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नई टीम, नया जोश: महानगर में भाजपा पदाधिकारियों का जोरदार स्वागत, मिला मजबूत संगठन का लक्ष्य

बरेली भारतीय जनता पार्टी महानगर इकाई में नई टीम के गठन के साथ ही संगठन ने ताकत का प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सिविल लाइंस स्थित पार्टी कार्यालय में नवनियुक्त पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया, जहां मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने साफ संदेश दिया कि अब संगठन की नीतियां घर-घर तक पहुंचानी होंगी। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम और महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को पटका और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला। मंत्री बोले, हर घर तक पहुंचे भाजपा की नीति वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ता संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करें। उन्होंने कहा कि यही कार्यकर्ताओं की असली जिम्मेदारी है और इसी से संगठन मजबूत होगा। सांसद छत्रपाल गंगवार ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता पूरी ताकत और समर्पण के साथ संगठन में काम करे। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही भाजपा की असली ताकत है। महापौर बोले, महानगर में बनें संगठन की पहचान महापौर डॉ. उमेश गौतम ने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे महानगर में संगठन की पहचान बनें और सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता महत्वपूर्ण है और सभी को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। एससी-एसटी आयोग सदस्य उमेश कठेरिया ने भी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।   ये बने नए पदाधिकारी, बड़ी जिम्मेदारी संभाली नवनियुक्त पदाधिकारियों में महानगर उपाध्यक्ष प्रभु दयाल लोधी, डॉ. तृप्ति गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, राज किशोर कश्यप, प्रवेश वर्मा, डॉ. रामचंद्र मौर्य, अमरीश कठेरिया, विभु शर्मा, महामंत्री विष्णु शर्मा, डॉ. आदेश गंगवार, राजीव साहनी, मंत्री अजय चौहान, रितेश गुप्ता, लता सिंह बघेल, रेनू शर्मा, कुमार गौरव शर्मा, राधे गुर्जर, मनजीत सिंह नागपाल, सत्तू सागर, श्रीमती रितु सागर, बंटी ठाकुर, गरिमा कमांडो, संतोष कश्यप, छंगमल मौर्य, सतीश कातिव, वीरेंद्र अरोड़ा, नरेंद्र मौर्य सहित महानगर के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और पार्षद बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

आंबेडकर जयंती पर भाजपा का घर-घर संपर्क अभियान, 13 से 19 अप्रैल तक विकास कार्यों का हिसाब देंगी

भोपाल संविधान निर्माता बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर 13 से 19 अप्रैल तक भाजपा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, संगोष्ठी, स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न कार्यक्रमों का प्रदेश भर में आयोजन किया जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारी से कहा कि वे प्रदेश भर में भ्रमण कर बूथ स्तर पर मोर्चा संगठन को बुलंदियों तक पहुंचाने का कार्य करें। गांव-गांव, घर-घर संपर्क अभियान चलाकर बताएं कि भाजपा संगठन और सरकार आपके लिए क्या कार्य कर रही है। आज से ही मोर्चा प्रदेश पदाधिकारी बाबा साहब आंबेडकर की जयंती कार्यक्रमों की तैयारियों में जुट जाएं। भारत को विश्व गुरु बनाने और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित व आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथ मजबूत करने के लिए कार्य करें। यह बात खंडेलवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रदेश कार्यालय भोपाल में अनुसूचित जाति मोर्चा की परिचयात्मक बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन को और मजबूत करने में मोर्चा पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक को क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, मोर्चा प्रभारी मनोरंजन मिश्रा व मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह परमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरूआ भी उपस्थित रहे। इससे पहले जामवाल की उपस्थिति में ही खंडेलवाल ने संभाग प्रभारियों, मोर्चा प्रभारी, प्रकोष्ठ प्रभारी एवं मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों की वर्चुअल बैठक कर संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। हर बूथ जीतने का लक्ष्य लेकर पार्टी संगठन के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं : जामवाल क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने कहा कि अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता हर बूथ को जीतने का लक्ष्य लेकर पार्टी संगठन के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं। भाजपा संगठन और सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को जनता तक पहुंचाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार अनुसूचित जाति मोर्चा के कल्याण व सर्वांगीण विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है।  

