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अच्छे जनप्रतिनिधियों से बहती है विकास की धारा: मुख्यमंत्री

माफिया को चुनकर भेजोगे तो गरीबों का खून चूसेगा: मुख्यमंत्री सीएम योगी ने बलरामपुर में 300 करोड़ से अधिक की योजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास अच्छे जनप्रतिनिधियों से बहती है विकास की धारा: मुख्यमंत्री अब किसी गरीब का राशन नहीं खा सकता है माफिया: सीएम योगी सीएम बोले- बेटी या व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को छोड़ेंगे नहीं बलरामपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास की प्रक्रिया तब आगे बढ़ती है, जब जनता अच्छे लोगों को चुनती है। माफिया को चुनकर भेजोगे तो गरीबों का खून चूसेगा। हमने माफिया को तबाह किया, उसकी जमीनों पर गरीबों के लिए मकान बना रहे हैं। डबल इंजन की सरकार डबल स्पीड के साथ काम कर रही है। किसान, व्यापारी, महिला को सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। आज हर जनपद विकास की मुख्यधारा से जुड़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर के मध्यनगर बिलोहा में शुक्रवार को 300 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण व अन्य शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया। सीएम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। उन्होंने प्रगति के पथ पर अग्रसर बलरामपुर के विकास मॉडल पर जनता से सीधा संवाद भी किया। गोरखपुर से आकर करता था मदद मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से नौ वर्ष पूर्व बलरामपुर में जब भी दुर्गा पूजा होती थी, पचपेड़वा, गैसड़ी, बलरामपुर, उतरौला आदि जगहों पर दंगे होते थे। मुझे गोरखपुर से आकर लोगों की मदद करनी पड़ती थी। आज उत्तर प्रदेश के 75 जनपद, 350 तहसीलें और 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें दंगामुक्त हैं। विकास की प्रक्रिया के साथ प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। बलरामपुर के लोग 2017 से पहले कहीं जाते थे तो पहचान का संकट था। लोग माफिया से जोड़कर देखते थे। लेकिन, माफिया आज मिट्टी में मिल गए, कोई पहचान का संकट नहीं। आज बाहर जाएं और कहें कि आप यूपी से हैं तो आपको पूरा सम्मान मिलेगा। अब किसी गरीब का राशन नहीं खाता माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि याद करिए 2017 के पहले गरीब को राशन नहीं मिलता था। सपा के गुंडे राशन खा जाते थे। अब हर गरीब को फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। गांवों में आय, निवास प्रमाण पत्र की भी सुविधा दी जा रही है। गरीब के उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। एक ओर गरीब कल्याणकारी योजनाएं और दूसरी ओर विकास कार्य बढ़ाए गए। सभी सरकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव दिया जा रहा है। पीएम मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ विजन के तहत काम हो रहा है। सुरक्षित माहौल में हो रहा निवेश मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी ने बेटी या व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो फिर उसको छोड़ेंगे भी नहीं। यही सरकार की घोषित नीति है। प्रदेश के सुरक्षित माहौल में आज निवेश हो रहा है। बलरामपुर सौभाग्यशाली है कि चीनी मिल द्वारा प्लास्टिक जैसे एक मैटीरियल का निर्माण हो रहा है, जो उपयोग के बाद मिट्टी में मिल जाएगा। देश का सबसे युवा राज्य है यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यूपी की पहचान सबसे ज्यादा निवेश, रोजगार, देश के सबसे युवा राज्य के रूप में हो रही है। यूपी को अयोध्या, काशी, मां पाटेश्वरी, मां शाकम्भरी, नैमिषारण्य, श्रावस्ती, जैन तीर्थंकरों की भूमि के रूप में नई पहचान मिल रही है। यह सम्मान आपको इसलिए मिल रहा है, क्योंकि आपने अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुनकर भेजा है। आपने कैलाशनाथ शुक्ला, राम प्रताप वर्मा, पलटूराम को जिताया।  तुलसीपुर गैसड़ी बॉर्डर पर जनसभा की बड़ी वजह मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं गैसड़ी और तुलसीपुर विधानसभा के बॉर्डर पर आया हूं। मैं 2007 में तुलसीपुर आया था, तब मांग हो रही थी कि मथुरा घाट में राप्ती नदी पर पुल बने। जैसे ही आपने कैलाश नाथ शुक्ला को तुलसीपुर से विधायक बनाया, मथुरा घाट पर भी पुल की स्वीकृति मिल चुकी है। तुलसीपुर और बलरामपुर में विकास हो रहा है। गैसड़ी में शैलेंद्र सिंह शैलू विधायक होते तो तेजी से विकास लाते। अच्छे लोग चुनेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। जब आप परिवारवाद से ऊपर उठे और सत्ता परिवर्तन किया तो सरकार ने गरीब को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा। विकास, सुरक्षा व सुशासन दिया। विश्वविद्यालय दिया, गरीब बच्चों को स्कॉलरशिप दी। बलरामपुर की उपलब्धियां और पर्यावरण संरक्षण का संदेश मुख्यमंत्री ने बलरामपुर की उपलब्धियों के साथ पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रेरित करता है कि जल है तो कल है। अगर हम जलस्रोत गंदा करते हैं या वन की कटान करते हैं तो पर्यावरण की क्षति होती है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की कीमत मानव को चुकानी होगी। आज तुलसीपुर को 300 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। नौ वर्ष पूर्व यह आकांक्षात्मक जनपद था। नीति आयोग के मानकों में देश के सबसे पिछड़े जनपदों में यह जिला था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने डबल स्पीड से काम किया तो यह जनपद विकसित होने की ओर तेजी से बढ़ा है। सीएम योगी ने कहा कि एक समय बलरामपुर में बिजली, सड़क, सरयू राष्ट्रीय परियोजना, मेडिकल कालेज या हर घर नल योजना साकार होने के बारे में कोई सोच नहीं सकता था। किसी ने थारू संग्रहालय या मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बनाने की बात नहीं सोची होगी। हमने मां पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय बनाया। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कालेज का निर्माण और नानाजी देशमुख की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखते हुए थारू संग्रहालय बनाया। वनटांगिया गांवों के लोगों को आवासीय या जमीन के पट्टे देकर नागरिकता दी। आज थारू जनजाति के लोगों के पास अपना मकान और बच्चों के लिए स्कूल है।  सर्वाधिक नामांकन बलरामपुर में हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष सर्वाधिक नामांकन बलरामपुर में हुए हैं। यह शुभ लक्षण है। सीमावर्ती जनपद होने के नाते, विकास की प्रक्रिया के साथ तेजी से बढ़ रहा बलरामपुर विकास का मॉडल बन रहा है। बलरामपुर में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण कुल परियोजनाएं: 126 लोकार्पण: 89 शिलान्यास: 37 कुल लागत: 392.25 करोड़ लोकार्पण की योजनाओं की लागत: 301.50 करोड़ शिलान्यास वाली योजनाओं की … Read more

