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ठिठुरन बढ़ेगी! छत्तीसगढ़ में 3 दिन में लुढ़केगा पारा, उत्तर-मध्य हिस्सों में शीतलहर का असर

रायपुर छत्तीसगढ़ में ठंड का असर लगातार बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर चली. अगले 3 दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक हल्की गिरावट होने और उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. बीते दिन ऐसा रहा प्रदेश का मौसम मौसम विभाग के अनुसार दुर्ग जिले के एक–दो स्थानों पर शीतलहर चली है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ. रायपुर का तापमान सामान्य के आसपास राजधानी रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक है. वहीं न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है. शहर में दिन के समय हल्के बादल और शाम के समय ठंडक महसूस की गई. हवा की औसत गति 2 किमी प्रति घंटा रही. रायपुर में ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने बताया कि 25 दिसंबर को रायपुर शहर में कुहासा छाए रहने की संभावना है. इस दिन अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने लोगों को ठंड को देखते हुए सावधानी बरतने और आवश्यक एहतियात अपनाने की सलाह दी है. प्रदेश में मौसम शुष्क, बारिश के आसार नहीं मौसम विभाग ने बताया कि पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई. अगले एक से दो दिनों तक भी प्रदेश में सूखा मौसम बने रहने की संभावना है.

छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का नया युग, महिला विकास की नई इबारत लिख रही है साय सरकार

आगामी वर्ष ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार नित-नये फैसले ले रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के लिए छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 तैयार किया गया है। विकसित छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सशक्त भागीदारी को देखते हुए राज्य में आगामी वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘महतारी गौरव वर्ष’ में महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक गरिमा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का सशक्त संकल्प सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के नेतृत्व, सहभागिता और सम्मान का एक नया अध्याय लिखेगा, जो विकसित, समरस और सशक्त छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार को सबसे बड़ा आशीर्वाद माताओं और बहनों से प्राप्त होता है। उनके विश्वास, समर्थन और आशीष से ही जनसेवा के कार्यों को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है। इसी भावनात्मक और सामाजिक दायित्वबोध से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में समर्पित रहा, जिसमें शासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना हुई। दूसरा वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया गया, जिसके दौरान आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सामाजिक विकास और जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। अब सेवा का आगामी वर्ष मातृशक्ति को समर्पित ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु माताएँ और बहनें होंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर किए गए कार्यों ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और निर्णय क्षमता को अपनी नीतियों का मूल आधार बनाते हुए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की एक नई दिशा तय की है। महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूती देने वाली महतारी वंदन योजना के अंतर्गत राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 22 किश्तों में 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। महिला कल्याण के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य की विकास यात्रा के केंद्र में महिलाएँ हैं। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने के उद्देश्य से रजिस्ट्री शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट, 368 महतारी सदनों का निर्माण, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का ऑनलाइन भुगतान जैसे निर्णयों ने सुशासन और पारदर्शिता को और सुदृढ़ किया है। स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 42,878 महिला समूहों को 12,946.65 लाख रुपये का रियायती ऋण प्रदान किया गया है। वहीं, बस्तर सहित छह जिलों में रेडी-टू-ईट का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है। महिला आजीविका के नए अवसर सृजित करने के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नवाबिहान योजना, डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा योजना, सिलाई मशीन सहायता, तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना जैसी पहलें लागू की गई हैं। कन्याओं के विवाह में सहयोग हेतु मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सहायता राशि का बड़ा हिस्सा सीधे कन्या के बैंक खाते में जमा किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता दोनों को बल मिला है। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक पहल की है। वन-स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के एकीकृत संचालन ने संकट की घड़ी में त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की है। सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। किशोरियों के स्वास्थ्य और शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए शुचिता योजना, साइकिल वितरण योजना, तथा नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित ‘जशप्योर’ ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास भी महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण तैयार करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, नवाबिहान, लखपति दीदी, शुचिता और महतारी सदन जैसी पहलें महिलाओं के समग्र विकास का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। वर्ष 2025-26 में महिला एवं बाल विकास विभाग को 8,245 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई दिशा, नई उम्मीद और नए परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

कोरबा में बदले पुलिस अधिकारी: प्रतीक चतुर्वेदी को सीएसपी की जिम्मेदारी, विजय सिंह बने कटघोरा एसडीओपी

