samacharsecretary.com

कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन में तकनीकी खामी, लुधियाना में अलग हुई बोगी, बड़ा हादसा टला

 लुधियाना  दिल्ली से वैष्णो देवी जा रही स्पेशल ट्रेन की एक बोगी का बाथरूम के पास का हिस्सा टूट गया। हालांकि, बाथरूम के पास कोई यात्री न होने से बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन पर खड़ी है।लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कटरा स्पेशल ट्रेन का हादसा हो गया। ट्रेन जब चलने लगी तो 2 कोच को जोड़ने वाला कपलर टूट गई। जिससे स्लीपर कोच का टॉयलेट धमाके जैसी आवाज के साथ टूट गया। दोनों कोच भी अलग हो गए। धमाके जैसी आवाज सुनते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई।  जिस वक्त हादसा हुआ, ट्रेन लुधियाना से चलने वाली थी। न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल (04081) नाम की यह ट्रेन आज (शनिवार) सुबह ही नई दिल्ली से वैष्णो देवी जा रही थी। हादसे का पता चलते ही रेलवे सुरक्षा बल और लोकल पुलिस स्टेशन पर पहुंच गई है। इस घटना से जुड़े 3 बड़े बयान पढ़िए:- 1. लुधियाना के ADCP समीर वर्मा:-     तकनीकी खराबी आई, जांच की: ADCP समीर वर्मा ने कहा- लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के एक कोच में तकनीकी खराबी आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।     दरार आई, वेल्डिंग फेलियर संभव: ADCP ने कहा- जांच में पता चला कि जम्मू-कटड़ा की ओर जा रही ट्रेन के एस-2 कोच के वॉशरूम वाले हिस्से में अचानक दरार (ब्रेकेज) आ गई थी। रेलवे के तकनीकी स्टाफ और इंजीनियरों ने जांच के दौरान बताया कि यह मामला वेल्डिंग फेलियर का प्रतीत होता है। कोच पुराना होने के कारण वेल्डिंग कमजोर पड़ गई थी और उसी स्थान से हिस्सा टूट गया।     ब्लास्ट नहीं, यात्री सुरक्षित: ADCP ने कहा- रेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई ब्लास्ट या विस्फोट नहीं था। घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई और सभी यात्री सुरक्षित हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें। 2. फिरोजपुर डिवीजन के DRM संजीव कुमार:-     पैनल ब्रेक हुआ, गाड़ी चेक की: DRM संजीव कुमार ने कहा- 9 बजे ट्रेन यहां रूकी और पांच मिनट बाद यहां से जाने लगी। उनका कहना है कि जब ट्रेन चलने लगी तो एस-2 बोगी का एन पैनल ब्रेक हो गया। ट्रेन में तैनात स्टाफ ने गाड़ी रुकवा दी। एहतियात के तौर पर सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। उसके बाद चेक किया गया।     आवाज आना स्वाभाविक, जांच करेंगे: DRM ने कहा- जब यह हादसा हुआ तो आवाज आना स्वाभाविक है। आवाज का सोर्स क्या था, यह अभी जांच का विषय है। उनका कहना है कि डब्बा 15 साल पुराना है जबकि डब्बे की लाइफ कम से कम 25 साल होती है। जांच के बाद ही स्पष्ट कारण बताए जा सकते हैं। जल्दी ही इन 2 डब्बों को छोड़कर गाड़ी तैयार की जाएगी ताकि लोगों को उनके गंतव्य तक भेजा जा सके। 3. ट्रेन में बैठा यात्री अमित चौहान:-     ट्रेन लेट हुई, दिल्ली में पुराना डिब्बा जोड़ा: ट्रेन में बैठे यात्री अमित चौहान का कहना है कि वो माता वैष्णो देवी जा रहे थे। ट्रेन का दिल्ली से टाइम 11.30 बजे थे लेकिन ट्रेन वहां से ढाई बजे रात को चली है। वहां पर लोग परेशान रहे। आखिर में दिल्ली में एक पुराने डब्बे को लाया गया और स्टोर में खड़ी बोगियों को लोकर ट्रेन तैयार की गई।     जैसे ही चलने लगी तो हादसा हुआ, माता की कृपा से बचे: अमित ने कहा- हमें तभी लग गया था कि यह ट्रेन गड़बड़ करेगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन लुधियाना स्टेशन पर रूकी और पांच मिनट बाद जब चलने लगी तो यह हादसा हुआ। माता रानी की कृपा रही कि सभी सुरक्षित रहे। उसका कहना है कि अगर यह हादसा हाईस्पीड में होता तो मंजर खतरनाक हो सकता था।     अंदर बैठे लोग कांपने लगे, तुरंत बाहर आए: अमित ने कहा- लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कुछ सामान चढ़ाया जा रहा था। जब ट्रेन चलने लगी तो तेज आवाज आई और लोग बाहर आ गए। लोग आवाज सुनकर डर गए और वो डर के मारे कांपने लगे। रेल विभाग इस तरह का काम न करे और लोगों की जान का को खतरे में न डाले।

ब्लू स्टार बरसी पर अमृतसर में बढ़ी हलचल, श्री अकाल तख्त से जत्थेदार का कौम के नाम संबोधन

