samacharsecretary.com

भाग्यश्री का ब्यूटी सीक्रेट: चेहरे पर लगाती हैं मलाई, जानें क्या हैं फायदे

उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं. स्किन पहले के मुकाबले ड्राई, डल और कम इलास्टिक नजर आ सकती है. ऐसे में मॅच्योर स्किन को एक्स्ट्रा मॉइश्चर और केयर की जरूरत होती है. बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री भी अपनी फिटनेस और नेचुरल ब्यूटी को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं. 57 साल की उम्र में भी उनकी स्किन पर नजर आने वाला ग्लो कई लोगों का ध्यान खींचता है. भाग्यश्री अपनी फिटनेस और ब्यूटी का खास ख्याल रखती हैं और हाल ही में उन्होंने अपने मॉर्निंग स्किनकेयर रिचुअल से जुड़ा एक आसान सा सीक्रेट शेयर किया है, जिसे आप भी आसानी से अपने घर पर फॉलो कर सकती हैं. हमारी रसोई में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें हमारी स्किन के लिए किसी जादू से कम नहीं होती है और ऐसी ही एक चीज भाग्यश्री भी अपने चेहरे रोजाना सुबह लगाती हैं. आइए आपको भाग्यश्री का ब्यूटी सीक्रेट बताते हैं. भाग्यश्री चेहरे पर लगाती हैं मलाई भाग्यश्री ने अपने इस ब्यूटी रिचुअल को मजेदार अंदाज में शेयर करते हुए कहा, 'कान्हा ने खाया माखन और हमने लगाई मलाई!' यानी चेहरे की देखभाल के लिए महंगे प्रोडक्ट्स के बजाय वह दूध की मलाई जैसे आसान घरेलू उपाय को भी अपनी रूटीन में जगह देती हैं. खासतौर पर मॅच्योर स्किन के लिए मॉइश्चराइजिंग बेहद जरूरी है, क्योंकि उम्र के साथ स्किन का नेचुरल ऑयल कम हो सकता है और ड्राइनेस बढ़ सकती है. चेहरे पर मलाई लगाने से क्या होता है? दूध से बनी मलाई में फैट होता है, जो त्वचा को मुलायम और मॉइश्चराइज महसूस कराने में मदद कर सकता है. वहीं दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड स्किन की ऊपरी लेयर पर मौजूद डेड स्किन को हल्के तौर पर हटाने में मदद कर सकता है. इससे स्किन कुछ समय के लिए ज्यादा सॉफ्ट और फ्रेश नजर आ सकती है. इसके अलावा ठंडी मलाई या ठंडे दूध का इस्तेमाल स्किन को ठंडक और सुकून देने वाला एहसास भी दे सकता है. खासकर जब स्किन रूखी या खिंची-खिंची महसूस हो रही हो, तब यह एक सिंपल होम केयर रिचुअल हो सकता है. ऐसे करें इस्तेमाल अगर आप भी इसे ट्राई करना चाहती हैं तो चेहरे को पहले अच्छी तरह साफ कर लें. इसके बाद ताजी मलाई की बहुत पतली लेयर चेहरे पर लगाएं. कुछ मिनट हल्के हाथों से मसाज करें और करीब 5 से 10 मिनट बाद चेहरे को नॉर्मल पानी से धो लें. इसके बाद अपनी स्किन टाइप के हिसाब से मॉइश्चराइजर और दिन में सनस्क्रीन लगाना न भूलें. इस बात का रखें ध्यान हालांकि, हर स्किन पर घरेलू नुस्खे एक जैसा असर नहीं करते. अगर आपकी स्किन बहुत ऑयली, एक्ने-प्रोन या सेंसिटिव है, तो चेहरे पर मलाई लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. किसी तरह की एलर्जी या जलन महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें.