Puducherry Elections: BJP की पहली लिस्ट जारी, 9 उम्मीदवारों के नाम सामने

पुडुचेरी बीजेपी ने पुडुचेरी  विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट रिलीज कर दी है। BJP ने पुडुचेरी की 9 सीटों पर कैंडिडेट्स के नाम घोषित किए हैं, जिससे चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। BJP की Central Election Committee की मीटिंग बीते 18 मार्च 2026 को हुई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष Nitin Nabin ने की। इस मीटिंग में PM Modi, केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत कमेटी के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। मन्नादिपेट से प्रत्याशी होंगे पुडुचेरी के गृहमंत्री BJP की तरफ से रिलीज की गई सूची के मुताबिक, पुडुचेरी के गृहमंत्री A. Namassivayam को मन्नादिपेट विधानसभा सीट से सियासी मैदान में उतरेंगे। इसके अलावा, ऊसुदु (एससी) सीट से ई. थीप्पैनथन, राजभवन से वी.पी. रामालिंगम, कालापेट से पी.एम.एल. कल्याणसुंदरम, मुदलियारपेट से ए. जॉनकुमार, तिरुनल्लार से जी.एन.एस. राजशेखरन, मनावेली से एंबलम आर. सेल्वम, माहे सीट से ए. दिनेशन और नेरावी टी.आर. पट्टिनम से टीकेएसएम मीनाक्षीसुंदरम को टिकट दिया गया है। चुनावी तैयारियों को BJP ने दी धार पार्टी के उम्मीदवारों की इस लिस्ट से साफ है कि बीजेपी ने लोकल नेताओं पर विश्वास जताते हुए संतुलित उम्मीदवारों का चुनाव किया है। उम्मीदवारों के नामों के ऐलान से BJP ने अपनी स्ट्रैटेजी को स्पष्ट कर दिया है। अब सभी की नजरें दूसरे दलों की लिस्ट पर टिकी हुई हैं, क्योंकि पुडुचेरी में इस बार मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। बीजेपी ने यह लिस्ट जारी करने के साथ ही अपनी चुनावी तैयारियों को धार दे दी है। आने वाले दिनों में यहां चुनाव प्रचार और तेज होने वाला है। पुडुचेरी में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे और 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी। विधानसभा सीट उम्मीदवार का नाम मन्नादिपेट ए. नमस्सिवयम ऊसुदु (एससी) ई. थीप्पैनथन राजभवन वी.पी. रामालिंगम कालापेट पी.एम.एल. कल्याणसुंदरम मुदलियारपेट ए. जॉनकुमार तिरुनल्लार जी.एन.एस. राजशेखरन मनावेली एंबलम आर. सेल्वम माहे ए. दिनेशन नेरावी टी.आर. पट्टिनम टीकेएसएम मीनाक्षीसुंदरम    

बिहार राजनीति में हलचल: क्या रामनवमी पर BJP घोषित करेगी अपना CM चेहरा?

