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ऐप स्टोर में ChatGPT: जानें कैसे बुक करें घर और ऑर्डर करें राशन

नई दिल्ली सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI ने ChatGPT के लिए अपना नया ऐप स्टोर लॉन्च किया है। अब यूजर्स चैट के दौरान ही Adobe, Canva और गूगल ड्राइव जैसे ऐप का सीधे इस्तेमाल कर सकेंगे। हाल ही में Adobe के फोटोशॉप और एक्रोबेट जैसे फीचर्स जोड़े थे, जिसके बाद ऐप डायरेक्टरी के लाइव होने की चर्चा शुरू हो गई थी। ऐप स्टोर का फायदा होगा कि आप चैट करते-करते सिर्फ जानकारी ही नहीं लेंगे, बल्कि ऐप के फंक्शन के साथ अपनी प्रोडक्टिविटी को और बढ़ा सकेंगे। कंपनी का कहना है कि अगर आपको घर की तलाश है तो अब आप चैट के दौरान ही अपार्टमेंट सर्च कर सकते हैं। अगर किराने का सामान ऑर्डर करना है तो बातचीत करते हुए सीधे ग्रॉसरी ऑर्डर की जा सकती है। वहीं, ऑफिस के काम के लिए किसी रफ आउटलाइन को सीधे स्लाइड डेक या प्रेजेंटेशन में बदला जा सकता है। इस ऐप स्टोर पर जो ऐप हैं, वह आपके मोबाइल या कंप्यूटर पर इंस्टॉल नहीं होंगे, बल्कि Connect बटन पर क्लिक करके उन्हें सिर्फ ऑथराइजेशन (अनुमति) देनी होगी। फिलहाल ऐप को फीचर्ड, लाइफस्टाइल और प्रोडक्टिविटी जैसे 3 हिस्सों में बांटा गया है। कैसे कर सकते हैं इस्तेमाल     वेब पर ChatGPT यूज करते हैं तो chatgpt.com/apps पर जाएं।     जिस ऐप को यूज करना चाहते हैं उससे Connect बटन दबाकर कनेक्ट करें।     अगर ChatGPT का मोबाइल ऐप चला रहे हैं तो ऐप के लेफ्ट साइडबार में प्रोफाइल के अंदर Apps का ऑप्शन दिखेगा।     यहां Browse Apps में जाकर अपने जरूरत के ऐप से कनेक्ट करें।     इसके बाद उस ऐप से Chat करने का ऑप्शन दिखने लगेगा। एक बार कनेक्ट होने के बाद चैटिंग बार में बस @ लगाकर ऐप का नाम लिखकर इस्तेमाल कर सकते हैं। पुराने फीचर्स में भी किया बदलाव OpenAI अब एक ऐसे फीचर पर भी काम कर रहा है जिससे बातचीत के हिसाब से ChatGPT खुद ही सही ऐप का सुझाव देगा। इसके साथ ही कंपनी ने पुराने कनेक्टर्स के नाम भी बदल दिए हैं। अब गूगल ड्राइव या ड्रॉपबॉक्स जैसे फीचर्स को Apps with file search या Apps with sync के नाम से जाना जाएगा। प्राइवेसी और डेटा का भी रखा ध्यान सुरक्षा के लिहाज से कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ये ऐप ChatGPT के मेमोरी फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर सेटिंग्स में AI मॉडल को बेहतर बनाने वाला विकल्प चुना है, तो आपकी जानकारी का इस्तेमाल भविष्य के मॉडल्स को ट्रेनिंग देने के लिए भी किया जा सकता है।

बचे हुए चावल को गर्म करना पड़ सकता है भारी, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताई खतरनाक भूल

एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि बासी चावल को लेकर की गई एक छोटी-सी लापरवाही आपको गंभीर फूड पॉइजनिंग का शिकार बना सकती है। जी हां, डबल बोर्ड-सर्टिफाइड एमडी और न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. एमी शाह ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए लोगों को आगाह किया है। उनका कहना है कि चावल को दोबारा गर्म करते समय हम अक्सर एक ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिससे पेट का इन्फेक्शन और फूड पॉइजनिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉ. एमी के अनुसार, "यह गलती आपको बीमार कर सकती है और गंभीर मामलों में आपको अस्पताल भी जाना पड़ सकता है।" क्या फ्रिज में चावल रखना सही है? सबसे पहले डॉ. एमी ने एक बहुत बड़े भ्रम को तोड़ा है। कई लोग सोचते हैं कि फ्रिज में रखे चावल खाना सेहत के लिए खराब है, लेकिन सच्चाई इसके उलट है। डॉ. एमी बताती हैं, "चावल को फ्रिज में रखना वास्तव में आपके लिए अच्छा है।" जब आप चावल पकाने के बाद उसे ठंडा करके रात भर फ्रिज में रखते हैं, तो उसका कुछ स्टार्च 'रेसिस्टेंट स्टार्च' में बदल जाता है। यह आपकी आंतों के लिए बहुत फायदेमंद है, ब्लड शुगर को कंट्रोल रखता है और पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। तो फिर खतरा कहां है? असली खतरा फ्रिज में रखने से नहीं, बल्कि फ्रिज में रखने से पहले की लापरवाही से है। डॉ. शाह के मुताबिक, "सबसे बड़ी गलती यह है कि लोग पके हुए चावल को दिन भर बाहर (कमरे के तापमान पर) छोड़ देते हैं।" बहुत से लोग ऐसा करते हैं और उन्हें लगता है कि कुछ नहीं होगा, लेकिन चावल को लंबे समय तक बाहर छोड़ने से उसमें 'बैसिलस सेरियस' नामक हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। मेडिकल स्कूल में भी डॉक्टर्स को इस खतरे के बारे में विशेष रूप से पढ़ाया जाता है। अगर चावल खराब हो गया, तो यह गंभीर फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। चावल खाने का सही और सुरक्षित तरीका डॉ. एमी शाह ने चावल को सुरक्षित रूप से खाने और स्टोर करने का एक बहुत ही सिंपल रूल बताया है, जिसे हर किसी को फॉलो करना चाहिए:     जल्दी ठंडा करें: चावल पकाने के बाद उसे ज्यादा देर बाहर न छोड़ें, उसे जल्दी ठंडा करें।     फ्रिज में रखें: ठंडा होते ही उसे एक एयर-टाइट (ढक्कन बंद) डिब्बे में डालकर फ्रिज में रख दें।     सिर्फ एक बार गर्म करें: जब आप इसे दोबारा खाएं, तो इसे केवल एक ही बार र्गर्म करें। बार-बार गर्म करना खतरनाक हो सकता है।  