अमृतसर  ऑपरेशन ब्लू स्टार की आज 42वीं बरसी है। श्री अकाल तख्त साहिब में सुबह से ही संगत पहुंचने लगी है।  सरबत खालसा के जत्थेदार ध्यान सिंह मंड अपने समर्थकों के साथ श्री अकाल तख्त पहुंचे। अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान अपने साथियों के साथ श्री अकाल तख्त पर पहुंचे। आज गुरुनगरी में बंद का आह्वान किया गया है। इसे देखते हुए पुलिस और अर्ध सैनिक बलों ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। सिविल ड्रेस में पुलिस और गुप्तचर विभाग के कर्मचारी भी तैनात हैं।   एसजीपीसी ने भी श्री अकाल तख्त साहिब के आसपास अपनी टास्क फोर्स तैनात की है। अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने सिख कौम को संदेश दिया। श्री अकाल तख्त साहिब के पास संगत ने खालिस्तान के नारे लगाए। कड़ी सुरक्षा और नाकाबंदी पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुरु नगरी में 65 से ज्यादा जगहों पर नाकाबंदी है। संदिग्ध वाहनों और लोगों की तलाशी ली जा रही है। होटल मालिकों को संदिग्धों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख प्रवेश मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और एयरपोर्ट पर भी चेकिंग अभियान चल रहे हैं। जिले में पुलिस और अर्ध सैनिक बल की कुल ग्यारह कंपनियां तैनात की गई हैं।   ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय इतिहास का वह अध्याय है, जिस पर आज भी बहस खत्म नहीं हुई. एक पक्ष इसे आतंकवाद के खिलाफ जरूरी कार्रवाई मानता है, तो दूसरा इसे सिख भावनाओं पर चोट के रूप में देखता है. यही वजह है कि हर साल 6 जून को अमृतसर में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं और भिंडरावाले को याद करते हैं. इस बार भी कई संगठनों ने विशेष अरदास की. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 1984 की कार्रवाई ने पूरे सिख समुदाय को गहरी पीड़ा दी थी. वहीं प्रशासन का फोकस किसी भी तरह की उग्र गतिविधि को रोकने पर रहा. सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई. कई वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें नारेबाजी और पोस्टर दिखाई दिए. ऐसे में सवाल फिर उठने लगा है कि आखिर 6 जून को ही स्वर्ण मंदिर में इतना संवेदनशील माहौल क्यों बन जाता है।  42 साल बाद भी क्यों जिंदा है ब्लू स्टार का जख्म?     ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 जून से 8 जून 1984 के बीच चलाया गया था. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर भारतीय सेना ने स्वर्ण मंदिर परिसर में कार्रवाई की थी. सेना का मकसद जरनैल सिंह भिंडरावाले और उनके हथियारबंद समर्थकों को बाहर निकालना था. इस ऑपरेशन के दौरान भारी गोलीबारी हुई और 6 जून 1984 को भिंडरावाले मारा गया. इसी वजह से हर साल 6 जून को उसकी बरसी के तौर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।      इस सैन्य अभियान के दौरान अकाल तख्त को भारी नुकसान पहुंचा था. यही कारण है कि सिख समुदाय का एक बड़ा वर्ग इसे धार्मिक स्थल की बेअदबी मानता है. ऑपरेशन के बाद पूरे देश में तनाव फैल गया था. बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी. इसके बाद देश में भयानक दंगे हुए थे।      स्वर्ण मंदिर परिसर में  सुरक्षा बेहद कड़ी रही. पंजाब पुलिस, अर्धसैनिक बल और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं. मंदिर परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखी गई. प्रशासन ने साफ किया कि किसी भी हालत में कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।  अपनों ने किया श्री हरिमंदिर साहिब पर हमला जून 1984 की घटनाओं की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कौम के नाम संदेश पढ़ते हुए कहा कि जून 1984 में भारतीय सेना ने श्री हरिमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब पर कार्रवाई की थी, जिसमें दमदमी टकसाल के प्रमुख ज्ञानी जरनैल सिंह भिंडरांवाले, भाई अमरीक सिंह, जनरल शबेग सिंह समेत अनेक लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि इस घटना में टैंकों और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसे सिख इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में गिना जाता है। जत्थेदार ने बीबी सतनाम कौर और बीबी वाहेगुरु कौर सहित उन महिलाओं का भी उल्लेख किया, जिन्होंने अपने विश्वास के लिए बलिदान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर सिख पहचान और परंपराओं को कमजोर करने के प्रयास हुए हैं। साथ ही कहा कि सिख समुदाय ने दुनिया भर में मेहनत, सेवा और “सरबत दा भला” की भावना से सम्मान हासिल किया है। उन्होंने संगत से गुरु साहिबान की शिक्षाओं पर चलते हुए एकजुट रहने और कौमी हितों की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। जत्थेदार ने अपने संदेश में कहा कि पहले विदेशी ताकतें हमला करती थी। लेकिन  इस घल्लूघारा में अपनों ने ही हमला किया।  सिखों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि सिख इस देश के बराबरी के अधिकार रखने वाले नागरिक हैं और उन्होंने हमेशा अपनी आन, बान और शान के साथ जीवन व्यतीत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर सिख पहचान को कमजोर करने और पांच ककारों को समाप्त करने जैसी नीतियां बनाई गईं तथा सिखों की अलग पहचान मिटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर दुनिया भर से लोग आकर रहते हैं, लेकिन जब सिख अन्य राज्यों में बसने जाते हैं तो कई बार उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सिख अपने गुरुओं और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने का जज्बा रखते हैं। जत्थेदार ने कहा कि आज सिख समुदाय पूरी दुनिया में अपनी मेहनत, सेवा और सरबत दा भला की भावना के कारण सम्मानित पहचान बना चुका है। हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से विभिन्न मुद्दों को आधार बनाकर विश्व स्तर पर सिखों के खिलाफ नफरत का माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने संगत से गुरु साहिबान की शिक्षाओं पर चलते हुए एकजुट रहने और कौमी हितों की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। पुलिस मुस्तैत, रिजर्व फोर्सेस तैनात हेरिटेज स्ट्रीट के चप्पे चप्पे की निगरानी पुलिस अफसर सीसी कैमरों के जरिए कर रही है। गुरुनगरी के मुख्य प्वाइंट्स पर … Read more

