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विदेश में भारत विरोधी ताकतों से संवाद पर सियासी घमासान, भाजपा का तीखा हमला

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जर्मनी दौरे को लेकर तल्ख टिप्पणी की। भाजपा ने शनिवार को आरोप लगाया कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विदेश जाकर राहुल गांधी ने न केवल भारत को बदनाम किया, बल्कि भारत विरोधी ताकतों से मुलाकात भी की। भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर आरोप लगाए।  उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पहला कर्तव्य संसद में मौजूद रहना होता है, लेकिन राहुल गांधी संसद सत्र छोड़कर जर्मनी चले गए। भाटिया ने कहा, "विदेश जाकर भारत को बदनाम करना और भारत विरोधी लोगों से मिलना, यह काम देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।" गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जर्मनी के हर्टी स्कूल गए, जहां उन्होंने डॉ. कॉर्नेलिया वोल से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि डॉ. वोल सेंट्रल यूरोपियन यूनिवर्सिटी (सीईयू) की ट्रस्टी हैं, जिसे अमेरिकी निवेशक और परोपकारी जॉर्ज सोरोस से जुड़ा बताया जाता है। भाजपा का आरोप है कि जॉर्ज सोरोस और उनसे जुड़े संस्थानों के भारत विरोधी रुख रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा प्रवक्ता ने एक राजनीतिक मीम का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी और जॉर्ज सोरोस के बीच करीबी संबंध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी संसद सत्र चल रहा होता है, राहुल गांधी विदेश यात्रा पर निकल जाते हैं और ऐसे लोगों से मिलते हैं जो भारत के विरोधी हैं या भारत की प्रगति से जलन रखते हैं। गौरव भाटिया ने सवाल उठाया कि आखिर नेता प्रतिपक्ष किस एजेंडे के तहत विदेशों में जाकर भारत के खिलाफ माहौल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी का नाम कथित तौर पर भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़ा हो। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना 'मीर जाफर' से करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां देश के हितों के खिलाफ हैं। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जॉर्ज सोरोस भारत को लेकर कई बार नकारात्मक बयान दे चुके हैं और उन पर भारत में अशांति फैलाने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोरोस भारतीय नागरिक नहीं हैं और न ही उन्होंने भारतीय संविधान की शपथ ली है, लेकिन राहुल गांधी ने संविधान की शपथ ली है, इसके बावजूद उनका ऐसा व्यवहार बेहद शर्मनाक है। भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी को मासूम नहीं बल्कि चालाक बताया जा सकता है और उनका रवैया सत्ता हासिल करने के लिए भारत विरोधी ताकतों के साथ खड़े होने जैसा है। उन्होंने इसे देश के खिलाफ साजिश करार देते हुए गंभीर शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा, "मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ये जान चुकी हैं कि वो आगामी चुनाव हारने जा रही हैं। इसलिए वो सांप्रदायिक राजनीति करके चुनाव को प्रभावित करना चाहती हैं। टीएमसी के विधायक मदन मित्रा ने जिस प्रकार से हिंदू विरोधी वक्तव्य दिया, उससे हिंदुओं की भावनाएं काफी आहत हुई हैं। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मदन मित्रा ने कहा कि प्रभु श्रीराम हिंदू नहीं, मुसलमान हैं। इसके बावजूद ममता बनर्जी ने न तो इसकी निंदा की और न ही उन्हें पार्टी से निकाला।"

ED की बड़ी कार्रवाई: BJP नेता के घर से 2 करोड़ रुपये, 6 किलो सोना और 300 किलो चांदी जब्त

