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बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल: राजस्थान में मोर्चों के नए अध्यक्ष घोषित

जयपुर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रदेश स्तर पर विभिन्न मोर्चों के नए अध्यक्षों की घोषणा की है। पार्टी ने संगठनात्मक विस्तार के तहत युवा, एससी, एसटी, ओबीसी, किसान और अल्पसंख्यक मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। इन नियुक्तियों से बीजेपी का उद्देश्य राज्य में विभिन्न वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना और संगठन को नई मजबूती देना है।  बीजेपी ने शंकरलाल गोरा को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। पूर्व सांसद निहालचंद मेघवाल को एससी मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि विधायक गोपीचंद मीणा को एसटी मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ओबीसी मोर्चा की कमान महेंद्र कुमावत को सौंपी गई है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। हमीद खां मेवाती को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। भा.ज.पा. के सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों से पार्टी संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। विभिन्न वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ और प्रभाव को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। बीजेपी का मानना है कि इन मोर्चों के जरिए संगठन और पार्टी के कार्यकर्ता विभिन्न समुदायों और वर्गों के बीच अपना कार्य और संवाद बेहतर तरीके से बढ़ा सकेंगे, जो आगामी चुनावों में भी पार्टी के लिए फायदेमंद होगा।  इन नियुक्तियों को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है और पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस कदम से पार्टी में और भी गतिशीलता आएगी।  

