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6500mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ दमदार प्रीमियम स्मार्टफोन

Motorola ने अपने नये मॉडल Motorola Edge 70 Pro+ में सिर्फ बड़े-बड़े स्पेसिफिकेशन्स देने पर फोकस नहीं किया है, बल्कि इसे एक ऐसा ऑलराउंडर स्मार्टफोन बनाने की कोशिश की है जो नॉर्मल इस्तेमाल से लेकर मल्टीमीडिया और फोटोग्राफी तक हर चीज में अच्छा एक्सपीरियंस दे. आकर्षक डिजाइन, बेहतरीन डिस्प्ले और दमदार हार्डवेयर के साथ यह फोन अपने प्राइस सेगमेंट में मजबूत दावेदारी पेश करता नजर आ रहा है. आइए जानते हैं इसके बारे में. Motorola Edge 70 Pro+ Review: डिजाइन Motorola Edge 70 Pro+ की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रीमियम डिजाइन है. फोन का Satin-Luxe फिनिश लुक देता है, जबकि इसका डीप रेड कलर इसे भीड़ से अलग पहचान देता है. खास बात यह है कि फोन में बड़ी 6500mAh बैटरी होने के बावजूद इसकी थिकनेस सिर्फ 7.19mm है. क्वाड-कर्व्ड डिजाइन और पतले बॉडी प्रोफाइल की वजह से यह फोन देखने में काफी आकर्षक लगता है. Motorola Edge 70 Pro+ Review: डिस्प्ले फोन में 6.8 इंच का क्वाड-कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 1.5K रेजोल्यूशन, 144Hz रिफ्रेश रेट और 5200 निट्स पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है. स्क्रीन पर वीडियो, गेम्स और सोशल मीडिया कंटेंट काफी शार्प और कलरफुल दिखाई देंगे. अककगी पीक ब्राइटनेस के कारण तेज धूप में भी डिस्प्ले अच्छे से दिखाई देगी. वहीं फोन में दिए गए स्टीरियो स्पीकर्स मल्टीमीडिया एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाते हैं. Motorola Edge 70 Pro+ Review: कैमरा फोटोग्राफी के लिए फोन में तीन 50MP रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. खास बात यह है कि इसमें 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस भी मौजूद है, जो 3.5x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करता है. सेल्फी के लिए भी 50MP का ऑटोफोकस कैमरा दिया गया है. इस कीमत के स्मार्टफोन्स में इतनी हाई-रिजोल्यूशन सेल्फी कैमरा और पेरिस्कोप लेंस कम ही देखने को मिलता है. Motorola Edge 70 Pro+ Review: परफॉर्मेंस Motorola Edge 70 Pro+ में MediaTek Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर दिया गया है. यह 12GB LPDDR5X RAM और 256GB UFS 4.1 स्टोरेज को सपोर्ट करता है. फोन गेमिंग, मल्टीटास्किंग और भारी ऐप्स को आसानी से संभाल सकता है. रोजमर्रा के इस्तेमाल में सोशल मीडिया, मल्टीटास्किंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान फोन बिना किसी लैग के काम करेंगे. Motorola Edge 70 Pro+ Review: सॉफ्टवेयर मॉडल Android 16 पर बेस्ड Hello UI पर काम करेगा. साथ ही कंपनी की ओर से तीन बड़े Android अपडेट्स 5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा किया गया है. इसमें Moto AI, Circle to Search, Gemini इंटीग्रेशन और कैमरा व नोट्स से जुड़े कुछ काम के फीचर्स मिलते हैं, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल को आसान बनाते हैं. Motorola Edge 70 Pro+ Review: बैटरी और चार्जिंग Motorola Edge 70 Pro+ में 6500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है. फोन नॉर्मल इस्तेमाल में अच्छा खासा बैकअप देता है. खरीदें या नहीं? करीब 48,000 रुपये की कीमत में Motorola Edge 70 Pro+ एक बेहद बैलेंस्ड स्मार्टफोन दिखाई देता है. जहां इस प्राइस रेंज में कई फोन सिर्फ कैमरा या परफॉर्मेंस पर फोकस करते हैं, वहीं Motorola ने एक ऐसा पैकेज पेश करने की कोशिश की है, जो लगभग हर फीचर्स में मजबूत है. ऐसे में अगर आपको 50 हजार से कम में ऐसा ऑलराउंडर प्रीमियम बजट स्मार्टफोन चाहिए, जिसमें बड़ी बैटरी स्मूद डिस्प्ले, बढ़िए डिजाइन और फास्ट परफॉर्मेंस हो तो फिर मोटोरोला का यह स्मार्टफोन आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है.