308 करोड़ के केशकाल घाट बायपास का उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किया निरीक्षण, कार्यों की प्रगति परखी

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 308 करोड़ की लागत से बन रहे केशकाल घाट बायपास रुट का किया निरीक्षण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश रायपुर  उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास रुट का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ बायपास के दोनों छोरों का निरीक्षण कर बायपास के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। साव ने अधिकारियों से कहा कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए यह बायपास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका तेजी से निर्माण कर आवाजाही शुरू करना सरकार की प्राथमिकता में है। 11.38 किमी का है बायपास, 2 वृहद और 2 मध्यम पुल भी बनेंगे लोक निर्माण विभाग द्वारा 308 करोड़ रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबे केशकाल घाट बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बायपास में दो वृहद और दो मध्यम पुल भी बनाए जाएंगे। केशकाल-सलना सड़क मजबूतीकरण कार्य का भी किया निरीक्षण उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोंडागांव जिले के केशकाल शहर में केशकाल से सलना तक सड़क मजबूतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। साव नजदीक के बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। विधायक नीलकंठ टेकाम और कलेक्टर श्रीमती नुपुर राशि पन्ना भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

बदायूं, गोरखपुर और लखनऊ महिला पीएसी परिसर में क्रमशः वीरांगना अवंतीबाई, झलकारीबाई तथा उदा देवी की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित होगी: मुख्यमंत्री

आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित बल और मजबूत अवसंरचना से सशक्त होगी प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था: मुख्यमंत्री पीएसी में तैयार होगा आईसीसीसी, एक ही डिजिटल नेटवर्क में जुड़ेंगी सभी वाहिनियां पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के निर्देश बदायूं, गोरखपुर और लखनऊ महिला पीएसी परिसर में क्रमशः वीरांगना अवंतीबाई, झलकारीबाई तथा उदा देवी की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित होगी: मुख्यमंत्री पीएसी बैंड कार्मिकों के समयबद्ध पदोन्नति के लिए नियमावली तैयार करें: मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था से आपदा प्रबंधन तक, सुरक्षा तंत्र के व्यापक आधुनिकीकरण पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा सिविल पुलिस से मिलता-जुलता नहीं, विशिष्ट हो पीएसी का गणवेश संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने की कार्ययोजना की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ के सुदृढ़ीकरण पर मुख्यमंत्री का फोकस लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी सुरक्षा बल की वास्तविक शक्ति उसके प्रशिक्षित, अनुशासित और तकनीकी रूप से दक्ष कार्मिक होते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यवहारिक और तकनीक आधारित बनाया जाए, ताकि सुरक्षा बलों के जवान हर परिस्थिति में प्रभावी और त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम हों। गुरुवार को उत्तर प्रदेश प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी), एसडीआरएफ तथा उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार, प्रशिक्षण, अवसंरचना विकास एवं भावी कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा कि पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ प्रदेश की सुरक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और इन्हें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने पीएसी बल का गणवेश सिविल पुलिस से अलग करने की आवश्यकता भी जताई। मुख्यमंत्री ने पीएसी के डिजिटलीकरण एवं तकनीकी उन्नयन की समीक्षा करते हुए कहा कि आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था में सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि सभी पीएसी वाहनों में जीपीएस एवं डैशकैम स्थापित करने तथा त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के समक्ष उत्तर प्रदेश पीएसी एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) परियोजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इसके माध्यम से प्रदेश की सभी पीएसी वाहिनियों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग, ड्रोन एवं एआई आधारित निगरानी, लाइव कमांड एवं कंट्रोल सेंटर तथा सुरक्षित संचार प्रणाली विकसित किए जाएंगे। इससे कानून-व्यवस्था, चुनावी तैनाती, महिला सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन में बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से महिला बटालियनों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर में महिला बटालियनों का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने तीनों बटालियन परिसर में क्रमशः वीरांगना अवंतीबाई, वीरांगना उदा देवी और वीरांगना झलकारी बाई की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश दिए। यह भी बताया गया कि बलरामपुर, मीरजापुर और जालौन में नई महिला वाहिनियों से संबंधित कार्यवाही भी आगे बढ़ाई जा रही है।  मुख्यमंत्री ने आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 16 मई से 30 जून तक विभिन्न नदी तटों पर 17 पीएसी कंपनियों का विशेष बाढ़ राहत प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री ने सभी उपकरणों की नियमित जांच और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीआरएफ की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि इसकी टीमें वर्तमान में 12 जनपदों में तैनात हैं तथा संभावित बाढ़ परिस्थितियों को देखते हुए 15 जनपदों में अतिरिक्त तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एसडीआरएफ कर्मियों को एनडीआरएफ अकादमी नागपुर, नादिया, पश्चिम बंगाल तथा नंदा देवी इंस्टीट्यूट ऑफ एयरो रेस्क्यू सहित विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।  बैठक में मुख्यमंत्री ने पीएसी बैंड के कार्मिकों के समयबद्ध पदोन्नति की नियमावली तैयार करने के निर्देश दिए, साथ ही एसडीआरएफ को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खोज एवं बचाव कार्यों के लिए ह्यूमन लिफ्टिंग ड्रोन की उपयोगिता पर विचार को भी कहा। उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट, मेट्रो नेटवर्क, आरआरटीएस, न्यायालय परिसरों, महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों तथा प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के क्षेत्र में इसकी जिम्मेदारी निरंतर बढ़ रही है। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में यूपीएसएसएफ 11 एयरपोर्ट, 4 मेट्रो नेटवर्क, मेरठ आरआरटीएस, लोकभवन, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तथा 5 जनपदीय न्यायालयों की सुरक्षा का दायित्व निभा रहा है।  मुख्यमंत्री ने एसएसएफ में तैनाती के लिए मानकीकरण के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि एयरपोर्ट सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से एयरपोर्ट सुरक्षा संबंधी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम प्रणालियों को अपनाते हुए प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता को और मजबूत किया जाए। मुख्यमंत्री ने यूपीएसएसएफ की विभिन्न वाहिनियों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि मुख्यालय एवं प्रथम वाहिनी, लखनऊ के निर्माण कार्य में लगभग 77 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। गोरखपुर स्थित द्वितीय वाहिनी का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रयागराज, मथुरा, सहारनपुर एवं अयोध्या में प्रस्तावित वाहिनियों से संबंधित कार्यवाहियां भी प्रगति पर हैं।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार, तकनीकी उन्नयन, प्रशिक्षण, अवसंरचना विकास तथा मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण से जुड़े सभी प्रस्तावों एवं परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

हरित क्रांति के बाद अब एग्री-बिजनेस क्रांति की बारी, हरियाणा करेगा देश का नेतृत्व: सीएम सैनी

हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का अब नेतृत्व करेगा हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री ने 2,738 करोड़ रुपये की सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का किया शुभारंभ, हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की रखी आधारशिला हरियाणा में 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस बनेंगे, बागवानी के किसान होंगे मालामाल जापान के कोची विश्वविद्यालय से हरियाणा के किसानों को मिलेगी अनुसंधान की विश्वस्तरीय तकनीक विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण चंडीगढ़, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में किसान, युवा, महिलाएं और आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हरियाणा को बागवानी, एग्री-बिजनेस, कोल्ड चेन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर कृषि को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभकारी बनाने, जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 2,738 करोड़ रुपये की लागत से जाईका वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का शुभारंभ तथा हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शिलान्यास के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, बल्कि हरियाणा की कृषि व्यवस्था को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ इस दौरान प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे। दोनों ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया, साथ ही बागवानी विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जीआईसीए के मुख्य प्रतिनिधि टाकेची टकूरो, फर्स्ट सेकेरट्री फूड एंड एग्रीकल्चर टाकेहिको हयासे तथा ब्रिटिश डिप्टी हाईकमीश्नर ऐलबा स्मीरिग्लयो मौजूद थे। तीनों ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार द्वारा किसान हित में उठाये गये कदमों की तारीफ की। उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन केवल दो परियोजनाओं के शुभारंभ का नहीं, बल्कि हरियाणा के कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक नई दिशा तय करने का दिन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा एक बार फिर देश को नई राह दिखाएगा और हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का नेतृत्व भी करेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने देश को हरित क्रांति दी थी, लेकिन बदलती जलवायु, गिरते भूजल स्तर, बढ़ती कृषि लागत और छोटी जोत जैसी चुनौतियों को देखते हुए अब कृषि क्षेत्र में नए विकल्प अपनाने की आवश्यकता है। बागवानी, फल, सब्जियां, मसाले, औषधीय पौधे, फूल, मशरूम और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में किसानों के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में जलभराव एवं सेम की समस्या के समाधान के लिए बायोड्रेनेज तकनीक का उपयोग करते हुए इस वर्ष 1,000 हेक्टेयर जलभराव प्रभावित भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा, जिससे भूमि पुनः कृषि योग्य बन सकेगी। इसके साथ ही भूमिगत जल संरक्षण के लिए शिवालिक एवं अरावली क्षेत्रों में 25 नए जल भंडारण बांध बनाए जाएंगे तथा 25 पुराने बांधों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। हरियाणा में 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस बनेंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में फलों और सब्जियों का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा खेत से बाजार तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है। इस चुनौती का समाधान सतत बागवानी संवर्धन परियोजना के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना के तहत 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, 500 उत्पादक समूहों को संगठित एवं सशक्त बनाया जाएगा, 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस, 3 फुलफिलमेंट सेंटर तथा 44 रिटेल आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 1,000 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा तथा 65,000 एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना खेत से बाजार तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी तथा आधुनिक कोल्ड चेन नेटवर्क किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक होगा। परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वास्तविक समय निगरानी प्रणाली, मिट्टी एवं जल विश्लेषण, डिजिटल कृषि सलाह, इंटरनेट ऑफ प्लांट्स, भू-स्थानिक तकनीक, ई-मार्केटिंग और आधुनिक पैकेजिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल तथा जापान के कोची विश्वविद्यालय के बीच ज्ञान एवं अनुसंधान के आदान-प्रदान से किसानों को विश्वस्तरीय तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक बड़ा व्यवसाय बन चुकी है, जिसमें ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट सेंसर, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसी तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नौकरी देने वाले बने युवां उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नौकरी मांगने के बजाय एग्री-बिजनेस, कृषि प्रसंस्करण, खाद्य उद्योग और निर्यात आधारित उद्यमों के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बागवानी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण में महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर किसानों, एफपीओ, उद्यमियों, स्टार्टअप्स और कृषि विशेषज्ञों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे 3 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में 75 प्रतिशत से अधिक सुधार होगा तथा कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 10 से 15 प्रतिशत तक कमी आएगी। जीएपी, जीएमपी, जीएचपी तथा एचएसीसीपी जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर कृषि निर्यात को भी नई गति मिलेगी। जापान और भारत के संबंधों का किया जिक्र मुख्यमंत्री ने भारत-जापान संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध सदियों पुराने हैं। हरियाणा में वर्तमान में 394 जापानी उद्योग एवं 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं, जो दोनों देशों की मजबूत मित्रता का प्रमाण हैं। उन्होंने जापान सरकार और जीआईसीए का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।  पर्यावरण दिवस को लेकर दिया विशेष … Read more

रात 10:04 बजे कांपी पंजाब और चंडीगढ़ की जमीन, 4.3 तीव्रता के भूकंप ने बढ़ाई लोगों की चिंता

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में शुक्रवार रात अचानक धरती कांपने से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। रात करीब 10 बजकर 4 मिनट पर आए भूकंप के झटके कई इलाकों में महसूस किए गए। झटके महसूस होते ही लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 दर्ज की गई है। भूकंप का केंद्र हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास बताया गया है। राहत की बात यह रही कि घटना के बाद किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद पंजाब और चंडीगढ़ के कई क्षेत्रों में लोग घरों से बाहर निकल आए। रात के समय आए इन झटकों के कारण कुछ लोगों में घबराहट देखी गई। हालांकि झटके ज्यादा देर तक नहीं रहे, लेकिन लोगों ने धरती में कंपन स्पष्ट रूप से महसूस किया। स्थानीय स्तर पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और कई स्थानों पर लोग कुछ समय तक खुले स्थानों में ही रहे। कांगड़ा से पंचकूला तक कांपी धरती हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में में शुक्रवार रात 10 बजकर 4 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 दर्ज की गई. भूकंप का केंद्र धर्मशाला से करीब 18 किलोमीटर दूर बताया गया है।  भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए. कई इलाकों में कुछ सेकंड तक धरती हिलती महसूस हुई, जिससे लोगों में भय और दहशत का माहौल बन गया. देर रात तक लोग खुले स्थानों पर खड़े दिखाई दिए।  प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक भूकंप का असर केवल कांगड़ा तक सीमित नहीं रहा. आसपास के कई जिलों और राज्यों में भी झटके महसूस किए गए।  धर्मशाला के पास रहा भूकंप का केंद्र भूकंप का केंद्र हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला क्षेत्र के आसपास दर्ज किया गया है। धर्मशाला और उसके आसपास का इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। इसी कारण यहां समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज होते रहते हैं। इस बार आए झटकों का असर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब और चंडीगढ़ तक महसूस किया गया। प्रशासनिक और प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार भूकंप के कारण किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। न तो किसी बड़े हादसे की सूचना है और न ही किसी संरचनात्मक क्षति की पुष्टि हुई है। अधिकारियों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। दो महीने पहले भी महसूस हुए थे झटके करीब दो महीने पहले भी पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था। रिक्टर स्केल पर उसकी तीव्रता 5.9 दर्ज की गई थी। उस भूकंप का प्रभाव उत्तर भारत के कई हिस्सों तक महसूस किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार पृथ्वी की सतह सात प्रमुख और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी हुई है। ये प्लेटें लगातार गतिशील रहती हैं और समय-समय पर एक-दूसरे से टकराती या खिसकती हैं। जब प्लेटों के बीच दबाव बढ़ जाता है तो उनमें ऊर्जा जमा होने लगती है। दबाव एक सीमा से अधिक होने पर यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, जिससे धरती में कंपन पैदा होता है और भूकंप आता है। यही प्रक्रिया दुनिया के अधिकांश भूकंपों का प्रमुख कारण मानी जाती है।

