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बिहार में सत्ता का फॉर्मूला तय? चिराग पासवान बोले- सीएम-Dy CM नामों पर बनी मोटी सहमति

पटना लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दावा किया है कि बिहार में एनडीए की नई सरकार और नीतीश कुमार के बाद बनने वाले मुख्यमंत्री को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 5 घटक दलों के बीच मोटा-मोटी सहमति बन चुकी है। सोमवार की सुबह दिल्ली से पटना पहुंचे चिराग ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा कि बिहार में नई सरकार को लेकर एनडीए गठबंधन के भीतर सब कुछ लगभग तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी। याद दिला दें कि सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा के सांसद चुन लिए गए हैं और 10 अप्रैल या उसके बाद वो दिल्ली में नई पारी शुरू करेंगे। नीतीश के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के किसी नेता के मुख्यमंत्री बनने के प्रबल आसार हैं। चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी के नाम को लेकर सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन सकारात्मक तौर पर कहा कि गृहमंत्री के तौर पर उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बड़ी जिम्मेदारी निभाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और किस भूमिका में उनका मॉडल प्रदेश में दिखेगा, यह समय ही बताएगा। पासवान ने हालांकि यह जरूर कहा कि सरकार जिसके भी नेतृत्व में बनेगी, उसमें नीतीश का अनुभव और मार्गदर्शन जरूर रहेगा। चिराग ने कहा कि नई सरकार के गठन को लेकर गठबंधन के भीतर तमाम विषयों पर बातचीत चल रही है। गठबंधन से कौन मुख्यमंत्री बनेगा, कौन डिप्टी सीएम होगा, इसको लेकर चर्चा ही नहीं, बल्कि मोटा-मोटी सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जायेगी। मौजूदा सीएम नीतीश कुमार इस समय राज्य की यात्रा कर रहे हैं, जिनके साथ मंच पर सम्राट चौधरी की केमिस्ट्री ने राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म कर रखा है। नीतीश कई जिलों में समृद्धि यात्रा के मंच पर सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर उनसे जनता को प्रणाम करवा रहे हैं। इसे नीतीश की तरफ से सम्राट के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है, जिनकी नए सीएम के चयन में भूमिका से कोई इनकार नहीं कर रहा है। बिहार में बीजेपी के 89 विधायक और जेडीयू के 85 विधायक हैं। यह संख्या बताता है कि सीएम भले भाजपा का हो, उसका चुनाव भी भाजपा अपने तरीके से करे, लेकिन नीतीश की रायशुमारी उसमें महत्वपूर्ण होगी। नीतीश को 30 मार्च से पहले बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। राज्यसभा का चुनाव जीतने के बाद उनके पास एमएलसी का पद छोड़ने के लिए 14 दिन का समय था, जिसमें एक सप्ताह बीत चुका है। चर्चा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद से अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक इस्तीफा देंगे, जब नई सरकार का गठन होगा। भाजपा और जदयू के नेताओं ने पहले कहा था कि नई सरकार के गठन की बातचीत 26 मार्च के बाद शुरू होगी, जिस दिन यात्रा के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक नीतीश की सभा पटना में होगी।  