iPhone Fold का नया डिज़ाइन: लंबाई कम, चौड़ाई ज्यादा, और iPad Mini जैसा स्क्रीन

नई दिल्ली ऐपल के फोल्ड होने वाले iPhone की डिटेल्स सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि फोल्डेबल आईफोन लंबा नहीं बल्कि चौड़ा होगा। फिलहाल ज्यादातर फोल्डिंग स्मार्टफोन लंबे आते हैं। वहीं फोल्डेबल आईफोन चौड़ा ज्यादा होगा। इसके अलावा यह खुलने पर कुछ-कुछ iPad Mini जैसा लगेगा और पतलेपन में iPhone Air को भी मात दे सकता है। बहुत जल्द ऐपल का फोल्डेबल आईफोन आने वाला है और इसे लेकर अब नई-नई जानकारी रोज सामने आने लगी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक,(REF.) ऐपल का यह फोल्डेबल फोन मौजूदा फोल्डेबल स्मार्टफोन्स से बिल्कुल अलग सोच के साथ आ सकता है। हालांकि इस जानकारी को पूरी तरह पक्का नहीं माना जा सकता, फिर भी जो डिजाइन सामने आया है वह काफी दिलचस्प और लॉजिक से भरपूर है। अगर फोल्डेबल आईफोन को लेकर सामने आई जानकारी सही साबित होती है, तो ऐपल फोल्डेबल स्मार्टफोन्स की दुनिया में एक नया ट्रेंड सेट कर सकता है। कैसा हो सकता है ऐपल फोल्डेबल फोन का डिजाइन फोल्ड होने वाले आईफोन के लीक हुए कुछ स्केच के अनुसार, ऐपल का फोल्डेबल आईफोन फोल्ड होने पर लंबाई में छोटा लेकिन चौड़ाई में ज्यादा होगा। इसका साइज 120.6mm लंबा और 83.8mm चौड़ा बताया गया है। हालांकि इसकी मोटाई सिर्फ 9.6mm हो सकती है। गौर करने वाली बात है कि यह डिजाइन मौजूदा बुक-स्टाइल फोल्डेबल फोन से अलग है, जो आमतौर पर काफी लंबे होते हैं। यह फोन OPPO Find N जैसे कॉम्पैक्ट फोल्डेबल की याद दिलाता है, लेकिन इसे Oppo के उस फोन से भी ज्यादा चौड़ा बताया जा रहा है। इस फोल्डेबल आईफोन की बाहर की स्क्रीन 5.5 इंच के आसपास हो सकती है, जिसका रेजोल्यूशन 2088 x 1422 पिक्सल बताया गया है। खुलने पर iPad Mini जैसा दिख सकता है फोल्‍डेबल आईफोन की सामने आई डिटेल्स के मुताबिक यह फोन खुलने के बाद एक iPad Mini जैसा दिख सकता है। लीक के मुताबिक, अनफोल्ड होने पर इसका स्क्रीन साइज करीब 7.76 इंच तक हो सकता है। इनर डिस्प्ले का रेजोल्यूशन 2713 x 1920 पिक्सल का बताया जा रहा है। खास बात यह है कि खुलने पर इसकी मोटाई सिर्फ 4.8mm हो सकती है, जो इसे बेहद पतला और प्रीमियम फील देगा। यह साइज वीडियो देखने, गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए काफी बेहतर माना जा रहा है। क्यों ज्यादा बेहतर है ये डिजाइन ऐपल अगर अपना फोल्ड होने वाला आईफोन इस डिजाइन के साथ लाता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह टीवी रिमोट की तरह ज्यादा लंबा नहीं लगेगा। वहीं अनफोल्ड होने पर इसका लैंडस्केप ओरिएंटेशन वीडियो देखने और कंटेंट कंजम्पशन के लिए शानदार होगा। इस फोन को वर्टिकली पकड़ने पर यह एक बड़े रेगुलर फोन जैसा फील देगा। पीछे की तरफ से इसका कैमरा डिजाइन Google Pixel Fold जैसा हो सकता है। माना जा रहा है कि यह “iPhone Fold” अगले साल पेश किया जा सकता है, हालांकि इसकी बिक्री 2027 तक टल भी सकती है।

सर्दी में लापरवाही पड़ सकती है भारी—रूम हीटर से आग का खतरा, BIS ने बताए सेफ्टी नियम

नई दिल्ली सर्दियों में रूम हीटर की जरूरत हर किसी को पड़ती है। रूम हीटर खरीदते समय लोगों को कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर आप अपने कमरे के लिए नया रूम हीटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो बजट के साथ-साथ सुरक्षा फीचर्स पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है। भारत सरकार के ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने हीटरों को सुरक्षित बनाने के लिए कई कड़े नियम बनाए हैं, क्योंकि अक्सर सर्दियों के सीजन में हीटर के कारण बहुत हादसे होते हैं। कभी कमरे में आग लगना तो कहीं करंट लगने से जान जाने जैसे मामले सामने आते रहते हैं। BIS यह सुनिश्चित करता है कि हीटर घर में इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हों। ISI मार्क वाले सभी हीटरों पर कई टेस्ट किए जाते हैं ताकि वह लोगों के लिए नुकसानदायक ना हों। हीटर खरीदते समय सुरक्षा फीचर्स को जरूर जांच लेना चाहिए। आइये, BIS द्वारा बताए गए सुरक्षा फीचर्स के बारे में जानते हैं। सबसे पहले ISI सर्टिफिकेशन देखें आपकी जानकारी के लिए बता दें कि BIS के अनुसार, हीटर खरीदते समय सबसे पहले ISI सर्टिफिकेशन का मार्क देखें। यह मार्क बताता है कि हीटर को बिजली और मैकेनिकल सुरक्षा के कई टेस्ट से गुजारा गया है। इस मार्क से पता चलता है कि सुरक्षा के नजरिए से हीटर एकदम सही है। इन टेस्ट में अर्थ कंटिन्यूटी, इलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ और लाइव पार्ट्स तक पहुंच शामिल हैं। टेस्ट का मकसद बिजली के झटके और अंदरूनी पुर्जों के खराब होने के खतरे को कम करना है। ऑटोमेटिक कट-ऑफ प्रोटेक्शन है बहुत काम का सरकार का कहना यह भी है कि हीटरों में ऑटोमेटिक कट-ऑफ प्रोटेक्शन होना बहुत जरूरी है। इसका मतलब है कि अगर हीटर ज्यादा गर्म हो जाता है या गलती से गिर जाता है, तो वह अपने आप बंद हो जाएगा। इससे आग लगने का खतरा काफी कम हो जाता है। इस कारण हीटर खरीदते समय ऑटोमेटिक कट-ऑफ प्रोटेक्शन फीचर पर जरूर ध्यान दें। कमरे के आकार के अनुसार ही हीटर खरीदें अगर आपको नहीं पता तो बता दें कि हीटर की पावर इनपुट और वॉट की सटीकता के लिए भी सर्टिफिकेशन जांच होती है। BIS की चेतावनी है कि कमरे के आकार के हिसाब से गलत वॉट का हीटर चुनने से वह ज्यादा गर्म हो सकता है और बिजली की खपत भी बढ़ सकती है। इससे आग लगने का खतरा भी रहता है। बिना ब्रैंड वाला हीटर खरीदने से हो सकती है मुश्किल सर्टिफाइड हीटरों में सही अर्थिंग की व्यवस्था होती है। साथ ही, उनमें अच्छी क्वालिटी का इंसुलेशन होता है। इससे शॉर्ट सर्किट का खतरा नहीं रहता। BIS की चेतावनी में बताया है कि आपकी छोटी सी गलती जैसे बिना सर्टिफिकेशन वाला हीटर खरीदना, आपके घर को खतरे में डाल सकती है। खरीदारों से आग्रह किया जाता है कि वे बिना ब्रांड वाले हीटरों से बचें। इस्तेमाल से पहले कॉर्ड की जांच करें। इन सुरक्षा फीचर्स को जांचकर, उपभोक्ता बिजली से जुड़े खतरों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

