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मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को वितरित किए विभिन्न योजनाओं के लाभ: ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे बीजापुर के सुदूर गांव कोण्डापल्ली :  चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को वितरित किए विभिन्न योजनाओं के लाभ: ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद सुशासन का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रही सरकार, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्री रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। इसी भावना के साथ सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके समाधान का प्रयास कर रही है। जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम कार्ड, किसान हितग्राही योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव और उनके अनुभवों की जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक सही समय पर पहुंचे और आमजन को शासन की संवेदनशीलता का अनुभव हो। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है तथा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई धारा पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन लोगों के द्वार तक पहुंच रहा है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासन के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है। इस अवसर पर  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

मानसून की दस्तक से बदला मौसम, आगरा में बारिश से सड़कें धंसीं और मकान ढहा

भोपाल/जयपुर/लखनऊ/नई दिल्ली मानसून 4 जून को केरलम के तट पर पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पिछले अनुमान में इसके 26 अप्रैल को केरलम पहुंचने का अनुमान था। मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरलम पहुंचता है और अगले डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है। इधर 23 राज्यों में जून की शुरुआत के साथ गर्मी से राहत मिली है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार के कई इलाकों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई। कई जगह बादल छाने से तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ। उत्तर प्रदेश के आगरा में मंगलवार सुबह एक घंटा तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। कई जगह सड़कें धंस गई। फुटपाथ धंसने से 25 फीट का गड्‌ढा बन गया। एक मकान का अगला हिस्सा गिर गया। दिल्ली में 1 जून का दिन पिछले तीन सालों की तुलना में सबसे ठंडा रहा। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 36.3°C रहा, जो सामान्य से 3.7°C कम है। अगले दो दिन के मौसम का हाल 3 जून:     पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में 40-50kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है।     मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों में बारिश और आंधी की स्तिथि रह सकती है।     केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में बारिश का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है।     असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश और आंधी-तूफान का असर रहेगा। 4 जून:     मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी में भारी बारिश हो सकती है। केरलम में बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।     गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज आंधी चल सकती है।     अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में कुछ जगहों पर गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। बिहार में लू (हीट वेव) चलने की आशंका है। मध्य प्रदेश में अलग-अलग जिलों में लगातार 8 दिन से कहीं न कहीं आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर है। राज्य में अब हीटवेव का असर लगभग खत्म है। न्यूनतम तापमान में 5°C से ज्यादा की गिरावट आई है। आज 45 जिलों में बारिश का अलर्ट है। धार-बड़वानी में तेज बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी है।  उत्तर प्रदेश के आगरा में आज सुबह तेज बारिश हुई। इससे कारण कई जगह सड़कें धंस गईं। फुटपाथ धंसने से 25 फीट का गड्ढा हो गया। इसमें ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली समा गई। सड़क किनारे खड़ीं कारें और ट्रक भी गड्‌ढों में पलट गए। राजस्थान में जून की शुरुआत आंधी-बारिश के साथ हुई है। मौसम विभाग ने आज 19 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य का तापमान सामान्य से 5°C नीचे आ गया है। सोमवार को सबसे अधिक तापमान फलोदी में 43.8°C रहा।  बिहार में अगले कुछ दिनों तक ज्यादातर जिलों में तापमान तेजी से बढ़ेगा। गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर और नवादा जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 43॰C से 45॰C पहुंच सकता है। बीते 24 घंटे में 40.1॰C के साथ कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। जबकि सासाराम और सीवान में बारिश हुई। हरियाणा में दो वेस्टर्न डिस्टर्वेंस एक्टिव होने जा रहे हैं। आज से 6 जून तक मौसम बदला हुआ रहेगा। 28 मई को आए वेस्टर्न डिस्टर्वेंस और राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण हरियाणा में 4 दिन बारिश और आंधी-तूफान आए। इससे हरियाणा में अधिकतम तापमान 46°C से गिरकर 37°C से 38°C पर आ गया। उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। 7 जून तक मौसम ऐसा ही रहने वाला है। सोमवार को नैनीताल में 30.5mm, भीमताल में 26mm, कालाढूंगी में 12mm, रामनगर में 8mm और द्वाराहाट में 7.5mm बारिश हुई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया निरीक्षण, कहा – दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