घर पर बनाएं एलोवेरा हर्बल साबुन, चेहरे को मिलेगा नेचुरल निखार

साबुन का इस्तेमाल हर घर में रोज ही होता है. खासकर चेहरे धोने के लिए हम साबुन को दिन में 2 बार तो जरूर यूज करते हैं लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर साबुनों में कठोर केमिकल्स, सल्फेट और आर्टिफिशियल खुशबू होती है जो त्वचा की प्राकृतिक नमी को छीनकर उसे रूखा और बेजान बना देते हैं. ऐसे में क्या हो अगर आप घर पर ही अपने फेस के लिए नेचुरल साबुन तैयार कर लें. जी हां बिना किसी केमिकल के अपनी त्वचा को साफ, मुलायम और चमकदार बनाना चाहते हैं तो घर पर ताजे एलोवेरा से बना हर्बल साबुन एक बेहतरीन विकल्प है. एलोवेरा में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और नमी देने वाले गुण त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं, दाग-धब्बों को हल्का करते हैं और चेहरे पर एक प्राकृतिक और दूधिया निखार लाते हैं. यहां हम आपको ये साबुन बनाने का आसान तरीका बता रहे हैं. होममेड एलोवेरा साबुन के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें ताजी एलोवेरा की पत्ती का जेल – 1/2 कप सोप बेस (ग्लिसरीन या गोट मिल्क सोप बेस) – 200 ग्राम विटामिन E कैप्सूल – 2 गुलाब जल – 1 बड़ा चम्मच बादाम का तेल या नारियल तेल – 1 छोटा चम्मच सिलिकॉन सोप मोल्ड (साबुन जमाने का सांचा) बनाने की विधि एलोवेरा जेल तैयार करें: ताजे एलोवेरा के पत्ते से चम्मच की मदद से जेल निकालें और इसे मिक्सी में पीसकर स्मूथ पेस्ट बना लें. सोप बेस पिघलाएं: सोप बेस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. अब एक बर्तन में पानी उबालें और उस पर दूसरा बर्तन रखकर (डबल बॉयलर मेथड) सोप बेस को पूरी तरह पिघला लें. सामग्री मिलाएं: पिघले हुए सोप बेस में पिसा हुआ एलोवेरा जेल, विटामिन E का तेल, गुलाब जल और बादाम का तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं. मोल्ड में ढालें: तैयार मिश्रण को सिलिकॉन सोप मोल्ड में डालें. (अगर मोल्ड न हो तो किसी प्लास्टिक के छोटे डिब्बे में हल्का तेल लगाकर इस्तेमाल कर सकते हैं). सेट होने दें: साबुन को 2 से 3 घंटे के लिए सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें या 30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें. साबुन के सख्त होने पर इसे मोल्ड से बाहर निकालें. आपका 100% नेचुरल एलोवेरा हर्बल सोप इस्तेमाल के लिए तैयार है.

अब AI खुद करेगा आपके रोजमर्रा के काम! Meta ने लॉन्च किया Muse, ईमेल, ट्रैवल बुकिंग और शॉपिंग तक होगा ऑटोमेटिक