‘ना दंगा, ना फसाद, बिहार का CM सिर्फ चिराग’ वाले लगे पोस्टर

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बाद बिहार की राजनीति में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इसी बीच एनडीए के भीतर से ही एक नई राजनीतिक मांग सामने आई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ताओं ने चिराग पासवान को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाई है। बीजेपी कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर पटना में बीजेपी कार्यालय के बाहर चिराग पासवान के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पोस्टर में लिखा गया है-'ना दंगा, ना फसाद हो, बिहार का CM सिर्फ चिराग हो।' पोस्टर में ‘स्वर्ण काल’ की बात पोस्टर में चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की खुलकर अपील की गई है। इसमें लिखा गया है- 'सजाओ इनके सर पर ताज, तभी आएगा बिहार में स्वर्ण काल।' इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि चिराग के नेतृत्व में बिहार में नई शुरुआत हो सकती है। ‘मोदी के हनुमान’ का भी जिक्र पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया गया है। इसमें लिखा गया है- 'मोदी जी का मिला अपने हनुमान को आशीर्वाद, चिराग होंगे बिहार के नए सरताज।' इससे चिराग को एनडीए के मजबूत नेता के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है। युवा मुख्यमंत्री की मांग पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि 'बिहार मांगे चिराग, वक्त अब आ गया है युवा मुख्यमंत्री बनाने का।' इसके साथ ही यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि अगर एनडीए की सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री का चेहरा चिराग पासवान होना चाहिए। एलजेपी (रामविलास) नेता ने लगवाए पोस्टर बताया जा रहा है कि ये पोस्टर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पटना जिला अध्यक्ष इमाम गजाली की ओर से लगवाए गए हैं। पोस्टर सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में इस मांग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सांसद अरुण भारती भी जता चुके हैं इच्छा इससे पहले एलजेपी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती भी चिराग पासवान को मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा जता चुके हैं। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम फैसला एनडीए के शीर्ष नेता मिलकर करेंगे। कार्यकर्ताओं की भी बड़ी भूमिका की मांग अरुण भारती ने कहा था कि व्यक्तिगत तौर पर वह अपने नेता चिराग पासवान को बिहार के बड़े नेता और राज्य के मुखिया के रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई जिलों में कार्यकर्ताओं की मांग है कि आने वाले समय में चिराग पासवान को बड़ी जिम्मेदारी दी जाए।

बिहार की राजनीति में हलचल: ‘अगला CM चिराग पासवान’ वाले पोस्टरों से मचा बवाल

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच बिहार में पॉलिटिकल हलचल तेज हो गई है। इसी बीच चिराग पासवान को अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले पोस्टर पटना की सड़कों पर दिखे हैं। ये पोस्टर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिला अध्यक्ष इमाम गजाली ने लगाए हैं। पोस्टर, जिसमें चिराग पासवान के सिर पर ताज दिखाया गया है, पर नारे लिखे थे, जैसे, “उन्हें ताज पहनाओ, तभी बिहार का सुनहरा दौर आएगा। मोदी ने उन्हें आशीर्वाद दिया है। चिराग बिहार के नए नेता होंगे। बिहार को चिराग की जरूरत है। अब, एक युवा मुख्यमंत्री बनाने का समय आ गया है। नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस सरकार बनाएगी, और चिराग मुख्यमंत्री होंगे।” यह पहली बार नहीं है जब पार्टी के समर्थकों ने चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। इससे पहले, जमुई से सांसद और चिराग पासवान के साले अरुण भारती ने भी चिराग को बिहार का नेतृत्व करते देखने की इच्छा जताई थी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर आखिरी फैसला NDA करेगा। इससे पहले, चिराग पासवान की मां राजकुमारी देवी ने सबके सामने इच्छा जताई थी कि वह उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहती हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चिराग पासवान मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार से बेहतर काम करेंगे। उन्होंने अपने बेटे को आशीर्वाद देते हुए और लोगों से उनका समर्थन करने की अपील करते हुए कहा, “हम जानते हैं कि चिराग मुख्यमंत्री बनेंगे। वह नीतीश कुमार से बेहतर काम करेंगे।”

