samacharsecretary.com

कविता बनी सियासी हथियार: बंगाल SIR के खिलाफ अभिषेक बनर्जी का तीखा प्रहार

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर एक कविता लिखी, जिसमें उन्होंने लोगों पर इसके असर को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। राजनीतिक लामबंदी या दूसरे तरीकों से विरोध करने के बजाय, बनर्जी ने चुनाव आयोग के कदम के खिलाफ लोगों की तरफ से बोलने के लिए अपनी कलम की ताकत का इस्तेमाल किया। कविता की हर लाइन केंद्र सरकार द्वारा लोगों पर किए जा रहे अत्याचार को दिखाती है। कविता का नाम 'आमी अस्वीकार कोरी' (मैं मानने से इनकार करता हूं) है। सोशल मीडिया पोस्ट पर कविता शेयर करते हुए बनर्जी ने कहा, "एक खतरनाक प्रक्रिया को लेकर मेरे अंदर बहुत उथल-पुथल मची हुई है, जिसने लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है, और हमारे लोगों के सामूहिक दुख, दर्द और गुस्से को आवाज देते हुए, मैंने इन भावनाओं को एक छोटी सी कविता में ढाला है।" कविता की शुरुआती लाइनें हैं—'मैं 'मानने से इनकार करता हूं, यह लापरवाही, यह लिस्टों का राज, यह डर का राज। मैं मानने से इनकार करता हूं, राज्य के नाम पर खून का कर्ज। मैं मानने से इनकार करता हूं, खून पर स्याही का राज।' कविता में, हर शब्द और वाक्यांश एसआईआर से पैदा हुई हाल की स्थिति के डर और दर्द को दिखाता है। यह कविता एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लोगों पर थोपे गए नियमों के खिलाफ विरोध की आवाज उठाती है। अब तक, राज्य में एसआईआर अभ्यास शुरू होने के बाद से लगभग 150 लोगों की मौत हो चुकी है। उस संख्या का जिक्र करते हुए, बनर्जी ने दावा किया, "यह सिर्फ एक संख्या नहीं है; यह राज्य द्वारा लगाई गई आग में लोगों की चीख है।" उन्होंने एसआईआर तरीके की व्यर्थता को निशाना बनाते हुए लिखा, "राज्य के रिकॉर्ड में, आंकड़े जिंदगी की जगह ले लेते हैं। जमीर, सच्चाई और सम्मान शासक के जूतों के नीचे कुचल दिए जाते हैं।" बनर्जी ने अपनी कविता में इतिहास का भी जिक्र किया। उनकी पंक्तियां कहती हैं, "इतिहास- वह माफ नहीं करता, वह लिस्टें नहीं पढ़ता। इतिहास याद रखता है कि किसने विरोध किया, किसने लड़ाई लड़ी, कौन अपनी जगह पर डटा रहा, किसने आग लगाई। इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करता जो लोगों को छोटा समझते हैं।" इस कविता के जरिए, उन्होंने एक बार फिर एसआईआर अभ्यास के खिलाफ आवाज उठाई है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस अभ्यास के विरोध में 26 कविताएं लिखी थीं। अब, अभिषेक बनर्जी भी इस लिस्ट में शामिल हो गए हैं।

