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अब दूरी नहीं बनेगी बाधा: TeamViewer से रिमोट कंट्रोल करें PC और मोबाइल

दूरी को पाटने में ऐप बड़े मददगार हो रहे हैं। कहीं दूर बैठकर अगर आप किसी और के कंप्यूटर या स्मार्टफोन का ऐक्सेस चाहते हैं या किसी दूर बैठे शख्स को अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन का ऐक्सेस देना चाहते हैं, तो टीमव्यूअर ऐप आपकी मदद कर सकता है। हो सकता है, कभी आपके साथ भी ऐसा हुआ हो। आपके कंप्यूटर में कोई खास सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने या थोड़ी जटिल किस्म की सेटिंग्स करने आया कंप्यूटर इंजिनियर फोन पर अपने सीनियर से बात करता है और आप देखते हैं कि वह कंप्यूटर पर एक नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करता है, जिसके बाद आपके कंप्यूटर का कंट्रोल दूर से ही उसका सीनियर करने लगता है। थोड़ी देर में वह खुद जरूरी सेटिंग्स कर देता है और आपका काम हो गया। वास्तव में यह संभव होता है टीमव्यूअर सॉफ्टवेयर की मदद से। कंप्यूटर इंजिनियरों के बीच टीमव्यूअर रिमोट ऐक्सेस सॉफ्टवेयर बेहद लोकप्रिय है। यह फ्री और पेड, दोनों रूपों में मिलता है। हालांकि फ्री संस्करण में कनेक्शन सिर्फ पांच मिनट चलता है, लेकिन पांच-पांच मिनट के तीन-चार प्रयासों में अक्सर कंप्यूटर सपोर्ट टीम का काम हो जाता है। अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ विंडोज तक सीमित नहीं है, बल्कि मैक, लाइनक्स कंप्यूटरों और ऐंड्रॉयड (स्मार्टफोन) पर भी काम करता है। पहले करें डाउनलोड:- 1. अगर आप टीमव्यूअर को आजमाना चाहते हैं तो टीमव्यूअर डॉट कॉम से इसे डाउनलोड और इंस्टॉल कर लें। 2. पूछे जाने पर बेसिक इंस्टालेशन और पर्सनल/नॉन कर्मशियल यूज को चुनें। कुछ ही सेकंड में टीमव्यूअर इंस्टॉल हो जाएगा। 3. इसी तरह इस सॉफ्टवेयर को दूर मौजूद दूसरे कंप्यूटर पर भी इंस्टॉल करना होगा, जिससे आप अपने कंप्यूटर को जोड़ना चाहते हैं। 4. दोनों तरफ ऐसा हो जाने पर अपने कंप्यूटर में टीमव्यूअर को चलाएं। 5. यहां दो ऑप्शन दिखेंगे। पहला अलॉ रिमोट कंट्रोल, यानी आपका कंप्यूटर किसी और व्यक्ति द्वारा दूर से ऐक्सेस किया जाना है। दूसरा ऑप्शन है कंट्रोल रिमोट कंप्यूटर, यानी आप खुद किसी अन्य कंप्यूटर को रिमोट ऐक्सेस करेंगे। जब कंट्रोल किसी और को देना हो:- आप देखेंगे कि अलॉ रिमोट कंट्रोल कॉलम में यूर आईडी और पासवर्ड के सामने दो डिजिट वाला नंबर दिखाई देगा। इनका प्रयोग करके दूर मौजूद कंप्यूटर पर बैठा व्यक्ति आपके कंप्यूटर को ऐक्सेस कर सकता है। इन्हें फोन, एसएमएस या ईमेल आदि के जरिए उन्हें बता दें। आपको सिर्फ इतना ही करना है। जैसे ही वह व्यक्ति अपने कंप्यूटर में मौजूद टीमव्यूअर में आपकी आईडी और पासवर्ड डालेगा, टीमव्यूअर का काम शुरू हो जाएगा और आपके कंप्यूटर का नियंत्रण उनके पास चला जाएगा। जब दूसरे कंप्यूटर को कंट्रोल करना हो:- ऐसा करने के लिए कहीं दूर मौजूद कंप्यूटर पर दिखाई गई आईडी और पासवर्ड पूछ लें। अब अपने टीमव्यूअर पर कंट्रोल रिमोट कंप्यूटर खंड में जहां पार्टनर आईडी पूछा जा रहा है, वहां उनकी आईडी लिखें और नीचे रिमोट कंट्रोल रेडियो बटन पर क्लिक करें। अब कनैक्ट टू पार्टनर बटन दबाएं। आप देखेंगे कि आपके कंप्यूटर की स्क्रीन और उस पर दिखने वाली फाइलें बदल गई हैं। वास्तव में यह उस कंप्यूटर की स्क्रीन है, जिसे आप दूर से ऐक्सेस करना चाहते थे। अब आप जो कुछ भी कर रहे हैं (फाइल बनाना, कॉपी-पेस्ट, सॉफ्टवेयर चलाना, सेटिंग करना आदि) वह आपके कंप्यूटर पर नहीं, बल्कि उस दूर रखे कंप्यूटर पर घटित हो रहा है। याद रखेंः रिमोट ऐक्सेस में माध्यम के रूप में इंटरनेट का प्रयोग होता है। इसके लिए जरूरी है कि दोनों तरफ के कंप्यूटर चालू (ऑन) हों और दोनों पर इंटरनेट कनेक्शन ऑन हो। टीमव्यूअर के फ्री संस्करण को कंप्यूटर इंजिनियरों द्वारा रिपेयर और अन्य सपोर्ट के लिए इस्तेमाल करना उसकी शर्तों का उल्लंघन है। बहरहाल, आम लोगों द्वारा, गैर-व्यावसायिक कामों के लिए इसके इस्तेमाल में कोई रुकावट नहीं है। स्मार्टफोन के लिए:- अब स्मार्टफोन और टैबलट के रिमोट ऐक्सेस के लिए भी टीमव्यूअर ऐप्लिकेशन आ चुके हैं। न सिर्फ ऐंड्रॉयड, बल्कि आइओएस गैजट्स (आईपैड, आईफोन) को भी अपने कंप्यूटर से नियंत्रित करने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। तरीका लगभग वही कंप्यूटर जैसा है। उम्मीद है कि आपने ऊपर के स्टेप्स का इस्तेमाल करते हुए अपने कंप्यूटर में टीमव्यूअर को पहले ही इंस्टॉल कर लिया है। अब जरूरत है, अपने स्मार्टफोन/टैबलट में यही काम करने की। इसके लिए:- 1. अगर आप ऐंड्रॉयड गैजट इस्तेमाल करते हैं तो गूगल प्ले स्टोर पर और आईपैड/आईफोन का प्रयोग करते हैं तो एप्प स्टोर पर जाकर टीमव्यूअर क्वीक सपोर्ट ऐप को डाउनलोड और इंस्टॉल कर लें। 2. अब कंप्यूटर में टीमव्यूअर चलाएं और दूसरी तरफ अपने स्मार्टफोन/टैबलट में भी टीमव्यूअर क्विकसपोर्ट ऐप लॉन्च करें। 3. आपके मोबाइल गैजट में टीमव्यूअर लॉन्च होते ही एक आइडी (यूर आईडी) उपलब्ध कराई जाएगी। आप जितनी बार इस ऐप्लिकेशन को चलाते हैं, हर बार नई आइडी मुहैया कराई जाती है। 4. मोबाइल गैजट पर दिखने वाली आइडी को अपने कंप्यूटर में चल रहे टीमव्यूअर सॉफ्टवेयर में कंट्रोल रिमोट कंप्यूटर सेक्शन में जहां पार्टनर आईडी पूछा जा रहा है, वहां लिखें। अब नीचे रिमोट कंट्रोल रेडियो बटन पर क्लिक करें और कनैक्ट टू पार्टनर बटन दबाएं। 5. दूसरी तरफ आपके स्मार्टफोन/टैबलट पर मेसेज आएगा कि कोई कंप्यूटर उसे दूर से ऐक्सेस करना चाहता है। अलॉ रिमोट कंट्रोल? सवाल आने पर अलॉ ऑप्शन को चुनें। ऐसा करते ही दूर मौजूद कंप्यूटर पर आपके स्मार्टफोन का चित्र दिखाई देगा। माउस और कीबोर्ड का प्रयोग करते हुए आप उस पर मौजूद फाइलों, फोल्डरों, ऐप्स आदि को एक्सेस कर सकेंगे।  