  पटना भारतीय जनता पार्टी अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ज्यादा समय देने के विचार में नहीं है। बिहार में इतिहास रचने के लिए वह खरमास के खत्म होने का इंतजार करे, यह भी शायद संभव नहीं हो। और, मौका है रामनवमी का तो तैयारी उसी हिसाब से हो रही है। जी हां, संभव है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनाने वाली पार्टी इस बार रामनवमी पर बिहार में पहली बार भाजपाई मुख्यमंत्री की शपथ करा ले। इसके लिए अंदर तैयारी है और बाहर माहौल बनाया जाने लगा है। खास बात यह भी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चौंकाने वाले नाम-काम से अलग भाजपा अपनी राह खुद तैयार कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्लानिंग कभी भी सामने आ सकती है। रोज चौंका रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भाजपा ने राज्यसभा जाने के लिए राजी कराया है, यह राज्य का बच्चा-बच्चा जानता है। लेकिन, अब यह भी लोग समझ रहे हैं कि मुख्यमंत्री भाजपा को संशय में डाल रहे हैं। इधर उन्होंने राज्यसभा का नामांकन किया और उधर समृद्धि यात्रा पर निकल गए। राज्यसभा चुनाव के दिन पटना में रहे, लेकिन वोटिंग के दौरान विधानसभा का रुख भी नहीं किया। और तो और, अगले दिन फिर समृद्धि यात्रा पर बिहार के लोगों से मिलने निकल गए। अलग-अलग जिले घूम रहे हैं। इस दौरान वह यह तो बता रहे हैं कि आगे की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, लेकिन यह नहीं कह रहे हैं कि वह बिहार छोड़ने जा रहे हैं। अब तक कई कंधों पर हाथ रख चुके नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार को मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, यह उन्होंने कभी नहीं कहा। निशांत के राजनीति में आने पर भी उन्होंने एक बार भी कुछ नहीं कहा। दूसरी तरफ नीतीश समर्थक निशांत के लिए डिप्टी सीएम की कुर्सी पर अड़े हैं। हालांकि, नीतीश कुमार लगातार अलग-अलग संकेत देकर भाजपा को ही संशय में डाल रहे। समृद्धि यात्रा में उन्होंने सबसे ज्यादा भाजपाई डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रख आगे की जिम्मेदारी संभालने की बात कही, जबकि भाजपा के अंदर से संघ-विद्यार्थी परिषद् बैकग्राउंड वाले किसी नेता को आगे करने की चर्चा निकल रही है। नीतीश ने सम्राट चौधरी को पसंद बताया है। लेकिन, वह इसके साथ ही बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी व लेसी सिंह के अलावा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के कंधे पर भी इसी अंदाज में हाथ रख चुके हैं। भाजपा की प्लानिंग अब आएगी सामने चैत्र नवरात्र शुरू हो चुका है। पहले बात चल रही थी कि 15 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास के बीच नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण नहीं होगा। लेकिन, अब भाजपा की तैयारी नवरात्र में ही अपने पहले मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने की है। बिहार भाजपा में नेताओं की चर्चा के दौरान अब भी रोज कई मुख्यमंत्री बन रहे हैं और हट रहे हैं, हालांकि नवरात्र का पहला दिन निकलते-निकलते यह कहा जा रहा है कि भाजपा के रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम चर्चा कर ली है। इसपर सर्व-सहमति की तैयारी की जा रही है। कहा जा रहा है कि रामनवमी या उसके अगले दिन नई सरकार का शपथ ग्रहण करा लिया जाएगा। नवरात्र के लिए राजनीतिक माहौल बनाया खरमास बाद नई सरकार की चर्चा चल रही थी। कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार राज्यसभा के नए कार्यकाल के लिए अप्रैल में मौजूदा सांसदों का समय पूरा होने तक यहीं जमे रहेंगे। लेकिन, अब नवरात्र शुरू होते ही माहौल बदला है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय के नेताओं की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास यह जानकारी पहुंचा दी गई है कि उन्हें 30 मार्च के पहले ही राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करनी है। वह 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं, इसलिए 14 दिन ही उनके पास निर्णय के लिए बचते हैं। नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता 30 मार्च के पहले ले लेंगे तो उसके बाद उन्हें नई सरकार के शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाए रखने का विकल्प हो सकता है या नहीं- इसपर भी चर्चा चल रही है। हालांकि इन चर्चाओं के बीच रामनवमी पर शपथ ग्रहण की चर्चा भाजपा में पटना से लेकर दिल्ली तक है।

गोरखपुर में BJP नेता हत्याकांड में प्रमुख आरोपी की गिरफ्तारी, गोली मारने के बाद चाकुओं से हमला