पानीपत  हरियाणा के पानीपत में ईडी की टीम ने भाजपा नेता के घर पर रेड डाली है. डंकी रूट से अमेरिका भेजने के आरोपों में ईडी की टीम ने पानीपत में दस्तक दी, इस दौरान अहर-कुराना गांव में भाजपा नेता बलवान शर्मा, पंचायत सचिव प्रवीण उर्फ फोर्ड व एजेंट प्रदीप के कई ठिकानों पर छापे मारे गए. बताया जा रहा है कि ईडी ने इन ठिकानों से 2 करोड़ से ज्यादा की नकदी, 300 किलो चांदी, 6 किलो सोना और संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं. साथ ही लैपटॉप, कंप्यूटर और रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं. पंचायत सचिव प्रवीण उर्फ फोर्ड, खेल कोटे से सरकारी नौकरी में आया और वह सर्कल कबड्डी खिलाड़ी रहा है. जांच में पता चला है कि आरोपी मेक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजने के लिए प्रॉपर्टी या जमीन के कागजात गिरवी रखवाता था. इससे पैसा पक्का रहता और कोई भाग नहीं सकता था. गौरतलब है कि ईडी ने  हरियाणा के पानीपत, पिहोवा और पंजाब, दिल्ली समेत 13 व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की. ईडी की जालंधर जोनल ऑफिस की अलग-अलग टीमों ने रिची ट्रैवल्स (जालंधर), तरुण खोसला (दिल्ली), बलवान शर्मा (पानीपत) से जुड़े व्यवसायिक और आवासीय परिसरों में तलाशी ली. ये कार्रवाई उन सूचनाओं के आधार पर की गई, जिनमें 330 भारतीयों को फरवरी 2025 में अमेरिका की ओर से भारता भेजा गया था. कुरुक्षेत्र में भी मारी थी रेड इससे पहले, कुरुक्षेत्र में भी ईडी की टीम ने रेड मारी थी और पिहोवा का एजेंट फरार हो गया था. बताया जा रहा है कि पिछले महीने एजेंट विशाल चावला के घर चोरी हुई थी और घर से करीब 5 लाख रुपए, विदेश करेंसी और ज्वैलरी चुराई गई थी. वहीं, रेड से पहले एजेंट के फरार होने का शक है.ईडी की रेड में हिमाचल, हरियाणा और पंजाब के आरोपी रडार पर हैं.

अखिलेश यादव का BJP पर करारा वार: 5 बड़ा या 7, PDA को बताया अपमानित

लखनऊ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर करारा तंज कसा है. उन्होंने इसे PDA समाज का अपमान बताया है. अखिलेश यादव ने पोस्ट कर कहा कि, 5 बड़ा या 7 ? विधायक बड़ा या सांसद ? राज्य बड़ा या केंद्र ? राज्य सरकार का मंत्री बड़ा या केंद्र सरकार का? फिर सवाल ये है कि 5 बार के विधायक को भाजपाई राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाते हैं और 7 बार के सांसद को राज्य का अध्यक्ष. आगे अखिलेश यादव ने कहा, इसका तर्क क्या है. दरअसल इसका कोई तर्क भाजपा के पास नहीं है. इसका कारण सिर्फ़ ये है कि प्रभुत्ववादी भाजपाई ये संदेश देना चाहते हैं कि PDA समाज का व्यक्ति कितना भी क़ाबिल हो पर वो वर्चस्ववादियों के आगे एक सीमा से आगे नहीं बढ़ सकता है. आगे अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि भाजपा ने पीडीए समाज को नीचा दिखाने को लिए ये नया तरीका अपनाया है. ये अपमान पीडीए समाज अब और नहीं सहेगा. अब अपनी पीडीए सरकार बनाएगा, पीडीए को मान दिलाएगा.

