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वैज्ञानिकों का दावा: रूस की कैंसर वैक्सीन ने सभी ट्रायल में सफलता दर्ज की

रूस  रूस ने कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक नई सफलता हासिल की है. वहां की फेडरल मेडिकल एंड बायोलॉजिकल एजेंसी (FMBA) FMBA ने कैंसर की वैक्सीन तैयार की है. FMBD प्रमुख वेरोनिका स्क्वोर्त्सोवा ने कहा कि रूसी एंटरोमिक्स कैंसर वैक्सीन अब इस्तेमाल के लिए तैयार है. mRNA-बेस्ड इस वैक्सीन ने सभी प्रीक्लिनिकल टेस्ट को सफलतापूर्वक पार कर लिया है जिससे इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता साबित हो गई है. इस टीके का प्रारंभिक लक्ष्य कोलोरेक्टल कैंसर (कोलन कैंसर) होगा.  वैक्सीन ने पार किए सभी ट्रायल्स रिपोर्ट के अनुसार, रूस के कैंसर वैक्सीन ने शानदार प्रदर्शन किया है और FMBA की प्रमुख वेरोनिका स्क्वोर्त्सोवा ने ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (EEF) में इसकी घोषणा की है.  वैज्ञानिकों को अब अप्रूवल का इंतजार स्कवोर्त्सोवा ने कहा, 'यह शोध कई वर्षों तक चला जिसमें से पिछले तीन साल सिर्फ मैंडेटरी प्रीक्लिनिकल स्टडीज को ही समर्पित थे. वैक्सीन अब इस्तेमाल के लिए तैयार है. हम आधिकारिक स्वीकृति की प्रतीक्षा कर रहे हैं.' उन्होंने कहा कि प्रीक्लिनिकल ट्रायल्स टीके की सुरक्षा, बार-बार इस्तेमाल के बावजूद इसकी प्रभावशीलता की पुष्टि करते हैं. शोधकर्ताओं ने इस दौरान ट्यूमर के आकार में कमी और ट्यूमर के विकास में कमी देखी. इसके अलावा अध्ययनों ने टीके के कारण मरीज की जीवित रहने की दर में वृद्धि का भी संकेत दिया. कई और प्रकार के कैंसर के टीकों पर भी काम जारी इस टीके का शुरुआती टार्गेट कोलोरेक्टल कैंसर होगा. इसके अलावा ग्लियोब्लास्टोमा (ब्रेन कैंसर) और विशिष्ट प्रकार के मेलेनोमा जिनमें ऑक्यूलर मेलेनोमा (एक प्रकार का आंख का कैंसर) के लिए टीके विकसित करने में उम्मीद बांधने वाली प्रगति हुई है जो वर्तमान में अपनी एंडवांस स्टेज पर हैं.

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- सुमन सखी चैटबॉट नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम

प्रारंभिक चरण में फोकस मातृ स्वास्थ्य पर अगले चरण में समस्त स्वास्थ्य सेवाओं में होगा विस्तार भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विज़न के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं में नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश में जल्द ही सुमन सखी चैटबॉट सेवा प्रारंभ की जा रही है। सुमन सखी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट होगा, जो नागरिकों को गर्भावस्था के दौरान देखभाल, उच्च जोखिम कारकों की जानकारी, तथा महिलाओं से संबंधित सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश में नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। यह सेवा न केवल योजनाओं की जानकारी और सेवाओं तक त्वरित पहुँच उपलब्ध कराएगी, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जनविश्वास को भी मज़बूत करेगी। मिशन डायरेक्टर एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि सुमन सखी चैटबॉट राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीएसईडीसी) के सहयोग से विकसित किया गया है। सुमन सखी चैटबॉट 24×7 उपलब्ध रहेगा और हिंदी भाषा में होगा, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएँ भाषा की किसी भी बाधा के बिना इसका लाभ उठा सकें। प्रारंभिक चरण में इसका फोकस मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर होगा और धीरे-धीरे अन्य प्रमुख योजनाएँ भी इसमें शामिल की जाएँगी। नागरिक इसे व्हाट्सएप के माध्यम से उपयोग कर सकेंगे।  