Siri से iOS 27 तक बड़ा बदलाव, WWDC में Apple दिखा सकता है AI का नया चेहरा

आज रात 10:30 बजे होने वाला WWDC 2026 सिर्फ एक टेक इवेंट नहीं है, बल्कि इस बार यह Apple के लिए एक बड़ी परीक्षा जैसा माना जा रहा है. पिछले एक साल में जिस तरह AI ने पूरी टेक इंडस्ट्री को बदल दिया है, उसी के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि ऐपल इस रेस में खुद को कैसे पेश करता है. बता दें कि ये इवेंट ऐपल के सीईओ के तौर पर टिम कुक का आखिरी इवेंट होगा. चूंकि कंपनी के नए सीईओ का ऐलान पहले ही हो चुका है. जॉन टर्नस कंपनी के नए सीईओ होंगे. हालांकि WWDC का कीनोट मौजूदा सीईओ टिम कुक ही पेश करेंगे और ये उनका आखिरी इवेंट होगा. हालांकि वो ऐपल के बोर्ड में बने रहेंगे, लेकिन सितंबर में होने वाला iPhone लॉन्च का कीनोट इस बार कंपनी के नए सीईओ जॉन टर्नस ही पेश करने वाले हैं. चूंकि ऐपल कई साल से अपने इवेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र कर रहा है, लेकिन फोन में दिया गया AI सतही नजर आता है. कई प्रॉमिस भी कंपनी के फेल रहे हैं. इसलिए इस बार लोगों को इस इवेंट से ज्यादा ही उम्मीदे हैं. इस बार का सबसे बड़ा फोकस साफ दिख रहा है, और वो है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. रिपोर्ट्स और लीक के मुताबिक ऐपल अपने वॉयस असिस्टेंट Siri को पूरी तरह से नए अंदाज में पेश कर सकता है. Siri में होगा बड़ा बदलाव कहा जा रहा है कि Siri अब पहले से ज्यादा स्मार्ट, ज्यादा नेचुरल और ज्यादा पर्सनल हो जाएगा. यानी अब सिर्फ कमांड समझने वाला असिस्टेंट नहीं, बल्कि ऐसा सिस्टम जो आपके सवालों को समझकर कॉन्टेक्स्ट के हिसाब से जवाब देगा. ऐपल इस AI को सीधे iPhone, iPad और Mac के सिस्टम में जोड़ सकता है, जिससे यूजर को अलग से किसी ऐप की जरूरत ही न पड़े. iOS 27 इस इवेंट में सबसे ज्यादा चर्चा iOS 27 को लेकर है. उम्मीद है कि ऐपल इसमें बड़ा डिजाइन बदलाव ला सकता है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इंटरफेस ज्यादा क्लीन, स्मूद और विजुअली मॉडर्न होगा. साथ ही AI फीचर्स को सिस्टम के अंदर ही गहराई से जोड़ा जाएगा. मतलब आप मैसेज लिख रहे हों, फोटो एडिट कर रहे हों या नोट्स बना रहे हों, हर जगह AI आपकी मदद करता दिखेगा. ऐपल का एक और बड़ा फोकस प्राइवेसी पर हो सकता है. जहां बाकी कंपनियां क्लाउड पर AI चला रही हैं, वहीं ऐपल कोशिश कर सकता है कि ज्यादा से ज्यादा AI प्रोसेसिंग डिवाइस के अंदर ही हो. इससे यूजर का डेटा ज्यादा सुरक्षित रहेगा. यही ऐपल की सबसे बड़ी स्ट्रैटेजी भी हो सकती है, क्योंकि प्राइवेसी हमेशा से उसकी पहचान रही है. इसके अलावा macOS, watchOS और visionOS में भी अपडेट देखने को मिल सकते हैं. खासकर Vision Pro के लिए नए फीचर्स और ऐप्स का ऐलान हो सकता है, क्योंकि ऐपल इस प्रोडक्ट को आगे बढ़ाने में काफी जोर लगा रहा है. हार्डवेयर लॉन्च नहीं हार्डवेयर की बात करें तो इस बार उम्मीद कम है कि ऐपल कोई बड़ा नया डिवाइस लॉन्च करेगा. लेकिन कुछ लोग मान रहे हैं कि छोटे-मोटे अपडेट या नए एक्सेसरीज दिख सकते हैं. फिर भी असली गेम सॉफ्टवेयर और AI का ही रहने वाला है. इस बार का WWDC इसलिए भी खास है क्योंकि ऐपल अब तक AI रेस में थोड़ा पीछे माना जा रहा था. Google और Microsoft पहले ही अपने AI प्रोडक्ट्स के साथ काफी आगे निकल चुके हैं. ऐसे में ऐपल पर दबाव है कि वह कुछ ऐसा दिखाए जो सिर्फ नया ही नहीं, बल्कि यूजफुल भी हो. एक और दिलचस्प बात यह है कि ऐपल शायद एआई को बहुत ज्यादा दिखावे के साथ पेश नहीं करेगा. उसकी कोशिश हो सकती है कि AI को बैकग्राउंड में रखकर उसे रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनाया जाए. यानी यूजर को अलग से एआई इस्तेमाल करने की जरूरत न पड़े, बल्कि वह खुद ही हर जगह काम करता रहे. कुल मिलाकर देखा जाए तो WWDC 2026 Apple के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है. अगर कंपनी इस बार सही तरीके से AI को अपने इकोसिस्टम में फिट कर पाती है, तो वह फिर से गेम बदल सकती है. लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह साफ हो जाएगा कि AI की इस नई दुनिया में ऐपल को अभी और मेहनत करनी पड़ेगी