 नई दिल्ली हर दिन के काम को आसान बनाने के लिए मेटा ने नया ऑटोनोमस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट लॉन्च किया है. यह AI आपके कई काम खुद कर सकता है. जैसे ईमेल भेजना, गाड़ी बेचने के लिए लिस्ट करना और कहीं घूमने जाने के लिए टिकट बुक करना।  मेटा इस नए ऐप के साथ नॉर्मल एआई से हटकर कुछ करना चाहता है. कंपनी ऐसी AI तैयार कर रही है, जो सिर्फ जवाब देने के बजाय आपके लिए काम भी कर सके. इसकी मदद से रोज के कई काम आसानी से किए जा सकते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे मे।  जानिए Meta Muse AI क्या है? मेटा का नया एआई एक पर्सनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट है. इसे हर दिन के काम को ऑटोमेट करने के लिए बनाया गया है. इसकी मदद से कई ऐसे काम किए जा सकते हैं, जिन्हें करने में ज्यादा समय लगता है।  यह नॉर्मल चैटबॉट की तरह नहीं है. दूसरे एआई ऐप्स आमतौर पर आपके सवालों के जवाब दे सकते हैं, लेकिन खुद से कोई ऐप खोलकर मैसेज करना या कई स्टेप वाला काम पूरा करना उनके लिए आसान नहीं होता. वहीं, मेटा का Muse खास तौर पर ऐसे कामों को ऑटोमेट करने के लिए बनाया गया है. यूजर को सिर्फ टास्क देना होता है और एआई उसे पूरा करने की कोशिश करता है।  जानिए कैसे आ सकता है काम Muse AI आपके सवालों के जवाब देने के साथ-साथ कई दूसरे काम भी कर सकता है. जैसे कोई फॉर्म पूरा करना, वेबसाइट पर ब्राउजिंग करना, कोई चीज खरीदना, इमेज बनाना और डॉक्यूमेंट तैयार करना.इसकी मदद से यूजर को कई छोटे-छोटे काम खुद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. एआई इन कामों को अपने तरीके से पूरा करने में मदद कर सकता है।  जानिए कैसे कर पाता है टास्क आसानी से जो एआई खुद से किसी काम को पूरा कर सकता है, उसे एजेंटिक AI कहा जाता है. मेटा का Muse भी एक एजेंटिक AI है, जिसे यूजर के काम को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है।  जब आप इसे कोई टास्क देते हैं, तो यह काम पूरा करने के लिए जरूरी बिल्ट-इन स्किल्स को चेक करता है. इसके बाद उन्हीं स्किल्स की मदद से टास्क पूरा करने की कोशिश करता है. इसके साथ दूसरे ऐप्स की कनेक्टिविटी भी मिलती है, जिसकी मदद से यह कई स्टेप वाले काम कर सकता है।  फ्री में कर सकते हैं इस्तेमाल Meta Muse AI का इस्तेमाल फ्री में किया जा सकता है. इसे Apple App Store या Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है. हालांकि, फ्री इस्तेमाल के साथ कुछ यूसेज लिमिट भी देखने को मिल सकती है। 

फोन में इंटरनेट नहीं फिर भी कर पाएंगे UPI पेमेंट, इस खास कोड से ऑफलाइन ट्रांजैक्शन का आसान तरीका जानें

 नई दिल्ली कई बार ऐसी सिचुएशन आ जाती है, जब आपके पास कैश नहीं होता और UPI पेमेंट करने के लिए इंटरनेट नहीं चल रहा होता है. कई बार डेटा प्लान खत्म हो जाता है या डेटा लिमिट पूरी हो जाती है. ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप बिना इंटरनेट के भी UPI पेमेंट कर सकते हैं।  बहुत कम लोगों को इस तरीके के बारे में पता है. आज हम आपको इसके दो तरीके बताने वाले हैं. पहला तरीका एक मैनुअल कोड के जरिए है और दूसरा ऑफलाइन चलने वाले ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए. तो आइए जानते हैं बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट कैसे किया जा सकता है।  जानिए कैसे करें ऑफलाइन पेमेंट, कुछ आसान स्टेप्स में अगर आप ऐसी जगह फंस जाते हैं, जहां इंटरनेट सही से काम नहीं कर रहा है, तो आप एक खास कोड की मदद से बिना इंटरनेट के पेमेंट कर सकते हैं. कोड वाला तरीका. इस तरीके में *99# कोड आपकी मदद कर सकता है. इसके लिए आपको अपना डायल पैड खोलना है, जहां आप फोन नंबर डालते हैं. यहां *99# डायल करके कॉल करना है।  इसके बाद आपको अपनी भाषा चुननी होगी. फिर मांगी गई जानकारी दर्ज करनी होगी. इसके बाद आपको पैसे भेजने के ऑप्शन को चुनना है. आप जिस व्यक्ति को पैसे भेजना चाहते हैं, उसका मोबाइल नंबर, UPI ID या बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारी डाल सकते हैं. इसके बाद आपको जितने पैसे भेजने हैं, वह अमाउंट डालना होगा और अपना UPI PIN दर्ज करना होगा. इसके बाद आपका पेमेंट हो जाएगा।  ऑटोमेटिक तरीका, QR स्कैन करके करें ऑफलाइन पेमेंट अगर आप बिना इंटरनेट के दुकान पर लगे QR कोड को स्कैन करके पेमेंट करना चाहते हैं, तो इसके लिए एक और तरीका है. इसमें आपको मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती।  यह तरीका Jio SIM पर काम नहीं करता है. दूसरे नेटवर्क के SIM पर यह काम कर सकता है. इसके लिए आपको pwa.offpayapp.com वेबसाइट पर जाकर इसे इंस्टॉल करना होगा. इसके बाद यह सिस्टम आपके लिए ऑफलाइन पेमेंट की प्रक्रिया को आसान बना देता है।  मैनुअल तरीके में आपको नंबर, UPI ID या दूसरी जानकारी डालनी पड़ती है. वहीं, इस तरीके में आप QR कोड स्कैन करके पेमेंट की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं और सीधे पेमेंट ऑप्शन तक पहुंच सकते हैं। 