सरकारी नौकरी के नियमों में बड़ा बदलाव, दो से अधिक बच्चों पर रोक; प्रोबेशन पूरा होते ही ऑटो परमानेंट होंगे कर्मचारी

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार छह दशक बाद सरकारी नौकरी के लिए सेवा की सामान्य शर्तें बदलने जा रही है। 1961 की सेवा शर्तों में महिला अपराध में दोषी सिद्ध होने वाले व्यक्ति को सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माना गया था, लेकिन अब नैतिक पतन को इसमें शामिल किया गया है यानी हत्या, भ्रष्टाचार सहित अन्य गंभीर अपराध में दोष सिद्ध होने पर भी पात्रता नहीं रहेगी। दरअसल, परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन) समाप्त करने को लेकर भी यह स्पष्ट कर दिया गया है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने पर अधिकतम छह माह के भीतर निर्णय लेना होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो यह मान लिया जाएगा कि कोई आपत्ति नहीं है और संबंधित को शासकीय सेवा में स्थायी कर दिया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि एक से अधिक जीवित जीवनसाथी होने पर सरकारी नौकरी के लिए अपात्रता रहेगी। हालांकि, विशेष कारण होने पर इसमें सरकार छूट दे सकती है। स्वास्थ्य परीक्षण में उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा। यदि किसी को स्वास्थ्य परीक्षण में अयोग्य घोषित कर दिया तो कोई भी इसकी अनदेखी नहीं कर सकेगा। इसमें किसी को विवेकाधिकार से निर्णय का अधिकार भी नहीं होगा। दो बच्चे से अधिक होने पर सेवा समाप्ति का प्रावधान यथावत रखा गया है। 24 साल पुराना नियम फिर बरकरार मध्य प्रदेश सरकार अपने सिविल सेवा नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 2026 का नया मसौदा जारी किया है। इस ड्राफ्ट में सबसे चर्चित बात यह है कि दो से अधिक बच्चों पर सरकारी नौकरी की पाबंदी को हटाया नहीं गया है। यह नियम मूल रूप से 2001 में तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार ने लागू किया था। पिछले साल खुद जीएडी ने इस पाबंदी को हटाने का प्रस्ताव बनाया था। साथ ही, मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक सहमति भी मिल गई थी। वहीं, नए ड्राफ्ट में सरकार उस फैसले से पलट गई है। दो बच्चों का नियम क्या कहता है? नए ड्राफ्ट के नियम पांच और छह के तहत पात्रता और अपात्रता की शर्तें तय की गई हैं। जिस उम्मीदवार की दो से अधिक जीवित संतानें हों और उनमें से किसी एक का जन्म 26 जनवरी 2001 को या उसके बाद हुआ हो, वह सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं होगा। जुड़वां बच्चों के मामले में भी राहत नहीं है। यदि पहले से एक बच्चा हो और अगली डिलीवरी में दो या ज्यादा बच्चे हों, तो वह उम्मीदवार अपात्र माना जाएगा। प्रोबेशन में बड़ा बदलाव नए नियमों में प्रोबेशन (Probation – परिवीक्षा काल) को लेकर एक अहम प्रावधान जोड़ा गया है। यदि किसी कर्मचारी की प्रोबेशन अवधि खत्म होने के छह महीने के भीतर विभाग कोई निर्णय नहीं लेता, तो उसे स्वतः स्थायी मान लिया जाएगा। यानी विभागीय लापरवाही का फायदा अब कर्मचारी को मिलेगा। भर्ती दो माध्यमों से होगी। सीधी भर्ती और पदोन्नति (Promotion)। वयस्क होने पर नियुक्ति से पहले मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की सहमति ली जाएगी। सीधी भर्ती से आए कर्मचारियों को