या अखरोट बनाने का तरीका इसके लिए सबसे पहले एक कांच के जार या कटोरे में चिया सीड्स और दूध को अच्छी तरह मिला लें. इस मिश्रण को ढककर कम से कम 2-4 घंटे या रात भर के लिए फ्रिज में रख दें. जब चिया सीड्स फूलकर जेल जैसा गाढ़ा हो जाएं तो उसे फ्रिज से निकालें. अब इसमें शहद और वनीला एसेंस डालें और दोबारा चलाएं ताकि गांठें न बनें. ऊपर से कद्दू के बीज, कटे हुए अखरोट और बादाम डालें. आप चाहें तो इसमें कटे हुए फल भी मिला सकते हैं. आपकी ठंडी-ठंडी चिया पुडिंग तैयार है.

ज्यादा चीनी और मीठी ड्रिंक्स से लिवर पर बढ़ता खतरा, फैटी लिवर का रिस्क

लिवर में खराबी आते ही आपके पूरे शरीर का काम बिगड़ सकता है। आपके शरीर की अंदरुनी प्राकृतिक सफाई कम हो सकती है, खाना पचना कम हो सकता है, मोटापा बढ़ सकता है और विटामिन-मिनरल्स-हॉर्मोन में गड़बड़ी आ सकती है। लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि आप छोटी-छोटी बातों को फॉलो करके इन सभी समस्याओं से बच सकते है। जिसमें ज्यादा चीनी और मीठी ड्रिंक्स से दूर रहना भी शामिल है। भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने 4 मई को मीठे पेय और ज्यादा चीनी को लिवर के लिए नुकसानदायक बताया। ये चीजें आपके लिवर के फंक्शन को प्रभावित कर सकती हैं। MoHFW ने फैटी लिवर से बचाव करने वाले 3 काम भी बताए हैं, जो कि बेहद बेसिक और आसान हैं। लिवर के लिए क्या नुकसानदायक और क्या स्वास्थ्यवर्धक ज्यादा चीनी का लिवर पर प्रभाव चीनी आंतों से गुजरते हुए फ्रुक्टोज और ग्लूकोज के रूप में लिवर तक पहुंचती है। एनसीबीआई पर मौजूद शोध के मुताबिक, जब आप जरूरत से ज्यादा चीनी का सेवन करते हैं तो इंसुलिन का लेवल बहुत हाई हो जाता है। इससे लिवर को संकेत मिलता है कि अब ग्लूकोज और फ्रुक्टोज को अपने भीतर फैट के रूप में स्टोर करने का वक्त आ गया है और जब शरीर को अपर्याप्त ग्लूकोज के दौरान एनर्जी की जरूरत हो तो इस स्टोर फैट को एनर्जी बनाने के लिए इस्तेमाल करना है। लेकिन जब आप लंबे समय तक अत्यधिक चीनी लेते रहते हैं तो शरीर में ग्लूकोज का लेवल कभी नीचे नहीं आ पाता। जिसके कारण लिवर पर फैट इकट्ठा होता रहता है। इस स्थिति से फैटी लिवर की समस्या विकसित होती है और धीरे-धीरे लिवर के कामकाज की गुणवत्ता में गिरावट लाती रहती है। मीठी ड्रिंक्स का लिवर पर असर मीठी ड्रिंक्स में फ्रुक्टोज, ग्लूकोज, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स और अन्य एडिक्टिव्स हो सकते हैं। एनसीबीआई पर मौजूद शोध के मुताबिक, मीठी ड्रिंक्स के ग्लूकोज-फ्रुक्टोज चीनी के मुकाबले ज्यादा तेजी से लिवर में अवशोषित होते हैं। साथ ही ड्रिंक्स में एक बार में ज्यादा शुगर लेने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि मीठी ड्रिंक्स के सेवन से तेजी से फैटी लिवर विकसित हो सकता है। साथ में ड्रिंक्स में मौजूद अन्य केमिकल, एडिक्टिव्स, आर्टिफिशियल कलर या सोडा लिवर को और ज्यादा हानि पहुंचाते हैं। फैटी लिवर से बचने के 3 तरीके MOHFW ने फैटी लिवर से बचाव के लिए संतुलित आहार, ताजे फल और भरपूर पानी को अपनाने की सलाह दी है।     संतुलित डाइट लेने से लिवर पर बोझ बढ़ाए बिना आवश्यक विटामिन व मिनरल मिलते हैं। यह पोषक तत्व लिवर के नेचुरल डिटॉक्सिफिकेशन को सुधारने में मदद करते हैं। इससे इंफ्लामेशन और फैट बिल्ड अप में कमी आती है।     ताजे फलों में एंटीऑक्सीडेंट्स, पोलीफेनोल्स और फाइबर होता है। ये सभी चीजें लिवर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करती हैं, जो कि लिवर डिजीज का बड़ा कारण है।     हाइड्रेशन सही रखने से लिवर की सेल्स व उनका फंक्शन सही रहता है। इसके कारण टॉक्सिन आसानी से बाहर निकलते रहते हैं, बाइल प्रोडक्शन बेहतर रहता है और मेटाबॉलिक स्ट्रेन नहीं होता। ध्यान रखें कि लिवर एक महत्वपूर्ण अंग है, जो खाना पचाने से लेकर हॉर्मोन बनाने, शरीर की सफाई और एनर्जी प्रोडक्शन में सपोर्ट करता है। आप छोटी-छोटी स्वस्थ आदतों से फैटी लिवर, लिवर कैंसर, सिरोसिस आदि का खतरा कम कर सकते हैं। इसके लिए आपको ऐल्कोहॉल से दूरी, पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि और स्ट्रेस मैनेजमेंट पर भी ध्यान देना होगा।