विकास, विश्वास और सुशासन का सेतु बना कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया निरीक्षण, कहा – दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर बना आधुनिक बेली ब्रिज: कनेक्टिविटी और विकास को मिली नई गति रायपुर जहां कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास की राह में चुनौती बनती थीं, वहां आज आधुनिक अधोसंरचना नए अवसरों के द्वार खोल रही है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका की जानकारी लेते हुए इसे बदलते बस्तर की नई तस्वीर का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वे दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाले मजबूत माध्यम हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो। कम समय, कम लागत और अधिक मजबूती की तकनीक भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के वाहक उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ गांवों तक आवागमन सुगम हुआ है तथा लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ी राहत मिली है। इन संरचनाओं ने क्षेत्र में विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही विकास यात्रा के वास्तविक निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके अनुभव भी साझा किए। बदलते बस्तर की नई पहचान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त प्रतीक है। यह उस नए बस्तर की पहचान है, जहां विकास अब दूरस्थ गांवों और दुर्गम अंचलों तक मजबूती से पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

रक्षाबंधन पर बहनों को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बसों में मिलेगा सफर का तोहफा : CM डॉ. यादव

रक्षाबंधन पर बहनें करेंगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन की बसों में सफर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव परिवहन सेवा को चरणबद्ध रूप से किया जाएगा शुरू सामान्य जन के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है राज्य परिवहन सेवा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य परिवहन सामान्य जन के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्य सरकार न सिर्फ प्रदेश में बेहतर और आधुनिक सड़कों का तेजी से निर्माण कर रही है, बल्कि जल्द ही नागरिकों को राज्य परिवहन की विशेष सुविधा भी देने जा रही है। राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की ओर बढ़ रही है। इस बार रक्षाबंधन पर हमारी बहनें परिवहन विभाग की बसों में सफर करें, इसके लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी विधानसभा में मीडिया से चर्चा में दी। राज्य सरकार जन सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति के कारण शहरों के बीच दूरी अधिक है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा सभी समस्याओं को खत्म कर जनता का आवागमन सुगम बनाएगी। उम्मीद है कि राज्य के अंदरूनी हिस्सों और पड़ोसी राज्यों के साथ मध्यप्रदेश सरकार का यह प्रयास सुगम परिवहन सेवा के प्रभावी रूप में देखने को मिलेगा। प्रदेश में जन सुविधाओं के विस्तार और प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता और संकल्प के साथ कार्य कर रही है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर

जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर… और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी कभी बंदूक थामने वाले मासा तामो और जयमोती आज चला रहे हैं अपनी दुकान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी। मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। बंदूक से रोजगार तक का सफर मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया। उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया। लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई। अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है। बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।

जन्मदिन पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की गौ-सेवा, संरक्षण कार्यों की सराहना की

जन्मदिवस के अवसर पर वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने की गौ-सेवा, संरक्षण के प्रयासों को सराहा रायगढ़ के सेठ किरोड़ीमल गौशाला पहुंचे वित्त मंत्री, कहा-गौवंश की सुरक्षा हमारी सांस्कृतिक व सामाजिक जिम्मेदारी रायपुर,  जन्मदिवस के विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ स्थित ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल गौशाला पहुंचकर गौ-माता की सेवा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला परिसर का भ्रमण कर वहां संचालित विभिन्न गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया और गौ-संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की। गौ-सेवा सनातन परंपरा का अमूल्य प्रतीक               वित्त मंत्री श्री चौधरी ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ-माता की सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अमूल्य प्रतीक है। अपने जन्मदिवस के अवसर पर गौ-माता की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होना मेरे लिए अत्यंत सुखद, संतोषजनक और प्रेरणादायी अनुभव है। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए इस गौशाला द्वारा किया जा रहा कार्य पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है। गौवंश की सुरक्षा और उनकी उचित देखभाल करना हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सेवाभावी कार्यकर्ताओं का जताया आभार            श्री चौधरी ने निस्वार्थ भाव से जुटे गौशाला के संचालकों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं के समर्पण, कड़ी मेहनत और अटूट प्रयासों के कारण ही क्षेत्र में गौ-संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय और सकारात्मक कार्य हो रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर वित्त मंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए सभी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस गरिमामय अवसर पर गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