प्रोबेशन पर रखा जाएगा, जिसे जरूरत पड़ने पर अधिकतम एक साल तक बढ़ाया जा सकता है। नियमों में स्पष्टता के लिए नया प्रारूप तैयार प्रदेश में शासकीय सेवा के लिए सामान्य सेवा शर्तें 1961 में निर्धारित की गई थीं। बीच-बीच में कुछ संशोधन हुए मगर विभागों को असमंजस रहता था और वे सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन मांगते थे। इस प्रक्रिया में अनावश्यक समय लगता था। इसे देखते हुए सरकार ने नियम में स्पष्टता के लिए नए सिरे से नियम बनाने का निर्णय लिया। विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने प्रारूप तैयार करके 15 जून तक सुझाव मांगे हैं ताकि इन्हें जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाए। अपात्रता, स्वास्थ्य परीक्षण और दो बच्चों का नियम एक से अधिक जीवित जीवनसाथी होने पर सरकारी नौकरी के लिए अपात्रता रहेगी। हालांकि, विशेष कारण होने पर इसमें सरकार छूट दे सकती है। स्वास्थ्य परीक्षण में उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा। यदि किसी को स्वास्थ्य परीक्षण में अयोग्य घोषित कर दिया तो कोई भी इसकी अनदेखी नहीं कर सकेगा। इसमें किसी को विवेकाधिकार से निर्णय का अधिकार भी नहीं होगा। दो बच्चे से अधिक होने पर सेवा समाप्ति का प्रविधान यथावत रखा गया है। वरिष्ठता और पदोन्नति का नया विन्यास वहीं, वरिष्ठता का निर्धारण चयन सूची में क्रम के अनुसार होगा न कि पदभार ग्रहण करने के आधार पर यानी जुलाई में यदि चयन होता है और कुछ अगस्त तो कुछ सितंबर में पदभार ग्रहण करते हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाए गए व्यक्तियों की वरिष्ठता वही होगी जैसे उस संवर्ग में है, जिससे पदोन्नति की जाती है। परिवीक्षा अवधि को लेकर यह निर्धारित किया है कि जो अवधि शासन द्वारा निर्धारित की गई है, उसमें स्थायी करने या न करने को लेकर निर्णय लेना ही होगा। सीनियरिटी का नया फॉर्मूला एक ही साल में सीधी भर्ती, अनुकंपा नियुक्ति और पदोन्नति से लोग आते हैं तो सीनियरिटी का क्रम इस तरह होगा। पहले सीधी भर्ती वाले, फिर अनुकंपा नियुक्ति वाले और आखिर में पदोन्नति वाले। वहीं, यदि तीनों का नियुक्ति आदेश एक ही तारीख को निकले, तो प्रमोटेड कर्मचारी सबसे सीनियर माना जाएगा। हर साल 01 जनवरी की स्थिति में 31 मार्च तक नई ग्रेडेशन लिस्ट (Gradation List – वरिष्ठता सूची) अपडेट की जाएगी। इन 4 स्थितियों में भी नौकरी नहीं मिलेगी नए ड्राफ्ट में चार और कारण जोड़े गए हैं जिनमें उम्मीदवार अयोग्य माना जाएगा। पहला, एक से अधिक जीवित जीवनसाथी होने पर (विशेष मामलों में छूट संभव)। दूसरा, शारीरिक या मानसिक रूप से अनफिट पाए जाने पर। तीसरा, नैतिक अधोपतन या चारित्रिक मामलों में दोषी होने पर। चौथा, केंद्र, राज्य या किसी स्थानीय निकाय से पहले बर्खास्त हो चुके कर्मचारी भी अपात्र होंगे। इसके अलावा ड्राफ्ट में पांच परिस्थितियों में सेवा समाप्त करने का भी प्रावधान है: उपयुक्त शासकीय सेवक न पाए जाने पर, जरूरी योग्यता या दक्षता न होने पर, असंतोषजनक प्रदर्शन पर, विभागीय परीक्षा पास न करने पर और नियुक्ति के समय झूठी जानकारी देने पर। FIR वाले नियम पर उठा सवाल ड्राफ्ट के एक नियम पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रावधान है कि किसी उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामला … Read more