गर्मियों में ग्लोइंग स्किन के लिए खीरे का फेस मास्क, घर पर बनाएं नेचुरल उपाय

गर्मियों के मौसम में स्किन का खास ख्याल रखना जरूरी होता है. इस मौसम में तेज धूप, पसीना और धूल-मिट्टी के कारण स्किन डल और बेजान नजर आने लगती है. लेकिन अच्छी बात यह है कि किचन में मौजूद कुछ चीजों से आप अपनी स्किन की देखभाल आसानी से कर सकते हैं. खीरे से बना नेचुरल फेस मास्क ऐसा ही एक आसान और असरदार उपाय है जो स्किन से जुड़ी समस्याओं को दूर कर ग्लोइंग स्किन पाने में मदद करता है. यह फेस मास्क त्वचा को सॉफ्ट, फ्रेश और हाइड्रेटेड बनाता है. खास बात यह है कि इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें भी पूरी तरह नेचुरल होती हैं. आइए जानते हैं कि घर पर खीरे से फेस मास्क कैसे बनाया जा सकता है और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 खीरा 2 बड़े चम्मच एलोवेरा जेल 1 चम्मच शहद खीरे से फेस मास्क कैसे बनाएं?     खीरे से फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले ताजे खीरे को अच्छी तरह धो लें.     इसके बाद खीरे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें.     अब इन टुकड़ों को मिक्सी में डालकर स्मूद पेस्ट बना लें.     तैयार पेस्ट को एक साफ बाउल में निकाल लें.     इसमें एलोवेरा जेल और शहद डालें और सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर स्मूद पेस्ट बना लें.     इस तरह से आपका खीरे से बना होममेड फेस मास्क इस्तेमाल के लिए तैयार है. खीरे से बने फेस मास्क को लगाने का सही तरीका सबसे पहले चेहरे को फेस वॉश से अच्छे से धो लें. फिर चेहरा जब सूख जाएं तो हल्के हाथों या ब्रश से तैयार मास्क को पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं. मास्क को 15-20 मिनट तक चेहरे पर रहने दें फिर ठंडे पानी से धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में कम से कम 2 बार जरूर लगाएं. वैसे तो खीरे से बना यह फेस मास्क स्किन के लिए काफी हेल्दी होता है. लेकिन आपकी स्किन बहुत सेंसिटिव है तो पहली बार चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें.