प्याज के चमत्कारी फायदे: औषधीय गुणों का खजाना

प्याज का प्रयोग हर घर में होता है। प्याज का तड़का लगाने से खाना ओर भी अधिक स्वादिष्ट बन जाता है। प्याज सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं ब्लकि हमारे शरीर को भी कई रोगों से राहत दिलवाता है। प्याज में क्रोमियम पाया जाता है। ये हमारे शरीर को स्वास्थ्य रखने में मदद करता है। इसमें कई औषधीय गुण भी पाए जाते है। यें बालों की समस्या को दूर करने में, सेक्स क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है। प्याज चाहें हरा हो, लाल या सफेद तीनों ही कई गुणों से भरपूर है। प्याज खाने के फायदे। 1.प्याज का सेवन करने से बाल गिरने की समस्या से राहत मिलती है। 2.हरे प्याज का सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो जाती है। 3.प्याज सेक्स क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है। 4.प्याज का सेवन करने से चेहरे की झुर्रियों दूर हो जाती है। 5.प्याज गठिया और अस्थमा के रोगियों के लिए भी लाभदायक है। 6.हरा प्याज के सेवन से हमारी पाचन क्रिया भी ठीक रहती है। कब्ज से छुटकारा मिलता है। 7.प्याज का रस और शहद मिलाकर लेने से मासिक धर्म में होने वाली दर्द से राहत मिलती है। 8.प्याज रोज खाने से गर्मियों में लू लगने से बचा जा सकता है। 9.भोजन के साथ प्याज को सलाद के रूप में खाने से हमारा स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। 10.प्याज आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मदद करता है।  