सीएम ने कहा- कोई टोंटी चोरी कर रहा, कोई पानी बहा रहा, ऐसे लोगों को टोकें

प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाले माफिया से सजग रहें- मुख्यमंत्री सीएम ने कहा- कोई टोंटी चोरी कर रहा, कोई पानी बहा रहा, ऐसे लोगों को टोकें मुख्यमंत्री ने किया जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर संगोष्ठी का शुभारंभ विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशवासियों को 5 संकल्प दिलाए सीएम योगी ने जुलाई में एक दिन में लगाएंगे 35 करोड़ पौधेः सीएम योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से प्रकृति व जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले भूमाफिया, वन माफिया, खनन माफिया व स्मगलरों के प्रति सजग रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सजग नागरिकों का दायित्व है कि मातृभूमि के प्रति दायित्वों का निर्वहन करें। सीएम ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशवासियों को पांच संकल्प भी दिलाए। इसमें एक पेड़ मां के नाम लगाना, शरारती तत्वों व जीव-जंतुओं से पेड़ों की सुरक्षा, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करना और प्रकृति के अनुरूप जीवन शैली अपनाना शामिल है। सीएम ने कटाक्ष किया कोई टोंटी चोरी कर रहा है, कोई पानी बर्बाद कर रहा है, ऐसे लोगों को टोकें। जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं, कोशिश हो कि पानी व्यर्थ न हो। सीएम योगी ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ संगोष्ठी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शनी का अवलोकन किया, बच्चों को चॉकलेट दीं और आमजन को कपड़े के झोले देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। सीएम ने बच्चों के साथ सेल्फी ली और वृक्ष कलश में जल भी अर्पित किया।   जल है तो कल है, वन है तो जीवन है अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि जल है तो कल है, वन है तो जीवन है यानी जीवन चक्र एक-दूसरे के साथ जुड़ा है। फिर भी हमने इसकी सर्वाधिक उपेक्षा की। 40 से ऊपर हर व्यक्ति महसूस करता है कि पर्यावरण के साथ हुए खिलवाड़ की कीमत को दुनिया किस रूप में चुका रही है। 25 वर्ष पहले और वर्तमान मौसम चक्र में एक से डेढ़ महीने का अंतर आ गया। भारत व उत्तर प्रदेश में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है। मौसम चक्र में अंतर से सर्वाधिक प्रभावित किसान होगा। उसकी आमदनी प्रभावित होगी, अतिवृष्टि-अनावृष्टि का सामना करना पड़ेगा। खाद्यान्न संकट खड़ा हो सकता है। असमय घटित होने वाली आपदाएं चेतावनी भी हैं। मां व मातृभूमि के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करें  सीएम योगी ने कहा कि हमारे पूर्वजों व ऋषि परंपरा ने पर्यावरण के प्रति आगाह किया था। हम खुद को धरती मां का पुत्र कहते हैं। लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम ने लक्ष्मण जी से कहा “अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”। अर्थात लंका भले ही सोने की क्यों न हो, लेकिन मुझे यह अच्छी नहीं लगती। जिस मां ने जन्म दिया है, जहां हमने जन्म लिया है, उसके प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन और कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारा दायित्व होना चाहिए। मां व मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है। भगवान राम की कही गई बातें आज भी हर भारतीय के लिए प्रासंगिक हैं। निरोग रहने तक ही भौतिक उपलब्धियां सीएम योगी ने कहा कि भौतिक उपलब्धियां क्षणिक हैं। इनकी उपलब्धि तभी तक हैं, जब तक आप निरोग होकर आरोग्यता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं। पर्यावरण के समक्ष चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत के ग्रंथों का अवलोकन करें। भारत की परंपरा में हर जीव-जंतु के प्रति हमारे संबंध जोड़े गए हैं। भगवान शंकर के गले में सर्प और सवारी नंदी है। कार्तिकेय की सवारी मोर, गणपति की मूषक और मां भगवती की सवारी शेर है। हर कालखंड में बैल की पूजा और गोमाता को मान्यता दी गई है। वे कृषि प्रधान व्यवस्था का आधार हैं। सर्प को किसान मित्र के रूप में मान्यता दी गई है। यह जीवन चक्र आपस में जुड़ा है। कुकरैल और लखनऊ के तापमान में मिलेगा अंतर सीएम ने कुकरैल वन क्षेत्र के शानदार प्राकृतिक वातावरण का जिक्र करते हुए कहा कि वहां और लखनऊ के तापमान में अंतर होता है। लखनऊ में 45 तो कुकरैल में तापमान 40 या उससे कम होगा। प्रकृति की गोद में जो भी आगे बढ़ेगा, वह आरोग्यता के लिए महत्वपूर्ण होगा। हमने कुकरैल से अवैध कब्जे हटाए। आज कुकरैल के किनारे लखनऊ का सबसे शानदार प्राकृतिक दृश्य ‘सौमित्र वन’ भी दिख रहा है। प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानवता सुरक्षित रहेगी सीएम ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम ‘इंस्पायर्ड बाई नेचर फॉर क्लाईमेट फॉर अवर फ्यूचर’ का जिक्र किया और कहा कि स्वच्छ वायु, निर्मल जल, उपजाऊ भूमि व हरित वन मानव सभ्यता की जीवन रेखा हैं। जब प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानवता सुरक्षित रह पाएगी। जल जीवन मिशन के तहत हर घर में जल व सबमर्सिबल की व्यवस्था हो गई है, लेकिन पहले कुआं खोदना पवित्र कार्य माना जाता था। दस कुओं के बराबर एक बावड़ी, दस बावड़ी के बराबर एक तालाब, दस तालाब के बराबर एक पुत्र और दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है यानी वृक्ष का महत्व सर्वाधिक है।  पीएम ने दिया एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य का संदेश सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने तीन वर्ष पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का आह्वान किया था। उन्हीं की प्रेरणा से 9 वर्ष में प्रदेश में पौधरोपण के वृहद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। संकटों का सामना करने के लिए पीएम ने वसुधैव कुटुम्बकम के अनुरूप ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ का संदेश भी दुनिया को दिया है। उनके आहवान पर हम सब भारतवासी पौधरोपण महाभियान के तहत जननी व जन्मभूमि के प्रति पर्यावरण की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के साथ खड़े हैं। जुलाई में एक दिन में लगाएंगे 35 करोड़ पौधे सीएम ने कहा कि मार्च 2017 में पौधरोपण के लिए वन विभाग की नर्सरी में बमुश्किल 5 लाख पौधे मिल पाए थे, लेकिन आज सरकारी व निजी नर्सरी में 55 करोड़ पौधे तैयार हैं। आज प्रदेश भर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पांच करोड़ पौधे लग रहे हैं। अब जुलाई में महाभियान चलाएंगे और एक दिन में नागरिकों के साथ मिलकर 35 करोड़ पौधे लगाएंगे।  ग्लोबल वार्मिंग पर्यावरण के लिए चैलेंज सीएम ने ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण, बायो डायवर्सिटी … Read more