गर्मी में एनर्जी और ठंडक देने वाला सत्तू शरबत, सोशल मीडिया पर बना ट्रेंड

भारत में पुराने जमाने से ही गर्मी में सत्तू का सेवन किया जाता रहा है. लेकिन जब से सोशल मीडिया पर इंफ्ल्यूएंसर्स और सेलिब्रिटीज ने इसके फायदे बताने शुरू किए हैं, तब से सत्तू इंटरनेट पर गर्मी से राहत दिलाने और एनर्जी देने के तौर पर खूब ट्रेंड कर रहा है. भुने हुए चने से तैयार होने वाले सत्तू की तासीर ठंडी होती है जो चिलचिलाती गर्मी में पेट की जलन और एसिडिटी को कम करने में मदद करता है. सत्तू के फायदे सत्तू में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता जिससे यह वजन घटाने में भी सहायक है. यह आयरन, मैग्नीशियम और प्रोटीन का एक प्राकृतिक स्रोत है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है. बिना चीनी और अधिक मसालों के बना यह शरबत डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी एक सुरक्षित और अच्छा विकल्प है. सत्तू का खट्टा-मीठा ठंडा शरबत सत्तू दही गुड़ नींबू का रस – 1 बड़ा चम्मच काला नमक और सफेद नमक चाट मसाला, काली मिर्च पाउडर भुना हुआ जीरा पाउडर लाल मिर्च पाउडर ठंडा पानी – 2 गिलास हरे धनिए की ताजी पत्तियां बर्फ के टुकड़े बनाने का तरीका एक बड़े बर्तन या जग में 4 चम्मच सत्तू डालें. इसमें थोड़ा सा ठंडा दही और फिर स्वादानुसार गुड़ डालें. अब पानी डालकर मिक्सर में ग्राइंड कर लें. अब इसमें काला नमक, सफेद नमक, चाट मसाला, काली मिर्च पाउडर, भुना हुआ जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नींबू का रस और नींबू का रस डालें. इसके बाद इसे अच्छी तरह मिक्स कर लें. अब गिलास में सत्तू का शरबत डालें, इसमें बर्फ के टुकड़े डालें और ऊपर से कटा हुआ ताजा हरा धनिया डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें.