iPhone में नेटवर्क की जरूरत नहीं, Starlink से डायरेक्ट सैटेलाइट इंटरनेट संभव

 नई दिल्ली Apple के लेटेस्ट iPhones में सैटेलाइट कनेक्टिविटी दी जाती है. इमरजेंसी में जहां नेटवर्क ना हो वहां इसे यूज किया जाता है. लेकिन अभी भी ये हर देश के लिए एवेलेबल नहीं है.  रिपोर्ट्स के मुताबिक Apple आने वाले iPhone 18 Pro सीरीज़ में एक नया सैटेलाइट-कनेक्टिविटी फीचर जोड़ने पर काम कर रहा है. दावा है कि फ्यूचर के iPhone सीधे Starlink सैटेलाइट नेटवर्क से जुड़कर डेटा कनेक्शन बना पाएंगे. गौरतलब है कि Starlink सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस है. ये कंपनी अरबति एलॉन मस्क की है और भारत में इसकी पहले से ही टेस्टिंग हो रही है. हाल ही मेंं वेबसाइट्स पर प्लान भी देखे गए थे, लेकिन बाद में बताया गया कि इसके प्लान बाद में आएंगे. भारत में लोग इसे यूज कब से कर पाएंगे फिलहाल साफ नहीं है.  IPhone 18 Pro में मिलेगा Starlink सपोर्ट?  अभी तक यह सिर्फ रिपोर्ट और इंडस्ट्री सूत्रों पर आधारित जानकारी है. Apple ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. आम तौर पर ऐसे रिपोर्ट्स को कभी ऐपल वेरिफाई नहीं करता है. लेकिन लॉन्च से पहले तक के ज्यादातर लीक्स और रूमर्स सही ही हो जाते हैं.   इस खबर ने इसलिए ध्यान खींचा है क्योंकि Apple पहले से ही iPhone में सैटेलाइट फीचर दे चुका है, लेकिन लिमिटेशन के साथ.  अभी iPhone में सैटेलाइट फीचर कैसे काम करता है? मौजूदा iPhone मॉडल्स में सैटेलाइट कनेक्शन सिर्फ Emergency SOS और सीमित टेक्स्ट मैसेजिंग के लिए इस्तेमाल होता है. यानी अगर मोबाइल नेटवर्क नहीं है, तब भी आप इमरजेंसी मैसेज भेज सकते हैं. लेकिन इससे इंटरनेट ब्राउज़िंग, वीडियो कॉल या ऐप्स चलाना संभव नहीं होता. नई रिपोर्ट्स का कहना है कि Apple अब डेटा-लेवल सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर रिसर्च कर रहा है, जहां फोन सिर्फ SOS नहीं, बल्कि लिमिटेड इंटरनेट डेटा भी सैटेलाइट से भेज-रिसीव कर सके. Starlink से जुड़ने की चर्चा क्यों हो रही है Starlink, SpaceX का सैटेलाइट नेटवर्क है जो Low-Earth Orbit सैटेलाइट्स के ज़रिये इंटरनेट कवरेज देता है. अभी यह सर्विस डिश-बेस्ड टर्मिनल से चलती है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Apple ऐसे हार्डवेयर और मॉडेम डिजाइन पर काम कर रहा है जो भविष्य में डायरेक्ट-टू-सैटेलाइट कनेक्शन को सपोर्ट कर सके. इसी वजह से Starlink का नाम चर्चाओं में है. हालांकि अभी तक Apple और SpaceX के बीच किसी पक्के कमर्शियल डील की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए फिलहाल इसे टेक-इंडस्ट्री प्लानिंग और ट्रायल स्टेज की खबर माना जा रहा है. अगर ऐसा होता है तो फायदा क्या होगा? अगर फ्यूचर में iPhone में लिमिटेड सैटेलाइट डेटा सपोर्ट आता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा उन इलाकों में होगा जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर है,  जैसे पहाड़ी क्षेत्र, समुद्र में सफर या रिमोट एरिया. लेकिन एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि सैटेलाइट डेटा स्पीड और लागत अभी मोबाइल नेटवर्क जैसी नहीं है. इसलिए शुरुआती दौर में यह फीचर बैकअप कनेक्टिविटी की तरह इस्तेमाल हो सकता है, न कि रेगुलर 5G रिप्लेसमेंट के तौर पर.

AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou का Kling प्लेटफॉर्म भी Google के Veo और OpenAI के Sora जैसे बड़े एआई वीडियो एडिटिंग टूल को कड़ी टक्कर दे रहा है। अब इसका नाम भी टॉप एआई एडिटिंग टूल की लिस्ट में शामिल हो गया है। बता दें कि Kling को जून, 2024 में लॉन्च किया गया था। इसके बाद इसने लगभग 1.2 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स का बेस बना लिया है। इसकी सालाना आय लगभग 24 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। इसके बारे में डिटेल में जानते हैं। वीडियो जनरेशन बेंचमार्क में बदली रैंकिंग आजकल एलियन का हमला और डिजिटल इंसानों द्वारा लाइव स्ट्रीमिंग होस्ट करना आम बात हो गई है। वीडियो जनरेशन बेंचमार्क में रैंकिंग बदल रही है। Kling, Google के Veo और OpenAI के Sora के साथ टॉप टियर में अपनी जगह बना चुका है। Kuaishou का Kling समय के साथ-साथ हिट होता जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि इसकी लोकप्रियता इतनी क्यों बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 में ही इसने 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की कमाई की थी। इससे इसकी साल भर की कमाई 14 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गई थी। जनवरी 2025 में, रोजाना की औसत कमाई पिछले महीने की तुलना में लगभग 30% बढ़ गई। तीन कारण से सफल हुआ टूल Kuaishou के अनुसार, Kling जनरेटिव-एआई युग का नया मॉडर्न अवतार बता रहा है। कंपनी ने अप्रैल 2025 में इस टूल के लिए एक अलग बिजनेस यूनिट बनाई। पिछले साल की अर्निंग कॉल्स में कंपनी के अधिकारी बार-बार इसके बढ़ते यूजर बेस और कमाई का जिक्र करते रहे। Kling के ऑपरेशन हेड Zeng Yushen के अनुसार, इस वीडियो जनरेटर की सफलता के पीछे तीन मेन कारण हैं। इसमें बेहतरीन एआई मॉडल, मजबूत इंटरैक्टिव डिजाइन और क्रिएटर्स के इकोसिस्टम के साथ जुड़ाव शामिल है।

फोन से आधार वेरिफिकेशन हुआ आसान: फुल वर्जन ऐप लॉन्च, क्या-क्या बदला और कैसे करें इस्तेमाल

 नई दिल्ली UIDAI ने आखिरकार आधार ऐप का फुल वर्जन लॉन्च कर दिया है। इस फुल वर्जन में ऐप में कुछ नए फीचर्स को जोड़ा गया है। बता दें कि अपडेट के बाद ऐप का लुक भी काफी बदल गया है और ऑप्शंस की जगह में भी बदलाव हुआ है। बता दें कि कुछ दिन पहले X पर UIDAI की ओर से पोस्ट कर जानकारी दी गई थी कि 28 जनवरी को आधार ऐप का फुल वर्जन लॉन्च किया जाएगा। बता दें कि अभी तक आधार ऐप में यूजर के पास अपना आधार डिजिटली शेयर करने का ऑप्शन तो था लेकिन किसी और का आधार वेरिफाई नहीं किया जा सकता था। चलिए आधार के फुल वर्जन ऐप के बारे में डिटेल में जानते हैं। करें 28 जनवरी तक का इंतजार UIDAI की ओर से आधार ऐप के फुल वर्जन के आने की जानकारी 28 जनवरी के लिए दी गई थी। ऐसे में यह अपडेट एक दिन पहले आया है। संभव है कि 28 जनवरी को भी UIDAI की ओर से अपडेट पुश किया जाए और जिन कुछ फीचर्स के ऑप्शन ऐप से हटाए गए हैं, उन्हें एक्टिवेट करके फिर से पेश किया जाए। ऐसे में आधार ऐप के लिए अपडेट को चेक करते रहें। क्या कुछ बदल गया नए आधार ऐप में? आधार ऐप के फुल वर्जन में काफी नए बदलाव देखने को मिले हैं। सबसे पहले तो इस ऐप के लुक्स और फीचर्स में बदलाव देखने को मिले हैं। इसके अलावा सबसे बड़ा अपडेट ऐप में QR कोड स्कैनर का मिलना है। इसकी मदद से आप किसी के भी डिजिटल आधार को स्कैन कर वेरिफाई कर पाएंगे कि आधार असली है या नकली। इसके बाद आप चाहें, तो सामने वाले की आधार से जुड़ी डिटेल्स को भी चेक कर पाएंगे। इस फीचर का इस्तेमाल उन जगहों पर होगा, जहां लोगों की पहचान वेरिफाई करने की जरूरत पड़ती है जैसे कि होटल। इसके बाद अब लोगों को आधार की फिजिकल कॉपी कहीं भी सबमिट नहीं करनी पड़ेगी। घट गए कुछ ऑप्शन आधार ऐप में नए अपडेट के बाद सिर्फ फीचर शामिल ही नहीं हुए हैं बल्कि कुछ फीचर्स को हटा भी लिया गया है। इसमें नाम और ईमेल आईडी को अपडेट करने के ऑप्शन शामिल हैं, जो कि नए ऐप पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। बता दें कि पुराने ऐप में सर्विसेज सेक्शन में ये दोनों फीचर दिखाई देते थे लेकिन अपडेट के बाद से सर्विसेज सेक्शन में सिर्फ मोबाइल नंबर अपडेट, पता अपडेट करने का ऑप्शन दिख रहा है। UIDAI ने आधार की फुल वर्जन ऐप के लिए 28 जनवरी का समय दिया था। ऐसे में हो सकता है कि ये ऑप्शन 28 जनवरी को एक्टिवेट करके ऐप में शामिल किए जाएं। बता दें कि पुराने आधार ऐप में ये दो ऑप्शन सिर्फ दिखाई देते थे। इन पर टैप करके लिखा आता था कि फीचर जल्द ऐप में शामिल किए जाएंगे। कैसे पाएं नया आधार ऐप? नया आधार ऐप इस्तेमाल करने के लिए मौजूदा आधार ऐप यूजर्स को अपने फोन में इस ऐप को अपडेट करना होगा। इसके लिए एंड्रॉयड यूजर्स प्ले स्टोर और आईफोन यूजर्स ऐप स्टोर पर जाकर Aadhaar सर्च कर सकते हैं और उसके सामने मौजूद अपडेट के ऑप्शन पर टैप कर सकते हैं। इसके बाद आधार ऐप को खोल कर आप उसके नए लुक्स और ऑप्शंस का अनुभव ले सकेंगे। बता दें कि अगर आप अभी तक आधार ऐप इस्तेमाल नहीं कर रहे थे, तो ऐप स्टोर या प्ले स्टोर से ऐप इंस्टॉल करने पर आपके फोन में उसका अपडेटेड वर्जन ही इंस्टॉल होगा। कैसे वेरिफाई करें दूसरों की पहचान या आधार? जैसा कि हमने बताया आधार ऐप के फुल वर्जन में सबसे बड़ा बदलाव दूसरों के आधार को वेरिफाई करने के ऑप्शन का शामिल होना था। इसे इस्तेमाल करने के लिए अपने फोन पर आधार ऐप को खोल लें। इसके बाद:     होम पेज पर दिखाई दे रहे QR कोड स्कैन करने के ऑप्शन पर क्लिक करें।     इसके बाद किसी के आधार QR कोड को अपने फोन से स्कैन करें।     किसी के आधार को स्कैन करते ही आपको दिखाई देगा कि सामने वाले का आधार वैलिड है या नहीं?     इसके बाद अगर आप चाहें तो View Details बटन पर क्लिक करके सामने वाले की डीटेल्स चेक कर सकते हैं।