रौशन सिंह छत्तीसगढ़ भाजयुमो कार्यसमिति के नए सदस्य बने, युवाओं में उत्साह

रौशन सिंह बने छत्तीसगढ़ भाजयुमो कार्यसमिति सदस्य, युवाओं में उत्साह भाजयुमो में संगठनात्मक सक्रियता का मिला राजनीतिक सम्मान बिलासपुर  भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने संगठन को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बिलासपुर के युवा नेता रौशन सिंह को भाजयुमो छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त किया है। संगठन में लगातार सक्रियता, निष्ठा और अनुशासित कार्यशैली के चलते मिली इस जिम्मेदारी से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है और युवाओं में उत्साह का माहौल बन गया है। भाजयुमो की प्रदेश कार्यसमिति में शामिल होना किसी भी युवा कार्यकर्ता के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। रौशन सिंह को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब संगठन युवा नेतृत्व को आगे लाने और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले चेहरों को पहचान देने की नीति पर काम कर रहा है।  रौशन सिंह लंबे समय से भाजपा और भाजयुमो के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। चुनावी समय हो या संगठनात्मक अभियान, वे हर मोर्चे पर पूरी निष्ठा के साथ डटे नजर आते हैं। विधायक अमर अग्रवाल के करीबी समर्थकों में गिने जाने वाले रौशन सिंह को संगठनात्मक रणनीति और युवाओं के बीच पकड़ रखने वाला कार्यकर्ता माना जाता है। उन्होंने न केवल राजनीतिक कार्यक्रमों में बल्कि धार्मिक, सामाजिक और सेवा से जुड़े आयोजनों में भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की है। इससे उनकी पहचान एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में बनी है, जो राजनीति को समाजसेवा से जोड़कर देखता है। प्रदेश कार्यसमिति में उनकी नियुक्ति से यह संदेश स्पष्ट है कि भाजपा युवाओं को केवल मंच नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी सौंप रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रौशन सिंह की यह नई भूमिका बिलासपुर सहित पूरे संभाग में संगठन को नई ऊर्जा देने का काम करेगी। युवाओं के बीच मजबूत पकड़ रौशन सिंह की सबसे बड़ी ताकत युवाओं के बीच उनकी स्वीकार्यता है। शिक्षा, रोजगार, खेल और सामाजिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता उन्हें आम युवाओं से जोड़ती है। भाजयुमो के कई अभियानों में उन्होंने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिली है। यही कारण है कि पार्टी ने उन्हें प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी सौंपी है। संगठन ने जताया भरोसा भाजपा नेताओं का कहना है कि रौशन सिंह अनुशासन, विचारधारा और समर्पण का संतुलित उदाहरण हैं। उनकी नियुक्ति यह दर्शाती है कि संगठन मेहनती और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने में विश्वास रखता है। प्रदेश कार्यसमिति में उनकी मौजूदगी से नीतियों को जमीनी हकीकत से जोड़ने में मदद मिलेगी और संगठनात्मक विस्तार को गति मिलेगी।  शीर्ष नेताओं का जताया आभार रौशन सिंह ने अपने नियुक्ति के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव,भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा,बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल का आभार जताया साथ ही भाजयुमो नेता रौशन सिंह ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के विश्वास पर खरा उतरते हुए युवाओं के बीच भाजपा सरकार एवं पार्टी की रीति नीति को ज्यादा से ज्यादा अवगत कराऊंगा.

भाजपा ने अंशुल तिवारी को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

राजगढ़ जिले को पहली बार मिला प्रदेश स्तर पर प्रतिनिधित्व भोपाल/राजगढ़। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व ने संगठन में युवा नेतृत्व को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राजगढ़ जिले के युवा नेतृत्व श्री अंशुल तिवारी को भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश का प्रदेश सह मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति न केवल संगठन में युवाओं पर बढ़ते विश्वास को दर्शाती है, बल्कि राजगढ़ जिले को पहली बार प्रदेश स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलने का गौरवपूर्ण क्षण भी है। अंशुल तिवारी की नियुक्ति से राजगढ़ सहित पूरे मध्यप्रदेश के युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ है। संगठन का मानना है कि उनकी सक्रियता, वैचारिक स्पष्टता और मीडिया के क्षेत्र में मजबूत पकड़ पार्टी की संचार रणनीति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। पूर्व में अंशुल तिवारी ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त किया। इसके पश्चात भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष रहते हुए उन्हें प्रदेश के कई जिलों का प्रभार सौंपा गया, जहां उन्होंने निरंतर प्रवास कर संगठनात्मक ढांचे को मजबूती प्रदान की। युवा नेतृत्व को और अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए भी उनके नाम को प्रमुखता से रखा गया था। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि अंशुल तिवारी में संगठन संचालन की क्षमता, व्यापक प्रवास, तेज़ रणनीतिक दृष्टि और प्रभावशाली वक्तृत्व कला का दुर्लभ संयोजन है। मीडिया जगत में भी उनकी विश्वसनीयता और संवाद क्षमता विशेष रूप से सराही जाती रही है। प्रदेश सह मीडिया प्रभारी के रूप में अंशुल तिवारी अब पार्टी की रीति-नीति, सरकार की उपलब्धियों और संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से प्रदेश के अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, प्रदेश की मीडिया रणनीति को और अधिक धारदार, समन्वित और परिणामोन्मुख बनाने में उनकी भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व को पूर्ण विश्वास है कि अंशुल तिवारी इस नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करते हुए भारतीय जनता पार्टी की मीडिया एवं संचार व्यवस्था को नई उपलब्धियों तक पहुंचाएंगे।

ग्रामीण राजनीति में BJP की एंट्री, ब्लॉक समिति चुनाव में पंजाब में हासिल की अहम सफलता