गोरखपुर गोरखपुर में पूर्व पार्षद और भाजपा नेता राजकुमार चौहान के हत्यारों को पुलिस ने महज़ कुछ ही घंटों में ढूंढ लिया है. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने भतीजे से हुई लड़ाई का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की थी. मॉर्निंग वॉक पर निकले राजकुमार चौहान को आरोपियों ने पहले गोली मारी और फिर चाकू से गोद डाला. यह घटना मंगलवार सुबह 5 बजे के आसपास हुई. जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। राजकुमार के भतीजे से हुई लड़ाई से क्षुब्ध होकर 18 वर्षीय राज चौहान ने अपने दोस्त विपिन यादव के साथ मिलकर चाचा राजकुमार चौहान की बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राजकुमार के शरीर पर कुल 11 जगह घाव मिले हैं. हत्याकांड को लेकर राजकुमार के परिवार ने 8 लोगों को नामजद किया था. लेकिन पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे गिरफ्तार दो आरोपियों की ही संलिप्तता पाई गई है। प्रशासन करेगा बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने सच उगल दिया. वहीं भाजपा नेता की मौत के बाद गोरखपुर जिला प्रशासन ने उदारता दिखाते हुए परिवार की मदद को आगे हाथ बढ़ाया है. जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि मृतक के परिवार ने सुरक्षा की मांग थी. जिसे तत्काल मुहैया कराया गया है. कुछ आर्थिक मदद की बात की गई थी, जिसे प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। मृतक की दो छोटी बेटी और एक बेटे की पढ़ाई की व्यवस्था भी कराई जाएगी. साथ ही कोई योग्य परिवार का सदस्य जो नौकरी करना चाहता हो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी।

राज्यसभा में 13 नई सीटों से बीजेपी बहुमत के और करीब, अब लक्ष्य कितना दूर?