पंकज चौधरी का दांव, यूपी में BJP के सबसे कमजोर किले को मजबूत करने की कोशिश

  नई दिल्ली उत्तर प्रदेश बीजेपी की कमान संभालने के साथ पंकज चौधरी ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया है. मिशन-2027 का आगाज पश्चिम यूपी से किया. बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी ने मथुरा में बांके बिहारी के दर्शन कर ब्रज क्षेत्र से यूपी यात्रा शुरू की और दूसरे दिन गाजियाबाद होते हुए मेरठ पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ. इस तरह पूरब से पश्चिम यूपी तक जोड़ने की कवायद में पंकज चौधरी जुट गए हैं. बीजेपी ने पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भले ही यूपी के सामाजिक समीकरण को साधने की कवायद काफी हद तक कर ली है, लेकिन क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दोनों ही गोरखपुर से हैं. इस तरह सत्ता और संगठन पर पूर्वांचल का पूरी तरह से दबदबा दिख रहा है. यूपी की सत्ता और संगठन दोनों की कमान पूर्वांचल के गोरखपुर मंडल के नेताओं के पास है. ऐसे में कहीं न कहीं पश्चिम यूपी के लोगों लगता था कि प्रदेश अध्यक्ष पूरब से हैं तो पश्चिम को कोई खास तवज्जे नहीं देंगे. माना जाता है कि यही वजह है कि पंकज चौधरी ने ब्रज क्षेत्र से अपने यूपी दौरे का आगाज कर पश्चिम यूपी के सियासी समीकरण को साधने में जुट गए हैं. पश्चिम यूपी से पंकज चौधरी का मिशन-2027 पंकज चौधरी ने मथुरा में बाके बिहारी का दर्शन कर मिशन 2027 का आगाज शनिवार को किया. इसके बाद आगरा के प्रतापपुरा स्थित एक मैरिज होम में ब्रज क्षेत्र की पहली बैठक को संबोधित करते हुए पंकज चौधरी कहा कि 2027 में हमें 2017 का रिकॉर्ड तोड़ना है. इसके लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा. ब्रज क्षेत्र की ताकत को वह जानते हैं, आपका सहयोग आवश्यक है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर जाता है. इसलिए हमें यहां यहां अपने संगठन को मजबूत रखना है. इसके बाद रविवार को मेरठ पहुंचे, जहां उन्होंने पश्चिम यूपी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. इस दौरान पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को समझाया कि विपक्ष में कार्य करने और सत्ता में रहकर काम करने का तरीका अलग है. हमें केंद्र की और प्रदेश सरकार की योजनाओं को हर जरूरतमंद तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचाना है. मेरठ में हुआ पंकज चौधरी का भव्य स्वागत बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी रविवार को पहली बार मेरठ पहुंचे, जहां पर उनके स्वागत अलग ही अंदाज किया गया. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली के अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने क्रेन में 15 कुंतल वजनी विशाल माला से पंकज चौधरी को पहनाकर स्वागत किया. पंकज चौधरी कहा कि कार्यकर्ताओं का जोश बता रहा है कि 2027 में बीजेपी ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी. संगठनात्मक शक्ति और कार्यकर्ताओं का जोश यह दर्शाता है कि बीजेपी का हर कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. यही 2027 में भाजपा की ऐतिहासिक विजय का आधार बनेगा. पंकज चौधरी के स्वागत में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग भी जुटे थे, क्योंकि कुंवर बासित का अपना गृह क्षेत्र मेरठ है. उन्होंने पंकज चौधरी के स्वागत में पूरी ताकत झोंक दी है.   पंकज चौधरी ने पश्चिमी यूपी के सियासी समीकरण को देखते हुए कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद बिना किसी भेदभाव के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र के साथ कार्य किया जा रहा है. मुख्यमंत्री पद पर योगी आदित्यनाथ के आने के बाद प्रदेश की पहचान बदली है. इस तरह से पंकज चौधरी ने पश्चिम यूपी को साधने में जुट गए हैं.  सत्ता और संगठन पर पूर्वांचल का दबदबा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से आते हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने पंकज चौधरी भी गोरखपुर से हैं. इस तरह सीएम और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही गोरखपुर क्षेत्र से हो गए हैं. पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी पूर्वांचल में आता है तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी प्रयागराज क्षेत्र से हैं. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भले ही लखनऊ से सांसद हैं, लेकिन उनका गृह जनपद मिर्जापुर भी पूर्वांचल के इलाके में आता है. यूपी के दूसरे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक लखनऊ कैंट सीट से विधायक हैं. इस तरह से यूपी में बीजेपी की टॉप लीडरशिप पूर्वांचल क्षेत्र से है. योगी सरकार से लेकर बीजेपी संगठन तक में लखनऊ से लेकर गोरखपुर क्षेत्र तक का दबदबा दिख रहा है. योगी सरकार के मोर्चे पर पहले से ही भारी पूर्वांचल का पलड़ा अब संगठन में भी भारी हो चुका है. यही वजह है कि पंकज चौधरी ने मिशन-2027 का आगाज ब्रज इलाके से किया और वेस्ट यूपी को सियासी संदेश देने की कवायद की. पश्चिम यूपी में बिगड़े समीकरण को करेंगे दुरुस्त यूपी में बीजेपी संगठन की बागडोर अभी तक मुरादाबाद से आने वाले भूपेंद्र सिंह चौधरी के हाथों में थी, जिसके सहारे पश्चिम यूपी को साधे रखा था, लेकिन अब प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर पूर्वांचल से आने वाले पंकज चौधरी विराजमान हो गए हैं. ऐसे में बीजेपी के सामने क्षेत्रीय संतुलन बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सत्ता में वापसी और सियासी उभार में पश्चिम यूपी का अहम रोल था. लोकसभा चुनाव-2014, 2019 और विधानसभा चुनाव 2017, 2022 में बीजेपी का पश्चिम यूपी में सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा है. इस तरह बीजेपी की सियासी ताकत में पश्चिमी यूपी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है. 2024 के सियासी झटके से उभारने की कवायद 2024 में बीजेपी को पूर्वांचल के साथ पश्चिमी यूपी और ब्रज के क्षेत्र में सियासी तौर पर गहरा झटका लगा था. 2024 में बीजेपी ने पश्चिमी यूपी में मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर और अमरोहा सीटें जीती हैं, जबकि नगीना, कैराना, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसी सीट हार गई है. बागपत और बिजनौर सीट बीजेपी की सहयोगी आरएलडी ने भी जीती थीं. पश्चिम यूपी की मुरादाबाद, संभल, रामपुर, आंवला जैसी सीटें इस बार हार गई है. इसके अलावा ब्रज क्षेत्र में फिरोजाबाद, बदायूं और लखीमपुर, सीतापुर, कन्नौज, इटावा जैसी सीटें हार गई है. इसके अलावा बुंदेलखंड की पांच में से चार सीटें बीजेपी हार गई और सिर्फ एक सीट ही जीत सकी थी, … Read more