कोरबा छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग मंत्रालय द्वारा राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का बड़ा तबादला आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत कुल 95 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, जिनमें 35 अधिकारी एडिशनल एसपी व उप सेनानी रैंक के तथा 60 अधिकारी डीएसपी रैंक के शामिल हैं। इस व्यापक तबादला सूची का असर कोरबा जिले पर भी पड़ा है। आदेश के अनुसार, कोरबा में पदस्थ सीएसपी भूषण एक्का का तबादला एसडीओपी बेमेतरा के पद पर किया गया है। वहीं, एसडीओपी कटघोरा पंकज ठाकुर को डीएसपी पीटीएस राजनांदगांव के पद पर भेजा गया है। जिला मुख्यालय में पदस्थ डीएसपी प्रतिभा मरकाम को नई पदस्थापना देते हुए डीएसपी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट बस्तर में पदस्थ किया गया है। कोरबा सीएसपी के महत्वपूर्ण पद पर प्रतीक चतुर्वेदी को पदस्थ किया गया है। प्रतीक चतुर्वेदी इससे पहले डीएसपी अजाक/क्राइम कबीरधाम में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वहीं, कटघोरा के नए एसडीओपी के रूप में विजय सिंह राजपूत की नियुक्ति की गई है, जो पूर्व में डीएसपी सुरक्षा जशपुर के पद पर कार्यरत थे। इस प्रशासनिक फेरबदल को पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई पदस्थापनाओं के बाद जिले में कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक सक्रियता और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।

कोहरे की चादर से ढके रहेंगे छत्तीसगढ़ के ये इलाके, उत्तर में पारे में तेजी के संकेत

रायपुर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. उत्तरी छत्तीसगढ़ और सरगुजा संभाग में सुबह के समय दृश्यता कम रहने के आसार हैं. इसके अलावा तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है. लोगों ठंडी से हल्की राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक सरगुजा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों और बिलासपुर संभाग के जिलों में एक-दो स्थानों पर घना कोहरा छाने की संभावना है. साथ ही अगले 3 दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि मध्य और दक्षिणी इलाकों में अगले 3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा, इसके बाद आगामी 2 दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में हल्की उतार चढाव के साथ न्युनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की सम्भावना नहीं है. कई इलाकों में छाए रहेगा घना कोहरा मौसम विभाग ने बताया कि 22 दिसंबर को प्रदेश के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक दो पॉकेट में घना कोहरा छाये रहने की संभावना है. वहीं प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और मुंगेली जिलों में एक दो पॉकेट में मध्यम कोहरा छाये रहने की संभावना है. इसके अलावा 23 दिसंबर तक मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक दो पॉकेट में घना कोहरा छाये रह सकता है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में 22 दिसंबर को कुहासा रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

गाइडलाइन दरों में सुधार: छत्तीसगढ़ सरकार का पारदर्शी और सरल व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर, छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000 के प्रावधानों के तहत केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित गाइडलाइन दर वर्ष 2025–26 को अनुमोदित करते हुए 20 नवंबर 2025 से प्रदेशभर में लागू कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तार्किक और जनसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। विगत पांच वर्षों से गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण नहीं होने के कारण प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में कई प्रकार की विसंगतियां उत्पन्न हो गई थीं। वर्ष 2025–26 की नवीन गाइडलाइन में इन विसंगतियों को दूर करते हुए दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। पूर्व प्रचलित गाइडलाइन में नगर पालिका क्षेत्रों में कुल 200 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 102 किया गया है। एक ही वार्ड में अलग-अलग कंडिकाओं और भिन्न दरों के कारण आमजन को संपत्ति के मूल्य को समझने में कठिनाई होती थी, जिसे अब सरल और स्पष्ट बनाया गया है। वार्ड परिसीमन के बाद कंडिकाओं में आवश्यक संशोधन कर नई परिस्थितियों के अनुरूप दरें निर्धारित की गई हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित दरों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि वर्ष 2025–26 की गाइडलाइन में लगभग समान दरों को समायोजित कर एकरूप किया गया है, जिससे औसतन लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित होती है। उदाहरण के तौर पर महासमुंद जिले में नई गाइडलाइन में पूरे रायपुर मार्ग की दर 32,500 रुपये तथा 20 मीटर अंदर की दर 7,500 रुपये निर्धारित की गई है। इसी प्रकार यतियतनलाल वार्ड में परिसीमन के कारण दरों को युक्तियुक्त करते हुए 4,800 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया गया है। वार्ड क्रमांक 03 में भी एक ही मार्ग पर स्थित कंडिकाओं को समायोजित कर नई कंडिका सृजित की गई है और दरों में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पुष्पा पेट्रोल पंप से पंकज सोनी के मकान तक निर्धारित दरें शंकर नगर वार्ड के सामने की दरों के अनुरूप रखी गई हैं, जिससे सड़क के आमने-सामने स्थित क्षेत्रों में समान दरें लागू हो सकें। बरोण्डा चौक तथा बरोण्डा चौक से भाजपा कार्यालय तक के क्षेत्रों में भी दरों का युक्तियुक्तकरण करते हुए औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार अन्य वार्डों में भी समान परिस्थिति और महत्व के क्षेत्रों में दरों को एकरूप करते हुए संतुलित वृद्धि सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार द्वारा किए गए इस पुनरीक्षण का उद्देश्य वास्तविक प्रचलित बाजार मूल्य को गाइडलाइन दरों में समाहित करना है, ताकि संपत्ति क्रय-विक्रय, स्टांप शुल्क और पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़े तथा आम नागरिकों को स्पष्ट और न्यायसंगत दरों का लाभ मिल सके। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुगम, भरोसेमंद और जनहितैषी संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