क्या Rum सच में सर्दी में राहत देती है? जानिए कैंसर सर्जन की एक्सपर्ट राय

ठंड का मौसम आते ही कई लोग यह मानने लगते हैं कि रम पीने से शरीर में गर्मी आती है और सर्दी-खांसी या दर्द में आराम मिलता है। इसी वजह से इंटरनेट पर भी लोग अक्सर यह सर्च करते हैं कि क्या रम पीना फायदेमंद है या सर्दी-जुकाम में कौन-सी शराब बेहतर रहती है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस सोच को पूरी तरह गलत बताते हैं। एक कैंसर सर्जन के अनुसार, रम या किसी भी तरह की शराब को दवा मानना एक बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि अगर रम दवा होती, तो उसकी बोतल पर साफ-साफ यह चेतावनी नहीं लिखी होती कि शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। रम से कुछ लोगों को जो राहत महसूस होती है, वह अस्थायी होती है और इसका बीमारी ठीक होने से कोई सीधा संबंध नहीं है। डॉ. बताते हैं कि अल्कोहल पीने से शरीर में तुरंत एक अलग तरह की फीलिंग आती है और मूड में बदलाव होता है। इसी वजह से व्यक्ति को थोड़ी देर के लिए सर्दी-खांसी या दर्द से राहत जैसा एहसास हो सकता है। लेकिन असल में शराब शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाती है। इसके सेवन से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, क्योंकि अल्कोहल शरीर से पानी खींच लेता है। साथ ही, इससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि रम जैसी शराब में अल्कोहल की मात्रा ज्यादा होती है और कई शोधों में यह साबित हो चुका है कि शराब पीने से कैंसर का खतरा बढ़ता है। चाहे रम हो या कोई दूसरी शराब, इससे स्वास्थ्य को फायदा नहीं, बल्कि नुकसान ही होता है। लंबे समय तक शराब का सेवन लिवर, किडनी और अन्य अंगों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। डॉ. का कहना है कि वह पिछले 20 वर्षों से कैंसर मरीजों का इलाज कर रहे हैं और उनके अनुभव में शराब या सिगरेट कभी भी दवा नहीं हो सकती। यह केवल एक भ्रम है कि शराब पीने से बीमारी ठीक हो जाती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे शराब को दवा समझने की गलती न करें और सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं के लिए सही मेडिकल सलाह और उपचार अपनाएं।

बड़ा साइबर अलर्ट: WhatsApp यूजर्स पर मंडराया खतरा, बिना नोटिफिकेशन जासूसी कर सकता है नया टूल