केरल में टूटा राजनीतिक मिथक: बीजेपी का पहला मेयर, असेंबली चुनाव से पहले बड़ा संकेत

केरल दक्षिणी राज्य केरल में भाजपा ने इतिहास रच दिया है। वहां पहली बार भाजपा का मेयर बना है। भाजपा के वरिष्ठ नेता वी.वी. राजेश (V V Rajesh) शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पहले भाजपा मेयर चुने गए हैं। यह दक्षिणी राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक और अहम घटना मानी जा रही है, क्योंकि राज्य में अब तक BJP को कभी सत्ता नहीं मिली थी। पद संभालने के बाद अपनी पहली टिप्पणी में उन्होंने कहा, "हम सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। सभी 101 वार्डों में विकास किया जाएगा… तिरुवनंतपुरम को एक विकसित शहर में बदला जाएगा।" इससे पहले शुक्रवार की सुबह हुए मेयर चुनाव में 45 साल के राजेश को कुल 51 वोट मिले। उन्हें एक निर्दलीय पार्षद (एम. राधाकृष्णन) का भी समर्थन मिला, जबकि एक निर्दलीय पार्षद ने वोट नहीं दिया। इस तरह 100 सदस्यों की उपस्थिति वाले सदन में राजेश के पक्ष में 51 वोट हो गए। उनके खिलाफ खड़े CPIM के आरपी शिवाजी को 29 और कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के केएस सबरिनाथन को कुल 19 वोट मिले। बता दें कि BJP ने दिसंबर की शुरुआत में हुए तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में 50 सीटें जीतीं थीं। केरल में भाजपा के लिए क्या संकेत? राजेश का मेयर के रूप में पदभार ग्रहण करना ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य में आगामी छह महीनों के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनावों में भाजपा को लंबे समय से संघर्ष करना पड़ रहा है। पार्टी ने इस राज्य में कभी भी जीत हासिल नहीं की है। भाजपा ने 2016 में सिर्फ एक सीट जीती थी। ओ राजगोपाल ने 2016 में तब नेमोम सीट जीती थी। इसके बाद 2024 में पार्टी के एक सांसद अभिनेता सुरेश गोपी ने त्रिशूर से जीत हासिल की थी। इसलिए, राजेश का मेयर बनना केरल की शहरी राजनीति में बीजेपी के लिए एक नए अध्याय का संकेत है। CPM का 45 साल का कब्जा टूटा यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले 45 वर्षों से तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर CPM का कब्जा था। BJP की यह जीत उस परंपरा को न सिर्फ तोड़ती है बल्कि दक्षिणी राज्य में भाजपा की पकड़ को और मजबूत करती है। शपथ ग्रहण समारोह के बाद केरल BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि CPM और कांग्रेस ने मिलकर शहर को पीछे धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था और पिछले कई वर्षों में ड्रेनेज, पानी और कचरा प्रबंधन जैसे बुनियादी मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “आज से हमारा काम शुरू होता है। हमारा लक्ष्य तिरुवनंतपुरम को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल करना है।” BJP का कहना है कि यह जीत केरल में शहरी राजनीति के लिए एक नए दौर की शुरुआत है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में कुछ ही महीनों में चुनाव होने वाले हैं।  

धर्मांतरण कानून पर कांग्रेस का सवाल: पूर्ण बहुमत के बाद भी BJP नाकाम, अराजक तत्वों को मिल रहा संरक्षण