मऊगंज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यू प्वाइंट से देखी दूधिया जलधारा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मऊगंज जिले के प्रवास पर नई गड़ी जनपद पंचायत के बहुती जल प्रपात का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वाटरफॉल के नजदीक जाकर व्यू प्वाइंट से जलप्रपात की गिरती हुई दूधिया जल धारा और वहा बनने वाले इंद्रधनुष की आभा को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुती जल प्रपात के समीप कार्यक्रम स्थल पर गौपूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जंगल में विचरण करने वाली गौमाताओं को अपनी एक आवाज में अपने पास बुलाने की कला रखने वाले रकरी गांव के गौसेवक सौखीलाल यादव ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम की दीदीओं द्वारा सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती में हुआ पारंपरिक स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती पहुंचने पर पारंपरिक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मऊगंज की लोक कला की छात्राओं ने बघेली शैली नृत्य और स्थानीय लोक कलाकारों के दल ने अहिरहाई लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, पशुपालन डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, विधायक सर्वश्री गिरीश गौतम, दिव्यराज सिंह और प्रदीप पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कमिश्नर रीवा श्री बी.एस. जामोद, आई.जी. श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्री संजय जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री प्रजापति सहित नागरिक मौजूद थे। पर्यटक स्थल के रूप में किया जा रहा है विकसित कलेक्टर मऊगंज संजय जैन ने बताया कि बहुती जल प्रपात को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने एवं जन सुविधाओं के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए लागत की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। कलेक्टर ने बातया कि बहुती प्रपात के अप स्ट्रीम में स्टॉप डैम का निर्माण प्रस्तावित है। स्टॉप डैम में जल का संचय होने से वाटर फॉल की जल धारा का बारह माह सदा अविरल प्रवाह बना रहेगा। प्रदेश का सबसे ऊँचा बहुती जल प्रपात बहुती जल प्रपात रीवा से 75 किलोमीटर दूर मऊगंज जिले में स्थित है। यह विन्ध्य क्षेत्र ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। बहुती में सेलर नदी 650 फिट की ऊंचाई से दो धाराओं में विभक्त होकर गिरती है। नीचे सुंदर कुंड और चारों ओर घने वन हैं। बहुती में अनंत जलराशि लंबवत चट्टानों पर गिरती है। जुलाई से सितम्बर माह तक इस प्रपात का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। प्रपात के समीप ही अष्टभुजा देवी का प्रसिद्ध मंदिर भी स्थित है। प्रयागराज और बनारस से सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा होने से उत्तरप्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुंचते हैं। इसके पास भैंसहाई में प्रागैतिहासिक काल के भित्ति चित्र मिले हैं।  

नियुक्ति पत्र पाकर खुश हुए शिक्षक, मुख्यमंत्री योगी ने की प्रेरक बातें

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) में चयनित 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कुछ चुनिंदा अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया, जबकि सभी जिलों में आयोजित कार्यक्रम में सांसद और विधायक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया। प्रदेश के सभी जनपदों में भी भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां सांसद एवं विधायकगण सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर युवाओं के सपनों को साकार करने के साक्षी बने। उत्तर प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र के साथ निरंतर कार्यरत है। देश के सबसे अधिक युवाओं वाले प्रदेश की युवा आकांक्षाओं को देखते हुए उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। रोजगार मेलों के माध्यम से भी प्रदेश में 1736 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 4.13 लाख से अधिक युवाओं को 2537 कंपनियों में नौकरी का अवसर मिला है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश को अनेक महानुभाव देने वाले प्रदेश को हमने बीमारू राज्य से ‍उबारा। हमने प्रदेश के नौजवानों का साफ सुथरा मंच दिया, जिससे उत्तर प्रदेश की अलग पहचान बनी है। उत्तर प्रदेश वर्ष 2017 से पहले देश के विकास के योगदान देने के मामले में निचली पायदान पर था और अब सभी अग्रणी राज्यों को पीछे छोड़कर लगातार आगे बढ़ रहा है। अब ‍उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन है और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में नियुक्त 1510 अनुदेशक ईमानदारी से काम पर प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम करें। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा चयन आयोग की ओर से अनुदेशकों का परिणाम बीते दिनों घोषित किया गया था। इसमें 1510 अनुदेशकों का चयन हुआ। इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह अवसर न केवल चयनित अभ्यर्थियों के जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करेगा। बल्कि, प्रदेश सरकार के इस संकल्प का भी प्रमाण है कि योग्यता के आधार पर पारदर्शिता के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हर जिले में किया गया। इस मौके पर व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल, कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डा. हरिओम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री यादव ने मऊगंज जिले के देवतालाब शिव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मऊगंज जिले के देवतालाब शिव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान आशुतोष का रुद्राभिषेक भी किया। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से प्रदेश की निरंतर प्रगति और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवकुंड का अवलोकन किया और इसका सौंदर्यीकरण कराए जाने की बात कही। मंदिर परिसर में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार बांकेलाल के शहनाई वादन की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, विधायक देवतालाब श्री गिरीश गौतम, विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी सहित स्थानीय जन उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि विंध्य की धरा में मऊगंज जिले के देवतालाब शिव मंदिर का विशिष्ट स्थान है। कहा जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने केवल एक रात में एक ही पत्थर से शिव मंदिर का निर्माण किया था। रीवा-बनारस हाईवे पर स्थित देवतालाब शिव मंदिर में साल भर भक्तों की भीड़ रहती है। विंध्य में परंपरा रही है कि बद्रीनाथ और चारोंधाम की यात्रा का फल तभी मिलता है जब देवतालाब में भगवान शिव के दर्शन किए जाएं। चारधाम यात्रा के बाद भी लोग देवतालाब अवश्य जाते हैं।