फ्लाइट परमिशन में देरी पर भड़के अभिषेक बनर्जी, केंद्र पर राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के बीरभूम दौरे को लेकर मंगलवार को काफी अनिश्चितता बनी रही। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनुमति न मिलने के कारण उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा उनके कार्यक्रमों में रुकावट पैदा कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार, अभिषेक को मंगलवार दोपहर दक्षिण 24 परगना के बेहाला से बीरभूम जिले में 'रण संकल्प सभा' में शामिल होने के लिए कोलकाता के बेहाला फ्लाइंग क्लब से हेलीकॉप्टर से रवाना होना था। उसी दौरान नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हेलीकॉप्टर उड़ाने की परमिशन नहीं दी, जिसके चलते उन्होंने काफी देर तक इंतजार किया, इसके बाद परमिशन मिली। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा के लोग डर रहे हैं, इसलिए हमारे कार्यक्रम में भी रुकावट पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग तृणमूल कांग्रेस से इतने डर गए हैं कि अब हमारे कार्यक्रमों में भी रोक लगाने लगे हैं। तृणमूल कांग्रेस के पदाधिकारियों ने बताया कि जिस हेलीकॉप्टर से उन्हें आज उड़ान भरनी थी, उसे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत के बाद और झारखंड सरकार के सहयोग से इंतजाम किया गया था। अभिषेक का बुधवार को बीरभूम में 'रण संकल्प सभा' ​​का कार्यक्रम है। रामपुरहाट के बिनोदपुर मैदान में सभा आयोजित करने की योजना थी। वहीं, एक सूत्र के अनुसार सांसद ने हेलीकॉप्टर उड़ाने के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं की थी। नतीजतन, वह दोपहर तक बेहाला फ्लाइंग क्लब में हेलीकॉप्टर का इंतजार करते रहे। उनका दावा है कि जिस तरह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बांगांव दौरे से पहले समस्याएं खड़ी की गईं, उसी तरह भाजपा अभिषेक के दौरे से पहले ‘साजिश’ रच रही थी। टीएमसी के नेताओं ने कहा कि अभिषेक के बढ़ते प्रभाव और पार्टी की सभाओं से भाजपा डरी हुई है, इसलिए इस तरह की रुकावटें पैदा की जा रही हैं। ममता बनर्जी ने भी इसी तरह की शिकायत की है कि वे खुद कई महीनों से हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं। हालांकि अभिषेक बनर्जी काफी देर के बाद अपने हेलीकॉप्टर से बीरभूम के लिए रवाना हुए। टीएमसी का दावा है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उनके चॉपर को क्लीयरेंस नहीं दिया था।

SIR मीटिंग में अभिषेक बनर्जी का हंगामा, CEC से हुई तीखी बहस

नई दिल्ली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) के साथ करीब ढाई घंटे चली बैठक के बाद केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. बनर्जी ने आरोप लगाया कि देश में अब EVM के बजाय 'सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम' के जरिए वोटर लिस्ट (Electoral Rolls) में हेरफेर कर वोट चोरी की जा रही है.  अभिषेक बनर्जी ने कहा कि TMC के 10 सांसदों और पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से करीब ढाई घंटे तक मुलाकात की, लेकिन आयोग उनके उठाए गए सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं दे सका. उन्होंने आरोप लगाया कि 28 नवंबर को भी आयोग से सवाल पूछे गए थे, लेकिन न तब जवाब मिला और न अब. उल्टा, चयनित लीक मीडिया को दिए गए. 'हम निर्वाचित हैं, आप मनोनीत' बैठक के दौरान हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की. लेकिन मैंने उनसे साफ कहा कि उंगली नीचे करके बात करो. आप मनोनीत (Nominated) हैं, जबकि हम निर्वाचित (Elected) प्रतिनिधि हैं. हम किसी के दास या गुलाम नहीं हैं. उन्होंने CEC को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे बैठक की CCTV फुटेज सार्वजनिक करें और मीडिया के सवालों का सामना करें. वोटर लिस्ट में ‘सॉफ्टवेयर खेल’ TMC नेता का दावा है कि SIR के तहत 1.36 करोड़ मामलों में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ बताई जा रही है, लेकिन आयोग ने अब तक इसकी सूची सार्वजनिक नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि ECI ऐप में गड़बड़ी है, जहां दस्तावेज जमा होने के बावजूद नोटिस जारी नहीं हो रहे और नाम सॉफ्टवेयर के ज़रिए हटाए जा रहे हैं, वह भी AERO की जानकारी के बिना. उन्होंने कहा कि 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को घंटों फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए बैठाया जा रहा है, जो अमानवीय है. बंगाल को बदनाम करने की कोशिश? अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाया कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम पर बंगाल को बदनाम किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “अगर 58 लाख लोगों की सूची बनाई गई है, तो साफ बताया जाए कि उनमें कितने अवैध प्रवासी हैं. अगर कोई अवैध है तो हम भी उन्हें बाहर करने के पक्ष में हैं, लेकिन झूठा प्रचार बर्दाश्त नहीं करेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि अन्य 11 राज्यों में SIR चल रहा है, लेकिन बंगाल में सबसे कम डिलीशन होने के बावजूद यहां सबसे ज्यादा सख्ती की जा रही है. विपक्ष को दिया संदेश अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस, AAP और RJD सहित विपक्षी दलों से अपील की कि वे समझें कि वोट चोरी ईवीएम से नहीं, वोटर लिस्ट और सॉफ्टवेयर के जरिए हो रही है. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में इसी तरीके से जीत हासिल कर रही है. अंत में उन्होंने कहा, “पहले मतदाता तय करते थे कि सरकार कौन बनाएगा, अब सरकार तय कर रही है कि वोट डालने कौन जाएगा. लेकिन याद रखिए बीजेपी हमेशा सत्ता में नहीं रहेगी, संविधान रहेगा. 2026 में बंगाल की जनता फिर बीजेपी को हराएगी.”    