पास्ता के साथ ब्रेड क्यों परोसी जाती है? जानिए इटैलियन परंपरा

 जब भी आप दिल्ली-नोएडा या कहीं के भी किसी अच्छे कैफे या इटैलियन रेस्टोरेंट में पास्ता ऑर्डर करेंगे तो प्लेट में पास्ता के साथ गार्लिक ब्रेड या ब्रेड स्लाइस जरूर नजर आती है. बहुत से लोग इसे केवल एक साइड डिश या प्लेट सजाने का तरीका मान लेते हैं लेकिन वहीं कुछ लोग सोचते हैं कि रेस्टोरेंट वाले बस कस्टमर्स का पेट भरने के लिए ऐसा करते हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस कॉम्बिनेशन के पीछे एक सांस्कृतिक और वैज्ञानिक कारण है जिससे करीब 99% लोग पूरी तरह अनजान हैं. यदि आप भी नहीं जानते हैं तो आइए जानते हैं कि पास्ता की प्लेट में ब्रेड रखने की यह परंपरा कहां से आई और इसके पीछे क्या वजह है. इटली की पुरानी परंपरा 'फेयर ला स्कारपेटा' इटली के फेमस कैफे Tinello की वेबसाइट्स के मुताबिक, पास्ता के साथ ब्रेड सर्व करने की शुरुआत इटली से ही हुई थी. दरअसल, इटैलियन कल्चर में एक बहुत ही फेमस परंपरा है जिसे फेयर ला स्कारपेटा (Fare la scarpetta) कहते हैं. इस इटैलियन मुहावरे का सीधा मतलब होता है, अपनी ब्रेड से प्लेट को पूरी तरह साफ करना. इटली में जब लोग पास्ता खाते हैं तो प्लेट के नीचे बची हुई गाढ़ी और स्वादिष्ट सॉस को ब्रेड के टुकड़े से पोंछकर खाते हैं. वहां ब्रेड को खाना बर्बाद न करने और शेफ के प्रति सम्मान जताने का एक जरिया माना जाता है. और वहीं से इस प्रथा का चलन शुरू हुआ. सॉस को सोखने और स्वाद बढ़ाने का साइंस पास्ता बनाते समय शेफ ऑलिव ऑयल, चीज, टमाटर और कई तरह के मसालों का इस्तेमाल करके सॉस बनाते हैं. जब कोई फॉर्क से पास्ता खाता है तो काफी सारी सॉस प्लेट के नीचे ही छूटी रह जाती है. फूड एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ब्रेड एक स्पंज की तरह काम करती है और जब आप गार्लिक ब्रेड को उस बची हुई क्रीमी या टोमैटो सॉस में डिप करते हैं तो वह सॉस को पूरी तरह सोख लेती है. इससे पास्ता का असली स्वाद खराब नहीं होता और आप उसका लुत्फ उठा सकते हैं. टेक्सचर का कॉम्बिनेशन और पेट भरने का फंडा ब्रेड सर्व करने के पीछे केवल परंपरा ही नहीं बल्कि खाने का टेक्सचर भी मायने रखता है. पास्ता काफी सॉफ्ट और जूसी होता है लेकिन उसके साथ मिलने वाली गार्लिक ब्रेड क्रिस्पी और टोस्टेड होती है. यह सॉफ्ट और क्रंची कॉम्बिनेशन एक बेहतरीन फूड एक्सपीरियंस देता है. इसके अलावा अमेरिका और अन्य देशों में जब इटैलियन फूड पॉपुलर हुआ तो रेस्टोरेंट ने इसे ज्यादा पेट भरने वाला बनाने के लिए भी ब्रेड देना शुरू किया ताकि कस्टमर पूरी तरह संतुष्ट होकर जाएं.