अलसी के बीज से बनाएं नेचुरल जेल, स्किन से लेकर बालों तक आएगा निखार

सुंदर, चमकदार त्वचा और मुलायम, लंबे बाल पाने के लिए अक्सर लोग महंगे पार्लर ट्रीटमेंट, केराटिन और केमिकल युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं. लेकिन कुछ समय बाद इन केमिकल्स का असर खत्म होते ही स्किन और बाल फिर से बेजान नजर आने लगते हैं. अगर आप बिना एक पैसा फालतू खर्च किए पूरी तरह नेचुरल और असरदार तरीका ढूंढ रहे हैं, तो अलसी के बीज का जेल आपके लिए एक वरदान है. ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर अलसी का जेल न सिर्फ चेहरे की झुर्रियों व दाग-धब्बों को दूर कर त्वचा पर 'कोरियन ग्लास स्किन' जैसा ग्लो लाता है, बल्कि बालों को नेचुरल केराटिन जैसा स्मूथ, सिल्की और मजबूत भी बनाता है. आइए जानते हैं घर पर ही आसानी से अलसी का जेल बनाने का तरीका और इसके इस्तेमाल की सही विधि. सामग्री अलसी के बीज : 1/2 कप पानी: 2 कप एलोवेरा जेल: 1 बड़ा चम्मच (ऑप्शनल – अतिरिक्त नमी के लिए) विटामिन E कैप्सूल: 1 (ऑप्शनल – ग्लो और शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए) छानने के लिए: सूती कपड़ा या बारीक छलनी बनाने की सही और आसान विधि अलसी और पानी को उबालें: एक पैन में 2 कप पानी और 1/2 कप अलसी के बीज डालकर मीडियम आंच पर गरम होने रखें. जेल बनने तक पकाएं: मिश्रण को चम्मच से चलाते रहें. लगभग 7 से 10 मिनट में पानी उबलने लगेगा और अलसी के बीज एक सफेद झागदार, चिपचिपे जेल में बदलने लगेंगे. कंसिस्टेंसी चेक करें: जब पानी का टेक्सचर अंडे की सफेदी जैसा गाढ़ा और तार छोड़ने वाला हो जाए तो तुरंत गैस बंद कर दें. (मिश्रण को ज्यादा गाढ़ा न होने दें, वरना छानने में परेशानी होगी). गरम में ही छानें: मिश्रण के थोड़ा ठंडा होते ही (पूरी तरह ठंडा होने से पहले) इसे किसी सूती कपड़े या मलमल के कपड़े में डालें और निचोड़कर एक साफ कटोरी में जेल अलग कर लें. एक्स्ट्रा न्यूट्रिशन जोड़ें: तैयार जेल में 1 चम्मच एलोवेरा जेल और 1 विटामिन E कैप्सूल का ऑयल मिलाकर अच्छे से व्हिस्क करें. स्टोर करें: इस तैयार अलसी के जेल को एक साफ कांच के जार में भरकर फ्रिज में रखें. आप इसे 10 से 15 दिनों तक आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. इस्तेमाल करने का सही तरीका त्वचा के लिए (Skin Care): साफ चेहरे पर कॉटन या उंगलियों की मदद से इस जेल को लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें. जब जेल सूखकर त्वचा खिंची-खिंची महसूस होने लगे, तो ठंडे पानी से चेहरा धो लें. यह नेचुरल बोटॉक्स की तरह काम करता है. बालों के लिए (Hair Care): बालों को सेक्शन में बांटकर जड़ों से लेकर सिरों तक इस जेल को अच्छे से लगाएं. 45 मिनट से 1 घंटे तक बालों में लगा रहने दें, फिर किसी माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. बाल एकदम सीधे, चमकदार और सॉफ्ट हो जाएंगे.

