samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से गांवों को मिली नई रफ्तार, छोटे ग्रामीण इलाकों तक पहुंचीं बसें

‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ से उत्तर प्रदेश के छोटे गांवों तक बसों का संचालन शुरू शुरुआती चरण में लगभग 80 बसों में सफर कर रहे ग्रामीण अब तक 70 जिलों में बस संचालन के लिए 858 आवेदन चयनित हुए लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण इलाकों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ पर गंभीरता से ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य छोटे से छोटे गांव तक बसों की पहुंच को बढ़ाना है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने तैयारी को तेज कर दिया है। इस योजना के तहत लगभग 80 बसों को संचालन शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश में 59 हजार से अधिक ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ने के लिए सरकार और निगम तेजी से काम कर रहा है। योजना के तहत ग्रामीणों के लिए बस सेवा को ब्लॉक, ग्राम पंचायत, तहसील और जिला मुख्यालय तक जोड़ा जाना है। यूपीएसआरटीसी सहायक प्रबंधक उमेश आर्य ने बताया कि अब तक 70 जिलों के लिए 858 बस ऑपरेटरों के आवेदन चयनित हो चुके हैं। एजेंसियों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ के तहत लगभग 80 बसों का संचालन शुरू हो गया है। 28 सीट वाली मिनी बसों का संचालन उमेश आर्य ने बताया कि इस योजना के तहत अधिकतम 28 सीटों वाली मिनी बसें चलाई जानी हैं। इनकी लंबाई 7 मीटर तक निश्चित की गई है। जिन ऑपरेटरों के आवेदन चयनित हुए हैं, उन्होंने तय मानकों के आधार पर बसों को ऑर्डर दे दिया है। अन्य बसों को संचालन भी जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने बताया कि बसों के मार्ग का चयन जिला स्तरीय कमेटी कर रही है। सभी बसों के संचालन और तय मार्ग की जानकारी भी जल्द साझा की जाएगी। रोजगार के रास्ते खुल रहे यह योजना निजी बस संचालकों के माध्यम से चलाई जा रही है। इसके जरिए रूट के करीबी ग्रामीण युवाओं और स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसमें बस ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर समेत अन्य स्टाफ की आवश्यकता होगी।

कानून व्यवस्था होगी और मजबूत, गृहमंत्री शाह ने लॉन्च किए 400 डायल-112 वाहन

रायपुर. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और  मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों और 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी. इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा. यह सेवा 24×7 संचालित होगी. इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी और स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है. राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है. नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे. मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच ‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी. “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी. लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं. अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था. नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा. इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा. साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है. आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी और आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा.

मनी लॉन्ड्रिंग केस में मंत्री संजीव अरोड़ा न्यायिक हिरासत में, अदालत में भावुक हुए

  चंडीगढ़ पंजाब सरकार के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को बड़ा झटका लगा. स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब इस मामले में उनकी अगली पेशी 1 जून को होगी. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो दिन की रिमांड समाप्त होने के बाद संजीव अरोड़ा को कोर्ट में पेश किया था।  कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान संजीव अरोड़ा भावुक नजर आए. जैसे ही उनकी मुलाकात परिवार के सदस्यों से हुई, वह उन्हें गले लगाकर फफक कर रो पड़े. गिरफ्तारी के बाद यह पहला मौका था जब उनके परिजन उनसे मिल पाए. कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने भी इस भावुक पल को देखा. ईडी ने संजीव अरोड़ा को 9 मई की देर शाम चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था।  जांच एजेंसी का आरोप है कि वह 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी GST बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट से जुड़े हुए हैं. ईडी के मुताबिक मोबाइल फोन ट्रेडिंग के नाम पर कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर फर्जी बिल तैयार किए गए और हवाला जैसे नेटवर्क के जरिए रकम को इधर-उधर किया गया. जांच एजेंसी का दावा है कि दिल्ली स्थित बोगस कंपनियों के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन किए गए।  इसी मामले में ईडी ने दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर छापेमारी भी की थी. छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिलने का दावा किया गया है, जिनकी जांच अभी जारी है. सुनवाई के दौरान संजीव अरोड़ा की ओर से कोर्ट में आवेदन दाखिल कर अपनी पसंद का वकील नियुक्त करने और वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने की अनुमति मांगी गई. ईडी के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर साइमन बेंजामिन ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई।  इसके बाद कोर्ट ने संजीव अरोड़ा को वकील नियुक्त करने की अनुमति दे दी और जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वकालतनामा से जुड़े दस्तावेज उनके वकील या परिवार के सदस्य को बिना देरी उपलब्ध कराए जाएं. इसके अलावा कोर्ट ने ईडी को यह भी निर्देश दिया कि संजीव अरोड़ा को रोजाना सुबह 10 बजे से 11 बजे तक अपने वकील से मिलने दिया जाए. साथ ही उनकी सेहत को देखते हुए सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं और दवाइयां उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए हैं। 