धमतरी का महा-परिवर्तन, 60 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक खरीदी के साथ तैयार होगा आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब

धमतरी का 'महा-परिवर्तन': 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का नया 'लॉजिस्टिक्स हब' ​अब नहीं भटकेगा किसान, ब्रॉडगेज रेल और आधुनिक गोदामों से बदलेगी धमतरी की तकदीर ​धान का कटोरा अब बनेगा 'वेयरहाउसिंग हब': धमतरी की नई आर्थिक उड़ान रायपुर     ​​छत्तीसगढ़ का कृषि प्रधान जिला धमतरी आज विकास और आत्मनिर्भरता के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। कभी रबी फसलों के रिकॉर्ड उपार्जन के बाद भंडारण की कमी से जूझने वाला यह जिला, आज अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और प्रशासनिक दूरदर्शिता के कारण प्रदेश के एक प्रमुख 'वेयरहाउसिंग एवं कृषि लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में उभर रहा है।       ​राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले में 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है, जो धमतरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए तैयार है।     ​अतीत की चुनौती से लिया सबक               ​विगत वर्षों में धमतरी ने रबी फसलों, विशेषकर चने के रिकॉर्ड उत्पादन और उपार्जन का गवाह बना। लेकिन इस खुशी के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई।जिले में पर्याप्त भंडारण क्षमता का न होना। मजबूरी में उपज को दूसरे जिलों के गोदामों में भेजना पड़ा, जिससे न केवल परिवहन का खर्च बढ़ा, बल्कि प्रशासनिक और सहकारी संस्थाओं पर भी भारी दबाव पड़ा।     ​इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए धमतरी प्रशासन ने जिले में ही स्थायी और आधुनिक भंडारण अधोसंरचना विकसित करने की एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू किया। ​'विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना' का मिला संबल      ​केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” धमतरी के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके तहत जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का चयन किया गया है। जिसमे ​अंवरी,​कोसमर्रा,पोटियाडीह-आमदी और ​कोलियारी शामिल है। ​इन चारों समितियों में 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदामों का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। इनके पूरा होते ही ग्रामीण स्तर पर ही 10 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा। ​इसके साथ ही, राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) द्वारा धमतरी और कुरूद में 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो बड़े गोदाम विकसित किए जा रहे हैं। केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के पास पहले से उपलब्ध 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक की क्षमता के साथ अब धमतरी का नेटवर्क बेहद मजबूत होने जा रहा है। रिकॉर्ड खरीदी और आर्थिक समृद्धि(रबी विपणन वर्ष 2026)        ​भंडारण क्षमता में यह विस्तार हवा में नहीं, बल्कि जमीन पर बढ़ती कृषि समृद्धि को देखकर किया जा रहा है। रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जिसके एवज में 60.54 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है। चने के साथ-साथ सरसों और मसूर का भी सफल उपार्जन किया गया है। ​राइस मिलर्स और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार     ​धान मिलिंग के क्षेत्र में धमतरी हमेशा से अग्रणी रहा है, लेकिन अक्सर तैयार चावल और धान के सुरक्षित रख-रखाव की समस्या आती थी। इस नई क्षमता विस्तार से ​मिलिंग गतिविधियों में तेजी आएगी,​भंडारण का दबाव कम होगा और ​परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत में भारी कमी आएगी। ​इसके साथ ही, धमतरी में ब्रॉडगेज रेल लाइन पर जल्द शुरू होने वाला रैक संचालन जिले के विकास में चार चांद लगाने वाला है। रेल मार्ग जुड़ने से यहां का चावल और कृषि उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक बेहद कम लागत में पहुंच सकेंगे। ​     धमतरी में विकसित हो रही वेयरहाउसिंग अधोसंरचना और जल्द प्रारंभ होने वाली ब्रॉडगेज रेल सेवाएं जिले को प्रदेश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स एवं व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। यह पहल रोजगार सृजन, व्यापार विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। भंडारण क्षमता बढ़ने से कृषि उपज का बेहतर प्रबंधन, परिवहन लागत में कमी और विपणन व्यवस्था में सुधार होगा। यह नई अधोसंरचना किसानों, सहकारी संस्थाओं, व्यापारियों और उद्योगों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। ​     ​धमतरी की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे सही समय पर सही बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का निर्माण करके एक पूरे क्षेत्र की तकदीर बदली जा सकती है। आने वाले वर्षों में, भंडारण की यह सुदृढ़ व्यवस्था और रेल कनेक्टिविटी न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगी, बल्कि धमतरी को छत्तीसगढ़ के नक्शे पर एक बड़े 'कृषि-व्यापार और लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में नई पहचान दिलाएगी।

आम की छांव में सजी मुख्यमंत्री की चौपाल, खाट पर बैठकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं; मौके पर दिए समाधान

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान निमधा में नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की घोषणा लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी : महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र स्व-सहायता समूहों की सफलता को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री ने किया ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की। ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे। जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है। जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों – जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना सुशासन तिहार के दौरान सक्ती जिले के ठठारी गांव पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।  मुख्यमंत्री साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