नई दिल्ली दुनिया भर में व्हाट्सऐप के तीन अरब से ज्यादा यूजर्स की निजता खतरे में पड़ सकती है। एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने ऐसा टूल बनाया है जो सिर्फ फोन नंबर जानकर किसी की भी एक्टिविटी पर नजर रख सकता है। यह टूल चुपके से काम करता है और यूजर को पता भी नहीं चलता। इस तरीके को 'साइलेंट व्हिस्पर' नाम दिया गया है। यह व्हाट्सऐप और सिग्नल ऐप में मौजूद एक कमजोरी का फायदा उठाता है। हमला करने वाला कोई संदेश नहीं भेजता, फिर भी वह फोन से जानकारी ले सकता है। यह जासूसी करने का एक सीक्रेट टूल है, जो आपकी निजता के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है। चलिए समझते हैं कि यह टूल कैसे काम करता है और आप ऐसे साइबर अटैक को कैसे पहचान सकते हैं? अटैकर्स कैसे करते हैं हमला? साइबर न्यूज की एक रिपोर्ट (Ref.) के मुताबिक, व्हाट्सऐप और सिग्नल में जब कोई मैसेज आता है तो ऐप अपने आप एक कन्फर्मेशन भेजता है कि मैसेज मिल गया। यह कन्फर्मेशन बहुत तेजी से होता है और यूजर को दिखाई नहीं देता। हमलावर इस कन्फर्मेशन के आने-जाने के समय को मापता है। इस समय के आधार पर वह पता लगा सकता है कि फोन चालू है या बंद, यूजर फोन इस्तेमाल कर रहा है या नहीं, घर पर है या बाहर घूम रहा है। अगर फोन वाई-फाई पर है तो जवाब तेज आता है, मोबाइल डेटा पर तो थोड़ा धीमा। लंबे समय तक नजर रखने से यूजर की रोज की आदतें, सोने-उठने का समय और ट्रेवल का पता चल जाता है। यह सब बिना कोई मैसेज पढ़े या कॉन्टैक्ट लिस्ट देखे हो जाता है। साइबर अटैक को ऐसे पहचानें यह हमला फोन की बैटरी को बहुत तेज खराब करता है। नॉर्मल सिचुएशन में खाली फोन एक घंटे में एक फीसदी से कम बैटरी खाता है। लेकिन इस हमले के दौरान आईफोन 13 प्रो में 14 फीसदी, आईफोन 11 में 18 फीसदी और सैमसंग गैलेक्सी एस23 में 15 फीसदी बैटरी प्रति घंटे कम हो जाती है। मोबाइल डेटा भी ज्यादा खर्च होता है लगातार हमला करने से मोबाइल डेटा भी बहुत खर्च होता है। वीडियो कॉल जैसी चीजें चलाने में दिक्कत आती है। यूजर को लगता है फोन खुद ही गर्म हो रहा है या बैटरी जल्दी खत्म हो रही है, लेकिन कारण पता नहीं चलता। क्या रीड रिसीप्ट बंद करने से बच जाएंगे? टूल बनाने वाले ने कहा है कि यह सिर्फ रिसर्च के लिए है और गलत इस्तेमाल न करें। लेकिन कोई भी इसे डाउनलोड कर इस्तेमाल कर सकता है। दिसंबर 2025 तक व्हाट्सऐप और सिग्नल में यह कमजोरी ठीक नहीं हुई है। रीड रिसीप्ट बंद करने से कुछ मदद मिलती है, लेकिन पूरी सुरक्षा नहीं। व्हाट्सऐप में अज्ञात नंबरों से ज्यादा मैसेज ब्लॉक करने का ऑप्शन है, लेकिन उसकी लिमिट कितनी है, यह स्पष्ट नहीं है।