समराला पंजाब के जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के नतीजों को राज्य के राजनीतिक भविष्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इन चुनावों के जरिए भारतीय जनता पार्टी ने ग्रामीण राजनीति में एंट्री की है और पहली बार जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। अब तक BJP ने दो सीटें जीती हैं और एक सीट पर BJP उम्मीदवार आगे चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी ने 2 ब्लॉक समिति सीटों पर जीत हासिल की है। समराला के समसपुर ब्लॉक समिति जोन से BJP उम्मीदवार परमजीत कौर 47 वोटों से जीती हैं। परमजीत कौर को कुल 904 वोट मिले थे। इसी तरह जैतो की एक सीट से भी BJP उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी की ग्रामीण राजनीति में एंट्री काफी अहम है, क्योंकि गांवों से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों का रिस्पॉन्स राजनीति को नई दिशा दे सकता है। समराला ब्लॉक के अब तक के नतीजे बागली ज़ोन से आम आदमी पार्टी के मंदीप सिंह जीते। उन्हें कुल 1132 वोट मिले और वे 334 वोटों के मार्जिन से जीते। इसी तरह, नागरा ज़ोन में अकाली दल के लखबीर सिंह को 984 वोट मिले और वे 248 वोटों से जीते। रूपालो ज़ोन में आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट रणजोध सिंह को 873 वोट मिले और वे 233 वोटों से जीते। सलोदी ज़ोन से कांग्रेस कैंडिडेट सतविंदर कौर को 1108 वोट मिले और वे 364 वोटों से जीतीं। उटाला ज़ोन से आम आदमी पार्टी का कैंडिडेट पहले ही जीत चुका है, क्योंकि आम आदमी को छोड़कर बाकी सभी पार्टियों के पेपर रिजेक्ट हो गए हैं। समसपुर ज़ोन से BJP कैंडिडेट परमजीत कौर को 904 वोट मिले और वे 47 वोटों से जीतीं। सेह ज़ोन से आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट इकबाल सिंह को 1005 वोट मिले और वे 237 वोटों से जीते। 

हेमंत खंडेलवाल की सहमति से अंशुल तिवारी को बीजेपी प्रदेश सह मीडिया प्रभारी नियुक्त

भोपाल मध्य प्रदेश बीजेपी ने एक बड़ी नियुक्ति कर दी है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति के बाद  अंशुल तिवारी को भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) भोपाल के पूर्व जिलाध्यक्ष अंशुल तिवारी को मध्य प्रदेश भाजपा का सह मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। अंशुल तिवारी इससे पूर्व भाजयुमो में भोपाल जिला अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं। वे पार्टी के सक्रिय युवा नेताओं में से एक हैं और संगठनात्मक कार्यों में लंबा अनुभव रखते हैं। इस नियुक्ति से मीडिया विभाग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।   

नितिन नवीन बने वर्किंग प्रेसिडेंट, बीजेपी की नई परंपरा और प्रमोशन के बीच क्या है बड़ा संकेत?

