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देवभोग के 36 गांव बारिश की मार से अलग-थलग, बाढ़ और फसल संकट से तनाव बढ़ा

रायपुर छत्तीसगढ़ के अधिकतर हिस्सों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना जताई है. बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश से कई इलाकों में नदी-नाले फिर से उफान पर आ गए हैं. कहीं 36 गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, तो कहीं बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. इधर फसलों को लेकर किसानों की भी टेंशन बढ़ गई है. 36 गांव का टूटा ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क, बाढ़ जैसे हालत गरियाबंद जिले में मानसूनी गतिविधि का असर देखने को मिला है. लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं. बेलाट नाले का जल स्तर बढ़ गया है. इसके कारण देवभोग के झाखरपारा क्षेत्र के 36 गांव का सम्पर्क ब्लॉक मुख्यालय से टूट गया है. इसके अलावा तहसील मुख्यालय अमलीपदर का सुख तेल नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. वहीं देर रात बिजली के पोल टूटने से 100 गांव में ब्लेक आउट की स्थिति निर्मित हो गई. तहसीलदार देवभोग अजय चंद्रवंशी ने बताया कि जिले में गुरुवार को 7 तहसीलों में 471 मिमी बारिश हो गई. आज दूसरे दिन भी बारिश जारी है. सबसे ज्यादा अमलीपदर तहसील में 101 मिमी बारिश दर्ज हुई है. बारिश के बार नदी नाला में निर्मित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन एलर्ट मोड पर है. देवभोग के बेलाट नाला पर तहसीलदार अमले के साथ पहुंच रस्सी से बेरिकेटिंग कर दिया है, ताकि कोई आवाजाही न कर सके. बलरामपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में भी हो रही बारिश प्रदेश के बलरामपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में भी तेज बारिश हो रही है. अगले दो दिन बारिश होने की संभावना जताई गई है. ऐसे में किसान की अपनी फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है.

छत्तीसगढ़ नंबर-1 ऑनलाइन सट्टे में, सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज

रायपुर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने रिपोर्ट-2023 पेश किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ ऑनलाइन जुआ-सट्टा मामले में देश में पहले स्थान पर है. प्रदेश में कुल 52 मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. आंकड़े सामने आने के बाद सियासत शुरू हो गई है. भाजपा नेता केदार गुप्ता ने इसका ठीकरा पिछली सरकार पर फोड़ा. वहीं इस बयान पर कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने भी पलटवार किया है. भूपेश सरकार में जमी ऑनलाइन सट्टा की जड़ें : भाजपा नेता केदार गुप्ता भाजपा नेता और प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता ने एनसीआरबी की रिपोर्ट में ऑनलाइन सट्टेबाजी में छत्तीसगढ़ देश में पहले नंबर आने पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के समय में ऑनलाइन जुआं-सट्टा की जड़े जमीं हुई थी. लेकिन जब से भाजपा सरकार बनी है, उसकी जड़ें उखाड़ रही है. यह भी बोले कि ये ग्राफ जल्द नीचे जाएगा. केंद्र सरकर इसे बंद करें : कांग्रेस नेता विनोद तिवारी इधर, भाजपा नेता केदार गुप्ता के बयान का कांग्रेस नेता और प्रदेश प्रवक्ता विनोद तिवारी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि जो ऑनलाइन सट्टा एप चल रहा है, वो सेंट्रल गवर्मेंट की अधीन है. केंद्र सरकार को इसे बंद कर देना चाहिए. भूपेश सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में 6 से 7 सौ लोगों पर कार्रवाई भी हुई. साथ ही उन्होंने ऑनलाइन सट्टा को बंद करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था. उसके बाद भी ये कारोबार खुलेआम चल रहा है. इसको केंद्र सरकार को बंद ही कर देना चाहिए. उससे कमाई ही क्यों कर रहे हैं.