रोबोडॉग विवाद पर चिराग पासवान का सख्त रुख, समिट खत्म होते ही जांच और एक्शन

पटना केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एआई समिट में प्रदर्शित चीनी रोबोटिक डॉग को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'बड़ी लापरवाही' बताया। उन्होंने कहा कि समिट समाप्त होने के बाद सरकार इस मामले में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी। गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा यह विवाद इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान सामने आया, जहां एक रोबोटिक डॉग को विश्वविद्यालय के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' द्वारा विकसित बताया गया था। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह प्रोडक्ट चीन की कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा विकसित यूनिट्री जीओ2 मॉडल है। पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय द्वारा किसी प्रोडक्ट को प्रदर्शित कर उसका स्वामित्व गलत तरीके से लेना पूरी तरह अनुचित है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि समिट एक वैश्विक मंच है और पूरी दुनिया की नजर इस पर रहती है। ऐसे घटनाक्रम भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने उस प्रतिनिधि के बयान का भी जिक्र किया, जिसने रोबोटिक डॉग के बारे में जानकारी दी थी। चिराग ने कहा कि वह शब्दों के चयन से स्थिति को उचित ठहराने की कोशिश करती दिखीं और बाद में इसे गलतफहमी बताया गया। जब देश में इतने बड़े स्तर का एआई सम्मेलन हो रहा हो, तब इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बन जाती हैं। केंद्र सरकार ने भी अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा कि ऐसे मंचों पर केवल वास्तविक और प्रमाणिक कार्यों को ही प्रदर्शित किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। विवाद उस समय शुरू हुआ जब विश्वविद्यालय के पवेलियन में मौजूद कम्युनिकेशन प्रोफेसर नेहा सिंह ने एक साक्षात्कार में दावा किया कि प्रदर्शित रोबोटिक डॉग विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किया गया है और उसका नाम 'ओरियन' बताया। बाद में उन्होंने इसे संचार की गलती बताया। विश्वविद्यालय ने भी आधिकारिक बयान जारी कर भ्रम के लिए माफी मांगी और कहा कि संबंधित प्रतिनिधि को तकनीकी जानकारी नहीं थी और उन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति भी नहीं थी।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जल्द आएगा सबूत, चिराग पासवान ने किया ऐलान

पटना भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भरोसा जताया कि सरकार जल्द ही इस समझौते के सभी बिंदुओं को स्पष्ट कर देगी। वहीं जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया। आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि कॉमर्स मिनिस्टर ने पहले ही बता दिया है कि जल्द ही सभी बिंदुओं को स्पष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब भी कोई समझौता होता है तो साझा बयान जारी किए जाते हैं। उन्हें लगता है कि जल्द ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी दे दी जाएगी। वहीं, जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी और न्यूक्लियर डील हुई थी, देश की संप्रभुता और जानकारी साझा करने को लेकर कांग्रेस सवालों के घेरे में आई थी, तब उन्हें अमेरिका के साथ हुई डील अच्छी लगी थी। आज की डील में उन्हें कमियां नजर आ रही हैं। संसद का सत्र चल रहा है, उन्हें अपनी बात रखनी चाहिए; सरकार जवाब देगी। पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर आ रहे नेताओं के बयानों पर उन्होंने कहा कि पप्पू यादव सांसद हैं और वे फरार थे। उनके खिलाफ कुर्की के आदेश जारी हुए हैं। यह न्यायपालिका की अवहेलना है। न्यायपालिका ने उन्हें फरार घोषित किया, उनके खिलाफ वारंट जारी किया और कुर्की का आदेश दिया; ऐसे में वे कैसे कह सकते हैं कि नीट की छात्रा के विवाद के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। यह तो न्यायपालिका की प्रक्रिया का अपमान है। नीरज कुमार ने कहा कि न्यायपालिका में जमानत याचिका दाखिल करते समय यही लिखा जाना चाहिए कि नीट मामले के चलते ही गिरफ्तारी हुई है। प्रशांत किशोर को लेकर उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का शटर अब गिर चुका है। अब कोई उन्हें राज्य में रणनीतिकार बनाने के लिए तैयार नहीं है। पीएम और सीएम बनाने की बातें करते थे, लेकिन एक एमएलए भी नहीं बनवा पाए। स्वाभाविक है कि वे दर-दर भटकेंगे, लेकिन जनता से समर्थन नहीं मिलेगा। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर अभी राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे।