नई दिल्ली बीजेपी ने 45 साल के नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने पार्टी के भीतर और बाहर सभी को चौंका दिया है. 1980 में जन्मे नितिन नबीन अब बीजेपी के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. लेकिन उनकी यह नियुक्ति सिर्फ युवा होने के कारण खास नहीं है. अगर आप बीजेपी के मौजूदा मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों की सूची देखें, तो पता चलता है कि नितिन नबीन का कद और उम्र का समीकरण सबसे अलग क्यों है. किसी भी बीजेपी मुख्यमंत्री से छोटे हैं नबीन नितिन नबीन की उम्र महज 45 साल है. अगर हम देश भर में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची देखें, तो एक भी मुख्यमंत्री ऐसा नहीं है जो उम्र में उनसे छोटा हो. बीजेपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू हैं, जिनकी उम्र 46 वर्ष है. नितिन नबीन उनसे भी एक साल छोटे हैं. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (53), उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी (50) और असम के हिमंत बिस्वा सरमा (56) जैसे फायरब्रांड नेता भी उम्र में नबीन से बड़े हैं. त्रिपुरा के सीएम मणिक साहा (72) और गुजरात के भूपेंद्र पटेल (63) तो उनसे एक पीढ़ी आगे हैं.यह आंकड़ा साबित करता है कि बीजेपी ने नेतृत्व की कमान अब पूरी तरह से ‘नेक्स्ट जेन’ (Next Gen) को सौंप दी है. प्रदेश अध्यक्षों की भीड़ में भी सबसे अलग सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, देश के प्रमुख राज्यों में बीजेपी की कमान संभालने वाले प्रदेश अध्यक्ष भी नितिन नबीन से उम्रदराज हैं. राजस्थान के अध्यक्ष मदन राठौड़ (71) और झारखंड के बाबूलाल मरांडी (67) उम्र में उनसे काफी बड़े हैं. यहां तक कि उनकी खुद की होम स्टेट बिहार के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल (62) और उत्तर प्रदेश के भूपेंद्र चौधरी (57) भी वरिष्ठ हैं. केवल तमिलनाडु के के. अन्नामलाई (41) ही ऐसे नेता हैं जो नबीन से छोटे हैं, लेकिन बीजेपी ने उनकी जगह अब नैनार नागेंथिरन को प्रदेश अध्‍यक्ष बनाया है. लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर 45 साल की उम्र में पहुंचना अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है. कर्नाटक के युवा चेहरा माने जाने वाले बी.वाई. विजयेंद्र भी 50 साल के हैं. युवा जोश और अनुभव का अनोखा संगम नितिन नबीन की खासियत यह है कि 45 साल की उम्र में उनके पास वो अनुभव है जो कई 60 साल के नेताओं के पास भी नहीं होता. इतनी कम उम्र में लगातार 5 बार विधायक (MLA) बनना यह दिखाता है कि वे जनता के बीच कितने लोकप्रिय हैं. उन्होंने बांकीपुर जैसी सीट को अपना गढ़ बना लिया है. वे बिहार सरकार में पथ निर्माण जैसे भारी-भरकम मंत्रालयों को संभाल चुके हैं. यानी उनके पास संगठन के साथ-साथ सरकार चलाने का भी हुनर है. वे रातों-रात नेता नहीं बने. उन्होंने 2 दशक संगठन को दिए हैं. भारतीय जनता युवा मोर्चा के बिहार अध्यक्ष से लेकर छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रभारी बनने तक का उनका सफर संघर्ष और सफलता का रहा है. बीजेपी की इस खास परंपरा के नायक बनेंगे नितिन नवीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर अपनी ‘युवा चेहरों को प्रमोट करने’ की रणनीति को मजबूत करते हुए बिहार के कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट) नियुक्त किया है. यह फैसला पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा मंजूर किया गया है और वर्तमान राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) अरुण सिंह द्वारा जारी आदेश से यह निर्णय सार्वजनिक किया गया है. नितिन नबीन वर्तमा में बिहार सरकार में पथ निर्माण एवं नगर विकास मंत्री हैं, अब वह इस पद (राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष) पर जेपी नड्डा की जगह लेंगे. यह नियुक्ति न केवल बिहार में भाजपा की मजबूती को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करती है, बल्कि पार्टी की उस पुरानी परंपरा को भी जोड़ती है जहां राष्ट्रीय महासचिव या कार्यकारी अध्यक्ष जैसे पदों पर रहते हुए नेता बाद में पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाते हैं. युवा चेहरा, बड़ा संदेश 45 वर्ष के नितिन नबीन का यह प्रमोशन युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का संकेत है, लेकिन सवाल उठ रहा है- क्या वे अगले पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने की दौड़ में हैं? नितिन नबीन का BJP में सफर संघर्षपूर्ण और तेजी से ऊपर उठने वाला रहा है. पार्टी ने उन्हें हमेशा महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं जो उनकी संगठनात्मक क्षमता और चुनावी सफलता का प्रमाण हैं. वे दो बार राष्ट्रीय महामंत्री (युवा मोर्चा) रह चुके हैं जहां उन्होंने युवाओं को पार्टी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई. बिहार में वे प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा) के रूप में सक्रिय रहे, जिससे राज्य स्तर पर BJP की युवा शाखा मजबूत हुई. इसके अतिरिक्त वे सिक्किम के प्रभारी और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के प्रभारी के रूप में भी काम कर चुके हैं जहां उन्होंने पूर्वोत्तर और मध्य भारत में पार्टी का विस्तार किया. संगठन से सत्ता तक का संतुलन चुनावी मोर्चे पर नितिन नबीन का रिकॉर्ड भी शानदार है. 2006 में वे पहली बार विधायक बने जब बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर (पटना शहर का एक विधानसभा क्षेत्र) जीत दर्ज की. तब से वे लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं-2010, 2015 और 2020 में भी बांकीपुर से ही BJP के टिकट पर सफल रहे. 2021 में नीतीश कुमार सरकार में उन्हें पहली बार पथ निर्माण मंत्री बनाया गया और अब वे पथ निर्माण के साथ-साथ नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इन उपलब्धियों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और आज यह नियुक्ति उनके संगठनात्मक कौशल का इनाम है. BJP की ‘अध्यक्ष परंपरा’ का पैटर्न बिहार के नितिन नबीन की नियुक्ति BJP की उस परंपरा से जुड़ती है जहां राष्ट्रीय महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) या कार्यकारी अध्यक्ष जैसे पदों पर रहते हुए कई नेता बाद में पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं. पार्टी के इतिहास में यह एक साफ पैटर्न दिखता है, जहां RSS पृष्ठभूमि वाले या संगठन प्रबंधक नेता इस ‘ट्रांजिशन’ से गुजरते हैं. प्रमुख उदाहरणों की बात करें तो अमित शाह (Amit Shah) बीजेपी के वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह 2010 में राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बने. इस पद पर रहते हुए उन्होंने 2014 लोकसभा चुनावों में पार्टी को 282 सीटें दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उसी वर्ष जुलाई 2014 में वे पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए और … Read more