रायपुर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने आज कानून व्यवस्था और सर्व समाज द्वारा किए गए बंद को लेकर जिला कांग्रेस भवन प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. प्रेस वार्ता में नेताओं ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब बहुमत में नहीं थे तब धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाने की बात करते थे. अब जब बहुमत में हैं तो धर्मांतरण को लेकर कानून क्यों नहीं बना रहे हैं ? भाजपा जानबूझकर कानून नहीं बना रही है, ताकि धर्मांतरण का मुद्दा जारी रहे. उन्होंने सरकार पर अशांति फैलाने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि थाने में लोगों के साथ मारपीट हो रही. जो लोग बंद के नाम पर तोड़फोड़ कर रहे ,उन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है. पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने भी राज्य की कानून व्यवस्था पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सर्व समाज के नाम पर बंद का आह्वान किया गया, लेकिन किसी समाज का मुखिया नजर नहीं आया. चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा बंद को समर्थन देने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वह पिट्ठू की तरह काम कर रहा है. प्रमोद दुबे ने मॉल में हुई घटना की निंदा करते हुए पूछा कि “बंद कराने वाले कौन थे, भाजपा नेता और उनके साथ विश्व हिंदू परिषद के लोग !” उन्होंने कहा कि जब हर जगह भाजपा की सरकार है तो धर्मांतरण को लेकर स्पष्ट कानून क्यों नहीं बना पा रहे हैं. पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने आगे कहा कि कभी शांति का टापू कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में अराजकता का माहौल बन गया है. उन्होंने इसे पहला ऐसा बंद बताया, जिसमें कहीं भी ज्ञापन नहीं सौंपा गया. कांग्रेस ने सरकार से धर्मांतरण से जुड़े मामलों के आंकड़े सार्वजनिक करने और इस पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग दोहराई. साथ ही सवाल उठाया कि क्या अब समाज के लोग स्वतंत्र रूप से अपने त्योहार भी नहीं मना सकते. वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री कुमार मेनन ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित देश में जिस तरह की व्यवस्था देखने को मिल रही है, वह तालिबान शासन जैसी प्रतीत होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का अपने अनुषांगिक संगठनों पर कोई नियंत्रण नहीं है. कांकेर की घटना और उसके बाद क्रिसमस मनाने वाले लोगों के साथ किया गया व्यवहार शर्मनाक है. मेनन ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मजदूर जब मजदूरी करने बाहर जाता है तो उसे मॉब लिंचिंग का शिकार बनाया जाता है, और इस पर भाजपा व आरएसएस के लोग चुप रहते हैं. उन्होंने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दुर्ग में धर्मांतरण के आरोप में नन की गिरफ्तारी हुई, उसके बाद जो हुआ , तो यही बीजेपी के लोग छुड़ाने आए थे. अब फिर से यही सब हो रहा है.