WhatsApp ने पुराने Android फोन्स से खत्म किया सपोर्ट, इन मोबाइल्स पर नहीं चलेगा ऐप

नई दिल्ली WhatsApp ने बड़ा ऐलान कर दिया है और बताया है कि कई पुराने स्मार्टफोन से सपोर्ट बंद किया जा चुका है. Wabetainfo ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 8 सितंबर 2026 से पुराने स्मार्टफोन से सपोर्ट बंद किया जा चुका है।  जो स्मार्टफोन Android 5.0 और 5.1 पर काम करते हैं, उनपर से WhatsApp का सपोर्ट बंद किया जा चुका है. जब  Android 5.0 और 5.1 पर काम करने वाले स्मार्टफोन यूजर्स जैसे ही मैसेजिंग ऐप को ओपन करेंगे, उसको ऐप के अंदर नोटिफिकेशन्स अलर्ट मिलेगा।  जो स्मार्टफोन Android 5.0 और 5.1 पर काम करते हैं, उनके पास एक ऑप्शन है कि वे अपने हैंडसेट को लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) वर्जन के साथ अपडेट कर लें. अगर न्यू अपडेट अवेलेबल नहीं है तो यूजर्स को न्यू हैंडसेट खरीदना चाहिए।  WhatsApp ने अप्रैल में कर दिया था ऐलान WhatsApp ने इस साल अप्रैल में ही ऐलान कर दिया था कि पुराने हैंडसेट से सपोर्ट बंद होने जा रहा है. अब कंपनी ने सपोर्ट बंद कर दिया है. अब वॉट्सऐप मिनिमम एंड्रॉयड 6.0 मार्शमैलो को सपोर्ट करेगा।  भारत  समेत कई देशों में पुराने हैंडसेट मौजूद  Wabetainfo ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भारत समेत पाकिस्तान, ब्राजील आदि कई देश हैं, जहां पर अभी भी बड़े स्तर पर पुराने डिवाइसों का इस्तेमाल किया जाता है. वे पुराने डिवाइस Android 5 या उससे भी पुराने ओएस वर्जन पर काम करते हैं।  WhatsApp पुराने एंड्रॉयड वर्जन से सपोर्ट क्यों बंद करता है?  WhatsApp लगातार न्यू फीचर्स जारी करता है और हर बार नए फीचर्स कुछ एंड्रॉयड वर्जन के साथ ही कंपेटेबल होते हैं. बहुत से फीचर्स ज्यादा पुराने एंड्रॉयड ओएस पर सपोर्ट नहीं करते हैं. एंड्रॉयड 5.0 या उससे पुराने ओएस से वॉट्सऐप ने सपोर्ट बंद कर दिया है। 