चिराग के दही-चूड़ा भोज में चेतन के पास पहुंचे CM नीतीश

पटना. मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति में दही-चूड़ा भोज सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि सियासी ताकत दिखाने का मंच बन गया। गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक के बाद एक कई दही-चूड़ा आयोजनों में शिरकत कर राजनीतिक संदेश दिए। कभी चिराग पासवान के ऑफिस पहुंचे, तो कभी बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद के घर जाकर उपस्थिति दर्ज कराई। चिराग पासवान के भोज में पहुंचे CM, किया अभिवादन केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी खास मानी जा रही है। यहां सीएम ने हाथ हिलाकर मौजूद लोगों और मीडिया का अभिवादन किया। इस मुलाकात को NDA के भीतर बढ़ती सहजता और तालमेल के रूप में देखा जा रहा है। भोज में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की अच्छी-खासी भीड़ रही। चेतन आनंद के घर पहुंचे नीतीश, पांच मिनट की मुलाकात भी मायनेदार इसके बाद मुख्यमंत्री जदयू विधायक चेतन आनंद के आवास पहुंचे, जहां वे करीब पांच मिनट रुके। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और PHED मंत्री संजय कुमार भी मौजूद थे। चेतन आनंद ने कहा कि व्यस्त शेड्यूल के बावजूद सीएम ने समय निकाला और आशीर्वाद दिया। उन्होंने बताया कि NDA के साथ-साथ विपक्षी नेताओं को भी आमंत्रण भेजा गया था। मंत्रिमंडल विस्तार पर चेतन आनंद की सधी हुई प्रतिक्रिया विधानसभा सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्री पद को लेकर पूछे गए सवाल पर चेतन आनंद ने सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे किसी तरह की अनर्गल इच्छा नहीं रखते और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय होगा। राजनीतिक गलियारों में इसे संतुलन साधने वाला बयान माना जा रहा है। आनंद मोहन की रिहाई से मजबूत हुई नजदीकी गौरतलब है कि चेतन आनंद के पिता आनंद मोहन की रिहाई में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अहम भूमिका रही थी। इसके बाद फ्लोर टेस्ट के दौरान चेतन आनंद ने RJD को झटका देते हुए नीतीश कुमार का साथ दिया था। तभी से आनंद मोहन परिवार और मुख्यमंत्री के रिश्ते और मजबूत माने जा रहे हैं। तेजप्रताप से रत्नेश सदा तक, 14 जनवरी का सियासी कैलेंडर 14 जनवरी को तेजप्रताप यादव के आवास पर हुए दही-चूड़ा भोज में लालू यादव, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, प्रभुनाथ यादव और चेतन आनंद की मौजूदगी ने अलग सियासी संकेत दिए। लालू यादव ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे तेजप्रताप से नाराज नहीं हैं। वहीं पूर्व मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर भी दही-चूड़ा भोज हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री, राज्यपाल और NDA के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। दही-चूड़ा के बहाने दिखी गठबंधन की तस्वीर कुल मिलाकर, इस मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज सिर्फ खान-पान का आयोजन नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए गठबंधन की मजबूती, रिश्तों की गर्माहट और भविष्य की राजनीति के संकेत भी साफ तौर पर नजर आए। बिहार की राजनीति में दही-चूड़ा एक बार फिर सियासी भाषा बोलता दिखा।