पंजाब की टैक्स वसूली में बड़ा उछाल, मई में GST कलेक्शन पहुंचा 2400 करोड़ के पार

 चंडीगढ  पंजाब ने जीएसटी संग्रह के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ते हुए मई 2026 में 14.59 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को बताया कि राज्य का सकल जीएसटी संग्रह बढ़कर 2,400.52 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 2,094.81 करोड़ रुपये था। इस प्रकार, एक वर्ष में जीएसटी संग्रह में 305.71 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। चीमा ने कहा कि राज्य की यह उपलब्धि आर्थिक गतिविधियों में तेजी, कर अनुपालन में सुधार और कराधान विभाग की सख्त प्रवर्तन कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जहां देशभर में सकल जीएसटी राजस्व वृद्धि करीब 3.2 प्रतिशत रही, वहीं पंजाब ने 14.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। राज्य की नकद संग्रह वृद्धि 6.57 प्रतिशत रही, जबकि कुल जीएसटी संग्रह में कहीं अधिक बढ़ोतरी हुई है, जो मजबूत राजस्व आधार और बेहतर कर प्रशासन का संकेत है। वित्त मंत्री ने बताया कि कर चोरी रोकने के लिए गठित स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स (एसआईपीयू) ने मई महीने में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 182.69 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और 178.76 करोड़ रुपये की वसूली की। यह सफलता डेटा एनालिटिक्स, खुफिया सूचनाओं, सत्यापन अभियानों और फील्ड स्तर पर चलाए गए विशेष ऑपरेशनों के कारण मिली है। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा और ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फर्जी बिलिंग और संगठित कर चोरी के नेटवर्क के खिलाफ सरकार की जीरो टालरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी। 85 करोड़ के फर्जी बिलिंग रैकेट पकड़ा चीमा ने बताया कि कर चोरी के खिलाफ अभियान के दौरान विभाग ने 85.4 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग रैकेट का भी पर्दाफाश किया है। इस मामले में लुधियाना स्थित एक फर्म के निदेशक को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने फर्जी लेन-देन के जरिए 15.56 करोड़ रुपये का गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया था। जांच में सामने आया कि कर चोरी के लिए कागजों पर मौजूद फर्जी फर्मों, नकली बिलों, फर्जी डेबिट नोट और मनगढ़ंत परिवहन रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस धोखाधड़ी से जुड़े लाभार्थियों से करीब तीन करोड़ रुपये की वसूली भी की गई।

प्रदेश के विकास और जनकल्याण को बड़ी सौगात, 21,485 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी

प्रदेश के चहुँमुखी विकास, जन-कल्याण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए 21 हजार 485 करोड़ रूपये की स्वीकृति स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 को मिली स्वीकृति अधिकार अभिलेखों पर स्टॉम्प ड्यूटी और पूरा पंजीयन शुल्क माफ करने का हुआ फैसला योजना का वित्तीय भार 3800 करोड़ रूपये का राज्य शासन करेगा वहन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को सिली हुई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय "मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026" के प्रारूप का अनुमोदन "मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश 2026" के प्रारूप का किया अनुमोदन "तन्वी द ग्रेट" और "शतकः संघ के 100 वर्ष" को एस.जी.एस.टी. से छूट के निर्णय का अनुसमर्थन बरगी जलाशय दुर्घटना की जांच के लिए न्यायिक जाँच आयोग के गठन का अनुसमर्थन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास, जन-कल्याण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए 21 हजार 485 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। साथ ही प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए गए। मंत्रि-परिषद ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026' के तहत स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क को पूरी तरह माफ करने का फैसला किया है, जिसका संपूर्ण 3800 करोड़ रूपये का वित्तीय भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। इसके साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 17 हजार 59 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई, जिससे नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण और एमबीबीएस तथा पीजी सीटों में बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त होगा। बैठक में ग्रामीण विकास और वित्तीय सुधारों को गति देने के लिए 'मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम' तथा 'मध्यप्रदेश उपकर अधिनियम' में संशोधन संबंधी अध्यादेशों के प्रारूपों को मंजूरी दी गई। वहां, स्कूली शिक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए सत्र 2026-27 में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त इंदौर जिला न्यायालय भवन के पुनरीक्षित लागत, बरगी जलाशय हादसे की न्यायिक जांच के लिए आयोग गठन के निर्णय का अनुसमर्थन तथा 2 प्रमुख फिल्मों को एस.जी.एस.टी. से छूट देने जैसे महत्वपूर्ण फैसलों पर मंत्रि-परिषद द्वारा मुहर लगाई गई। ये सभी निर्णय राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार और पारदर्शी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 को स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में स्वामित्व योजना में जिन भू-खण्डधारियों के अधिकार अभिलेख निर्मित किए गए हैं उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए इन निर्मित अधिकार अभिलेखों का पंजीयन कराया जाए। इसके लिए डीड ऑफ कन्वेयेंस का निष्पादन एवं पंजीयन किया जाएगा ताकि नागरिक आवश्यकतानुसार गृह निर्माण, व्यवसाय एवं कृषि संक्रियाओं आदि के लिए ऋण प्राप्त कर अपनी आजीविका एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकें। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान के तहत कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। अब तक कुल 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया है। इसमें 48.32 लाख निजी संम्पत्तियां शामिल है। अधिकार अभिलेखों के पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टॉम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा, संपूर्ण व्यय राशि 3800 करोड़ रूपये का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। मध्यप्रदेश पहला राज्य होगा जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी के नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकार सुरक्षित कर उनकी आर्थिक उन्नति के मार्ग को प्रशस्त किया जा रहा है। स्वामिव योजना में मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी में निवासरत नागरिकों को उनका वैधानिक अधिकार प्रदान करने के लिए अधिकार अभिलेखों का निर्माण ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए किया गया है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने, प्रक्रिया निर्धारण, समय-समय पर समीक्षा के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा। इस समिति में महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, आयुक्त कोष एवं लेखा, आयुक्त/संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा प्रबंध संचालक एमपीएसईडीसी, सदस्य होंगे एवं आवश्यकतानुसार विषय विशेषज्ञों को संयोजित किया जा सकेगा। योजना के प्रचार-प्रसार, मुद्रण व्यय एवं जन-जागरुकता गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य स्तर पर 10 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना का विस्तृत परिपत्र एवं समय-समय पर आवश्यकतानुसार स्पष्टीकरण आदि जारी करने के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया गया है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध चिकित्सालय योजना की 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 14,363.95 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत प्रदेश के जन सामान्य को निशुल्क गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया कराये जाने एवं प्रदेश में चिकित्सा के लिए मानव संसाधन विकसित किये जाने के लिए 12 जिला मुख्यालयों पर चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों का संचालन राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है। चिकित्सा महाविद्यालय में पी.जी. पाठ्यक्रम के सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजना के लिए 657 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश में संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में भारत सरकार के आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मापदंडों के अनुरूप अतिरिक्त अधोसंरचना का निर्माण, नवीन मशीनें एवं उपकरणों के प्रतिस्थापन के फलस्वरूप अतिरिक्त स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सीटों में वृद्धि होगी। इससे राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ जन सामान्य को सुदूर ग्रामीण अंचल से जिला स्तर तक चिकित्सा सुविधा के लिए चिकित्सीय मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण से संबंधित योजना के लिए 1200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की … Read more