BSNL ने हरियाणा में मचाई धूम, नए यूजर्स जोड़ने में Jio-Airtel को छोड़ा पीछे

सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) कम कीमत में लोगों को कई तरह की सर्विस देती है. इसकी मदद से आम लोग कम कीमत में अच्छी कनेक्टिविटी का फायदा उठा सकते हैं. टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की लेटेस्ट सब्सक्रिप्शन रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2026 के महीने में BSNL ने हरियाणा में दूसरे प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है. इस दौरान BSNL के साथ सबसे ज्यादा नए यूजर्स जुड़े हैं. आइए जानते हैं पूरी डिटेल. जानिए हरियाणा में BSNL के यूजर्स कैसे बढ़े BSNL के यूजर्स जून 2026 में 46,49,224 थे. जुलाई 2026 के आखिर तक इनकी संख्या बढ़कर 47,17,784 हो गई.इस तरह जुलाई के महीने में BSNL के साथ कुल 68,560 नए मोबाइल सब्सक्राइबर्स जुड़े. नए यूजर्स जुड़ने के मामले में BSNL हरियाणा में सबसे आगे रहा. Jio क्यों रहा पीछे? देशभर में जिओ के सबसे ज्यादा मोबाइल यूजर्स हैं, लेकिन हरियाणा में जुलाई के दौरान कंपनी नए यूजर्स जोड़ने के मामले में BSNL से पीछे रही. रिपोर्ट के मुताबिक, जिओ के मोबाइल सब्सक्राइबर्स 82,70,811 से बढ़कर 83,08,319 हो गए. यानी जुलाई 2026 में Jio के साथ सिर्फ 37,508 नए यूजर्स जुड़े. जानिए Airtel ने कितने नए यूजर्स जोड़े Airtel के सब्सक्राइबर्स की संख्या भी हरियाणा में बढ़ी है. कंपनी के यूजर्स 79,38,962 से बढ़कर 79,64,101 हो गए. इस तरह जुलाई 2026 में एयरटेल के साथ 25,139 नए यूजर्स जुड़े. हालांकि, नए यूजर्स जोड़ने के मामले में Airtel भी BSNL से काफी पीछे रहा. यह सवाल सबसे ज्यादा दिलचस्प है कि आखिर BSNL के साथ इतनी तेजी से लोग क्यों जुड़ रहे हैं? इसकी एक बड़ी वजह कम कीमत वाले रिचार्ज प्लान माने जा सकते हैं. प्राइवेट कंपनियों के महंगे होते प्लान के बीच BSNL कई यूजर्स को किफायती विकल्प देता है. इसके अलावा कंपनी लगातार 4G नेटवर्क का विस्तार कर रही है और कई इलाकों में अपनी कनेक्टिविटी बेहतर कर रही है. ग्रामीण और छोटे शहरों में भी BSNL की मजबूत मौजूदगी है. यही वजह है कि जो लोग कम कीमत में मोबाइल सेवा चाहते हैं, उनके लिए BSNL फिर से एक आकर्षक विकल्प बन रहा है.

Samsung India में बड़ी छंटनी, TV और होम अप्लायंसेज बिजनेस से 100 अधिकारियों की नौकरी गई

Samsung India ने अपने एम्प्लॉइज को लेकर बड़ा फैसला लिया है. कंपनी ने अपने टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में करीब 80 से 100 अधिकारियों को नौकरी से हटा दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अलग-अलग बैच में एम्प्लॉइज की छंटनी कर रही है. इसमें डायरेक्टर, टीम लीड, ब्रांच मैनेजर और एरिया मैनेजर जैसे पदों पर काम करने वाले लोग भी शामिल हैं. कंपनी के इस फैसले के पीछे बढ़ता कॉस्ट और कमजोर सेल्स बड़ी वजह बताई जा रही है. पिछले कुछ समय में मेमोरी चिप की कीमत काफी बढ़ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी कीमत दोगुने से ज्यादा हो चुकी है. इससे टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों का खर्च बढ़ गया है. इसके अलावा रुपये में आई कमजोरी का भी असर सैमसंग पर पड़ा है. इम्पोर्टेड कंपोनेंट्स महंगे होने से कंपनी के लिए प्रोडक्ट बनाने की कॉस्ट बढ़ गई है. ऐसे में कंपनी के लिए कम कीमत पर प्रोडक्ट बेचकर पहले जैसा प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखना मुश्किल हो रहा है. और एम्प्लॉइज पर पड़ सकता है असर अभी तक जो छंटनी सामने आई है, वह मुख्य रूप से टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में हुई है. लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि आगे भी कुछ एम्प्लॉइज की नौकरी जा सकती है. सैमसंग के इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस की सेल्स और मार्केटिंग टीम में करीब 550 से 600 अधिकारी हैं. इस टीम के करीब 25 फीसदी एम्प्लॉइज पर असर पड़ सकता है. इसमें कंपनी के डायरेक्ट एम्प्लॉइज के साथ ऑफ-रोल एम्प्लॉइज भी शामिल हैं. नौकरी से हटाए जा रहे एम्प्लॉइज को कंपनी की तरफ से सर्वेंस दिया जा रहा है. कर्मचारियों को करीब तीन महीने की सैलरी के साथ हर साल की सर्विस के बदले एक महीने की एक्स्ट्रा सैलरी दी जा रही है. स्मार्टफोन बिजनेस में फिलहाल छंटनी नहीं सैमसंग के स्मार्टफोन बिजनेस को फिलहाल इस छंटनी से अलग रखा गया है. कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले फेस्टिव सीजन और दिवाली के दौरान स्मार्टफोन की सेल्स में तेजी आ सकती है. हालांकि, स्मार्टफोन मार्केट भी इस समय पूरी तरह मजबूत नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में स्मार्टफोन सेल्स वॉल्यूम में सालाना करीब 11 से 12 फीसदी की गिरावट देखी गई है. सैमसंग इंडिया अपने खर्च को कम करने के लिए कुछ रीजनल ऑफिस को भी एक साथ करने की तैयारी में है. कंपनी का फोकस ज्यादा कॉस्ट वाले कामों को कम करने और अपने ऑपरेशंस को आसान बनाने पर है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिवाली के बाद टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में वर्कफोर्स को लेकर और बदलाव हो सकते हैं. यानी आने वाले समय में कुछ और एम्प्लॉइज पर इसका असर पड़ सकता है. फिलहाल सैमसंग इंडिया का पूरा बिजनेस खराब स्थिति में नहीं है. कंपनी की ओवरऑल परफॉर्मेंस मजबूत बनी हुई है. ऐसे में इस छंटनी को खास तौर पर टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में बढ़ती कॉस्ट, कम सेल्स और प्रॉफिट मार्जिन को बचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