WWDC 2026 में iOS 27 की झलक, Siri से लेकर कैमरा ऐप तक मिलेंगे नए AI अपग्रेड

ऐपल अपना एक बड़ा इवेंट आयोजित करने जा रहा है, जिसका नाम वर्ल्डवाइड डेवलपर कॉन्फ्रेंस 2026 (WWDC 2026) है. इस दौरान कंपनी कई बड़े ऐलान करेगी, जिसमें अधिकतर सॉफ्टवेयर संबंधित होंगे. इस साल कंपनी iOS27 को पेश किया जाएगा, जिसकी खूबियों के बारे में कंपनी ऑफिशियली तौर पर बताएगी. भारतीय समयनुसार WWDC 2026 कीनोट की शुरुआत सोमवार रात 10:30 बजे होगी. इस इवेंट के दौरान iPhone से लेकर Apple Watch को मिलने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम के न्यू वर्जन को लॉन्च करेगी, जिनके नाम  iPadOS 27, macOS 27, watchOS 27 होंगे. iOS 27 में क्या नया मिलेगा? iOS 27 का इंतजार अधिकतर आईफोन यूजर्स को है. लीक्स रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी AI पर फोकस रखेगी और भी कई बड़े ऐलान भी होने की उम्मीद रहेगी. Siri को ChatGPT जैसी ज्यादा नेचुरल बातचीत करने की काबिलियत मिल सकती है. कैमरा, फोटोज, वॉलेट और शॉर्टकट जैसे सिस्टम ऐप्स में इंटीग्रेशन देखने को मिलेगा. AI बेस्ड फोटो एडिटिंग टूल्स का ऐलान किया जाएगा. स्मार्ट राइटिंग असिस्टेंस फीचर्स को शामिल किया जा सकता है. कैमरा और फोटोज ऐप में बड़ा बदलाव रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यू iOS 27 के तहत कैमरा ऐप को बीते साल की तुलना में बड़ा अपडेट देखने को मिल सकता है. कैमरा ऐप के अंदर Siri-पावर्ड कैमरा मोड को शामिल किया जा सकता है. साथ ही प्रोफेशनल फोटोग्राफी करने वाले यूजर्स को ज्यादा कस्टमाइजेशन के ऑप्शन मिलेंगे. AI का इस्तेमाल करके फोटो का बैकग्राउंड बदला जा सकेगा. ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन ने iOS 27 की तुलना Mac OS X Snow Leopard से की है, जिसका पूरा फोकस परफॉर्मेंस और बग्स फिक्स को लेकर था. iOS 27 का अपडेट कब जारी होगा iOS 27 का पहला डेवलपर बीटा लॉन्च इवेंट के तुरंत बाद जारी किया जा सकता है. वहीं पब्लिक बीटा जुलाई में आने की उम्मीद है. फिर सितंबर में iOS27 का फाइनल वर्जन जारी कर दिया जाएगा. कई पुराने हैंडसेट से हट जाएगा सपोर्ट iOS 27 की लॉन्चिंग के साथ ऐलान कर दिया जाएगा कि इसका सपोर्ट किन-किन आईफोन मॉडल्स को मिलेगा. साथ ही कई पुराने मॉडल्स के लिए सपोर्ट बंद कर दिया जाएगा. एक टिप्स्टर के मुताबिक, iOS 27 केवल iPhone 12 सीरीज और उसके बाद लॉन्च होने वाले नए मॉडल्स को ही मिलेगा.  ये जानकारी सही होती है तो ऐप्पल iPhone 11, iPhone 11 Pro, iPhone 11 Pro Max और सेकेंड जनरेशन iPhone SE से सपोर्ट हटा देगा. रिपोर्ट के मुताबिक, iOS 27 का सपोर्ट इन iPhone सीरीज को मिलेगा.   iPhone 12 सीरीज iPhone 13 सीरीज iPhone 14 सीरीज iPhone 15 सीरीज iPhone 16 सीरीज iPhone 17 सीरीज आदि होंगे. हालांकि अभी तक ऐपल ने ऑफिशियली तौर पर iOS 27 सपोर्टेड डिवाइस की लिस्ट जारी नहीं की है.

हेयर लॉस के शुरुआती संकेत, समय रहते पहचानें वरना बढ़ सकता है गंजापन

आजकल की बिजी लाइफस्टाइल और बढ़ते स्ट्रेस के बीच हेयर लॉस होना एक बेहद कॉमन समस्या बन चुका है. लोग अक्सर उस समय अधिक परेशान हो जाते हैं, जब कंघी में बालों के गुच्छे आने लगते हैं या स्कैल्प खाली दिखने लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी के भी बाल अचानक नहीं झड़ते, बल्कि हमारा स्कैल्प बहुत पहले ही इसके संकेत देना शुरू कर देता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि आप समय रहते इन शुरुआती लक्षणों को पहचान लें तो गंजेपन का शिकार होने से बच सकते हैं. आइए जानते हैं कि हेयर फॉल की शुरुआत कैसे होती है और रिकवरी के क्या ऑपशंस हैं. ये है हेयर फॉल का पहला संकेत एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब भी गंजेपन की शुरुआत होती है तो उसका सबसे पहला संकेत हेयर थिनिंग यानी बालों का पतला होना है. इस स्टेज में आपके बाल अचानक टूटने नहीं लगते बल्कि उनका डायमीटर (मोटाई) धीरे-धीरे कम होने लगता है. यदि आपको महसूस हो रहा है कि आपकी मांग (Parting) चौड़ी हो रही है या पोनीटेल पहले के मुकाबले पतली महसूस हो रही है तो समझ जाएं कि आपके बालों की सेहत बिगड़ रही है. क्या है फॉलिकल का मिनिएचराइजेशन? साइंस की भाषा में बालों के पतले होने की इस पूरी प्रक्रिया को मिनिएचराइजेशन ओएफ फॉलिकल कहा जाता है. हेल्थलाइन के मुताबिक, इस प्रोसेस में स्कैल्प के अंदर मौजूद हेयर फॉलिकल्स यानी जहां से बाल उगते हैं, वो धीरे-धीरे सिकुड़ने लगते हैं. इसके कारण हेयर फॉलिकल्स तक खून की सप्लाई और जरूरी न्यूट्रिशन नहीं पहुंच पाता. नतीजा यह होता है कि हर नए हेयर साइकिल में निकलने वाला बाल पहले से ज्यादा कमजोर, पतला और छोटा होता जाता है जो बाद में पूरी तरह टूटने लगता है और आप गंजेपन की ओर बढ़ जाते हैं. स्टेज 1 से 5 के बीच रिकवरी है पॉसिबल यदि आपके बाल पतले हो रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. साइंटिफिक फैक्ट्स बताते हैं कि जब तक मिनिएचराइज्ड फॉलिकल पूरी तरह सील या बंद नहीं हो जाते तब तक उनसे नए और घने बाल वापस पाना मुमकिन है. हेयर लॉस को मापने के लिए डॉक्टर्स नॉरवुड स्केल का इस्तेमाल करते हैं. उनके अनुसार, यदि आप स्टेज 1 से स्टेज 5 के बीच में हैं तो आपको डेफिनिटली सही ट्रीटमेंट ट्राई करना चाहिए. इस दौरान फॉलिकल्स जीवित होते हैं और डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह पर मिनोक्सिडिल, पीआरपी थेरेपी या सही डाइट से इन्हें दोबारा एक्टिव किया जा सकता है.