वैभव सूर्यवंशी बने चर्चा में, पहली बार सीनियर टीम में चयन

नई दिल्ली आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के साथ-साथ एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का ऐलान शनिवार (6 जून) को किया गया है. मेन्स सेलेक्शन पैनल की भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के हेडक्वार्टर में बैठक हुई, जिसमें स्क्वॉड को अंतिम रूप दिया गया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम का ऐलान चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने किया. तीनों टूर्नामेंट में टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे, वहीं तिलक वर्मा टीम के उप-कप्तान बने हैं. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को भी पहली बार सीनियर टीम में शामिल किया गया है. उधर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए रेस्ट दिया गया है. वो एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेंगे और उन्हें मोहम्मद सिराज की जगह टीम में जगह मिली है. हालांकि सिराज इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर टी20 टीम में शामिल किए गए हैं. सबसे बड़ी खबर ये रही कि सूर्यकुमार यादव की टी20 कप्तानी छिन गई है और उन्हें टीम में भी शामिल नहीं किया गया है. बीसीसीआई की अपेक्स काउंसिल कमेटी की मीटिंग में सूर्य को हटाने पर फैसला लिया गया. बस शनिवार को औपचारिक ऐलान किया गया. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम की घोषणा बाद में की जाएगी.सचिन तेंदुलकर को जब 1989 में टीम इंडिया से पहली बार खेलने का मौका मिला था, तब उनकी उम्र 16 साल 205 दिन थी. यानी वैभव जब 26 जून को अपना पहला मैच खेलेंगे तब वह सिर्फ 15 साल 180 दिन के ही होंगे, जो कीर्तिमान है।  इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी. एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वैभव सूर्यवंशी. आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी. भारत का आयरलैंड दौरा (जून) • पहला टी20: 26 जून, बेलफास्ट • दूसरा टी20: 28 जून, बेलफास्ट भारत का इंग्लैंड दौरा (जुलाई) • 1 जुलाई: पहला टी20, चेस्टर ले स्ट्रीट • 4 जुलाई: दूसरा टी20, मैनचेस्टर • 7 जुलाई: तीसरा टी20, नॉटिंघम • 9 जुलाई: चौथा टी20, ब्रिस्टल • 11 जुलाई: पांचवां टी20, साउथम्प्टन • 14 जुलाई: पहला वनडे, बर्मिंघम • 16 जुलाई: दूसरा वनडे, कार्डिफ • 19 जुलाई: तीसरा वनडे, लॉर्ड्स

मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे भारी, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा; 50 जिलों में येलो अलर्ट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है. शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे तपते तापमान से लोगों को बड़ी राहत मिली है. जहां एक तरफ आंधी और बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए बिजली गिरने और तेज हवाओं का आरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार केरल पहुंच चुका मानसून इस बार मध्य प्रदेश में अपनी सामान्य तारीख से कुछ दिन की देरी से पहुंचेगा।  ​प्री-मानसून की दस्तक, कहीं बरसे बादल, कहीं उड़ी धूल ​प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं. शुक्रवार को मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और धूलभरी आंधी का असर देखने को मिला. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रतलाम में 12 मिलीमीटर और धार में 8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर और रायसेन सहित दो दर्जन से अधिक जिलों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।  एमपी में मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून जमकर बरस रहा है। बीते 24 घंटे में 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी के साथ पानी गिरा। ऐसा ही मौसम शनिवार को भी बना रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) ने प्रदेश के 52 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, प्रदेश के ऊपर 3 साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव है। इस वजह से तेज आंधी और बारिश का दौर है। आज इन जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भोपाल, रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश के आसार हैं। आलीराजपुर, झाबुआ और रतलाम में इससे थोड़ी राहत मिल सकती है। पचमढ़ी से ठंडा श्योपुर, 32 डिग्री रहा तापमान आंधी और बारिश की वजह से प्रदेश में दिन का तापमान लुढ़क गया है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के एकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडा श्योपुर रहा। यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में देर शाम कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पचमढ़ी में तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा। गुना में 35.4 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, बैतूल में 36.5 डिग्री, सतना में 36.6 डिग्री, धार और नर्मदापुरम में 36.9 डिग्री रहा। खरगोन, नरसिंहपुर, खजुराहो, खंडवा और छिंदवाड़ा में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, भोपाल में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 37.9 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस रहा। केरल पहुंचा मानसून, एमपी में 20 जून तक आने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 5 से 7 दिन लेट हो सकती है। प्रदेश में मानसून के एंटर होने की सामान्य तारीख 15 जून है। दक्षिणी हिस्से से मानसून एमपी में दस्तक देता है। साल 2025 में 1 दिन बाद यानी 16 जून को मानसून एंटर हो गया था, जबकि विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्यत: केरल में आने के 15 दिन बाद एमपी में भी मानसून दस्तक दे देता है। इस वजह से इस बार प्रदेश में मानसून आने की तारीख 20 से 22 जून बताई जा रही है। केरल में 4 जून को ही मानसून ने दस्तक दी है। ​पचमढ़ी से भी ठंडा रहा श्योपुर, तापमान में भारी गिरावट बता दें कि ​गुरुवार रात और शुक्रवार को हुई बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया. प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में दिन और रात दोनों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. आंधी और बारिश की वजह से प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया. खास बात यह रही कि प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी, जहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा, उससे भी ठंडा श्योपुर दर्ज किया गया।  श्योपुर में अधिकतम तापमान महज 32 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं ​बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.3 डिग्री कम होकर 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री नीचे गिरकर 20.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. वहीं इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, ग्वालियर में 37.9 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।  ​विदिशा, गुना और अशोकनगर में वज्रपात की चेतावनी ​मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए कुछ जिलों में बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है. इसके अनुसार विदिशा, गुना और अशोकनगर जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी करते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