बरसात की चेतावनी: छत्तीसगढ़ के जिलों में बढ़ सकता है नदियों का जलस्तर, नागरिक रहें सतर्क

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 24 घंटे के लिए प्रदेश में कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। चेतावनी के अनुसार गरियाबंद और धमतरी जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से सीमांत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, महासमुंद, बालोद और नारायणपुर जिलों में भी एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। रायपुर, बलौदा बाजार, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी जिलों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और खैरागढ़-छुईखदान-गंडाई जिलों में भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में बना निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण आने वाले 2-3 दिनों तक दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। आज गुरुवार को 4 जिलों के लिए ऑरेंज और 19 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर में आकाश सामान्यतः मेघमय रहने के साथ गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 28 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि इस बार बारिश का दौर 20 अक्टूबर तक जारी रहेगा। नदियों में जलस्तर में वृद्धि की चेतावनी मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान नदियों में जलस्तर में वृद्धि होगी और नालों का ओवरफ्लो होने की संभावना है। खनन क्षेत्रों में सड़कें फिसलन भरी होंगी, और नम मिट्टी के कारण भूस्खलन व पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। शहरों में सड़कों पर जलभराव से यातायात प्रभावित हो सकता है। रेल और सड़क मार्गों में बाधा आने, कृषि क्षेत्रों में फसलें गिरने और निचले इलाकों में कीचड़ भरी सड़कें और जलभराव होने की संभावना है। भारी वर्षा के कारण दृश्यता में कमी आएगी और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने जनता से अपील की है कि बहते पानी में कभी भी न जाएँ और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वाहन चलाने से बचें। निचले पुलों को पार करते समय सावधानी बरतें और जलस्तर की जांच अवश्य करें। कृषि क्षेत्रों में अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें। वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई और खनन क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।

शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ में बड़ा सुराग, ED सक्रिय, अधिकारियों से लगातार पूछताछ

रायपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घोटाले में संलिप्त आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर तलब किया है. ईडी के इस समन के बाद एक बार फिर किसी बड़े एक्शन की तैयारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है. पिछले तीन दिनों से आबकारी अधिकारी ईडी दफ्तर जाकर बयान दर्ज करा रहे हैं. इसमें वे सभी अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला का मुख्य चालान पेश करने के लिए ईडी और ईओडब्ल्यू/एसीबी को तीन महीने और दो महीने का समय दिया है. ईडी जिन आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ कर रही है, उसमें करीब 30 अधिकारी शामिल हैं. एक अधिकारी आशीष श्रीवास्तव का नाम बाद में शामिल किए जाने की सूचना मिल रही है. आबकारी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली है जमानत बता दें कि शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कोर्ट में जब चालान पेश किया, उसके बाद राज्य सरकार ने 22 आबकारी अधिकारियों को निंलबित किया था. इसमें 7 अफसर सेवानिवृत्त हो गए हैं. वर्तमान में सभी 22 अधिकारी निलंबित है, इन 22 अफसरों पर कमीशन के रूप में 88 करोड़ रुपए से ज्यादा लेने का आरोप लगा है. सुप्रीम कोर्ट से इन आबकारी अफसरों को जमानत मिल गई है. इन आबकारी अफसरों को भेजा गया है समन आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविंद कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा, सहायक आयुक्त प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजूश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष वासनिक, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलेख राम सिदार और सोनल नेताम के अलावा जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जर्नादन सिंह कौरव और नितिन कुमार खंडूजा को समन जारी किया है. इसके अलावा सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी एके सिंह, जेआर मंडावी, जीएस नरूटी, देवलाल वैद्य, एके अनंत, वेदराम लहरे और एलएल ध्रुव काे भी समन जारी किया है.