गर्मियों में भी जरूरी है मॉइश्चराइजर, स्किन रहेगी हाइड्रेटेड और फ्रेश

गर्मी का मौसम आते ही चेहरे पर पसीना, चिपचिपाहट और ड्राइनेस जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं. पसीने से होने वाली चिपचिपाहट के कारण कई लोगों को लगता है कि गर्मियों में मॉइश्चराइजर लगाने की जरूरत नहीं होती, लेकिन सच इससे उलट है. दरअसल, तेज धूप और गर्म हवा स्किन की नमी छीन लेती है. ऐसे में गर्मियों में भी मॉइश्चराइजर लगाना बहुत जरूरी होता है. सही मॉइश्चराइजर स्किन को मुलायम और फ्रेश बनाए रखने में मदद करता है. लेकिन अगर आप सोचते हैं कि जो मॉइश्चराइजर आपने सर्दियों में लगाया था, वही आप गर्मी में भी लगा सकते हैं तो आप गलत हैं. खास बात ये है कि गर्मियों में हल्के और नॉन-स्टिकी मॉइश्चराइजर ज्यादा अच्छे माने जाते हैं. आज हम आपको ऐसे 4 तरह के मॉइश्चराइजर के बारे में बताएंगे जो गर्मी में आपकी स्किन को हाइड्रेटेड रखने में मदद कर सकते हैं. जेल बेस्ड मॉइश्चराइजर अगर आपकी स्किन ऑयली या कॉम्बिनेशन है, तो गर्मियों में आपके लिए जेल बेस्ड मॉइश्चराइजर अच्छा ऑप्शन हो सकता है. ये स्किन पर भारी महसूस नहीं होता और जल्दी एब्जॉर्ब हो जाता है. इससे चेहरा चिपचिपा नहीं लगता और स्किन को ठंडक भी मिलती है. एलोवेरा या हायल्यूरोनिक एसिड वाले जेल मॉइश्चराइजर गर्मियों में काफी पसंद किए जाते हैं. वॉटर बेस्ड मॉइश्चराइज़र गर्मी के मौसम में वॉटर बेस्ड मॉइश्चराइजर स्किन को हल्का और फ्रेश महसूस कराने में मदद करते हैं. ये स्किन में नमी बनाए रखते हैं लेकिन ऑयल नहीं बढ़ाते. जिन लोगों को पसीना ज्यादा आता है, उनके लिए ऐसे मॉइश्चराइजर काफी फायदेमंद हो सकते हैं. इन्हें लगाने के बाद चेहरा ज्यादा भारी भी नहीं लगता. विटामिन-ई वाला मॉइश्चराइजर धूप और गर्मी की वजह से स्किन अक्सर गर्मियों बेजान और रूखी दिखने लगती है. ऐसे में विटामिन-ई वाले मॉइश्चराइजर स्किन को पोषण देने का काम करते हैं. ये स्किन को मुलायम रखने के साथ-साथ ड्राइनेस कम करने के लिए भी असरदार माने जाते हैं. अगर आपकी स्किन जल्दी फटने या छिलने लगती है, तो विटामिन-ई वाले मॉइश्चराइजर आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. SPF वाला मॉइश्चराइजर गर्मियों में ऐसा मॉइश्चराइजर चुनना ज्यादा बेहतर माना जाता है जिसमें SPF भी मौजूद हो. इससे स्किन को धूप की हानिकारक किरणों से बचाने में मदद मिलती है. SPF वाला मॉइश्चराइजर लगाने से कई बार सनस्क्रीन लगाने की जरूरत भी कम हो जाती है. बाहर निकलने से पहले इसे लगाना फायदेमंद हो सकता है.