 नई दिल्ली देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के फाइनल नतीजे घोषित हो गए हैं, जिसमें 26 निर्विरोध चुने गए तो 11 सीटों पर मतदान के जरिए फैसला हो सका है. बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए को 22 सीटों पर जीत हासिल हुई है तो विपक्ष के खाते में 15 सीटें आईं है. राज्यसभा के इस चुनाव से बीजेपी की संसद के उच्च सदन में ताकत काफी बढ़ गई है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से अभी भी वह दूर है। हालांकि, बीजेपी के अगुवाई वाला एनडीए गठबंधन बहुमत का आंकड़ा 2024 में ही हासिल कर चुका. अब राज्यों में बीजेपी की ताकत बढ़ने के बाद उसकी ताकत संसद के उच्च सदन यानि राज्यसभा में भी बढ़ी है. इसकी का नतीजा है कि 10 राज्यों की 37  राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ही नहीं एनडीए की सीटें बढ़ गई है। राज्यसभा में सदस्यों की संख्या 245 है, जिसके लिहाज से बहुमत के लिए किसी भी दल को 123 सदस्यों की जरूरत होती है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के बाद बीजेपी का नंबर कितना हो गया है और बहुमत से कितनी दूर है. इसके अलावा 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों से सदन के गणित पर क्या असर पड़ेंगे?  राज्यसभा में बीजेपी बहुमत से कितनी दूर देश के 10 राज्यों की जिन 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं, वो सीटें अप्रैल में खाली हो जाएंगी. चुनाव आयोग राज्यसभा सदस्यों के 6 साल के कार्यकाल पूरे होने से एक महीने पहले उनकी सीटों पर चुनाव करा लेता है. इसकी कड़ी में 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं.चुनाव से पूर्व बीजेपी के राज्यसभा में कुल 103 सांसद हैं, जिसमें से पार्टी के 9 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। 9 राज्यसभा सदस्यों के कार्यकाल खत्म होने से बीजेपी की सीटें उच्च सदन में कम होकर 94 पर हो रही है, लेकिन बीजेपी ने 37 राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में  13 राज्यसभा जीतने में कामयाब रही है. इस तरह बीजेपी की सीटें बढ़कर 107 हो गई हैं. बीजेपी की राज्यसभा सीटें पहले से चार ज्यादा हो रही हैं, लेकिन उसके बाद भी बहुमत से दूर है। बीजेपी को राज्यसभा में अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए 16 राज्यसभा सीट की जरूरत है. बीजेपी को 16 राज्यसभा की सीटों को जिताने के लिए 2026 के जून और नवंबर के चुनाव का ही नहीं बल्कि 2028 तक इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि इसके बाद पार्टी राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ा सकती है। 37 राज्यसभा सीटें के चुनाव से क्या बदलेगा? देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं, जिसमें सात राज्यों के 26 राज्यसभा सदस्य पहले निर्विरोध निर्वाचित चुन लिए गए थे. तीन राज्यों की 11 सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए और उसके बाद नतीजे आए हैं.इस तरह 37 राज्यसभा सीटों के चुनाव का फाइनल नतीजे देखें तो बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए ने 22 सीटें जीती हैं तो विपक्ष के खाते में 15 सीटें आईं हैं। हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों में से एनडीए ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि विपक्ष को सिर्फ दो राज्यसभा सीटें ही मिल सकी है. बीजेपी ने 5 सीटें जीती हैं और उसके सहयोगियों को 4 सीट मिली है. कांग्रेस और बीजेडी एक-एक राज्यसभा सीटें ही मिल सकी हैं. राज्यसभा की जिन 26 सीटें पर पहले ही निर्विरोध सदस्य चुने गए हैं, उसमें एनडीए और विपक्ष को 13-13 सीटें मिली थी। राज्यसभा चुनाव का फाइनल नतीजे देखें तो 37 सीटों में एनडीए को 22 सीटें मिली है जबकि विपक्ष के हिस्सा में 15 सीट ही आ सकी हैं. इसमें बीजेपी को 13 सीटें मिली तो जबकि 9 सीटें उसके सहयोगी ने जीती हैं. विपक्ष को मिली 15 राज्यसभा सीटों में कांग्रेस ने 6 सीटें, टीएमसी ने 4 सीटें, डीएमके ने 3 सीटें, शरद पवार की एनसीपी को एक सीटें और एक सीट बीजेडी को मिली है। चुनाव पहले और नतीजे आने के समीकरण को देखते हैं तो एनडीए को 10 सीटों का फायदा तो विपक्ष को 10 सीटों का नुकसान हुआ. चुनाव से पहले एनडीए के पास 12 राज्यसभा सीटें थी, लेकिन अब बढ़कर 22 हो गई हैं जबकि विपक्ष के पास 25 राज्यसभा सीटें थी, जो अब घटकर के 15 रह गई हैं। राज्यसभा में एनडीए की कुल ताकत क्या है?  राज्यसभा में एनडीए की चुनाव से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का आंकड़ा 131 सदस्यों का था, लेकिन 37 सीटों पर नतीजे के बाद अब एनडीए गठबंधन के सदस्यों की संख्या 141 हो गई है. बीजेपी के 107, AIADMK के पांच, जेडीयू के 4, एनसीपी के 4, टीडीपी के 2, UPPL के दो, शिवसेना के 2, जेडीएस के 1, आरएलडी के एक, एजीपी के 1,आरएलएसएम के एक, एनपीप के एक, PMK के एक और निर्दलीय तीन राज्यसभा सदस्य हैं. इसके अलावा 6 मनोनीत राज्यसभा सदस्यों का समर्थन भी बीजेपी को है। राज्यसभा चुनाव में विपक्ष को झटका लगा है, उसकी सीटें घट गई हैं. विपक्षी गठबंधन 'इंडिया ब्लाक' की सीटें राज्यसभा में 74 पर पहुंच गई हैं, उसमें कांग्रेस के पास 28 सीटें, टीएमसी की 13, डीएमके की 8, सपा की 4, सीपीआई (एम) की तीन, नेशनल कॉफ्रेंस की 3, आरजेडी की 3, सीपीआई की 2, मुस्लिम लीग की 2, जेएमएम, शरद पवार की एनसीपी की एक, शिवसेना (य़ूबीटी) की एक, डीएमडीके की एक और तीन अन्य दल के सदस्य हैं.    एनडीए और इंडिया ब्लॉक से अलग रहने वाले दलों की संख्या राज्यसभा में देखें तो वह 28 है, उसमें आम आदमी पार्टी की 10, वाईएसआर कांग्रेस की 7, बीजेडी की 6, बीआरएस की 3, बसपा की एक की एमएनएफ की एक सीट है. इसके अलावा दो राज्यसभा खाली हैं. साथ ही यह भी बता दें कि राज्यसभा की 12 सीटों पर सदस्यों को राष्ट्रपति के द्वारा मनोनीत किया जाता है. ऐसे में बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए का नंबर उच्च सदन में बहुमत से ज्यादा है। राज्यसभा में बहुमत से क्या हासिल करेगी राज्यसभा में बहुमत से बीजेपी भले ही दूर है, लेकिन एनडीए के नंबर काफी मजबूत है. मोदी सरकार के लिए … Read more