अब सीमित मिलेगा तेल! चंडीगढ़ में बाइक को ₹500 और कार को ₹1500 तक पेट्रोल-डीजल

चंडीगढ़. शहर में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को लेकर एहतियात बरतते हुए कुछ पेट्रोल पंपों पर वाहनों में तेल भरवाने की सीमा तय कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत अब टू-व्हीलर में एक बार में अधिकतम 500 रुपये और फोर-व्हीलर में 1500 रुपये तक का ही पेट्रोल या डीजल दिया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन सेक्टर-17 स्थित पेट्रोल पंप पर इस संबंध में पोस्टर लगाए गए हैं। पंप कर्मियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल की सप्लाई सामान्य से कम मिल रही है। ऐसे में यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक ईंधन पहुंच सके और किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। पंप पर रविवार से ही नई व्यवस्था लागू कर दी गई है और उसी हिसाब से ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। मधुमक्खी पिछले सप्ताह ही पेट्रोल और डीजल के रेट भी बढ़े हैं। पेट्रोल पंप ने अब बोतल में भी पेट्रोल और डीजल देना मना कर दिया है।

आधुनिक तकनीक और नई नीतियों के दम पर योगी सरकार का बड़ा कृषि विजन

योगी सरकार स्मार्ट कृषि, आधुनिक तकनीक और बाजार उन्मुख नीतियों से प्रदेश को बनाएगी कृषि विकास का राष्ट्रीय मॉडल   – वर्ष 2047 तक वैश्विक कृषि केंद्र बनेगा उत्तर प्रदेश, विश्वस्तरीय कृषि हब बनेगा उत्तर प्रदेश – विश्व बैंक समर्थित यूपी एग्रीज परियोजना से पिछड़े क्षेत्रों में कृषि और मत्स्य पालन को मिल रहा बढ़ावा लखनऊ  योगी सरकार कृषि क्षेत्र में तेजी से बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है। योगी सरकार स्मार्ट कृषि, आधुनिक तकनीक, बाजार-उन्मुख नीतियों और किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाओं के माध्यम से प्रदेश को देश का अग्रणी कृषि मॉडल बनाने की दिशा में काम कर रही है। योगी सरकार का वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को सतत, उच्च-मूल्य एवं निर्यात-उन्मुख कृषि का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य है।   राष्ट्रीय कृषि निर्यात में प्रदेश की हिस्सेदारी को 15 प्रतिशत से अधिक तक ले जाने का लक्ष्य  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2047 के लिए कृषि क्षेत्र के व्यापक लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं। योगी सरकार का लक्ष्य अनाज, दलहन और तिलहन की उत्पादकता में कई गुना वृद्धि करना है। फसल तीव्रता को 250 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचाने, फसलोपरांत नुकसान को 4 प्रतिशत से कम करने और राष्ट्रीय कृषि निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी को 15 प्रतिशत से अधिक तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही जैविक खेती के दायरे को भी तेजी से बढ़ाने की योजना है। वहीं कृषि उत्पादकता बढ़ाने, कृषि निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देने और आधुनिक तकनीकों को खेती से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख कृषि क्षेत्र में मॉडल बनकर उभरा है। उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, गेहूं, आलू, गन्ना, सब्जियों और शहद के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। कृषि क्षेत्र में प्रदेश का योगदान लगातार बढ़ रहा है और कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। वर्तमान में प्रदेश का कृषि सकल मूल्य वर्धन लगभग 4.66 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो प्रदेश की जीएसवीए का लगभग 15.7 प्रतिशत है। कृषि निर्यात में 2.13 गुना वृद्धि दर्ज की गई  वर्ष 2017 से 2025 