मेटा ने लॉन्च किया इंस्टाग्राम प्लस, भारत में 299 रुपये मंथली सब्सक्रिप्शन

Meta ने अब इंस्टाग्राम प्लस पेड सब्सक्रिप्शन प्लान को पेश कर दिया है, जिसकी कीमत भारत में 299 रुपये मंथली है. इस प्लान के तहत यूजर्स को कई नए फीचर्स मिलेंगे. इंस्टाग्राम प्लस प्लान के तहत यूजर्स चोरी छिपे दूसरों की स्टोरीज भी देख सकेंगे. कंपनी ने कुछ दिन पहले ही अपने पॉपुलर ऐप्स इंस्टाग्राम, फेसबुक, WhatsApp के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च किए हैं. इंस्टाग्राम प्लस के तहत यूजर्स को एडिशनल फीचर्स, बेहतर इनसाइट्स और बहुत से एक्सक्लूसिव फीचर्स भी मिलेंगे. हालांकि स्टैंडर्ड वर्जन भी मुफ्त में काम करता रहेगा, लेकिन जो यूजर्स एक्स्ट्रा और एडवांस्ड फीचर्स चाहते हैं, उनको 299 रुपये मंथली चार्ज देना होगा. सीक्रेट तरीके से देख सकेंगे स्टोरी इंस्टाग्राम प्लस के तहत कई खास फीचर्स स्टोरीज से जुड़े हैं. इस प्लान के तहत यूजर्स आसानी से किसी दूसरे शख्स की स्टोरी का सीक्रेट प्रीव्यू देख सकेंगे. साथ ही सब्सक्राइबर ये भी जान सकेंगे कि कितने लोगों ने उनकी स्टोरी को दोबारा देखा है. इंस्टाग्राम प्लस के तहत स्टोरी टाइम ड्यूरेशन को 24 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे तक हो जाती है. साथ ही यूजर्स हर सप्ताह एक स्टोरी को एक्स्ट्रा विजिबिलिटी के लिए स्पॉटलाइट कर सकते हैं. इंस्टाग्राम प्लस सब्सक्राइबर ये भी जान सकेंगे कि उनकी स्टोरी देखने वालों की लिस्ट में जाकर यह देख सकेंगे कि वह कौन-कौन सा कंटेंट देख रहा है. स्पेशल इमोजी और स्पेशल फॉन्ट्स भी मिलेंगे इंस्टाग्राम प्लस के तहत यूजर्स को एनिमेटेड सुपर हार्ट रिएक्शन मिलेंगे, जिनमें इंटरैक्शन के दौरान रंग बिरंगे एनिमेटेड हार्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा. साथ ही सब्सक्राइबर्स को इंस्टाग्राम और क्रिएटर्स के लिए डिजाइन किए गए कस्टम ऐप आइकन व बायो के लिए स्पेशल फॉन्ट्स का एक्सेस मिलेगा. प्रोफाइल पिन्स फीचर भी मिलेगा इंस्टाग्राम प्लस के तहत एक और खास फीचर्स प्रोफाइल पिन्स मिलेगा, जिसकी मदद से यूजर्स अपने प्रोफाइल पर मैक्सिमम छह पोस्ट को पिन करके सबसे जरूरी पोस्ट को ऊपर रख सकेंगे. इंस्टाग्राम प्लस के तहत मिलने वाले फीचर्स स्टोरी रिवॉच काउंट : कितने लोगों ने स्टोरी दोबारा देखी, यह पता चलेगा. अनलिमिटेड स्टोरी ऑडियंस लिस्ट: क्लोज फ्रेंड्स के जैस ही  कई तरह कई कस्टम ऑडियंस लिस्ट तैयार कर सकेंगे. सीक्रेट स्टोरी प्रिव्यू: किसी भी शख्स की स्टोरी देखेंगे तो व्यूअर लिस्ट में आपका नाम नजर नहीं आएगा. 48 घंटे तक स्टोरीजः स्टोरीज टाइमलाइन 24 घंटे की जगह 48 घंटे के लिए मिलेगी. वीकली स्टोरी स्पॉटलाइट : हर हफ्ते एक स्टोरी को एडिशनल विजिबिलिटी के प्रमोट कर सकेंगे. स्टोरी व्यूअर सर्चः स्टोरी देखने वाले लोगों की लिस्ट में किसी भी व्यक्ति को सर्च कर सकेंगे. मेटा ने रेवेन्यू स्ट्रैटेजी में किया बदलाव मेटा ने रेवेन्यू स्ट्रैटेजी को बदलते हुए सिर्फ विज्ञापन पर निर्भरता को कम करते हुए पेड प्लान को लॉन्च किया है, जिसके तहत कंपनी को रेवेन्यू के कई नए ऑप्शन मिलेंगे. कंपनी का कहना है कि आने वाले दिनों में प्लस सब्सक्राइबर के लिए और नए फीचर्स को शामिल किया जाएगा. 

महंगे सीरम को कहें अलविदा: अंडे की जर्दी से पाएं नैचुरल ग्लोइंग स्किन का आसान उपाय

बदलते मौसम, प्रदूषण और तनाव के कारण चेहरे की चमक खो जाना एक आम समस्या है. इस चमक को वापस पाने के लिए हम अक्सर महंगे केमिकल वाले सीरम और नाइट क्रीम पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन कई बार इनके मनमुताबिक नतीजे नहीं मिलते. अगर आप भी केमिकल फ्री और पूरी तरह से प्राकृतिक ग्लो चाहते हैं तो आपकी रसोई में ही इसका समाधान छिपा है. अंडे की जर्दी त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें मौजूद प्रोटीन और फैटी एसिड्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं. जब आप अंडे की जर्दी में शहद या एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर लगाते हैं, तो यह महंगे से महंगे एंटी-एजिंग सीरम को भी मात दे देता है. आइए जानते हैं इसे बनाने और लगाने का सही तरीका. पैक की सामग्री अंडे की जर्दी : 1 अंडे का पीला हिस्सा शहद : 1 छोटा चम्मच एलोवेरा जेल या दही: 1 छोटा चम्मच बादाम का तेल: 2-3 बूंदें (अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी हो) बनाने और लगाने का तरीका सबसे पहले एक साफ बाउल में अंडे को तोड़कर उसके सफेद हिस्से (Egg White) और पीले हिस्से (Egg Yolk) को अलग कर लें. हमें सिर्फ पीले हिस्से यानी जर्दी का इस्तेमाल करना है. अब अंडे की जर्दी वाले बाउल में 1 छोटा चम्मच शुद्ध शहद डालें. अगर आपकी त्वचा पर दाग-धब्बे ज्यादा हैं, तो आप इसमें आधा चम्मच एलोवेरा जेल भी मिला सकते हैं. एक चम्मच या फॉर्क की मदद से इस मिश्रण को तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि यह एक स्मूद और क्रीमी पेस्ट न बन जाए. फेस पैक लगाने से पहले अपने चेहरे को किसी माइल्ड फेस वॉश या गुलाब जल से अच्छी तरह साफ कर लें और सुखा लें. अब एक ब्रश या उंगलियों की मदद से इस पैक को अपने चेहरे और गर्दन पर ऊपर की तरफ (Upward Motion) स्ट्रोक देते हुए समान रूप से लगाएं. आंखों के नाजुक हिस्से को बचाकर रखें. इस पैक को चेहरे पर 15 से 20 मिनट के लिए लगा रहने दें. जब यह हल्का सूखने लगे और त्वचा में खिंचाव महसूस हो, तो समझें यह काम कर चुका है. चेहरे को पहले हल्के गुनगुने पानी से धोएं ताकि पैक आसानी से छूट जाए, फिर ठंडे पानी से छींटे मारें जिससे पोर्स बंद हो जाएं. चेहरे को सुखाकर अपना पसंदीदा मॉइश्चराइजर लगा लें. सावधानी चेहरे पर पहली बार लगाने से पहले गर्दन या हाथ पर पैच टेस्ट जरूर करें ताकि किसी भी तरह की एलर्जी का पता चल सके. अगर आपको अंडे की महक पसंद नहीं है तो आप इस पैक में 2 बूंद नींबू का रस या रोजमेरी/लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की 1 बूंद मिला सकते हैं. बेहतर और ग्लोइंग स्किन के लिए इस पैक को हफ्ते में 1 या 2 बार इस्तेमाल किया जा सकता है.  