Windows 11 यूज़र्स के लिए Microsoft Paint और Notepad में AI फीचर्स का आगाज

मुंबई   Microsoft ने Windows 11 इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए Paint और Notepad में कई नए और दिलचस्प फीचर्स जोड़ने शुरू कर दिए हैं. ये अपडेट फिलहाल Windows Insider प्रोगाम Canary और Dev चैनल में शामिल टेस्टर्स को मिल रहे हैं, लेकिन आने वाले महीनों में इन्हें सभी यूज़र्स के लिए रोलआउट किया जाएगा. इसकी खास बात यह है कि इन नए फीचर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया है. सबसे ज्यादा चर्चा Microsoft Paint में आए नए AI Colouring Book फीचर को लेकर हो रही है. इस फीचर की मदद से यूज़र सिर्फ टेक्स्ट लिखकर अपनी पसंद का कलरिंग पेज बना सकते हैं. जैसे ही यूज़र पेंट खोलकर Colouring Book ऑप्शन चुनते हैं, वहां एक टेक्स्ट बॉक्स दिखाई देता है. इसमें मनचाहा प्रॉम्प्ट टाइप करते ही AI अपने आप बच्चों की कलरिंग बुक जैसा सिंपल लाइन आर्ट तैयार कर देता है. इस आर्ट को यूज़र डिजिटल तरीके से कलर कर सकते हैं या फिर प्रिंट निकालकर हाथ से रंग भर सकते हैं. हालांकि, यह फीचर सिर्फ Copilot+ PCs पर ही उपलब्ध होगा और इसे इस्तेमाल करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट से साइन-इन करना जरूरी है. माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा जारी किए गए आधिकारिक ब्लॉग के मुताबिक, Paint में एक और छोटा लेकिन काम का अपडेट Fill Tolerance Slider के रूप में आया है. इसकी मदद से यूज़र यह कंट्रोल कर सकते हैं कि Fill Tool रंग को कितनी सटीकता से भरे. स्लाइडर को एडजस्ट करके यूज़र चाहें तो छोटे हिस्से में रंग भर सकते हैं या बड़े एरिया में, जिससे डिटेल्ड आर्टवर्क बनाना आसान हो जाता है. Notebook में भी आए नए एआई फीचर्स वहीं Notepad को भी इस अपडेट में काफी स्मार्ट बनाया गया है. माइक्रोसॉफ्ट ने इसमें Markdown सपोर्ट को और बेहतर किया है. अब नोटबुक में स्ट्राइकथ्रू, नेस्टेड लिस्ट जैसे फीचर्स भी मिलेंगे, जिन्हें कीबोर्ड शॉर्टकट, टूलबार या सीधे मार्कडाउन सिंटैक्स से इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा नोटबुक में एक नया Welcome Experience भी जोड़ा गया है, जो ऐप खोलते ही नए फीचर्स की जानकारी देता है. Notepad के AI फीचर्स जैसे Write, Rewrite और Summarise को भी पहले से तेज बनाया गया है. अब इनका रिज़ल्ट स्ट्रीमिंग प्रीव्यू के रूप में दिखता है, यानी पूरा टेक्स्ट बनने का इंतजार नहीं करना पड़ता. ये एआई फीचर्स लोकल डिवाइस या क्लाउड दोनों पर काम करते हैं, लेकिन इनके लिए भी माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट से लॉग-इन जरूरी होगा.