अकड़ मुर्दों की होती है… कुंभ भगदड़ के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी का तीखा पलटवार, ममता के समर्थन में उतरे

कोलकाता  फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मची अव्यवस्था को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल सरकार का बचाव किया है। उन्होंने इसके लिए प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ का उदाहरण दिया है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना के एक घंटे के भीतर माफी मांग ली थी, जबकि भाजपा शासित राज्यों में हुई बड़ी घटनाओं पर ऐसी जवाबदेही देखने को नहीं मिलती। अभिषेक बनर्जी ने कहा, “भाजपा शासित राज्यों में कुंभ के दौरान कितने लोग मरे, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की भगदड़ में जानें गईं, क्या वहां किसी ने जिम्मेदारी ली? क्या आपने योगी आदित्यनाथ से सवाल किया? बंगाल में जो हुआ उस पर मुख्यमंत्री ने एक घंटे के भीतर माफी मांगी।” उन्होंने एक शेर के जरिए भी हमला बोला। अभिषेक बनर्जी ने कहा, “झुकता वही है जिसमें जान है, अकड़ तो मुर्दों की पहचान है। हमने जनता के सामने सिर झुकाया है। जिन पर आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यही वजह है कि भाजपा हारती है और तृणमूल जीतती है।” आपको बता दें कि मेसी की कोलकाता यात्रा GOAT टूर 2025 का पहला पड़ाव थी। यह अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। विश्व कप विजेता खिलाड़ी के स्वागत का जश्न उस समय तनाव में बदल गया, जब मैदान पर बड़ी संख्या में वीआईपी और राजनेताओं की मौजूदगी से प्रशंसकों में नाराजगी फैल गई। कई दर्शकों ने आरोप लगाया कि उन्होंने टिकट खरीदने के बावजूद मेसी की एक झलक तक नहीं देखी। घटना के बाद गुस्साए प्रशंसकों ने स्टेडियम में तोड़फोड़ भी की और आयोजकों पर कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए। खेल मंत्री का इस्तीफा, SIT गठित इस पूरे मामले के बाद राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वीकार कर लिया। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसमें आईपीएस अधिकारी पीयूष पांडेय, जावेद शमीम, सुप्रतीम सरकार और मुरलीधर शामिल हैं। इसके साथ ही सरकार ने डीजीपी राजीव कुमार को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि स्टेडियम में इतनी बड़ी अव्यवस्था क्यों हुई और निजी आयोजकों समेत संबंधित एजेंसियों के साथ समुचित समन्वय क्यों नहीं किया गया।  राज्य सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।  

गिरफ्तारी वारंट पर स्टे की मांग: ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने दी हाईकोर्ट में चुनौती

जबलपुर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। मामला नवंबर 2020 में कोलकाता में आयोजित एक सभा में दिए गए बयान से जुड़ा है। अभिषेक बनर्जी ने उस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय को गुंडा कहा था। इस बयान को लेकर आकाश विजयवर्गीय ने 2021 में मानहानि का मामला दर्ज कराया था। एक मई, 2021 से इस प्रकरण की सुनवाई भोपाल की एमपीएमएलए कोर्ट में चल रही है, लेकिन बताया गया है कि अभिषेक बनर्जी अब तक किसी भी पेशी में हाजिर नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 11 अगस्त और 26 अगस्त 2025 की तारीखों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अभिषेक बनर्जी ने इस गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने अंतरिम राहत के मुद्दे पर सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित कर लिया।

फिल्म ‘स्टोलेन’ को एशियन एकेडमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स 2025 में दो नॉमिनेशन मिलने पर अभिषेक बनर्जी ने खुशी जताई