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 40 लाख की ठगी

मुंबई से एक चौंकाने वाला साइबर क्राइम मामला सामने आया है. स्कैमर्स ने एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर को 54 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा. इस दौरान उनसे करीब 40 लाख रुपये ठग लिए गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला मुंबई के भांडुप इलाके का है, जहां एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया. स्कैमर्स ने खुद को एंटी टेरर एजेंसी और जांच एजेंसियों का अधिकारी बताया और पीड़ित को यह कहकर डराया कि उसका नाम एक बड़ा केस है. यहां तक कि विक्टिम को स्कैमर्स ने दिल्ली बम ब्लास्ट और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा बताया और खौफ में डाला. डिजिटल अरेस्ट और दबाव स्कैमर्स ने पीड़ित को लगातार वीडियो कॉल और फोन कॉल पर रखा. उसे कहा गया कि वह किसी को इस बारे में न बताए, वरना तुरंत गिरफ्तारी हो जाएगी. इस दौरान पीड़ित को मानसिक रूप से इतना दबाव में रखा गया कि उसने धीरे-धीरे अपनी जमा पूंजी अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी. करीब 54 दिनों तक यह सिलसिला चलता रहा और अंत में वह करीब 40 लाख रुपये गंवा बैठा. यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ हो. हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां बुजुर्ग या रिटायर्ड लोग इस तरह के साइबर जाल में फंस रहे हैं. कई मामलों में लोगों ने करोड़ों रुपये तक गंवा दिए हैं और कुछ मामलों में मानसिक दबाव इतना ज्यादा था कि लोगों की जान तक चली गई. एक कॉल से शुरू हुई पूरी कहानी पूरी कहानी एक फोन कॉल से शुरू होती है. पीड़ित को एक अनजान नंबर से कॉल आता है. कॉल करने वाला खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताता है. शुरुआत में वह सीधा आरोप नहीं लगाता, बल्कि कहता है कि आपके आधार कार्ड या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किसी बड़े अपराध में हुआ है. इसके बाद कॉल अचानक ट्रांसफर कर दिया जाता है, जैसे किसी बड़े अधिकारी से बात हो रही हो. यहां दूसरा व्यक्ति खुद को मुंबई ATS या NIA का अधिकारी बताता है. यहीं से असली डर शुरू होता है. पीड़ित को बताया गया कि उसका नाम एक गंभीर केस में जुड़ा है. उसे कहा गया कि उसके आधार कार्ड से बैंक खाते खोले गए हैं जो आतंकवादी फंडिंग और बम ब्लास्ट जैसे मामलों से जुड़े हैं. कई मामलों में ठग यह तक कहते हैं कि आपका लिंक दिल्ली बम धमाके या इंटरनेशनल टेरर नेटवर्क से जुड़ा मिला है. इसके बाद उन्हें फर्जी FIR नंबर, केस डिटेल और यहां तक कि नकली सरकारी लेटर दिखाए जाते हैं ताकि कहानी असली लगे. कई बार वीडियो कॉल पर नकली पुलिस स्टेशन या यूनिफॉर्म में लोग भी दिखाए जाते हैं. अब सवाल ये है कि आखिर डिजिटल अरेस्ट होता क्या है? असल में यह एक साइबर फ्रॉड तरीका है, जिसमें स्कैमर्स खुद को पुलिस, CBI, RBI या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं. वे कहते हैं कि आपके खिलाफ केस दर्ज है और आपको डिजिटल तरीके से गिरफ्तार किया गया है. इसके बाद वे नकली दस्तावेज, फर्जी FIR और कोर्ट के कागज दिखाकर भरोसा दिलाते हैं. इसके बाद पीड़ित को लगातार कॉल पर रखा जाता है, ताकि वह किसी से सलाह न ले सके. डर और दबाव में आकर लोग अपने पैसे जांच के लिए या क्लियरेंस के लिए ट्रांसफर कर देते हैं. यही वह ट्रैप है जिसमें लोग फंस जाते हैं. सबसे खतरनाक बात यह है कि इसमें ठग सिर्फ पैसे नहीं लेते, बल्कि इंसान के दिमाग पर कब्जा कर लेते हैं. वे डर, शर्म और कानून का डर दिखाकर शख्स को अकेला कर देते हैं. डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई चीज नहीं होती सरकार ने खुद कई बार ये कहा है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं होता. कोई भी एजेंसी किसी भी जांच के लिए किसी शख्स को इस तरह से अरेस्ट नहीं करती है. पुलिस और साइबर एक्सपर्ट बार-बार यह चेतावनी देते रहे हैं कि कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती और न ही पैसे मांगती है. अगर कोई ऐसा करता है, तो वह लगभग तय है कि यह धोखाधड़ी है. लेकिन इसके बावजूद लोग फंस रहे हैं, क्योंकि ठग अब पहले से ज्यादा स्मार्ट और टेक्निकल हो चुके हैं. वे असली जैसे आईडी कार्ड, वीडियो कॉल पर नकली ऑफिस और यूनिफॉर्म तक दिखा देते हैं. साइबर अपराध अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का नहीं, बल्कि दिमाग का खेल बन चुका है. अगर एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी भी इसमें फंस सकता है, तो कोई भी इसका शिकार हो सकता है. ज्यादातर लोग बूढ़े लोगों को टारगेट करते हैं. इसलिए सबसे जरूरी है अवेयर रहना. अगर कोई फोन पर आपको डराकर पैसे मांगता है या गिरफ्तारी की धमकी देता है, तो तुरंत कॉल काटें और पुलिस से संपर्क करें.