आपका लिवर हेल्दी है या खराब, 20 सेकेंड में टेस्ट करें!

लिवर से जुड़ी समस्याएं आजकल काफी कॉमन होती जा रही हैं। खराब खानपान और लाइफस्टाइल का असर साफ-सीधा लिवर पर पड़ रहा है। फैटी लिवर तो आजकल बच्चों में भी आम होता जा रहा है। क्या आपने कभी अपने लिवर का टेस्ट किया है कि वो कितना हेल्दी है? इसके लिए आप घर पर ही 20 सेकेंड का एक छोटा सा टेस्ट कर सकते हैं। फैमिली फिजिशियन डॉ अमनदीप अग्रवाल ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ये सिंपल सा लिवर टेस्ट शेयर किया है। ये मेडिकल जांच का विकल्प तो नहीं है लेकिन ये टेस्ट आपको एक जनरल संकेत दे सकता है, जिससे लिवर हेल्थ का मोटा-मोटा अंदाजा लगाया जा सकता है। आइए विस्तार में जानते हैं। 20 सेकेंड में अपनी लिवर हेल्थ टेस्ट करें डॉ अमनदीप अग्रवाल बताते हैं कि आपके हाथ आपकी लिवर हेल्थ के बारे में काफी कुछ बताते हैं। इसके लिए आप 20 सेकेंड का एक छोटा सा टेस्ट कर सकते हैं। बस अपनी उंगलियों से एक हाथ के अंगूठे को कुछ देर के लिए दबाकर रखें। अब आपको ये नोटिस करना है कि आपके नाखून का लाल रंग कितनी देर में वापस आता है। अगर वो जल्दी लाल हो जाता है, मतलब आपका लिवर हेल्दी है। वहीं अगर इसे लाल होने में काफी समय लग रहा है, तो इसका मतलब है कि आपके लिवर की सर्कुलेशन वीक है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का इसपर क्या कहना है? डॉक्टर्स की मानें तो ये 20 सेकेंड थंब प्रेस टेस्ट लिवर की बीमारी की पक्की जांच नहीं है। ये सिर्फ एक शुरुआती संकेत दे सकता है। ऐसे में खुद किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। लिवर की पक्की जांच के लिए डॉक्टर के बताए टेस्ट जैसे ब्लड टेस्ट, लिवर फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड आदि का सहारा लिया जाता है। किन लक्षणों के दिखने पर लिवर को ले कर सतर्क हो जाना चाहिए? लिवर में कोई भी समस्या होने पर कुछ संकेत दिखना काफी आम है। इनकी तुरंत पहचान कर के आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। उदाहरण के लिए लगातार थकान बने रहना, भूख ना लगना, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द रहना, स्किन या आंखों का पीला पड़ना, जैसे कोई भी लक्षण दिख रहे हैं, तो इन्हें नजरंदाज ना करें। ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेने और मेडिकल चेकअप की जरूरत होती है। लिवर को हेल्दी रखने के लिए क्या जरूरी है? लिवर को हेल्दी रखना है तो अपने खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव करना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए घर का बना संतुलित भोजन करें, बाहर की तली भुनी चीजें, जंक फूड, ऑयली खाना, शराब, रिफाइंड शुगर आदि से जितना हो सके परहेज करें। इसके अलावा अपने रूटीन में फिजिकल एक्टिविटीज शामिल करें। कोई भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नई स्टडी ने बदली धारणा: पुरुषों की यौनेच्छा 20 के दशक में नहीं, इस उम्र में होती है चरम पर