चिराग पासवान पटना में बोले- बंगाल-असम में NDA की सरकार तय

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में शानदार प्रदर्शन के बाद नए साल में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान नए साल में पहली बार पटना पहुंचे और आते ही सियासी आक्रामकता दिखा दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात के बाद चिराग ने साफ शब्दों में कहा कि अब एनडीए का अगला लक्ष्य बंगाल और असम हैं, और इन राज्‍यों में विपक्ष खुद अपनी नकारात्मक राजनीति से 'एनडीए की' मदद कर रहा है। चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात कर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद वे राजभवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से भेंट की। इस दौरान लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी और बिहार सरकार के मंत्री संजय पासवान भी मौजूद रहे। आभार यात्रा और संगठन विस्तार का रोडमैप मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने बिहार की जनता को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद उनकी पार्टी अब आभार यात्रा पर निकलेगी। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को पार्टी कार्यालय में दही-चूड़ा समारोह आयोजित किया जाएगा, जो संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क का हिस्सा होगा। विपक्ष पर तीखा हमला: डर और भ्रम की राजनीति चिराग पासवान ने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से विपक्ष झूठ, भ्रम और डर की राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019) को लेकर जनता को डराया गया कि मुसलमानों की नागरिकता छिन जाएगी, चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान जैसे मुद्दों पर भ्रम फैलाया गया और वोट चोरी जैसे आरोप गढ़े गए। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी 15 दिन तक घूम-घूमकर लोगों को डराने का काम करते रहे, लेकिन किसी प्रक्रिया के तहत विरोध नहीं किया। बिहार की जनता ने एकतरफा फैसला देकर विपक्ष को जवाब दे दिया।" मनरेगा पर बड़ा बयान: भ्रष्टाचार का अड्डा चिराग ने मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और बिचौलियों की योजना बनकर रह गई थी। "कांग्रेस ने देश के लोगों को सिर्फ मिट्टी खोदने तक सीमित कर दिया। फायदा गरीबों को नहीं, बल्कि सिस्टम से जुड़े लोगों को हुआ, जिन्होंने बड़े-बड़े बंगले बना लिए," चिराग ने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब इस व्यवस्था के लूपहोल्स बंद किए गए, तब विपक्ष को परेशानी होने लगी। राम नाम और योजनाओं पर कांग्रेस को घेरा वीबी-जी-राम-जी (विकसित भारत – जी राम जी) योजना को लेकर चिराग ने कहा कि कांग्रेस बापू के नाम की आड़ में राजनीति कर रही है। "कांग्रेस को हमेशा से राम नाम से ऐतराज रहा है। बापू के सबसे प्रिय नामों में राम था, लेकिन ये सीधे नहीं कह सकते, इसलिए भ्रम फैला रहे हैं," उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र-राज्य के वित्तीय ढांचे को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम भी विपक्ष की राजनीति का हिस्सा है। बंगाल-असम में NDA सरकार तय चिराग पासवान ने बड़ा सियासी दावा करते हुए कहा कि बंगाल, असम और तमिलनाडु में एनडीए सरकार बनने जा रही हैं। उन्होंने कहा, "बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनेगी। असम में हम वापसी करेंगे। एलजेपी (रामविलास) इन राज्यों में अपनी भूमिका निभाने को पूरी तरह तैयार है।" हालांकि सीटों को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी संगठनात्मक मजबूती का आकलन कर रही है और डेढ़ महीने बाद स्पष्ट किया जाएगा कि कहां-कहां और कितनी सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा। सांसद फंड और राजद पर निशाना सांसद निधि के उपयोग पर उठ रहे सवालों पर चिराग ने कहा कि वे रिपोर्ट नहीं, परफॉरमेंस पर भरोसा करते हैं। "वित्तीय वर्ष पूरा होने से पहले सवाल उठाना जल्दबाजी है," उन्होंने कहा। नेता प्रतिपक्ष पर हमला करते हुए चिराग बोले, "सदन चले या मीडिया, नेता प्रतिपक्ष गायब रहते हैं। राजद आज जिस हाल में है, आने वाले समय में उसका नामो-निशान मिट जाएगा।" राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, चिराग पासवान का यह बयान साफ संकेत देता है कि वे अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए के युवा और आक्रामक चेहरे के रूप में खुद को स्थापित करने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं। विपक्ष पर लगातार हमले और राज्यों के नाम लेकर सरकार बनाने का दावा आने वाले चुनावी मौसम का ट्रेलर माना जा रहा है।