सोने से पहले यह देसी ड्रिंक पीने से गैस की समस्या होगी गायब, जानें फायदे

सर्दियों में गैस-ब्लोटिंग की बढ़ रही है समस्या? सोने से पहले पिएं ये देसी ड्रिंक, ठंड का मौसम आते ही शरीर सुस्त पड़ने लगता है। एक्सरसाइज कम हो जाती है और खानपान थोड़ा ज्यादा हैवी हो जाता है। इसका नतीजा होता है – ब्लोटिंग, गैस, अपच और धीरे-धीरे बढ़ता वजन। अगर आप भी सर्दियों में इन परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो सोने से पहले ली जाने वाली कुछ हेल्दी ड्रिंक्स आपकी मदद कर सकती हैं। ये ड्रिंक्स न सिर्फ पाचन सुधारती हैं, बल्कि पेट फूलने की समस्या कम करती हैं और वजन कंट्रोल करने में भी सहायक होती हैं। आइए जानते हैं ऐसी असरदार ड्रिंक्स के बारे में- गर्म अजवाइन का पानी अजवाइन को आयुर्वेद में पाचन के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। यह डाइजेस्टिव एंजाइम्स को एक्टिव करती है, जिससे गैस और ब्लोटिंग में राहत मिलती है। कैसे बनाएं? एक गिलास पानी गर्म करें। इसमें 1 चम्मच अजवाइन डालकर 10–15 मिनट ढककर रखें। छानकर हल्का गर्म पी लें। स्वाद और पाचन के लिए चाहें तो कुछ बूंदें नींबू की मिला सकते हैं। अदरक-नींबू की चाय अदरक में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पेट की सूजन कम करते हैं। नींबू मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है। कैसे बनाएं? पानी में अदरक के कुछ टुकड़े उबालें, गैस बंद कर नींबू निचोड़ें। चाहें तो थोड़ी दालचीनी भी मिला सकते हैं। इसे गर्म-गर्म पिएं। दालचीनी वाला गर्म दूध दालचीनी ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है और अनहेल्दी क्रेविंग्स को कम करती है। इससे फैट मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है। कैसे बनाएं? एक गिलास दूध गर्म करें, उसमें आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं। मीठे के लिए शहद या थोड़ा सा गुड़ डाल सकते हैं। सौंफ का गर्म पानी सौंफ पेट को ठंडक देती है और पाचन तंत्र को रिलैक्स करती है। गैस और भारीपन की समस्या में यह काफी असरदार है। कैसे बनाएं? 1 चम्मच सौंफ हल्की कूट लें और गर्म पानी में 5-10 मिनट भिगो दें। छानकर धीरे-धीरे पिएं। ग्रीन टी या हर्बल टी ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन्स मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं और फैट बर्न में मदद करते हैं। कैसे पिएं? ग्रीन टी या हर्बल टी बैग को गर्म पानी में ब्रू करें। बिना चीनी के धीरे-धीरे सेवन करें।  

BIS सर्टिफिकेशन में दिखा OnePlus 15s, 200MP कैमरा और 7000mAh बैटरी से मचाएगा तहलका

नई दिल्ली वनप्‍लस 15 और वनप्‍लस 15R जैसी डिवाइसेज को लॉन्‍च करने के बाद कंपनी अपना एक और स्‍मार्टफोन भारत में पेश करने जा रही है। यह OnePlus 15s होगा, जिसे इंडियन सर्टिफ‍िकेशन प्‍लेटफॉर्म ‘BIS’ पर लिस्‍ट कर दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, लिस्‍ट हुए स्‍मार्टफोन का मॉडल नंबर CPH2793 है। OnePlus 15s पिछले साल आए OnePlus 13s की जगह लेगा। इस बार कई अपग्रेड इस फोन में दिए जा सकते हैं। 200 मेगापिक्‍सल का कैमरा फोन में देखने को मिल सकता है। इस फोन को 7 हजार एमएएच की बैटरी के साथ पावर्ड किया जा सकता है। OnePlus 15s का डिस्‍प्‍ले, रिफ्रेश रेट एक टिप्‍सटर ने OnePlus 15s (ref.) के BIS पर आने की जानकारी दी है। बताया है कि अपकमिंग वनप्‍लस स्‍मार्टफोन में 6.32 इंच का 1.5K ओलेड डिस्‍प्‍ले दिया जाएगा। यह कर्व्‍ड ना होकर एक फ्लैट डिस्‍प्‍ले होगा, जोकि 165 हर्त्‍ज के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। कंपनी अपने नए स्‍मार्टफोन को एक कॉम्‍पैक्‍ट डिवाइस के तौर पर लेकर आ रही है। इसे अबतक के सबसे पावरफुल स्‍नैपड्रैगन चिपसेट- Snapdragon 8 Elite Gen 5 से पैक किया जा सकता है। मेटल फ्रेम के साथ आएगा Oneplus 15s? ऐसा कहा जा रहा है कि OnePlus 15s में 200 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा मौजूद होगा। यह 50 मेगापिक्‍सल भी हो सकता है। फोन में 50 मेगापिक्‍सल का टेलिफोटो कैमरा दिया जा सकता है। इसमें अल्‍ट्रावाइड कैमरा मौजूद नहीं होगा। कंपनी मेटल फ्रेम के साथ फोन को लाने वाली है और यह आईपी69 रेटिंग को सपोर्ट करेगा, जो फोन को पानी और धूल से होने वाले नुकसान से बचाएगी। यह फोन 7 हजार एमएएच की बैटरी के साथ आ सकता है। फोन की चार्जिंग क्षमताओं के बारे में अभी जानकारी नहीं है। कॉम्‍पैक्‍ट स्‍मार्टफोन का बढ़ता ट्रेंड पिछले साल से ही कॉम्‍पैक्‍ट स्‍मार्टफोन्‍स का मार्केट भारत में बढ़ रहा है। गूगल, वनप्‍लस, वीवो और ऐपल प्रमुख कंपनियां हैं, जो इस सेग्‍मेंट में जोर लगा रही हैं। इस साल हमने आईफोन 16ई, वनप्‍लस 13एस, वीवो एक्‍स200FE जैसी डिवाइसेज को इस प्राइस कैटिगरी में लॉन्‍च होते हुए देखा। अब वनप्‍लस 15एस एक बार फ‍िर से कॉम्‍पैक्‍ट स्‍मार्टफोन सेगमेंट में हलचल मचा सकता है। यह नए साल में लॉन्‍च किया जा सकता है।