रोबोट बना बौद्ध भिक्षु, साउथ कोरिया में अनोखा प्रयोग

रोबोट्स इन दिनों दुनिया में टेक्नोलॉजी हर दिन नई सीमाएं तोड़ रहे हैं. लेकिन साउथ कोरिया में जो हुआ, उसने लोगों को हैरान भी किया और सोचने पर मजबूर भी. यहां पहली बार एक ह्यूमनॉयड रोबोट को बौद्ध भिक्षु (मोंक) बना दिया गया. सियोल के मशहूर जोग्ये मंदिर में एक खास समारोह के दौरान इस रोबोट को आधिकारिक रूप से बौद्ध दीक्षा दी गई. इस रोबोट का नाम गाबी रखा गया है और इसकी ऊंचाई करीब 130 सेंटीमीटर है. असली बौद्ध भिक्षु की तरह मिली ट्रेनिंग यह कोई टेक शो नहीं था, बल्कि बिल्कुल वैसा ही धार्मिक कार्यक्रम था जैसा इंसानों के लिए होता है. इस रोबोट ने पारंपरिक बौद्ध पोशाक पहनी, हाथ जोड़कर प्रार्थना की और बौद्ध धर्म के नियमों को स्वीकार किया. समारोह में मौजूद लोगों के सामने इसने वही सारे सवालों के जवाब दिए, जो एक नए भिक्षु से पूछे जाते हैं. दीक्षा से पहले इस रोबोट ने ट्रेनिंग भी ली. इंसानों की तरह इसे भी नवदीक्षित यानी शुरुआती साधु की तरह तैयार किया गया. इसके बाद इसे आधिकारिक रूप से बौद्ध समुदाय का हिस्सा बनाया गया. ऐसा करने की जरूरत क्यों पड़ी? दरअसल, एशिया के कई देशों में बौद्ध मठों में साधुओं की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है. ऐसे में रोबोट को एक असिस्टेंट के तौर पर देखा जा रहा है. यह रोबोट मंदिर में आने वाले लोगों को जानकारी दे सकता है. लोगों को तौर तरीके भी सिखा सकता है. नई पीढ़ी धार्मिक जीवन में कम दिलचस्पी ले रही है और बुजुर्ग भिक्षुओं की संख्या बढ़ रही है. ऐसे में मंदिरों को चलाना मुश्किल होता जा रहा है. इससे पहले भी जापान और दक्षिण कोरिया में ऐसे एक्सपेरिमेंट्स हो चुके हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड रोबोट बौद्ध ग्रंथों पर ट्रेन किए जाते हैं ताकि वे लोगों को आध्यात्मिक सलाह दे सकें. दक्षिण कोरिया में तैयार किए गए इस रोबोट में ऐसी तकनीक डाली गई है जो इंसानों की तरह बात कर सके, सवाल समझ सके और धार्मिक कॉन्टेक्स्ट में जवाब दे सके. बौद्ध ग्रंथों और उपदेशों पर किया गया ट्रेन यह रोबोट बौद्ध ग्रंथों और उपदेशों पर ट्रेन किया गया है. यानी अगर कोई शख्स इससे धर्म या जीवन से जुड़े सवाल पूछता है, तो यह जवाब दे सकता है. यह मंदिर में आने वाले लोगों को प्रार्थना के तरीके समझाता है, बौद्ध परंपराओं के बारे में जानकारी देता है और कुछ मामलों में लोगों को मानसिक शांति या सलाह भी दे सकता है. इतना ही नहीं, इसे सिर्फ बात करने वाला रोबोट नहीं रखा गया है. इसे मंदिर के कामों में मदद के लिए भी तैयार किया गया है. जैसे मंदिर में सफाई, बेसिक काम, सिक्योरिटी मॉनिटरिंग और विजिटर्स को गाइड करना. यानी यह एक तरह से डिजिटल सहायक है, जो असली भिक्षुओं का काम हल्का कर सकता है. गौरतलब है कि जापान में भी बुद्धारॉइड जैसे रोबोट बनाए गए हैं, जो धार्मिक सलाह देते हैं और लोगों से बातचीत करते हैं. वहां यह जरूरत इसलिए पैदा हुई क्योंकि कई मंदिर बंद होने की कगार पर हैं. हालांकि इस रोबोट के डेवलपर्स कहते हैं कि यह रोबोट इंसानों की जगह लेने के लिए नहीं बनाया गया. इसका मकसद सिर्फ मदद करना है, न कि असली भिक्षु बनना.