के बीच कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। इस दौरान गेहूं की पैदावार में 16 प्रतिशत, अनाज उत्पादन में 17 प्रतिशत, तिलहन उत्पादन में 34 प्रतिशत और दलहन उत्पादन में 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। योगी सरकार ने कृषि क्षेत्र को केवल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए इसे बाजार और निर्यात से जोड़ने की दिशा में भी बड़े कदम उठाए हैं। प्रदेश से कृषि निर्यात में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कृषि निर्यात में 2.13 गुना वृद्धि दर्ज की गई है और वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर लगभग 7,139 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। योगी सरकार किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने और निर्यात मानकों के अनुरूप उत्पादन को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। कुल सिंचित क्षेत्र में 33 प्रतिशत की वृद्धि  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंचाई और फसल विविधीकरण को भी प्राथमिकता दी है। सूक्ष्म सिंचाई व्यवस्था के विस्तार से किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में कुल सिंचित क्षेत्र में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। तिलहन क्षेत्रफल में 141 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि दलहन उत्पादन में 17 प्रतिशत और अनाज उत्पादन में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे किसानों की आय में सुधार के साथ खेती अधिक लाभकारी बन रही है। इसके अलावा स्मार्ट कृषि, ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि सेवाएं, जैविक खेती और कृषि आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देकर खेती को आधुनिक बनाया जा रहा है। साथ ही विश्व बैंक समर्थित यूपी एग्रीज परियोजना भी प्रदेश के कृषि विकास मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है। लगभग 325 मिलियन डॉलर की इस परियोजना के माध्यम से पूर्वांचल और बुंदेलखंड के 28 जिलों में कृषि और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, आधुनिक तकनीकों का विस्तार और कृषि उत्पादन में 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है। इससे पिछड़े क्षेत्रों के किसानों को विशेष लाभ मिल रहा है।

रायगढ़ दौरे पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख विकास परियोजनाओं का किया निरीक्षण

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ की प्रमुख विकास परियोजनाओं का किया निरीक्षण मरीन ड्राइव, नया बस स्टैंड, किसान राइस मिल ऑक्सीजोन और दूध डेयरी ऑक्सीजोन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण कार्य सुनिश्चित करने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश रायपुर  वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ शहर में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीन ड्राइव, नए बस स्टैंड, किसान राइस मिल परिसर में विकसित किए जा रहे ऑक्सीजोन तथा दूध डेयरी ऑक्सीजोन के निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। चौधरी ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से रायगढ़ शहर को आधुनिक और सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। मरीन ड्राइव शहरवासियों के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा, नया बस स्टैंड यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा, जबकि ऑक्सीजोन परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इसके लिए सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि जनता को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