 नई दिल्ली माना जाता है कि पुरुषों में यौनेच्छा यानी सेक्सुअल डिजायर उनके 20's के दौर में सबसे ज्यादा होती है लेकिन नई स्टडी में सामने आया है कि पुरुषों की पीक सेक्स ड्राइव का दौर उनकी उम्र से ज्यादा उनकी शारीरिक और मानसिक परिपक्वता से जुड़ा है. स्टडी दावा करती है कि पुरुषों में 40's में सेक्सुअल डिजायर पीक पर होती है. एस्टोनिया की टार्टू यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने 20 से 84 साल की उम्र के 67,000 से ज्यादा वयस्कों के डेटा का एनालिसिस कर ये दावा किया है. स्टडी में पाया गया कि पुरुषों की सेक्स की इच्छा 20's में बढ़ी, 40's की शुरुआत में चरम पर पहुंची और फिर धीरे-धीरे कम होने लगी. खास बात यह है कि 60's की उम्र के पुरुष भी उतने ही कामुक होते हैं जितने कि 20's के युवा. महिलाओं में मिले उलट नतीजे दूसरी ओर महिलाओं में एक अलग ट्रेंड देखा गया. उनकी सेक्स की इच्छा 20's से 30's साल की उम्र में सबसे ज्यादा थी लेकिन फिर उम्र के साथ ये कम होती गई और 50's के बाद इसमें तेजी से गिरावट आई. इस स्टडी से जुड़े रिसर्चर्स ने 'साइंटिफिक रिपोर्ट्स' जर्नल में लिखा, 'एक खास बात यह है कि पुरुषों की सेक्स की इच्छा, महिलाओं की तुलना में वयस्क जीवन के ज्यादातर समय में काफी ज्यादा थी.' 'जबकि पिछली रिसर्च में लगातार यह दिखाया गया है कि पुरुष महिलाओं की तुलना में ज्यादा सेक्स की इच्छा महसूस करते हैं. हमारे निष्कर्ष अलग-अलग उम्र में इस अंतर की गंभीरता को भी बताते हैं.' रिसर्चर्स ने कहा कि पुरुषों के बारे में उनकी खोज अप्रत्याशित है क्योंकि यह इस सोच के उलट है कि सेक्स की इच्छा बायोलॉजी (फिजिकल हेल्थ) और फर्टिलिटी से प्रभावित होती है.  यह अच्छी तरह से डॉक्यूमेंटेड है कि पुरुष सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का लेवल 30 की शुरुआत से ही गिरने लगता है. इसके बावजूद स्टडी से पता चलता है कि पुरुषों की सेक्स ड्राइव अगले 10 साल या उससे ज्यादा समय तक बढ़ती रहती है. रिसर्चर्स ने लिखा, 'पुरुषों में मिड-लाइफ में पीक से पता चलता है कि बायोलॉजिकल एजिंग से परे फैक्टर्स जैसे कि रिश्तों की अंतरंगता भी अहम भूमिका निभा सकते हैं.' 'उदाहरण के लिए चालीस की उम्र के पुरुषों के स्टेबल और लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों में होने की ज्यादा संभावना होती है जो बढ़ी हुई सेक्सुअल एक्टिविटी और इमोशनल नजदीकी से जुड़ा है.' एनालिसिस से यह भी पता चला कि 20 से 30 साल की उम्र में महिलाओं की सेक्स की इच्छा का चरम भी पुरुषों के वयस्कता के समय वाले औसत लेवल से कम था. प्रोफेशन का भी पड़ता है असर कुल मिलाकर जो लोग ऑफिस या सेल्स जॉब में काम करते थे, वे सबसे ज्यादा कामुक थे जबकि मशीन चलाने वाले और मिलिट्री में काम करने वाले सबसे कम. रिलेशनशिप संतुष्टि का इसमें थोड़ा रोल था क्योंकि ज्यादा खुश कपल्स थोड़ा ज्यादा कामुक होने की बात स्वीकार करते नजर आए. महिलाओं के लिए ज्यादा बच्चे होने का कनेक्शन लो सेक्सुअल डिजायर से जुड़ा था लेकिन पुरुषों में यह उल्टा था. रिसर्च टीम ने आगे लिखा, 'सेक्सुअल डिजायर इंसानी रिश्तों और वेलबीइंग का एक जरूरी हिस्सा है जो डेमोग्राफिक, रिश्ते, मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक कारकों से मिलकर बनती है.'

भारत में फेमस हैं HPV वैक्सीन से जुड़े 3 मिथक

हर साल जनवरी का महीना 'गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जागरूकता माह'2026 (Cervical Cancer Awareness Month 2026) के रूप में मनाया जाता है। भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर से जुड़ी मौतों में सबसे आगे है। यह कैंसर महिलाओं में होने वाले दूसरे सबसे आम कैंसर में से एक है, हालांकि राहत की बात यह है कि सही समय पर टीकाकरण और जांच के जरिए इस कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है। इस कैंसर का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। चिंता की बात यह है कि इस कैंसर की HPV वैक्सीन को लेकर लोगों में कई गलतफहमियां और मिथक फैले हुए हैं। जो इसके उपचार में कई बार देरी का कारण भी बनते हैं। ऐसे में सर्वाइकल कैंसर और इसकी HPV वैक्सीन से जुड़े 3 बड़े मिथकों की सच्चाई जानने के लिए हमने सीके बिरला अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. तृप्ति रहेजा के साथ बातचीत की। मिथक 1: वैक्सीन सिर्फ सेक्सुअली एक्टिव महिलाओं के लिए है सच्चाई- इस मिथक में सच्चाई बिल्कुल नहीं है। दरअसल, HPV वैक्सीन हर उस महिला पर अच्छे से काम करती हैं, जिसे वायरस से पहले लगाया गया हो। इस वैक्सीन को लगाने की सही उम्र 9 से 14 साल है। इस उम्र में इम्यून रिस्पॉन्स सबसे मजबूत होता है और वैक्सीन की भी सिर्फ 2 ही डोज लगती हैं। लेकिन यह वैक्सीन 26 साल तक और कुछ केस में उससे भी अधिक उम्र की महिलाओं को लाभ दे सकती है, यह उनकी व्यक्तिगत रिस्क फैक्टर्स पर निर्भर करता है। मिथक 2: वैक्सीन लेने से बच्चे जल्दी सेक्स करने लगेंगे सच्चाई- इस मिथक का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह वैक्सीन प्रिवेंटिव हेल्थ माप है, जैसे बचपन या किशोरावस्था में करवाए गए अन्य टीकाकरण। जिसका मकसद बीमारी को होने से पहले रोकना है, न कि किसी व्यवहार को प्रभावित करना। मिथक 3: शादी या बच्चे होने के बाद वैक्सीन लेने का कोई फायदा नहीं सच्चाई- वैक्सीन मौजूदा HPV इंफेक्शन को ठीक नहीं करती, लेकिन यह उन स्ट्रेस से अभी भी सुरक्षा देती है जिनसे महिला अभी तक संक्रमित नहीं हुई है। सुरक्षा को लेकर चिंता डॉ. तृप्ति कहती हैं कि अक्सर पैरेंट्स वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। दुनिया भर में लाखों डोज लगाए जा चुके हैं, और HPV वैक्सीन को सुरक्षित, प्रभावी और अच्छे से सहन करने योग्य माना गया है। भारत में जहां सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग दर अभी भी कम है, वहां HPV वैक्सीन भविष्य में कैंसर के बोझ को कम करने का सबसे बड़ा मौका देती है। यह वैक्सीन स्क्रीनिंग का विकल्प नहीं है, बल्कि इसे पूरक उपाय के रूप में देखा जाना चाहिए। आखिर में, HPV वैक्सीन डर से नहीं, दूरदर्शिता से जुड़ा कदम है। यह एक लंबे समय में स्वास्थ्य में निवेश है, जो कैंसर को शुरू होने से पहले रोक सकता है। कौन ले सकता है HPV वैक्सीन? -9–14 साल की उम्र के बच्चे -15–26 साल की किशोर और युवा महिलाएं -जिन महिलाओं में पहले HPV संक्रमण नहीं हुआ सही जानकारी और समय पर वैक्सीनेशन से हम सर्वाइकल कैंसर के खतरे को भारत में कम करके महिलाओं को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में बड़ा कदम उठाने के लिए जागरूक कर सकते हैं।