Vivo X300 Ultra और X300 FE लॉन्च कैमरा और प्रीमियम फीचर्स के साथ नई फ्लैगशिप सीरीज़

Vivo ने भारत में अपनी नई फ्लैगशिप सीरीज़ X300 को लॉन्च कर दिया है. इस सीरीज़ में दो फोन आए हैं, Vivo X300 Ultra और Vivo X300 FE. कंपनी इस बार कैमरा और प्रीमियम एक्सपीरियंस पर फोकस कर रही है. Vivo X300 Ultra को कंपनी ने अपने सबसे पावरफुल और कैमरा-फोकस्ड फोन के तौर पर पेश किया है. इस फोन में बड़ी 6.82 इंच की AMOLED डिस्प्ले दी गई है, जिसमें 2K रेजोल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है. स्क्रीन काफी ब्राइट है और HDR कंटेंट देखने का एक्सपीरियंस बेहतर बनाती है. परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर दिया गया है. इसे अभी के सबसे पावरफुल चिपसेट्स में से एक माना जाता है. इसके साथ 12GB और 16GB RAM के ऑप्शन मिलते हैं और स्टोरेज 256GB से लेकर 1TB तक जाती है. यानी यह फोन गेमिंग, वीडियो एडिटिंग और हैवी यूज के लिए तैयार है. Vivo का कैमरा पर बड़ा दांव Vivo X300 Ultra में क्वाड कैमरा सेटअप मिलता है, जिसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर, 200MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा, एक और टेलीफोटो लेंस और अल्ट्रा-वाइड कैमरा शामिल है. ZEISS के साथ मिलकर इसे ट्यून किया गया है, जिससे फोटो का कलर और डिटेल बेहतर मिलती है. इसमें 8K वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रो मोड जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं, जिससे यह फोन लगभग कैमरा जैसा एक्सपीरियंस देने की कोशिश करता है. बैटरी भी बड़ी दी गई है, करीब 6600mAh से ज्यादा की, और इसमें 100W फास्ट चार्जिंग और वायरलेस चार्जिंग दोनों का सपोर्ट मिलता है. फोन Android 15 पर बेस्ड Funtouch OS पर चलता है. 40W वायरलेस चार्जिंग का भी सपोर्ट दिया गया है. Vivo X300 FE स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स अब बात करें Vivo X300 FE की, तो यह फोन उन लोगों के लिए है जो फ्लैगशिप फीचर्स चाहते हैं लेकिन Ultra जितना भारी और महंगा फोन नहीं लेना चाहते. इसमें 6.3 इंच की AMOLED डिस्प्ले दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आती है. इसमें Snapdragon 8 Gen 3 प्रोसेसर दिया गया है, जो अभी भी काफी पावरफुल माना जाता है. इसके साथ 12GB RAM और 256GB तक स्टोरेज मिलता है. कैमरा सेटअप यहां भी अच्छा है. इसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा, टेलीफोटो लेंस और अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है. ZEISS की ब्रांडिंग यहां भी मिलती है, जिससे फोटो क्वालिटी बेहतर रहती है. बैटरी 5000mAh की है और इसमें फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है. डिजाइन के मामले में यह फोन Ultra के मुकाबले हल्का और कॉम्पैक्ट है, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल में ज्यादा आरामदायक लगता है. Vivo X300 Ultra और Vivo X300 FE की कीमत कीमत की बात करें तो Vivo X300 Ultra प्रीमियम सेगमेंट में आता है और इसकी कीमत करीब 1 लाख 60 हजार रुपये से शुरू होती है, जबकि टॉप वेरिएंट फोटॉग्रफी किट के साथ 2 लाख रुपये तक का मिलेगा. वहीं Vivo X300 FE की कीमत लगभग ₹70,000 से ₹90,000 के बीच रखी गई है. Vivo अब सीधे iPhone और Samsung के प्रीमियम फोन्स को टक्कर देना चाहता है. खासकर कैमरा के मामले में कंपनी ने इस बार बड़ा दांव खेला है. अब असली टेस्ट मार्केट में होगा. अगर कैमरा और परफॉर्मेंस लोगों को पसंद आती है, तो यह सीरीज़ प्रीमियम सेगमेंट में बड़ा गेम चेंजर बन सकती है.