जीएसटी बचत उत्सव: ट्रैक्टर खरीदी में किसानों को मिली बड़ी राहत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जीएसटी बचत उत्सव के बीच औचक निरीक्षण पर देवपुरी स्थित ट्रैक्टर शोरूम पहुंचे। साय ने यहां किसानों से आत्मीय संवाद कर जीएसटी कटौती पर उनकी प्रतिक्रिया और खरीदी में हुई बचत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने शोरूम में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर खरीदने आए किसानों को चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने अभनपुर के बिरोदा निवासी रवि कुमार साहू को उनके नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी। इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए रवि साहू ने कहा, "मैने सपने में भी नहीं सोच था कि मैं नया हार्वेस्टर खरीदूंगा। मैं सेकेंड हैंड हार्वेस्टर खरीदने के बारे में सोच रहा था। जीएसटी उत्सव में नए हार्वेस्टर खरीद पर मुझे पूरे 2 लाख रुपए की बचत हुई है। किसानों की चिंता का समाधान हमारे संवेदनशील प्रधानमंत्री मोदी जी और किसानहितैषी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी ही कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी ने स्वयं मुझे मेरे नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी और मुझसे बेहद आत्मीयता से संवाद किया। मैंने उन्हें बताया कि मेरे पास दो एकड़ खेत है और अब हार्वेस्टर आने से मैं गांव में साझेदारी से और अधिक खेती कर पाऊंगा।” श्री रवि ने जीएसटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। मुख्यमंत्री  साय ने अभनपुर कोलर से आए वरिष्ठ किसान ज्ञानिक राम साहू को उनके नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए साहू ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद नए ट्रैक्टर की खरीदी पर उन्हें पूरे 60 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि इस बचत से उनका परिवार त्योहार को और अच्छे से मना सकेगा। ट्रैक्टर शो रूम के प्रोप्राइटर अशोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से संवाद में बताया कि जीएसटी में कटौती के कारण बिक्री में इज़ाफ़ा हो रहा है और ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा, “पहले जो ट्रैक्टर 10.25 लाख रुपए का आता था, वह अब 9.75 लाख रुपए में उपलब्ध है, जिससे किसानों को 50 हजार रुपए की बचत हो रही है। इसी तरह 7.62 लाख का ट्रैक्टर अब 7.21 लाख और 6.51 लाख का ट्रैक्टर अब 6.11 लाख रुपए में मिल रहा है। कीमतों में कटौती और फेस्टिवल डिस्काउंट से किसानों की बड़ी बचत हो रही है। जीएसटी दर घटने के बाद हार्वेस्टर भी सस्ते हो गए हैं।” जीएसटी कटौती से बाइक खरीदी में 7 हजार की बचत इसके बाद मुख्यमंत्री साय देवपुरी के बजाज बाइक शोरूम पहुंचे और यहां मौजूद ग्राहकों से जीएसटी कटौती पर आत्मीय चर्चा की। उन्होंने बाइक खरीदने आए संतोषी नगर निवासी श्री एम.डी. गुलाब को उनकी नई बाइक की चाबी सौंपी।  श्री गुलाब ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद बाइक खरीदने पर उन्हें 7 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा, “मैंने बजाज प्लेटिना 110 सीसी बाइक खरीदी है, जिसकी पहले कीमत 89,000 रुपए थी, जो अब मुझे 82,000 रुपए में मिली।” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने आम जनता, किसानों और उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत दी है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों की कीमतों में आई कमी से किसानों को सीधा लाभ हो रहा है, जिससे उनकी खेती-किसानी और जीवनयापन और सुगम होगा। उन्होंने कहा कि इस जीएसटी बचत उत्सव से उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है और त्यौहारी सीजन में परिवारों की खुशियाँ बढ़ी हैं।  यह सुधार न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहा है बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उत्साह और समृद्धि का नया वातावरण भी बना रहा है।

मुख्यमंत्री साय बोले – छत्तीसगढ़ अब जटिल हृदय उपचारों में बना देश का अग्रणी राज्य