क्या फिर एक होगी शिवसेना? शिंदे-उद्धव कैंप के नेताओं के बयान से सियासी हलचल

मुंबई  महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर करवट लेने का इशारा दे रही है। चर्चा है कि 2022 में शिवसेना में हुई बड़ी बगावत के ठीक चार साल बाद अब दोनों धड़ वापस साथ आने की तैयारी कर रहे हैं। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के गुट के बड़े नेताओं ने इशारा दिया है कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। छत्रपति संभाजीनगर से दोनों गुटों के 2 बेहद सीनियर नेताओं ने सार्वजनिक रूप से बयान देकर हलचल बढ़ा दी है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक जहां शिवसेना (UBT) के नेता अंबादास दानवे ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए इसके संकेत दिए हैं, वहीं इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना के वरिष्ठ नेता अब्दुल सत्तार ने भी कहा कि भाजपा ने जहां शिवसेना (UBT) के हाथ-पैर काट दिए हैं, वहीं छत्रपति संभाजीनगर जिले में शिवसेना का सिर ही काट दिया है। क्या बोले दोनों नेता? जब दोनों नेताओं से सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या शिवसेना के दोनों गुटों को दोबारा मिल जाना चाहिए, इस पर भी उनका जवाब काफी सकारात्मक था। उद्धव गुट के अंबादास दानवे में कहा, "मुझे कई मौकों पर ऐसा महसूस होता है। लेकिन सिर्फ मेरे अकेले चाहने से कुछ नहीं होने वाला, दोनों तरफ से यह इच्छा होनी चाहिए।" वहीं शिवसेना के अब्दुल सत्तार ने कहा, "यह बिल्कुल सही समय है जब हमें एकजुट हो जाना चाहिए। अगर हमारे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे साहब इस बात के लिए रजामंदी दे देते हैं, तो दोनों पार्टियों को एक होने में जरा भी देरी नहीं लगेगी।" भाजपा है असली वजह दरअसल दोनों गुटों के साथ आने की वजह भाजपा है। शिवसेना की दोनों धरों का मानना है कि भाजपा महाराष्ट्र में क्षेत्रीय दलों का वजूद पूरी तरह खत्म करना चाहती है। अंबादास दानवे ने अपने बयान में कहा, “बड़ी मछली हमेशा छोटी मछली को निगल जाती है। बीजेपी इस वक्त महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी (NCP) दोनों के साथ यही खेल खेल रही है। बीजेपी शिवसेना को सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि अपना दुश्मन मानती है और उसका एकमात्र टारगेट शिवसेना के वजूद को पूरी तरह खत्म करना है। जो लोग पार्टी तोड़कर अलग हुए थे, अब उन्हें भी इस कड़वे सच का अहसास हो रहा होगा।” वहीं शिंदे गुट के अब्दुल सत्तार ने अपनी ही सहयोगी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर हमारा बड़ा भाई (BJP) ही हमें खत्म करने पर आमादा हो तो गठबंधन में रहने का क्या फायदा? उन्होंने आगे कहा, “भाजपा ने जहां शिवसेना (UBT) के हाथ-पैर काट दिए हैं वहीं छत्रपति संभाजीनगर जिले में शिवसेना का सिर ही काट दिया है।" कैसे बदले समीकरण? अब सवाल यह है कि आखिर राज्य में ऐसे हालात क्यों पैदा हो गए कि शिवसेना फिर एक होने की बात कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक शिवसेना के नेताओं की छटपटाहट के पीछे छत्रपति संभाजीनगर और पूरे राज्य में बदल रहे सत्ता के समीकरण हैं। कभी औरंगाबाद नगर निगम और जिला परिषद पर अविभाजित शिवसेना का एकछत्र राज हुआ करता था। हालांकि 2022 की बगावत के बाद आज इन दोनों प्रमुख निकायों पर बीजेपी ने पूरी तरह अपना कब्जा जमा लिया है। दानवे ने बताया कि औरंगाबाद-जालना की सीट पर पिछले 25-30 सालों से हमेशा शिवसेना ही चुनाव लड़ती आ रही थी। लेकिन इस बार बीजेपी ने शिंदे गुट के दावों को दरकिनार करते हुए वहां अपना खुद का उम्मीदवार खड़ा कर दिया है। इस कदम ने शिंदे गुट के नेताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

खोड़ा में पसरा सन्नाटा: सूर्या चौहान मर्डर केस में एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई और बकरीद कनेक्शन से सनसनी