कुशीनगर विधायक के घर 50 ब्राह्मण विधायकों का जुटान, यूपी की राजनीति में हलचल

 लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है और सभी दलों के विधायक राजधानी लखनऊ में हैं. सूबे की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक भी लखनऊ में हैं और अब ब्राह्मण विधायकों की गोलबंदी ने सर्दी के मौसम में भी सियासी तापमान बढ़ा दिया है. लखनऊ में मंगलवार की शाम बीजेपी और अन्य दलों के 52 ब्राह्मण विधायक और विधान परिषद सदस्य एक जगह जुटे और बंद कमरे में बैठे. बीजेपी विधायकों के साथ ही इस आयोजन में अन्य दलों के विधायक भी पहुंचे. ब्राह्मण विधायकों और एमएलसी का जुटान कुशीनगर के विधायक पंचानंद पाठक (पीएन पाठक) के आवास पर हुआ. इसे सहभोज नाम दिया गया था, जिसमें खासतौर पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विधायक पहुंचे थे. विधायकों का कहना है कि यह सहभोज था, कोई बैठक नहीं थी. इसे लेकर मिर्जापुर नगर विधानसभा सीट से विधायक रत्नाकर मिश्रा का बयान आया है. मिर्जापुर नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने कहा है कि कुशीनगर के विधायक पंचानंद पाठक ने यह आयोजन किया था. इसमें लगभग चार दर्जन ब्राह्मण विधायक शामिल थे. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई थी. हम सब लोग बस बैठते हैं, भोजन का आयोजन था. मिर्जापुर नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने यह भी कहा है कि हम सभी ने बस खाना खाया और इसके बाद वहां से सभी चले गए. उन्होंने कहा कि कुछ भी खास नहीं था. जैसे सब बैठते थे, वैसे हम लोग भी बैठे और खाना खाया. इस सहभोज में मिर्जापुर नगर विधानसभा से विधायक रत्नाकर मिश्रा के साथ ही शलभमणि त्रिपाठी, एमएलसी उमेश द्विवेदी भी मौजूद रहे. ये सभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी करीबी माने जाते हैं. गौरतलब है कि यूपी विधानसभा के पिछले मॉनसून सत्र के दौरान भी ऐसा ही एक आयोजन चर्चा का केंद्र रहा था. यूपी विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान ठाकुर विधायकों का जुटान हुआ था, जिसे कुटुंब नाम दिया गया था. तब बीजेपी के साथ ही अन्य दलों के ठाकुर विधायक भी उस जुटान में पहुंचे थे. विधायकों ने उस आयोजन को पारिवारिक मिलन बताया था. यह बैठक उसी आयोजन का जवाब मानी जा रही है.

रत्नावली को भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनने का मिला सम्मान

 रत्नावली को भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य की मिली जिम्मेदारी  महिलाओं को शिक्षित एवं सशक्त बनाने कटिबद्ध:कौशल रायपुर  अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की अनुशंसा पर महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष विभा अवस्थी ने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नियुक्त किया है। नवनियुक्त प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रत्नावली कौशल ने कहा कि महिला मोर्चा की समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के साथ छत्तीसगढ़ सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश के अंतिम महिलाओं तक पहुंचाने के लिए कटिबद्ध हैं।   नवनियुक्त प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रत्नावली कौशल ने प्रेस व्यक्तव्य में कहा हम महिला मोर्चा की समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश के अंतिम महिलाओं तक पहुंचाने के लिए काम करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि हर महिला को सरकार की योजनाओं का लाभ मिले और वे आत्मनिर्भर बनें। रत्नावली कौशल ने आगे कहा,हम महिला मोर्चा के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए काम करेंगे। हम महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए काम करेंगे ताकि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ सकें।  भाजपा महिला मोर्चा की नवनियुक्त प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रत्नावली कौशल ने भाजपा के समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को आभार व्यक्त करते हुए कहा, हम साथ मिलकर महिला मोर्चा को मजबूत बनाएंगे और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे। रत्नावली कौशल ने अपनी नियुक्ति पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू,उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव,विजय शर्मा,कैबिनेट मंत्री द्वय गुरु खुशवंत साहेब,दयाल दास बघेल,ओपी चौधरी,रामविचार नेताम,केदार कश्यप,पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक पुन्नूलाल मोहले,भाजपा जिलाध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी सहित भाजपा के समस्त वरिष्ठजनो का आभार व्यक्त किया है ।

पटना में सियासी शक्ति प्रदर्शन: भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष के रोड शो में दिखा हाथी-घोड़ा और बुलडोजर