बाढ़ से बेहाल पंजाब: प्रधानमंत्री मोदी पहुंचेंगे, जानिए किस हद तक होगा मदद पैकेज

पंजाब पंजाब में विनाशकारी बाढ़ ने हाहाकार मचा रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पंजाब में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक वह 9 सितंबर को पंजाब जाएंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। पीएम मोदी गुरदासपुर जाकर जमीनी स्तर पर हालात देखेंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े राहत पैकेज का भी ऐलान कर सकते हैं। बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है, जबकि 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), सेना, सीमा सुरक्षा बल, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। पंजाब दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा मौसमी नालों के उफान के चलते यह स्थिति बनी है। इसके अलावा, हाल के दिनों में पंजाब में हुई भारी बारिश ने हालात को और गंभीर कर दिया है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को पोंग बांध का जलस्तर मामूली घटकर 1,394.19 फुट दर्ज किया गया, हालांकि यह अब भी उसकी अधिकतम सीमा 1,390 फीट से चार फुट ऊपर है। शुक्रवार शाम बांध का जलस्तर 1,394.8 फुट था। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को बांध में पानी का प्रवाह 99,673 क्यूसेक था, जो घटकर 47,162 क्यूसेक रह गया, जबकि निकासी 99,673 क्यूसेक पर यथावत बनी रही। भाखड़ा बांध के मामले में शनिवार को जलस्तर 1,678.14 फुट दर्ज किया गया, जो शुक्रवार को 1,678.47 फुट था। सतलुज नदी पर बने इस बांध में पानी का प्रवाह 62,481 क्यूसेक और निकासी 52,000 क्यूसेक रही। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बाढ़ को पांच दशकों में सबसे भीषण बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में लगातार हुई बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे सभी जिलों के लगभग 2,000 गांव प्रभावित हुए हैं। ताजा बुलेटिन के अनुसार, 3.87 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 46 मौतों की पुष्टि हुई है। एक अगस्त से पांच सितंबर के बीच 14 जिलों से 43 मौतें दर्ज की गई थीं। कुल 23 जिलों के 1,996 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक सात-सात मौतें होशियारपुर और अमृतसर से हुईं। इसके बाद पठानकोट में छह, बरनाला में पांच, लुधियाना और बठिंडा में चार-चार, मानसा में तीन, गुरदासपुर, रूपनगर और एसएएस नगर में दो-दो और पटियाला, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर से एक-एक मौत दर्ज की गई। पठानकोट में तीन लोग लापता हैं। इसी बीच, फिरोजपुर जिले के तल्ली गुलाम गांव का 50 वर्षीय व्यक्ति उफनती नदी की तेज धारा में बह गया और उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में पानी का स्तर खतरनाक स्तर पर है और लगातार बाढ़ से गांवों में रहने वालों का जीवन कठिन हो गया है। बाढ़ से संबंधित यह आंकड़े एक अगस्त से छह सितंबर तक की अवधि के हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 22,854 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकाला जा चुका है। चीमा ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि क्षेत्र को 18 जिलों में भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे, मकानों और पशुधन को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि घग्गर नदी का जलस्तर भी 750 फुट के खतरे के निशान को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने इस अभूतपूर्व बाढ़ पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संवेदनशील रवैया अपनाया है। मंत्री ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से जवाबदेही और समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया तथा कहा कि इस संकट के लिए "राजनीतिक अवसरवाद" के बजाय सहयोगात्मक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। चीमा ने कहा कि तबाही के बावजूद पंजाब सरकार ने तेज और समन्वित तरीके से कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में लगभग 200 राहत शिविर लगाए गए हैं, जहां 7,000 से अधिक विस्थापित लोगों को शरण दी गई है। एनडीआरएफ की 24 और एसडीआरएफ की दो टीमें, 144 नौकाओं की मदद से राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर शनिवार को निशाना साधते हुए कहा कि वह बाढ़ के लिए नदियों में अवैध खनन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि भाजपा नेता वित्तीय मदद की घोषणा करने के बजाय सिर्फ “फोटो खिंचवाने” के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते हैं। ‘आप’ ने भाजपा पर पंजाब के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया और कहा कि चौहान ने बाढ़ सहायता के लिए “एक पैसा” भी घोषित नहीं किया, जबकि राज्य सरकार ने केंद्र से ‘लंबति’ 60,000 करोड़ रुपये की मांग की है। ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। वहीं होशियारपुर जिले में टांडा और मुकेरियां उप-विभागों के निचले इलाकों में भारी नुकसान हुआ है, जहां धान, गन्ना और मक्का जैसी फसलों को भारी क्षति हुई है। उपायुक्त आशिका जैन ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वेक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा दिया जाएगा और समय पर राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग समन्वय से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। इस बीच, कपूरथला जिले के उपायुक्त अमित कुमार पंचाल ने बताया कि ब्यास नदी में पानी का प्रवाह 1.72 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। 

बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए MP सीएम, 5 करोड़ की सहायता और राहत सामग्री भेजी

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ में बाढ़ प्रभावित जिले दंतेवाड़ा के लिए 5 करोड़ की सहायता राशि दी है। एमपी से राहत सामग्री लेकर एक ट्रेन छत्तीसगढ़ रवाना होगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा-छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा इलाके में बाढ़ के हालात हैं। मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 5 करोड़ की सहायता राशि सीएम फंड के लिए दी है। राहत सामग्री लेकर ट्रेन भी रवाना हो रही है। मध्य प्रदेश पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के साथ खड़ा है और भी जरूरत होगी तो मध्य प्रदेश की ओर से सहायता प्रदान दी जाएगी। प्रधानमंत्री जी की भावना है दुख और परेशानी के समय सभी सरकारें सहयोग करें। इसी भावना के तहत पड़ोसी राज्य होने के नाते पड़ोसी धर्म का निर्वहन कर रहे हैं

सालभर बाद शुरू हुए MPPSC सहायक प्राध्यापक इंटरव्यू, समाजशास्त्र व अर्थशास्त्र के लिए दो पैनल गठित

इंदौर सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 के तहत समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा पिछले साल करवाई गई। लगभग एक वर्ष के इंतजार के बाद अब चयनित उम्मीदवारों के लिए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू की है। उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण आयोग ने साक्षात्कार के लिए दो पैनल गठित किए हैं। 11 सितंबर से समाजशास्त्र और 22 सितंबर से अर्थशास्त्र विषय के साक्षात्कार प्रारंभ होंगे। उम्मीदवारों को इसके लिए आनलाइन एडमिट कार्ड जारी किए जा रहे हैं। आयोग ने सितंबर का विस्तृत शेड्यूल जारी किया है, जिसमें चार साक्षात्कार और दो परीक्षाएं शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक कुछ परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की संख्या कम होने से परीक्षा केंद्र इंदौर में रखने पर विचार किया जा रहा है।   समाजशास्त्र के 80 पदों पर चयनित हैं 305 उम्मीदवार सरकारी महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए आयोग ने अगस्त 2024 में परीक्षा का दूसरा चरण आयोजित किया था। चार अगस्त को 16 विषयों की परीक्षा हुई, जिनमें समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र भी शामिल थे। समाजशास्त्र विषय के लिए 80 पदों पर 305 उम्मीदवार चयनित हुए हैं। इनमें 43 सामान्य, छह अनुसूचित जाति (एससी), सात अनुसूचित जनजाति (एसटी), 18 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और छह आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के पद शामिल हैं। समाजशास्त्र विषय के साक्षात्कार 11 सितंबर से शुरू होंगे और इन्हें आठ दिनों में पूरा किया जाएगा। प्रतिदिन 30 से 35 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। अर्थशास्त्र के 104 पदों पर 372 उम्मीदवारों का चयन आयोग 22 सितंबर से अर्थशास्त्र विषय की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। इस विषय के लिए 104 पदों पर 372 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इनमें 44 अनारक्षित, 26 एसटी, सात एससी, 20 ओबीसी और सात ईडब्ल्यूएस के पद शामिल हैं। अभ्यर्थियों को 15 सितंबर के बाद प्रवेश पत्र दिए जाएंगे। आयोग ने उम्मीदवारों को साक्षात्कार से एक घंटे पहले कार्यालय में रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए हैं। सहायक निदेशक पदों के साक्षात्कार दो-तीन दिनों में होंगे पूर्ण सहायक निदेशक उद्यान-2023 की परीक्षा 23 मार्च को हुई थी। इसके परिणाम 21 मई को जारी किए गए, जिनमें 10 पदों के लिए 28 मुख्य और सात प्रावधिक उम्मीदवार शामिल हुए। आयोग ने इसके साक्षात्कार आठ सितंबर को निर्धारित किए हैं। अधिकारियों के अनुसार अभ्यर्थियों की संख्या कम होने से साक्षात्कार दो-तीन दिन में पूरे कर लिए जाएंगे। सरकारी अस्पतालों में भर्ती साक्षात्कार नौ को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ईएनटी विशेषज्ञों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इनकी भर्ती के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दिसंबर 2024 में अधिसूचना जारी की थी। कुल 16 पदों में चार अनारक्षित, तीन एससी, पांच एसटी और दो-दो ओबीसी व ईडब्ल्यूएस पद शामिल हैं। आयोग ने इन पदों के लिए साक्षात्कार नौ सितंबर को निर्धारित किए हैं। 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, इसलिए साक्षात्कार प्रक्रिया दो पैनलों द्वारा करवाई जाएगी। खनिज अधिकारी की परीक्षा 28 को खनिज साधन विभाग ने लगभग दो वर्ष बाद खनिज अधिकारी के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली है। 30 दिसंबर 2024 को आयोग ने 10 पदों के लिए अधिसूचना जारी की थी। आवेदन 28 दिसंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक स्वीकार किए गए। अब आठ महीने के इंतजार के बाद अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा 28 सितंबर को होगी। यह परीक्षा आफलाइन ओएमआर शीट पर होगी। उम्मीदवार 15 सितंबर के बाद अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