 गाजियाबाद गाजियाबाद के खोड़ा स्थित नवनीत विहार निवासी 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की बकरीद के दिन असद और उसके साथियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस की कई टीमों ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश में शामिल मुख्य आरोपी के पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद 30 और 31 मई की रात मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी 50 हजार के इनामी असद को मार गिराया. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे खोड़ा क्षेत्र में तीन दिवसीय विशेष 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' चलाकर अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है।  फोन कर बुलाया और ताबड़तोड़ चलाए चाकू बीती 28 मई की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खोड़ा के नवनीत विहार इलाके में सूर्या प्रताप चौहान को फोन करके बुलाया गया था. वहां पहले से जाल बिछाकर बैठे असद, उसके पिता नवाब, फरहान, आतिफ, सारिक और अन्य लोगों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. बाइक चलाने की मामूली कहासुनी और पुरानी रंजिश के चलते सूर्या पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए गए. लहूलुहान हालत में सूर्या को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां कई घंटों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया. किशोर की मौत से पूरे खोड़ा में भारी आक्रोश फैल गया।  पिता ने उकसाया और दोस्त ने लाकर दिया चाकू पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि वारदात से कुछ समय पहले भी असद और सूर्या के बीच विवाद हुआ था. घटना वाले दिन भी दोनों में बहस हुई, जिसके बाद असद ने अपने पिता नवाब और दोस्तों को इसकी जानकारी दी. इसके बाद सूर्या को सबक सिखाने की खूनी योजना बनाई गई. गिरफ्त में आए आरोपियों ने खुलासा किया कि फरहान ने असद को चाकू लाकर दिया था, जबकि उसके पिता नवाब ने उसे हमले के लिए उकसाया था. इसके बाद वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए।  50 हजार का इनामी मुख्य आरोपी असद एनकाउंटर में ढेर सूर्या की मौत के बाद मुख्य आरोपी असद लगातार पुलिस को छका रहा था. पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर पूरे ट्रांस हिंडन क्षेत्र में तलाश तेज कर दी थी. 30 और 31 मई की रात को पुलिस को सूचना मिली कि असद आर्थिक मदद लेकर शहर से भागने की फिराक में है. खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की, तो असद ने पुलिस पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से असद घायल हो गया और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  अपराधियों के घरों पर चला 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' एनकाउंटर के अगले ही दिन प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब के बंद पड़े घर पर एसडीएम की मौजूदगी में अवैध कब्जे और निर्माण का नोटिस चस्पा कर दिया. इसके बाद पूरे खोड़ा क्षेत्र में तीन दिनों का विशेष 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' शुरू किया गया. डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़, एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर और डीसीपी धवल जायसवाल खुद मौके पर उतरे. ड्रोन कैमरों, स्नाइपर डॉग और आधुनिक उपकरणों के जरिए हिस्ट्रीशीटरों के ठिकानों पर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया।  नम आंखों से विदाई, आर्थिक मदद और नौकरी की घोषणा दूसरी तरफ, दिवंगत सूर्या चौहान की अस्थियों को हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जित कर दिया गया, जहां परिजनों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी. मामले के तूल पकड़ने पर पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी. भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर और कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी परिवार को न्याय का भरोसा दिया. खोड़ा नगर पालिका चेयरमैन पति अमरपाल शर्मा ने सूर्या के बड़े भाई को नौकरी देने और क्षेत्र की एक सड़क का नाम सूर्या के नाम पर रखने की बड़ी घोषणा की है।  मुस्लिम समाज ने भी एनकाउंटर को बताया सही, बाजार अब भी बंद मुख्य आरोपी असद के पड़ोसी जावेद खान ने बताया कि असद अक्सर नशेबाजी और उधमबाजी में शामिल रहता था, जिससे मोहल्ले के लोग परेशान थे. इलाके के मुस्लिम समाज के लोगों ने भी इस जघन्य हत्याकांड को पूरी तरह गलत ठहराया है. समाज के लोगों का स्पष्ट कहना है कि जो जैसा करेगा वो वैसा ही भुगतेगा और उन्होंने असद के एनकाउंटर को सही बताया है. हालांकि, नवनीत विहार के बाजारों में अब भी सन्नाटा है. तनाव और सुरक्षा कारणों से कई व्यापारी अपनी दुकानें खोलने से लगातार बच रहे हैं।  फरार सारिक की तलाश जारी, पूर्ण न्याय चाहता है पीड़ित परिवार असद के एनकाउंटर और तीन करीबियों की गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी सारिक मेवाती अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. मुख्य आरोपी के मारे जाने के बाद भी मृतक सूर्या चौहान का परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. परिवार का साफ कहना है कि हत्या में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर हालात काबू में करने की कोशिश कर रही है।