नई तकनीक और प्रभावी कार्यशैली से करें समस्याओं का त्वरित समाधान: अरुण साव

प्रभावी कार्यशैली और नई तकनीकों को अपनाकर समस्याओं का करें त्वरित समाधान – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की रायपुर.  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोण्डागांव जिला मुख्यालय में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के तीनों नगरीय निकायों कोंडागांव , केशकाल और फरसगांव में वर्षा ऋतु के पहले आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने, नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में कहा कि कोण्डागांव जिला विकास की असीम संभावनाओं से परिपूर्ण है। केशकाल घाट बायपास के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से समय के साथ प्रभावी कार्यशैली अपनाने, नई तकनीकों का उपयोग करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साव ने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास की प्रतीक्षा करता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पूर्व नालियों की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा अधिकारियों को अनिवार्यतः प्रातः भ्रमण करने के निर्देश दिए। द्वारा नियमित मॉर्निंग विजिट करने पर भी बल दिया। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण एवं पेयजल योजनाओं का नियमित फील्ड निरीक्षण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल गतिविधियों के समन्वित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल प्रदाय परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), आकांक्षी शौचालय निर्माण, राजस्व वसूली, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कोंडागांव की कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी और चारों विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

राज्यसभा चुनाव में BJP का शक्ति प्रदर्शन, तरुण चुघ-रजनीश अग्रवाल ने दाखिल किए नामांकन पत्र

भोपाल  मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने शनिवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा में दोनों का नामांकन पत्र दाखिल कराया।  दोनों ने भाजपा नेताओं के साथ शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन से पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और दोनों प्रत्याशी भाजपा कार्यालय स्थित शिव एवं हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया। इसके बाद सभी नेता विधानसभा के लिए रवाना हुए। नामांकन प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर में पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।  हमारे प्रत्याशियों ने भरा नामांकन सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज हमारे दोनों ही राज्यसभा प्रत्याशी का नामांकन भर दिया है। इस दौरान भाजपा की सभी दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस समय हम सभी हर्ष और उल्लास के साथ हैं। भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। हमारा राज्य संगठन की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में आता है। हम सबने मिलकर उनका नॉमिनेशन फॉर्म जमा करवाया है। हम सभी वर्गों की सेवा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं।  नामांकन से पहले बीजेपी दफ्तर में बैठक नामांकन दाखिल करने से पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी विधायकों की एक बैठक बुलाई गई। इसमें दोनों प्रत्याशियों (तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल) के अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में चुनाव की रणनीति और एकजुटता को लेकर चर्चा हुई। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद निकला काफिला बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और दोनों उम्मीदवार भाजपा कार्यालय परिसर में स्थित शिव और हनुमान मंदिर पहुंचे। वहां नेताओं ने जीत के लिए पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। इसके बाद करीब 15 से ज्यादा कारों के भारी काफिले के साथ सभी नेता विधानसभा के लिए रवाना हुए। जब प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने अंदर गए, तब रिटर्निंग ऑफिसर कक्ष के बाहर भाजपा के कई सीनियर विधायक एकजुट होकर बैठे नजर आए। भाजपा एक परिवार की तरह है यहां नेता अभिभावक- चुघ भोपाल में मीडिया को संबोधित करते हुए तरुण चुघ ने कहा कि मध्य प्रदेश भारत का दिल है। मप्र जब धड़कता है, समझें भारत धड़क रहा है। मप्र की तरक्की ही विकसित भारत का प्राण है। हम सब भाजपा के कार्यकर्ता हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे यह अवसर दिया। उन्होंने आगे कहा, ''पार्टी ने आगे बढ़ने, काम करने व समर्पण का मौका दिया है। पोस्टर, झंडे लगाने का मौका दिया तो झंडे गाड़े। जहां पार्टी नेतृत्व ने भेजा मैंने काम किया है। भाजपा एक परिवार की तरह है। यहां नेता अभिभावक है। आपको पिता की तरह समझाता भी है, मां की तरह दुलार भी करता है। भाई बहनों की तरह हाथ में हाथ देकर चलना भी सिखाता है। यह केवल भाजपा में ही है और कहीं नहीं मिल सकता। पहले भी कार्यकर्ता बोध से काम किया था आगे भी कार्यकर्ता बोध से काम करेंगे। जो संगठन ने कहा मैंने अक्षरश: पालन किया है।'' पूर्व मंत्री बोले- हमारे पास पूरा बहुमत और समर्थन नामांकन के दौरान खुरई से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह का एक बड़ा बयान सामने आया। उन्होंने पार्टी की मजबूत स्थिति पर भरोसा जताते हुए कहा- बीजेपी की तैयारी पूरी है, अगर पार्टी तीसरा कैंडिडेट भी चुनाव मैदान में उतारती है तो भी हमारी जीत तय है। हमारे पास पूरा बहुमत और समर्थन है। प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पार्टी के घोषित उम्मीदवारों पर भरोसा जताते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसे प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जिन्होंने जमीन पर रहकर संगठन के लिए लंबे समय तक काम किया है। 