पटना भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन पटना पहुंच चुके हैं। स्टेट हैंगर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। पटना एयरपोर्ट से लेकर बेली रोड होते हुए मिलन हाईस्कूल ग्राउंड तक नितिन नवीन के लिए रोड शो में शामिल होने के लिए भाजपा नेताओं की भीड़ उमड़ चुकी है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद संजय जायसवाल, मंत्री दिलीप जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई बड़े नेताओं ने नितिन नवीन का स्वागत किया। इसके बाद नितिन नवीन रथ पर सवार होकर रोश शो के लिए निकले। उनके साथ रथ पर दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी हैं। कुछ ही देर में वह राजवंशी नगर में वह भगवान हनुमान की पूजा करेंगे। इधर, बेली रोड पर भाजपा नेता हाथी-घोड़ा और बुलडोजर लेकर नितिन नवीन के स्वागत में खड़े हैं। बुलडोजर से भाजपा नेता अपने कार्यकारी अध्यक्ष पर फूलों पर बारिश कर रहे हैं। एयरपोर्ट से लेकर मिलर हाई स्कूल ग्राउंड तक बैनर और पोस्टर दिख रहे हैं। हालांकि, इस कार्यक्रम के कारण पटना के बेली रोड, एयरपोर्ट समेत कई इलाकों में जाम की समस्या भी उत्पन्न हो चुकीे है।   भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बोले- आज ऐतिहासिक दिन संजय सरावगी ने कहा कि यह दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए भी बड़ा है और देश व बिहार के नौजवानों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि जिस वर्ष भाजपा की स्थापना हुई, उसी वर्ष के आसपास नितिन नवीन का जन्म हुआ, जो अपने आप में एक रोचक संयोग है। बिहार में उनके आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह है और पार्टी इसे ऐतिहासिक रूप देने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई है।

निकाय चुनावों में NDA का दबदबा, महाराष्ट्र में BJP-शिवसेना-NCP गठबंधन 200 से ज्यादा सीटों पर आगे