बार-बार होने वाले मुंह के छाले? अपनाएं ये सरल इलाज

मुंह में छाले होना, कहने को तो बहुत छोटा-सा रोग है, मगर इसके कारण खाना-पीना बन्द हो जाता है। यदि कुछ खाना भी चाहें तो इसे ठीक से चबाना, इसका स्वाद लेना तथा निगल जाना कठिन हो जाता है और न ही पाचन क्रिया सक्रिय रह पाती है। यहां हम इसी के लिए कुछ घरेलू उपचारों को बता रहे हैं जो ठीक लगें, सम्भव हों, उन्हें जरूर अपनाएं… -मुंह के छाले खत्म करने के लिए जामुन के पत्ते लें। इन्हें धोकर पीसें। छानें। इस पानी (रस) से कुल्ले करें। -इस रोग से छुटकारा पाने के लिए टमाटर का रस निकालें। इस रस में इतनी ही मात्रा में पानी मिलाएं। इस पानी से कुल्ला करें। आराम होगा। -और भी सरल उपाय। तुलसी की ताजा पांच पत्तियां लें। इन्हें धोएं। चबाएं। खूब बारीक चबाकर निगलें। इसपर पानी तीन-चार घूंट धीरे-धीरे पी लें। आराम आयेगा। -मुंह के छालों को हटाने के लिए बंसलोचन पीसें। छानें। इसे शहद में मिलाएं। मुंह के अंदर अंगुली से लगाएं। -इस रोग के लिए आक के दूध की कुछ बूंदें निकालें। इसे एक चम्मच शहद में मिलाएं। मुंह में लगाने से जरूर लाभ होगा। -मामूली मात्रा में पिसा कपूर तथा एक छोटा चम्मच पिसी मिश्री लें। दोनों को मिलाएं। मुंह में लगाने से फायदा होगा। -एक और उपाय। थोड़ा-सा हरा पुदीना, इतना ही सूखा धनिया तथा समभाग मिश्री। तीनों को एक साथ मुंह में डालकर चबाएं। पूरा लाभ मिलेगा। -मुंह के छालों से छुटकारा पाने के लिए डिनर करने के बाद छोटी हरड़ चूसें। छालें गायब होने लगेंगे। -शहतूत का रस भी छाले दूर करता है। एक-एक घूंट करके आधा गिलास एक समय लें। ऐसी दो खुराक रोज लेवें। आराम मिलेगा। -यदि तरबूज का मौसम हो तो इसके छिलके जलाएं। राख तैयार करें। इस राख को लगाने से छालें नहीं रहेंगे। -थोड़ा-सा सुहागा फुला लेंबारीक पीसें। इसे दो चम्मच ग्लिसरीन में मिलाएं। इसको लगाने से छाले दूर हो जायेंगे। -मुंह के छाले नष्ट करने के लिए सत्यानाशी की टहनी लें। इसे दातुन की तरह थोड़ा चबाएं। अवश्य आराम आयेगा। आप जिस वातावरण में रहते हैं, वहां जो भी उपचार सम्भव हो पाए, उसे ही अपनाएं। ये सरल है, सस्ते हैं। लाभकर हैं, इसमें संदेह न करें।