पीएम सूर्यघर योजना में यूपी का दमदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में मिला सम्मान

पीएम सूर्यघर योजना पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश का लहराया परचम, देश में बना सौर ऊर्जा का अग्रणी राज्य लाखों परिवारों के बिजली बिल हुए कम, उत्तर प्रदेश ने हासिल किए चार राष्ट्रीय प्रथम पुरस्कार योगी सरकार के प्रयासों से यूपी में अब तक 5.64 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना लखनऊ  भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अग्रणी पहचान स्थापित की है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उत्तर प्रदेश को कई महत्वपूर्ण श्रेणियों में सम्मानित किया गया। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व के कारण संभव हो पाया है।    मंत्रालय द्वारा जारी पुरस्कार सूची के अनुसार सौर ऊर्जा माह (मई 2026) में उच्च स्तरीय उपभोक्ता आधार श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन (1,02,035), सर्वाधिक सौर संयंत्र स्थापना (64,734) तथा सर्वाधिक विक्रेता पंजीकरण (779) के लिए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त डिस्कॉम निरीक्षणों की श्रेणी में राज्य को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त जनपद लखनऊ ने देश में कुल रूफटॉप स्थापना (1 लाख से अधिक) में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 5.64 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है, जिससे राज्य देश के अग्रणी सौर ऊर्जा राज्यों में शामिल हो गया है। यह उपलब्धि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा जनभागीदारी का परिणाम है। योगी सरकार के प्रयासों से योजना का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है। लाखों परिवारों के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है और अनेक उपभोक्ता अपनी आवश्यकता की बिजली स्वयं उत्पन्न कर रहे हैं। इससे घरेलू बचत बढ़ी है, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है तथा स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में तेजी आई है। योगी सरकार द्वारा अपनाए गए विकेन्द्रीकृत क्रियान्वयन एवं केंद्रीकृत निगरानी मॉडल, जिला स्तर पर प्रभावी समन्वय, डिस्कॉम की सक्रिय भागीदारी तथा व्यापक जनजागरूकता अभियानों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऊर्जा सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार मानते हुए उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। नई दिल्ली में प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान राज्य की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि विकसित भारत और ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय संकल्प को भी नई गति प्रदान करती है।