मुंबई, अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने फिल्म 'स्टोलेन' को एशियन एकेडमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स 2025 में दो नॉमिनेशन मिलने पर खुशी जताई है। अभिषेक बनर्जी इन दिनों अपनी फिल्म स्टोलेन की सफलता से बेहद खुश हैं। यह फिल्म लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है और अब इसे एशियन एकेडमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स 2025 में दो बड़े अवॉर्ड्स, बेस्ट फीचर फिल्म (फिक्शन) और बेस्ट डायरेक्टर के लिए नॉमिनेट किया गया है। साल 2025 की बेहतरीन फिल्मों में से एक मानी जा रही स्टोलेन को इसकी दमदार कहानी, शानदार अभिनय और दिलचस्प निर्देशन के लिए खूब सराहना मिली है। इस मौके पर अपनी खुशी जताते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, "स्टोलेन को हमेशा ही एक यूनिवर्सल ऑडियंस के लिए बनाया गया था। ऐसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड्स में दो कैटेगरी में नॉमिनेट होना गर्व की बात है। बेस्ट फिल्म और बेस्ट डायरेक्टर का नॉमिनेशन इस बात को भी बताता है कि यह फिल्म कितनी दमदार प्रोडक्शन रही है। यह सब गौरव (प्रोड्यूसर) और करण तेजपाल (डायरेक्टर) की विज़न और हिम्मत का नतीजा है कि आज स्टोलेन भारत का प्रतिनिधित्व इतनी बड़ी जगह पर कर रही है। यह इस साल की अकेली भारतीय फिल्म है जो एशिया की बेहतरीन फिल्मों के साथ कम्पटीशन कर रही है। हमारी टीम के लिए यह गर्व का पल है।" इन नॉमिनेशनों के साथ स्टोलेन इस साल की सबसे चर्चित और सराही गई फिल्मों में और मज़बूती से अपनी जगह बना रही है, और अभिषेक बनर्जी एक बार फिर साबित कर रहे हैं कि वे अपनी पीढ़ी के सबसे बहुमुखी और असरदार कलाकारों में से एक हैं।  

अब काफी हुआ! – CM ममता पर कटाक्ष के बाद अभिषेक बनर्जी ने उठाए मोदी-बीजेपी पर बड़े सवाल

कोलकाता  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अयोध्या मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा राम नवमी से तीन महीने पहले कर दी थी. अभिषेक की यह टिप्पणी दुर्गा पूजा पंडालों को ‘देवी पक्ष’ से पहले खोलने के लिए पश्चिम बंगाल बीजेपी द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना किए जाने के बीच आई है.तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक ने अपने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में संवाददाताओं से बात करते हुए मोदी सरकार पर ‘दोहरी बात कहने की कला में निपुण होने, नोटबंदी की अचानक घोषणा के लिए कोई जवाबदेही नहीं लेने, जिसके कारण कई लोगों की मौत हो गई थी और संघीय व्यवस्था की भावना के विरुद्ध राज्य का बकाया नहीं देने का आरोप लगाया. राम नवमी से पहले प्राण प्रतिष्ठा पर उठाया सवाल पंडालों को देवी पक्ष से पहले खोलने को लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर, अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘ठीक है, उन्होंने देवी पक्ष की शुरुआत से एक दिन पहले पंडाल खोल दिए और मूर्तियों के पट नहीं खोले. उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री द्वारा राम नवमी से तीन महीने पहले जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करने के बारे में क्या कहना है? क्या किसी बीजेपी नेता ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए उठाए गए उस कदम पर टिप्पणी की है? पश्चिम बंगाल की धनराशि रोकने का आरोप बीजेपी पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए अभिषेक बनर्जी ने सवाल किया कि पश्चिम बंगाल को कितना पैसा दिया गया और राज्य से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से कितना लिया गया. बीजेपी पर मनरेगा जैसी परियोजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल को मिलने वाली धनराशि रोकने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मोदी सरकार पर ‘इस मुद्दे पर कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान नहीं करने’ का आरोप लगाया. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों की बात करते हैं, तो उन्हें यह बताना चाहिए कि 69 लाख जॉब कार्ड धारकों को अभी तक केंद्र से पैसा क्यों नहीं मिला है. राज्य ने उनकी मदद के लिए अपने सीमित कोष से संसाधन जुटाए.