नितिन नबीन ने बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष का कार्यभार संभाला, जेपी नड्डा और अमित शाह थे उपस्थित

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार (15 दिसंबर, 2025) को दिल्ली हेडक्वार्टर में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद थे. वह थोड़ी देर पहले ही पटना से दिल्ली पहुंचे हैं. भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के दिल्ली आगमन पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.  बीजेपी मुख्यालय पहुंचे नितिन नबीन का बड़ी संख्या में पार्टी के सांसद, नेता और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. नए कार्यकारी अध्यक्ष के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में नेता बीजेपी मुख्यालय के बाहर खड़े नजर आए. बीजेपी मुख्यालय पहुंचे नितिन नबीन आज पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे.  इससे पहले, दिल्ली एयरपोर्ट पर दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े ने नितिन नबीन का स्वागत किया. बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, गिरिराज सिंह, रविशंकर प्रसाद समेत तमाम बड़े नेताओं ने नितिन नबीन का गुलदस्ता देकर स्वागत किया. जेपी नड्डा ने नितिन नबीन को पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया. इसके बाद पार्टी के कद्दावर नेताओं ने उन्हें इस मौके पर बधाई दी, शुभकामनाएं दीं. गौरतलब है कि बीजेपी ने एक दिन पहले ही कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नितिन नबीन के नाम का ऐलान किया था. नितिन नबीन बिहार सरकार के दो बार के मंत्री हैं. वह पांच के विधायक हैं. नितिन नबीन सोमवार की सुबह दिल्ली रवाना होने से पहले पटना के महावीर मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की. महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नितिन नबीन पटना से दिल्ली रवाना हुए. दिल्ली एयरपोर्ट पर नितिन नबीन का स्वागत करने पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और विनोद तावड़े समेत बड़ी संख्या में बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे. बीजेपी मुख्यालय पहुंचने पर नितिन नबीन का बीजेपी कार्यकर्ताओं ने फूल की पंखुड़ियों से स्वागत किया. नितिन नबीन के कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभालने के कुछ ही देर बाद पार्टी ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष के नाम का भी ऐलान कर दिया है. संजय सरावगी को बिहार बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है.  नड्डा की राह पर नवीन  जून 2019 में अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा को बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। वह लगभग छह महीने तक इस पद पर रहे. इसके बाद जनवरी 2020 में उन्हें औपचारिक रूप से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गये। नड्डा अब लगभग छह साल से पार्टी प्रमुख के रूप में काम कर रहे हैं। बीजेपी के संविधान के अनुसार, कोई भी नेता तीन-तीन साल के दो कार्यकाल के लिए अध्यक्ष के रूप में काम कर सकता है। कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्ति का पूरा प्लान बीजेपी नेताओं के अनुसार, कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति एक अंतरिम व्यवस्था है। एक और कारण है खरमास, जिसे हिंदू अशुभ मानते हैं। मंगलवार से खरमास शुरू हो रहा है। इसी वजह से नवीन को  कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। 14 जनवरी, मकर संक्रांति को खरमास खत्म होने के बाद, नए पार्टी प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।  37 में से 30 राज्यों में चुनाव पूरे  बीजेपी ने पहले ही 37 में से 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठनात्मक चुनाव पूरे कर लिए हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने के लिए देश के कम से कम आधे राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे करना जरूरी है। बीजेपी नेताओं के मुताबिक, अध्यक्ष पद के चुनाव में कम से कम चार दिन लगेंगे और यह 14 जनवरी के तुरंत बाद पूरा हो सकता है। हालांकि चुनाव औपचारिक मात्र होगा, लेकिन नवीन का पद पक्का माना जा रहा है क्योंकि बीजेपी और उसकी वैचारिक संस्था RSS ऐसे मामलों में सर्वसम्मति पर जोर देते हैं। ऐसे में, नवीन बीजेपी प्रमुख बनने से पहले नड्डा की मदद करेंगे और काम सीखेंगे, ठीक वैसे ही जैसे नड्डा ने छह साल पहले शाह से सीखा था। कौन हैं नितिन नवीन 45 साल के नितिन नवीन बिहार में सड़क निर्माण मंत्री हैं। इसके साथ ही पटना के बांकीपुर से पांच बार के विधायक रहे हैं। वह पहली बार 26 साल की उम्र में विधायक बने थे, जब उनके पिता और बीजेपी के दिग्गज नेता नवीन किशोर सिन्हा की मौत के बाद पटना पश्चिम विधानसभा सीट खाली हो गई थी। नवीन बिहार और पूर्वी भारत से पहले बीजेपी प्रमुख बनने वाले हैं। अगर वह अगले साल पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख बनते हैं, तो वह इतिहास में सबसे कम उम्र के बीजेपी अध्यक्ष होंगे, जो नितिन गडकरी का रिकॉर्ड तोड़ देंगे, जिन्होंने 52 साल की उम्र में पद संभाला था।