CM योगी से चेक पाकर भावुक हुए अनुदेशक, बोले- सरकार ने हमें सम्मान दिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों चेक पाकर भावुक हुए अनुदेशक, कहा- सरकार ने दिया सम्मान लोकभवन में आयोजित समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 14 अनुदेशकों को दिया गया बढ़े हुए मानदेय का चेक अब मानदेय 17 हजार रुपये प्रतिमाह और कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से अनुदेशकों में खुशी की लहर  लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत हजारों अंशकालिक अनुदेशकों को बड़ी सौगात देते हुए उनके मानदेय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। इसके बाद प्रदेशभर के अनुदेशकों में खुशी की लहर है। रविवार को लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों चेक पाकर अनुदेशकों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। सभी अनुदेशकों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी कर उन्हें सम्मान देने का काम किया है। अनुदेशकों का 9 हजार से बढ़कर 17,000 रुपये हुआ मानदेय दरअसल 24717 अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से 9 हजार रुपये बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इस उपलक्ष्य में लोकभवन में अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित 14 अनुदेशकों को चेक वितरित कर उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के हाथों चेक पाकर अनुदेशकों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने इसे योगी सरकार की संवेदनशीलता और शिक्षा कर्मियों के प्रति सम्मान की भावना बताया। रायबरेली की अनुदेशक शिखा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों चेक पाकर उन्हें बेहद खुशी हुई है।  मानदेय 17 हजार रुपये होने से बड़ी राहत मिलेगी- अनुदेशक शिखा सिंह ने बताया कि पहले 9 हजार रुपये में परिवार चलाना मुश्किल होता था, लेकिन अब सीधे 17 हजार रुपये मानदेय मिलने से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने अनुदेशकों की समस्याओं को गंभीरता से समझा है। ऐसे ही लखनऊ के कौशलेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने न केवल मानदेय बढ़ाया है बल्कि अनुदेशकों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी लागू किया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार पहले भी अनुदेशकों का मानदेय बढ़ा चुकी है और इस बार एक साथ 8 हजार रुपये की वृद्धि कर सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री का यह निर्णय अनुदेशकों के आत्मसम्मान और आर्थिक मजबूती दोनों को बढ़ाएगा। पहली बार हमारे लिए इतना भव्य सम्मान समारोह- अनुदेशक अयोध्या के उपेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा कि सेवा में आने के बाद पहली बार अनुदेशकों के लिए इतना भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कम मानदेय में कार्य करने के बावजूद अनुदेशक पूरी निष्ठा से बच्चों को शिक्षित कर रहे थे, लेकिन अब सरकार ने उनकी मेहनत को सम्मान दिया है। वहीं गोरखपुर के देवेंद्र लाल ने कहा कि पहले 7 हजार रुपये में जीवन यापन बेहद कठिन था, लेकिन योगी सरकार ने पहले इसे 9 हजार और अब 17 हजार रुपये तक पहुंचाकर बड़ी राहत दी है।  मुख्यमंत्री ने होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड का किया विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। उन्होंने 'होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड’ का विमोचन किया। जिसे बाल वाटिका से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। इस रिपोर्ट कार्ड में केवल शैक्षणिक प्रदर्शन ही नहीं बल्कि विद्यार्थियों के शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक, संज्ञानात्मक और व्यक्तित्व विकास का भी समग्र मूल्यांकन किया जाएगा। इसे नई शिक्षा नीति के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन 14 अनुदेशकों को सौंपे चेक मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अनुदेशकों को चेक सौंपे। इनमें गोरखपुर के देवेंद्र लाल, वाराणसी के सुभाष सिंह, अयोध्या के उपेंद्र कुमार शुक्ला, लखीमपुर खीरी के प्रवीण राणा, रायबरेली की शिखा सिंह, बाराबंकी की हिना खातून और दीप्ति वर्मा, सीतापुर की प्राची मिश्रा, हमीरपुर के कामता प्रसाद राजपूत, लखनऊ के कौशलेन्द्र सिंह और सुमित पाल, अलीगढ़ की सलोनी कसेरे, उन्नाव की रश्मि यादव तथा हरदोई की रश्मि सिंह शामिल रहे। योगी सरकार ने 2022 में भी 2 हजार रुपये बढ़ाया था मानदेयः संदीप सिंह इस अवसर पर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हुए व्यापक सुधारों को लेकर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा के लिए 9,645 तथा कार्यानुभव शिक्षा के लिए 6,192 अनुदेशक कार्यरत हैं, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्ष 2022 में सरकार ने अनुदेशकों का मानदेय 7 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया था और अब इसे बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसे शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के हित में सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है। मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। वर्तमान में 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी संचालित हैं, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हैं और शेष सभी ब्लॉकों में भी बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने की कार्ययोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1,64,882 बच्चों को निःशुल्क सहायक उपकरण भी वितरित किए गए हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चखा बस्तर की इमली का स्वाद बोले यहां की इमली का स्वाद खट्टा नहीं बल्कि मीठा गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन अब नक्सल प्रभावित नहीं रहा नेतानार.. जनता के दरवाजे तक पहुँच गयी डिजिटल सरकार नेतानार में नागरिकों की सुविधाओं हेतु एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की ऑनलाईन सुविधाएं उपलब्ध रायपुर  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैम्प पहुँचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का उद्घाटन किया । अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है। समूह की श्रीमती लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी । गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं।  