मुख्यमंत्री ने कहा- इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाएंगे, लॉरेंस को VIP सुविधाएं दी गईं; BJP सरकार आई तो धर्म की लड़ाई होगी

चंडीगढ़ पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने चुनाव के समय जनता से किए अधिकतर वादों को पूरा किया है और कई ऐसे काम भी किए गए हैं जिनकी घोषणा पहले नहीं की गई थी। सबसे पहले मुख्यमंत्री ने सीएम मान के साथ 4 साल बुकलेट को लांच किया। इसके बाद उन्होंने अपने 4 साल में पूरे किए वादों और आने वाले उनके प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 117 में से 92 सीटों पर जीत मिली थी और 16 मार्च 2022 को उन्होंने खटकड़ कलां में शपथ लेकर सरकार की शुरुआत की थी। चार वर्षों में बिजली, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और खेल के क्षेत्र में बड़े फैसले लिए गए हैं। CM ने कहा कि अमृतसर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बना रहे हैं। इसके लिए जमीन देख रहे हैं। इसके लिए एयरपोर्ट और होटलों की शर्त पूरी कर रहे हैं। मान ने कहा कि कांग्रेस सांसद सुखजिंदर रंधावा गैंगस्टरों का सरगना है। उसने अपने गैंगस्टर पैदा कर रखे थे। सीएम ने कहा कि इस चुनाव में हमारा मुकाबला खुद से है। दूसरी किसी पार्टी से वह मुकाबला नहीं मानते। पंजाब में अगर BJP सरकार बनी तो धर्म की लड़ाई होगी। सीएम मान ने कहा कि पंजाब आकर अमित शाह गैंगस्टरों की बात करते हैं, लेकिन गुजरात की साबरमती जेल में गैंगस्टर लॉरेंस को VIP फैसिलिटी में रखा गया है। उसे वहां से कोई कहीं न ले जा सके। उसकी जान को खतरा बताया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले कोयले की खान से भी कमीशन खाया जाता था। हमने अपनी खान चालू कराई, जिससे थर्मल प्लांट चलाकर बिजली संकट को दूर किया गया। इससे पहले उन्होंने पिछले 4 साल में किए सरकार के कामकाज का बुकलेट जारी किया। 300 यूनिट मुफ्त बिजली से की शुरुआत  मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लोगों को मुफ्त बिजली देने के फैसले को लेकर शुरुआत में विरोधियों ने कई सवाल उठाए थे, लेकिन सरकार ने जुलाई 2022 से ही यह योजना लागू कर दी। उन्होंने कहा कि आज लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा किसानों को दिन के समय आठ घंटे बिना रुकावट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सीएम मान ने कहा कि संगरूर में मेडिकल कॉलेज बनना था, अब तक चालू भी हो जाता। मगर SGPC ने विरोध कर दिया। अब नई जगह तय की गई है। सीएम ने कहा कि भाजपा ने 15 लाख रुपए का वादा किया। फिर चुनाव के बाद कहा कि ये तो जुमला था। रोजगार के नाम पर PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि पकौड़े तलना भी रोजगार है। बता दें कि साल 2022 में AAP को पंजाब में 117 में से 92 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। इस लैंडस्लाइड विक्ट्री के बाद CM भगंवत मान ने 16 मार्च 2022 को खटकड़ कलां में शपथ ली थी। स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले जा चुके हैं और जल्द ही दो सौ और खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर लाखों लोग मुफ्त उपचार और जांच का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत हजारों लोगों का इलाज कराया जा रहा है। जालंधर व मोहाली में होंगे एशिया कप हॉक मैच खेलों के क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पंजाब को एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने जा रही है। यह मुकाबले जालंधर के बल्टन पार्क मैदान और मोहाली में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की खेल परंपरा को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार आने से पहले राज्य में नहरों के पानी का उपयोग लगभग 21 से 22 प्रतिशत तक ही सीमित था, जबकि अब यह बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके लिए नहर प्रणाली को मजबूत बनाने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पिछले चार वर्षों में करीब 65 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए निवेश आकर्षित किया गया है। नशे के खिलाफ जंग जारी नशा तस्करी के खिलाफ अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और उनकी संपत्तियों को भी जब्त किया जा रहा है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य से नशा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क सुरक्षा बल की स्थापना के बाद सड़क हादसों में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने और खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए भी कई योजनाएं चल रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की कुछ नीतियों की आलोचना भी की और कहा कि राज्य के विकास के लिए जरूरी वित्तीय सहायता समय पर मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजाब विकास और खेल दोनों क्षेत्रों में नई पहचान बनाएगा। विरोधियों को घेरा सीमए मान ने सीएम मान ने विरोधियों को भी घेरा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात की जाती है, जबकि दूसरी तरफ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की साबरमती जेल में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के गैंगस्टरों पर कार्रवाई करने संबंधी बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार न तो गैंगस्टरों को चुनाव में टिकट देती है और न ही … Read more