चिराग पासवान बोले: कांग्रेस ने मनरेगा के नाम पर जनता को गुमराह किया

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने रविवार को कांग्रेस पर MGNREGA सहित सरकारी योजनाओं को लेकर डर फैलाकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। "लोगों में डर पैदा करने की राजनीति कर रही कांग्रेस" यहां पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा, "कांग्रेस और RJD जैसी पार्टियां CAA, NRC, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और VB-G RAM G जैसे कानूनों और योजनाओं के बारे में गुमराह करने वाली बातें फैलाकर लोगों में डर पैदा करने की राजनीति कर रही हैं।" महात्मा गांधी की विरासत का हवाला देकर MGNREGA का नाम बदलने को लेकर विपक्ष पर सनसनी फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि NDA नए योजना, VB-G RAM G के नाम के बजाय उसके गुणों पर बहस करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वे चुनावी सूचियों के विशेष गहन संशोधन जैसे "महत्वपूर्ण और नियमित" अभ्यास को भी चुनौती देते हैं, और कहा कि "बिहार के लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से उनके वोट चोरी के आरोपों का जवाब दिया है।" उन्होंने कहा, "जिस तरह उन्होंने SIR को लेकर हंगामा करके हमें बिहार जीतने में मदद की, उसी तरह वे VB-G RAM G को मुद्दा बनाकर पश्चिम बंगाल और असम जीतने में हमारी मदद करेंगे।" पासवान ने VB-G RAM G अधिनियम का बचाव करते हुए इसे भारतीय राष्ट्र के "संघीय ढांचे की तर्ज पर सामूहिक जिम्मेदारी" का प्रतीक बताया। उन्होंने दावा किया, "कांग्रेस और RJD का दावा है कि VB-G RAM G अधिनियम ने राज्यों पर योजना के लिए कुल बजट में उनके योगदान को बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ डाला है। उन्हें यह एहसास नहीं है कि यह देश के संघीय ढांचे की तर्ज पर सामूहिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।" "मनरेगा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था" केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि MGNREGA में ऐसी "सामूहिक जिम्मेदारी" की कमी ही इसकी विफलता का सबसे बड़ा कारण था, क्योंकि राज्यों ने "स्वामित्व की भावना" नहीं अपनाई। उन्होंने दावा किया कि VB-G RAM G ने काम के दिनों की संख्या बढ़ा दी है, "मिट्टी खोदने" से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की ओर बदलाव किया है, और कमियों को दूर करने के लिए बेहतर निगरानी सुविधाओं को सुनिश्चित किया है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "वे राज्यों पर बोझ को लेकर क्यों चिंतित हैं? वैसे भी कितने राज्यों में उनकी सरकार है? उन्हें राज्यों की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि हम बाकी राज्यों में भी डबल-इंजन सरकार बनाएंगे, जिसमें पश्चिम बंगाल और दक्षिण के राज्य भी शामिल हैं।" चिराग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इसलिए चिंतित है क्योंकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने एक ऐसी योजना को खत्म कर दिया है "जिसे उन्होंने भ्रष्टाचार करने के लिए बनाया था।" उन्होंने कहा, "मनरेगा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था और इससे सिर्फ़ बिचौलिए ही फ़ायदा उठा रहे थे, गरीब लोगों को कोई फ़ायदा नहीं हुआ।"

पटना जाने से पहले चिराग पासवान अस्वस्थ, फ्लाइट छोड़कर घर लौटे

पटना लोजपा रामविलास के स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान दिल्ली से पटना आने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे लेकिन तबियत खराब होने के कारण वापस आवास पर लौट गए। पार्टी के बिहार प्रभारी अरुण भारती ने इसकी जानकारी दी। चिराग पासवान ने दिल्ली से ही ऑनलाइन लोजपा स्थापना के रजत दिवस समारोह को संबोधित किया।   चिराग ने कहा कि हमें आने संकल्प पत्र को जमीन पर उतारना है। संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने बिहार में एनडीए की बड़ी जीत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि हमारे सभी 19 विधायक जनता की समस्या के समाधान में जुटेंगे। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का स्थापना दिवस समारोह आज (28 नवंबर) को मनाया जा रहा है। पटना के बापू सभागार में कार्यक्रम चल रहा है। जिसें पार्टी के सभी सांसद, विधायक, संगठन पदाधिकारी समेत पार्टी नेता शामिल हुए हैं। हांलांकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने दिल्ली से ऑनलाइन कार्यक्रम को जुड़े और पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों को संबोधित किया। 2024 लोकसभा चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग की पार्टी लोजपा-आर का प्रदर्शन जबरदस्त रहा है। विधानसभा चुनाव में एनडीए की सहयोगी के रूप में 29 सीटों पर लड़कर 19 सीटें जीती। वहीं लोकसभा चुनाव में पार्टी के 5 सांसद लोकसभा पहुंचे।