मध्यप्रदेश में बढ़ा धान का रकबा, लेकिन यूरिया की कमी से जूझ रहे किसान

सतना इस खरीफ सीजन की बुवाई के बाद यूरिया की मांग में भारी वृद्धि देखी जा रही है। इसका प्रमुख कारण दलहन फसलों की जगह धान की खेती के रकबे में लगातार बढ़ोतरी है। साथ ही धान को सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने से भी इसके प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। इस तरह एक तरफ धान की बढ़ती बुवाई ने यूरिया की खपत बढ़ा दी, वहीं दूसरी तरफ इस वर्ष देश में यूरिया का उत्पादन सीमित रहा और आयात की मात्रा भी हर साल घटती जा रही है। सरकार हर वर्ष दलहन व तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए अनुमानित लक्ष्य तय करती है, लेकिन किसानों की रुचि गेहूं व धान की फसलों की ओर ज्यादा है। यही वजह है कि एक बोरी यूरिया के लिए किसान रात-रात भर लंबी कतारों में लगा रहता है।   धान का रकबा 35 लाख हेक्टेयर केंद्रीय कृषि कल्याण एवं विकास विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में धान का क्षेत्रफल इस बार 1039.81 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 1002.41 लाख हेक्टेयर था। यानी लगभग 37 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं दलहन का रकबा बहुत मामूली बढ़ा है। इस बार दलहन फसलों का कुल क्षेत्रफल 109.52 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष से केवल 1.14 लाख हेक्टेयर अधिक है। मूंग और उड़द में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अरहर में 1.34 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज हुई है। धान में यूरिया की होती है अधिक खपत कृषि विभाग सतना के उपसंचालक आशीष पांडे बताते हैं कि दलहन फसलों में यूरिया की आवश्यकता बहुत कम होती है, क्योंकि वे स्वयं नाइट्रोजन का स्रोत होती हैं। इसके विपरीत धान की बुवाई और जर्मिनेशन के दौरान यूरिया की भारी मात्रा में जरूरत होती है। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां के विज्ञानी डॉ. अखिलेश कुमार का कहना है कि किसानों को धान और गेहूं की जगह दलहन व तिलहन फसलों की ओर ध्यान देना चाहिए। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी, बल्कि खाद की समस्या से भी राहत मिलेगी। हालांकि, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान व गेहूं की सरकारी खरीद होने से किसान इन्हीं फसलों पर निर्भर हैं। यूरिया का आयात घटा, आपूर्ति में कमी     हर साल यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ती जा रही है, जबकि उत्पादन और आयात दोनों घट रहे हैं।     आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते चार वर्षों में भारत में आयातित यूरिया की मात्रा में लगातार गिरावट आई है।     