घना कोहरा और ठंड बढ़ने की चेतावनी, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सतर्कता

रायपुर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का सितम जारी है. राज्य के मध्य हिस्से में अगले दो दिन शीतलहर के हालात बनने और उत्तरी इलाके में सुबह के वक्त घना कोहरा रहने का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया है. वहीं अगले दो दिनों तक 6 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा 7 जिलों में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, सरगुजा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा छा सकता है. वहीं बिलासपुर संभाग के जिलों में भी एक-दो स्थानों पर कोहरे की स्थिति बनने की संभावना है. अगले दो दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव के आसार नहीं हैं. इसके बाद 3 दिनों में 1-2 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ सकता है. पिछले चौबीस घंटे में माना समेत कई इलाकों का तापमान एक बार फिर 10 डिग्री से नीचे जा चुका है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. 6 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 7 जिलों में छाए रहेगा कोहरा मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए रायपुर, खैरागढ़- छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, कबीरधाम और बेमेतरा जिलों के एक दो पैकेट में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. इसी तरह 21 दिसंबर तक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज सुबह के वक्त कुहासा छाए रहने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने के आसार हैं.

बहादुर बच्चों के लिए बड़ा सम्मान: राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार, आवेदन की अंतिम तारीख आज

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अदम्य साहस, शौर्य, वीरता और बुद्धिमत्ता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए प्रतिष्ठित राज्य वीरता पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. यह पुरस्कार उन बालक-बालिकाओं को समर्पित है, जिन्होंने किसी विशेष घटना में निःस्वार्थ भाव से किसी जीवन को बचाने या गंभीर क्षति से संरक्षित करने का साहसिक कार्य किया हो. पुरस्कार के लिए पात्रता में आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम होना अनिवार्य है. घटना की अवधि 1 जनवरी 2025 से 15 दिसंबर 2025 के बीच की होनी चाहिए. चयनित बच्चों को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा. इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन 20 दिसंबर 2025 तक संबंधित जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जमा कर सकते हैं. पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.cgwcd.gov.in पर उपलब्ध है.

उप मुख्यमंत्री साव ने बघेल पर निशाना साधा, कहा- ऐसे लोग सवाल उठाएं तो…

रायपुर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तंज कसते हुए कहा कि 5 साल तक कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को भयभीत करके रखा था. ऐसे लोग सवाल उठाए तो अच्छा नहीं है. नशे-नक्सलवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई है. घटना हो रही है, उस पर त्वरित कार्रवाई हो रही है. अपराधी कितना भी बड़ा बख्शा नहीं जा रहा है. भोपाल रवाना होने से पहले उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि शहरी आवास भारत सरकार की बैठक में शामिल होने जा रहा हूं. चार राज्यों के शहरी आवास मंत्रियों की बैठक है. केंद्र परिवर्तित योजना की समीक्षा होगी. वहीं नया रायपुर को तहसील बनाने की प्रस्ताव पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नया रायपुर को तहसील बनाने के लिए सूचना का प्रकाशन हुआ है. लोगों से दावा-आपत्ति भी मंगाया गया है. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में छत्तीसगढ़ की भागीदारी पर अरुण साव ने कहा कि पार्टी के संविधान में एक प्रक्रिया है. राष्ट्रीय परिषद के सदस्य मतदाता होते हैं. चुनाव के लिए विधिवत रूप से पूरी प्रक्रिया होगी. लोकतांत्रिक तरीके से पार्टी में चुनाव होता है.