शरीर दे रहा है चेतावनी! ब्रेन ट्यूमर के ये लक्षण समय रहते पहचानें

न्यूकैसल की एक 19 वर्षीय छात्रा के साथ हुई एक आपबीती ने पूरी दुनिया का ध्यान साइलेंट बीमारियों की ओर खींचा है। जिसे मामूली तनाव समझकर नजरअंदाज किया जा रहा था वह असल में एक जानलेवा ब्रेन ट्यूमर था। यह मामला इस बात की बड़ी चेतावनी है कि हम अपने शरीर से मिलने वाले संकेतों को हल्के में न लें। परीक्षा का तनाव या मौत का संकेत? न्यूकैसल की इस लड़की की जिंदगी आमतौर पर परीक्षाओं और करियर के इर्द-गिर्द घूम रही थी। जून 2022 में उसे कुछ ऐसे लक्षण महसूस हुए जो देखने में सामान्य लगते थे: विजुअल डिस्टर्बेंस: उसे पेपर पर अक्षर और रंग अजीब नजर आने लगे थे। शारीरिक असंतुलन: सीधा चलने में दिक्कत होना और एक तरफ झुक जाना। अजीब दर्द: लगातार पीठ दर्द और बार-बार चक्कर आना। छात्रा कई बार अपने जनरल फिजिशियन (GP) के पास गई लेकिन हर बार उसे यही कहा गया कि यह 'एग्जाम स्ट्रेस' (परीक्षा का तनाव) है। उसे विटामिन लेने और आराम करने की सलाह देकर घर भेज दिया जाता रहा। अचानक बेहोशी और 'हाइड्रोसेफेलस' का खुलासा लक्षण कम होने के बजाय बढ़ते गए। एक दिन रूटीन चेकअप के दौरान वह अस्पताल के टॉयलेट में अचानक बेहोश होकर गिर गई। आनन-फानन में जब जांच हुई तो डॉक्टर दंग रह गए: हाइड्रोसेफेलस: उसके दिमाग में फ्लूइड (तरल पदार्थ) का जमाव बहुत ज्यादा हो गया था जिससे मस्तिष्क पर दबाव बढ़ रहा था। ब्रेन ट्यूमर: एमआरआई (MRI) और सीटी स्कैन में पता चला कि एक ट्यूमर चुपचाप बढ़ रहा था। इस ट्यूमर ने दिमाग में फ्लूइड के बहने वाले रास्ते को ब्लॉक कर दिया था।   क्रॉनिक स्ट्रेस: शरीर का सबसे बड़ा दुश्मन डॉक्टर  के अनुसार यह मामला साबित करता है कि तनाव न केवल मानसिक स्थिति बिगाड़ता है बल्कि बीमारियों को और भी घातक बना देता है। जब इंसान लंबे समय तक तनाव  में रहता है तो शरीर में सूजन बढ़ने लगती है। तनाव कैसे शरीर को खोखला करता है? सेल्स पर असर: लंबे समय का तनाव शरीर की कोशिकाओं (Cells) को प्रभावित करता है। हार्मोनल असंतुलन: इससे ब्लड फ्लो, नर्व फंक्शन और हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ जाता है। बीमारियों की नींव: टॉक्सिन्स, खराब खान-पान और जेनेटिक्स के साथ जब तनाव मिलता है तो गंभीर बीमारियां जन्म लेती हैं। डॉक्टरों की सलाह: शरीर की भाषा को समझें बीमारियां कभी अकेले नहीं आतीं। अगर आपको लंबे समय तक ऐसे लक्षण दिखें जिन्हें आराम या दवाओं से ठीक नहीं किया जा पा रहा तो उन्हें सिर्फ 'तनाव' मानकर न छोड़ें। इलाज के साथ-साथ 'मन की शांति' और लक्षणों की गहराई से जांच (Deep Screening) बेहद जरूरी है।