वे सेवा सेतु केंद्र पहुँचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी श्रीमती सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था । अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी । सेवा सेतु केंद्र में श्रीमती सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई के वाय सी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई के वाय सी करा लिया है । उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे । इस केंद्र में जन्म, आय , जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाये जा सकेंगे । इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, के वाय सी, बैंक खाते में मोबाईल नम्बर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी ।  अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहाँ पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुविजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी। गृह मंत्री अमित शाह ने धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की । इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा । इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा , मुख्य सचिव विकासशील एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: पंचायत चुनाव, मेट्रो विस्तार और मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का इंतजार कर रहे करोड़ों ग्रामीणों और राजनीतिक दलों के लिए सोमवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर रहा। इसने चुनाव के रास्ते की सबसे बड़ी कानूनी अड़चन को दूर कर दिया है। 'समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को हरी झंडी उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन को लेकर पिछले काफी समय से बनी उहापोह की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। योगी कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी (OBC) आरक्षण का सटीक स्वरूप और आनुपातिक आबादी तय करने के लिए 'समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' (Dedicated OBC Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। अब इस आयोग की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों के आरक्षण का रोटेशन तय किया जाएगा, जिससे सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' फॉर्मूले की वैधानिक बाध्यता पूरी हो जाएगी। योगी कैबिनेट के फैसले के अनुसार पांच सदस्यीय आयोग का अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश होंगे। अन्य सदस्य पिछड़ा वर्ग की जानकारी रखने वाले लोग ही होंगे। इनका कार्यकाल छह महीने होगा। लोकतंत्र सेनानियों को मिला 'कैशलेस इलाज' का ऐतिहासिक तोहफा आपातकाल (इमरजेंसी) के खिलाफ लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन करने वाले उत्तर प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों को सरकार ने बड़ा सम्मान दिया है। कैबिनेट ने इन्हें 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' के दायरे में लाते हुए शत-प्रतिशत कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को पास कर दिया है। अब इन्हें और इनके आश्रितों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। लखनऊ-आगरा मेट्रो के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर मुहर राजधानी लखनऊ और ताजनगरी आगरा के मेट्रो नेटवर्क को रफ्तार देने के लिए दो बड़े फैसलों को मंजूरी मिली है। लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाले मेट्रो के पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर (East-West Corridor) के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) के मसौदे को कैबिनेट ने स्वीकृत कर लिया है। आगरा में कॉरिडोर-2 (आगरा कैंट से कालिंदी विहार) के तहत मेट्रो स्टेशनों और वायडक्ट सेक्शन के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण (Land Transfer) के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है। स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के अन्य अहम फैसले तीन नए मेडिकल कॉलेज: प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करते हुए हाथरस, बागपत और कासगंज जिलों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट की सहमति मिल गई है। समुदाय परियोजना का विस्तार: ग्राम्य विकास विभाग और एचसीएल (HCL) फाउंडेशन के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए चल रही 'समुदाय परियोजना' को अगले 5 साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। कौशल विकास: वस्त्रोद्योग (टेक्सटाइल सेक्टर) में रोजगार और युवाओं के हुनर को बढ़ावा देने के लिए नई कौशल विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। नियम प्रणालियों और वित्तीय ढांचों में बड़े सुधार कैबिनेट ने प्रशासनिक और वित्तीय पारदर्शिता के लिए कई संशोधनों को भी पास किया है।यूपीपीएससी परिसीमन के तहत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के कृत्यों के परिसीमन में बदलाव करने के लिए संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। परिवहन विभाग को राहत: यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों पर लगने वाले अतिरिक्त टैक्स को रेशनलाइज (तर्कसंगत) करने पर मुहर लगी, जिससे रोडवेज की माली हालत सुधरेगी। जन्म-मृत्यु पंजीकरण: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी नई नियमावली को स्वीकृत किया गया है। वित्तीय प्रस्ताव: ऊर्जा विभाग द्वारा केनरा बैंक से निकाली गई 1500 करोड़ रुपये की राशि के कार्येत्तर इस्तेमाल के प्रस्ताव को कार्योत्तर मंजूरी दी गई। इसके अलावा भारतीय स्टांप अधिनियम और वर्ष 2007 में जारी राज्य प्रतिभूतियों के जनरल नोटिफिकेशन में संशोधन के प्रस्तावों को भी पास किया गया।