मुंबई  महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के अब तक रुझानों में सत्तारूढ़ महायुति 214 स्थानीय निकायों में स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है। इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 118 निकायों में, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 59 निकायों में और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) 37 निकायों में आगे चल रही है। वहीं, विपक्षी महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) वर्तमान में केवल 49 निकायों में आगे है, जबकि कांग्रेस 32 निकायों में बढ़त बनाए हुए है। बता दें कि 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में से 253 में मतगणना जारी है। गौरतलब है कि भाजपा ने पहले ही तीन सीटें निर्विरोध जीत ली हैं, जिनमें डोंडाईचा नगर परिषद (धुले) और अंगार नगर पंचायत (सोलापुर) के सदस्य व अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं। साथ ही जामनेर नगर पालिका के अध्यक्ष चुनाव में भी कोई विपक्ष नहीं था।   महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति की 'सफलता' भाजपा संगठन और सरकार के संयुक्त प्रयास का नतीजा है। उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें संगठन और सरकार दोनों शामिल हैं। हमने विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा। मैंने सकारात्मक विकास एजेंडे पर आधारित अभियान चलाया और कभी भी किसी राजनीतिक नेता या पार्टी की आलोचना नहीं की। फडणवीस ने आगे कहा कि उन्होंने विकास एजेंडे, अब तक किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं के आधार पर ही वोट मांगे। लातूर में भाजपा ने 5 में से 4 सीटों पर अध्यक्ष पद जीता महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। लातूर जिले में नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम घोषित हो रहे हैं। यहां भाजपा ने पांच में से चार स्थानीय निकायों में अध्यक्ष पद पर विजय हासिल की है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने उदगीर, अहमदपुर, निलंगा और रेनापुर के स्थानीय निकायों में अध्यक्ष पद जीते, जबकि उसके सहयोगी अजीत पवार की एनसीपी ने औसा की सीट पर कब्जा किया है। इस तरह लातूर जिले में सभी पांच सीटों पर महायुति ने कब्जा कर लिया है। नतीजे और महायुति की जीत तो बस ट्रेलर है उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों में आगे क्या होने वाला है, इसका एक ट्रेलर हैं। शिवसेना के नेता शिंदे ने अपनी सेना के 'स्ट्राइक रेट' की भी सराहना की और कहा कि ये परिणाम हमारी पार्टी द्वारा किए गए अच्छे काम की पुष्टि करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये परिणाम जनता की उस प्रवृत्ति को दर्शाते हैं जो राजनीति से ऊपर विकास को प्राथमिकता देती है। महायुति की जीत महज एक ट्रेलर है। महायुति आगामी नगर निगम चुनावों में भी यही शानदार प्रदर्शन दोहराएगी निकाय चुनाव में पार्टी की जीत पर बधाई महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव 2025 के नतीजों पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी की जीत पर बधाई दी। गडकरी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी को उसकी शानदार जीत पर हार्दिक बधाई। राज्य भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सभी समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई। उन्होंने आगे कहा कि यह जीत पार्टी कार्यकर्ताओं की है। भाजपा और उसके विकासोन्मुखी कार्यों पर भरोसा जताने के लिए जनता का तहे दिल से धन्यवाद। विपक्ष के 'झूठे प्रचार' को मतदाताओं ने किया खारिज महाराष्ट्र में रविवार को स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने दावा किया कि उनकी पार्टी को निर्णायक जनादेश मिला है। चव्हाण ने कहा कि मतदाताओं ने विपक्ष के 'झूठे प्रचार' को खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि महायुति ने 288 में से 250 से अधिक परिषदों, नगर पंचायतों और नगर परिषदों में जीत हासिल की है। भाजपा के उम्मीदवारों ने 236 में से 134 पार्षद पदों और 3,000 से अधिक पार्षद सीटों पर जीत हासिल की है। चव्हाण ने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष ने तरह-तरह के आरोप लगाए, लेकिन जनता ने उनकी पोल खोल दी। उद्धव ठाकरे ने खुद कहा कि उनके पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं था और इसीलिए उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। उनकी पार्टी विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए भी दो अंकों में जीत हासिल नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि परिषद, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में मतदाताओं ने विपक्ष के झूठे दावों को खारिज कर दिया है। अब मुंबईवासी भी आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के चुनावों में विपक्ष के दावों को खारिज कर देंगे। दोपहर 3 बजे के मुताबिक रायगढ़ जिले की नगरपालिकाओं में मेयर पद के नतीजे घोषित हो गए हैं। रोहा सीट पर एनसीपी के वनश्री शेगडे मेयर चुनी गई हैं। कर्जत सीट पर एनसीपी की पुष्पा डागड़े और मुरुड सीट पर एनसीपी की आराधना दांडेकर ने जीत हासिल की है। माथेरान सीट पर शिवसेना उम्मीदवार चंद्रकांत चौधरी, महाड से शिवसेना के सुनील कविस्कर, खोपोली में शिवसेना के कुलदीप शिंदे मेयर चुने गए हैं। श्रीवर्धन में शिवसेना यूबीटी के अतुल चोगले, पेण में बीजेपी की श्रीमती प्रीतम पाटिल, अलीबाग में शेतकरी कामगार पक्ष के अक्षया नाइक और उरण सीट पर एनसीपी शरद गुट की भावना घाणेकर ने जीत हासिल की है।  

भाजपा के जिक्र के साथ मोहन भागवत का बड़ा बयान: ‘हमें सिर्फ सेवा संगठन समझना भारी भूल’