ज्वार से बनी कलबुर्गी रोटी: स्वाद और सेहत का अनोखा संगम, महिलाओं को भी मिला रोजगार

 भारत विविधताओं का देश है और इसकी झलक यहां के खान-पान में भी साफ दिखाई देती है. देश के हर क्षेत्र का अपना एक खास स्वाद और पहचान है. जब किसी स्थानीय खान-पान की तारीफ खुद देश के प्रधानमंत्री कर दें तो वह पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना लेता है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 123वें एपिसोड में कर्नाटक की कलबुर्गी रोटी का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि यह रोटी न केवल लोगों तक पौष्टिक भोजन पहुंचा रही है, बल्कि हजारों महिलाओं को रोजगार भी दे रही है. आइए जानते हैं कि आखिर कलबुर्गी रोटी में ऐसा क्या खास है जो इसे गांवों से निकालकर बड़े शहरों की डाइनिंग टेबल तक ले आया है और सेहत के लिहाज से इसके क्या फायदे हैं. कलबुर्गी रोटी आखिर है क्या? कलबुर्गी रोटी कर्नाटक के कलबुर्गी (पहले गुलबर्गा) क्षेत्र की एक पारंपरिक रोटी है. इसे मुख्य रूप से ज्वार के आटे से बनाया जाता है जो उत्तर कर्नाटक का प्रमुख अनाज माना जाता है. यह रोटी अपने बड़े आकार, मुलायम बनावट और देसी स्वाद के लिए जानी जाती है. इसे बनाने के लिए ज्वार के आटे को गर्म पानी से गूंथा जाता है. इसके बाद हाथों से थपथपाकर रोटी का आकार दिया जाता है और तवे पर सेंकी जाती है. यह रोटी आमतौर पर भरवां बैंगन की सब्जी, मूंगफली की ग्रेवी या लहसुन, तिल और मूंगफली से बनी मसालेदार चटनी के साथ खाई जाती है. सेहत के लिए कितना फायदेमंद है यह रोटी? ज्वार को मोटे अनाजों का राजा कहा जाता है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. ज्वार की रोटी वजन कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है. यह डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद मानी जाती है और हार्ट हेल्थ के लिए भी बेहतर होती है. इसके अलावा, इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है. यही वजह है कि ज्वार की रोटी को हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है.