श्रद्धालुओं को बड़ा झटका, खराब स्वास्थ्य के चलते प्रेमानंद महाराज ने रोकी पदयात्रा

वृंदावन वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ने के चलते उनकी पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। साथ ही उनके एकांतिक दर्शन भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। जिसके बाद देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं में मायूसी छा गई। रविवार देर रात बड़ी संख्या में भक्त महाराजजी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे, लेकिन रोजाना की तरह तड़के 3 बजे प्रेमानंद महाराज पदयात्रा पर नहीं निकले। उनकी जगह आश्रम के शिष्य पहुंचे और लाउडस्पीकर के जरिए श्रद्धालुओं को जानकारी दी। किडनी की बीमारी से जूझ रहे प्रेमानंद जी महाराज शिष्यों ने बताया कि महाराज जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए आज से पदयात्रा स्थगित की जा रही है। साथ ही भक्तों से सड़क किनारे भीड़ न लगाने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। घोषणा के बाद श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए लौटना पड़ा। केली कुंज आश्रम के अनुसार संत प्रेमानंद महाराज पिछले 21 वर्षों से किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य में अचानक आई परेशानी के कारण डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें आराम दिया जा रहा है। पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हालांकि आश्रम की ओर से यह नहीं बताया गया है कि पदयात्रा और दर्शन दोबारा कब शुरू होंगे। महाराजजी के दर्शन न होने से भक्त भावुक नजर आए। श्रद्धालु उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। बता दें कि संत प्रेमानंद महाराज रोजाना तड़के केली कुंज आश्रम से करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर सौभरी वन जाते हैं। उनकी पदयात्रा में शामिल होने और दर्शन पाने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में करीब 20 हजार भक्त आते हैं। प्रेमानंद महाराज का जन्म यूपी के कानपुर जिले की नरवल तहसील के अखरी गांव में हुआ था। पिता शंभू नारायण पांडे और मां रामा देवी हैं। तीन भाई हैं जिसमें प्रेमानंद मंझले हैं। बचपन में प्रेमानंद जी का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। वह बचपन से ही आध्यात्मिक रहे। और कक्षा 8 तक पढ़ाई की है। उन्होंने गुरु गौरी शरण जी महाराज से गुरुदीक्षा ली। फिर वह मथुरा आ गए। प्रेमानंद के शिष्य हैं कई कई सेलिब्रिटी आपको बता दें प्रेमानंद जी महाराज के बचपन का नाम अनिरुद्ध पांडेय हैं। 13 साल की उम्र में उन्होने संन्यास ले लिया था। यूट्यूब पर प्रेमानंद के 76 लाख, इंस्टाग्राम पर 2.4 करोड़ और फेसबुक पर 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं। बड़ी-बड़ी सेलिब्रिटी प्रेमानंद के शिष्य हैं। जिनमें क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा, आशुतोष राणा, हेमा मालिनी, रतन राजपूत, मीका सिंह समेत कई लोग शामिल हैं।