चुनाव का ऐलान और सामने आया असम का ओपिनियन पोल, किस पार्टी की बन रही सरकार?

गुवाहाटी पांच राज्यों में चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही पहला ओपिनियन पोल भी आ चुका है। असम के लिए जो ओपिनियन पोल जारी हुआ है, उसमें भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर आ रहा है। मार्टिज-आईएनएस के ओपिनियन पोल में भाजपा को 96 से 98 सीटें मिलने की उम्मीद जताई गई है। वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस को दिखाया गया है। अनुमान के मुताबिक कांग्रेस को 26 से 28 सीटें मिल सकती हैं। किस पार्टी को कितनी सीटों का अनुमान चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आए मार्टिज-आईएएनएस के ओपिनियन पोल में भाजपा को 96 से 98, कांग्रेस को 26 से 28, एआईयूडडीएफ को 1 से 5 और अन्य को 1 से 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में नौ अप्रैल को वोट डाले जायेंगे और मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिया जायेगा। चुनाव आयोग ने यहां रविवार को संवाददाता सम्मेलन में राज्य के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 16 मार्च 2026 को जारी होगी और इसी के साथ नामांकन दाखिल करने का कार्य शुरू हो जाएगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और 24 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नाम वापसी के लिए 26 मार्च तक का समय दिया गया है। आदर्श आचार संहिता लागू इसके साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। कुल 126 सीटों में से 09 सीटें अनुसूचित जाति के लिए और 19 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राज्य की वर्तमान विधानसभा का पांच वर्षीय कार्यकाल 21 मई 2021 को प्रारंभ हुआ था, जो आगामी 20 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। राज्य में कुल 2,35,01,164 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें सामान्य मतदाताओं की संख्या 2,34,40,296 दर्ज की गई है, जबकि सर्विस वोटर्स की संख्या 60,868 है। चुनाव आयोग द्वारा 11 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, मतदान प्रक्रिया में 476 थर्ड जेंडर मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कितने युवा मतदाता असम में इस बार 3,82,341 युवा मतदाता (18-19 वर्ष) पहली बार लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल होकर अपना पहला वोट डालेंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य में 1,59,335 दिव्यांग मतदाता और 85 वर्ष से अधिक आयु के 1,20,538 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत हैं। इन सभी वरिष्ठ मतदाताओं के लिए आयोग ने घर से मतदान करने हेतु वैकल्पिक डाक मतपत्र की विशेष सुविधा सुनिश्चित की है। मतदान की सुगमता के लिए बुनियादी ढांचे में विस्तार करते हुए आयोग ने असम में कुल 28,205 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। आयोग ने प्रत्येक केंद्र पर मतदाताओं की औसत संख्या लगभग 831 रखी है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुविधाजनक तरीके से संपन्न हो सके।  