एसीआई में देश का छठा और सरकारी संस्थान का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग केस : छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा आधुनिकता और विश्वास का बन रहा है प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल राइट एट्रियम या बैकमैन बंडल में लीड लगाने का पहला मामला रायपुर,  प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की उत्कृष्टता का प्रतीक, प्रदेश का सबसे पुराना और सबसे बड़ा पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय तथा इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के डॉक्टरों की टीम ने जटिल उपचारों में लगातार ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिन पर हर किसी को गर्व हो सकता है। ताज़ा उदाहरण एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजी विभाग में हुआ, जहाँ 68 वर्षीय महिला मरीज पर देश का छठा और किसी भी सरकारी संस्थान का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग सफलतापूर्वक किया गया। डॉक्टरों के अनुसार यह जटिल प्रक्रिया अब तक एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ जैसे शीर्ष संस्थानों में भी नहीं की गई थी। बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का अर्थ है – हृदय की धड़कन को पूरी तरह प्राकृतिक कंडक्शन सिस्टम (conduction system) के जरिए नियंत्रित करना, ताकि मरीज को लंबे समय तक स्थिर और सुरक्षित हृदय गति मिल सके। यहां ध्यान देने योग्य है कि अब तक एसीआई और अन्य सरकारी कार्डियक संस्थानों में लेफ्ट बंडल या हिज़ बंडल में लीड लगाने के कई केस हो चुके हैं, लेकिन राइट एट्रियम यानी बैकमैन बंडल में लीड लगाने का यह पहला मामला है। इससे हृदय के दोनों चैम्बर्स की धड़कनें प्राकृतिक विद्युत मार्ग से संचालित होती रहती हैं। एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी यह मरीज सिक साइनस सिंड्रोम नामक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थी। इस रोग में हृदय को धड़कन देने वाली कोशिकाएँ (पेसमेकर कोशिकाएँ) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और धड़कन अनियमित हो जाती है। सामान्यतः ऐसे मामलों में वेंट्रिकुलर या लेफ्ट बंडल पेसिंग की जाती है, लेकिन इस मरीज का हृदय कमजोर था और एट्रियल रिद्म भी अनियमित थी। केवल वेंट्रिकुलर पेसिंग करने से हार्ट फेल्योर और तेज धड़कन का खतरा था। इसी कारण एसीआई की टीम ने बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में हृदय की प्राकृतिक विद्युत संरचना के एट्रियम भाग में पेसमेकर की लीड लगाई गईं। यह तकनीक हृदय को उसके स्वाभाविक ढंग से धड़कने में मदद करती है और हार्ट फेल्योर का जोखिम बेहद कम कर देती है। इस तरह संपन्न हुई प्रक्रिया सबसे पहले लेफ्ट बंडल की स्थिति का इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मैपिंग किया गया। फिर ठीक उसी तरह राइट एट्रियम के बैकमैन बंडल की मैपिंग कर लीड इंप्लांट की गई। इस तरह पूरा पेसिंग सिस्टम प्राकृतिक ढंग से काम करने लगा। उपचार करने वाली टीम में कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, डॉ. एस. के. शर्मा, डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. अनुराग कुजूर और डॉ. वेद प्रकाश शामिल थे। यह उपचार मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत किया गया, जिसमें योजना का लाभ दिलाने में मेडिको सोशल वर्कर खोगेंद्र साहू का विशेष योगदान रहा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट द्वारा किया गया यह सफल उपचार छत्तीसगढ़ की चिकित्सा सेवाओं के उच्च स्तर और निरंतर प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल अब केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वस्तरीय जटिल प्रक्रियाओं को भी सफलतापूर्वक अंजाम दे रहा है। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों की टीम को साधुवाद देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल मरीजों के जीवन को नई आशा देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी संस्थान चिकित्सा विज्ञान में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट, रायपुर द्वारा किया गया यह जटिल उपचार प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती और चिकित्सकों की उत्कृष्ट क्षमता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के मरीजों को अत्याधुनिक कार्डियक प्रक्रियाओं के लिए महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सक दल को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय चिकित्सा मानचित्र पर और अधिक प्रतिष्ठित करेगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी के सर्वाधिक मामलों के उपचार में एसीआई देशभर में पाँचवें स्थान पर रहा है।