सियासी घमासान: कांग्रेस की रैली में लगे आपत्तिजनक नारे, BJP ने वीडियो जारी कर जताई नाराज़गी

नई दिल्ली  दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रविवार को वोट चोरी के आरोपों पर बड़ी रैली हो रही है। इसमें भाजपा ने एक वीडियो के हवाले से आरोप लगाया है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी की मौत को लेकर नारे लगाए हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी तेरी कब्र खुदेगी की नारेबाजी की है। इसको लेकर न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें कुछ महिलाएं पीएम मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रही हैं।   भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता और महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने नारा लगाया कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी। आज यह स्पष्ट हो गया है कांग्रेस की सोच माओवादी वाली सोच है। अतीत में जब इस तरह के नारे लगाए थे, तब देश की जनता ने कहा था कि मोदी तेरा कमल खिलेगा। लेकिन आज पीएम मोदी के खिलाफ देशविरोधी इस तरह की टिप्पणी करते हैं और आज कांग्रसे द्वारा ऐसा बोलने से साफ हो गया है कि कांग्रेस इतनी हताश है। पीएम मोदी देशविरोधियों और भारत के बीच में एक चट्टान के रूप में खड़े हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता यह भी अंदाजा लगा रहे हैं कि जैसे दूसरे देशों में लोग सड़कों पर उतरे और लोकतंत्र को अस्थिर करने की कोशिश की, वैसा ही कुछ भारत में भी हो सकता है। रामलीला मैदान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा आयोजित 'घुसपैठिया बचाओ रैली' में सिर्फ एक बात कॉमन है: कांग्रेस पार्टी देश की जनता के खिलाफ है… कांग्रेस पार्टी का असली मकसद देश में अस्थिरता पैदा करना है।''   वहीं, भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि एजेंडा क्लियर है। यह एसआईआर के खिलाफ नहीं है, बल्कि संविधान पर वार है। कांग्रेस के नेता नारे लगा रहे हैं, ''कब्र खुदेगी मोदी की, आज नहीं तो कल खुदेगी।'' शहजाद पूनावाला ने आगे लिखा, ''हाल ही में रागिनी नायक ने एआईवीडियो शेयर किया था, जिसमें चायवाले के रूप में दिखाया गया। तो एसआईआर के नाम पर वे पीएम मोदी को खत्म करना चाहते हैं? हाल ही में राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग को धमकी दी थी। अभी तक कांग्रेस ने पीएम मोदी को 150 से ज्यादा बार गालियां दी हैं।''