देखने में महिला जैसी, काम में चमत्कारी, चीन का नया फीमेल रोबोट

चीन की रोबोटिक्स कंपनी नोएटिक्स ने एक नया ह्यूमनॉइड रोबोट पेश किया है, जिसका नाम Hobbs W1 है। यह रोबोट खास तौर पर सर्विस के कामों के लिए बनाया गया है। इसका चेहरा असली इंसान जैसा दिखता है और यह महिला जैसी शक्ल वाला है। यही कारण है कि इसे फीमेल रोबोट कहा जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यह रोबोट असली दुनिया में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह लोगों से बात कर सकता है, इमोशन समझ सकता है और आसानी से घूम-फिर सकता है। Hobbs W1 को रिसेप्शनिस्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां यह मेहमानों का स्वागत करेगा और उन्हें रास्ता दिखाएगा। असली जैसी स्किन लगी है इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की रिपोर्ट (Ref.) कहती है, Hobbs W1 के हाथों में छह डिग्री ऑफ फ्रीडम है, यानी यह हाथ बहुत फ्लेक्सिबल हैं और हर तरफ घूम सकते हैं। इसके बाजू में पांच डिग्री ऑफ फ्रीडम है। इससे यह रोबोट इशारे कर सकता है, चीजें पकड़कर दे सकता है और छोटे-मोटे काम कर सकता है। ज्यादातर सोशल रोबोट सिर्फ बात करते हैं, लेकिन यह रोबोट काम भी कर सकता है। इसका चेहरा बायोनिक तरीके से बनाया गया है, जिसमें असली जैसी स्किन लगाई गई है। एक बड़ा स्क्रीन भी है जो जो इसके इमोशन दिखाती है। यह रोबोट होटल, दुकान, स्कूल या ऑफिस में अच्छा काम कर सकता है। क्या-क्या कर लेगा यह रोबोट? यह रोबोट पूरी तरह खुद चल सकता है। यह कमरों का नक्शा बना सकता है और मुश्किल जगहों में आसानी से घूम सकता है। बिना किसी की मदद के यह रिसेप्शन का काम संभाल सकता है, लोगों को गाइड कर सकता है और रोज के कामों में मदद दे सकता है। यह लोगों के साथ चलते हुए बात कर सकता है। कंपनी का कहना है कि यह रोबोट इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनकी मदद करेगा। बार-बार आने वाले काम यह लगातार कर सकता है, जिससे इंसान बड़े कामों पर ध्यान दे सकें। यह रोबोट कई तरह की जगहों पर अच्छे से फिट हो जाता है। कंपनी का दूसरा रोबोट 'बूमी' नोएटिक्स कंपनी ने अक्टूबर में एक और रोबोट लॉन्च किया था, जिसका नाम बूमी है। यह बच्चे के आकार का है और इसकी कीमतकाफी कम बताई जा रही है।पहले ह्यूमनॉइड रोबोट लाखों रुपये के होते थे, लेकिन बूमी ने कीमत को बहुत कम कर दिया। कंपनी को हाल में करीब 41 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली थी, जिसकी मदद से यह संभव हुआ। कंपनी ने बूमी के कई पार्ट्स खुद ही बनाए, जैसे कंट्रोल बोर्ड और मोटर ड्राइवर। इससे बाहर से महंगे पार्ट्स खरीदने की जरूरत नहीं पड़ी। दूसरा, रोबोट को हल्का बनाया। इसका वजन सिर्फ 12 किलो है, क्योंकि इसमें कंपोजिट सामग्री का इस्तेमाल किया और सिर्फ जरूरी जगहों पर मेटल लगाई। तीसरा, सारे पार्ट्स चीन से ही लिए, जिससे खर्च कम हुआ। नोएटिक्स अब ह्यूमनॉइड रोबोट को हर घर में पहुंचाना चाहती है।