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों पश्चिम बंगाल के चार दिवसीय दौरे पर हैं। उत्तर बंगाल से कोलकाता पहुंचे भागवत ने साइंस सिटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अगर आप संघ को समझना चाहते हैं, तो तुलना करने से गलतफहमियां पैदा होंगी। अगर आप संघ को केवल एक अन्य सेवा संगठन मानते हैं, तो आप गलत होंगे। आरसएस प्रमुख ने कहा कि कई लोगों में 'संघ' को भाजपा के नजरिए से समझने की प्रवृत्ति होती है, जो एक बहुत बड़ी गलती है। संघ की स्थापना का सार एक ही वाक्य में है 'भारत माता की जय'। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि अपनी खास संस्कृति, परंपरा और स्वभाव का नाम है। संघ का लक्ष्य इन मूल्यों को बनाए रखते हुए भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने के लिए समाज को तैयार करना है। 'संघ को समझाने के लिए इतिहास उदाहरण' भागवत ने साफ किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जन्म किसी राजनीतिक मकसद, प्रतिस्पर्धा या विरोध के लिए नहीं हुआ। उनका कहना था कि संघ पूरी तरह हिंदू समाज के संगठन, उन्नति और संरक्षण के लिए समर्पित है। संघ की भूमिका समझाने के लिए भागवत ने इतिहास का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस के निधन के बाद अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष भले ही थम गया, लेकिन राजा राम मोहन राय के समय से शुरू हुई समाज सुधार की प्रक्रिया लगातार चलती रही। उन्होंने इसे समुद्र के बीच एक ऐसे द्वीप की तरह बताया, जो समय के साथ मजबूती से कायम रहा। हमें अपने समाज को मजबूत करना है- आरएसएस प्रमुख अपने संबोधन में आरएसएस प्रमुख ने समाज को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि भारत एक महान विरासत वाला देश है और उसे वैश्विक नेतृत्व के लिए खुद को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि अतीत में हम अंग्रेजों से युद्ध हार गए थे, लेकिन अब वक्त है कि हम अपने समाज को संगठित और सशक्त बनाएं। उनका पूरा भाषण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा, ‘व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ की सोच और एकजुट हिंदू समाज के साथ समृद्ध भारत के लक्ष्य पर केंद्रित रहा।

निकाय चुनाव में BJP गठबंधन की बड़ी बढ़त, शिवसेना-NCP संग 200 से ज्यादा सीटों पर आगे

मुंबई महाराष्ट्र की 23 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के साथ-साथ इन स्थानीय निकायों में रिक्त सदस्य के 143 पदों के लिए मतदान शनिवार को संपन्न हुआ। पहले चरण में 263 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ था। आज सभी 286 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतों की गिनती हो रही है। शुरुआती रुझानों में राज्य की सत्ता में काबिज महायुति गठबंधन को बढ़त दिख रही है। दोपहर 12:10 बजे के आंकड़े के मुताबिक, नगर परिषद में अकेली भाजपा 99 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा शिवसेना 42 और एनसीपी 31 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है। वहीं, नगर पंचायत में भाजपा 25, शिवसेना 7 और एनसीपी 2 सीटों पर आगे चल रही है। सुबह 11:15 बजे तक के आंकड़े के मुताबिक, नगर परिषद की 246 सीटों में से भाजपा 86, शिवसेना 47 और अजीत पवार की एनसीपी 31 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, शिवसेना यूबीटी सिर्फ 8, एनसीपी (शरद पवार) 12 और कांग्रेस 27 पर बढ़त बनाए हुए। अन्य के खाते में 23 सीटें जाती दिख रही हैं। इसी तरह नगर पंचायत की 42 सीटें में से भाजपा 24, शिवसेना 6 औप एनसीपी 3 सीटें पर आगे चल रही है। शिवसेना (यूबीटी) एक, एनसीपी (एसपी) शून्य और कांग्रेस 4 पर बढ़त बनाए हुए हैं। अन्य के खाते में एक सीट जाती दिख रही है। नगर परिषद की बात करें तो शुरुआती रुझानों में 243 में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 84 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 41 पर बढ़त बनाए हुई हैं। महायुति में शामिल अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को 29 सीटों पर बढ़त है। वहीं, विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) का प्रदर्शन निराशाजनक दिख रहा है। शिवसेना (यूबीटूी) 9, एनसीपी (शरद पवार) 12 और कांग्रेस 14 सीटों पर आगे चल रही है। महाराष्ट्र में 42 नगर पंचायत पर हुए चुनाव के लिए भी गिनती जारी है। इनमें से भी भाजपा गठबंधन का शानदार प्रदर्शन दिख रहा है। भाजपा 23, शिवसेना 5 और एनसीपी 3 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) 1 और कांग्रेस 4 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है।