श्रद्धालुओं से भरी पिकअप हादसे का शिकार, पंजाब में 8 लोगों की गई जान, कई घायल

फिरोजपुर पंजाब में फिरोजपुर के ब्लाक ममदोट के जंगा वाला मोड़ पर एक भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की माैत हो गई। सभी श्रद्धालु डेरा ब्यास जा रहे थे। शनिवार सुबह हुए हादसे के बाद माैके पर चीख पुकार मच गई। मृतकों में पांच महिलाएं और दस साल का एक बच्चा शामिल है।  डेरा ब्यास जा रहे थे श्रद्धालु जानकारी के अनुसार, जलालाबाद से एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी मे कई श्रद्धालु डेरा ब्यास दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दाैरान सुबह करीब साढ़े छह बजे जंगा वाला मोड़ पर पिकअप की ट्राले से जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि लोगों को संभलने का माैका ही नहीं मिला। लोग उछलकर आगे के शीशे से टकराए और सड़क पर गिरते गए। एक के बाद एक आठ लाशें बिछ गई। कैसे हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्राले वाले की आंख लग गई थी और गाड़ी रांग साइड थी। पिकअप वाले को लगा कि ट्राला रांग साइड आ रहा है तो उसने गाड़ी हल्की मोड़ ली। इसी दाैरान अचानक ट्राले वाले की आंख खुल गई और उसने तुरंत अपनी गाड़ी सीधी कर ली। इसी दाैरान दोनों वाहन आपस में टकरा गए।  माैके पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी लोगों के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग माैके पर पहुंचे और लोगों को गाड़ी से बाहर निकाला। सूचना के बाद पुलिस भी माैके पर पहुंची और वाहनों को हटाकर रास्ता साफ करवाया। माैके पर माैत हादसे में महिंद्रा पिकअप में सवार आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि 20 के करीब जख्मी हो गए। तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। जख्मियों को फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिंद्रा पिकअप गाड़ी में खचाखच लोग भरे हुए थे। ये सभी डेरा ब्यास जा रहे थे। बड़ी लापरवाही वहीं हादसे के बाद सामने आया कि पिकअप में लगभग 30 लोग बैठे थे। गाड़ी की छत और फर्श के बीच में एक विभाजन कर लोगों को भरा गया था। इसके अलावा गाड़ी के पीछे भी लकड़ी के फट्टे लगाकर उसे बढ़ाया गया था और एक सीढ़ी लगा दी गई थी।   

मध्यप्रदेश में तबादलों की आंधी: 74 पुलिस अफसरों के बदले ठिकाने, अनु बेनिवाल जबलपुर रवाना

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए कई IPS अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला और नई जगहों पर तैनाती का आदेश जारी कर दिया। इस दौरान राज्यपाल के नाम और निर्देश पर गृह विभाग के अपर सचिव आशीष भार्गव ने भारतीय पुलिस सेवा के 8 अधिकारियों का नवीन पदस्थापना से जुड़ा आदेश जारी किया। जिसमें उन्होंने बताया कि राज्य शासन निम्नलिखित भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक बताए गए पद एवं स्थान पर पदस्थ किया जाता है। नए आदेश के अनुसार अनु बेनीवाल को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ग्वालियर से हटाकर ASP जबलपुर बनाया गया है। जबकि मिनी शुक्ला को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नरसिंहगढ़ से हटाकर ADCP (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त), जोन-2, भोपाल पुलिस बनाया गया है। IPS अधिकारी करणदीप को बालाघाट जिले के बैहर से हटाकर उज्जैन भेजा गया है, वहीं सुजावल जग्गा को धार से हटाकर ग्वालियर भेजा गया है। तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चित नाम IPS दम्पति अनु बेनीवाल और आयुष जाखड़ का रहा। दोनों अफसरों को शिवपुरी से एएसपी के पद पर जबलपुर ट्रांसफर किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा पुलिस तंत्र में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। बड़ी संख्या में अधिकारियों के स्थानांतरण को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजगढ़ एसडीओपी को मिला प्रमोशन राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में पदस्थ एसडीओपी मिनी शुक्ला को प्रमोट कर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन-2) भोपाल नगरीय पुलिस बनाया गया है। मिनी शुक्ला का विवाह पिछले वर्ष आईएएस अधिकारी सुमित पांडेय से हुआ था। सुमित पांडेय वर्तमान में भोपाल में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। नई पोस्टिंग के बाद दोनों अधिकारी अब भोपाल में साथ सेवाएं देंगे। 66 पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के 66 अधिकारियों के भी तबादले किए हैं। इन्हें विभिन्न जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस इकाइयों में एसपी और उप सेनानी के पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस पूरी सूची में विंध्य क्षेत्र से सबसे प्रमुख नाम आरती सिंह महाजन (SPS 2008 बैच) का है। रीवा जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर लंबे समय से अपनी सशक्त सेवाएं दे रहीं। आरती सिंह महाजन का तबादला अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पी.टी.सी. (पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज), इंदौर के पद पर कर दिया गया है। 1. सुश्री अनु बेनिवाल, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-ग्वालियर नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-जबलपुर 2. श्री ओमप्रकाश, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) लांजी, बालाघाट नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जोन-3, इंदौर नगरीय पुलिस 3. श्री करणदीप, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बैहर, जिला-बालाघाट नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-उज्जैन 4. श्री आयुष जाखड, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) करैरा, जिला-शिवपुरी नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-जबलपुर 5. श्री गौरव पाण्डेय, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) जिला-सिंगरौली नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-सतना 6. सुश्री मिनी शुक्ला, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नरसिंहगढ़, जिला-राजगढ नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जोन-2, भोपाल नगरीय पुलिस 7. श्री राज कृष्णा, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सबलगढ, जिला-मुरैना नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महू इंदौर ग्रामीण 8. श्री सुजावल जग्गा, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- नगर पुलिस अधीक्षक, जिला-धार नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-ग्वालियर