NDA की जीत में चिराग का बड़ा योगदान, बिहार चुनाव में साबित हुए ‘फिनिशर’

पटना  शुक्रवार दोपहर तक जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव के रुझान सामने आते गए, सोशल मीडिया पर चर्चा का माहौल गर्म होता गया. वजह साफ थी, NDA भारी बहुमत की ओर बढ़ रहा था और चिराग पासवान की LJP(RV) ने एक ऐसे फिनिशर की भूमिका निभाई, जिसने सबका ध्यान खींच लिया. ठीक वैसे ही जैसे क्रिकेट में रविंद्र जडेजा आख़िरी ओवरों में ताबड़तोड़ पारी खेलकर मैच को अपने नाम कर लेते हैं, चिराग पासवान ने भी NDA के लिए वैसा ही प्रदर्शन कर दिखाया. 29 सीटों पर चुनाव लड़ी पार्टी LJP(RV) इस चुनाव में 29 सीटों पर लड़ रही थीं, जबकि बीजेपी और जेडीयू 101–101 सीटों पर चुनाव लड़ रहे थे. बड़ी पार्टियों ने ओपनिंग बैट्समैन की तरह मजबूत शुरुआत की, लेकिन फिनिशिंग टच चिराग की पार्टी को देना था और उन्होंने यह काम शानदार तरीके से किया. 2024 में 5 सीटों पर जीत दर्ज की 2024 लोकसभा चुनाव में 5 सीटों पर 5 जीत दर्ज कर चुके चिराग को प्रधानमंत्री मोदी ने 'हनुमान' कहा था, वे 2025 में फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. 29 में से 23 सीटों पर बढ़त, यानी लगभग परफेक्ट स्ट्राइक रेट. मगध, सीमांचल और पाटलिपुत्र क्षेत्रों में पार्टी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है, और 5% से ज्यादा वोट शेयर हासिल किया है. NDA के वोट का ट्रांसफर चिराग की पार्टी को मिला सबसे बड़ी बात यह रही कि NDA के वोट का बेहतरीन ट्रांसफर चिराग की पार्टी को मिला. बीजेपी और जेडीयू के समर्थकों ने LJP(RV) के उम्मीदवारों पर भरोसा जताया और चिराग ने भी वोट ट्रांसफर के मामले में गठबंधन को पूरा समर्थन दिया. 2020 के मुकाबले चौंकाने वाला प्रदर्शन यह प्रदर्शन 2020 के मुकाबले चौंकाने वाला है. तब 137 सीटों पर चुनाव लड़कर LJP(RV) सिर्फ एक जीत पाई थी और उसकी ‘एंटी-नीतीश’ मुहिम ने जेडीयू को बड़ा नुकसान पहुंचाया था. लेकिन इस बार NDA के साथ रहते हुए चिराग ने न सिर्फ अपनी पार्टी को मजबूत किया, बल्कि नीतीश कुमार और पूरे NDA की सीटों में भी इजाफा कर दिया. चिराग पासवान ने खुद को 'हनुमान' साबित किया इस तरह चिराग पासवान ने खुद को सचमुच 'हनुमान' साबित कर दिया जो गठबंधन को मजबूती देते हुए जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं. इस जीत के बाद NDA में चिराग का कद और बढ़ेगा, और बिहार की राजनीति में समीकरण भी बदलेंगे. जेडीयू और LJP(RV) के बीच लंबे समय से चली आ रही खटास के बीच यह नतीजे चिराग के लिए राजनीतिक पूंजी का काम करेंगे. अब चिराग के लिए भी 'जडेजा स्टाइल' में जश्न मनाने का वक्त है. बैट उठाने और तलवार घुमाने का अंदाज वाला.