बंगाल चुनाव: BJP के प्रमुख नेताओं को चुनाव में उतारने की योजना, CM कैंडिडेट कौन बनेगा?

कलकत्ता  भाजपा पश्चिम बंगाल और केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए घोषित चेहरे के बगैर चुनाव लड़ेगी। पश्चिम बंगाल में सभी 294 सीटों पर और केरल में एनडीए के दलों के साथ सभी 140 सीटों पर लड़ेगी। पश्चिम बंगाल में पार्टी पूर्व सांसदों के साथ ही लोकसभा में मौजूदा सांसदों को भी विधानसभा चुनाव मैदान में उतार सकती है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों के साथ चुनावी रणनीति पर भी चर्चा की है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा पश्चिम बंगाल में इस बार पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी और वह अपने अधिकांश मौजूदा विधायकों के साथ पूर्व सांसदों को भी चुनाव मैदान में उतार रही है। पार्टी रणनीति के तहत मौजूदा सांसदों को भी चुनाव मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। हालांकि, पार्टी इस बार भी किसी को बतौर मुख्यमंत्री पेश नहीं करेगी। सीएम कैंडिडेट कौन? केरल को लेकर पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा एनडीए के दो सहयोगी दलों ट्वेंटी 20 और भारतीय जन धर्म सेना के साथ सभी 140 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा खुद 90 से 100 सीटों पर लड़ेगी और बाकी 40 सीट दोनों सहयोगियों को लगभग आधी-आधी बांटेगी। भाजपा ने पिछली बार 115 सीट पर और भारतीय जन धर्म सेना ने 21 सीट पर चुनाव लड़ा था। भाजपा इस बार बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के चुनाव लड़ेगी। उसने पिछली बार मेट्रो मैन ई. श्रीधरन को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया था, लेकिन उसका खाता भी नहीं खुला था। सूत्रों का कहना है कि इस बार चुनावी पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ केंद्र सरकार का नाम और काम रहेगा। राज्य के नेताओं में केरल भाजपा के प्रमुख राजीव चंद्रखेशर, ट्वेंटी 20 के प्रमुख साबू एम. जैकब और भारतीय जन धर्म सेना के प्रमुक टी. वेल्लापेल्ली का चेहरा भी रहेगा। केरल में भाजपा स्थानीय निकायों के नतीजों से काफी उत्साहित है। खासकर राजधानी तिरुवनंतपुरम में पार्टी ने पहली बार अपना मेयर बनाया है।

MP निगम-मंडल नियुक्ति अपडेट: लिस्ट जल्द जारी, जानें इंतजार की वजह

भोपाल  मध्य प्रदेश में निगम-मंडल की नियुक्तियों की सूची लंबे समय से प्रतीक्षित है, लेकिन अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी न मिलने के कारण फैसला टला हुआ है। प्रदेश के कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता इस सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व ने संभावित नामों की सूची तैयार करके केंद्रीय स्तर पर भेज दी थी, लेकिन दिल्ली में अंतिम स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के जरिए अंतिम निर्णय होना था, लेकिन वैश्विक और राष्ट्रीय घटनाओं के चलते यह बैठक स्थगित हो गई। इससे एमपी निगम-मंडल की सूची जारी करने में और देरी हुई। इस देरी से प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जल्द सूची जारी करने पर टिकी हैं।