WhatsApp पर जुड़ेगा AI का पूरा नेटवर्क! कई AI Agents से सीधे बात कर सकेंगे यूजर्स

 नई दिल्ली  वॉट्सऐप का इस्तेमाल हम रोज चैटिंग, फोटो-वीडियो शेयर करने और कई जरूरी कामों के लिए करते हैं. अब कंपनी इसमें एक ऐसा फीचर जोड़ने की तैयारी कर रही है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए काफी काम का हो सकता है. इस नए फीचर की मदद से यूजर्स वॉट्सऐप के अंदर ही थर्ड-पार्टी एआई एजेंट और बोट्स जुड़ सकेंगे।  अभी अगर आपको किसी AI टूल का इस्तेमाल करना है, तो उसके लिए अलग वेबसाइट या ऐप खोलना पड़ता है. लेकिन वॉट्सऐप के इस नए फीचर के बाद ऐसा जरूरी नहीं होगा. यूजर्स सीधे वॉट्सऐप के अंदर ही अलग-अलग एआई एजेंट से बात कर सकेंगे. आइए जानते हैं यह फीचर कैसे काम कर सकता है।  क्या है ये नया फीचर? रिपोर्ट के मुताबिक, वॉट्सऐप ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है, जिससे थर्ड-पार्टी एआई एजेंट और बोट्स को वॉट्सऐप से जोड़ा जा सकेगा।  मान लीजिए आप वॉट्सऐप पर किसी से बात कर रहे हैं और उसी दौरान आपको किसी एआई एजेंट की जरूरत पड़ जाती है. ऐसे में आपको अलग ऐप या वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं होगी. आप वॉट्सऐप के अंदर ही उस एआई एजेंट को जोड़कर उसका इस्तेमाल कर सकेंगे।  यानी AI के लिए सिर्फ वॉट्सऐप के अपने फीचर्स पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी. अलग-अलग कंपनियां और डेवलपर्स अपने एआई एजेंट को वॉट्सऐप के साथ जोड़ सकेंगे।  मान लीजिए आपको किसी एआई एजेंट से जानकारी लेनी है, कोई सवाल पूछना है या कोई काम करवाना है. ऐसे में आपको बार-बार अलग ऐप पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वॉट्सऐप के अंदर ही उस एआई एजेंट के साथ बातचीत की जा सकेगी।  कैसे काम करेगा? इस फीचर के आने के बाद संभव है कि यूजर्स को वॉट्सऐप में ही ऐसे AI बोट्स दिखाई दें, जिन्हें वे अपनी जरूरत के हिसाब से जोड़ सकें. इसके बाद सामान्य वॉट्सऐप चैट की तरह AI से बातचीत की जा सकेगी।  हालांकि, यह फीचर अभी आने की तैयारी में है और इसके काम करने का पूरा तरीका आने वाले समय में और साफ होगा. यह भी देखना होगा कि वॉट्सऐप किन एआई एजेंट को सपोर्ट करता है और यूजर्स को कितने विकल्प मिलते हैं।  यूजर्स को क्या फायदा होगा? सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि AI का इस्तेमाल करने के लिए बार-बार ऐप बदलने की जरूरत कम हो सकती है. वॉट्सऐप पहले से ही करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा है. ऐसे में अगर एआई एजेंट भी यहीं मिल जाते हैं, तो उनका इस्तेमाल करना काफी आसान हो सकता है।  फिलहाल यह फीचर कब तक सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, इसकी आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है. लेकिन अगर वॉट्सऐप इसे बड़े स्तर पर जारी करता है, तो AI और मैसेजिंग दोनों के इस्तेमाल का तरीका काफी हद तक बदल सकता है।   