फैटी लिवर से बचने के लिए इन 6 चीजों से तुरंत बनाएं दूरी

 आज के समय में फैटी लिवर की समस्या काफी आम हो गयी है. एक बड़ी आबादी ऐसी है जो एक लंबे समय से इस प्रॉब्लम से जूझ रही है. यह एक ऐसी हेल्थ कंडीशन है जिसमें आपके लिवर के अंदर नॉर्मल से ज्यादा चर्बी इकठ्ठा हो जाती है. लिवर की जब बात आती है तो यही वह ऑर्गन है, जो खाने को डाइजेस्ट करने में, शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में और एनर्जी को मैनेज करने का काम करता है. लेकिन, जब इसमें फैट बढ़ने लग जाता है तो इसकी काम करने की कैपिसिटी धीरे-धीरे कमजोर होने लग जाती है. अगर आप चाहते हैं कि आपको इस प्रॉब्लम से जूझना न पड़े तो सबसे पहले आपको अपनी कुछ आदतों को सुधारना होगा. इन आदतों में गलत डाइट लेना, कम फिजिकल एक्टिविटीज करना, बहुत ही ज्यादा फ्राइड और मीठी चीजें खाना शामिल है. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका सेवन आपको करने से बचना चाहिए अगर आप फैटी लिवर की प्रॉब्लम से खुद को बचाकर रखना चाहते हैं तो. चलिए इन चीजों के बारे में विस्तार से जानते हैं. स्वीटेंड ड्रिंक्स का सेवन करने से बचें अगर आपको फैटी लिवर है तो आपको जितनी जल्दी हो सके स्वीटेंड ड्रिंक्स जैसे कि कोल्ड ड्रिंक, सोडा, पैकेज्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक्स से दूरी बना लेनी चाहिए. इनमें काफी ज्यादा मात्रा में रिफाइंड शुगर और हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप पाया जाता है. जब ये चीजें आपके शरीर में जाती हैं तो तुरंत ही फैट में कन्वर्ट हो जाती हैं. यह फैट डायरेक्टली आपके लिवर में इकठ्ठा होने लगता है जिससे धीरे-धीरे आपके लिवर पर प्रेशर बढ़ने लग जाता है. अगर आप रेगुलर बेसिस पर इस तरह के ड्रिंक्स पीते हैं तो आपके लिवर में इन्फ्लेमेशन की प्रॉब्लम बढ़ सकती है. फ्राइड चीजों से भी बनाएं दूरी भले ही आपको फैटी लिवर हो या फिर आप खुद को इससे बचाकर रखना चाहते हों, आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप अपनी डाइट से फ्राइड चीजों को हटाना शुरू कर दें. फ्राइड चीजें जैसे कि समोसा, कचौड़ी, पकौड़े, पूरियां और फ्रेंच फ्राइज में ट्रांस फैट और कैलोरी की मात्रा बहुत ही ज्यादा होती है. जब ये आपके शरीर में जाते हैं तो कभी भी आसानी से बर्न नहीं होते है और धीरे-धीरे करके आपके लिवर में ही इकठ्ठा होने लग जाते हैं. रेगुलर बेसिस पर इस तरह की चीजों को खाने से आपके लिवर को फैट प्रोसेस करने में दिक्कत होती है, जिससे फैटी लिवर की प्रॉब्लम और भी ज्यादा बढ़ सकती है. जंक फूड्स की वजह से भी बढ़ सकता है फैटी लिवर जंक फूड्स जैसे कि बर्गर, पिज्जा, मोमोज, नूडल्स और पैकेज्ड स्नैक्स स्वाद के मामले में तो बहुत ही जबरदस्त और एडिक्टिव लगते हैं, लेकिन इनमें न्यूट्रिशन बहुत ही कम और अनहेल्दी फैट बहुत ज्यादा मौजूद होता है. इनमें मौजूद प्रिजर्वेटिव्स और एक्स्ट्रा सॉल्ट लिवर पर एक्स्ट्रा लोड डालने का काम करते हैं. इसके अलावा अगर आप इस तरह की चीजें खा रहे हैं तो आपके शरीर में ब्लड शुगर और इंसुलिन का लेवल भी बिगड़ सकता है. ऐसा होने की वजह से लिवर में फैट इकठ्ठा होने की जो प्रक्रिया है वह और भी ज्यादा तेज हो जाती है. हाई शुगर फूड्स भी हैं हानिकारक हाई शुगर फूड्स जैसे कि केक, पेस्ट्री, मिठाइयां, चॉकलेट और डेजर्ट्स में रिफाइंड शुगर की मात्रा बहुत ही ज्यादा होती है. जब आप अपने शरीर को जरूरत से ज्यादा चीनी देने लगते हैं, तो वह उसे एनर्जी में कन्वर्ट करने की जगह पर फैट के रूप में स्टोर करके रखने लगता है. यही फैट धीरे-धीरे आपके लिवर में भी जमा होने लग जाता है. जब आप रेगुलर बेसिस पर मीठी चीजें खाते रहते हैं तो इससे इंसुलिन रेसिस्टेंस की प्रॉब्लम बढ़ भी सकती है, जो आगे चलकर आपके लिवर को डैमेज करने का ही काम करता है. बंद कर दें शराब पीना शराब को फैटी लिवर का सबसे बड़ा और सीरियस कारण भी माना जाता है. जब आप शराब पीते हैं तो इसकी वजह से आपके लिवर के सेल्स डैमेज होने शुरू हो जाते हैं और साथ ही आपका लिवर अपनी पूरी कैपेसिटी के साथ काम भी नहीं कर पाता है. जब आप रेगुलरली शराब पीते हैं तो आपके लिवर में इन्फ्लेमेशन, फैट का इकठ्ठा होना और कुछ ही समय बाद लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. अगर आपको फैटी लिवर है तो आपको शराब का सेवन करना पूरी तरह से ही बंद कर देना चाहिए. थोड़ी मात्रा में भी शराब पीने से आपको काफी ज्याद नुकसान हो सकता है. प्रोसेस्ड फूड भी लिवर को करते हैं डैमेज प्रोसेस्ड फूड्स जैसे कि पैकेज्ड सूप, रेडी-टू-ईट मील्स, सॉसेज, बेकन और बाकी पैक्ड फूड आइटम्स में कई तरह के केमिकल्स, प्रिजर्वेटिव्स और जरूरत से ज्यादा नमक पाया जाता है. ये चीजें आपके शरीर में जाती हैं, तो आपके लिवर को इन्हें प्रोसेस करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. बहुत ही लंबे समय तक इन फूड आइटम्स के सेवन से लिवर में टॉक्सिन्स और फैट दोनों के इकठ्ठा होने का खतरा बढ़ जाता है.