इसकी वजह वैश्विक भी हो सकती है। चीन, सऊदी अरब, ओमान से यूरिया आयात होता है। तिलहन फसलों में गिरावट दलहन की तरह तिलहन फसलों का रकबा भी घटा है। इस बार तिलहनों की बुवाई 178.64 लाख हेक्टेयर दर्ज हुई, जो पिछले वर्ष से 6.74 लाख हेक्टेयर कम है। सोयाबीन और मूंगफली जैसी प्रमुख तिलहन फसलों में गिरावट देखी गई है।

ऐतिहासिक जीत! सबालेंका ने फाइनल में रचा कमाल, सेरेना के रिकॉर्ड की बराबरी

नई दिल्ली  यूएस ओपन 2025 के विमेंस सिंगल्स फाइनल में बेलारूस की स्टार खिलाड़ी और विश्व नंबर-1 आर्यना सबालेंका (Aryna Sabalenka Won Women's Singles Title) ने खिताबी जीत हासिल की। उन्होंने अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा को सीधे सेटों में 6-3, 7-6 (7-3) से हराकर लगातार दूसरी बार यह खिताब जीता। इसके साथ ही सबालेंका ने दिग्गज खिलाड़ी सेरेना विलियम्स (Serena Williams) की बराबरी कर ली। सेरेना ने भी यूएस ओपन लगातार दूसरी बार जीता था। ऑस्ट्रेलियन और फ्रेंच ओपन के फाइनल में हारीं सबालेंका के लिए यह इस साल का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन के फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलियन ओपन में मेडिसन कीज ने और फ्रेंच ओपन में कोको गॉफ ने उन्हें हराया था। वहीं, विंबलडन में वह ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकीं। इस बार जीत के बाद सबालेंका बेहद भावुक हो गईं और घुटनों के बल बैठकर खुशी जताई। मैच के बाद ईएसपीएन से बातचीत में सबालेंका ने कहा, “दो फाइनल हारने के बाद मैं भावनाओं पर नियंत्रण खो बैठी थी। इस बार मैंने शांत रहकर खेल पर ध्यान दिया और खुद को चीजों के साथ बहने दिया।” अमांडा अनिसिमोवा का टूटा सपना दूसरी ओर, अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा का सपना टूटा। यह उनका दूसरा मेजर फाइनल था। उन्होंने सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर-2 खिलाड़ी इगा स्विएंटेक को सीधे सेटों में 6-0, 6-0 से हराकर सबको चौंका दिया था। लेकिन खिताबी मुकाबले में वह सात डबल फॉल्ट की बड़ी गलतियों से जूझती रहीं। मैच के बाद उन्होंने अपनी हार के लिए कहीं न कहीं आर्थर एश स्टेडियम की फ्लड लाइट्स को भी जिम्मेदार ठहराया। अनिसिमोवा ने कहा, “यह समर मेरे लिए शानदार रहा। लगातार दो ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचना एक उपलब्धि है, लेकिन हार का दुख भी है। आज मैं अपने सपनों के लिए पूरी तरह नहीं लड़ सकी।” इससे पहले वह विंबलडन 2025 के फाइनल तक भी पहुंची थीं, लेकिन वहां उन्हें पोलैंड की इगा स्विएंटेक से हार का सामना करना पड़ा था।