छत्तीसगढ़ के कार्यक्रमों का आकलन करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने NSE का किया दौरा

रायपुर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का भ्रमण कर उपस्थित जनों को संबोधित किया. इसके साथ एनएसई द्वारा छत्तीसगढ़ में करवाये जा रहे निवेशक जागरूकता कार्यक्रम की समीक्षा की. भ्रमण के दौरान एनएसई के अधिकारियों से छत्तीसगढ़ में आगामी वर्ष में इस कार्यक्रम को और आगे बढ़ाने के लिए चर्चा की. इस अवसर पर एनएसई के सीनियर एडवाइजर श्रीराम और सीनियर एडवाइजर (पॉलिसी) एवं पूर्व आईएएस अधिकारी शैलेश पाठक उपस्थित रहे.

शराब घोटाले में बड़ा खुलासा: सौम्या चौरसिया को दिए गए 115 करोड़, ED ने विशेष अदालत से रिमांड की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उन्हें विशेष अदालत में पेश किया, जहां आगे की पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड मांगी गई है। ईडी का दावा है कि जांच में शराब और कोयला घोटाले से जुड़े कई अहम आर्थिक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। बता दें कि ईडी ने सौम्या चौरसिया को मंगलवार को शराब घोटाला मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। घंटों चली पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बुधवार को उन्हें रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां बचाव पक्ष की ओर से हर्षवर्धन परघनिया और डॉ. सौरभ कुमार पांडे ने, जबकि ईडी की ओर से पक्ष रखा गया। ईडी का दावा है कि जांच में शराब और कोयला घोटाले से जुड़े कई अहम आर्थिक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। ईडी ने सौम्या से पूछताछ के लिए विशेष अदालत से तीन दिन की रिमांड मांगी है।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 3200 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच ईडी के अनुसार, यह मामला करीब 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य की शराब नीति में बदलाव कर चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। लाइसेंस की शर्तें इस तरह तय की गईं कि कुछ चुनिंदा कंपनियों को ही काम मिल सके। नकली होलोग्राम और टैक्स चोरी का खेल जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों ने नोएडा की एक फर्म के माध्यम से नकली होलोग्राम और सील तैयार करवाई। इन्हीं नकली होलोग्राम लगी महंगी शराब की बोतलों को सरकारी दुकानों के जरिए बेचा गया। चूंकि होलोग्राम फर्जी थे, इसलिए बिक्री का पूरा रिकॉर्ड शासन के सिस्टम में दर्ज नहीं हो पाया और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इससे राज्य सरकार को करीब 2165 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। सौम्या चौरसिया तक पहुंची 115 करोड़ की रकम ईडी के रिमांड आवेदन में दावा किया गया है कि शराब घोटाले से जुड़े करीब 115 करोड़ रुपये लक्ष्मीनारायण बंसल के माध्यम से सौम्या चौरसिया तक पहुंचे। इसके अलावा, आरोपी तांत्रिक केके श्रीवास्तव से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि घोटाले की करीब 72 करोड़ रुपये की राशि हवाला के जरिए इधर-उधर की गई। कोयला घोटाले की डायरी से भी खुलासा ईडी ने यह भी बताया कि कोयला घोटाले की जांच के दौरान मिली एक डायरी में 43 करोड़ रुपये की ऐसी रकम का जिक्र है, जिसका संबंध शराब घोटाले से बताया जा रहा है। इस डायरी में अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के नामों का भी उल्लेख है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई ईडी के अनुसार, लक्ष्मीनारायण बंसल और केके श्रीवास्तव से मिली जानकारियों के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी की गई है। ईडी के वकील सौरभ पांडे ने अदालत को बताया कि मामले में गहन पूछताछ जरूरी है, इसलिए रिमांड की मांग की गई है। पहले भी रह चुकी हैं जेल में गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया कोयला घोटाला मामले में भी प्रमुख आरोपियों में शामिल रही हैं। इससे पहले मई महीने में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर सौम्या चौरसिया समेत छह आरोपियों को जमानत पर रिहा किया गया था। उस दौरान अदालत ने उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश भी दिए थे। अब तक कई बड़े नाम गिरफ्तार शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर शामिल हैं। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब सबकी निगाहें विशेष अदालत के फैसले और ईडी की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि रिमांड मिलती है, तो जांच एजेंसी को उम्मीद है कि शराब और कोयला घोटाले के बीच कथित आर्थिक कड़ियों को लेकर और बड़े खुलासे हो सकते हैं।