फोन में फुल सिग्नल फिर भी इंटरनेट स्लो? इस सीक्रेट कोड से चेक करें असली नेटवर्क स्ट्रेंथ

स्मार्टफोन में ऊपर आपको सिग्नल बार देखने को मिलता है. इससे आपको पता चलता है कि फोन में कितना सिग्नल आ रहा है. लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता कि सिग्नल बार फुल है तो नेटवर्क भी स्ट्रॉन्ग होगा l कई बार ऐसा होता है कि सिग्नल बार में सिर्फ एक बार होने के बावजूद इंटरनेट और कॉल ठीक से चलती है. वहीं, फुल सिग्नल होने के बाद भी कई बार न तो ढंग से कॉल लगती है और न ही इंटरनेट चलता हैl इस परेशानी का सबसे आसान तरीका है यह जानना कि आपके फोन में असल में कितना सिग्नल मिल रहा है. इससे आपको नेटवर्क से जुड़ी दिक्कतों का अंदाजा पहले ही लग सकता है. आइए जानते हैं इसके बारे में l जानिए कैसे चेक करें असली नेटवर्क सिग्नल मोबाइल में कितना नेटवर्क आ रहा है, यह जानने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है. इसका एक बहुत आसान तरीका है. सिर्फ एक नंबर डालकर आप नेटवर्क सिग्नल की पूरी जानकारी देख सकते हैं. खोलें डायल पैड सबसे पहले अपने स्मार्टफोन का डायल पैड खोलें, जिससे आप किसी को फोन करते हैं. अब यहां आपको एक कोड डालना है. Android यूजर्स के लिए *#*#4636#*#* कोड है, जबकि iPhone यूजर्स के लिए *3001#12345#* कोड इस्तेमाल किया जाता है. कोड डालने के बाद कॉल बटन दबाएं. इसके बाद आपके फोन में एक डैशबोर्ड खुलेगा. यहां आपको सिम कार्ड और फोन 4G या 5G पर चल रहा है या नहीं, जैसी जानकारी देखने को मिल सकती है. इसके बाद आपको यहां कुछ नंबर दिखाई देंगे, जैसे -103 dBm. यही आपके फोन के सिग्नल की असली स्ट्रेंथ बताता है. इससे पता चलता है कि आपके इलाके में नेटवर्क कितना अच्छा या खराब है. कितने नंबर पर सिग्नल सबसे अच्छा? इन नंबरों की मदद से आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपके फोन में नेटवर्क कितना अच्छा आ रहा है. आमतौर पर -75 dBm के आसपास या उससे ज्यादा मजबूत सिग्नल अच्छा माना जाता है. ऐसे सिग्नल पर कॉल और इंटरनेट का एक्सपीरियंस बेहतर रह सकता है. वहीं, अगर सिग्नल -110 dBm के आसपास या उससे नीचे चला जाता है, तो नेटवर्क काफी कमजोर माना जाता है. ऐसे में कॉल ड्रॉप होने या इंटरनेट की स्पीड कम होने जैसी दिक्कत आ सकती है. इसलिए अगली बार फोन में सिग्नल बार देखकर परेशान होने के बजाय ये नंबर चेक कर लें. इससे आपको पता चल जाएगा कि आपके फोन में असल में कितना नेटवर्क आ रहा है.