मानसून की आहट के बीच पंजाब में मौसम विभाग की चेतावनी, कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का खतरा

चंडीगढ़   पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र ने 6 जून के लिए राज्य के सात जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि तीन जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 से 25 जून के बीच पंजाब में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुक्तसर, बठिंडा और मानसा जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं पठानकोट, होशियारपुर, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, रूपनगर और मोहाली में बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इन जिलों के प्रशासन को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। मानसून की प्रगति पर मौसम विभाग की नजर मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य बनी हुई है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति कायम रहती है और वातावरणीय परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो मानसून 20 से 25 जून के बीच पंजाब पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष राज्य में मानसूनी वर्षा सामान्य से 8 से 10 प्रतिशत कम रहने की संभावना है। इसके बावजूद जून के मध्य से प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई वर्षा का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। राज्य के अधिकतम तापमान में औसतन 2.2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का मानना है कि फिलहाल बारिश और बादलों के कारण गर्मी से कुछ राहत बनी रहेगी। जून के पहले पांच दिनों में सामान्य से अधिक बारिश 5 जून की सुबह तक पंजाब में औसतन 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान एसबीएस नगर में 9.5 मिलीमीटर और रूपनगर में 6.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। जून के पहले पांच दिनों में राज्य में औसतन 3.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य औसत 2.8 मिलीमीटर से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। सबसे ज्यादा वर्षा एसबीएस नगर, अमृतसर, रूपनगर और मानसा में दर्ज की गई। दूसरी ओर बरनाला, मोगा और पठानकोट में अब तक बारिश नहीं हुई है। फाजिल्का और बठिंडा में भी बहुत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब और मानसा में इस अवधि के दौरान सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इससे खेती और जल संसाधनों को शुरुआती राहत मिली है। हालांकि वर्षा का वितरण पूरे राज्य में समान नहीं रहा। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में अब भी बादलों का इंतजार बना हुआ है। उत्तर भारत के मौसम पर सक्रिय सिस्टमों का असर दक्षिण-पश्चिम मानसून 5 जून 2026 तक देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में यह गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य क्षेत्रों तक और आगे बढ़ सकता है। उधर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण का असर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से पंजाब समेत कई इलाकों में बादल, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी हुई हैं। सुरेंद्र पाल के अनुसार 6, 7 और 11 जून को पंजाब के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं 6 और 11 जून को कुछ इलाकों में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो सकता है और अगले चार दिनों के दौरान इसमें 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज की जा सकती है।